मध्य प्रदेश में होली की छुट्टियां दोगुनी, तीन और चार मार्च को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

भोपाल  मध्य प्रदेश में होली पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा।  राज्य सरकार ने पहले ही तीन मार्च को होली के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था, लेकिन अब रविवार को जारी नए आदेश के अनुसार, अब तीन और चार मार्च 2026 दोनों दिन सार्वजनिक और सामान्य अवकाश रहेगा। यह आदेश ‘निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881’ के तहत लिया गया है। धार्मिक और खगोलीय कारणों से होली उत्सव का दिन बदलना आवश्यक था, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। कन्फ्यूजन खत्म, अब मनाएं जश्न दरअसल, इस बार होली की तारीख को लेकर लोगों में काफी उलझन थी। कोई 3 मार्च को होली मनाने की तैयारी में था, तो कोई 4 मार्च को। दफ्तर जाने वालों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर छुट्टी कब मिलेगी? शासन ने अब इस भ्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब होली के मौके पर लगातार दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। कर्मचारी संगठनों की जिद के आगे झुकी सरकार बता दें कि सरकार ने पहले सिर्फ 3 मार्च यानी कि मंगलवार की छुट्टी घोषित की थी। लेकिन कर्मचारी संगठनों का तर्क था कि चूंकि होली दो दिन मनाई जा रही है, इसलिए 4 मार्च को भी दफ्तर बंद रहने चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास भेजा, जिस पर रविवार को मुहर लग गई। बैंक और दफ्तर सब रहेंगे बंद जारी अधिसूचना के मुताबिक, 4 मार्च को 'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत छुट्टी घोषित की गई है। इसका मतलब यह है कि उस दिन सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ सभी बैंक भी बंद रहेंगे। यह आदेश पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू होगा। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बता दें, होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है।  recent visitors 33

अमरीन का बड़ा खुलासा: अहमदाबाद में फ्लैट से स्पा सेंटरों के सहारे चला रही थी देह व्यापार

भोपाल  राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में स्थित सागर रॉयल विला में किराये का मकान लेकर गरीब हिंदू युवतियों का धर्मांतरण कराने और देह व्यापार में धकेलने वाली अमरीन का गिरोह अहमदाबाद में भी फैला हुआ है। अमरीन ने जिस तरीके से भोपाल में अपरा रैकेट चलाने के लिए पुराने व विश्वसनीय ग्राहक चंदन यादव का धर्म परिवर्तन कराकर उसे लिवइन पार्टनर बनाया था। उसी तरह अहमदाबाद के पुराने ग्राहक यासिर को मंगेतर बनाकर उसे वहां देह व्यापार का काम सौंप रखा था।  अमरीन के देह व्यापार को अहमदाबाद में यासिर ही संभाल रहा था। अमरीन ने यासिर के साथ मिलकर अहमदाबाद में जुहापुरा क्षेत्र में राजदरबार होटल के पीछे एक फ्लैट किराये पर लिया था। इसी फ्लैट से वह अहमदाबाद में देह व्यापार का रैकेट चला रही थी। अहमदाबाद में रैकेट चलाने के लिए उसी शहर के आधा दर्जन से अधिक बड़े स्पॉ सेंटर में अमरीन और यासिर ने सांठगांठ की थी। इन्हीं स्पॉ सेंटर से देह व्यापार के लिए लड़कियां और ग्राहकों को सौदा तय करके यासिर अपने किराये के फ्लैट पर लाता और देह व्यापार कराता था। देह व्यापार के कारण टूट चुका है आफरीन का निकाह अमरीन की बहन आफरीन भी भोपाल में संचालित गिरोह का मुख्य किरदार है। आफरीन की शादी जमालपुर में हुई थी, लेकिन ससुराल वालों को जब पता चला कि अमरीन और आफरीन गलत धंधे में लिप्त हैं तो ससुराल वालों का आए दिन आफरीन से विवाद होने लगा। इसके बाद आफरीन ससुराल छोड़कर वापस भोपाल अपने बहन अमरीन के पास आ गई और धंधे में हाथ बंटाने लगी। हालांकि आफरीन के तलाक का केस अभी अदालत में विचाराधीन है। आफरीन के ससुराल वालों के जरिए ही यासिर का संपर्क अमरीन से हुआ था। इसके बाद यासिर भी इस गिरोह का ग्राहक बन गया। बाद में अमरीन का विश्वस्त बना। अमरीन ने उसे अपना मंगेतर बनाकर अहमदाबाद में देह व्यापार को संचालित करने का बड़ा काम सौंप दिया। इस केस में एक बात कॉमन मिली है कि अमरीन ने भोपाल में देह व्यापार का धंधा चलाने के लिए पुराने ग्राहक चंदन यादव को प्रेमी और लिवइन पार्टनर बनाया। वहीं अहमदाबाद में रैकेट चलाने पुराने ग्राहक यासिर को मंगेतर बनाकर काम सौंप दिया। पुलिस पहुंचने से पहले फरार हो गया यासिर भोपाल में अमरीन के गिरोह पर प्रकरण दर्ज होने की भनक लगते ही यासिर अहमदाबाद से फरार हो गया था। भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम जब अहमदाबाद स्थित अमरीन-यासिर के किराए के फ्लैट पर पहुंची तो वहां यासिर नहीं मिला। धर्मांतरण, दुष्कर्म, देह व्यापार के इस मामले में भोपाल निवासी अमरीन के भाई बिलाल, रिश्ते का भाई चानू और अहमदाबाद निवासी यासिर फरार हैं। पुलिस संजना उर्फ जन्नत की भी तलाश कर रही है। अहमदाबाद गई भोपाल पुलिस की टीम वापस आ गई है। पुलिस का कहना है कि अमरीन भोपाल में भी इसी मॉडल पर देह व्यापार करती थी। भोपाल में सागर रॉयल विला कॉलोनी में प्रेमी चंदन के साथ मिलकर और अहमदाबाद में मंगेतर यासिर के साथ। आरोपियों के कबूलनामे और सबूतों के बाद अब पुलिस मामले में देह व्यापार की धारा बढ़ाकर कार्रवाई करने की तैयारी में है। recent visitors 35

लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए महिला ट्रेनर को किया अनिवार्य, योगी ने जिम की जांच के दिए निर्देश

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि सभी जिम की जांच की जाए और यह सुनिश्चित हो कि वहां महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर की व्यवस्था हो। सीएम योगी रविवार को वाराणसी में सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। वाराणसी के पड़ोसी जिले में जिम की आड़ में लड़कियों के धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया था। इसमें एक सिपाही समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कई जिमों में धर्मांतरण के खेल का खुलासा हुआ था। धार्मिक स्थल पर ही हों धार्मिक आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि कोई भी धार्मिक क्रियाकलाप धार्मिक स्थल परिसर में ही किए जाएं। कोई भी नई परम्परा की अनुमति नहीं होगी। सीएम ने होली के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कहीं भी अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री न होने पाए। क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक की सर्किट हाउस में सुबह सीएम योगी ने क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी रहे। सड़क सुरक्षा पर जोर समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करें। सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्क न किए जाएं। सड़क सुरक्षा की नियमित बैठकें करें एवं अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम कराएं। लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के अन्तर्गत सुनिश्चित हो। बोले, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग वाहनों में न होने पाए। परियोजनाओं की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री ने नगर में सीवेज एवं जलापूर्ति के लिए अमृत-2 योजना के तहत कार्यों को व्यवस्थित ढंग से कराने का निर्देश दिया। कहा कि गर्मी में पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। कार्यों की सघन मॉनीटरिंग करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सफाई में मशीनों का उपयोग करें। अंडरग्राउंड केबलिंग मानक के अनुरूप कराएं। बैठक में इनकी रही उपस्थिति: मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में स्टाम्प राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जाएसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, एमएलएसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, सीडीओ प्रखर सिंह, डीएफओ स्वाति मौजूद रहीं। recent visitors 45

भीषण गर्मी की दस्तक: राजस्थान में दिन–रात बढ़ी तपिश, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

जयपुर राजस्थान में तापमान लगातार बढ़ रहा है और अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म होने लगी हैं। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। बाड़मेर में रात का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस समय के लिहाज से ज्यादा है। पश्चिमी जिलों में तेज धूप के कारण लोग दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं। मौसम केंद्र मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा। साथ ही आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और तेज होगा। रविवार को पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा और सुबह से शाम तक तेज धूप देखने को मिली। पिछले 24 घंटों में बाड़मेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा जोधपुर में 35.1, फतेहपुर (सीकर) में 35.5, जैसलमेर में 34.7, बीकानेर में 34.4, फलोदी में 34.6, चित्तौड़गढ़ में 34.6, करौली में 33.3, जालोर में 33.5, दौसा में 33.4, नागौर में 33.2, चूरू में 33.6, कोटा में 33.4, पिलानी में 33.7, वनस्थली में 33.6, भीलवाड़ा में 33 और जयपुर में 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। बाड़मेर के अलावा जवाई डैम (पाली) में 20.6, जैसलमेर में 20, जालोर में 20.7, फलोदी में 19.8, बीकानेर में 18.9, कोटा में 18.8 और जयपुर में 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। इन सभी स्थानों पर रात का तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री अधिक रहा। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार होली के बाद प्रदेश में गर्मी और तेज होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक गर्मी का सामना करना पड़ेगा। recent visitors 41

बच्चों के पोषण स्तर में 81 प्रतिशत का सुधार, कुपोषण के खिलाफ उल्लेखनीय उपलब्धि

कुपोषण के खिलाफ जीवनरक्षक ढाल बना योगी सरकार का ‘संभव अभियान’ आंगनबाड़ी केंद्रों में लाखों बच्चों को मिला नया जीवन, कुपोषण पर निर्णायक प्रहार बच्चों के पोषण स्तर में 81 प्रतिशत का सुधार, कुपोषण के खिलाफ उल्लेखनीय उपलब्धि  लखनऊ कुपोषण और भुखमरी दूर करने के लिए योगी सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि प्रदेश में लाखों नौनिहालों की जान बचाने में सफलता मिली है। ‘संभव अभियान’ से अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों में से 81 प्रतिशत सामान्य स्थिति में आ चुके हैं। यह एक समग्र प्रयास है जो जीवन के पहले 1000 दिनों में कुपोषण की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करता है। बच्चों को मिल रहा है पोषण और जीवनदान प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे तीव्र कुपोषण से जूझ रहे थे, जिससे उनके जीवन और विकास पर खतरा मंडरा रहा था। सरकार ने इस समस्या को बड़ी चुनौती के रूप में लिया और केंद्र सरकार की मदद से इस पर व्यापक रणनीति बनाई। संभव अभियान को मजबूत करने में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का उपयोग और पोषण ट्रैकर का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया। पंजीकृत कुपोषित बच्चों का डाटा स्वास्थ्य विभाग के ई-कवच एप्लीकेशन से जोड़ा गया, जिससे उपचार और फॉलोअप में पारदर्शिता आई। 1.7 करोड़ से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर 2.5 लाख कुपोषित बच्चों का पंजीकरण किया गया। एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और एएनएम को प्रशिक्षित कर जमीनी स्तर पर क्षमता बढ़ाई गई। इस तरह बच्चों को उचित पोषण पहुंचाकर विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।  मां और शिशु पर विशेष फोकस सम्भव अभियान केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि गर्भावस्था से ही पोषण सुरक्षा की नींव रखता है। कम वजन और एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं की पहचान कर प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित वजन निगरानी, आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम सेवन तथा पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है। 0 से 6 माह तक के शिशुओं में लो बर्थ वेट और प्री-टर्म बच्चों की पहचान कर विशेष निगरानी की जाती है। जटिल मामलों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार दिया जाता है। यह समन्वित दृष्टिकोण कुपोषण की जड़ पर प्रहार करता है। हर वर्ष जून से सितंबर तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सघन अभियान चलाकर बच्चों की स्क्रीनिंग, पहचान और उपचार की समग्र व्यवस्था की जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर बना आदर्श मॉडल सम्भव अभियान के परिणाम अब जमीन पर दिख रहे हैं। कुपोषित श्रेणी के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने की दर में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। यह राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। सम्भव अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है जो पोषण के प्रति समुदाय, सेवा प्रदाताओं और नीति निर्माताओं को एकजुट करता है। recent visitors 42

सूर्य घर योजना से 60,000 से अधिक रोजगार सृजित, रोजाना ₹20-25 करोड़ का सौर कारोबार

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत यूपी में रिकॉर्ड इंस्टॉलेशन, फरवरी में 35,804 रूफटॉप प्लांट स्थापित योजना के तहत ₹3,500 करोड़ से अधिक की सब्सिडी डीबीटी से हस्तांतरित, लगभग 4 लाख परिवार लाभान्वित सूर्य घर योजना से 60,000 से अधिक रोजगार सृजित, रोजाना ₹20-25 करोड़ का सौर कारोबार लखनऊ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा विस्तार का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रूफटॉप सोलर को जन-आंदोलन का रूप देते हुए प्रदेश ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार राज्य में अब तक 11,64,038 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3,93,293 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूर्ण हो चुके हैं। इसके माध्यम से 3,98,002 परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में कुल स्थापित सौर क्षमता 1,343.5 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।  ₹3,500 करोड़ से अधिक की सब्सिडी हस्तांतरित प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी बन रहा है, बल्कि रोजगार सृजन, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, भूमि संरक्षण और डिजिटल ऊर्जा भविष्य की दिशा में भी एक नए युग का नेतृत्व कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत ₹2,663.57 करोड़ की केंद्रीय सरकार की सब्सिडी तथा लगभग ₹920 करोड़ की राज्य सरकार की सब्सिडी लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई है। उत्तर प्रदेश जुलाई 2025 से लगातार देश में इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष दो राज्यों में बना हुआ है, जो राज्य की निरंतर प्रगति और मजबूत क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।        रिकॉर्ड 35,804 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि फरवरी माह 2026 में उत्तर प्रदेश के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों का माह साबित हुआ। इस एक माह के भीतर रिकॉर्ड 35,804 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। साथ ही 28 फरवरी 2026 को एक ही दिन में 2,211 इंस्टॉलेशन कर उत्तर प्रदेश ने पूरे भारत में किसी भी राज्य द्वारा एक दिन में किए गए सर्वाधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उपलब्धि राज्य की तीव्र कार्यक्षमता और मिशन मोड में चल रहे क्रियान्वयन का प्रमाण है।       60,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार इस योजना ने प्रदेश में व्यापक सौर ऊर्जा अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है। वर्तमान में 4,500 से अधिक वेंडर्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिससे 60,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। प्रतिदिन औसतन 4 से 5 मेगावाट रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा रहे हैं, जिससे राज्य में प्रतिदिन लगभग ₹20 से ₹25 करोड़ का व्यवसाय उत्पन्न हो रहा है। रूफटॉप सोलर के माध्यम से प्रतिदिन 60 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसका अनुमानित आर्थिक मूल्य लगभग ₹4 करोड़ प्रतिदिन है।    5000 एकड़ से अधिक भूमि की बचत रूफटॉप सोलर मॉडल का एक महत्वपूर्ण लेकिन अप्रत्यक्ष लाभ भूमि संरक्षण के रूप में सामने आया है। इस योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में 5000 एकड़ से अधिक भूमि की बचत हुई है। यदि यही क्षमता ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्लांट्स के माध्यम से स्थापित की जाती, तो विशाल भू-भाग की आवश्यकता होती। अब यह भूमि औद्योगिक, वाणिज्यिक, कृषि तथा अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए उपलब्ध रह सकती है।     कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी तेजी से बढ़ते इंस्टॉलेशन ने सौर उद्योग से जुड़े उपकरणों जैसे मॉड्यूल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर और केबल की मांग को भी बढ़ाया है, जिससे प्रदेश में एक मजबूत सप्लाई चेन विकसित हुई है। साथ ही, सौर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आ रही है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश अब सौर ऊर्जा को भविष्य के डिजिटल ऊर्जा व्यापार मॉडल से जोड़ने की दिशा में भी अग्रसर है। यूपीनेडा से जुड़े वेंडर्स ऊर्जा उत्पादन को यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस जैसे प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। recent visitors 56

चिदंबरम एस पोडुवल पर यौन उत्पीड़न का आरोप, कोच्चि में दर्ज हुआ केस

  कोच्चि केरल के कोच्चि (Kochi) शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है. सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ (Manjummel Boys) के निर्देशक चिदंबरम एस पोडुवल (Chidambaram S Poduval) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने सोमवार को इसकी पुष्टि की. शिकायत के आधार पर एर्नाकुलम साउथ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि यह मामला साल 2022 की एक कथित घटना से जुड़ा है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है. ये है आरोप की कहानी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 2022 में निर्देशक ने उसके फ्लैट में जबरन प्रवेश किया था. यह घटना कोच्चि के एलामकुलम इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट की बताई जा रही है. महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय हरकत की और उसका यौन उत्पीड़न किया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया. इसके बाद तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया. इन धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है. केस धारा 74 और 75 के तहत दर्ज हुआ है. धारा 74 महिलाओं की लज्जा भंग करने की नीयत से हमला या आपराधिक बल प्रयोग से जुड़ी है. वहीं धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है. पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है. पूछताछ की तैयारी अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज करने से पहले महिला का विस्तृत बयान लिया गया था. अब फिल्म निर्माता निर्देशक को नोटिस जारी किया जाएगा. उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने को कहा जाएगा. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. अभी तक आरोपी निर्देशक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. दो हिट फिल्मों के निर्देशक हैं चिदंबरम चिदंबरम एस पोडुवल मलयालम सिनेमा के चर्चित निर्देशक हैं. उन्होंने 2021 में फिल्म जान-ए-मन (Jan.E.Man) का निर्देशन किया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था. इसके बाद 2024 में आई फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की. इस फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई. ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज हुए इस केस ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. आगे क्या होगा? फिलहाल पुलिस जांच की प्रक्रिया में जुटी है और आरोपी को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है. पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है. निर्देशक की ओर से सफाई या प्रतिक्रिया आने का इंतजार है. आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं.   recent visitors 34