कोलार सिक्सलेन रोड 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित करेगा

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में कोलार सिक्सलेन रोड यानी कोलार गेस्ट तिराहे से लेकर गोल जोड़ तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रहा है।  राजधानी की सबसे पहली और बड़ी सिक्सलेन सड़क पर नगर निगम प्रशासन करीब 10 करोड़ रुपए की राशि से 15 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 हजार से अधिक पौधे लगाएंगी। यह काम नगर निगम प्रशासन अगले महीने यानी जून से शुरू करने वाली है। नगर निगम प्रशासन करेगा काम सेन्ट्रल वर्ज में ये पौधे लगाए जाएंगे और इनकी सुरक्षा को लेकर करीब तीन फीट ऊंची रैलिंग भी लगाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस काम को लेकर अपनी कार्ययोजना बना ली है। इस संबंध में काम करने के लिए योजना के हिसाब से काम अंतिम चरणों में काम चल रहा है। जल्द ही इसे मूर्त रुप देने के लिए नगर निगम प्रशासन काम शुरू करेगा। लगातार हो रही हैं बैठकें, जल्द शुरू होगा काम हाल ही में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए विधायक रामेश्वर शर्मा ने निगम प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कोलार सिक्सलेन सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, यहां से लगातार आवाजाही भी सुचारू हो गई है। लेकिन अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी इस रोड पर बचे हुए कामों को पूरा किया जा रहा है। लगभग 325 करोड़ रुपए की राशि से कोलार सिक्सलेन सड़क को विकसित किया गया है। recent visitors 73

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी, एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म

भोपाल /इंदौर  भोपाल में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है. पीथमपुर के रामकी संयंत्र में कचरे का निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को लगातार दी जा रही है. बड़ी बात ये है कि इस जहरीले कचरे को लेकर खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंकाएं न के बराबर हो गई हैं. दावा है कि प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड ने जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण को सामान्य बताया है. एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह का कहना है "यूनियन कार्बाइड का कचरा विशेषज्ञों की निगरानी में जलाया जा रहा है, जो अगले 30 से 35 दिन में पूरी तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा. इसके निष्पादन प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जा रही है. कचरे के निष्पादन के हरेक चरण की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई है. वर्तमान में पीथमपुर के आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी सामान्य है. यूनियन कार्बाइड के कचरे में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड के अलावा नैप्थलीन और पार्टिकुलेट मैटर पाया गया. इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन क्लोराइड समेत हाइड्रोजन फ्लुराइड का उत्सर्जन हुआ. प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के मुताबिक सामान्य प्रदूषण श्रेणी का था." भोपाल से लेकर इंदौर तक दहशत का दौर दरअसल, 3 दिसंबर 1984 की सुबह भोपाल में यूनियन कर्बाइड से निकली मिथाइल आइसोसाइनाइड गैस से 5000 से ज्यादा मौत हुई थीं. इस जहरीली गैस के दुष्प्रभाव के कारण करीब डेढ़ दशक में 15000 लोगों की अलग-अलग बीमारियों से मौत हो गई. तभी से यूनियन कार्बाइड में इस गैस के अवशेष के रूप में यह कचरा परिसर में मौजूद था. लगातार कई सालों से इस कचरे को गैस की तरह ही घातक और प्रदूषण की वजह बताया जा रहा था. भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद हाई कोर्ट जबलपुर के आदेश के तहत कचरे को इंदौर के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित रामकी एनवायरो प्लांट में जलाकर नष्ट करने पर सहमति बनी. पीथमपुर में जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया जारी इसके बाद 2 जनवरी को 12 कंटेनर में इस कचरे को भरे जाने के बाद एक विशेष प्रकार के ग्रीन कॉरिडोर को तैयार कर 230 किलोमीटर दूर पीथमपुर लाया गया. कचरे को पीथमपुर में जलाए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ. फिर 10 मार्च 2025 को कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल यहां 50 से ज्यादा मजदूर प्रति घंटा 90 किलोग्राम कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम की निगरानी मे जलाकर नष्ट कर रहे हैं. तीन ट्रायल रन में 6570 किलोग्राम कचरे को नष्ट किए जाने के बाद लगातार शेष कचरे को जलने की प्रक्रिया जारी है. recent visitors 52

रिसर्च : Energy Drinks बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा रही,दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर भी दे रही

नई दिल्ली एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज कल हर किसी के हाथ में एनर्जी ड्रिंक देखने को मिल जाती है. ये दिखने में भले ही मजेदार और इंस्टेंट एनर्जी देने वाली लगें, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. हाल के एक रिसर्च में पाया गया है कि ये ड्रिंक्स बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही, ये दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की दिक्कत जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी होती है, जो छोटे बच्चों के शरीर के लिए ठीक नहीं होती. इसलिए डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से आपके बच्चे की हेल्थ पर क्या बुरा असर पड़ता है. डिहाइड्रेशन एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसका एक मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है. इन ड्रिंक्स में अक्सर बहुत ज्यादा कैफीन होता है, जिससे शरीर में ज्यादा पेशाब बनता है. इससे बच्चों को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है और उनके शरीर से जरूरी फ्लूइड्स निकल जाते हैं. किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ता है एनर्जी ड्रिंक्स रिडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, सोडियम और फॉस्फोरिक एसिड के साथ-साथ चीनी फ्रुक्टोज का लेवल ज्यादा होता है. ये शरीर में ऐसे एलिमेंट्स बनने में मदद करते हैं, जो  किडनी स्टोन बना सकते हैं.   किडनी पर डालती हैं बुरा असर एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा चीनी भी एक बड़ी चिंता है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा और डायबिटीज हो सकती है, जो किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मीठे एनर्जी ड्रिंक्स पीना आगे चलकर किडनी के खराब होने जैसी गंभीर दिक्कतें ला सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ऐसे कई एलिमेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को बढ़ा सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण होता है.   एक्यूट किडनी इंजुरी बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीना, खासकर जब आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हों तो वो बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इन ड्रिंक्स में टॉरिन होता है, जो किडनी पर बुरा असर करता है. बच्चों के किडनी अभी पूरी तरह डेवलप नहीं बने होती, इसलिए यह ज्यादा खतरा होता है. ऊर्जा पेय क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ हैं, जिनमें कैफीन के अलावा अतिरिक्त चीनी और कानूनी उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। भले ही वे अल्पावधि में दिन भर आपकी सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कैफीन शरीर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक भारी प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार , एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके विकासशील अंगों- मस्तिष्क, हृदय या गुर्दे- के कारण ये पेय पदार्थ आवेग नियंत्रण को कम करते हैं, और छोटे शरीर के आकार कैफीन के सेवन के प्रभावों और जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।  सोने में कठिनाई के अलावा,अधिकांश युवाओं में क्रोनिक किडनी संबंधी समस्याएं विकसित होती हैंडॉ. जैन ने कहा, "एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है (प्रति सर्विंग 150-300 मिलीग्राम), जो एक सामान्य कप कॉफी से कहीं अधिक है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर में अधिक मूत्र बनता है और व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे हृदय और गुर्दे पर अधिक दबाव पड़ता है।" ऊर्जा पेय आपके बच्चे के गुर्दे को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?     निर्जलीकरण का कारण बनता है     गुर्दे की पथरी का खतरा     गुर्दे की कार्यप्रणाली पर प्रभाव     तीव्र किडनी चोट का जोखिम बढ़ जाता है ऊर्जा पेय पीने के दीर्घकालिक प्रभाव डॉ. जैन ने बताया कि यदि आपका बच्चा लम्बे समय तक एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करता है, तो उसे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:     बहुत अधिक चीनी से मोटापा और मधुमेह होता है; दोनों ही मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारक हैं।दीर्घकालिक वृक्क रोग(सीकेडी)     कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों में गुर्दे की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट और तरल पदार्थों के प्रसंस्करण के तरीके को बदलने की क्षमता होती है     कोला और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड गुर्दे की पथरी, कमजोर हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के कैल्सीफिकेशन में योगदान देता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है     मधुमेह के साथ-साथ बढ़ता रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग का प्रमुख कारण है     एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और उत्तेजक पदार्थ रक्तचाप और हृदय गति के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे किडनी के कार्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है एक स्वस्थ, प्राकृतिक विकल्प जिसे बच्चों को पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए डॉ. जैन के अनुसार, माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे को अपने शरीर को हाइड्रेट करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए बहुत सारा पानी पीने की आदत डाल सकते हैं। आप अन्य पेय पदार्थों की जगह पानी चुनकर और उनके भोजन के साथ पानी परोसकर इस व्यवहार को अपना सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य स्वस्थ विकल्प इस प्रकार हैं:     बिना मीठा किया हुआ नारियल पानी     100 प्रतिशत पतला फलों का रस     कम वसा वाला दूध या दूध के विकल्प     हर्बल चाय     हरी चाय     ताजे फलों का उपयोग करके घर पर बनाई गई स्मूदी     recent visitors 177

27 मई 2025 मंगलवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज का दिन कुछ लोगों के लिए खर्च लेकर आ सकता है। दूसरों की खुशी के लिए अधिक समय और पैसा खर्च कर सकते हैं। आप अपनी भावनात्मक और मानसिक समस्याओं का सोल्यूशन निकाल लेंगे, जिन पर आपने लंबे समय से ध्यान नहीं दिया है। वृषभ: आज के दिन आप अपने जीवन में महत्वपूर्ण प्रगति देख सकते हैं। आपको कुछ समय के लिए अकेले रहने और बाहरी दुनिया से दूर रहने की जरूरत महसूस होगी। कार्यस्थल पर आपका अपने बॉस और सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकता है, जिसके कारण स्ट्रगल करना होगा। मिथुन: आज आपके कुछ दुश्मनों की स्ट्रैटिजी आपको नुकसान पहुंचा सकती है। उत्साह में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट बनाने की कोशिश करें। मैरिड लाइफ में कुछ परेशानियां आ सकती हैं, छोटी-छोटी बातों पर भी आपके बीच बहस हो सकती है। कर्क: आज आपके करियर में सुधार होगा। आपकी स्किल्स और मेहनत को पहचान मिल सकती है। आपका सकारात्मक और नरम व्यवहार आपको करियर में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। ऑफिस में आपके ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होगी। सिंह: आज आप अपने काम से सिनीयर्स की तारीफ पाने में सफल रहेंगे। इससे आप अपने क्षेत्र में और अधिक शक्तिशाली बनेंगे। आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। आपकी एनर्जी पॉजिटिव रहने वाली है। कन्या: आज आप अपनी इच्छाओं और लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर रखें। आज सकारात्मक बातचीत से सब कुछ सॉल्व हो सकता है। व्यापारियों को नए पार्टनर्स मिल सकते हैं। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। तुला: आज का आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। स्ट्रेस से दूर रहने के लिए वो काम करें जो आपको खुशी देता है। लव के मामले में दिन अच्छा रहेगा। निजी जीवन में आप किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति सिरियस हो सकते हैं, जिसे आप केवल अपना दोस्त समझते थे। वृश्चिक: आज मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। आप कार्यस्थल पर अच्छे माहौल का अनुभव करेंगे और अपने रिश्तों में नई चीजें सीखेंगे। पार्टनर के साथ आपकी अच्छी बान्डिंग होगी। तनाव ज्यादा न लें। धनु: आज काम की लापरवाही सिनीयर्स की नाराजगी का कारण बन सकती है। आज के दिन आपको डाइट में हेल्दी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज के दिन पैसों का हिसाब-किताब करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। मकर: आज के दिन कोई गलतफहमी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। मैरिड कपल्स को एक दूसरे के काम में हाथ भी बटाना चाहिए। जीवन के सुख-समृद्धि बनी रहेगी। कुंभ: पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। पैसों से जुड़े मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। किचन में काम करते समय आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आपका पूरा ध्यान अपने घर-परिवार पर रहेगा। मीन: आज आप अपने पार्टनर के साथ अपने करियर के बारे में चर्चा कर सकेंगे। निजी जीवन की बात करें तो वैवाहिक जीवन में आपको कुछ जादुई पल देखने को मिलेंगे। आपको सेहत संबंधी कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सावधानी बनाए रखें। recent visitors 97

भारत अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा

नई दिल्ली भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बीवीआर सुब्रह्मण्यम 25 मई 2025 को लुटियन दिल्ली में एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठकर पत्रकारों के सामने जब यह ऐलान कर रहे थे, तब नरेंद्र मोदी के भारत के प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल के तौर पर 4018 दिन गुजर चुके थे। मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 26 मई 2025 है यानी पीएम के तौर उनके कार्यकाल का आज 4019वां दिन है। इनमें 1148 वीकेंड, 122 हॉलीडेज और 2747 कामकाजी दिन शामिल हैं। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सुब्रह्मण्यम 10वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा, "मैं जब बोल रहा हूं, तब हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 4 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी हैं और यह मेरा डेटा नहीं है। यह आईएमएफ का डेटा है। आज भारत जापान से भी बड़ी अर्थव्यवस्था है।" उन्होंने बताया, "केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे बड़े हैं और जो योजना बनाई जा रही है, अगर हम उसी पर टिके रहते हैं, तो भारत अगले 2, 2.5 से 3 वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।" मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाना है…और अगर अर्थव्यवस्था के हिसाब-किताब की नजर में प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल के दिनों को देखा जाए तो पीएम मोदी अब तक जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद सबसे ज़्यादा समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। नेहरू और इंदिरा गांधी मुख्यमंत्री नहीं थे। लेकिन वे 6,130 और 5,829 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। 26 मई 2025 तक मोदी PM के तौर पर 4018 दिनों से ज़्यादा समय पूरा कर चुके हैं। इस लिस्ट में वह तीसरे पायदान पर पहुंच चुके हैं। उनसे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी हैं। मनमोहन सिंह तीसरे पायदान से खिसकर चौथे स्थान पर जा चुके हैं। जिस सड़क पर अर्थव्यवस्था दौड़ रही है, उसी रास्ते पर पीएम मोदी का कार्यकाल भी आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा कि 2.5-3 साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, और यह भी संयोग देखिए कि नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए, मोदी को मार्च 2031 तक प्रधानमंत्री बने रहना होगा। सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बने मोदी 17 सितंबर 2024 को नई दिल्ली स्थिति नेशनल मीडिया सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस याद कीजिए। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित की गई थी। यह वह दिन भी था जब 17 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी 74 वर्ष के हुए थे। उस दिन अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी के के तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। तब उन्होंने कहा था… पीएम मोदी के 8 बड़े काम प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने कई फैसले लिए जिसमें आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा को प्राथमिकता दी गई। 1. आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा विकास: मोदी सरकार ने 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया, जिससे पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था बनी। 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला और विदेशी निवेश आकर्षित किया गया। 'स्टार्टअप इंडिया' के जरिए नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया गया। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्तर पर सड़कें बनाई गईं और 'भारतमाला' व 'सागरमाला' जैसी योजनाएं शुरू की गईं। मेट्रो नेटवर्क भी देश के कई शहरों में तेजी से फैला। 2. जनकल्याण और सामाजिक योजनाएं: प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए जिससे वित्तीय समावेशन को बल मिला। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 9 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 10 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए लाखों लोगों को घर मिले और आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया गया। 3. डिजिटल और तकनीकी प्रगति: डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिला, ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचा और ऑनलाइन सरकारी सेवाएं आसान हुईं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई। देश में 5G सेवा की शुरुआत हुई और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे कदम भी उठाए गए। 4. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा: 2016 और 2019 में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया गया — तेजस लड़ाकू विमान, INS विक्रांत, अग्नि-V मिसाइल जैसे कई प्लेटफॉर्म विकसित हुए। माइनस्वीपर युद्धपोतों की योजना को फिर से शुरू किया गया ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला किया जा सके। 5. विदेश नीति और वैश्विक पहचान: 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'इंडो-पैसिफिक रणनीति' के तहत भारत ने चीन के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में काम किया। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के साथ संबंध मजबूत किए। भारत ने 2023 में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत की। 6. शासन और संरचनात्मक सुधार: 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, जिससे राज्य को विशेष दर्जा समाप्त हुआ। तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाया गया। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना से प्रवासी मजदूरों को देश के किसी भी हिस्से में राशन मिलना संभव हुआ। 7. कृषि और ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों को सीधे खातों में आर्थिक सहायता दी गई। 'सौभाग्य योजना' और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' से गांवों में बिजली और सड़कें पहुंचीं। 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य लिया गया। 8. क्राइसिस मैनेजमेंट: कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू से की सौजन्य भेंट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से सौजन्य भेंट की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने विंध्य क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार पर सार्थक चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा से इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली एवं प्रयागराज जैसे प्रमुख नगरों के लिए एटीआर-72 विमानों के माध्यम से नियमित उड़ानों की आवश्यकता एवं जनसामान्य की अपेक्षाओं से केंद्रीय मंत्री नायडू को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट से इन महानगरों के लिए हवाई संपर्क स्थापित होने से क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा, पर्यटन एवं स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी तथा रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र को समावेशी विकास में समुचित स्थान मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नायडू ने प्रस्तुत सुझावों और मांगों पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का भरोसा दिलाया।   recent visitors 81

बाल-बाल बची सौरव गांगुली के भाई और भाभी की जान! पलटी नाव, टल गया बड़ा हादसा

पुरी पुरी के समुद्र में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली और उनकी पत्नी अर्पिता की ‘स्पीडबोट’ पलट गई, लेकिन दोनों बाल-बाल बच गए. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. यह घटना शनिवार शाम को ‘लाइटहाउस’ के पास हुई जब दंपति ‘स्पीडबोट’ सवारी का आनंद ले रहे थे. ‘पीटीआई’ के पास उपलब्ध एक वीडियो संदेश में अर्पिता ने कहा, ‘भगवान की कृपा से हम बच गए. मैं अभी भी सदमे में हूं. ऐसा नहीं होना चाहिए और समुद्र में जलक्रीड़ा की व्यवस्था सही तरीके से की जानी चाहिए. मैं कोलकाता लौटने के बाद पुरी के पुलिस अधीक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखूंगी.’ घटना के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी नौका एक बड़ी लहर की चपेट में आकर पलट गई और वह तथा उनके पति सहित सभी यात्री समुद्र में गिर गए. उन्होंने कहा, ‘शुक्र है कि ‘लाइफगार्ड’ द्वारा तुरंत कार्रवाई करने से हमारी जान बच गई.’ घटना के प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय लोगों ने बताया कि ‘स्पीडबोट’ एक बड़ी लहर की चपेट में आने के बाद संतुलन खो बैठी और समुद्र में पलट गई. recent visitors 75