IPL के फाइनल मुकाबले में मनेगा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न, इंडियन आर्मी को मिलेगा ‘ग्रैंड सैल्यूट’

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 18वां सीजन अपने चरम पर पहुंच रहा है। सीजन का खिताबी मुकाबला 3 जून 2025 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इस भव्य फाइनल से पहले स्टेडियम में एक शानदार समापन समारोह का आयोजन होगा, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता को श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्लेऑफ का रोमांच शुरू आईपीएल 2025 के प्लेऑफ मुकाबले 29 मई से शुरू होंगे। मुल्लांपुर में 29 मई को क्वालिफायर 1 खेला जाएगा, जिसमें जीतने वाली टीम सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई कर अहमदाबाद रवाना होगी। अगले दिन, 30 मई को मुल्लांपुर में ही एलिमिनेटर मैच होगा। इस मैच की विजेता टीम क्वालिफायर 2 के लिए अहमदाबाद जाएगी, जबकि हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। 1 जून को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में क्वालिफायर 2 का मुकाबला होगा, जिसकी विजेता दूसरी फाइनलिस्ट टीम बनेगी। इसके बाद 3 जून को फाइनल में दो सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। सीडीएस सहित तीनों सेनाओं के अध्यक्ष को न्योता स्पोर्ट्स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने का फैसला किया है और इसके तहत बोर्ड ने समापन समारोह के लिए सीडीएस, थल सेना अध्यक्ष के साथ ही वायुसेना और नौसेना प्रमुख को भी न्योता दिया है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इस रिपोर्ट के हवाले से कहा, बोर्ड हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी, साहस और निस्वार्थ सेवा को सलाम करता है, जिनके ऑपरेशन सिंदूर ने वीरतापूर्ण प्रयास से राष्ट्र की रक्षा की और हमें प्रेरित किया। सम्मान के रूप में हमने समापन समारोह को सशस्त्र बलों को समर्पित करने का फैसला किया है।  2019 में भी सशस्त्र बलों को समर्पित हुआ था समारोह हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब आईपीएल के दौरान सशस्त्र बलों को समर्पित कोई समारोह आयोजित किया जाएगा। 2019 में बीसीसीआई ने चेन्नई में टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह के लिए सैन्य बैंड को आमंत्रित किया था और पुलवामा आतंकी हमले के बाद सशस्त्र बलों के लिए 20 करोड़ रुपये का योगदान देने का भी संकल्प लिया था। मालूम हो कि पुलवामा हमले में 44 सीआरपीएफ जवान बलिदान हुए थे। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानिए भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया। आईपीएल एक सप्ताह के लिए हुआ था स्थगित भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का प्रभाव आईपीएल पर भी पड़ा था और टूर्नामेंट को एक सप्ताह के लिए स्थगित करना पड़ा था। सीजफायर के बाद आईपीएल 17 मई से दोबारा शुरू हुआ, लेकिन इसके कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा। तय कार्यक्रम के अनुसार, आईपीएल का फाइनल 25 मई को कोलकाता में खेला जाना था, लेकिन बाद में संशोधित कार्यक्रम जारी हुआ जिसके तहत फाइनल मुकाबला तीन जून को अहमदाबाद में कराने का फैसला लिया गया। सशस्त्र बलों के सम्मान में कुछ मुकाबलों से पहले राष्ट्रगान भी बजाया गया था। समापन समारोह में भारतीय सेना को सम्मान फाइनल से पहले आयोजित होने वाले समापन समारोह में भारतीय सेना के शौर्य को सलाम किया जाएगा। इस समारोह में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया जाएगा। बीसीसीआई ने इस खास मौके के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, चीफ ऑफ नेवी स्टाफ और चीफ ऑफ एयर स्टाफ को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की वीरता 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक एयरस्ट्राइक की गई। भारतीय सेना ने यह सुनिश्चित किया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना या वहां के नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तान की सेना ने सीमा पर गोलीबारी शुरू कर दी और ड्रोन हमलों का प्रयास किया। भारतीय सुरक्षा प्रणाली ने इन ड्रोनों को तुरंत नष्ट कर दिया। तनाव के बीच आईपीएल का आयोजन भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण आईपीएल 2025 को एक सप्ताह के लिए स्थगित करना पड़ा था। लेकिन 17 मई से टूर्नामेंट फिर से शुरू हुआ, और लगभग सभी विदेशी खिलाड़ी भारत लौट आए। इसने टूर्नामेंट के रोमांच को और बढ़ा दिया। आईपीएल 2025: एक शानदार समापन की ओर आईपीएल 2025 न केवल क्रिकेट के रोमांच के लिए याद किया जाएगा, बल्कि यह भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और एकता का प्रतीक भी बनेगा। 3 जून को अहमदाबाद में होने वाला फाइनल मुकाबला और समापन समारोह निश्चित रूप से प्रशंसकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।   recent visitors 84

पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने ट्रेंट बोल्ड की गेंद पर विजयी छक्का मारा तब प्रीति जिंटा की खुशी देखने लायक थी

नई दिल्ली पंजाब किंग्स ने सोमवार को आईपीएल 2025 के अपने आखिरी लीग मैच में मुंबई इंडियंस को हराकर टॉप-2 में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। जीत के लिए 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने ट्रेंट बोल्ड की गेंद पर विजयी छक्का मारा तब प्रीति जिंटा की खुशी देखने लायक थी। 19वें ओवर की तीसरी गेंद पर जैसे ही सिक्स लगा, पंजाब किंग्स की सह-मालकिन अपनी सीट पर खुशी से उछल पड़ीं। मुट्ठियां भींचकर दोनों हाथ खुशी से विजयी मुद्रा में लहराते हुए उनका रिएक्शन सोशल मीडिया पर वायरल है। जयपुर में सोमवार को मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला था। दोनों टीमों के लिए लीग स्टेज टॉप-2 में खत्म करने के लिहाज से यह काफी अहम मैच था। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 184 रन बनाए। सूर्यकुमार यादव ने सबसे ज्यादा 57 रन की पारी खेली। जवाब में प्रभसिमरन सिंह के रूप में पंजाब का पहला विकेट 5वें ओवर में 34 रन के स्कोर पर गिर गया। उसके बाद प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश के बीच दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी ने मुंबई इंडियंस को मैच से बाहर कर दिया। 18 ओवर में पंजाब ने 3 विकेट के नुकसान पर 180 रन बना लिए थे। तब उन्हें जीत के लिए 12 गेंद में 5 रन चाहिए थे। 19वां ओवर बोल्ट लेकर आए। पहली गेंद पर वढेरा ने 1 रन लिया। अब स्ट्राइक पर पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर थे। बोल्ट की दूसरी गेंद पर अय्यर कोई रन नहीं बना सके। तीसरी गेंद पर उन्होंने शानदार छक्का जड़कर जीत दिला दी। सिक्स लगते ही प्रीति जिंटा खुशी से उछल पड़ीं। उछले भी क्यों नहीं, श्रेयस अय्यर के इस शॉट ने पंजाब किंग्स का टॉप-2 में रहना सुनिश्चित कर दिया। लीग स्टेज टॉप-2 में खत्म करने का मतलब है कि टीम का अगला मुकाबला क्वॉलिफायर 1 होगा जिसमें जीत सीधे फाइनल का टिकट देगी। अगर हार भी गए तो टीम को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलेगा। वह एलिमिनेटर जीतने वाली टीम से क्वॉलिफायर 2 में भिड़ेगी जो वर्चुअल सेमीफाइनल होगा। फिलहाल पंजाब किंग्स की टीम 19 अंक के साथ आईपीएल पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है। टॉप-2 में पंजाब के अलावा दूसरी कौन सी टीम होगी, यह मंगलवार को आरसीबी बनाम एलएसजी मुकाबले से तय होगा। अगर आरसीबी अच्छे अंतर से मुकाबला जीत गई तो वह टॉप पर और पंजाब दूसरे पर होगी। अगर आरसीबी हार गई तो पंजाब टॉप पर और गुजरात टाइटंस दूसरे नंबर होगी।   recent visitors 76

इंदौर में 2 जून को प्रशासन के द्वारा रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा

 इंदौर इंदौर में 2 जून को प्रशासन के द्वारा रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। राज्य शासन के निर्देशानुसार युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने के लिए इंदौर जिले में लगातार रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में आगामी 02 जून 2025, सोमवार को प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, नंदानगर, इंदौर में रोजगार मेला आयोजित होगा। इसमें निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में 500 युवाओं को नौकरी मिलेगी। यह संयुक्त रोजगार मेला जिला रोजगार कार्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था एवं जिला उद्योग केन्द्र, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। कई बड़ी कंपनियां आएंगी उप संचालक रोजगार पी.एस. मण्डलोई ने बताया कि रोजगार मेले में बालाजी वेपर्स, रूपरंग स्टोर्स, श्याम टाटा मोटर्स, शैफाली बिजनेस, मेडपप्स, बी-एबल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां लगभग 500 रिक्त पदों के लिए प्रारंभिक चयन करेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा आवेदकों का साक्षात्कार लेकर पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। योग्यता के पैमाने मेले में 18 से 40 वर्ष की आयु के ऐसे युवा भाग ले सकते हैं, जिन्होंने हाईस्कूल से लेकर स्नातकोत्तर तक की शिक्षा या तकनीकी योग्यता (जैसे आईटीआई) प्राप्त की हो। आवेदकों को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार हेतु ऋण प्रक्रिया की जानकारी एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। यह दस्तावेज जरूर लाएं रोजगार मेले में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों, बायोडेटा की प्रतियाँ, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों की छायाप्रतियाँ साथ लेकर आएं।   recent visitors 56

मनोहरलाल धाकड़ ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं

मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर महिला के साथ अश्लील कृत्य के बहुचर्चित मामले में कथित भाजपा नेता मनोहरलाल धाकड़ को रविवार को आत्मसमर्पण के बाद सोमवार को ही जमानत मिल गई। यह मामला तब तूल पकड़ गया, जब अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान मनोहरलाल धाकड़ के रूप में की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। वीडियो में मैं नहीं हूं… जमानत मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए मनोहरलाल धाकड़ ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कार के आधार पर उनकी पहचान की गई, वह गाड़ी उन्होंने पहले ही बेच दी थी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। "मेरी पत्नी जरूर भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य है, पर मैं पार्टी से जुड़ा नहीं हूं," धाकड़ ने कहा। ब्लैकमेलिंग का आरोप पुलिस सूत्रों के अनुसार, धाकड़ ने बयान में बताया कि 13 मई को टोलकर्मियों ने CCTV फुटेज डिलीट करने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की थी। मौके पर 20 हजार रुपये भी ले लिए गए थे। जब पूरी रकम नहीं मिली, तो आठ दिन बाद टोलकर्मियों ने उस फुटेज की स्क्रीन रिकॉर्डिंग करके उसे सोशल मीडिया पर तीन भागों में प्रसारित कर दिया। वीडियो की अवधि सात मिनट से अधिक जो वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, वे दरअसल 7 मिनट 27 सेकंड की एक ही रिकॉर्डिंग के तीन हिस्से हैं। यह फुटेज 13 मई की रात 8:22 से 8:29 बजे के बीच का है। पुलिस को संदेह है कि टोलकर्मियों ने ब्लैकमेलिंग की मंशा से इस वीडियो को प्रसारित किया। टोलकर्मियों की तलाश में टीमें रतलाम रेंज के डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अब पुलिस की जांच का दायरा टोलकर्मियों तक भी बढ़ाया गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किसने और किन परिस्थितियों में वायरल किया, और क्या वाकई इसमें ब्लैकमेलिंग की साजिश थी। पुलिस इस मामले में जल्द ही टोल प्रबंधन से भी पूछताछ कर सकती है। धाकड़ की चेतावनी धाकड़ ने मीडिया से कहा कि यदि उन्हें झूठे आरोप में फंसाया गया है, तो वे एक्सप्रेस वे के प्रबंधन के खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ब्लैकमेलिंग की बात को नहीं दोहराया। recent visitors 56

म‌ऊगंज :कलेक्टर की दो बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप,अवैध खनन पर 10 करोड़ का जुर्माना

 मऊगंज  मऊगंज जिले में अवैध खनन पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. खनन माफियाओं (Mining Mafias) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है. कलेक्टर संजय कुमार जैन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के तहत एक क्रेशर संचालक पर 10 करोड़ 8 लाख एक हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है. यह जुर्माना मऊगंज तहसील के हर्रहा क्षेत्र में तय सीमा से बाहर खनन करने और बांध क्षेत्र के नजदीक अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर लगाया गया है. क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के नेबुहा गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह द्वारा संचालित क्रेशर यूनिट पर आरोप था कि उसने खसरा नंबर 7/1 के उस हिस्से में खनन किया जो स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर आता है. यही नहीं, खनन स्थल बांध के नजदीक होने से जल संरचना और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था. जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के नेबुहा गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह द्वारा संचालित क्रेशर यूनिट पर आरोप था कि उसने खसरा नंबर 7/1 के उस हिस्से में खनन किया जो स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर आता है। यही नहीं, खनन स्थल बांध के नजदीक होने से जल संरचना और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम से जांच करवाई। जांच में अवैध खनन की पुष्टि होते ही कलेक्टर ने दोषी क्रेशर संचालक पर 10 करोड़ से अधिक का जुर्माना ठोकते हुए 15 दिन के भीतर राशि जमा कराने का निर्देश दिया है। कलेक्टर जैन ने स्पष्ट कहा कि मऊगंज जिला प्रशासन पर्यावरण और सरकारी नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक मिसाल है, उन्होंने भविष्य में अवैध खनन करने वालों को चेतावनी है कि अब ऐसे अपराधों पर कड़ी सजा दी जाएगी। जांच में हुआ खुलासा कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम से जांच करवाई. जांच में अवैध खनन की पुष्टि होते ही कलेक्टर ने दोषी क्रेशर संचालक पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना ठोकते हुए 15 दिन के अंदर राशि जमा कराने का निर्देश दिया है. recent visitors 50

मंत्री विजय शाह मामले में SIT ने पूरी की जांच, कर्नल सोफिया अंसारी पर की थी विवादित टिप्पणी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान मामले में गठित SIT (विशेष जांच टीम) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अब यह रिपोर्ट 28 मई को सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरी जांच के दौरान मंत्री विजय शाह से कोई बयान ही नहीं लिया गया। इस बात ने ना सिर्फ सवाल खड़े किए हैं बल्कि पूरे मामले में पारदर्शिता को लेकर बहस भी छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने खुद इस जांच की निगरानी अपने हाथ में ली। पुलिस महानिदेशक द्वारा सागर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया। वीडियो, चश्मदीद और सभास्थल की जांच जांच के दौरान टीम ने उस विवादित वीडियो की गहराई से पड़ताल की। जिसमें मंत्री विजय शाह को कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर बयान देते हुए देखा गया। साथ ही मंच पर मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ की गई, और धार जिले के मानपुर स्थित सभास्थल का दौरा कर चश्मदीदों से भी बातचीत की गई। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर जैसे ही रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी, यह तय होगा कि आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी। अब सवाल उठता है, क्या बिना मंत्रीजी के बयान के जांच को पूर्ण माना जा सकता है? घटनास्थल पर जाकर भी SIT ने की जांच एसआईटी ने मध्य प्रदेश के धार जिले के मानपुर में घटनास्थल पर जाकर भी जांच की है। साथ ही अन्य तथ्यों का परीक्षण किया है। उस वीडियो की भी जांच की गई है, जिसमें शाह कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में बोल रहे हैं मंच पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की बात सामने आई है। जांच के दौरान विजय शाह से नहीं लिया गया कोई बयान हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जांच दल ने मामले में विजय शाह से कोई बयान नहीं लिया है। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के निर्देश पर विजय शाह के विरुद्ध कायम की गई एफआइआर की जांच करने के लिए कहा था। हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर कायम करने के लिए कहा था। recent visitors 95

आज खेला जायेगा लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला

लखनऊ आईपीएल 2025 में शीर्ष-दो की जंग अब रोमांचक हो चली है। मंगलवार को लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में (शाम साढ़े सात बजे से) लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में आरसीबी का काफी कुछ दांव पर लगा होगा। टीम ने प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने तक प्रभावी प्रदर्शन किया था, लेकिन पिछले मैच में टीम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चोक कर गई और उन्हें 42 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसने टेबल टॉप करने की आरसीबी की उम्मीदों को झटका दिया। हालांकि, बाकी नतीजे आरसीबी के पक्ष में गए और अब उनके पास एक बार फिर टेबल टॉप करने का अवसर है। लखनऊ के खिलाफ जीत उन्हें शीर्ष दो में स्थान पक्का करने के लिए काफी होगी, लेकिन हार उन्हें एलिमिनेटन मैच में धकेल सकती है। लखनऊ की टीम अच्छे फॉर्म से आ रही है और होम ग्राउंड पर लखनऊ को हराना आसान नहीं होगा। लखनऊ की टीम एड़ी चोटी का जोर लगाएगी लखनऊ की टीम मौजूदा सत्र में अपने निराशाजनक अभियान का अंत जीत से करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएगी। गुजरात टाइटंस की लगातार हार ने तीसरे स्थान पर काबिज आरसीबी के लिए 2016 के बाद पहली बार शीर्ष दो में जगह बनाने का शानदार मौका बना दिया है।आईपीएल की तालिका में शीर्ष दो पायदान पर रहने वाली टीमों को तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के मुकाबले फाइनल में पहुंचने का एक अतिरिक्त मौका मिलता है। आरसीबी के नाम 17 अंक है और उसके लिए गलती की गुंजाइश बहुत कम है। मुंबई इंडियंस (16 अंक) और पंजाब किंग्स (17 अंक) में से कोई एक आज शाम होने वाले मुकाबले के बाद टाइटंस से (18 अंक) से आगे निकलने के लिए तैयार है। हेजलवुड की वापसी से आरसीबी खेमा खुश भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के कारण लीग के 10 दिवसीय विराम से पहले आरसीबी शानदार फॉर्म में थी। उसने लगातार चार मैच जीते थे, लेकिन इस ब्रेक ने टीम की लय को प्रभावित किया। लीग के फिर से शुरू होने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उनका मैच बारिश से धुल गया और फिर सनराइजर्स हैदराबाद से 42 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की वापसी से आरसीबी के खेमे में उत्साह बढ़ा है। हेजलवुड इस सत्र में टीम के लिए सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में 18 विकेट लिए हैं और फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में चौथे नंबर पर हैं। दिग्वेश राठी की वापसी से लखनऊ मजबूत आरसीबी भी परिस्थितियों से परिचित होगी क्योंकि उसने अपना पिछला मैच इकाना स्टेडियम में ही खेला था। वहीं, लखनऊ की टीम अपने पिछले मैच में टाइटंस को हराने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है। एडेन मार्करम, मिचेल मार्श और निकोलस पूरन की तिकड़ी ने इस सत्र में लखनऊ के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम ने टाइटंस के खिलाफ दो विकेट पर 235 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इस मैच में टीम की गेंदबाजी इकाई ने भी प्रभावित किया था। चोटिल मयंक यादव की जगह लेने वाले विल ओरुर्के को शामिल करना एक सकारात्मक कदम रहा है। इस सत्र में एलएसजी की खोज रहे स्पिनर दिग्वेश राठी भी एक मैच का निलंबन पूरा करने के बाद इस मुकाबले से वापसी करेंगे। टीम को सत्र के आखिरी मुकाबले में अपने कप्तान ऋषभ पंत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी जो पूरे सत्र में रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। संभावित-11 इस प्रकार है- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल सॉल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड/लुंगी एनगिडी, क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल। सुयश शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर हो सकते हैं। लखनऊ सुपर जाएंट्स: ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), एडेन मार्करम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, आयुष बदोनी, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, आवेश खान, आकाश दीप, रवि बिश्नोई, विल ओरुर्के। दिग्वेश राठी इम्पैक्ट प्लेयर हो सकते हैं।   recent visitors 74