भारत में मेक इन इंडिया को मिलेगी नई उड़ान, कर्नाटक में बनेगी पहली प्राइवेट एयरफोर्स हेलिकॉप्टर फैक्ट्री

नई दिल्ली भारत में एयरोस्पेस सेक्टर को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कर्नाटक के कोलार जिले में देश की पहली प्राइवेट सेक्टर की वायुसेना हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट बनने जा रही है। इस यूनिट को स्थापित करने की जिम्मेदारी एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की साझा साझेदारी को दी गई है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और एयरोस्पेस निर्माण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह असेंबली लाइन यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस और भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा मिलकर बनाई जा रही है। इस संयंत्र में H125 सिविल हेलिकॉप्टर बनाए जाएंगे, जो एयरबस का सबसे ज्यादा बिकने वाला हल्का हेलिकॉप्टर है। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट होगी। इससे पहले हेलिकॉप्टर असेंबली का काम भारत में सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जाता था। कहां बनेगा यह प्लांट? यह प्लांट कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल इंडस्ट्रियल एरिया में बनेगा, जो बेंगलुरु से लगभग दो घंटे की दूरी पर है। यहां पहले से ही टाटा ग्रुप के उपग्रह निर्माण और अन्य एयरोस्पेस इकाइयां मौजूद हैं। टाटा समूह ने इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में 7.4 लाख वर्गफुट का प्लॉट अधिग्रहित किया है, जिसमें विमान निर्माण, फाइनल असेंबली और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस संयंत्र में शुरुआत में हर साल 10 H125 हेलिकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। एयरबस के अनुसार आने वाले 20 वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया में 500 लाइट हेलिकॉप्टरों की जरूरत होगी, जिसे देखते हुए यह प्लांट भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्या है इस यूनिट का महत्व? मेक इन इंडिया को मजबूती – स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नौकरियों के अवसर – स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार खुलेंगे।   Aequs के चेयरमैन और सीईओ अरविंद मेलिगेरी का कहना है कि यह परियोजना न केवल स्थानीय स्तर पर नौकरियां पैदा करेगी, बल्कि भारत को उन्नत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में भी स्थापित करेगी। गुजरात को लेकर क्यों उठे सवाल? गौरतलब है कि टाटा और एयरबस इससे पहले वडोदरा (गुजरात) में भी C295 सैन्य विमान असेंबली लाइन की स्थापना कर रहे हैं। इसके साथ ही गुजरात को सेमीकंडक्टर प्लांट और डायमंड बोर्स जैसी बड़ी परियोजनाएं भी मिली हैं। इन्हीं वजहों से विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर गुजरात को विशेष तरजीह देने का आरोप लगाया है। हालांकि कोलार में हो रहे इस निवेश से दक्षिण भारत में भी संतुलन बनने की उम्मीद है। recent visitors 69

पाकिस्तान के खिलाफ युवा तेज गेंदबाजों पर जताया भरोसा, चोटों से जूझ रहा बांग्लादेश: बांग्लादेश मुख्य कोच

लाहौर चोट के कारण सीनियर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान और तस्कीन अहमद के बाहर होने के बाद बांग्लादेश के मुख्य कोच फिल सिमंस को उम्मीद है कि बाकी तेज गेंदबाज पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जो बुधवार को लाहौर में शुरू होगी। तस्कीन टखने की चोट के कारण दो महीने से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं, जबकि मुस्तफिजुर को पिछले हफ्ते दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अपने अंतिम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैच के दौरान अंगूठे में चोट लग गई थी। सिमंस ने कहा, 'आपको अपने सीनियर तेज गेंदबाजों की कमी खलेगी। जैसा कि हमने देखा, फिज (मुस्तफिज़ुर) उस समय आईपीएल में किस तरह की गेंदबाजी कर रहे थे। हमें उनकी कमी खलेगी। यह किसी के लिए इस सीरीज में उनकी जगह लेने का मौका भी है। उम्मीद है कि कोई गेंदबाज इस सीरीज में फिज की जगह लेना चाहेगा। इस फॉर्मेट में हमारी गेंदबाजी आमतौर पर हमारी मजबूती होती है। लेकिन दो वरिष्ठ गेंदबाजों, तस्कीन और फिज के बाहर होने से संतुलन बिगड़ा है।' मुस्तफिज़ुर की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने खालिद अहमद को शामिल किया है। नाहिद राणा के प्रतिस्थापन खिलाड़ी को नहीं चुना गया है जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए दौरे से नाम वापस ले लिया है। खालिद के अलावा, तेज गेंदबाजी इकाई में तंजीम हसन साकिब, हसन महमूद और शोरीफुल इस्लाम शामिल हैं। ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज को भी चोटिल सौम्य सरकार की जगह लाया गया है ताकि उनके गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत किया जा सके। यूएई से 2-1 से सीरीज हारने के बावजूद सिमंस आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का मनोबल अच्छा है और लाहौर में शानदार प्रदर्शन के साथ वापसी करने को उत्सुक है। उन्होंने कहा, 'यूएई में सीरीज हारना मुश्किल था, लेकिन फिर कभी-कभी इससे आपका मनोबल बढ़ता है। हमारा मनोबल बहुत अच्छा रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि (यूएई में परिणाम) हमारा मनोबल बढ़ाएगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सीरीज जीतने का हमेशा अच्छा मौका रहता है। लोग कहते रहते हैं कि पाकिस्तान अच्छा नहीं खेल रहा है। फिर से, यह उस दिन होने वाली घटनाओं पर निर्भर करता है। हमारे पास यहां सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। हम सभी पहलुओं में सुधार करने की कोशिश में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि हम इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' यह सीरीज बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी, जिसमें शॉन टैट दो साल के अनुबंध पर तेज गेंदबाजी कोच के रूप में अपने पहले काम के लिए कोचिंग स्टाफ में शामिल होंगे। सिमंस ने कहा कि स्पिन गेंदबाजी कोच मुश्ताक अहमद के साथ टैट, जो दोनों कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी के साथ हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल थे, विपक्षी टीम की ताकत के बारे में मूल्यवान जानकारी देंगे। सिमंस ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह (टैट) न केवल गेंदबाजों के लिए, बल्कि पूरी टीम के लिए शानदार साबित होंगे। हम यहां स्थिति का आकलन करेंगे। मुशी PSL में थे, इसलिए हम उनसे जानकारी लेंगे और अपने फैसले लेंगे।' अनुभवी खिलाड़ियों के न होने के कारण अब युवा तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी आ गई है। उनमें से सबसे अनुभवी शोरफुल इस्लाम से आगे बढ़कर नेतृत्व करने की उम्मीद की जाएगी। बांग्लादेश 28 मई, 30 मई और 1 जून को गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान से तीन टी20 मैच खेलेगा।   recent visitors 62

2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में होगी कड़ी टक्कर

केवटी केवटी विधानसभा सीट मधुबनी लोकसभा के तहत आता है। 1977 में केवटी सीट पर हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के कैंडिडेट दुर्गादास राठौड़ ने जीत हासिल की थी। 1980 के चुनाव में केवटी सीट से कांग्रेसी कैंडिडेट  एस नबी ने जनता का समर्थन हासिल कर लिया था। वहीं 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट कलीम अहमद ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था।1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल के कैंडिडेट गुलाम सरवर ने जीत हासिल कर लिया था। वहीं 2000 के विधानसभा चुनाव में केवटी से एक बार फिर गुलाम सरवर ने आरजेडी की टिकट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने लगातार दो बार जीत का सिलसिला कायम रखा था। 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की टिकट पर फराज फातमी ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था, लेकिन 2020 में बीजेपी उम्मीदवार मुरारी मोहन झा ने आरजेडी को मात दे दिया था।   वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट मुरारी मोहन झा ने जीत का परचम लहराया था। मुरारी मोहन झा 76 हजार तीन सौ 72 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट अब्दुल बारी सिद्दीकी 71 हजार दो सौ 46 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस तरह से मुरारी मोहन झा ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को 5 हजार एक सौ 26 वोट के कम मार्जिन से हराया था। वहीं तीन हजार तीन सौ चार वोट के साथ निर्दलीय कैंडिडेट योगेश रंजन तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने जीत हासिल की थी। फराज फातमी 68 हजार छह सौ एक वोट लाकर पहला स्थान हासिल किया था तो बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव को 60 हजार सात सौ 71 वोट ही मिल पाया था। इस तरह से फराज फातमी ने अशोक कुमार यादव को 7 हजार आठ सौ 30 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं 3 हजार पांच सौ 13 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा था।   वहीं 2010 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 45 हजार सात सौ 91 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने 45 हजार सात सौ 62 वोट हासिल किया था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने फराज फातमी को 29 वोटों के बेहद कम अंतर से हरा दिया था। वहीं कांग्रेसी कैंडिडेट मोहम्मद मोहसिन ने 5 हजार छह सौ 79 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं 2005 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 41 हजार आठ सौ 17 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट महबूब अहमद खां को 35 हजार एक सौ 65 वोट मिला था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने महबूब अहमद खां को 6 हजार छह सौ 52 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट महेश प्रसाद गुप्ता ने 9 हजार चार सौ 46 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। केवटी सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण और यादव वोटर निर्णायक संख्या में हैं। इसके अलावा रविदास और पासवान वोटरों की संख्या भी यहां ठीक ठाक है। पिछली बार भी यहां बीजेपी कैंडिडेट ने 5 हजार से थोड़े ज्यादा अंतर से आरजेडी उम्मीदवार को हराया था। इसलिए 2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। recent visitors 81

भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश

नई दिल्ली भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे हैं। शशि थरूर, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक बनर्जी, सुप्रिया सुले से लेकर रविशंकर प्रसाद तक सभी सांसद विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में बोल रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। न्यूयॉर्क, बहरीन और यूरोप के अलग-अलग मंचों से सभी नेताओं ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है आतंकियों को पनाह दोगे तो बख्शे नहीं जाओगे। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में साफ कहा ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि आतंक के खात्मे का राष्ट्रीय अभियान है। पीएम मोदी ने अपील की कि देशवासी विदेशी सामानों की पहचान करें और उसका बहिष्कार करें। उनका कहना है कि पाकिस्तान आतंक को ही टूरिज्म मानता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये सिर्फ सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। शशि थरूर ने दिखाई विपक्ष के भीतर राष्ट्रवाद की लहर न्यूयॉर्क में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 9/11 मेमोरियल जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक कहा—हमने हमला शुरू नहीं किया, लेकिन जवाब जरूर दिया। थरूर का यह भी कहना है कि भले ही वो सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जब देश की बात आती है, तो सियासत पीछे रह जाती है। वो खुलकर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने खुद एक लेख में सटीक लेकिन सोच-समझ कर हमला करने की बात कही थी और भारत ने बिल्कुल वैसा ही किया। ओवैसी बोले-इस्लाम आतंकवाद का विरोध करता है AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन में साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि बेकसूर की हत्या मानवता की हत्या के समान है। ओवैसी ने यह भी कहा कि मजहब का सहारा लेकर निर्दोष लोगों की जान लेना सबसे बड़ा अपराध है, और ऐसा करने वालों को किसी भी धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।    टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने कहा–पाकिस्तान आतंक का हैंडलर तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को खतरनाक पागल कुत्ता बताया और पाकिस्तान को उसका दुष्ट हैंडलर। उनका कहना है कि जब तक इस ‘हैंडलर’ से दुनिया निपटेगी नहीं, तब तक आतंकवाद की बीमारी फैलती रहेगी। recent visitors 76

मुंबई में मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, 8 राज्यों में 27 मई से 1 जून तक आंधी, रेड अलर्ट

नई दिल्ली इस बार मानसून ने पूरे देश को चौंका दिया है। जहां आमतौर पर जून में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत से पहले ही मुंबई पहुंच गया, वहीं इसके साथ आई मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बारिश से मचा हड़कंप मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश पिछले एक सदी से भी ज्यादा वक्त में नहीं देखी गई। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गईं और मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। वर्ली में निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन में पानी भरने से मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं और 250 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। कहां-कहां फैला मानसून मानसून ने तेलंगाना, रायलसीमा, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तक अपनी पकड़ बना ली है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व भारत में फैलने की उम्मीद है। उत्तर भारत को मिली राहत, तापमान में गिरावट उत्तर भारत में गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया है, हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों बाद तापमान फिर से चढ़ सकता है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट 27 मई से 1 जून तक उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। महाराष्ट्र के अन्य जिले भी प्रभावित पालघर, ठाणे, रायगढ़, सतारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जैसे जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में रेलवे ट्रैक डूब गए और मेट्रो स्टेशन की फॉल्स सीलिंग ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अन्य राज्यों में भी संकट     कर्नाटक में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, तटीय इलाकों में पांच दिन का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।     केरल में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में राहत शिविर खोले गए हैं।     महाराष्ट्र के लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं। 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई पहुंचा मानसून आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, मानसून ने इस बार 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई में दस्तक दी है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून केवल 1956, 1962 और 1971 में ही पहुंचा था।   recent visitors 81

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त "स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट"  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता "हम होंगे कामयाब अभियान" चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील   recent visitors 74

बीते नौ दिनों में कोविड-19 से संक्रमित 11 लोगों की मौत, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा एक्टिव केस

नई दिल्ली  देशभर कोरोना के मामलों में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कई राज्यों में हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। देशभर में कोरोना से इस साल अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 1047 हो गई है। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा 430 एक्टिव केस केरल में हैं। महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104 और गुजरात में 83 केस हैं। कर्नाटक के 80 केसों में से सिर्फ 73 बेंगलुरु में हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। ठाणे में ही 25 मई  को अस्पताल में इलाज करा रहे 21 साल के युवक की मौत हो गई। उसका 22 मई से इलाज चल रहा था। वहीं, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी मौतें हुईं हैं। जयपुर में सोमवार को कोरोना के दो मरीजों की मौत हो गई। इनमें से एक रेलवे स्टेशन पर मृत मिला था। उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरी मौत प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 26 साल के युवक की हुई। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं। भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि, निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता। भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं। JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।   recent visitors 66