संत प्रेमानंद ने शरीर पर देवी-देवताओं के टैटू बनवाने वालों के लिए कही बड़ी बात

मथुरा मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान भगवान के नाम या चित्रों के टैटू शरीर के अंगों पर बनवाने को अनुचित करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाथों, पैरों या अन्य शारीरिक अंगों पर देवी-देवताओं के नाम या स्वरूपों का टैटू बनवाना धार्मिक दृष्टिकोण से अपराध की श्रेणी में आता है।   एक युवक के हाथ पर बने ‘महादेव’ के टैटू को देखकर संत प्रेमानंद ने ये टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन्हीं हाथों से शौचालय जाते हैं, नहाते वक्त उन्हीं हाथों पर पानी डालते हैं, ऐसे में भगवान के नाम या रूप पर जल गिराना या उन्हें अपवित्र करना कहीं न कहीं धर्म के खिलाफ है। इससे पुण्य कम होता है और यह आस्था का अपमान है।  संत प्रेमानंद महाराज ने युवाओं से अपील की कि वे धार्मिक प्रतीकों और नामों का सम्मान करें और उन्हें इस तरह के टैटू के रूप में शरीर पर न बनवाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा हृदय में होनी चाहिए, शरीर पर नहीं। recent visitors 54

ग्लैमर के मामले में मां के आगे फीकी पड़ी अंकिता लोखंडे

मुंबई टीवी की फेमस एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे इस वक्त मालदीव्स में हैं। उनके साथ उनका पूरा परिवार है। पति विक्की जैन, मां वंदना और भाई अर्पण। वो अपने हॉलिडे की फोटोज इंटरनेट पर धड़ाधड़ शेयर कर रही हैं। लेटेस्ट पोस्ट में उनकी मां दामाद के सामने झूमती दिख रही हैं। ग्लैमर के मामले में उन्होंने अपनी बेटी को भी पीछे छोड़ दिया है। 40 साल की अंकिता लोखंडे के लेटेस्ट पोस्ट में सभी ने व्हाइट कलर के कपड़े पहने हैं। इनमें सभी के चेहरे पर खुशी दिख रही है। अंकिता की मम्मी तो खुशी में झूमती दिख रही हैं और दामाद विक्की उन्हें प्यार से निहार रहे हैं। ये प्यारी सी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इससे पहले अंकिता ने अपने भाई के साथ कुछ फोटोज शेयर की थीं, जो कुछ लोगों को खटक रही थी। उनका कहना था कि अंकिता ने भाई के सामने काफी छोटे कपड़े पहने हुए थे। यूजर्स का ऐसा है रिएक्शन अंकिता के पोस्ट पर कॉमेंट्स करने वाले यूजर्स दौड़ पड़े हैं। एक ने मौज लेते हुए लिखा, 'बिक्की (विक्की) की मम्मी क्यों नहीं हैं ट्रिप में।' दूसरे ने लिखा, 'बिक्की की मां कहीं नजर नहीं आ रहीं।' एक और यूजर ने लिखा, 'बेटा बिक्की… अंकिता की मम्मी हर जगह होती हैं विक्की, मैं क्यों नहीं हूं बिक्की, फिर सब कहेंगे गुस्सा क्यों होती हूं बिक्की…।' एक और यूजर ने कहा, 'बिक्की.. मम्मी कहां हैं।' 'लाफ्टर शेफ्स 2' में अंकिता वर्कफ्रंट की बात करें तो अंकिता को कलर्स चैनल के 'लाफ्टर शेफ्स 2' में देखा जा रहा है। इसे भारती सिंह होस्ट कर रही हैं। इसमें अली गोनी, निया शर्मा, कृष्णा अभिषेक से लेकर सुदेश लहरी सहित कई जाने-माने चेहरे हैं। recent visitors 71

कैसे बस्तर बना संस्कृति, सहभागिता और विकास का मॉडल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर राजधानी दिल्ली स्थित अशोक होटल में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन मॉडल, नवाचारों और जनभागीदारी आधारित योजनाओं ने विशेष पहचान बनाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रस्तुत बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों का ध्यान आकर्षित किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने अपने प्रस्तुतीकरण की शुरुआत राज्य में सुशासन की संस्थागत पहल से की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। ‘अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से योजनाओं की निगरानी की जा रही है, जिससे शिकायतों का समाधान निर्धारित समय में संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर ईमानदारी व संवेदनशीलता से लागू करना है। बैठक में केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को छत्तीसगढ़ में ग्रामसभा, जनसंवाद और तकनीक के माध्यम से आमजन तक पहुँचाया गया है। बैठक का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम पर विशेष प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलोगे इंडिया, जीतोगे इंडिया’ मंत्र को उद्धृत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने इसे धरातल पर साकार किया है। बस्तर ओलंपिक अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति बन चुका है — जिसने युवाओं के हाथों से बंदूकें छीनकर गेंद, भाला और तीर थमा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों से 1.65 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीन चरणों — विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित यह प्रतियोगिता 11 पारंपरिक खेलों जैसे तीरंदाजी, खो-खो, कबड्डी, दौड़, रस्साकसी आदि पर केंद्रित थी। चार श्रेणियों — जूनियर, सीनियर, महिला और दिव्यांग — में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। मुख्यमंत्री साय ने दोरनापाल के पुनेन सन्ना का उदाहरण साझा किया, जो कभी नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र से थे, पर आज व्हीलचेयर दौड़ में पदक जीतकर पूरे समाज के लिए प्रेरणास्तंभ बन गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम उत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने न केवल आदिवासी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं को संरक्षित किया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय मंच भी प्रदान किया। इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों की 1,885 ग्राम पंचायतों के 1,743 सांस्कृतिक दलों और 47,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। लोकनृत्य, गीत-संगीत, हाट-बाजार, पकवान प्रतियोगिताएं जैसे विविध रंगों से सजा यह उत्सव बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक को जोड़ते हुए बस्तर की एकता, पहचान और विकास का प्रतीक बन गया। सरकार द्वारा 2.4 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस आयोजन ने उत्सव और खेल के माध्यम से सकारात्मक भविष्य की नई चेतना जगाई है। बैठक में जिन राज्यों को अपनी योजनाओं के प्रस्तुतीकरण का अवसर मिला, उनमें छत्तीसगढ़ का ‘बस्तर मॉडल’ बेहद प्रभावशाली रहा।जनभागीदारी, संस्कृति और विकास के इस अनोखे मेल ने सभी को प्रभावित किया। बैठक में सुझाव दिया गया कि जनभागीदारी व सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित ऐसे मॉडल्स को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन पहलों को अनुकरणीय बताते हुए सुझाव दिया कि ऐसे नवाचार, जो समाज की जड़ों से जुड़ते हों और विकास की दिशा तय करते हों, उन्हें  विस्तार दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के ‘बस्तर मॉडल’ को जिस तरह सराहा गया, उसने यह स्पष्ट किया कि जनसहभागिता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास के समन्वय से किस तरह दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है। recent visitors 48

मुख्यमंत्री संगमा गांव के दौरे पर थे, तो अचानक स्थानीय स्कूल में रूककर बच्चों से बातचीत के दौरान सिखाया गिटार बजाना

मेघालय मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक छात्र को गिटार के कॉर्ड्स सिखाते नजर आ रहे हैं. म्यूजिक में दिलचस्पी रखने वाले संगमा का यह सरल और मानवीय रूप लोगों को बेहद पसंद आ रहा है. वीडियो देखकर लोग उनकी भर-भर के तारीफ कर रहे हैं. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक छात्र को गिटार के कॉर्ड्स सिखाते नजर आ रहे हैं. म्यूजिक में दिलचस्पी रखने वाले संगमा का यह सरल और मानवीय रूप लोगों को बेहद पसंद आ रहा है. वीडियो देखकर लोग उनकी भर-भर के तारीफ कर रहे हैं. घटना मेघालय के री-भोई जिले के जिरांग विधानसभा क्षेत्र के पाहमजुला गांव की है. मुख्यमंत्री संगमा जब इस गांव के दौरे पर थे, तो उन्होंने अचानक एक स्थानीय स्कूल का रुख किया. वहां बच्चों से बातचीत के दौरान उनकी नजर एक ऐसे छात्र पर पड़ी, जो गिटार बजाने की कोशिश कर रहा था लेकिन कॉर्ड्स को सही तरीके से पकड़ नहीं पा रहा था. ये देखकर मुख्यमंत्री संगमा खुद छात्र के पास पहुंचे और उसकी मदद करने लगे. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में मुख्यमंत्री संगमा छात्र को गिटार के कॉर्ड्स पकड़ने का तरीका समझाते हुए दिख रहे हैं. उन्होंने कॉर्ड पैटर्न भी डेमो करके बताए और छात्र को सहजता से गाइड किया.   सोशल मीडिया पर हो रही है तारीफ वीडियो शेयर करते हुए संगमा ने लिखा, जिरांग के नोंगस्पुंग-ए गांव में एक छात्र गिटार बजाने की कोशिश कर रहा था, इसलिए मैंने वहां के स्कूल को एक गिटार भेंट किया। वह अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन मुझे विश्वास है कि जब उनके नए स्कूल भवन का उद्घाटन होगा, तब वह अच्छे से गिटार बजा पाएगा. मुख्यमंत्री संगमा का यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर उन्हें काफी तारीफ भी हो रहा है.लोगों ने मुख्यमंत्री के बारे में कहा ऐसा अपनापन और सहजता बहुत कम नेताओं में देखने को मिलती है. कई लोगों ने लिखा कि संगीत और शिक्षा से जुड़ाव दिखाकर मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित किया है. वीडियो को हजारों लोगों ने लाइक और शेयर किया. सोशल मीडिया पर ये वीडियो देखकर लोगों ने कहा कैसे एक नेता बच्चों के सपनों को आकार देने में भूमिका निभा सकता है.   recent visitors 56

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट-आतंकवाद विरोधी प्रयासों के बीच पाकिस्तान अपने परमाणु जखीरे का आधुनिकीकरण कर रहा

वाशिंगटन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम करते हुए पड़ोसी देश को मुंहतोड़ जवाब दिया है. लेकिन इस जंग में एक बात खुलकर सामने आई है कि पाकिस्तान को पीछे से चीन और तुर्की जैसे देशों का समर्थन हासिल है. अब अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन को भारत अपना प्रमुख सामरिक प्रतिद्वंद्वी मानता है, जबकि पाकिस्तान को एक ऐसी सुरक्षा समस्या के तौर पर देखता है जिसपर काबू पाना जरूरी है. क्षेत्रीय तनाव कायम रहने की आशंका चीन लगातार पाकिस्तान समेत बाकी पड़ोसी देशों में आर्थिक और सैन्य निवेश करके एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है. अमेरिकी रिपोर्ट में यह बताया गया कि आने वाले साल में पाकिस्तान की सेना की शीर्ष प्राथमिकताओं में क्षेत्रीय पड़ोसियों के साथ सीमा पार झड़पें शामिल रहेंगी. भारत के साथ सीमावर्ती तनाव, आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियां और कश्मीर को लेकर आक्रामक बयानबाजी इस पॉलिसी का हिस्सा हैं. भारत पहले ही कई मौकों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और नियंत्रण रेखा (LoC) पर संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चिंता जता चुका है. सीमा पर भारतीय जवान अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूच राष्ट्रवादी उग्रवादियों के बढ़ते हमले, आतंकवाद विरोधी प्रयासों के बीच पाकिस्तान अपने परमाणु जखीरे का आधुनिकीकरण कर रहा है. पिछले साल के दौरान पाकिस्तान के डेली ऑपरेशन के बावजूद, आतंकवादियों ने 2,500 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी. परमाणु जखीरे को आधुनिक बना रहा पाक पाकिस्तान, भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है और वह भारत की पारंपरिक सैन्य क्षमता का मुकाबला करने के लिए अपने परमाणु हथियारों को विकसित करने के अलावा उनके मॉडर्नाइजेशन की कोशिशें जारी रखेगा. पाकिस्तान अपने परमाणु जखीरे को आधुनिक बनाने पर काम कर रहा है और अपनी न्यूक्लियर आर्सनल और परमाणु कमान की सुरक्षा को पुख्ता कर रहा है. भारत के खिलाफ पाकिस्तान को चीन की मदद हासिल है और पाकिस्तान मुख्य रूप से चीन के आर्थिक और सैन्य निवेश का लाभार्थी है. पाकिस्तानी सेना हर साल चीन की पीएलए के साथ कई संयुक्त सैन्य अभ्यास करती है, जिसमें नवंबर 2024 में पूरा होने वाला एक नई एयर एक्सरसाइज भी शामिल है. पाकिस्तान के WMD प्रोग्राम का समर्थन करने वाली विदेशी साजो-सामान और तकनीक मुख्य रूप से चीन के सप्लायर्स से ही मिलती है और कभी-कभी हांगकांग, सिंगापुर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इसमें मदद करते हैं. पाकिस्तान में चीन का निवेश रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले चीनी श्रमिकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले देशों के बीच टकराव का मुद्दा बनकर उभरे हैं. साल 2024 में पाकिस्तान में सात चीनी नागरिक मारे गए थे. पाकिस्तान और ईरान ने सीमा पार आतंकवादी हमलों के जवाब में जनवरी 2024 में दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के क्षेत्र पर एकतरफा हवाई हमले किए जाने के बाद तनाव कम करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकों सहित कई कदम उठाए हैं. सितंबर 2024 में, तालिबान और पाकिस्तानी सीमा बलों के बीच सीमा चौकियों के पास झड़प हुई, जिसमें आठ तालिबान लड़ाके मारे गए. मार्च 2025 में, पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान ने एक-दूसरे के क्षेत्र पर हवाई हमले किए, जिनमें से दोनों ने एक-दूसरे के कथित टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया. सहभागिता बढ़ाने पर भारत का फोकस भारत, चीन के प्रभाव को संतुलित करने और वैश्विक नेतृत्व भूमिका को मजबूत करने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा साझेदारियों को प्राथमिकता दे रहा है, जिसके अंतर्गत सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, हथियार बिक्री और सूचनाओं का आदान-प्रदान शामिल है. भारत ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में त्रिपक्षीय सहभागिता भी बढ़ाई है. साथ ही 'क्वाड', ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ASEAN जैसे बहुपक्षीय मंचों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है. अक्टूबर 2024 के अंत में, भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में विवादित वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दो जगहों से सेना हटाने के लिए एक समझौते पर पहुंचे. इस वापसी से सीमा सीमा को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान तो नहीं हुआ, लेकिन 2020 की घटना के बाद कुछ तनाव जरूर कम हुआ, जब LAC पर झड़प में दोनों पक्षों के सैनिक मारे गए थे. मेक इन इंडिया की ताकत भारत निश्चित रूप से इस साल भी अपनी 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देगा, ताकि घरेलू रक्षा उद्योग को सशक्त किया जा सके और सप्लाई चेन की चिंताओं को कम किया जा सके. भारत ने 2024 में अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण को जारी रखा. भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-I प्राइम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) और अग्नि-V मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) का परीक्षण किया. इसके साथ ही भारत ने अपनी दूसरी परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बी को भी नौसेना में शामिल किया, जिससे उसकी न्यूक्लियर ट्रायड को मजबूती मिली है.   recent visitors 55

‘हार्वर्ड के पास ₹4 अरब से ज्यादा फंड’, ट्रंप के तेवर गरम, मांगी 31% स्टूडेंट्स की डिटेल्स, अमेरिकी कोर्ट की रोक के बाद बोला हमला

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर हमला बोला है. ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में में पढ़ रहे लगभग 31 फीसदी विदेशी छात्रों की डिटेल्स मांगी है. यह तब है जबकि शुक्रवार को एक अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप प्रसाशन के कदम पर अस्थायी रोक लगाई थी. इसके बाद ट्रंप के बयान ने अमेरिका में हायर एजुकेशन और इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी शामिल हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि हार्वर्ड में पढ़ने वाले लगभग 31% छात्र विदेशी हैं और यूनिवर्सिटी इन छात्रों की जानकारी देने में टालमटोल कर रही है. उन्होंने लिखा, "हार्वर्ड यह क्यों नहीं कह रहा है कि उनके लगभग 31% स्टूडेंट्स विदेशी देशों से हैं और फिर भी वे देश, जिनमें से कुछ संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए बिल्कुल भी फ्रेंडली नहीं हैं, वे अपने छात्रों की शिक्षा के लिए कुछ भी भुगतान नहीं करते हैं और न ही वे कभी ऐसा करने का इरादा रखते हैं." ट्रंप ने आगे लिखा, "हम जानना चाहते हैं कि वे विदेशी छात्र कौन हैं, यह एक उचित अनुरोध है क्योंकि हम हार्वर्ड को अरबों डॉलर देते हैं, लेकिन हार्वर्ड बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है. हम उन नामों और देशों को जानना चाहते हैं. हार्वर्ड के पास $52,000,000 (भारतीय रुपयों में चार अरब से ज्यादा फंड) हैं, इसका इस्तेमाल करें और फेडरेल गवर्नमेंट से आपको पैसे देना जारी रखने के लिए कहना बंद करें!" विवाद की शुरुआत: हार्वर्ड पर क्या हैं आरोप? ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (SEVP) सर्टिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया. इस सर्टिफिकेशन के बिना, हार्वर्ड नए विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता और वर्तमान में पढ़ रहे लगभग 7,000 विदेशी छात्रों को दूसरी यूनिवर्सिटीज में ट्रांसफर करना होगा, वरना उनका वीजा स्टेटस खतरे में पड़ जाएगा. होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने हार्वर्ड पर "हिंसा, यहूदी-विरोधी भावना, और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ समन्वय" को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. नोएम ने कहा कि यह एक "चेतावनी" है कि सभी यूनिवर्सिटीज को कानून का पालन करना होगा और यह विदेशी छात्रों को दाखिला देने का "विशेषाधिकार" है, न कि अधिकार. ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड के 2.2 बिलियन डॉलर के संघीय अनुदान और 450 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त फंड को फ्रीज कर दिया है. प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से डाइवर्सिटी, इक्विटी, और इन्क्लूजन (DEI) कार्यक्रमों को बंद करने, प्रवेश नीतियों में बदलाव करने, और मध्य पूर्व से संबंधित कुछ शैक्षणिक कार्यक्रमों की ऑडिट करने की मांग की थी, जिसे हार्वर्ड ने ठुकरा दिया. हार्वर्ड का जवाब और कानूनी कदम हार्वर्ड ने इस कदम को "गैरकानूनी" और "प्रतिशोधात्मक" करार देते हुए तुरंत बोस्टन की संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया. यूनिवर्सिटी ने अपनी शिकायत में कहा कि यह फैसला अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन, ड्यू प्रोसेस क्लॉज, और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिनियम का "खुला उल्लंघन" है. हार्वर्ड ने तर्क दिया कि इस कदम से यूनिवर्सिटी और इसके 7,000 से अधिक वीजा धारक छात्रों पर "तत्काल और विनाशकारी प्रभाव" पड़ेगा. हार्वर्ड ने कहा, "सरकार ने एक झटके में हार्वर्ड के छात्र समुदाय का एक-चौथाई हिस्सा, यानी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को, खत्म करने की कोशिश की है, जो यूनिवर्सिटी और इसके मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. बिना अंतरराष्ट्रीय छात्रों के, हार्वर्ड, हार्वर्ड नहीं." यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि 2024-2025 सत्र में इसके लगभग 6,800 अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं, जो कुल नामांकन का 27% हैं. ट्रंप के कदम पर कोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक शुक्रवार को, बोस्टन की जिला जज एलिसन बरोज ने ट्रंप प्रशासन के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी, ताकि इस मामले की पूरी सुनवाई हो सके. जज ने कहा कि हार्वर्ड को इस कदम से नुकसान हो सकता है. अगली सुनवाई 27 और 29 मई को निर्धारित की गई है.   recent visitors 139

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की उपलब्धियों का प्रधानमंत्री ने मन की बात में किया जिक्र

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी  ने  'मन  की  बात' की  122 वीं  कड़ी में आज फिर  दंतेवाड़ा जिले  की  उपलब्धियों  का  जिक्र  किया। प्रधानमंत्री मोदी  ने  कहा  कि  मन  की  बात  में  हम  बस्तर  ओलंपिक  और  माओवाद प्रभावित  क्षेत्रों  में साइंस  लैब  की  चर्चा  कर  चुके  हैं। यहां के बच्चों में साइंस का पेशन है।    स्पोर्ट्स में भी कमाल कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से पता चलता है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग कितने साहसी  होते हैं। इन्होंने तमाम चुनौतियों के बीच अपने  जीवन को बेहतर बनाने की  राह  चुनी है। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में दंतेवाड़ा जिले के नतीजे बहुत शानदार रहे। करीब 95 प्रतिशत के साथ यह जिला दसवीं के नतीजों में टॉप पर रहा। वहीं  12वीं की परीक्षा में छत्तीसगढ़ में छठा स्थान हासिल किया। सोचिए जिस दंतेवाड़ा जिले में  कभी  माओवाद चरम पर था, वहां आज  शिक्षा का परचम लहरा रहा है। ऐसे  बदलाव हम सभी को गर्व से भर देते हैं। recent visitors 52