भृत्य को 9 साल बाद फिर से मिलेगी नौकरी, जिला न्यायालय से हुआ अन्याय, हाईकोर्ट ने दिया न्याय

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया है. जिला न्यायालय बालोद में पदस्थ एक भृत्य ने अपनी शादी के लिए सात दिन का अवकाश लिया था, लेकिन वह दस दिन बाद काम पर लौटा. इस पर उसे अनाधिकृत अवकाश का हवाला देते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. नौ साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद भृत्य को आखिरकार हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली. हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय को आदेश दिया है कि उसे 50 प्रतिशत पिछला वेतन देते हुए पुनः सेवा में बहाल किया जाए. दरअसल, जिला न्यायालय बालोद में परीवीक्षा अवधि में भृत्य के पद पर राजेश देशमुख पदस्थ था. इस दौरान साल 2016 में उसकी शादी लग गई. घर में तैयारियां जारी थी, उसने अपनी शादी के लिए 7 दिन का अवकाश लिया. लेकिन शादी से लौटते हुए उसे देरी हो गई, अवकाश अवधि से 10 दिन बाद राजेश काम पर वापस आया. विभाग ने आरोप लगाया कि उसने अनाधिकृत रूप से अवकाश लिया है, जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. मुख्यालय से जारी नोटिस का राजेश ने जवाब भी दिया था, लेकिन इसपर असंतोष जताते हुए भृत्य सेवा से हटा दिया गया. पीड़ित ने प्रोबेशन में भी आरोपों की जांच और सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की. जस्टिस संजय श्याम अग्रवाल की बेंच में मामलें की सुनवाई हुई. याचिककर्ता की ओर से उसके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सिर्फ प्रोबेशन में रहने के कारण कर्मचारी को सेवा से हटाया नहीं जा सकता. प्रोबेशन पीरियड में रहने पर भी आरोप की विस्तृत जांच की जानी थी. बिना जांच के पद से हटाया नहीं जा सकता. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने देशमुख को 50 प्रतिशत पिछले वेतन के साथ सेवा में वापस लेने का जिला न्यायालय बालोद को निर्देश दिया. recent visitors 55

25 मई से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा , रोज 20-25 किमी चलेंगे

 विदिशा 'पांव पांव वाले भैया' और 'मामा' के नाम से मशहूर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करीब 25 साल बाद एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं. शिवराज यह पदयात्रा अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में निकालने वाले हैं. शिवराज सिंह चौहान की विदिशा संसदीय क्षेत्र में यह पदयात्रा 25 मई से शुरू होने वाली है, जिसमें वो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे. यह पदयात्रा विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में होगी, जो हफ्ते में दो दिन चलेगी. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान अधिकतम 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा करेंगे. पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में साल 1991 में पदयात्रा निकाली थी और पूरा संसदीय क्षेत्र नाप डाला था. तब उनका नाम 'पांव-पांव वाले भैया' पड़ गया था. शिवराज की विदिशा संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा 25 मई से, रोज 20-25 किमी चलेंगे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 मई से अपने विदिशा संसदीय क्षेत्र में ऐतिहासिक पदयात्रा प्रारंभ कर रहे हैं. यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यह पदयात्रा निरंतर चलेगी और प्रारंभ में विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में यात्रा निकलेगी. तत्पश्चात, देश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी शिवराज सिंह पदयात्रा निकालेंगे. शिवराज सिंह प्रतिदिन 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे. यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे. पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे. इस यात्रा के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारेंगे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की ओर अग्रसर है. मेरी पदयात्रा का उद्देश्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव, हर किसान, हर महिला सशक्त बने. इसके लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे. केंद्र की योजनाओं का प्रचार-प्रसार पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. लाभार्थियों से करेंगे प्रत्यक्ष संवाद शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. इसमें स्थानीय भागीदारी भी रहेगी. साथ ही, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल आदि को भी यात्रा में शामिल कर सबकी सहभागिता की जाएगी और योजनाओं के प्रभाव को व्यापक बनाया जाएगा. आगे की योजना अन्य क्षेत्रों की     विदिशा के बाद अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी इसी तरह की पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में विकास की नई गाथा लिखी जा सके.     यात्रा का होगा सामाजिक और आर्थिक प्रभाव     आत्मनिर्भर भारत मिशन को बल: कृषि, ग्रामीण उद्योग, महिला उद्यमिता, और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान.     गरीबीमुक्त गांव: केंद्र की योजनाओं के माध्यम से आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों का विस्तार.     महिला सशक्तिकरण: विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना.     युवाओं के लिए अवसर: स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना.   बहनों से मिलेंगे किसानों से करेंगे संवाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गांव लाडक़ुई से भैरूंदा तक दो दिवसीय पदयात्रा निकाल रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान यह उनकी पहली पदयात्रा होगी। इसके बाद वह देश के कई गांवो में जाकर यात्रा के माध्यम से किसानों, महिलाओं व युवाओं से सीधे जुड़ेगें। इस यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण सरंक्षण, जल सरंक्षण, उन्नत, जैविक व प्राकृतिक खेती, नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान, भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के प्रयास, वॉटर हार्वेस्टिंग को अपनाने, पॉलीथिन के उपयोग को कम करने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दो को अमलीय जामा पहनाकर आम लोगों को जागरूक करना है। इस दौरान वह ग्रामीणों को चौपाल के माध्यम से विकसित भारत में अपने योगदान को लेकर संकल्प भी दिलाएंगे। चौपाल के माध्यम से योजनाओं की जानेंगे हकीकत, ग्रामीणों से लेंगे फीडबैक उनकी यात्रा 25 मई को शाम 4 बजे लाडक़ुई से शुरु होगी। यहां पर वह प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, वन विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग योजना के संबंधित हितग्राहियों से संवाद करेंगे। इसके बाद वह पदयात्रा कर लाडक़ुई व भादाकुई के बीच पड़ने वाले खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें जैविक खेती को बढ़ावा देने, कीटनाशक एवं रासायनिक खाद का उपयोग कम करने, नरवाई नहीं जलाने का संकल्प दिलाएंगे। साथ ही उद्यानिकी एवं वाणिज्यिक खेती पर भी चर्चा करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे भादाकुई पहुंचकर चौपाल में शामिल होंगे और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत लाड़ली बहना व लखपति दीदी से संवाद … Read more

रायपुर-अंबिकापुर हाइवे पर भीषण हादसा, हाइवा से हाइवा की भिड़ंत, केबिन में फंसा चालक

कोरबा रायपुर-अंबिकापुर हाइवे पर शुक्रवार को दो हाइवा वाहनों के बीच भीषण हादसा हुआ. छुरी से बिलासपुर जा रही हाइवा सड़क किनारे खड़ी दूसरी हाइवा से टकरा गई. हादसे में घायल चालक अनीश पटेल केबिन के अंदर फंस गया, जिसे गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया. जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह तकरीबन 5 बजे के आसपास की बताई जा रही है. राखड़ से लोड ट्रेलर छुरी से बिलासपुर की ओर जा रही थी. इसी दौरान वह सड़क किनारे खड़ी हाइवा से जा भिड़ी. हादसे में ट्रेलर के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. वाहन चालक केबिन के भीतर ही फंस गया. वाहन चालक को चोटें आई है. दुर्घटना के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से सड़क जाम हो गया. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. कैबिन में फंसे चालक को गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया. recent visitors 44

घोसी में बारात से लौट रही तेज रफ्तार कार पुलिया से टकराकर खाई में जा गिरी, एक की मौत, चार बारातियों की हालत गंभीर

घोसी यूपी के मऊ में हंसी-खुशी के माहौल में बड़ा हादसा हुआ है। घोसी कोतवाली अन्तर्गत नगर क्षेत्र के जामडीह के समीप शुक्रवार की सुबह बारात से लौट रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पुलिया से टकराकर खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दूल्हे के भाई की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी भेजवाया। सभी चार लोगो की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजकर जांच में जुटी है। गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र के तिघरा गांव से गुरुवार को बलिया जिले के बेल्थरा में बारात गई थी। जहां बारात से एक कार में सवार तिघरा निवासी दो सगे भाई मदन तिवारी उम्र 18 वर्ष और विशु तिवारी उम्र 19 वर्ष पुत्र शशिभूषण तिवारी, किशन पांडे उम्र 30 वर्ष पुत्र दुर्गेश पांडे, चन्द्रमोल त्रिपाठी उम्र 38 वर्ष पुत्र कमलेश्वर त्रिपाठी और संदीप प्रजापति उम्र 30 वर्ष पुत्र दुर्गविजय वापस लौट रहे थे। घोसी कोतवाली क्षेत्र के जामडीह के समीप पहुंचे ही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पुलिया से टकरा गई और नीचे गड्ढे में पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार पलटते ही चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी घोसी भेजा। जहां चिकित्सकों ने दूल्हे के भाई चन्द्रमोल त्रिपाठी को मृत घोषित कर दिया। अन्य चार घायलों की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मौत की खबर लगते ही शादी की खुशियों में डूबे परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पर बड़ी संख्या में परिजनों और अन्य लोगों का जमावड़ा लग गया।   recent visitors 55

तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया, अब विवादों में फंसी

बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने को लेकर कर्नाटक सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गुरुवार को कर्नाटक सरकार की तरफ से एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद से विरोध पैदा हो गया। ऑनलाइन पब्लिश नोटिफिकेशन में कहा गया है कि तमन्ना दो साल तक सोप की ब्रांड एंबेसडर रहेंगी और इसके लिए उन्हें 6.20 करोड़ रुपए की रकम भुगतान किया जाएगा। मुंबई अभिनेत्री तमन्ना ने कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) के साथ दो वर्षों के लिए उसके प्रतिष्ठित उत्पाद का प्रचार करने के लिए करार किया है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले की हालांकि कड़ी आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ब्रांड एंबेसडर के लिए किसी कन्नड़ एक्टर या एक्ट्रेस को क्यों नहीं लिया गया? कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने इसे स्थानीय गौरव का अपमान बताया है और कहा कि दीपिका पादुकोण जैसी कर्नाटक की मूल की स्टार को इसके लिए क्यों नजरअंदाज किया गया।   कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टी नारायण गौड़ा ने कहा कि अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा, -‘‘यह निराशाजनक निर्णय है कि सरकार को कर्नाटक की विरासत के प्रतीक के रूप में प्रतिनिधित्व करने के लिए एक भी कन्नड़ व्यक्ति नहीं मिला। इसके लिए दीपिका पादुकोण या कोई अन्य स्थानीय स्टार क्यों नहीं?'' फिल्म निर्माता कविता लंकेश ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा- ‘‘यह बॉलीवुड और निष्पक्षता के प्रति हमारे निरंतर जुनून को दर्शाता है। कर्नाटक में खूबसूरत, प्रतिभाशाली सितारे हैं, अगर इसका मतलब हमारे सांस्कृतिक प्रतीकों को संरक्षित करना है तो कई लोग मुफ्त में ब्रांड का समर्थन करेंगे।''    इसके जवाब में केएसडीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रशांत पीकेएम ने कहा कि राज्य से बाहर ब्रांड की द्दश्यता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा- ‘‘हमारे 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व का सिफऱ् 12 प्रतिशत कर्नाटक से आता है। राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए हमें व्यापक अपील वाले किसी व्यक्ति की ज़रूरत थी और तमन्ना उस प्रोफ़ाइल में फिट बैठती हैं।'' मंत्री एमबी पाटिल और एचके पाटिल ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ब्रांड की पहुंच को पूरे देश में पहुंचाना है। ऐसा करने से राज्य के जड़ें मजबूत होंगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1916 में लॉन्च किया गया मैसूर सैंडल सोप कर्नाटक की सबसे स्थायी विरासतों में से एक है। recent visitors 60

PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया

चंडीगढ़ पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े। recent visitors 65

वन विभाग ने ‘पुष्पा’ फिल्म की तरह खेर की लकड़ी की तस्करी पकड़ी

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में सांक नदी से 35 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद कर वन विभाग ने 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है. लेकिन आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान आरोपियों को रिमांड पर नहीं लेने से कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. चेकिंग के दौरान दो ट्रकों में मिली थी खैर की लकड़ी असल में ग्वालियर जिला वन मंडल में फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर कुछ तस्कर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे थे. इस तस्करी के बारे में वन विभाग की टीम को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी. वन विभाग के मुताबिक, उन्होंने अलवर से आए दो ट्रकों से चेकिंग के दौरान बहुमूल्य खैर की लकड़ी पकड़ी थी. ये लकड़ी कत्था बनाने के काम में ली जाती है. जो काफी महंगी होती है. पुष्पा की तर्ज पर नदी में इकट्ठा कर रहे थे लकड़ी तस्करों ने ट्रकों में छुपा कर रखी ज्यादातर लकड़ियों को पहले ही जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया था. जब ग्रामीणों की सूचना वन विभाग को मिली तो टीम सांक नदी किनारे पहुंची और नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खैर की लकड़ी जब्त की. पता चला है कि तस्करों का गिरोह पुष्पा फिल्म की तरह ही खैर की लकड़ी को नदी से बहाकर इकट्ठा कर रहे थे. वन विभाग की विजलेंस टीम ने मौके से तीन तस्कर हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान को भी पकड़ा है. जबकि उनका एक साथी रामनिवास गुर्जर मौके से फरार हो गया. अंडरग्राउंड हुआ तस्करी का मास्टर माइंड खैर की लकड़ी की तस्करी का मास्टरमाइंड शोभित यादव बताया जा रहा है, जो वन विभाग की कार्रवाई के बाद के बाद अंडर ग्राउंड हो गया है. ऐसे में वन विभाग ने पकड़े गए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर कोर्ट में पेश कर दिया है. वन विभाग के ग्वालियर रेंज सीसीएफ एपीएस सेंगर से बात करने पर उनका कहना है कि, ''सोनचिरैया अभियारण्य में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी की जानकारी मिल रही थी. इसी आधार पर ये कार्रवाई की गई है.'' पुष्पा फिल्म की तरह छुपाई लकड़ी ग्वालियर में वन विभाग को खेर की लकड़ी की तस्करी का एक बड़ा मामला मिला है। यह मामला फिल्म 'पुष्पा' की तरह है। 15-16 मई की रात को वन विभाग को खबर मिली कि कुछ लोग लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। राजस्थान से आ रहे थे ट्रक अलवर से आ रहे दो ट्रकों की तलाशी ली गई। ट्रकों में कीमती खेर की लकड़ी छुपाई गई थी। तस्करों ने लकड़ियों को जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने सांक नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खेर की लकड़ी जब्त की। हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान नाम के तीन तस्करों को भी पकड़ा गया। रामनिवास गुर्जर नाम का एक तस्कर मौके से भाग गया। सांक नदी से लकड़ी निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिमांड पर नहीं लिए तस्कर, उठा सवाल शोभित यादव नाम का एक व्यक्ति इस तस्करी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह वन विभाग की कार्रवाई के बाद से गायब है। वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पकड़े गए तस्करों को रिमांड पर नहीं लिया गया। अगर रिमांड पर लिया जाता, तो तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता था। recent visitors 63