फोरलेन रोड का किया भूमि पूजन, सांवलिया सेठ की राह होगी और आसान

जयपुर. मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और मेवाड़–मालवा के हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था के केंद्र श्री सांवलिया सेठ के दर्शन अब और भी आसान होंगे। रविवार को धीनवा स्थित खेल मैदान में आयोजित समारोह के दौरान बहुप्रतीक्षित निंबाहेड़ा–मंगलवाड़ फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का विधि-विधान से भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। श्रीकल्लाजी वेदपीठ के बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया। मंच पर मौजूद रहे जिले के दिग्गज समारोह में क्षेत्रीय विधायक श्रीचंद कृपलानी के साथ चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, चित्तौड़गढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, निवर्तमान जिला प्रमुख गब्बर सिंह अहीर और निवर्तमान प्रधान बगदीराम धाकड़ मंचासीन रहे। साथ ही भाजपा जिला महामंत्री रघु शर्मा, एसटी मोर्चा प्रदेश मंत्री अमर सिंह रावत, नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी, कनेरा मंडल अध्यक्ष जुगलकिशोर धाकड़, छोटीसादड़ी के पूर्व नपा अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल, पूर्वी मंडल अध्यक्ष विक्रम कुमावत, पश्चिम मंडल अध्यक्ष लोकेश धाकड़ और क्षत्रिय महासभा के नारायण सिंह बडौली ने भी शिरकत की। प्रशासनिक अधिकारियों में आरएसआरडीसी के डीजीएम आरके माहेश्वरी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर लालचंद वर्मा और उपखंड अधिकारी विकास पंचौली उपस्थित रहे। पिछली सरकार ने केवल घोषणाएं की: कृपलानी विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि इस फोरलेन का शिलान्यास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था। हालांकि तकनीकी कारणों से कार्य में कुछ देरी हुई, लेकिन अब काम पूरी गति से शुरू हो चुका है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने इस सड़क को लेकर केवल घोषणाएं कीं, जबकि धरातल पर काम वर्तमान भाजपा सरकार ने शुरू करवाया है। कृपलानी ने नगर परिषद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को भी निराधार बताया। विकास की बनेगी आधारशिला विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने इस प्रोजेक्ट को क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के बनने से न केवल यातायात सुरक्षित होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। चर्चा का विषय : घर में होकर भी कार्यक्रम से दूर रहे मंत्री दक विकास की इस बड़ी सौगात के बीच राजनीतिक गलियारों में अनुपस्थिति की चर्चा जोरों पर रही। यह फोरलेन सड़क सहकारिता मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र से गुजरती है और उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलना है। मंत्री दक का कार्यक्रम में शामिल न होना कौतूहल का विषय बना रहा। सूत्रों के अनुसार, मंत्री दक उस समय अपने निवास पर जनसुनवाई कर रहे थे। वहीं सांसद सीपी जोशी भी अंतिम समय में किसी अपरिहार्य कारण से कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। क्षेत्र में चर्चा रही कि आखिर गृह क्षेत्र के इतने बड़े प्रोजेक्ट के शुभारंभ से मंत्रीजी ने दूरी क्यों बनाए रखी? recent visitors 36

भारत के लिए कनाडा का यूरेनियम सौदा, पीएम मोदी और कार्नी के बीच कई समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने सोमवार को दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा में लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर साथ काम करेंगे. -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले दशक में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है. यहां प्रति व्यक्ति आय का विकास ऐसा रहा है जो इतिहास में बहुत कम देखा गया है. कनाडा आपके इसी उत्साह और उद्देश्य की भावना को साझा करता है. मुझे लगता है कि इस नए युग में सफलता का मार्ग 2023 में आपके G20 अध्यक्षता के विषय ‘One Earth, One Family, One Future’ में अच्छे से दिखाया गया है, क्योंकि हमारे समय की चुनौतियों को अकेला कोई देश हल नहीं कर सकता.' -कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'पिछले वर्ष में कनाडा और भारत की सरकारों के बीच जो संवाद हुआ है, वह पिछले दो दशकों में हुए सभी संवादों से अधिक है. यह केवल संबंधों का नवीनीकरण नहीं है, बल्कि नए उत्साह, ध्यान और दूरदर्शिता के साथ एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है. यह दो आत्मविश्वासी देशों के बीच एक साझेदारी है, जो अपने भविष्य की दिशा स्वयं तय कर रहे हैं.' -पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई तनावों पर भारत की स्थिति स्पष्ट है. हम हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात करते रहे हैं, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत हो जाती है. पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का समर्थन करता है और क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ करीबी सहयोग जारी रखेगा. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कनाडा भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. हम उनका भारतीय महासागर रिम एसोसिएशन में डायलॉग पार्टनर बनने में रुचि दिखाने का स्वागत करते हैं, जिससे हमारी समुद्री सहयोग में नई गहराई आएगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरवाद सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर और साझा चुनौती हैं. इनके खिलाफ हमारी करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अहम है. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच जुड़ाव है. आज हमने इन्हें और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, कृषि और इनोवेशन के क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालयों के बीच नए साझेदारी की घोषणा की गई है. इसके अलावा, कनाडाई विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में कैंपस खोलने पर भी सहमति बनी है. आदिवासी और जनजातीय समुदाय हमारे साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. दोनों पक्षों के बीच आज सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए एक एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में इंडिया-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है. दोनों देश रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे. इसी उद्देश्य से आज इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित करने का निर्णय लिया गया. -CAMECO के अध्यक्ष टिम गिट्ज़ेल और कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पट्टनाइक ने परमाणु ऊर्जा विभाग और CAMECO के बीच यूरेनियम अयस्क आपूर्ति समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज साइन किए गए क्रिटिकल मिनरल्स पर MoU से सप्लाई चेन की मजबूती बढ़ेगी. अंतरिक्ष क्षेत्र में हम दोनों देशों की स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ेंगे. ऊर्जा क्षेत्र में हम अगले स्तर की साझेदारी बना रहे हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.' -पीएम मोदी ने कहा, 'हम टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में स्वाभाविक साझीदार हैं. भारत-कनाडा इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत हम नए विचारों को वैश्विक समाधान में बदलेंगे. मैं प्रधानमंत्री कार्नी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले महीने भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की सफलता में कनाडा का महत्वपूर्ण योगदान दिया. हम AI के साथ-साथ क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग बढ़ाएंगे.' -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमें खुशी है कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने का निर्णय लिया है. अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हम इस साल भारत-कनाडा रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज समिट आयोजित करेंगे. नागरिक परमाणु ऊर्जा में हमने लंबी अवधि के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक महत्वपूर्ण समझौता किया है. हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे.' -कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया. -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को हमारे सहयोग में बढ़ती गति के लिए श्रेय देता हूं. भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अडिग विश्वास रखते हैं. हम विविधता का जश्न मनाते हैं. मानवता की भलाई हमारी साझा दृष्टि है. यही दृष्टि हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. आज हमने इस दृष्टि को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक ले जाना है. आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को अनलॉक करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए हमने जल्द ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है. इससे दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है. यह उनके भारत की विकास कहानी में गहरे विश्वास का प्रतीक है. आज हम दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स से भी मिलेंगे. उनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी को … Read more

होलिका दहन की असमंजस तारीख: भद्रा–ग्रहण के कारण बदला समय, यहां जानें पूरा विवरण

बुराई पर अच्छाई की जीत का महापर्व होलिका दहन को लेकर इस साल बड़ा कंफ्यूजन बना हुआ है। कुछ लोग कह रहे हैं कि 2 मार्च को होलिका दहन होगा तो कुछ 3 मार्च की तिथि बता रहे हैं। दरअसल, इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है जिस वजह से ये असमंजस बना हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को यह उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस वर्ष होलिका दहन पर 'भद्रा' का साया रहने के कारण शुभ मुहूर्त को लेकर काफी चर्चा है। भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना जाता है, इसलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार भद्रा के पुंछ काल में ही अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। आइए जान लेते हैं कि होलिका दहन इस साल आज किया जाएगा या कल और किस समय होगी पूजा… क्यों किया जाता है होलिका दहन? होलिका दहन क्यों किया जाता है वो सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। बता दें कि भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अधर्मी होलिका के अंत की यह कथा हमें नकारात्मकता को त्याग कर सकारात्मकता अपनाने का संदेश देती है। हालांकि होलिका दहन को लेकर कई सारी पौराणिक कथाएं प्रचलित है। आइए जानते हैं कि आज रात भद्रा कब तक रहेगी, पूजा का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त क्या है और किस विधि से पूजा करने पर आपके परिवार में सुख-समृद्धि आएगी। होलिका दहन 2026: तिथि और पूर्णिमा का समय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार तिथियों का गणित कुछ इस प्रकार है: पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, सोमवार शाम 05:55 बजे से। पूर्णिमा तिथि समापन: 3 मार्च 2026, मंगलवार शाम 05:07 बजे तक। विशेष: 2 मार्च को होलिका दहन होगा, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा और 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी। भद्रा का साया: क्यों है इस बार होलिका दहन खास? 2 मार्च को जैसे ही पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, वैसे ही भद्रा का प्रारंभ भी शाम 05:55 बजे से हो जाएगा, जो अगले दिन 3 मार्च की सुबह 05:28 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा मुख में होलिका दहन को 'अशुभ' माना गया है। ऐसी स्थिति में जब भद्रा पूरी रात व्याप्त हो, तब भद्रा पुंछ के समय में दहन करना शास्त्र सम्मत और कल्याणकारी होता है। कब किया जाएगा होलिका दहन जानें शुभ मुहूर्त? आज रात भद्रा के पुंछ काल में दहन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित है: होलिका दहन मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:50 बजे से 02:27 बजे तक (2 मार्च की रात)। नोट: इस सीमित समय में ही पूजा और दहन संपन्न करना लाभकारी रहेगा। होलिका पूजन की संपूर्ण विधि और मंत्र पूजा के समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें और नीचे बताई गई विधि अनुसार पूजा करें- जल अर्पण: पूजा स्थल पर दूध और घी मिश्रित जल छिड़कें। सामग्री अर्पण: अक्षत, फूल, रोली, हल्दी, मूंग, गुड़ और गेहूं की सात बालियां अर्पित करें। परिक्रमा: कच्चा सूत लेकर होलिका की 3 या 7 बार परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। सिद्ध मंत्र: पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करें: ओम होलिकायै नम: ओम प्रह्लादाय नम: ओम नृसिंहाय नम: पूजा सामग्री की चेकलिस्ट शुभ फल की प्राप्ति के लिए पूजा में इन चीजों को शामिल करना न भूलें: सूखी लकड़ियां और गोबर के उपले (बड़कुल्ले) की माला। कच्चा सूत, अक्षत, रोली, फूल और हल्दी। गुलाल, बताशा, नारियल, मिठाई और कपूर। एक कलश में शुद्ध जल। धार्मिक महत्व: क्यों जलाई जाती है होली? होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि विश्वास की जीत है। यह कथा भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और भगवान नरसिंह के अवतार की याद दिलाती है। मान्यता है कि होलिका की पवित्र अग्नि में घर की नकारात्मकता, बीमारियां और बुरी शक्तियां जलकर भस्म हो जाती हैं। सामूहिक रूप से दहन करने से सामाजिक एकता और भाईचारा बढ़ता है। recent visitors 46

Aramco रिफाइनरी पर ईरान ने किया ड्रोन अटैक, PM मोदी ने शांति और स्थिरता के लिए की अपील

दुबई दुबई में स्थित दुनिया के सबसे बड़े ऑयल टैंक 'अरामको' पर ईरान ने अटैक किया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमलों के बाद सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी बंद कर दी. रिपोर्ट के मुताबिक, बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 9.32% बढ़ गई हैं. यह जगह सऊदी की सबसे बड़ी और सबसे स्ट्रेटेजिक एनर्जी साइट्स में से एक है. हमले के बाद इसके प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई. अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने इलाके में ज़रूरी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता पैदा कर दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी के ने बताया कि अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है. ईरान युद्ध के बीच PM मोदी का बड़ा बयान पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ऐतिहासिक मुलाकात भारत की कूटनीति के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकती है. नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को 'नेक्स्ट लेवल पार्टनरशिप'  पर ले जाने का संकल्प लिया, बल्कि वैश्विक शांति के लिए एक मजबूत संदेश भी साझा किया. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा से ही शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है और सभी विवादों का समाधान 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' (संवाद और कूटनीति) के माध्यम से होना चाहिए.  पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम जारी रहेगा. उन्होंने दोहराया कि “हमने हमेशा शांति और स्थिरता की अपील की है.” आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच गंभीर चर्चा हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरपंथ को पूरी मानवता के लिए एक साझा खतरा बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया. रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और कनाडा ने 'इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग' की स्थापना का निर्णय लिया है.  इसके माध्यम से दोनों देश डिफेंस इंडस्ट्री, मिलिट्री एक्सचेंज और मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (समुद्री सुरक्षा जागरूकता) को बढ़ावा देंगे. पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भारत उनकी सलामती के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा. ईरान जंग का ख़तरनाक दौर… दुनिया भर में, ईरान जंग के बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में चार साल में सबसे ज़्यादा उछाल आया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए व्यापार करीब रुक गया है. यह एक ऐसा पानी का रास्ता है, जो रोज़ाना दुनिया का करीब पांचवें हिस्से का कच्चा तेल ले जाता है. हालांकि, ईरान ने ऑफिशियली चैनल बंद नहीं किया है, लेकिन जहाज़ मालिकों ने लड़ाई के बीच खुद ही रोक लगा दी है. ईरान युद्ध ग्लोबल ऑयल मार्केट के लिए एक खतरनाक नया दौर है. US और इज़रायल ने शनिवार को ईरान में कई जगहों पर मिसाइलें दागीं और लोकल लोगों से इस्लामिक शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की. ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद तेहरान ने इज़रायल के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में US बेस और दूसरे ठिकानों पर हमलों की झड़ी लगा दी.  recent visitors 36

UP Police SI Exam 2026: एडमिट कार्ड का इंतजार खत्म होने वाला, ऐसे होगा परीक्षा का पैटर्न

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित की जाने वाली सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बोर्ड जल्द ही एडमिट कार्ड जारी करने वाला है। बोर्ड आगामी 14 और 15 मार्च 2026 को प्रदेश भर के विभिन्न केंद्रों पर इस लिखित परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड का बेसब्री से इंतजार है। 1.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड मार्च के पहले सप्ताह में आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जारी कर दिए जाएंगे। यह परीक्षा प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 4,543 रिक्त पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दो दिनों तक चलेगी परीक्षा (एग्जाम शेड्यूल) यूपी पुलिस एसआई की लिखित परीक्षा दो दिनों तक अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की जाएगी। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को देखते हुए बोर्ड ने पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। परीक्षा की तारीख: 14 मार्च (शनिवार) और 15 मार्च (रविवार), 2026। शिफ्ट टाइमिंग: परीक्षा दो शिफ्टों (सुबह और दोपहर) में आयोजित होगी। सटीक जानकारी अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर उपलब्ध होगी। एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर 'Notice' या 'Latest News' सेक्शन में 'UP Police SI Admit Card 2026' के लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि (DOB) दर्ज करें। 4. स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर 'Submit' बटन पर क्लिक करें। 5. आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, इसे डाउनलोड करें और रंगीन प्रिंटआउट जरूर निकाल लें। परीक्षा केंद्र पर क्या साथ ले जाएं? परीक्षा के दिन किसी भी असुविधा से बचने के लिए उम्मीदवार ये चीजें साथ रखें: एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी। एक वैलिड फोटो आईडी कार्ड (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी)। हाल ही की दो पासपोर्ट साइज फोटो। ट्रांसपेरेंट पेन (निर्देशानुसार)। ध्यान दें: मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा हॉल में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। चयन प्रक्रिया और परीक्षा का पैटर्न सब-इंस्पेक्टर पद के लिए चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से चार चरणों में पूरी होती है: लिखित परीक्षा (CBT/OMR): इसमें सामान्य हिंदी, कानून/संविधान, सामान्य ज्ञान, और रीजनिंग जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा लिखित परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। यह 400 अंकों की होगी। 2 घंटे का समय होगा। कुल प्रश्न 160 होंगे। सामान्य हिंदी, मूलविधि/संविधान/सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक व मानसिक योग्यता परीक्षा, मानसिक अभिरुचि परीक्षा/ बुद्धिलब्धि परीक्षा/ तार्किक परीक्षा से 40-40 प्रश्न आएंगे। चारों सेक्शन 100-100 नंबर के होंगे। प्रत्येक विषय में 35 फी प्रदी अंक और कुल 50 प्रतिशत अंक प्राप्त न करने वाले अभ्यर्थी भर्ती के पात्र नहीं होंगे। फिजिकल टेस्ट शारीरिक दक्षता परीक्षा के संभावित नियम इस प्रकार है- पुरुषों के लिए – 4.8 किमी की दौड़ 28 मिनट में पूरी करनी होगी। महिलाओं को 16 मिनट में 2.4 किमी दौड़ना होगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और PST: शारीरिक मानक परीक्षण। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): इसमें दौड़ शामिल होती है। मेडिकल परीक्षण: अंतिम चयन से पहले स्वास्थ्य जांच।   recent visitors 36

भगोरिया पर्व पर बड़वानी में कृषि कैबिनेट: लोक संस्कृति के सम्मान पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोक संस्कृति के सम्मान के प्रकटीकरण के लिए भगोरिया पर्व पर बड़वानी में कृषि कैबिनेट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बसंत और रंगों के पर्व होली की मंगलकामनाएं देश का फूड बास्केट है मध्यप्रदेश परीक्षा के समय में तनावमुक्त रहें विद्यार्थी मध्य पूर्व की वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति में राज्य सरकार, वहां रह रहे प्रदेश के परिवारों के साथ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को होली पर्व की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना की कि बसंत और रंगों का यह उत्सव सभी के लिए शुभ और कल्याणकारी हो। उन्होंने कहा कि आज भगोरिया पर्व का भी आखिरी भगोरिया है। राज्य सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। पर्व के समय जनजातीय भाई बहनों के साथ रहने और लोक संस्कृति के सम्मान के प्रकटीकरण के लिये पहली कृषि कैबिनेट बड़वानी में सोमवार को आयोजित की गई है। यह प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों सहित युवा, महिला, गरीब, सभी के कल्याण के लिए गतिविधियां संचालित हैं। राज्य सरकार ने किसान कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। फसल की सही कीमत सुनिश्चित करने के लिए भावांतर योजना में अब सरसों को भी शामिल किया जा रहा है। उड़द प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अब किसानों को उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। मध्यप्रदेश दलहन-तिलहन सहित सभी कृषि उत्पादों में एक प्रकार से देश का फूड बास्केट है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश कृषि और उससे जुड़े सभी क्षेत्रों में निरंतर उन्नति करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का समय है, जो उनके लिए विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से तनावमुक्त रहते हुए और स्वयं का ध्यान रखते हुए होली पर्व का आनंद लेने और परीक्षा सहित अपने सभी कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यपूर्व की वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति के संबंध में कहा कि प्रदेश के कई नागरिक इन देशों में हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हमारा प्रयास है कि किसी भी नागरिक को कष्ट नहीं हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बतया कि उन्होंने मध्यपूर्व के देशों में रह रहे प्रदेश के कई परिवारों से दूरभाष पर बात की है। राज्य सरकार इन परिवारों के साथ है।   recent visitors 35

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि के लिए की कामना लोक देवता भीलट देव के आंगन नागलवाड़ी में है पहली कृषि कैबिनेट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव का दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। किसान कल्याण वर्ष में बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले दर्शन लाभ लेने के बाद सतपुड़ा की पहाडी पर विराजित लोक देवता के रमणीय स्थल की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भीलट देव निमाड़-मालवा क्षेत्र के आराध्य देव है। आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिये मिल रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिससे किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे प्रारंभ में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फिर धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी। भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नागलवाड़ी भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भीलट देव के तपस्या स्थल पर बने मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत  सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों के साथ नागलवाड़ी मंदिर दर्शन के बाद सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। निमाड़ के खेत और बाड़ियों में उपजने वाली फसलों की प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट से पहले निमाड़ के फार्म/खेतो और बाड़ियों में उपजने वाली फसलों का परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने निमाड़ की कृषि पद्धतियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी के सम्बंध में बड़वानी कलेक्टर मती जयति सिंह ने प्रस्तुतिकरण भी दिया। अलग-अलग थीम पर आधारित रही प्रदर्शनी कृषि कैबिनेट के मद्देनजर जिला प्रशासन और कृषि कार्यों से जुड़े विभागों ने प्रदर्शनी में अलग-अलग थीम पर अपना प्रस्तुतिकरण किया गया। इनमें प्राकृतिक खेती क्रियान्वयन और प्रभावी मॉडल, वोकल फ़ॉर लोकल, केले का विकास मॉडल, डॉलर चना संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल उभरती हुई विकासशील फसल, गन्ना आर्थिक और प्रभावी मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन कार्यक्रम, नवाचार वन्य ग्राम समृद्धि अभियान थीम पर आधारित थी।   recent visitors 32