रायपुर : 24 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कृषि उद्यमी प्रमाण पत्र वितरित

रायपुर : 24 आत्मसमर्पित नक्सलियों को कृषि उद्यमी प्रमाण पत्र वितरित प्रशासन द्वारा समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की अपील रायपुर राज्य शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था कायम रखने और पुनर्वास की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस हेतु सुकमा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में 24 आत्मसमर्पित नक्सलियों को भारतीय स्टेट बैंक एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सुकमा द्वारा 13 दिवसीय कृषि उद्यमी का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि से सम्बंधित प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र एवं संस्थान में सब्जी नर्सरी, धान की खेती, डेयरी, मुर्गीपालन, बकरी पालन, मछली पालन आदि का प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। इसके साथ ही ओम प्रकाश साहू फैकल्टी के द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम सम्बंधित प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। प्रशिक्षण उपरांत अरुण कुमार सोनी स्टेट कंट्रोलर के निर्देशन में सभी कैंडिडेट्स का असेसमेंट किया गया। असेसमेंट में सभी कैंडिडेटस पास हुए एवं उन्हें कलेक्टर के द्वारा उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कलेक्टर धुव के द्वारा समस्त आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में जुड़ने हेतु आग्रह किया गया। प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में लाइवलीहुड कॉलेज के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 57

अगर एप्पल आईफोन को अमेरिका के अलावा किसी और देश में बनाता है तो लगेगा 25% टैक्स: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल को धमकी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर एप्पल आईफोन को अमेरिका के अलावा किसी और देश में बनाता है तो उसको 25 प्रतिशत का आयात शुल्क देना होगा। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने Apple Inc. के टिम कुक से भारत में प्लांट्स बनाने को बंद करने को कहा है। यूएस प्रेसिडेंट ने क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मैंने बहुत पहले ही एप्पल के टिम कुक को सूचित कर दिया था कि मुझे उम्मीद है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचे जाने वाले उनके आईफोन का निर्माण संयुक्त राज्य अमेरिका में होगा। किसी और देश में वह आईफोन का निर्माण ना करें। आगे अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर एप्पल ऐसा नहीं करता है कि एप्पल को अमेरिका को कम से कम 25% टैरिफ का भुगतान करना होगा। ट्रंप के फैसले का हो सकता है गहरा असर डोनाल्ड ट्रंप अगर ये फैसला लेते हैं तो अमेरिका में आईफोन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा एप्पल के मुनाफे पर भी इस फैसले का गहरा असर पड़ सकती है। एप्पल भी अब उन कंपनियों में शामिल हो गई, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर है। recent visitors 56

मध्यप्रदेश पेंचक सिलाट खिलाड़ी अजय कालिया और महेन्द्र स्वामी ने जीते 1-1 स्वर्ण पदक

प्रथम खेलो इण्डिया बीच गेम्स दमन-दीव में मध्यप्रदेश पेंचक सिलाट खिलाड़ी अजय कालिया और महेन्द्र स्वामी ने जीते 1-1 स्वर्ण पदक खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई भोपाल भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा देश में पहली बार प्रथम खेलो इण्डिया बीच गेम्स का आयोजन घोघला द्वीप में किया जा रहा है। जिसमें मध्यप्रदेश के 39 खिलाड़ी और 11 आफिशियल्स सहित कुल 50 सदस्यीय दल प्रतिभागिता कर रहे है। मध्यप्रदेश के पेंचक सिलाट खिलाड़ियों ने अब तक 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक अर्जित किये है। शुक्रवार को आयोजित पेंचक सिलाट के टेण्डिंग (फाइट) इवेन्ट में मध्यप्रदेश के अजय और महेन्द्र ने 1-1 स्वर्ण पदक जीते हैं। मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों स्वर्ण पदक विजेताओं अजय और महेन्द्र को बधाई दी है। उन्होंने पेंचक सिलाट में 5 पदक अर्जित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। आज पेंचक सिलाट के परिणाम – 2 स्वर्ण फाइट (टेण्डिंग) 70 से 75 किग्रा बालक व्यक्तिग इवेन्ट मध्यप्रदेश – अजय कैला, स्वर्ण पदक, अंडमान निकोबार – एम लोगार्जुन – रजत पदक, हवेली दमन एवं द्वीप – हंसदा आकाश कांस्य पदक फाइट (टेण्डिंग) 85 से 90 किग्रा. बालक व्यक्तिग स्पर्धा:- मध्यप्रदेश- महेन्द्र स्वामी स्वर्ण पदक, जम्मू एण्ड कश्मीर – जिब्रान मकसूद रजत पदक, उडीसा – रूद्र प्रताप संदगी कांस्य पदक। प्रथम खेलो इण्डिया बीच गेम्स के खेलो का विवरण प्रथम खेलो इण्डिया बीच गेम्स में कुल 8 खेल शामिल है। इनमें – सेपक ताक्रो, 2. पेंचक सिलाट, 3. बीच कबड्डी, 4. ओपन वॉटर स्विमिंग, 5. बीच व्हॉलीबाल 6. बीच सॉकर 7. मल्लखम्ब और 8.टग आफ वार डेमो स्पोर्ट्स के रूप में शामिल हैं। उल्लेखनीय है बीच खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने पेंचक सिलाट में 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं। मलखम्ब में 1 स्वर्ण 1 रजत पदक सहित कुल 2 पदक अर्जित किये है। मलखम्ब डेमो खेल होने से पदक तालिका में शामिल नही किया गया है।   recent visitors 57

27 मई को होगी आरयूएचएस सीयूईटी की परीक्षा, प्रवेश पत्र जारी

जयपुर राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने कॉमन अंडरग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (CUET) 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। बीएससी, बीपीटी, बी.फार्मा और डीफार्मा जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकृत उम्मीदवार अब अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट ruhsraj.org और ruhscuet2025.com से डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा तिथि और समय आरयूएचएस सीयूईटी 2025 परीक्षा का आयोजन 27 मई, 2025 को ऑफलाइन मोड में किया जाएगा, और यह परीक्षा विशेष रूप से जयपुर में आयोजित होगी। परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों से संबंधित कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें हल करने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड तुरंत डाउनलोड करें और उसमें दिए गए सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य है। एडमिट कार्ड पर उल्लिखित विवरण अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आरयूएचएस सीयूईटी 2025 के एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी विवरणों को ध्यानपूर्वक सत्यापित कर लें। इसमें उम्मीदवार का नाम, जन्म तिथि, आवेदन आईडी/फॉर्म नंबर, श्रेणी (वर्ग), परीक्षा केंद्र का नाम व पता, रिपोर्टिंग समय, परीक्षा समय, साथ ही उम्मीदवार का फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं। यदि एडमिट कार्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति या गलती पाई जाती है, तो तुरंत सुधार के लिए RUHS से संपर्क करें। परीक्षा दिवस के निर्देश     एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से साथ लेकर जाएं।     परीक्षा केंद्र पर निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले पहुंचना सुनिश्चित करें।     एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उनका पालन करें।     परीक्षा के दौरान सभी नियमों और दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।     साथ में एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) भी अवश्य ले जाएं।   recent visitors 71

डब्ल्यूटीसी फाइनल में मैच रैफरी की भूमिका में भारत की मौजूदगी दर्ज कराएंगे जवागल श्रीनाथ

दुबई भारतीय टीम भले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में नहीं पहुंची हो, लेकिन इस मैच में भारत का कनेक्शन रहेगा। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ मैच रैफरी की भूमिका में भारत की मौजूदगी दर्ज कराएंगे। वहीं, नितिन मेनन चौथे अंपायर के तौर पर डब्ल्यूटीसी में डेब्यू करेंगे। इंग्लैंड के रिचर्ड इलिंगवर्थ और न्यूजीलैंड के क्रिस गाफाने लॉर्ड्स पर होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में मैदानी अंपायर होंगे। गौरतलब है कि डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया 11 से 15 जून तक पहली दफा फाइनल में पहुंची दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा।   रिचर्ड केटलबोरो होंगे टीवी अंपायर आईसीसी के कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के फाइनल में अंपायरिंग कर चुके इंग्लैंड के रिचर्ड केटलबोरो को टीवी अंपायर नियुक्त किया गया। वह डब्ल्यूटीसी 2021 फाइनल में भी इसी भूमिका में थे। मेनन 2021 में आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में टीवी अंपायर थे, उन्हें इस मुकाबले के लिए चौथा अंपायर बनाया गया है। इलिंगवर्थ तीनों डब्ल्यूटीसी फाइनल में मैदानी अंपायर के तौर पर इतिहास रचेंगे। भारतीय टीम पहले दो डब्ल्यूटीसी चक्र के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि वह दोनों ही बार फाइनल जीत नहीं पाई। फाइनल में उसका मुकाबला क्रमश: न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से था। जय शाह ने जताया भरोसा आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने नियुक्त अधिकारियों के अनुभव और योग्यता की सराहना की और उनके प्रदर्शन पर भरोसा व्यक्त किया। आईसीसी की विज्ञप्ति में शाह ने कहाकि हमें लॉर्ड्स में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए मैच अधिकारियों की एक अनुभवी टीम की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यह टीम दुनिया भर में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों के प्रतिस्पर्धी दो साल के चक्र का समापन है। इसके बाद नए डब्लूटीसी चक्र की शुरुआत होगी, जिसकी शुरुआत भारत-इंग्लैंड टेस्ट सिरीज से होगी। भारत इंग्लैंड दौरे पर एक युवा टीम के साथ जाएगा। इसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज नहीं होंगे।   recent visitors 68

शिवपुरी जिला मुख्यालय को कुछ महीनों में बड़ी सौगात मिलने वाली, शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में

शिवपुरी मध्यप्रदेश में जहां प्रमुख शहरों को मेट्रोपोलिटिन सिटी के रूप में डेवलप किया जा रहा है वहीं छोटे और मझौले शहरों का भी कायाकल्प किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश की कई पंचायतों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। 15 पंचायतों का नक्शा तो जल्द ही बदल जाएगा। यहां के गांव पंचायतों से निकलकर नगर निगम में आ जाएंगे। इन्हें शिवपुरी नगर निगम में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के अनुसार जिला मुख्यालय की नगर पालिका से नगर निगम बनने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जल्द ही कैबिनेट से पास होते ही सभी 15 पंचायतों के साथ शिवपुरी शहर को भी बड़ी सौगात मिलेगी। शिवपुरी जिला मुख्यालय को आगामी कुछ महीनों में ही यह बड़ी सौगात मिलने वाली है। शिवपुरी नपा को नगर निगम बनाने के लिए दो बार निरस्त होने के बाद कलेक्टर रविन्द्र चौधरी के माध्यम से संशोधित प्रस्ताव भोपाल स्थित नगरीय निकाय विभाग को भेज दिया गया है। तीसरी बार भेजे प्रस्ताव में 15 पंचायतों को जोड़ा गया है। नपा और जिला प्रशासन के अधिकारी बताते हैं कि प्रस्ताव को जल्द ही नगरीय निकाय विभाग से कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही शिवपुरी नगर निगम बन जाएगा। तीन साल पूर्व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसपर अभी तक अमल नहीं हो पाया। प्रशासनिक उदासीनता के फेर में इसके लिए प्रस्ताव बनाने में देरी हुई व कुछ कमियां भी रहीं। आबादी व क्षेत्रफल के हिसाब से शिवपुरी नगर पालिका को बहुत पहले ही नगर निगम का दर्जा मिल जाना चाहिए था। तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने नगर निगम बनाने के ठोस प्रयास शुरू किए। शुरुआती दो प्रस्तावों में कुछ ग्राम पंचायतों की सहमति न होने व दूरी अधिक होने के कारण प्रस्ताव भोपाल स्तर से निरस्त हो गए। इसके बाद नगर पालिका ने फिर इस प्रक्रिया को शुरू किया। जिन ग्राम पंचायतों की दूरी अधिक थी, उनको इस प्रस्ताव से हटाया तथा कुछ और बिंदुओं पर संशोधन किया। जो नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, उनमें सभी 15 ग्राम पंचायतों के अलावा हर शासकीय विभाग से सहमति पत्र लिया गया है। नगर निगम प्रस्ताव में झांसी रोड के वन ग्रामों को हटाया वर्तमान में नगर पालिका में 39 वार्ड हैं। नगर निगम बनते ही वार्डो की संख्या 50 से 50 के बीच हो जाएगी। इतना ही नहीं अभी नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ का पद है लेकिन नगर निगम बनते ही जनप्रतिनिधि के रूप में महापौर व सीएमओ की जगह आयुक्त का पद होगा। नगर पालिका का हर साल का करोड़ों का बजट नगर निगम बनते ही अरबों रुपए में होगा। इससे न केवल ज्यादा विकास कार्य हो पाएंगे, बल्कि जिन 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा उनका भी कायाकल्प हो जाएगा। इस बार जो प्रस्ताव बना है, उनमें झांसी रोड स्थित वन क्षेत्र के ग्रामों को हटा दिया गया है। जल्द ​मिलेगी शिवपुरी नगर निगम की सौगात नपा के सीएमओ इंशाक धाकड़ बताते हैं कि हमने भोपाल में वरिष्ठ कार्यालय को इस बार संशोधित प्रस्ताव भेजा है जिसमें शहरी क्षेत्र के अलावा 15 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। पूरी प्रक्रिया अब अंतिम चरणों में है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट से पास होने और शिवपुरी को नगर निगम की सौगात मिलने की उम्मीद है। इन ग्राम पंचायतों को जोड़ा नया प्रस्ताव 6 मई को भोपाल भेजा गया। इसमें 15 ग्राम पंचायतों चंदनपुरा, सिंहनिवास, नोहरीकलां, ठर्रा, दर्रोनी, ईटमा, पिपरसमा, रायश्री, सतेरिया, बांसखेड़ी, बड़ागांव, रातौर, पड़ोरा सडक़,सेंसई सडक़, वेंहटा को जोड़ा गया है। इन ग्राम पंचायतों में कुछ मंझरे भी शामिल हैं। 3 लाख से अधिक हुई आबादी बड़ी बात यह है कि अभी नगर पालिका क्षेत्र 86 वर्ग किमी में है जोकि नगर निगम होते ही 241 वर्ग किमी हो जाएगा। नगर निगम की अधिकतम सीमा 18 किमी तक होगी। प्रस्ताव में जो ग्राम पंचायतें जोड़ी गई हैं, वह ग्राम पंचायत शहर से 7 किमी से लेकर 16 किमी दूरी तक की है। प्रस्ताव में नगर निगम बनाने के लिए 3 लाख की आबादी भेजी गई है। हालांकि आबादी इससे अधिक हो चुकी है। recent visitors 45

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में

नई दिल्ली  भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में है। रिलायंस की नजर खासकर देश में के तेजी से बढ़ रह एमएफसीजी सेक्टर पर है। इसके लिए कंपनी एक खास रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस आम लोगों तक अपनी पहुंच बनाने पर है। इसके लिए एफएमसीजी सेक्टर में सस्ते प्रोडक्ट लाना चाहती है। दूसरी तरफ हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले और डाबर जैसी ज्यादातर कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान दे रही हैं। यानी वे महंगे प्रोडक्ट बेच रही हैं। ऐसे में रिलायंस को इस मार्केट में एक बड़ा मौका दिख रहा है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर टी कृष्णकुमार ने कहा कि उनकी नजर 60 करोड़ ग्राहकों पर है। कंपनी आस-पड़ोस की दुकानों के साथ मिलकर काम करेगी और उन्हें अच्छा मार्जिन देगी। कृष्णकुमार ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत की आबादी लगभग 1.4 अरब है। इसमें एक बड़ा मध्यम वर्ग है। लगभग 60 करोड़ ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके लिए हम अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाना चाहते हैं। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर किसी ने भी स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करने की कोशिश नहीं की है। रीजनल और लोकल कंपनियों ने कोशिश की, लेकिन वे टिक नहीं पाईं। कंपनी ने खरीदे 15 ब्रांड्स रिलायंस का कंज्यूमर बिजनस 2022 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में शुरू हुआ था। तबसे इसने 15 से ज्यादा ब्रांड खरीदे हैं। इनमें कैंपा सॉफ्ट ड्रिंक्स सबसे पहले थी। इसे 2022 में प्योर ड्रिंक्स लिमिटेड से लगभग 22 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। फिलहाल ज्यादातर ब्रांड कुछ ही बाजारों में उपलब्ध हैं। कैंपा के अलावा रिलायंस के पोर्टफोलियो में Sil जैम और स्प्रेड, लोटस चॉकलेट, टॉफमैन और रावलगांव जैसे कन्फेक्शनरी ब्रांड, एलन का बगल्स स्नैक्स, वेलवेट शैम्पू और इंडिपेंडेंस स्टेपल्स जैसे खुद के बनाए ब्रांड शामिल हैं। कृष्णकुमार ने कहा कि मार्च 2027 तक इस पोर्टफोलियो को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जाएगा। कंपनी का फोकस पेय पदार्थ और स्टेपल्स के अलावा कन्फेक्शनरी पर भी है। उन्होंने कहा, 'जब मैं कहता हूं कि हम स्केल अप कर रहे हैं, तो इसका मतलब कल नहीं है। किसी भी प्रोडक्ट को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए 24-30 महीने चाहिए, क्योंकि इससे कम समय में आप ठीक से काम नहीं कर सकते।' आगे का प्लान FY25 में RCPL ने 11,500 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जिसमें से 60% से ज्यादा जनरल ट्रेड से आया। कंपनी ने घोषणा की कि कैंपा और इंडिपेंडेंस दोनों ने बिक्री में 1,000 करोड़ रुपये और कुल मिलाकर 10 लाख दुकानों तक पहुंच हासिल की है। कृष्णकुमार ने कहा कि हमें एक सप्लाई चेन बनाने की जरूरत है। पिछले साल के अंत तक पेय पदार्थों और स्टेपल्स में हमारी बाजार हिस्सेदारी लगभग 20% थी। हमें मार्च 2026 तक इसे 60-70% तक ले जाना है। बाकी कैटेगरी में भी हम व्यवस्थित रूप से शुरुआत करेंगे।। सॉफ्ट ड्रिंक्स, चॉकलेट और डिटर्जेंट जैसी कैटेगरी में कंपनी ने सभी उत्पादों की कीमतें कोका-कोला, मोंडेलेज और HUL जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में 20-40% कम रखी हैं। रिलायंस की यह विस्तार योजना ऐसे समय में आई है, जब शहरों में आर्थिक मंदी है। पिछले पांच तिमाहियों में शहरों के उपभोक्ताओं ने बढ़ती खाद्य और ईंधन महंगाई के बीच गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की है। कृष्णकुमार ने कहा कि कंपनी ऑर्गेनिक ग्रोथ और एक्विजिशन का मिश्रण जारी रखेगी। लेकिन भारी लागत पर अधिग्रहण नहीं करेगी। recent visitors 68