कावेरी नदी पर सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर को जोडने वाले पुल को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी, प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली

खंडवा सिंहस्थ 2028 के लिए खंडवा स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में 500 करोड़ से भी ज्यादा के निर्माण कार्य होना है। इसमें प्रमुख रूप से तीन पुलों का निर्माण है, जिससे सिंहस्थ के दौरान क्राउड कंट्रोल मैनेजमेंट भी किया जाएगा। तीन में से एक पुल की तकनीकी स्वीकृति हो चुकी है, लेकिन मामला प्रशासकीय स्वीकृति में अटका हुआ है। वहीं, बचे हुए दो पुल में से एक को बजट में शामिल किया गया है, जबकि दूसरे पुल का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी सेतू निगम द्वारा भेजा गया है। 3 पुलों का होना है निर्माण सिंहस्थ के लिए जिन तीन पुलों का निर्माण होना है, उसमें प्रमुख रूप से कावेरी नदी पर सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर को जोडने वाले पुल (Siddhavarkut bridge) को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। पुल 400 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इस पुल से ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग तक 1260 मीटर लंबी सडक़ भी जोड़ी जाएगी। पुल की लागत 37.94 करोड़ रुपए है। पुल के टेंडर होने के बाद 24 माह में इसे पूरा करना होगा। निर्माण अवधि में वर्षाकाल का समय नहीं जोड़ा गया है। इस पुल से तीन माइनर ब्रिज भी जोड़े जाएंगे। वर्तमान में प्रशासकीय स्वीकृति मिल भी जाती है तो मानसून सीजन शुरू होने से पुल का निर्माण फिलहाल चार माह तक शुरू नहीं हो पाएगा। हल्के मोटर वाहन के लिए बनेगा वर्तमान में ओंकारेश्वर बांध से सिद्धवरकूट जाने का रास्ता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से यहां पर आवागमन बंद है। कावेरी नदी पर बनने वाले इस पुल के निर्माण से जैन तीर्थ सिद्धवरकूट और तीर्थनगरी जुड़ जाएगी और करीब 25 किमी का सफर कम हो जाएगा। वर्तमान में सिद्धवरकूट के लिए बड़वाह से होकर जाना पड़ता है। पहले इस पुल को पैदल पुल के रूप में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की मांग पर बाद में इसे लाइट मोटर व्हीकल पुल के रूप में स्वीकृति दी गई। इंदौर से आने वाले वाहन सीधे ओंकारेश्वर पहुंच सकेंगे। संभावना : सिंहस्थ 2028 में आएंगे 10 करोड़ से ज्यादा लोग सिंहस्थ 2028 के दौरान करीब 10 करोड़ श्रद्धालुओं के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में पुराना झूला पुल और नया झूला पुल दो ही मार्ग ज्योतिर्लिंग मंदिर तक जाने के लिए है। भीड़ को देखते हुए दो नए पुल भी मंदिर मार्ग के लिए नर्मदा नदी पर प्रस्तावित है। इसमें पुराने झूला पुल के समानांतर 320 मीटर लंबाई और चौड़ाई 4 मीटर है, जिसकी लागत 49.93 करोड़ रुपए है। ये पुल सिंहस्थ के लिए बजट में भी शामिल है। नए झूला पुल क पास भी एक पुल प्रस्तावित है। ये पुल मंदिर मार्ग को ब्रह्मपुरी घाट से जोड़ेगा। इस पुल की लंबाई 247 मीटर और चौड़ाई 4 मीटर है। पुल की अनुमानित लागत 37.28 करोड़ रुपए है। सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित इस पुल की अब तक तकनीकी स्वीकृति बाकी है। इसके अलावा तीन छोटे पुल भी बनाए जाने है। तकनीकी स्वीकृति मिली सेतु निगम एसडीओ विकास कनेश का कहना है कि सिद्धवरकूट-ओंकारेश्वर ब्रिज की तकनीकी स्वीकृति हमें मिल चुकी है। प्रशासकीय स्वीकृति होते ही इसके टेंडर चीफ इंजीनियर कार्यालय से जारी किए जाएंगे। टेंडर होने के बाद तुरंत ही पुल का काम शुरू कराया जाएगा। recent visitors 51

मध्यप्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 2197 पदों पर भर्ती, डॉक्टर्स के 718 पदों के लिए प्रक्रिया पूरी, जल्द होगा परीक्षा की तारीख का ऐलान

भोपाल प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों के 2197 पदों पर जून और जुलाई माह में भर्ती परीक्षाएं होंगी। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के 718 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लोक सेवा आयोग ने साल 2025 के लिए प्री एग्जाम करा लिए हैं। लेकिन जून में होने वाली मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों के लिए 2025 के अंत तक ही अंतिम परिणाम घोषित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिसम्बर 2024 में एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी बुलाई। ये ब्योरा पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल को भेजकर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लोक सेवा आयोग इंदौर ने 30 दिसम्बर 2024 से अब तक 64 विज्ञापन निकाले हैं। 3151 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। दैनिक भास्कर ने पीएससी द्वारा निकाले गए विज्ञापन के आधार पर परीक्षा तिथियों और रिक्त पदों की जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिस अनुपात में सरकार ने रिक्त पदों की भर्ती का दावा किया था, उस अनुपात में पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी नहीं हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री की बैठकें जारी, एग्जाम डेट पर निर्णय बाकी डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र कुमार शुक्ल पीएससी के माध्यम से होने वाली चिकित्सकों की भर्ती को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वे इसको लेकर मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मीटिंग करने के अलावा पीएससी के अफसरों के साथ भी बैठक कर चुके हैं लेकिन अब तक की जो स्थिति है, उसके अनुसार विभाग के रिक्त पदों को इस साल चिकित्सक स्टाफ मिल पाने की उम्मीद कम ही है। recent visitors 67

छिंदवाड़ा जिले के 13.45 लाख राशन हितग्राहियों में से आज तक 12.25 लाख हितग्राहियों की ईकेवायसी हुई

छिंदवाड़ा  प्रदेश सरकार की राशन हितग्राहियों पर लागू ईकेवायसी योजना से जिले भर में करीब 1.20 लाख लोगों के नाम हट जाएंगे। अब तक 90 फीसदी हितग्राहियों की ईकेवायसी कराने में खाद्य आपूर्ति विभाग सफल रहा है। शेष 10 फीसदी में ऐसे लोग शामिल है जो मृत हो चुके है या फिर शहर व गांव से पलायन कर गए हैं। फिर भी इन्हें एक और मौका 31 मई तक दिया गया है। पिछले दो माह से नगर निगम से लेकर पंचायत तथा खाद्य आपूर्ति विभाग में राशन हितग्राहियों की ईकेवायसी होती रही। छिंदवाड़ा जिले के 13.45 लाख राशन हितग्राहियों में से आज तक 12.25 लाख हितग्राहियों की ईकेवायसी हो चुकी है। शेष 1.20 लाख की आबादी की ईकेवायसी शेष है। इनमें से कुछ लोग मृत हो चुके है, नौकरी के चक्कर में पलायन कर चुुके है, कुछ घर से बाहर जा चुके हैं। इन लोगों के नाम अब राशन पोर्टल से अपने आप कट जाएंगे। इनके नाम से अब तक कुछ परिवार राशन ले रहे थे, उन्हें इससे वंचित होना पड़ेगा। अपात्रों के चक्कर में आठ माह से पर्ची बंद सरकार ने अपात्रों के चक्कर में आठ माह से पात्रता पर्ची जारी करना बंद कर दी है। इस समय छिंदवाड़ा-पांढुर्ना जिले में करीब 15 हजार से ज्यादा आवेदन पैंडिंग है। जब तक सर्वेक्षण में अपात्रों के नाम नहीं हटाए जाएंगे, तब तक पात्र हितग्राहियों के नाम नहीं जुड़ेंगे। दरअसल केन्द्र सरकार की ओर से मप्र में राशन का कोटा बढ़ाए जाने से मना कर दिया गया है। तीन बार बढ़ाई ईकेवायसी कराने की तिथि राज्य शासन ने राशन दुकानों से अपात्रों के नाम हटाने ईकेवायसी योजना लागू की। पहले इसकी अवधि 30 अप्रेल तय की थी। उसके बाद उसे 15 मई तक किया गया। अब इस तिथि को पुन: आगे बढ़ाते हुए 31 मई तक कर दिया गया है। राशन दुकानों से हटाए 18 हजार अपात्रों के नाम इधर, नगर निगम और पंचायतों की ओर से अब तक अपात्र 18473 लोगों के नाम हटा दिए हैं। आगे और भी हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले छिंदवाड़ा जिले की राशन दुकानों में प्राथमिक श्रेणी के करीब 13.62 लाख लोग रियायती अनाज पा रहे थे। उन्हें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल प्रति सदस्य के हिसाब से वितरण हो रहा था। अपात्रों के नाम हटाने से उनकी संख्या कम हो गई है। 16 तारीख तक थी राशन वितरण में समस्या इस माह मई की 16 तारीख तक राशन वितरण में समस्या थी। इसके चलते राशन दुकानें नहीं खुल पाई। इसका कारण यहीं ईकेवायसी थी। फिलहाल 91 फीसदी राशन दुकानों में रियायती अनाज वितरण शुरू हो गया है। अब अगले माह से सरकार स्मार्ट राशन वितरण प्रारंभ करने जा रही है। जिसमें राशन दुकानों की पीएसओ मशीन में जिस व्यक्ति का नाम होगा, उसे ही रियायती अनाज दिया जाएगा। इनका कहना है… जिले की राशन दुकानों के हितग्राहियों की 90 फीसदी ईकेवायसी हो गई है। करीब 1.20 लाख लोग अभी भी ईकेवायसी नहीं करा पाए है। उन्हें 31 मई तक एक और मौक ा दिया गया है। इसी तरह अब तक 18473 अपात्र नाम हटाए गए हैं। -गंगा कुमरे,जिला आपूर्ति अधिकारी। recent visitors 65

ओंकारेश्वर में 126 हेक्टेयर में 4 चरण में एकात्म धाम बन रहा, दिखेंगी ये 7 विशेषताएं

खंडवा आचार्य शंकर ने जिस अद्वैत वेदांत का सिद्धांत देकर आत्मा और बह्म के बीच भेद को पाटने का काम किया, उसी का केंद्र बिंदु ओंकारेश्वर अब प्रकृति संरक्षण के सिद्धांत को दोहराने जा रहा है। मोहन सरकार ने 2195 करोड़ के जिस अद्वैत लोक के निर्माण को मंजूरी दी, वह गृह रेटिंग स्टार कॉन्सेप्ट के आधार पर बनेगा। इसमें जीरो वेस्ट पद्धति लागू की जाएगी। इस लोक में उपयोग हर सामग्री अपशिष्ट के रूप में प्रकृति और दुनिया के लिए खतरा पैदा नहीं करेगी। इन सुविधाओं से होगा लैस मठ-मंदिरों के भवनों, कॉरिडोर, परिसरों की डिजाइन ऐसी होगी कि अंदर बिजली की कम जरूरत पड़ेगी। जहां जरूरत होगी, वहां सौर ऊर्जा का प्रयोग होगा। इसके पीछे दुनिया के लिए चुनौती पैदा कर रहे थर्मल पावर प्लांटों में पैदा होने वाली कम से कम बिजली का उपयोग करना है। निर्माण कार्यों में पर्यावरण अनुकूल सामग्रियां उपयोग होंगी। नर्मदा के दोनों तट पर भगवान शिव, वेदव्यास से लेकर सम-सामयिक संतों की मूर्तियां लगेंगी। उनके दर्शन के लिए अद्वैत नौका विहार की सुविधा होगी। सबसे छोटी यात्रा 15 मिनट की होगी। एकात्म धाम का होगा हिस्सा ओंकारेश्वर में 126 हेक्टेयर में 4 चरण में एकात्म धाम (Ekatma Dham) बन रहा है। पहले चरण का काम 90% हो चुका है। एकात्मता की मूर्ति, अद्वैत लोक, वेदांत संस्थान, सूचना केंद्र व शंकर निलमय परिसर सहित कुल 4000 करोड़ खर्च होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व मंत्रियों ने इंदौर की कैबिनेट बैठक में इस लोक को स्वीकृति देते समय तय किया कि ओंकारेश्वर वर्षों से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, यहां से दुनिया भर में प्रकृति संरक्षण का संदेश भी जाना चाहिए। इंजीनियरों को लोक के सभी कामों में नर्मदा नदी व प्रकृति के संरक्षण का खास ध्यान रखने को कहा है। दिखेंगी ये 7 विशेषताएं     7 डायोरमा : आचार्य शंकर के चरित्र का रोबोटिक्स सहित नएमाध्यम से प्रदर्शन।     माया (3 डी डोम प्रोजेक्शन गैलरी) सृष्टि की उत्पत्ति, लय एवं विनाश का डोम प्रोजेक्शन से प्रदर्शन।     हाई स्क्रीन थिएटर आचार्य शंकर के जीवन पर फिल्म प्रदर्शन के लिए 500 की क्षमता का थिएटर बनेगा।     प्रादर्श वीथिकाएं सनातन के आयामों के प्रादर्श, विभिन्न शैलियां बताती कला वीथिका, शक्ति और संन्यास गैलरी     ध्यान केंद्र: श्रवण, मनन, निधिध्यासन पर आधारित ध्यान केंद्र बनेगा।     अन्नपूर्णा : राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों को परोसे जाने की सुविधा।     लेजर लाइट-वाटर शो वेदांत की कथाओं पर शो। recent visitors 59

अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर भोपाल आ रहे PM मोदी, महिलाएं संभालेगी सुरक्षा, मंच संचालन तक सारी जिम्मेदारी महिलाओं की होगी

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। पीएम मोदी 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को संबोधित करेंगे। महिलाओं के महाकुंभ की खासियत यह होगी कि पहली बार कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच संचालन तक सभी व्यवस्थाएं महिलाओं के ही हाथों में होंगी। कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाएं और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने गुरुवार को कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की। पांच किमी के दायरेमें ड्रोन प्रतिबंधित भोपाल पुलिस और एसपीजी ने प्लान बनाना शुरू कर दिया है। पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के निर्देशों के तहत होगी। कार्यक्रम स्थल को एसपीजी अपने घेरे में लेगी। पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। शहर के बाहरी इलाकों से आने वालों की जांच की जा रही है, वहीं होटल और लॉज की भी चेकिंग हो रही है। अब तक की जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोपाल में 1 घंटे का कार्यक्रम रहेगा। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद उपजे तनाव से सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। सम्मेलन की खास बात यह होगी कि पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक, मीडिया और सुरक्षा तक का जिम्मा महिलाएं ही संभालेंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए 3000 जवान तैनात रहेंगे। महिला सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम आपको बता दें कि देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के मौके पर जंबूरी मैदान में महिला सम्मेलन किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी करीब एक लाख महिलाओं को संबोधित करेंगे। यह देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम चॉक चौबंद कर दिए हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने इसका नेतृत्व संभाल लिया है। पीएम के आगमन की ऐसी है तैयारी पीएम कए आगमन के चलते भोपाल शहर के सभी आउटर नाकों को सील कर दिया गया है। इन वाहनों की सख्त जांच के बाद ही शहर की सीमा में आने दिया जा रहा है। भोपाल की सभी होटल, लॉज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह पता किया जा रहा है कि मोदी की यात्रा के दौरान कोई अपराधी किस्म का व्यक्ति या अनजान आदमी यहां न ठहर सके। बाहरी व्यक्तियों और किराएदारों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। यह जिम्मा भी महिला अफसरों को पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपी जाएगी। खास बात यह है कि ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी महिला पुलिस के पास होगी। मंच का संचालन, अतिथियों का स्वागत और कार्यक्रम प्रबंधन महिलाएं ही करेंगी। पहली बार महिलाओं को सौंपे गए सभी दायित्व भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित इस महिला सम्मेलन को महिलाओं के महाकुंभ (Women’s MahaKumbh) के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 2 लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर मंच संचालन, ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा प्रबंधन और अतिथि सत्कार की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों और स्वयंसेवियों को दी गई है। पीएम मोदी का एक घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक घंटे तक इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को साझा करेंगे। वे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी कर सकते हैं। महिलाओं के लिए, महिलाओं के द्वारा SPG और भोपाल पुलिस का विशेष प्लान भोपाल पुलिस और एसपीजी (SPG) ने कार्यक्रम के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई है। कार्यक्रम स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित (Drone Ban in 5 KM Radius) रहेंगी। होटल, लॉज और बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की भी गहन जांच की जा रही है। महिला पुलिस का नेतृत्व करीब 3 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे, जिनमें से बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन जैसे प्रमुख कार्यों में महिला अफसरों को नेतृत्व (Women-led Security Management) की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण     2 लाख से अधिक महिलाओं की उपस्थिति     डाक टिकट और सिक्के का विमोचन     महिला सशक्तिकरण योजनाओं की प्रस्तुति     बीजेपी का “विकास-विरासत” जनजागरण अभियान   आदेश के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई ड्रोन, हॉट एयर बॅलून व फ्लाइंग ऑब्जेक्ट उड़ाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होगा महिलाओं का अभिनंदन सम्मेलन में 2 लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल होने की संभावना है। इस दौरान राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी। डाक टिकट, सिक्के का होगा विमोचन पीएम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट व सिक्के का विमोचन कर सकते हैं। बीजेपी चलाएगी जनजागरण अभियान बीजेपी 21 से 31 मई तक विकास, विरासत अभियान चलाएगी। इसमें देवी अहिल्या बाई के जीवन मूल्यों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। recent visitors 71

इंदौर : रिंग रोड बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा, 48 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता

 इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा। सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। करेंगे राशि जमा सड़क निर्माण का काम     अगले कुछ महीनों में शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर बजट आवंटित होगा। वैसे वनभूमि को लेकर प्रस्ताव वन विभाग की पर्यावरण समिति को भेजा है। पर्यावरण व वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पौधोरोपण को लेकर राशि जमा करेंगे। – सुमेश बांझल प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई   recent visitors 79

स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का गांव जल्द ही पर्यटन के राष्ट्रीय मैप का हिस्सा बनेगा

मुंबई/नाशिक  अगर सबकुछ ठीक रहा है तो जल्द ही वीर सावरकर का पैतृक गांव जल्द की पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र में शामिल हो जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्कीम के तहत देश के 103 स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसमें वीर सावरकर के गांव के सबसे नजदीक पड़ने वाले देवलाली रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसका विकास सेंट्रल रेलवे की तरफ से किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने इस स्टेशन के पहले और अब की तस्वीरें भी साझा की हैं। इस रेलवे स्टेशन से सावरकर का भगूर गांव सिर्फ तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन के पुनर्निर्माण के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आने वाले दिनों में वीर सावरकर का गांव पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर आ सकता है। महाराष्ट्र में कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों वीर सावरकर के पक्ष में खड़े होते रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धा में वीर सावरकर से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे थे तब उन्होंने वहां एक पुस्तिका का विमाेचन किया था। बीजेपी के लिए सबसे बड़े नायक बीजेपी स्वातंत्र्य वीर सावरकर को सबसे बड़ा नायक मानती है। इतना ही नहीं वह भाजपा के लिए हिंदू केंद्रित राजनीति के भी प्रतीक हैं। बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वीर सावरकर को भारत का पहला आजादी पुरुष भी कहती आई है। देवलाली स्टेशन महाराष्ट्र के नासिक जिले में आता है। ऐसे माना जा रहा है कि वीर सावरकर के गांव भगूर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए ही सबसे नजदीक के स्टेशन का कायाकल्प किया गया है ताकि वीर सावरकर के गांव तक लोग आसानी से पहुंच सकें। महाराष्ट्र में बीजेप के सहयोगी शिंदे की सेना वीर सावरकर के मुद्दे पर साथ है। इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के भी विरोध कर पाने की गुंजाइश नहीं है। अगर वीर सावरकर का गांव पर्यटक के मैप पर चमकता है तो इससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी कई बार वीर सावरकर के मुद्दे पर कड़ा और आक्रामक स्टैंड भी ले चुकी है। अब आगे क्या है तैयारी? सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इस स्टेशन पर कुछ और रेलगाड़ियों के ठहराव की योजना पर विचार कर रहा है। जिससे नाशिक आने वाले पर्यटक और अन्य लोग नाशिक से एक स्टेशन पहले देवलाली रेलवे स्टेशन पर ही उतरकर वीर सावरकर का गांव भी देख पाएं। इसके लिए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को रेलवे स्टेशन से भगूर तक आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर करने की सलाह भी दी है। केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के कारण बीजेपी को लगता है कि अगले कुछ सालों में भगूर गांव को पर्यटन में आगे किया जा सकता है। भगूर गांव नासिक से 22 किलोमीटर की दूरी पर है। recent visitors 61