माओवाद से मुक्त जमीन पर रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री साय

रायपुर बीजापुर का पामेड़, जो कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है, आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां बैंक शाखा खुलने से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम आने वाले समय में बस्तर की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर नए नेतृत्व के रूप में उभारेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। इस मौके पर सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प मार्च 2026 तक माओवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि हम विकास की यात्रा को रुकने नहीं देंगे। पामेड़ में ग्रामीण बैंक की शाखा के शुभारंभ कार्यक्रम और वहां आयोजित समाधान शिविर में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। recent visitors 77

माओवाद से मुक्ति की जमीन पर रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पामेड़ में खुली ग्रामीण बैंक की शाखा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा- मुख्यमंत्री माओवाद से मुक्ति की जमीन पर  रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री रायपुर जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। इस मौके पर 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य  अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 89

एक हजार से अधिक महिलाएं कर रही हैं जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य

प्रदेश में शहरी क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास महिलाओं को  आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिये उन्हें रोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास कर रहा एक हजार से अधिक महिलाएं कर रही हैं जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग शहरी क्षेत्र की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिये उन्हें रोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास कर रहा है। प्रदेश के 55 नगरीय निकायों में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत अमृत मित्र के रूप में 312 स्वसहायता समूह की एक हजार 28 महिला सदस्यों को जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य सौंपा गया है। इस कार्य के लिये महिलाओं को करीब 3 करोड़ रूपये की राशि के कार्य आदेश जारी किये गये हैं। नगरीय निकायों ने महिला स्वसहायता समूहों को बगीचों के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी है। केन्द्र सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 'वुमन फॉर ट्रीज' में स्वसहायता समूहों की महिलाओं को लगाये गये पौंधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गयी है इसके ऐवज में उन्हें आर्थिक सहायता दी जायेगी। खाद्य प्रसंस्करण की गतिविधियों से जोड़ा गया शहरी क्षेत्र के महिला स्वसहायता समूहों को केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जोड़ा गया है। शहरी क्षेत्र के 211 स्वसहायता समूह के 1142 समूह सदस्यों को 3 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि एरिया लेबल फेडरेशन के माध्यम से सौंपी गयी है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ये महिलाएं इन गतिविधियों से जुड़कर लखपति दीदी बनें। स्वच्छ भारत मिशन में भी कार्य कर रही हैं महिलाएं शहरी क्षेत्र की महिलाएं अपने परिवार को आर्थिक रूप से बनाने के लिये उन्हें स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की गतिविधियों से जोड़ा गया है। यह महिलाएं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सेनिटेशन जैसी गतिविधियो में कार्य कर रही है। अब तक 202 स्वसहायता समूह को इस कार्य से जोड़ा गया है। शहरी क्षेत्रों में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार वितरण कार्यक्रम में डे-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत एक हजार 689 शहरी स्वसहायता समूहों की महिलाओं को 12 हजार 454 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण का कार्य सौंपा गया है। इसी के साथ प्रदेश में 1800 स्वसहायता समूहों की महिला सदस्यों द्वारा स्कूल के बच्चों के गणवेश तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। रैन बसेरा में महिलाओं के रूकने की व्यवस्था शहरी क्षेत्र में 62 नगरीय निकायों में संचालित 117 रैन बसेरों में महिलाओं के अलग से रूकने की व्यवस्था की गई है। निकायों द्वारा वहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये गये हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।   recent visitors 59

खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन में 4376.30 करोड़ रूपये का निवेश, सृजित होंगे 6164 रोजगार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह अद्भुत समय चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है। प्रदेश में विकास का क्रम जारी है। इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है। जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले में कृषि उद्योग समागम में "खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की संकल्पनाओं को साकार करने के लिए हमें सभी क्षेत्रों में समान प्रगति करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माइनिंग, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनायें हैं। कृषि आधारित उद्योगों के लिए चार स्थानों पर कृषि उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट वर्तमान में 12 प्रतिशत से अधिक होकर देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है। इन इकाइयों में लगभग 24,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 35,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भूमि आवंटन प्राप्त प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में मेसर्स पतंजलि ग्रुप, रीवा को सर्वाधिक 433 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, सीधी को 264 एकड़, मेसर्स बीईएमएल, रायसेन को 148 एकड़, मेसर्स गौतम सोलार को 55 एकड़ एवं मेसर्स ग्लेक्सो स्मीथ एशिया प्रा. को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कुल 52 इकाईयों से रू. 4376 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 6100 से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इन निवेश प्रस्तावों के राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। औद्योगिक इकाईयों को वितरित किये गये आवंटन आदेश एवं आशय पत्र क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार   नर्मदापुरम     ग्रेनटेक फूड्स एण्ड बेवरेजेस इण्डिया प्रा.लि. एवं मे. सेक्टर सेवन फूड्स प्रा.लि. 1150.00   630   सिवनी बड़ेबाबा मेटेलिक प्रा.लि. 340.80 450   बालाघाट श्री गुरुदेव राइस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड. 310.08   805     बालाघाट विसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड 210.00   250     जबलपुर जबलपुर बायोफ्यूल्स 200.00 111   सीहोर   गोविन्द मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट्स 150.00 210     सिवनी जनक फूड्स 2.00 15   मण्डला   माउंट कैलाश एग्री फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड 5.00 35     मण्डला       जबलपुर कमर्शियल नेटवर्किंग एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड 1.00   14     छिंदवाड़ा   स्नेह ग्लोबल केम्स प्राइवेट लिमिटेड 1.20   30     मण्डला   स्टील क्लैड इन्फ्रा सॉल्यूशन 1.21   25   मण्डला दी ऑल सॉल्यूशन्स 0.92 15   मण्डला   पीके राइस एंड जनरल मिल्स एलएलपी 1.50   17     कटनी किआरा इम्पेक्स 1.25 9   सिवनी   विट फूड केम प्राइवेट लिमिटेड 7.00   35   योग 2381.96 2651   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की फसल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल के लिए स्प्रिंक्लर सिंचाई का लक्ष्य बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि कृषकों की आय को बढ़ाया जायेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि कृषकों को उनके उत्पादों के सही दाम मिले। खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होगी। खेती, बागवानी, फल-सब्जी उत्पादन सभी क्षेत्रों में बजट को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य की प्रगतिशील नीतियों से निवेशकों की कठिनाईयों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।   प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार क्षेत्र   सिवनी विस्तार एग्री फूड्स प्रा. 400 500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर   काकड़ा मेटल्स प्रा. लि. 400   500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर धारणी शुगर मिल प्रा. लि. 300 500 कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर 1 मार्चे एलएलपी 160 140 ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा   नरसिंहपुर भूमि साहू 100 250 शिक्षा   नरसिंहपुर मेसर्स विजय कुमार लुनावत 4 15   ऊर्जा   नरसिंहपुर जैन पॉली प्लास्टिक्स 2.5 8 प्लास्टिक उत्पाद योग 1366.5 1913   नरसिंहपुर में कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं: मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने "कृषि उद्योग समागम-2025" के नरसिंहपुर जिले में आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हार्दिक अभिनंदन और आभार माना। उन्होंने देश भर से आए निवेशको/ उद्योपतियों का आयोजन में सम्मिलित होने पर आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के कृषकों ने अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर प्रदेश और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर प्रदेश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक जिला है, जहां सर्वाधिक शुगर फैक्ट्रियां स्थापित हैं। जिले में कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहा है आशातीत विकास : मंत्री श्री राजपूत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभाली … Read more

नीलामी प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के तत्काल प्रयास करेगी : प्रमुख सचिव खनिज उमराव

खनिज ब्लॉकों के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : प्रमुख सचिव खनिज उमराव नीलामी प्रक्रिया, वैधानिक स्वीकृतियाँ और ब्लॉक क्रियान्वयन विषय पर कार्यशाला नीलामी प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के तत्काल प्रयास करेगी : प्रमुख सचिव खनिज उमराव भोपाल प्रमुख सचिव खनिज उमाकांत उमराव ने नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में भौमिकी तथा खनिकर्म संचालनालय द्वारा नीलामी प्रक्रिया, वैधानिक स्वीकृतियाँ और ब्लॉक क्रियान्वयन विषय पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रमुख सचिव खनिज उमराव ने कहा कि खनिज ब्लॉकों के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसके व्यापक आर्थिक लाभों को रेखांकित किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय कमेटी गठित की गई है, जो नीलामी प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के तत्काल प्रयास करेगी। खनिकर्म संचालक फ्रैंक नोबेल ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा यह है कि मध्यप्रदेश राज्य में नीलाम हुए खनिज ब्लॉक में उत्पादन शीघ्र प्रारंभ हो। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को खनिज राजस्व प्राप्ति हो। कार्यशाला में प्रश्नों के उत्तर दिये गये एवं शंकाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सूचनाप्रद प्रस्तुतियाँ दी गयीं, जिनमें भारतीय खान ब्यूरो प्रतिनिधियों ने खान योजना की तैयारी एवं प्रस्तुति, उनकी महत्ता और मूल्यांकन के दौरान सामान्य त्रुटियों पर प्रकाश डाला। खान योजना स्वीकृति की प्रक्रिया भी समझाई। वन विभाग के प्रतिनिधि ने वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्रमुख प्रावधानों, परिवेश पोर्टल के उपयोग तथा वन स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। राज्य पर्यावरण प्रभाग मूल्यांकन प्राधिकरण प्रतिनिधि ने पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन के अनुरूप पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी दी। राजस्व विभाग के प्रतिनिधि द्वारा भूमि अधिग्रहण संबंधी मुद्दों एवं प्रक्रियात्मक जटिलताओं पर चर्चा की गयी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि ने स्थापना सहमति और संचालन सहमति प्रक्रियाओं तथा उनसे संबंधित दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डाला। खान मंत्रालय के उप सचिव ने खनिज ब्लॉकों के क्रियान्वयन को सरल एवं शीघ्र बनाने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा किये गये प्रमुख पहलुओं को साझा किया। कार्यशाला में नीलामी पोर्टल की विशेषताओं एवं संचालन पहलुओं पर भी विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यशाला में मुख्य खनिज की नीलामी प्रक्रिया एवं इससे संबंधित विषय-विशेषज्ञ, जिला अधिकारी, आरक्यूपी और अधिमानी बोलीदारों ने भाग लिया।   recent visitors 67

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया विराट हॉस्पिस जबलपुर का भ्रमण

कैंसर से पीड़ित मरीजों की नि:स्‍वार्थ भाव से की जा रही सेवा अनुकरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM यादव ने विराट हॉस्पिस जबलपुर में निस्वार्थ कार्य को संचालित करने वाली साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी से भी भेंट की मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया विराट हॉस्पिस जबलपुर का भ्रमण जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैंसर के मरीजों की नि:स्वार्थ भाव से की जा रही सेवा अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विराट हॉस्पिस जबलपुर में भर्ती कैंसर  मरीजों से भेंट की, जिन्हें डॉक्टर भी जबाब दे चुके हैं और गरीब परिवारों के होने की वजह से जीवन के अंतिम समय में उन्हें देखभाल के लिये रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को विराट हॉस्पिस जबलपुर में इस निस्वार्थ कार्य को संचालित करने वाली साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मरीजों से भेंट की और उनकी कुशल क्षेम जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रह्मर्षि वावरा मिशन द्वारा संचालित यह प्रकल्प मानवता की सेवा की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने यहां गरीब परिवारों के कैंसर के मरीजों को दी जा रही सेवा और देखभाल के लिये साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी और उनके सहयोगियों को साधुवाद दिया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर मरीजों से भेंट करने के पहले विराट हॉस्पिस परिसर में निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल भवन का अवलोकन किया। विराट हॉस्पिस के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अखिलेश गुमास्ता ने ब्रेकी थेरेपी यूनिट सहित कैंसर मरीजों के उपचार के लिये निर्माणधीन अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस अस्पताल में कैंसर मरीजों का उपचार निःशुल्क दिया जायेगा। कैंसर मरीजों की रेडियो थेरेपी के लिए यहां अत्‍याधुनिक कोबॉल्‍ट मशीन भी स्‍थापित की जा रही है। भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर से अनुमोदन मिलने के बाद इससे भी उपचार प्रारंभ कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विराट हॉस्पिस परिसर में स्थित गौशाला का भी अवलोकन किया। उन्होंने यहाँ गायों को गौ-ग्रास खिलाया। हॉस्पिस में भर्ती कैंसर के मरीजों को इसी गौशाला की गायों का दूध दिया जाता है और मरीजों को दिये जा रहे भोजन को पकाने में बायो गैस का इस्तेमाल किया जाता है। परिसर में लगाई गई आर्गेनिक सब्जियां ही मरीजों को भोजन में परोसी जाती हैं। करीब सवा तीन एकड़ क्षेत्र में फैले विराट हॉस्पिस परिसर में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाये गये हैं, ताकि यहाँ से निकला पानी नर्मदा नदी में जाकर न मिले। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विराट हॉस्पिस की संस्थापक साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी  द्वारा संचालित एक अन्य प्रकल्प ब्रम्हर्षि बावरा नर्मदा विद्यापीठ की कक्षा दसवीं की छात्रा माही बर्मन को वार्षिक परीक्षा में 96.6 प्रतिशत, कक्षा 11वीं की गणित संकाय की छात्रा चांदनी अहिरवार को 85 प्रतिशत और कक्षा 12वीं की वाणिज्य संकाय की छात्रा अनुराधा लोधी को वार्षिक परीक्षा में 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर विराट हॉस्पिस की ओर से आर्गेनिक सब्जियां और गिर गाय का घी भेंट किया गया। विराट हॉस्पिस के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अखिलेश गुमास्ता द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित की गई रामायण की प्रति सौंपी गई। मुख्यमंत्री के विराट हॉस्पिस के भ्रमण के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विश्नोई एवं अशोक रोहाणी, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष रविकरण साहू सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।   recent visitors 68

मध्‍यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जवाहरलाल दर्डा की कांस्‍य प्रतिमा का किया अनावरण मध्‍यप्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मध्‍यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विकास को लेकर प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेठ गोविंददास शासकीय जिला चिकित्‍सालय जबलपुर पहुंचकर वरिष्‍ठ स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी जवाहरलाल दर्डा की कांस्‍य प्रतिमा का अनावरण किया। उन्‍होंने कहा कि जवाहरलाल दर्डा ने स्‍वतंत्रता संग्राम में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया और जबलपुर से उनका गहरा नाता रहा है। जबलपुर में दर्डा ने स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के विस्‍तार की दिशा में भी उल्‍लेखनीय कार्य किया। उन्‍होंने कहा कि स्‍वतंत्रता संग्राम के दौरान जबलपुर से नेताजी सुभाषचंद्र बोस का भी गहरा नाता रहा है। उन्‍होंने अंग्रेजों के दम्‍भ को तोडा़ और 23 वर्ष की उम्र में आईसीएस की परीक्षा पास की जिस समय अंग्रेज भारतीयों के ज्ञान स्‍तर को कम आंकते थे। महात्‍मा गांधी ने भी अफ्रीका से स्‍वतंत्रता की लड़ाई की शुरूआत कर एक नई दिशा दी। स्‍वतंत्रता संग्राम में कई महान विभूतियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्‍यप्रदेश के झाबुआ से चंद्रशेखर आजाद ने भी कभी अंग्रेजों की अधीनता नहीं स्‍वीकारी और उन्‍होंने स्‍वयं को जीते जी आजाद रहने का संकल्‍प पूरा किया। दर्डा ने आजादी की लड़ाई लड़ी और स्‍वतंत्रता के बाद महाराष्‍ट्र के कई मंत्रालयों में 23 वर्ष तक कई जिम्‍मेदारियों का निर्वहन कर सामाजिक सारोकार और जनहित के कई उल्‍लेखनीय कार्य किए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 2002-03 में जहां 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहां अब 20 साल बाद 30 मेडिकल हो गयें हैं और 2 साल बाद 50 मेडिकल कॉलेज हो जायेंगे। मध्‍यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्‍यप्रदेश की विकास दर 12 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। आर्थिक रूप से 2002-03 में जहां प्रति व्‍यक्ति आय 11 हजार रूपये थी, वहीं अब 1 लाख 52 हजार रूपये हो गई है। उन्‍होंने कहा कि भारत भी तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है। अब भारत जापान को पीछे छोड़कर चौथे नंबर की अर्थव्‍यवस्‍था बन चुका है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेना का अभिनंदन करते हुए कहा कि सेना ने देश का मान रखा, दुश्‍मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया, जिसे पाकिस्‍तान कभी नहीं भूल पायेगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमत पत्र समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब समय बदल चुका है। मध्‍यप्रदेश में कई विकास के कार्य हो रहे हैं, जबलपुर सहित समूचा महाकौशल क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदू, संतोष बरकड़े, लोकमत समाचार पत्र के निदेशक आलोक जैन और प्रबंध निदेशक देवेन्‍द्र दर्डा सहित जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 75