मुरैना :पार्क में घूम रहे कांग्रेस नेता पर लाठी और धारदार हथियार से हमला, ग्वालियर किया रेफर

मुरैना  मध्य प्रदेश में गुंडे बदमाशों के हौसले बुलंद है, ताजा मामला मुरैना जिले से सामने आया है। जहां मॉर्निग वॉक पर निकले कांग्रेस नेता पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राकेश परमार की लाठी- डंडे और हथियारों से लैस आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने पिटाई कर दी। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।   पार्क  वॉक करने के दौरान किया हमला जानकारी के मुताबिक राकेश परमार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित शहीद पार्क में जब वॉक कर रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे करीब आधा दर्जन बदमाशों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हुई मारपीट में उन्हें सिर पर गंभीर चोट आई है। पिटाई करने के बाद बदमाश भाग निकले। मारपीट की घटना का वीडियो भी सामने आया है। कांग्रेस नेता के भाई ने इन पर लगाए आरोप घटना में घायल राकेश परमार के छोटे भाई मुकेश परमार के द्वारा सिविल सर्जन डॉ गजेन्द्र तोमर का इस हमले में हाथ होना बताया गया है। इसके साथ ही पुरानी रंजिश व टेरर टेक्स को लेकर सुमित परमार, विक्रम परमार, धर्म सिंह परमार, शिवराज सिंह परमार, देवा परमार, गोरखा परमार सहित तीन-चार लोगों पर भी उन्होंने आरोप लगाए गए है। पुरानी रंजिश को लेकर कांग्रेस नेता पर हमला किया गया है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है।  recent visitors 61

मरवाही वनमंडल के जंगलों में तलाब में अठखेलियां करते नजर आया हाथियों का दल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में बीते कुछ वर्षों से हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है. हाल ही में चार दंतैल हाथियों का एक दल इन जंगलों में देखा गया है, जो इन दिनों सिवनी बीट के कतलगढ़ाई बांध के आसपास विचरण कर रहा है. गर्म मौसम से राहत पाने के लिए यह हाथी दल जंगल में बने तालाब में मस्ती करते हुए नजर आया है. इस दृश्य को ग्रामीणों ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया. इस वीडियो में साफ दिखाई देता है कि पानी पीने के बाद हाथी तालाब में उतरकर एक-दूसरे को धक्का दे रहे हैं और आपस में खेल रहे हैं. वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं और जमकर शेयर भी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, यह हाथियों का दल मरवाही और सिवनी के जंगलों की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के अनूपपुर वनमंडल से होते हुए छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल में प्रवेश किया है और फिलहाल यहीं विचरण कर रहा है. हालांकि अभी तक हाथियों द्वारा किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं जरूर मिली हैं. वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल लगातार इन हाथियों पर निगरानी रखे हुए हैं. जिन स्थानों पर किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, वहां विभाग द्वारा मुआवजा भी दिया जा रहा है. recent visitors 51

हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति लगाकर रहेंगे: दामोदर यादव

 2 जून को बड़ा प्रदर्शन, चंद्रशेखर आज़ाद भी होंगे शामिल  ग्वालियर में मूर्ति स्थापना पर विवाद, संविधान और सामाजिक न्याय को लेकर तेज हुआ संघर्ष    CJI, CM और राज्यपाल से हस्तक्षेप की माँग* भोपाल ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर उपजे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के वरिष्ठ नेता दामोदर सिंह यादव ने दो टूक कहा है कि "बाबा साहब की मूर्ति हाईकोर्ट परिसर में लगाकर रहेंगे।" यादव ने भोपाल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि संविधान रचयिता की मूर्ति का विरोध, आज भी समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव और मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मूर्ति और उसका चबूतरा पूरी तरह से तैयार हो चुका था, तब ग्वालियर बार एसोसिएशन द्वारा विरोध किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। "कोर्ट धार्मिक ग्रंथों से नहीं, भारतीय संविधान से चलता है। अगर उस संविधान को लिखने वाले बाबा साहब की प्रतिमा अदालत में नहीं लगेगी, तो किसकी लगेगी?" यादव ने सवाल उठाया। दामोदर यादव ने बताया कि इस विषय में उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की माँग की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वर्ग संघर्ष में बदलने से पहले प्रशासन को हस्तक्षेप कर मूर्ति की स्थापना सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे समाज में शांति बनी रहे। यादव ने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी सामाजिक न्याय और बाबा साहब की बात तो करते हैं, लेकिन जब असली सम्मान देने का समय आता है, तो कांग्रेस के नेता सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह जाते हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सामंतशाही मानसिकता से संचालित हो रही है।" यादव ने ऐलान किया कि वह स्वयं 2 जून को ग्वालियर पहुंचेंगे। इस दिन संभाग के सभी जिलों से कार्यकर्ता एकत्रित होंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद भी ग्वालियर आएंगे और आंदोलन को गति देंगे। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ग्वालियर में बाबा साहब की मूर्ति लगाने के समर्थन में खड़े अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं पर कथित रूप से ऊँची जातियों से जुड़े वकीलों द्वारा हमला किया गया था। इस घटना की निंदा करते हुए यादव ने इसे 'कायराना हरकत' बताते हुए चेतावनी दी कि संविधान विरोधी ताकतों को अब चुपचाप देखने का समय नहीं रहा। न्यायपालिका में संविधान निर्माता की उपस्थिति अनिवार्य: यादव यादव ने जोर देते हुए कहा कि देशभर के सभी न्यायालय परिसरों में बाबा साहब की मूर्ति लगाई जानी चाहिए। "यह सिर्फ मूर्ति नहीं, बल्कि न्याय, समानता और संविधान के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है," recent visitors 53

पाकिस्तानी जासूस निकला सीआरपीएफ जवान, एनआईए ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली देश में एक के बाद एक पाकिस्तानी जासूस सामने आ रहे हैं। अब एक और जासूस गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने एक सीआरपीएफ जवान को पकड़ा है। आरोपी जवान की पहचान मोती राम जाट के रूप में हुई है, जो सक्रिय रूप से जासूसी गतिविधि में शामिल था। पता चला है कि साल 2023 से पाकिस्तान खुफिया अधिकारियों को जानकारी दे रहा था। एजेंसी ने आगे पाया है कि विभिन्न माध्यमों से पीआईओ से पैसा मिल रहा था। एनआईए की टीम ने मोती राम को दिल्ली से पहले पकड़ा और फिर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।  recent visitors 57

दिल्ली में कांग्रेस के ओबीसी विभाग की अहम बैठक, भूपेश बघेल भी हुए शामिल

  रायपुर दिल्ली में आज कांग्रेस के ओबीसी विभाग की अहम बैठक होगी. इस बैठक में राहुल गांधी समेत देशभर के ओबीसी कांग्रेस नेता शामिल होंगे. राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल सहित कई कांग्रेस विधायक दिल्ली जा रहे हैं. दिल्ली जाने वाले विधायकों में रामकुमार यादव और कुंवर सिंह निषाद भी शामिल हैं. दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि जब से राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की बात की है, तब से देशभर में इसे लेकर माहौल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव संभव है. इसी विषय को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का फैसला किया, यह कैबिनेट का निर्णय है. हालांकि यह प्रक्रिया समय और संसाधन मांगती है, और फिलहाल भारत सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. उन्होंने बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर दिल्ली में छत्तीसगढ़ के सभी ओबीसी नेता एकजुट हो रहे हैं. भूपेश बघेल ने पूछा कौन चला रहा है मुख्यमंत्री के विभाग? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल विस्तार में विलंब और सीमित मंत्रियों की संख्या को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जितने कम मंत्री होंगे, उनके सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास चले जाएंगे. अब यह जानने की आवश्यकता है कि मुख्यमंत्री के पास जो विभाग हैं, उन्हें आखिर चला कौन रहा है? उन्होंने कहा कि चाहे वह माइनिंग हो या शिक्षा, सभी विभाग मुख्यमंत्री के पास हैं, तो फिर उनका संचालन कौन कर रहा है? पत्रकारों के साथ बदसलूकी की घटना पर क्या बोले भूपेश बघेल ? मेकाहारा अस्पताल में पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट की घटना पर भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ ऐसी घटना की मैं निंदा करता हूं. सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों. बता दें कि रविवार रात कवरेज करने गए मीडियाकर्मी के साथ मेकाहारा अस्पताल में तैनात बाउंसरों ने धक्कामुक्की की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी. इस घटना को लेकर मीडियाकर्मियों में भारी आक्रोश है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर सरकार पर साधा निशाना दंतेवाड़ा जिले में नक्सलवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में वहां नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई थी. हमने वहां शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया और आदिवासियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अभियान चलाए. उन्होंने वर्तमान की साय सरकार पर आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार तेंदूपत्ता नहीं खरीद पा रही है और मनरेगा भी सुचारू रूप से नहीं चल रहा है, जिससे आदिवासियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है. recent visitors 54

नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल

कृषि विकास से ही आयेगी देश में समृद्धि, मप्र की तर्ज पर हर राज्य में हों कृषि उद्योग समागम : उप राष्ट्रपति धनखड़ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम आयोजन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी बधाई कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और मंडला में बन रहे फूड पार्क राज्य स्तरीय कृषि उद्योग समागम 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में होगा नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल नई तकनीक और नवाचारों से किसानों का जीवन सुधारने के लिए सरकार चला रही किसान कल्याण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैविक खेती के प्रोत्साहन और नवाचारी किसानों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित 116 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 86 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी हुआ उपराष्ट्रपति धनखड़, राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में किया कृषि-उद्योग समागम 2025 का शुभारंभ नरसिंहपुर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह हमारी प्रगति का मूल आधार है। कृषि के क्षेत्र में विकास और नित नए नवाचार जरूरी हैं, इससे कृषि के विकास से ही देश में समृद्धि आएगी। देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाता की खुशहाली में ही हमारे देश की खुशहाली सन्निहित है। उप राष्ट्रपति धनखड़ सोमवार को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में कृषि उद्योग समागम-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलन, कन्या पूजन एवं भगवान बलराम की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर 26 से 28 मई तक चलने वाले तीन दिवसीय 'कृषि-उद्योग समागम 2025' का विधिवत् शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. (श्रीमती) सुदेश जगदीप धनखड़ विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री की पहल अनुकरणीय उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि देश का हर राज्य मध्यप्रदेश की इस पहल का अनुकरण करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा भी 29 मई से 12 जून तक नई दिल्ली में कृषि आधारित एक वृहद आयोजन किया जा रहा है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता गांव और किसान के खेत से निकलता है। देश में विकसित भारत के लिए महायज्ञ चल रहा है इसमें सबसे बड़ी आहूति किसान भाइयों की ही है। किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें। उन्हें खाद्य प्र-संस्करण, व्यापार और मार्केटिंग भी सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के किसान भाइयों के परिश्रम से ही 'विकसित भारत@2047' का लक्ष्य पूरा होगा। किसान अधिक से अधिक कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्नदाता को उद्यमी बनाने के लिए स्थानीय सांसद और विधायक गांवों को गोद लें, किसानों को समृद्ध बनाएं, जिससे खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल हो और हर गांव में समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि देश में 720 कृषि विज्ञान केंद्र हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में सभी संस्थान बेहद सजग होकर कार्य कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत ने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। हमने जापान को पीछे छोड़ा है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम तीसरे स्थान पर पहुंचेंगे। देश के 10 करोड़ किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि देशभर में किसानों को हर तरह की सहूलियतें दी जा रही हैं। अब तक 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला है। उनके खातों में 3 लाख 46 करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दूध, फल और सब्जियों में देश का नेतृत्व करना चाहिए। कृषि सिर्फ खेती का क्षेत्र नहीं है, इसका उद्योग से बड़ा जुड़ाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सराहनीय है। प्रदेश में नारी शक्ति को जिला पंचायतों की कमान मिलना भी लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया है। यह ऐतिहासिक घटना है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने सटीक बमबारी की और उनके ठिकाने नष्ट कर दिए। देश की सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री का संकल्प एक लौहपुरूष की तरह है। भारतीय सेना के पराक्रम ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ये नया भारत है, जो 70 साल में नहीं हुआ, वो प्रधानमंत्री ने कर दिखाया। कृषि मेलों से किसानों को मिल रहा भरपूर लाभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिला मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संजोकर रखने वाला एक प्रमुख केंद्र है। यहां मां नर्मदा के तट पर बरमान में मकर संक्रांति का सुप्रसिद्ध मेला लगता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और कृषि उद्योग समागमों के जरिए किसानों को भरपूर लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। देश के किसान कड़े परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए नए-नए संयंत्र तैयार करते हैं। दोनों की मेहनत और समन्वय से ही हमारे देश के भंडार अन्न से भरे पड़े हैं। मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। … Read more

हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं: प्रधानमंत्री हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री आदिवासी समाज के विकास के लिए पिछले 11 वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं: प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह हम भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है: प्रधानमंत्री दाहोद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मई का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने गुजरात के लोगों के अटूट समर्थन और आशीर्वाद को स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें देश का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस विश्वास और प्रोत्साहन ने दिन-रात देश की सेवा के लिए उनके समर्पण को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऐसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय निर्णय लिए हैं, जो दशकों पुरानी बाधाओं से मुक्त हुए हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा, “आज देश निराशा और अंधकार के युग से निकलकर आत्मविश्वास और आशावाद के नए युग में प्रवेश कर चुका है।”                      मोदी ने कहा, "140 करोड़ भारतीय एक विकसित भारत के निर्माण में एकजुट हैं", उन्होंने भारत के भीतर आवश्यक वस्तुओं के निर्माण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत अब स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, खिलौने, रक्षा उपकरण और दवाओं सहित कई तरह के उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल रेल और मेट्रो तकनीक का निर्माण कर रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर निर्यात भी कर रहा है। इस प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण दाहोद को बताते हुए, जहां हजारों करोड़ रुपये की प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया गया, मोदी ने दाहोद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उजागर किया। उन्होंने तीन साल पहले इसकी आधारशिला रखने को याद किया और गर्व व्यक्त किया कि अब पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक निर्मित किया गया है। उन्होंने लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि गुजरात ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, इसे एक उल्लेखनीय मील का पत्थर बताया और इस उपलब्धि के लिए गुजरात के लोगों को बधाई दी। दाहोद के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और इस क्षेत्र से जुड़ी कई यादों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दशकों से दाहोद आते रहे हैं और अपने शुरुआती वर्षों में वे अक्सर साइकिल से इस क्षेत्र का भ्रमण करते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन अनुभवों से उन्हें दाहोद की चुनौतियों और संभावनाओं दोनों को समझने का मौका मिला। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी वे कई बार इस क्षेत्र का दौरा करते रहे और इसके मुद्दों को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दाहोद में हर विकास पहल से उन्हें अपार संतुष्टि मिलती है और आज का दिन उनके लिए एक और सार्थक दिन है।    पिछले 10-11 वर्षों में भारत के रेलवे क्षेत्र के तेजी से विकास पर प्रकाश डालते हुए, मोदी ने मेट्रो सेवाओं के विस्तार और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरूआत पर जोर दिया, जिससे पूरे देश में कनेक्टिविटी बदल रही है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें अब लगभग 70 मार्गों पर चल रही हैं, जो भारत के परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अहमदाबाद और वेरावल के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की घोषणा की। मोदी ने आगे कहा कि भारत में आधुनिक ट्रेनों का उदय देश की प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोच और लोकोमोटिव अब घरेलू स्तर पर निर्मित होते हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है। मोदी ने कहा, "भारत रेलवे उपकरणों के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरा है", उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और इंग्लैंड, सऊदी अरब और फ्रांस को ट्रेन कोच निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली भी भारत से रेलवे से संबंधित घटक आयात करते हैं। मोदी ने आगे कहा कि भारतीय यात्री कोच मोजाम्बिक और श्रीलंका में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और 'मेड इन इंडिया' लोकोमोटिव कई देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह 'मेक इन इंडिया' पहल के निरंतर विस्तार को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करता है।                              प्रधानमंत्री ने कहा, "एक मजबूत रेलवे नेटवर्क सुविधा को बढ़ाता है और उद्योगों और कृषि को बढ़ावा देता है", उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई क्षेत्रों को पिछले दशक में पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में पहले केवल छोटी, धीमी गति वाली ट्रेनें थीं, लेकिन अब कई नैरो-गेज मार्गों का विस्तार किया गया है। दाहोद और वलसाड के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई रेलवे मार्गों के उद्घाटन की घोषणा करते हुए, जिससे आदिवासी क्षेत्र को बहुत लाभ होगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि कारखाने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दाहोद की रेल फैक्ट्री 9,000 हॉर्स पावर के इंजनों का निर्माण करेगी, जिससे भारत की ट्रेनों की शक्ति और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, उन्होंने कहा कि दाहोद में बनने वाले हर इंजन पर शहर का नाम होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों इंजन बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के … Read more