योगी सरकार ने यूपी में एक बार फिर अफसरों के तबादले, IAS, PCS के बाद अब 27 PPS के ट्रांसफर

लखनऊ यूपी में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। योगी सरकार ने इस बार 27 PPS के तबादले किए हैं। देवेंद्र सिंह को पुलिस उपाधीक्षक, पीटीएस सुल्तानपुर भेजा गया है। वहीं अमित कुमार पांडेय को सहायक पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से हटाकर पुलिस उपाधीक्षक पीटीएस जालौन भेजा गया है। इसके अलावा नईम खान मंसूरी पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, गणेश कुमार पुलिस उपाधीक्षक आरीटीसी चुनार मिर्जापुर बनाया गया है। संत प्रसाद उपाध्याय को पुलिस उपाधीक्षक मुजफ्फरनगर से सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज, अवनीश कुमार गौतम को पुलिस उपाधीक्षक गोरखपुर से सहायक सेनानायक 6वीं वाहिनी पीएएसी मेरठ, अभिषेक प्रताप अजेय को पुलिस उपाधीक्षक कुशीनगर से पुलिस उपाधीक्षक कन्नौज, राकेश प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ से कुशीनगर पुलिस उपाधीक्षक, आशुतोष मिश्रा को पुलिस उपाधीक्षक अयोध्या से पुलिस उपाधीक्षक प्रतापगढ़ भेजा गया है। वहीं उदय प्रताप सिंह-1 को सहायक सेनानायक 42वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज, अरुण कुमार राय-1 को पुलिस उपाधीक्षक झांसी, सुरेंद्र नाथ यादव को पुलिस उपाधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर लखनऊ, अमित चौरसिया को सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर, नरेश कुमार को मण्डलाधिकारी (वीके) गाजियाबाद, अमित प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक एएनटीए लखनऊ, मनोज कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक संभल, दीपशिखा अहिरवन को सहायक सेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा भेजा गया है। सोहराव आलम को पुलिस उपाधीक्षक, रेलवे झांसी, सौरभ कुमार वर्मा को पुलिस उपाधीक्षक कानपुर देहात, आदित्य कुमार गौतम को सहायक सेनानायक 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ, कर्णसिंह यादव को सहायक सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएससी झांसी, अंबुजा त्रिवेदी को पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय, लखनऊ, अंकित कुमार-II को पुलिस उपाधीक्षक सीआईडी मुख्यालय लखनऊ, गौरव कुमार त्रिपाठी को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, अशोक कुमार सिंह-IV को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, कमलेश कुमार को पुलिस उपाधीक्षक अलीगढ़, अंकित कुमार-I को सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ बनाया गया है।   recent visitors 65

भारत की जासूसी कर रहे दो ISI एजेंटों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो जासूसों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम तुफैल है जिसे वाराणसी से पकड़ा गया, जबकि दूसरे आरोपी मोहम्मद हारून को दिल्ली से दबोचा गया। दोनों को गुरुवार देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ATS दाखिल करेगी रिमांड अर्जी एटीएस का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से देशविरोधी नेटवर्क के कई और तार जुड़ सकते हैं। इसलिए दोनों की गहन पूछताछ के लिए ATS जल्द ही कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर और भी अहम जानकारियां सामने लाई जा सकती हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके। यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की साजिशें की जा रही हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 600 से जुड़ा था तुफैल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद हारून का संपर्क पाकिस्तानी उच्चायोग से था और वह भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। वहीं तुफैल, नफीसा नाम की एक महिला के हनी ट्रैप में फंसकर देश के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें साझा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, तुफैल व्हाट्सएप पर करीब 600 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था। तुफैल उन तक संवेदनशील सूचनाएं और जानकारी पहुंचाता था। इसके अलावा, तुफैल तहरीके-लब्बैक पाकिस्तान से संबंधित सामग्री भी लोगों के बीच प्रचारित करता था, जो एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में पहचाना जाता है।   recent visitors 59

एवेंजर्स: डूम्‍सडे और सीक्रेट वॉर्स पोस्‍टपोन, बढ़ा इंतजार

लॉस एंजिल्स मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की फिल्‍में बीते कुछ समय से वह जादू नहीं चला पा रही हैं, जिसकी इनसे उम्‍मीद रहती है। एक दिन पहले जहां टॉम हॉलैंड की 'स्‍पाइडर मैन 4' अपनी कास्‍ट‍िंग को लेकर चर्चा में थी, वहीं अब MCU की मोस्‍ट अवेटेड फिल्‍मों 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' को लेकर बड़ी खबर आई है। इन दोनों ही फिल्‍मों से जहां फैंस को भरदम उम्‍मीदें हैं, वहीं डॉक्‍टर डूम के रोल में विलेन बनकर आ रहे रॉबर्ट डाउनी जूनियर के कारण भी एक्‍साइटमेंट लेवल हाई है। पर अफसोस, फैंस को इन दोनों ही फिल्‍मों के लिए थोड़ा और लंबा इंतजार करना होगा। 'आयरन मैन' बनकर फैंस के फेवरेट बने रॉबर्ट डाउनी जूनियर की 'डॉक्‍टर डूम' के रूप में झलक पाने के लिए फैंस की बेताबी बढ़ गई है। ऐसा इसलिए कि डिज्नी ने मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की इन दोनों ही फिल्‍मों की रिलीज को पोस्‍टपोन कर दिया है। स्टूडियो ने गुरुवार को इस बाबत घोषणा की है। बताया है कि MCU की दोनों अगली 'एवेंजर्स' फिल्मों की रिलीज में देरी होगी। 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' की नई रिलीज डेट डिज्नी, जो अब मार्वल स्टूडियोज की मूल कंपनी है ने बताया, 'अब एवेंजर्स: डूम्सडे, जिससे रॉबर्ट डाउनी जूनियर MCU में वापसी कर रहे हैं, अब 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी।' यह फिल्‍म पहले 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्‍तक देने वाली थी। लेकिन अब इसे 7 महीने के लिए पोस्‍टपोन कर दिया गया है। यह फिल्म अभी प्रोडक्‍शन लेवल पर है। 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' की नई रिलीज डेट मार्वल स्‍टूडियोज ने इससे पहले बताया था कि 'एवेंजर्स' की दोनों अपकमिंग फिल्‍मों की शूटिंग शुरू हो चुकी है। नई घोषणा में 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' के साथ ही 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' की रिलीज डेट बदलने का भी ऐलान हुआ है। अब यह फिल्‍म 2 मई 2027 की बजाय 17 दिसंबर 2027 को रिलीज होगी। फिल्‍म निर्माण में देरी के कारण पोस्‍टपोन हुई रिलीज 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, नए शूटिंग शेड्यूल तय हुए हैं। फिल्म निर्माताओं को सुपरहीरो फिल्मों को पूरा करने के लिए अधिक समय देने का फैसला लिया गया है। ये डिज्नी द्वारा अब तक बनाई गई सबसे बड़ी फिल्मों में से एक हैं। रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' का डायरेक्‍शन 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' दोनों ही मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के फेज-VI का हिस्सा हैं। इन फिल्‍मों का डायरेक्‍शन रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं। इससे पहले, रुसो ब्रदर्स ने MCU को अपनी सबसे बड़ी हिट फिल्में- एवेंजर्स: एंडगेम और एवेंजर्स: इनफिनिटी वॉर दी हैं। 'एवेंजर्स: एंडगेम' का रिकॉर्ड तोड़ेंगी 'डूम्‍सडे' और 'सीक्रेट वॉर्स'? सही मायने में मार्वल स्‍टूडियोज की प‍िछली बंपर हिट फिल्‍म 2019 में रिलीज 'एवेंजर्स: एंडगेम' ही थी। इसने दुनियाभर में 2.79 बिलियन डॉलर यानी करीब 23902 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह दुनियाभर में 'अवतार' (2.9 बिलियन डॉलर' के बाद सबसे अध‍िक कमाई करने वाली फिल्‍म है। 'एवेंजर्स: एंडगेम' ने भारतीय बॉक्‍स ऑफिस पर भी 373.05 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया था। recent visitors 54

साई सुदर्शन को पछाड़ नंबर-1 बनना है तो चढ़ना होगा ‘शतक का पहाड़’, ऑरेंज कैप से कितना दूर विराट कोहली?

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2025 का 65वां मैच आज यानी शुक्रवार, 23 मई को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में विराट कोहली की नजरें ऑरेंज कैप के करीब पहुंचने पर होगी। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश की भेंट चढ़ने से किंग कोहली इस लिस्ट में काफी पिछड़ गए हैं। विराट के नाम आईपीएल 2025 में 11 मैचों में 63.12 की औसत के साथ 505 रन दर्ज है, वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में 8वें पायदान पर खिसक गए हैं। अगर आज उन्हें टॉप पर बैठे साई सुदर्शन को पछाड़ना है तो शतक का पहाड़ चढ़ना होगा। गुजरात टाइटंस के दोनों सलामी बल्लेबाज -साई सुदर्शन और शुभमन गिल- ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-2 में अपना कब्जा जमाए बैठे हैं। साई सुदर्शन के नाम जहां 13 मैचों में 638 रन दर्ज है, वहीं शुभमन गिल 636 रनों के साथ बिल्कुल उनके पीछे हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा अभी तक कोई और इस सीजन 600 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। गुरुवार, 22 मई को हुई जीटी वर्सेस एलएसजी मैच में शतक जड़ मिचेल मार्श भी 560 रनों के साथ चौथे पायदान पर पहुंच गए हैं। विराट कोहली को ऑरेंज कैप की रेस में नंबर-1 बनने के लिए चाहिए कितने रन? विराट कोहली को अगर आज ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाना है तो उन्हें शतकीय पारी खेलनी होगी। वह साई सुदर्शन से अभी 133 रन पीछे हैं। विराट कोहली के नाम IPL के इतिहास में सबसे अधिक 8 शतक जड़ने का रिकॉर्ड है, ऐसे में उनके लिए यह काम मुश्किल नहीं है। कोहली पिछले दो सीजन से लगाकार शतक मारते हुए आ रहे हैं। ऐसे में उनकी नजरें इस सीजन भी शतक जड़ हैट्रिक पूरी करने पर होगी। recent visitors 55

न्यायाधीश अपने विदाई समारोह में ही नहीं गए बल्कि 11 फैसले सुनाए, शनिवार को लास्ट डे रहेगा, आज आखिरी कार्यदिवस था

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के जज रिटायरमेंट के दिन आमतौर पर कोई फैसला नहीं सुनाते, लेकिन जस्टिस एएस ओका ने इस पुरानी रवायत को बदल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने आखिरी कार्यदिवस पर कई बेंचों में हिस्सा लिया और 11 फैसले दिए। ऐसा उन्होंने तब किया है, जब उनकी मां का एक दिन पहले ही निधन हुआ था। वह गुरुवार को ही अपनी मां के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए मुंबई गए थे और फिर लास्ट वर्किंग डे पर काम करने के लिए दिल्ली लौट आए। शुक्रवार को शीर्ष अदालत में उनका आखिरी दिन था और इस मौके पर भी वह सिर्फ विदाई समारोह के आयोजनों में ही नहीं रहे बल्कि 11 फैसले सुनाए। उनका शनिवार को लास्ट डे रहेगा, लेकिन आज आखिरी कार्यदिवस था। उन्होंने पहले ही कहा था कि वह रिटायरमेंट शब्द से नफरत करते हैं। इसके अलावा उनका कहना था कि जजों को आखिरी दिन भी फैसले सुनाने चाहिए और बेंच का हिस्सा बनना सही रहता है। इसी के तहत उन्होंने कई सुनवाई में हिस्सा लिया और फिर अंत में प्रतीकात्मक बेंच का भी हिस्सा बने, जिसका नेतृत्व चीफ जस्टिस बीआर गवई कर रहे थे। किसी भी जज के रिटायरमेंट पर प्रतीकात्मक जज चीफ जस्टिस के नेतृत्व में बैठती है। ऐसा जस्टिस को सम्मानजनक विदाई के लिए किया जाता है और यह परंपरा शीर्ष अदालत में दशकों से चली आ रही है। जस्टिस ओका बोले- आखिरी दिन भी करना चाहिए पूरा काम बता दें कि 21 मई को जस्टिस ओका के लिए फेयरवेल समारोह आयोजित हुआ था। इसका आयोजन सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन की ओर से किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं इस परंपरा को सही नहीं मानता कि रिटायरमेंट के दिन जज काम ही न करें। मैं पसंद करूंगा कि आखिरी कार्यदिवस पर भी काम करूं और कुछ फैसलों का हिस्सा बनूं। इसके अलावा उनका कहना था कि रिटायर होने वाले जज के लिए गार्ड ऑफ ऑनर 1:30 बजे दिया जाता है, जिसमें थोड़ी देरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिरी दिवस पर कम से कम शाम को 4 बजे तक तो काम करना ही चाहिए। जिला अदालत से की थी शुरुआत और SC तक आ पहुंचे उन्होंने कहा था कि मैं तो रिटायरमेंट शब्द से ही नफरत करता हूं। बता दें कि जस्टिस ओका ने यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे से लॉ की पढ़ाई करने के बाद जून 1983 से वकालत शुरू की थी। उन्होंने अपने पिता श्रीनिवास ओका के ठाणे जिला अदालत स्थित चेंबर से वकालत शुरू की थी और वहां से लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज तक का सफर तय किया। उनकी 29 अगस्त, 2003 को बॉम्बे हाई कोर्ट में एंट्री हुई थी। तब वह अस्थायी जज थे और फिर 2005 में परमानेंट हुए। वह कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस 10 मई, 2019 को बने थे। फिर वह 31 अगस्त, 2021 को सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर आए। उनका कार्य़काल शीर्ष अदालत में करीब 4 साल का रहा है। recent visitors 75

उपराष्ट्रपति धनखड़ नरसिंहपुर में 26 मई को करेंगे कृषि उद्योग समागम का शुभारंभ

 भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत अनंत संभावनाओं के दृष्टिगत नरसिंहपुर में 26 मई को कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मई को  कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। तीन दिन के कृषि उद्योग समागम में कृषि अधारित उद्योग इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र एवं आशय पत्रों का वितरण भी होगा। साथ कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 26 मई को नरसिंहपुर जिले में किसान उद्योग समागम मेले का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस मेले में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। आने वाले समय में रीवा सतना और चंबल में भी ऐसे ही मेले आयोजित किये जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने हर खेत में सिंचाई के लिये पानी पहुचाने का संकल्प लिया है। पहले प्रदेश के 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित कर ली गई है। आने वाले समय में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य- "कृषि उद्योग समागम 2025" का आयोजन मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने, और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। यह समागम उद्योगपतियों कृषक उत्पादक संगठनों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद, नीति प्रस्तुति एवं सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समागम में कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।   recent visitors 50

गढ़चिरौली में हुआ बड़ा एनकाउंटर, पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार हार्डकोर नक्सली ढेर

गढ़चिरौली गढ़चिरौली में महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सीमा पर पुलिस ने मुठभेड़ में चार खतरनाक नक्सलियों को ढेर कर दिया. साथ ही पुलिस ने एक सेल्फ लोडिंग राइफल, दो 303 राइफल बरामद किया गया. इसके अलावा मौके से वॉकी-टॉकी, कैंपिंग का सामान भी जब्त किया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों के समूहों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर, एडिशनल एसपी रमेश और 12 सी60 पार्टियों (300 कमांडो) और सीआरपीएफ के एक कंपोनेंट के नेतृत्व में गुरुवार (22 मई) को दोपहर को कवांडे और नेलगुंडा से इंद्रावती के तट की ओर भारी बारिश के बीच एक अभियान शुरू किया गया था. गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक शुक्रवार (23 मई) की सुबह, माओवादियों ने सी60 कमांडो पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण फोर्स ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की. लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही. इस फायरिंग में चार माओवादी मारे गए. उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक मुठभेड़ चली और बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी ली, जिसमें चार माओवादियों के शव बरामद हुए। बयान के अनुसार, घटनास्थल से एक ऑटोमैटिक सेल्फ-लोडिंग राइफल, दो .303 राइफल, एक भारमार बंदूक, वॉकी-टॉकी, कैंप सामग्री और नक्सली साहित्य समेत अन्य सामान बरामद किया गया. महाराष्ट्र में यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है, जब दो दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने पड़ोसी छत्तीसगढ़ में 27 नक्सलियों को मार गिराया था, जिनमें उनका शीर्ष नेता बसवराजू भी शामिल था. recent visitors 50