मध्‍य प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव की मई से शुरू होनी थी प्रक्रिया, अब आगे बढ़ाए गए

भोपाल प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के चुनाव सरकार ने एक बार फिर टाल दिए। अब समितियों के पुनर्गठन का हवाला देकर चुनाव आगे बढ़ाए गए हैं। दरअसल, सहकारिता मंत्रालय ने प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक साख सहकारी समिति गठित करने के लिए कहा है। प्रदेश में परीक्षण करने के बाद लगभग साढ़े छह सौ समितियां बनाने का निर्णय हुआ है। इनमें से अभी मात्र 189 समितियां गठित करने की प्रक्रिया पूरी हुई है। इसे देखते हुए चुनाव टाल दिए गए। उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार समितियों की कमान किसानों के हाथों में सौंपना ही नहीं चाहती है, इसलिए किसी न किसी बहाने से बार-बार चुनाव टाले जा रहे हैं। प्रदेश की साढ़े चार हजार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के चुनाव आखिरी बार 2013 में हुए थे, जिनका कार्यकाल 2018 में समाप्त हुआ। नियमानुसार छह माह पहले चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन विधानसभा चुनाव, किसान कर्ज माफी और अन्य कारणों से चुनाव प्रक्रिया लगातार टलती रही। चुनाव नहीं होने के कारण हाई कोर्ट की जबलपुर व ग्वालियर खंडपीठ में कई याचिकाएं दायर हुईं। recent visitors 53

अंकिता लोखंडे ने कास्टिंग काउच का दर्दनाक अनुभव साझा किया, कहा गया प्रोड्यूसर संग सोना होगा

मुंबई  फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे अक्सर एक स्याह सच्चाई छुपी होती है. कई एक्ट्रेस ने समय समय पर इस तरह की सच्चाई पर अपनी बात खुलकर रखी है. खुद जानी मानी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे ने भी अपने साथ हुआ एक दर्दनाक अनुभव साझा किया था, जो न सिर्फ चौंकाने वाले थे बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के एक काले सच पर भी रोशनी डालता है. अंकिता भले ही फिल्मी दुनिया में कदम रख चुकी हैं, लेकिन अभी भी वह अपनी जड़े नहीं जमा पाई हैं. कास्टिंग काउच को लेकर अपना एक्सपीरियंस शेयर करने वाली एक्ट्रेस ने कहना है कि एक बार एक प्रोड्यूसर ने उन्हें काम देने के बदले में उनका जिस्म मांगा था. जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कर रही महज 19-20 साल की थीं. एक्ट्रेस ने कहा कि उनका सामना एक ऐसे प्रोड्यूसर से हुआ था जो उनके साथ सोना चाहता था. 19 की उम्र में हुई थी कास्टिंग काउच का शिकार अकिंता लोखंडे जब अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं, उस वक्त महज 19-20 साल की थीं. अपने एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने अपने साथ हुए एक बुरे एक्सापीरियंस का खुलासा करते हुए कहा था, ‘मैं बहुत स्मार्ट थी. मुझे ऑडिशन के लिए बुलाया और मैं उस वक्त कमरे में अकेली थी. उम्र मेरी जब 19-20 साल रही होगी. उस दौरान मुझसे पूछा कि आपका प्रोड्यूसर किस तरह का कॉम्प्रोमाइज करवाना चाहता है. क्या मुझे किसी पार्टी या फिर डिनर में साथ जाना होगा.’ काम के बदले की गई साथ सोने की डिमांड अंकिता लोखंडे ने अपनी बात रखते हुए आगे बताया, ‘मैंने कहा कि मुझे लगता है कि आपका प्रोड्यूसर किसी लड़की के साथ सोना चाहता है. क्योंकि वह डायरेक्ट मुझे बोल नहीं पा रहे थे. लेकिन मैं समझ गई. मैंने कहा कि वो किसी टैलेंटेड लड़की के साथ काम नहीं करना चाहता. फिर वो मुझसे माफी मांगने लगे और कहा कि मैं कोशिश करूंगा कि आपको इस फिल्म में मौका मिले. मैंने उसी वक्त उन्हीं क्लीयर किया कि जो आप चाहते हैं मैं उसमें इंटरेस्टेड नहीं हूं और ये कहकर मैं वहां से चली आई.’ पहचान बनाने के बाद भी हुईं शिकार इसी इंटरव्यू में अंकिता ने इस बात का खुलास किया कि जब वह फिल्मों में काम करने के ट्राई कर रही थीं. उस वक्त वह टेलीविजन में अपनी पहचाना बना चुकी थीं. लेकिन तब भी उन्हें इस तरह की कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा था. उन्होंने कहा कि मैं किसी का नाम तो नहीं लेना चाहती. लेकिन कोई छोटे स्टार नहीं बल्कि बड़े एक्टर हैं. मुझे अजीब सी लगा सुनकर और मैं वापस आ गई.वहां गिन एंड टेक वाली चीज थी, मुझे लगा कि अब मेरा यहां काम नहीं बनेगा. बता दें कि अंकिता ने कंगना की फिल्म मणिकर्णिका में भी सपोर्टिंग रोल प्ले किया था. इसके अलावा वह रणदीप हुड्डा के साथ फिल्म ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ में भी नजर आई थीं. लेकिन उनकी ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी.   recent visitors 63

अबूझमाड़ की एक ही दिन में बदल गई तस्वीर, जगह-जगह लाल रंग के नक्सली स्मारक दिखाई देते अब वहा जवानों की है धाक

जगदलपुर अबूझमाड़ इलाके में हाल ही में हुई मुठभेड़ के बाद वहां की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. माओवादियों की मांद कहे जाने वाले अबूझमाड़ में प्रवेश करते ही जगह-जगह लाल रंग के नक्सली स्मारक दिखाई देते हैं. लेकिन एक ही दिन में यह सारी चीजें बदल गई, अब यहां सुरक्षाबलों के जवानों की धाक है. अबूझमाड़ के पथरीले रास्तों और उफनते नदी-नालों के बीच से होते हुए बोटेर गांव तक पहुंचा जा सकता है. सबसे पहला नक्सली स्मारक आदेड चौक में देखने को मिलता है. इस चौक की हालत भी बयां करती है कि यह इलाका कितना उपेक्षित और असुरक्षित रहा है. सड़क किनारे गिरे हुए बिजली के खंभे, टूटे रास्ते और वीरानी बोटेर गांव तक पहुँचने से पहले तोंदेबेड़ा, डोंडरबेड़ा और कूड़मेल जैसे गांवों को पार करना होता है. ये गांव भी उसी सन्नाटे और भय की चादर में लिपटे हुए हैं. बोटेर पहुँचते ही नज़ारा अलग था बड़ी संख्या में ग्रामीण यहाँ एकत्रित थे. बातचीत में पता चला कि ये लोग कुंडेकोट गांव के निवासी हैं, जो 21 मई से बोटेर में शरण लिए हुए हैं. दरअसल, कुंडेकोट में ही पुलिस और नक्सलियों के बीच ऐतिहासिक मुठभेड़ हुई थी. इस ऑपरेशन में नक्सलियों के जनरल सेक्रेटरी नंबाला केशव को मार गिराया गया, जिस पर डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम था. उसके साथ 26 अन्य नक्सली भी मारे गए. इस बड़ी कार्रवाई के बाद कुंडेकोट के ग्रामीण डर के साए में आ गए और जान बचाने के लिए अपना गांव छोड़कर बोटेर आ पहुंचे. नक्सलियों के इस मांद की सफाई (ऑपरेशन) डीआरजी के जवानों ने पूरी कुशलता के साथ किया. अब न तो नक्सली हैं, और न ही उनकी धमक. अब केवल डीआरजी के जवानों की धमक सुनाई पड़ती है. बसवराजु की मौत से पूरी तस्वीर बदल गई है, अब सुरक्षाबल के जवान इसे वापस नक्सलगढ़ नहीं बनने देने के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं. अबूझमाड़ की यह जंग सिर्फ हथियारों की नहीं, हौसले, रणनीति और बलिदान की भी गवाही देती है. recent visitors 58

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सौगातों की बारिश से ग्रामीणों के चेहरे खिले

रायपुर सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक स्थित ग्राम बासिंग में बीएसएफ कैम्प परिसर में चौपाल लगाकर जनसंवाद किया। नीम वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों की घोषणा कर लोगों का दिल जीत लिया। चौपाल में मुख्यमंत्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 8 अप्रैल से पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसंवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा और कलगी पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समर कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों ने स्वहस्तनिर्मित गुलदस्ते भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और हॉफ मैराथन विजेता छात्र को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा की और कहा कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी। ग्रामवासी श्रीमती महेश्वरी दुग्गा और श्रीमती मनकाय ने योजना के लाभ साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर दो टूक कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प मार्च 2026 तक पूरा होगा। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनी पुनर्वास नीति को देश की सर्वश्रेष्ठ नीति बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नोनी सशक्तिकरण, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत हितग्राहियों को चाबियां, चेक और नकद सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने दिव्यांग हितग्राही को व्हीलचेयर भी सौंपी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मुरहापदर में पुलिया निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, बासिंग में खेल मैदान और बालक आश्रम/शाला मरम्मत हेतु 20 लाख रुपये,मुरहापदर और एहनार में आंगनबाड़ी भवन हेतु 24 लाख रुपये, बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक सीसी सड़क हेतु 25 लाख रुपये, कुंदला, बासिंग व मुरहापदर में नवीन घोटूल हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ओरछा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ की लागत से निर्मित 250 सीटर छात्रावास भवन, जल आपूर्ति एवं विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया। recent visitors 61

पॉइंट टेबल में तीसरे स्थान पर खिसकी RCB की टीम, हैदराबाद ने 42 रनों से हराया

लखनऊ सनराइजर्स हैदराबाद ने शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2025 के 65वें मुकाबले में 42 रनों से हराया। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 231 रन बनाए। इसके जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 19.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 189 रन ही बना सकी। बेंगलुरु की जारी सीजन में चौथी हार है, जबकि हैदराबाद को पांचवीं जीत मिली है। इस हार के साथ बेंगलुरु की टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। गुजरात 18 अंक के साथ शीर्ष पर है। पंजाब 17 अंक के साथ बेहतर रन रेट के कारण दूसरे नंबर पर है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम पर आरसीबी को 42 रनों से करारी शिकस्त मिली। टीम को जीत के लिए 232 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला था। जवाब में आरसीबी ने विस्फोटक बैटिंग की। 15.3 ओवर के बाद आरसीबी का स्कोर 3 विकेट पर 173 रन था। आखिरी 27 गेंद पर टीम को जीत के लिए 59 रन चाहिए थे। जितेश शर्मा और रजत पाटीदार क्रीज पर थे। टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड और क्रुणाल पंड्या को आना था। 5 गेंदों में ही मैच खत्म हुआ 15.3 ओवर तक मुकाबला टक्कर का लग रहा था। लेकिन 5 गेंद में ही सनराइजर्स हैदराबाद की जीत पक्की हो गई। इन 5 गेंद पर हैदराबाद ने आरसीबी के तीन बल्लेबाजों को आउट कर दिया। 16वें ओवर की चौथी गेंद पर रजत पाटीदार रन आउट हुए। ईशान मलिंगा के डायरेक्ट थ्रो ने उनका काम तमाम किया। उसी ओवर की आखिरी गेंद पर विस्फोटक रोमारियो शेफर्ड गोल्डन हो गए। मलिंगा ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच लिया। 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर कप्तान जितेश शर्मा आउट हुए। जयदेव उनादकट ने उनका विकेट लिया। ईशान किशन शतक से चूके सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से ईशान किशन की ताबड़तोड़ नाबाद 94 रनों की पारी और फिर कप्तान पैट कमिंस की घातक गेंदबाजी की बदौलत एसआरएच ने आरसीबी को 42 रनों से हराया। 232 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की पूरी टीम बल्लेबाजी पारी में एक गेंद शेष रहते 19.5 ओवर में ही ऑल आउट हो गई। टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही। सलामी बल्लेबाज विराट कोहली (43) फिल साल्ट (62) ने आरसीबी के लिए तेजी से रन जुटाए। वहीं, उसके बाद कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। पूरी टीम एक गेंद शेष रहते 189 रन बना सकी और ऑल आउट हो गई। 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फिल सॉल्ट और विराट कोहली ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी हुई। विराट कोहली 25 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। फिल सॉल्ट 32 गेंद में 62 रन बनाकर आउट हुए। मयंक ने 10 गेंद में 11 रन बनाए। रजत पाटीदार 16 गेंद में 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शेफर्ड खाता नहीं खोल सके। जितेश 15 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए। टिम डेविड 5 गेंद में एक रन, भुवनेश्वर तीन रन बनाकर आउट हुए। क्रुणाल 6 गेंद में 8 रन ही बना सके। हर्षल पटेल ने यश दयाल को आउट करके आरसीबी की पारी का अंत किया। सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी हुई। अभिषेक 17 गेंद में 34 और ट्रेविस हेड 10 गेंद में 17 रन बनाकर आउट हुए। हेनरिक क्लासेन 13 गेंद में 24 रन बनाकर आउट हुए। अनिकेत वर्मा 9 गेंद में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे। नितीश रेड्डी ने 7 गेंद में 4 रन बनाए। अभिनव मनोहर 11 गेंद में 12 रन ही बना सके। ईशान किशन 48 गेंद में 94 रन और पैट कमिंस 13 रन बनाकर नाबाद लौटे। बेंगलुरु के लिये रोमारियो शेफर्ड ने दो विकेट झटके जबकि सुयश शर्मा,कृणाल पांड्या,लुंगी एन्डिगी और भुवनेश्वर कुमार ने एक एक विकेट अपनी झोली में डाला। recent visitors 90

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने योजना को तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद

रायपुर सड़क दुर्घटना होने वाले पीडितों के लिए भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025 शुरू किया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को नकदी रहित मुफ्त उपचार की व्यवस्था होगी। इसमें किसी भी पीड़ित परिवार को 7 दिन की अवधि के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना  से संबद्ध हास्पिटल में डेढ़ लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।     जायसवाल ने बताया कि ये निःशुल्क इलाज एक व्यक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपए तक होगा। यानी अगर एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, दुर्घटना में 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है। यानी आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृति किसी भी अस्पताल में नई योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का का निः शुल्क इलाज के लिए पात्र होगा।     स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान योजना संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है, लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके। जायसवाल ने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।     स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस जन हितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। recent visitors 61

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने स्‍पैम कॉल्‍स से बचाने के लिए लाया TRAI DND ऐप

नई दिल्ली ट्राई यानी टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारतीय मोबाइल यूजर्स को स्‍पैम कॉल्‍स से बचाने के लिए नए नियम बनाए थे। ऐसा लगता है कि लोगों को पूरी जानकारी है ही नहीं कि नियमों का इस्‍तेमाल कैसे करके वह स्‍पैम कॉल्‍स से खुद को बचा सकते हैं। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में मोबाइल कॉल इस्‍तेमाल करने वाले 25 फीसदी से भी कम लोगों ने कमर्शल मैसेज को लेकर अपनी पसंद बताई है। इसका मतलब है कि देश की आबादी में 87 करोड़ मोबाइल ग्राहक अभी भी टेलीमार्केटर से आने वाली कॉल्‍स से परेशान होते हैं। इस मुश्किल को मिनटों में सुलझाया जा सकता है एक ऐप पर अपनी प्रेफरेंस बताकर। TRAI का DND 3.0 ऐप प्‍लेस्‍टोर से लेकर ऐप स्‍टोर में उपलब्‍ध है। इसे फ्री में डाउनलोड करके और अपनी पसंद सेट करके आप स्‍पैम कॉल्‍स को ब्‍लॉक कर सकते हैं। फालतू कॉल्‍स पर खीझते हैं, पर कुछ करते नहीं लोगों को अक्‍सर फालतू कॉल्‍स पर खीझते हुए देखा जाता है, लेकिन कोई उसका सॉल्‍यूशन नहीं ढूंढता। कुछेक स्‍पैम नंबर्स जो याद रह जाते हैं, उनसे कॉल आने पर हम कॉल कट कर देते हैं या फोन साइलेंट में रख देते हैं, लेकिन यह समस्‍या का हल नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 1.15 अरब मोबाइल ग्राहकों में से सिर्फ 28 करोड़ लोगों ने ही अपनी प्रेफरेंस तय की है। यही वजह है कि टेलीमार्केटर 87 करोड़ लोगों को बिना रुकावट कमर्शल मैसेज भेज रहे हैं। TRAI DND 3.0 ऐप है सबसे आसान तरीका स्‍पैम कॉल्‍स पर लगाम कसने का सबसे आसान तरीका है ट्राई का DND 3.0 ऐप। प्‍ले स्‍टोर या ऐप स्‍टोर पर आप TRAI DND लिखेंगे तब भी यह ऐप दिखाई देगा। इसे डाउनलोड कर लीजिए। ऐप डाउनलोड होने के बाद आपको अपने मोबाइल नंबर से रजिस्‍टर करना होगा। फोन में दो सिम हैं, तो दोनों नंबरों से रजिस्‍टर करना होगा। ऐप की मदद से स्‍पैम कॉल्‍स और एसएमएस को ब्‍लॉक किया जा सकता है। टेलीमार्केटर की तरफ से आने वालीं कॉलें भी ब्‍लॉक हो सकती हैं। इस तरह से इस्‍तेमाल करें TRAI DND 3.0 ऐप स्‍टेप 1 : ऐप ओपन करने के बाद लॉगइन पर क्लिक करें। स्‍टेप 2 : सिम 1 और ऐड सिम 2 का विकल्‍प दिखेगा। ​स्‍टेप 3 : फोन में एक सिम है तो सिम ऑपरेटर को चुनें जैसे-बीएसएनएल, वोडा-आइडिया, एयरटेल, जियो और फ‍िर मोबाइल नंबर डालें। दूसरा सिम भी है तो नीचे 'ऐड सिम 2' पर जाकर नंबर टाइप करें। स्‍टेप 4 : साइन इन पर क्लिक करें। आपके फोन पर ओटीपी आएगा। उसे डालकर आगे बढ़ें। स्‍टेप 5 : ओटीपी डालते ही ऐप आपके मोबाइल नंबरों पर डीएनडी का स्‍टेटस दिखाएगा। मेरे दोनों नंबरों पर डीनएडी के लिए रजिस्‍टर नहीं किया गया था। स्‍टेप 6 : अपने नंबर पर डीएनडी लागू करने के लिए चेंज प्रीफरेंस का विकल्‍प चुनें। दिए गए विकल्‍पों का चुनाव करें। उसके बाद सबमिट कर दें। TRAI DND के फायदे ट्राई डीएनडी ऐप उन सभी के लिए काम का साबित हो सकता है जो स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान हैं। यह ऐप सरकारी संस्‍था की तरफ से बनाया गया है, इसलिए धोखाधड़ी की गुंजाइश कम है। सबसे अच्‍छी बात कि ऐप का यूजर इंटरफेस साफ सुथरा है। 6 से 7 स्‍टेप्‍स में आपकी रिक्‍वेस्‍ट सबमिट हो जाती है। डीएनडी एक्टिवेट होने के बाद आपको कभी भी प्रमोशनल और स्‍पैम कॉल्‍स से परेशान नहीं होना पड़ेगा। recent visitors 110