कमार समुदाय के 5 अनाथ बच्चों के भविष्य को कलेक्टर ने किया सुरक्षित, मिली निःशुल्क आवास, भोजन एवं नियमित शिक्षा की व्यवस्था

गरियाबंद विकासखंड छुरा के ग्राम पंचायत मुड़ागांव में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के 5 अनाथ बच्चों को कलेक्टर बी.एस. उइके की पहल पर कमार आवासीय विद्यालय, गरियाबंद में निःशुल्क आवास, भोजन एवं नियमित शिक्षा की व्यवस्था मिल गई है. पेश आए समाचार के आधार पर कलेक्टर ने तुरन्त संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया था. आदिवासी विकास विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त कार्यवाही से इन सभी बच्चों का प्रवेश विद्यालय में कर दिया गया है. विद्यालय प्रशासन ने बच्चों के लिए सुरक्षित छात्रावास, पौष्टिक भोजन एवं आधुनिक कक्षाओं में पाठ्यक्रम के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की व्यवस्था सुनिश्चित की है. इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग की स्पॉन्सरशीप योजना के तहत प्रत्येक छात्रा/छात्र को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी. कलेक्टर ने कहा कि शासन का यह संदेश है कि कोई भी असहाय या वंचित बच्चा शिक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे. उन्होंने विभागों को हिदायत दी है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र बच्चों तक पहुंचे. recent visitors 74

किराए के मकान में युवती ने की आत्महत्या

रायगढ़ जनपद पंचायत के सामने मकान में युवती की चुनरी से लटकती लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. फिलहाल मौत के कारण का पता नहीं चल पाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पूरा मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र के वार्ड 15 का है. मिली जानकारी अनुसार 25 वर्षीय अनिया पुजारी पिता स्व. कौशलेस पुजारी जनपद पंचायत के सामने लाला कनौजिया के घर में किराए के मकान में रहती थी. सुबह दरवाजा नहीं खुलने पर कुछ लोगों ने मकान के पीछे छेद से अंदर देखा तो चुनरी में अनिया पुजारी की लाश लटक रही थी. यह जानकारी आग की तरह मोहल्ले में फैली और देखते ही देखते मौके पर पड़ोसियों का जमावड़ा लग गया. परिजनों ने घटना की सूचना घरघोड़ा पुलिस को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को उतारा और पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा. फिलहाल मौत का कारण अज्ञात है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा. इस मामले में घरघोड़ा थाना एसआई खेमराज पटेल ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है. recent visitors 82

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण बैंक की शाखा का वर्चुअली किया शुभारंभ

रायपुर  जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। इस मौके पर 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य  अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 78

नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए शासन प्रतिबद्ध

PMAY के तहत आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित 38 परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, मिलेगी मूलभूत सुविधाएं विकास की मुख्यधारा में जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर, मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ-कलेक्टर दुदावत नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए शासन प्रतिबद्ध अब इन परिवारों को मिलेगा स्थायित्व और सम्मान-विधायक अटामी दंतेवाड़ा गीदम विकासखंड के ग्राम पंचायत झोडि़याबाड़म में आज एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 38 आत्मसमर्पित, नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए पक्के मकानों का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरपंच सहित कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पंचायत झोडि़याबाड़म अन्तर्गत 11 हेक्टेयर की भूमि में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के लिए मूलभूत सुविधा युक्त मॉडल स्वरूप में आवासीय पक्के मकान बनाए जाएगें। इस अवसर पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी द्वारा विधि विधान से भूमि की पूजा कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए इस योजना को क्षेत्र के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक ने कहा, “यह हम सबके लिए खुशी का अवसर है कि बांगापाल और कारली ग्रामों के आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के 38 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकान मिल रहे हैं। यह न सिर्फ एक घर है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का प्रतीक भी है। मौके पर ”विधायक ने सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए सरकार का आभार प्रकट किया। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि “देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह सपना है कि हर गरीब को उसका पक्का घर मिले। आज जो मकान इन पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे हैं, वह उनके जीवन में स्थिरता, सम्मान और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेंगे। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इस दौरान कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया,“जिस दिन कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण करता है, उसी दिन से उसे शासन की समस्त योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बस पास, श्रम कार्ड पंजीयन, कौशल विकास, आयुष्मान कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।  कलेक्टर ने यह भी बताया कि इन 38 पक्के मकानों को ग्राम झोडि़याबाड़म में एक मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन मकानों के साथ-साथ आजीविका के साधनों के लिए मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं सब्जी उत्पादन हेतु अलग से भूमि प्रदान की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, जनपद पंचायत सीईओ बलराम ध्रुव सहित अन्य अधिकारी ओर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही मौजूद थे। recent visitors 72

मुस्लिम देश ने एक झटके में खत्म कर दी 37000 से ज्यादा लोगों की नागरिकता, सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल, जानें वजह

कुवैत सिटी  खाड़ी देश कुवैत ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए रातों-रात 37,000 लोगों की नागरिकता छीन ली है। इनमें अधिकांश महिलाएं हैं, जिन्होंने शादी के जरिए नागरिकता हासिल की थी। कुछ तो 20 साल से ज्यादा समय से कुवैत में रह रही हैं। कई को तो इसकी जानकारी तब हुई, जब वे रूटीन काम के लिए पहुंची। 50 साल की लामा (बदला हुआ नाम) को इसका पता वीकली वर्कआउट क्लास के दौरान चला, जब उनके क्रेडिट कार्ड का पेमेंट रिजेक्ट हो गया। उन्हें चेक किया तो उनका बैंक खाता अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था, क्योंकि उनकी राष्ट्रीयता रद्द कर कर दी गई थी। जॉर्डन की मूल निवासी लामा ने एएफपी से बातचीत में कहा कि यह उनके लिए एक झटका था। उन्होंने अधिकारियों के डर से अपना असली नाम इस्तेमाल न करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, '20 सालों से ज्यादा सालों तक कानून का पालन करने वाली नागरिक होने के बाद एक दिन सुबह आप जागते हैं और पाते हैं अब आप नागरिक नहीं हैं। यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है।' शेख मिसाल की पहल के तहत उठाया गया कदम कुवैत का ये कदम अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-सबा के नेतृत्व वाले शासन के सुधारवादी पहल का हिस्सा है। इसका उद्येश्य राष्ट्रीयता को कवैती रक्त संबंधों तक सीमित रखना और कुवैती पहचान को नया आकार देना है। विश्लेषकों का कहना है कि नागरिकता नीति का उद्देश्य तेल समृद्ध देश की राष्ट्रीयता को रक्त संबंध तक सीमित करके संभावित रूप से इसके मतदाताओं को कम करना है। अमीर शेख मेशाल ने दिसम्बर 2023 में सत्ता संभालने के पांच महीने बाद संसद को भंग कर दिया और संविधान के कुछ हिस्सों को निलंबित कर दिया था। 26000 महिलाओं की छिनी नागरिकता कुवैत में जिन 37,000 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई है, उनमें कम से कम 26,000 महिलाएं हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। कुवैत विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर बदल अल-सैफ ने कहा, जबकि कुवैत में बड़े पैमाने पर नागरिकता रद्द करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह संख्या निश्चित रूप से अभूतपूर्व है। कुवैत में पहले ही लगभग 100,000 बिदून लोगों का राज्यविहीन समुदाय है। बिदून एक अरब अल्पसंख्यक हैं, जो बेडोइन नामक खानाबदोश जनजाति से आते हैं, जो कुवैत में बस गए थे। 1961 में जब कुवैत आजाद हुआ, बिदून लोगों को नागरिक के रूप में शामिल नहीं किया गया। नया उपाय विवाह के जरिए नागरिकता को समाप्त करता है। संविधान के कुछ हिस्सों को किया गया था सस्पेंड कुवैत में रहने वाली लामा नाम की महिला जब कुवैत सिटी में क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने लगीं तो पता लगा कि उनका बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया और उनकी नागरिकता ही छिन गई है। लामा मूल रुप से जॉर्डन की रहने वाली हैं। गौरतलब है कि अमीर शेख मेशाल अल सबाह दिसंबर 2023 में कुवैत के अमीर बने थे। इसके बाद बाद उन्होंने संसद को भंग कर दिया गया। इसके साथ ही संविधान के कुछ हिस्सों को सस्पेंड कर दिया गया है। recent visitors 69

झलवारा में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते परिचालन प्रभावित

भोपाल  रेलवे द्वारा अधोसंरचना विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत झलवारा स्टेशन पर IRCON द्वारा कटनी ग्रेड सेपरेटर लाइन (कटनी-मुड़वारा से) तथा सिंगरौली दिशा की ओर टाई-लाइन की कनेक्टिविटी हेतु नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि उक्त कार्यों के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली निम्नलिखित यात्री गाड़ियाँ निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी निरस्त की जाने वाली गाड़ियाँ: 1. दिनांक 01 से 07 जून 2025 तक गाड़ी संख्या 18236 बिलासपुर – भोपाल एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 2. दिनांक 03 से 09 जून 2025 तक गाड़ी संख्या 18235 भोपाल – बिलासपुर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 3. दिनांक 01 जून 2025 को गाड़ी संख्या 18213 दुर्ग – अजमेर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 4. दिनांक 02 जून 2025 को गाड़ी संख्या 18214 अजमेर – दुर्ग एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।   यात्रियों से विनम्र अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवाएं जैसे NTES/139 या वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा NTES मोबाइल ऐप के माध्यम से गाड़ी की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। recent visitors 64

28 नए वाहनों को कृषि मंत्री नेताम ने दिखाई हरी झंडी , बोले – योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी

रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर तेलीबांधा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देकर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसका लाभ किसानों को मिले, इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी। कृषि मंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। मंत्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन है, जिसके विरूद्ध अब तक 8 लाख 48 हजार 604 मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भण्डारण तथा एक लाख 68 हजार 255 मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो भण्डारण की मात्रा का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सतत् संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके। किसानों के लिए अभी उपलब्ध है 6,80,350 मेट्रिक टन खाद मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण के लिए उपलब्ध है। किसानों को अब तक 47 हजार 881 क्विंटल बीज का वितरण रामविचार नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 57 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। समितियों में 2 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक बीज का भण्डारण कराया गया है। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 47 हजार 881 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। recent visitors 55