नर्मदा स्नान करने गए तीन युवकों की डूबने से मौत, गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा

हरदा  अमावस्या के दिन नर्मदा स्नान करने गए तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंगलवार दोपहर साढ़े 12 बजे दो युवक गहरे पानी में चले गए थे, जिन्हें बचाने तीसरा युवक गया था। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय लहाड़कुई निवासी रामदास पिता रामनाथ सेजकर, 25 वर्षीय डगावानीमा निवासी देवू उर्फ देवेंद्र पुत्र शिवनारायण जाट तथा 30 वर्षीय भुन्नास निवासी करण पिता महेश जाट के रूप में की गई है। घटना की जानकारी लगने पर घाट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। अमावस्या होने के कारण घाटों पर भीड़… नहीं बचा सका कोई अमावस्या होने के कारण घाट पर पहले से ही श्रद्धालु स्नान कर रहे थे, लेकिन कोई उन्हें बचा नहीं सका। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रतिमाह अमावस्या के पहले अधिकारी बैठक कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्नान करने की समझाइश देते हैं। इसके बाद भी घटनाएं नहीं थम रही हैं। पहले भी नर्मदा के विभिन्न घाटाें पर लोगों के डूबने की घटनाएं हो चुकी है। बताया जा रहा है कि जिस समय लछोरा घाट पर यह घटना हुई तब सुरक्षा की दृष्टि से कोई जवान मौजूद नहीं था। मृतकों के शव भी पानी के अंदर से ग्रामीण बाहर लाते दिखे। दो डूब रहे थे, बचाने में डूबा रामदास नहाने के दौरान देवेंद्र और करण गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने के लिए रामदास पानी में कूद पड़ा। जहां युवक नहा रहे थे, वहां पानी की गहराई अधिक थी। इस कारण तीनों को संभलने का मौका नहीं मिला और डूब गए। तीनों युवकों के शव पानी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाए जा रहे हैं। घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर टिमरनी एसडीओपी आकांक्षा तलया, करताना पुलिस चौकी प्रभारी सहित पुलिस व होमगार्ड के जवान पहुंचे। recent visitors 49

विपक्ष के बड़े नेता का बयान- ऑपरेशन सिंदूर को ‘फेल ऑपरेशन’ बताया, क्यों पड़ी इसे करने की जरूरत

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA के सहयोगी शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बड़ी टिप्पणी कर दी है। उन्होंने पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ सेना के ऑपरेशन सिंदूर को 'फेल ऑपरेशन' बताया है। साथ ही उन्होंने एक बार फिर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 सैलानियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा, 'देखिए मैंने कहा है पहले भी कि ऑपरेशन सिंदूर फेलियर ऑपरेशन है, लेकिन देश के हित में हम विपक्ष के नेता ज्यादा उसपर बात नहीं करना चाहते। दूसरी बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर करने की जरूरत क्यों पड़ी। इसलिए कि पहलगाम में 26 लोगों की हत्या आतंकवादियों ने कर दी। इसके जिम्मेदार देश के गृहमंत्री अमित शाह हैं।' उन्होंने शाह के इस्तीफे की मांग की है। राज्यसभा सांसद ने कहा, 'और उसका प्रायश्चित करने के लिए अमित शाह जी को पद से इस्तीफा देना चाहिए। नहीं तो प्रधानमंत्री जी ने कर्तव्य पालन में चूक हुई, इसके लिए अमित शाह का इस्तीफा लेना चाहिए और मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। और ये अमित शाह कल आकर हमें ज्ञान दे रहा था। आप जिम्मेदार हो। ऑपरेशन सिंदूर नहीं है ये सिंदूर उजाड़ दिया है महिलाओं का।' उन्होंने सवाल उठाए, 'कहां हैं आतंकवादी? गुजरात में छिपाया है या दाहोद में छिपाया है? कल मोदी जी गुजरात में थे न। जिस गांव में औरंगजेब का जन्म हुआ है, वहां से कल बड़ी गर्जना कर रहे थे ये लोग। जिम्मेदार आप हैं। आपकी वजह से सिंदूर उजड़ा। इसलिए आप प्रायश्चित लेकर इस्तीफा दीजिए, लेकिन आप कल कहां थे…।' पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए थे।   recent visitors 84

राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए राज्य स्तर पर नदी ग्रिड की योजना तैयार की जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें किसानों और युवाओं के साथ मध्य प्रदेश के हित में कई अहम फैसले लिए गए । कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा भभूत सिंह जी के सम्मान मेंअब अगली कैबिनेट बैठक 3 जून को पचमढ़ी में आयोजित की जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने “विकसित मध्यप्रदेश 2047” विजन डॉक्युमेंट तैयार कर लिया है। उस पर मंथन किया जा रहा है। मोहन कैबिनेट में लिए गए अहम फैसले       राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए राज्य स्तर पर नदी ग्रिड की योजना तैयार की जाएगी। मध्य प्रदेश में पहले से ही नदी जोड़ परियोजना के अंतर्गत काम किया जा रहा है।     टू-टियर और थ्री-टियर शहरों की प्लानिंग करने के लिए मास्टर प्लान बनाकर नियोजन की कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहरों को सुव्यवस्थित रूप से बसाया जा सके और लोग बेहतर तरीके से रह सकें।     नारी सशक्तिकरण के लिए राजवाड़ा में पहले ही एक कैबिनेट बैठक हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों को भी इस तरह के कार्य करने का सुझाव दिया है।     तीन जून को पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। यह बैठक राजा भभूत सिंह की स्मृति में की जा रही है, जिन्हें नर्मदांचल का शिवाजी कहा जाता है। ब्रिटिश सेना के खिलाफ उनके योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।     27 मई को प्रदेश के सभी निजी और सरकारी महाविद्यालयों में देवी अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही अगले चार दिनों तक जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित बीमारियों की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।     देश के सभी जिलों में चार-चार कृषि वैज्ञानिक भेजे जाएंगे। वे मिट्टी की जांच (सॉयल टेस्ट), मौसम और फसलों की अनुकूलता के बारे में किसानों को जानकारी देंगे और प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेंगे। कोरोना को लेकर दिए निर्देश देश में फिर से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार सतर्क है और सभी जिलों को तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं। हालांकि, अब एमपी के लोग इसके आदी हो चुके हैं, इसलिए परेशानी की बात नहीं। 31 मई को कार्यक्रम, प्रभारी मंत्री करेंगे समीक्षा मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल के जंबूरी मैदान में महिला समागम को संबोधित करेंगे। इसमें दो लाख महिला उद्यमी और लाड़ली बहनें शामिल होंगी। प्रधानमंत्री मोदी इस दिन वर्चुअली, इंदौर मेट्रो रेल का उद्घाटन करेंगे। सतना और दतिया हवाई अड्डों का उद्घाटन और उज्जैन में शिप्रा नदी के घाट का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करें।     मध्य प्रदेश सरकार ने विभागों के विभागाध्यक्षों के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए हैं। इसके लिए वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन 2025 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत विभागों को लैपटॉप, फर्नीचर जैसी वस्तुएं खरीदने के लिए अब प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। विभागाध्यक्ष सीधे स्तर पर यह निर्णय लेने में सक्षम होंगे। प्रशिक्षु (इंटरन) रखने का भी अधिकार मिलेगा।     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में 31 मई को भोपाल के जंबूरी मैदान में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा इंदौर मेट्रो ट्रेन और सतना व दतिया के एयरपोर्ट का वर्चुअली लोकार्पण भी किया जाएगा।     किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रयासरत है केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार ।26 मई को नरसिंहपुर में आयोजित किसान उद्योग समागम में लगभग ₹4736 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ है, इससे 6 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।     28 मई को बैतूल में राज्य स्तरीय महिला उद्यमी मेले का होगा आयोजन।29 मई को सभी जिलों में महिला स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी।     30 मई को पूरे प्रदेश में अहिल्यावाहिनी महिला बाइक रैली निकाली जाएगी। भोपाल में आयोजित बाइक रैली में सीएम मोहन यादव भी हिस्सा लेंगे।     केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश के सभी जिलों में चार-चार कृषि वैज्ञानिक आएंगे। ये वैज्ञानिक आईसीआर के माध्यम से आएंगे। वैज्ञानिक जिले का मौसम, जिले में कौन सी फसल अनूकूल है, इसे लेकर वो किसानों से चर्चा करेंगे। इसके बाद प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। साथ ही पानी की उपलब्धता और मिट्टी की क्वालिटी का परीक्षण कर एग्रो क्लाइमेटिक के अनुसार उन्नत कृषि की सलाह देंगे। सीएम डॉ मोहन के आज के प्रमुख कार्यक्रम     दोपहर 1.30 बजे मंत्रालय कर्मचारियों की ओर से आयोजित आभार कार्यक्रम ।     मुख्यमंत्री दोपहर 3.30 बजे अपने निवास पर मुलाकात ।     शाम 6 बजे पार्टी कार्यालय में बैठक । 3 जून को पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में अगली कैबिनेट बैठक होगी। सभी मंत्री झील किनारे पाइन ट्री के नीचे 3 जून को मीटिंग करेंगे। यह बैठक जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में आयोजित की जा रही हैइससे पहले मार्च 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सरकार के नेतृत्व में कैबिनेट की मीटिंग पचमढ़ी में हुई थी। recent visitors 63

छत्तीसगढ़ कोरोना फिर पाँव पसार रहा, रायपुर और दुर्ग में आए 2 नए केस

रायपुर भारत सहित दुनिया के कई देशों में एक बार फिर कोरोना का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। छत्तीसगढ़ के दो जिलों में COVID-19 पॉजिटिव दो मरीज मिले हैं, जिसमें एक रायपुर और एक दुर्ग जिला शामिल है। प्रदेश में अब कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। मरीज को सिंगल वार्ड में रखा गया है और इलाज की अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पॉजिटिव मरीज के परिजनों का सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही हाल के दिनों में मरीज़ के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर में लगभग 50 वर्षीय एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह महिला अवंति विहार इलाके की रहने वाली है। जांच में पाया गया कि महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जिससे संक्रमण का स्रोत अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। संक्रमित महिला का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। वहीं ​दुर्ग जिले में मिले कोरोना मरीज में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्ग सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि कोरोना टेस्ट किए जाने पर मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है। मरीज का भिलाई के निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए भिलाई के सीएम मेडिकल कॉलेज और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। कोरोना मरीज की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। 24 मई को रायपुर में मिला पहला पॉजिटिव मरीज बता दें कि इससे पहले 24 मई को रायपुर के पचपेड़ी नाका निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। उक्त मरीज सर्दी-खांसी का रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचा था। लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों को कोरोना की आशंका हुई, जिसके बाद उसका सैंपल लिया गया। रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद तुरंत उसे आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया गया। संक्रमित मरीज को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि संक्रमित मरीज का किसी दूसरे राज्य की यात्रा का कोई इतिहास नहीं है। कोविड नियमों का पालन करें, अस्पताल भी जाएं कोरोना कंट्रोल सेंटर के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानियां बरतें। मास्क का उपयोग करें, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें और हाथों को बार-बार धोते रहें। यदि किसी भी तरह के लक्षण महसूस होते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य की जांच कराएं। कोरोना संक्रमण को लेकर डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। इधर देश में कोरोना के दो नए वेरिएंट्स को देखते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सप्लाई, वेंटिलेटर और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कवायद तेज कर दी गई हैं। recent visitors 78

कोरबा में कोयला चोरी करते दो युवकों की मौत,खदान धंसी, हादसे के बाद मच गया हड़कंप, मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

कोरबा कोरबा जिले के SECL गेवरा कोयला खदान में आज सुबह बड़ा हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। ये तीनों युवक कोयला चोरी करने के लिए खदान में घुसे थे। मृतकों की पहचान विशाल यादव (18 वर्ष) और धन सिंह कंवर (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक की पहचान साहिल धनवार (19 वर्ष) के रूप में हुई है। कोयला चोरी करने के लिए खदान में घुसना युवकों को महंगा पड़ गया। इस हादसे में विशाल यादव और धन सिंह कंवर की मौत हो गई वही तीसरा किसी तरह बाहर निकला और गांव जा कर घटनाक्रम की जानकारी दी। जहां तीसरा लड़का साहिल धनवार घायल है। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है।  हरदी बाजार पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। कोयला चोरी की वारदातें आज भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एसईसीएल पीआरओ बिलासपुर शनिष चन्द्र ने बताया कि एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में खनन गतिविधियों के संचालन में कोई दुर्घटना नहीं हुई है, न ही कोई एसईसीएल कर्मी हताहत हुआ है। उन्होंने बताया कि दीपका पुलिस के द्वारा उन्हें सूचना मिली है कि गेवरा और दीपका माइंस के सीमा पर जो कोयल रहता है। उसे निकालने के लिए कुछ लोग गए हुए थे। जहां दो लोगों के दबने की खबर सामने आ रही है। जिस जगह पर कोयला निकाला जा रहा था। लगभग खदान से 20 से 25 फीट ऊपर है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ है। जानिए कैसे हुआ हादसा ? दरअसल, 3 दोस्त सुबह-सुबह खदान में कोयला चोरी करने के लिए गए थे। तीनों युवक अपने साथ सब्बल और कोयला निकालने के लिए अन्य चीजें रखे थे। वह जैसे ही कोयला निकालने के लिए खुदाई कर रहे थे। 20-25 फीट गहरी खदान में मिट्टी धसकने लगी, जिसमें 3 लोग दब गए। इस दौरान 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक युवक का रेस्क्यू किया गया। घायल युवक साहिल को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में युवक का इलाज चल रहा है। घटना स्थल पर पहुंचे विधायक प्रेमचंद पटेल वहीं हादसे की सूचना मिलते ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल मौके पर पहुंचे। यहां हादसे की जानकारी ली। विधायक ने SECL प्रबंधन और पुलिस को रेस्क्यू कर शव बाहर निकालने को कहा है। वे वहीं मौके पर मौजूद हैं। recent visitors 69

देश में एक्टिव हुए कोरोना के दो वैरिएंट NB.1.8.1 and LF.7, जानें ये कितने खतरनाक?

नई दिल्ली देश में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है। मई 2025 के अंत तक भारत में कोविड-19 के एक्टिव केस 1000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और बिहार समेत कई राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिस पर केंद्र और राज्य सरकारों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा केस कहां? कोविड की इस नई लहर में केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बनकर सामने आया है, जहां अब तक 430 से अधिक एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। वहीं, दिल्ली में 100 से ज्यादा मरीज, महाराष्ट्र में 43 नए केस, और नोएडा में 8 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। पटना में भी संक्रमण ने दस्तक दे दी है, जहां एक मरीज पटना एम्स का डॉक्टर है। नोएडा और पटना में नए केस नोएडा में सामने आए मामलों में से एक व्यक्ति की हाल की यात्रा चेन्नई से रही है, जो नए संक्रमण के प्रसार की आशंका को और गहरा करता है। वहीं बिहार की राजधानी पटना में दो नए केस दर्ज किए गए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। कोरोना के नए वेरिएंट भारत में इस समय 4 वेरिएंट्स की पुष्टि हो चुकी है:     XFG सीरीज     LF.7 सीरीज     JN.1 सीरीज     NB.1.8.1 सीरीज इन वेरिएंट्स में से JN.1 तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है, जिसके लक्षणों में नाक बहना, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। एशिया में भी बढ़ता खतरा भारत के साथ-साथ एशिया के कई देशों में कोरोना मामलों में तेजी देखी जा रही है। हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और चीन में रोज़ नए संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। सिंगापुर और हांगकांग में मौतों की संख्या में भी इजाफा दर्ज हुआ है। कोरोना के दो वैरिएंट NB.1.8.1 and LF.7, जानें ये कितने खतरनाक? पिछले सप्ताह में वायरस के कारण कम से कम सात मौतें हुई हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्थापित भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के डेटा के अनुसार इस समय देश में कोरोना वायरस के दो वैरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 भी पाए गए हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में ख्याल आ सकता है कि यह दोनों वैरिएंट कितने खतरनाक हैं. चलिए हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं. सबसे पहले आपको संक्षेप में इन मामलों के अपडेट बताते हैं.     INSACOG के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में तमिलनाडु में NB.1.8.1 का एक मामला पाया गया था, जबकि मई में गुजरात में LF.7 के चार मामले सामने आए थे.     अब तक, 22 अलग-अलग देशों के ग्लोबल जीनोम डेटाबेस में NB.1.8.1 वैरिएंट के 58 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और सिंगापुर शामिल हैं. अमेरिका में, कैलिफ़ोर्निया, वाशिंगटन, वर्जीनिया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान इस वैरिएंट की पहचान की गई थी. कोरोना वायरस के NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 वैरिएंट क्या हैं? इसे जानने के लिए आपको पहले वैरिएंट का मतलब समझना होगा. दरअसल फैलने के लिए एक वायरस किसी होस्ट (इंसान या जानवर) को संक्रमित करता है, वह अपनी बहुत साली कॉपी बनाता है. जब कोई वायरस अपनी कॉपी बनाता है, तो वह हमेशा अपनी एक सटीक कॉपी तैयार करने में सक्षम नहीं होता है. इसका मतलब यह है कि, समय के साथ, वायरस अपने जीन सीक्वेंस (जिन कैसे लाइन में लगे हैं) में थोड़ा अलग होना शुरू कर सकता है. इस प्रक्रिया के दौरान उस वायरस के जीन सीक्वेंस में किसी भी परिवर्तन को म्यूटेशन के रूप में जाना जाता है, और इन नए म्यूटेशन (नए या अलग जीन सीक्वेंस वाले वायरस) वाले वायरस को ही वेरिएंट कहा जाता है. वेरिएंट एक या एक से अधिक म्यूटेशन से भिन्न हो सकते हैं. अब वापस आते हैं कोरोना वायरस के दो वैरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 पर. NB.1.8.1 और LF.7 दोनों कोरोना के JN.1 वैरिएंट में बदलाव होने से बने हैं आनी वे उप-वंशावली हैं. अभी भारत में सबसे अधिक फैलने वाला वैरिएंट JN.1 ही है. सभी मालूम चले कोरोना मामलों के सैंपल में 53% JN.1 वैरिएंट के ही हैं. इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और अन्य ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) का स्थान है. भारत सरकार की तैयारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। टेस्टिंग, ट्रैकिंग और आइसोलेशन पर ज़ोर देने की सिफारिश की गई है, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। क्या कहती हैं ताज़ा रिपोर्ट्स?     दिल्ली में बीते एक हफ्ते में 100+ नए केस सामने आए हैं।     महाराष्ट्र में अब तक कोविड से 5 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।     केरल, कर्नाटक और मुंबई जैसे शहरों में रेड अलर्ट लागू कर दिया गया है। कोरोना वायरस के NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 वैरिएंट कितने खतरनाक? WHO के इन वैरिएंट को लेकर उनके जोखिम का जो शुरुआती मूल्यांकन किया है, उसके अनुसार, NB.1.8.1 वैरिएंट दुनिया भर में कम सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है. फिर भी इसमें A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन है. यह दिखाता है कि यह अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है और शरीर के इम्यून सिस्टम (रोगों से लड़ने की क्षमता) को मात दे सकता है. शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि NB.1.8.1 और LF.7 के संक्रमण से सामान्य फ्लू या हल्के COVID-19 के समान लक्षण होते हैं. अधिकांश रोगी अस्पताल में एडमिट हुए बिना घर पर ही जल्दी ठीक हो जाते हैं. यह डेल्टा जैसे पहले के वेरिएंट के उल्टा है, जो अधिक गंभीर बीमारी और उच्च मृत्यु दर का कारण बनता है, खासकर बिना टीकाकरण वाले लोगों में या उनमें जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है . हांगकांग-ताइवान में मरीजों की भीड़…. कोरोना कहां-कहां बरपा रहा कहर? भारत में पिछले एक हफ्ते में कोविड-19 के 752 नए केस रिपोर्ट किए गए हैं. देश में कुल पॉजिटिव मामलों की तादाद 1,000 से ज्यादा हो गई है. केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली ऐसे राज्य हैं, जहां पिछले एक हफ्ते में सबसे ज्यादा नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं. इसके साथ ही विदेश में भी कोरोना के … Read more

युवती का फोटो पोस्ट कर लिखा, फुल नाइट इंज्वाय Book Now, धर्म परिवर्तन से जुड़ा है मामला

दुर्ग  जिले में धर्म परिवर्तन के लिए युवती को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। युवती ने कहा कि उसे गौ.मांस खिलाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गयाए ऐसा नहीं करने पर मारपीट की गई। उसका अबॉर्शन कराया गया। जब बच्चा हुआ तो उसकी मर्जी के बिना 5 साल के मासूम का खतना किया गया। लड़की की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में आरोपी बादशाह खान के खिलाफ नाबालिग से रेप और मारपीट का मामला दर्ज है। युवती ;26द्ध ने बताया कि कोर्ट में उसका केस चल रहा है। वह दूसरे जिले की रहने वाली है। साल 2016 में उसकी मुलाकात भिलाई हॉस्पिटल सेक्टर सड़क नंबर 9 निवासी बादशाह खान ;28द्ध से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और बादशाह खान ने उसे झूठे प्यार का वादा किया। वह उस समय 17 साल की थी, इसके बाद भी वो उसे अपने घर ले गया और शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।यह सिलसिला कई साल तक चला। इस दौरान लड़की 2 बार गर्भवती हुई तो बादशाह ने उसका अबॉर्शन करा दिया। तीसरी बार फिर से लड़की गर्भवती हुई तो उसने फिर से उसे बच्चा गिराने की दवा खिलाना चाहा, लेकिन लड़की जिद पर अड़ गई। इसके बाद बादशाह ने एक उर्दू लिखे पेपर में साइन करके उसे बोला कि वो दोनों आज से पति-पत्नी हैं। आधिकारिक तौर पर दोनों ने शादी या निकाह नहीं किया है। लड़की ने बताया कि वो अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहती थी। बादशाह ने उसे कहा कि उसे उसके धर्म से कोई तकलीफ नहीं है। वो उसके साथ शादी के बाद भी अपने हिंदू धर्म में रह सकती है। लेकिन जैसे ही युवती ससुराल गई, ससुराल वालों ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। बादशाह और युवती के बीच दूरियां बढ़ने लगी। आरोपी ने एक दिन युवती का फोन लिया और उसकी फोटो को फेसबुक में पोस्ट कर दिया और उसमें लिख दिया कि फुल नाइट इंज्वाय बुक नाउ और नीचे लड़की का फोन नंबर डाल दिया। इसके बाद लड़की के पास हर दिन 15-20 फोन कॉल आने लगे। लोग अश्लील बात करते तो लड़की मानसिक रूप से परेशान हो गई। युवती की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने बादशाह खाने के खिलाफ रेप और पॉक्सो की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। लड़की ने न्यायालय से लड़के को कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि उसकी जान को खतरा है। वह ये लड़ाई इसलिए लड़ रही है ताकि दूसरी लड़कियों के साथ ऐसा ना हो। इसके बाद से शुरू हुई प्रताड़ना लड़की ने बताया कि वो अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहती थी। बादशाह ने उसे कहा कि उसे उसके धर्म से कोई तकलीफ नहीं है। वो उसके साथ शादी के बाद भी अपने हिंदू धर्म में रह सकती है। लेकिन जैसे ही युवती ससुराल गई, ससुराल वालों ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। गाय का मांस खिलाया, पूजा करने से रोका लड़की ने कहा कि ससुराल वालो ने उसे गाय का मांस खिलाया और कहा कि उनके धर्म में गाय का मांस खाना सुन्नत होता है। लड़की ने दबाव में आकर उसे खा लिया। इसके बाद उसे पूजा करने और मंदिर जाने से मना किया गया। पति आए दिन करता था मारपीट ससुराल वालों ने लड़की को कलमा पढ़ना और नमाज अदा करना सीखने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद बादशाह भी अब उसके साथ मारपीट करने लगा। उसे बुरी तरह मारता, जिससे वो कई-कई दिन घर में पड़ी रहती थी। उसका 2 बार गर्भपात कराया गया। तीसरी बार बच्चा हुआ तो युवती के मर्जी के बिना मासूम का खतना करा दिया गया। दूसरी लड़की के साथ देखा तो तोड़ दिया संबंध युवती ने बताया कि बादशाह छत्तीसगढ़ स्टूडियो नाम से अपनी एक दुकान चलाता है। वो लड़कियों को हिरोइन बनाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। जब युवती ने बादशाह को दूसरी लड़की के साथ दो बार रंगे हाथों पकड़ा तो उसके साथ संबंध तोड़ लिया। recent visitors 74