पार्वती नर्मदा लिक योजना से इच्छावर के 11 ग्रामों का हुआ पत्ता साफ ग्रामीण किसान हुए आक्रोशीत, निकाली पैदल रैली

इछावर सीहोर जिले के इछावर में नर्मदा लिंक परियोजना में 11 छूटे हुए गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र इछावर में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे, जिनकी लंबी कतारें दूर-दूर तक दिखाई दीं. इछावर में 11 गांवों के किसानों ने नर्मदा लिंक परियोजना में अपने गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर पैदल रैली निकाली. किसान बड़ी संख्या में एकत्र हुए और रैली के रूप में तहसील कार्यालय तक पहुंचे. उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. किसानों का कहना है कि उनके 11 गांवों को नर्मदा लिंक परियोजना में शामिल नहीं किया गया है, जिसके कारण वे इस महत्वपूर्ण परियोजना के लाभ से वंचित हैं. उन्होंने सभी छूटे हुए गांवों को परियोजना से जोड़ने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मौजूदगी ने किसानों के आंदोलन की ताकत को दर्शाया. किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी नहीं होने तक वे अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे.   recent visitors 62

पत्नी से विवाद के बाद आवेश में आकर फंदे पर झूला युवक

अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के माचड़ी गांव में पारिवारिक विवाद के चलते एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहां 26 वर्षीय युवक राकेश जाटव ने पत्नी से विवाद के बाद आवेश में आकर उसके सामने ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में शोक की लहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राकेश जाटव की शादी दो साल पहले महाराष्ट्र की एक युवती से हुई थी। शादी के बाद से ही दंपति के बीच रिश्तों में खटास बनी हुई थी। गुरुवार को भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद राकेश ने आवेश में आकर आत्मघाती कदम उठा लिया। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से कलह चल रही थी, जिसका अंत इतना दुखद हुआ। मृतक का एक सवा साल का मासूम बेटा भी है। घटना के समय पत्नी मौके पर मौजूद थी, लेकिन वह न तो उसे रोक सकी और न ही समय रहते किसी को बुला सकी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य कोणों से भी मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध तो नहीं थे, जिसके बारे में राकेश को जानकारी हो गई हो और इसी कारण विवाद बढ़ा हो। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। गांव के लोगों का कहना है कि राकेश शांत और सरल स्वभाव का युवक था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला। recent visitors 57

पिछले दिनों Ghibli ट्रेंड, अब बेबी वर्जन वीडियो का क्रेज़

नई दिल्ली पिछले दिनों Ghibli (घिबली) फोटोज काफी ट्रेंड में थे। जिसे देखो अपने फोटोज का घिबली वर्जन बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था। अब इसी तरह का एक और ट्रेंड सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रहा है। इस लेटेस्ट ट्रेंड में लोग अलग-अलग हस्तियों के बेबी वर्जन वाले वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। कुछ लोग अपने खुद के बेबी वर्जन वाले वीडियो भी बनाकर ऑनलाइन डाल रहे हैं। अगर आप भी इस तरह के वीडियो बनाना चाहते हैं, तो चलिए आज हम आपको बताते है कि किस तरह ये ट्रेंडिंग वीडियो बनाए जा सकते हैं। इस बार लगेंगे दो AI जैसा कि अभी तक होता आया था, इस तरह के एनिमेटेड फोटो बनाने के लिए किसी न किसी AI का इस्तेमाल किया जाता था। इस बार जो ट्रेंड चल रहा है उसके लिए आपको दो AI का इस्तेमाल करना पड़ेगा। दरअसल बेबी वर्जन वीडियो के लिए पहले आपको एक AI का इस्तेमाल करके अपना या किसी किरदार का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके बाद आपको उसे वीडियो में कन्वर्ट करने के लिए एक अलग AI का इस्तेमाल करना होगा। चलिए पूरा प्रोसेस समझते हैं। पहले करें ChatGPT का इस्तेमाल सबसे पहले आपको अपनी किसी फोटो का बेबी वर्जन तैयार करना होगा। इसके लिए सबसे पहले अपनी वह फोटो चुन लें जिसे आप बेबी वर्जन के तौर पर तैयार करना चाहते हैं। इसके बाद अपनी फोटो को ChatGPT में अपलोड करके इस प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करें – "Create a baby version of the person in the image, maintaining similar facial features, hairstyle, and skin tone. The baby should be wearing a miniature version of the same clothes as the original person. Keep the background, lighting, and overall setting the same or closely matched to the original photo." इसके बाद आपके फोटो में मौजूद इंसान का एक बेबी वर्जन तैयार हो जाएगा। अब इमेज को बदलें वीडियो में इसके बाद आपको इस फोटो को Hedra वेबसाइट में ले जाकर उसे वीडियो में कन्वर्ट करना होगा। Hedra वेबसाइट पर आप लिख कर बता सकते हैं कि वीडियो में आप बेबी वर्जन को क्या करते देखना चाहते हैं। जैसे कि Talking on a phone या Dancing in a pub. यह वेबसाइट आपकी फोटो को आपकी कमांड के अनुसार वीडियो में बदल देगी। अगर आप किसी फेमस किरदार या फिल्म के सीन पर आधारित फोटो वीडियो बना रहे हैं, तो आपको ओरिजनल वीडियो से ऑडियो निकाल कर Hedra ऐप में डालना होगा। इससे आप हूबहू किसी फिल्म या सीरियल के सीन का बेबी वर्जन तैयार कर पाएंगे। ध्यान देने वाली बात ChatGPT ने कुछ समय पहले फोटो जेनरेट करने वाले फीचर को सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया था। हालांकि फ्री यूजर्स के फोटो तैयार होने में काफी समय लेते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपना बेबी वर्जन बनाने वाले हैं, तो याद रहे कि ChatGPT आपकी फोटो तैयार करने में कुछ समय लेगा। वहीं अगर आप पेड यूजर हैं, तो आपको इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। recent visitors 82

जबलपुर के एक निजी रेस कोर्स में हैदराबाद से आए 57 घोड़ों में से 8 घोड़ों की मौत

जबलपुर  एक निजी रेस कोर्स में हैदराबाद से आए 57 घोड़ों में से 8 घोड़ों की मौत हो गई है. इन घोड़ों की मौत के बाद एक अनजान बीमारी का डर फैल गया है. घोड़े को ग्लैंडर्स (एक संक्रामक रोग है जो बर्कहोल्डरिया मैलेई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है) नाम की एक बीमारी होती है. दुनिया में कई जगह घोड़े से यह बीमारी आदमियों तक भी पहुंचती है. इस बीमारी में बैक्टीरिया घोड़े के शरीर में जन्म लेता है उसके शरीर में गांठे बनती हैं और इन्हीं की वजह से उसकी मौत हो जाती है. हैदराबाद से आए थे 57 घोड़े यह मामला पनागर के पास रैपुरा गांव है. यहीं के निवासी सचिन तिवारी जबलपुर में एक रेस कोर्स खोलने की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए इन्होंने हैदराबाद से 57 घोड़े बुलवाए थे. सचिन की तैयारी थी कि कुछ ही दिनों में रेस कोर्स शुरू हो जाएगा. यह प्रदेश का पहला रेस कोर्स बनने वाला था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और अचानक तबीयत बिगड़ने से 8 घोड़ों की मौत हो गई. अनजान बीमारी से हुई 8 की मौत शुरुआत में सचिन तिवारी को लगा कि हैदराबाद से जबलपुर आने की वजह से घोड़ों को यहां का मौसम अभी सूट नहीं हो रहा है. जिसकी वजह से उनकी थोड़ी बहुत तबीयत खराब हो रही हो. जब तक घोड़े सिर्फ बीमार थे तब तक सचिन तिवारी चिंता में नहीं थे, लेकिन जैसे ही घोड़ों की मौत शुरू हुई उनकी चिंता बढ़ने लगी. धीरे-धीरे करके 8 घोड़ों की मौत हो गई और अभी भी कई घोड़े बीमार हैं. सचिन तिवारी ने तुरंत इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी. रेस कोर्स में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना ने इस मामले में तुरंत 4 रैपिड एक्शन टीम बनाई. क्योंकि घोड़ों की मौत की एक बड़ी वजह ग्लैंडर्स नाम की बीमारी होती है. वेटरनरी डॉक्टर की टीम तुरंत रेस कोर्स में पहुंची और बीमारी की जांच शुरू की. वेटरनरी डॉक्टर देवेंद्र गुप्ता ने बताया, "घोड़ों को जो बीमारी हुई है उसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्लैंडर्स होने की आशंका है. इसलिए घोड़ों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, यदि उन्हें ग्लैंडर्स बीमारी होती है तो घोड़ो को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा. ताकि यह बैक्टीरिया एक जानवर से दूसरे जानवर में न फैल सके." ग्लैंडर बीमारी होने की जताई जा रही आशंका जबलपुर के वेटरनरी कॉलेज के डॉक्टर आदित्य मिश्रा ने बताया, "ग्लैंडर्स के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह बैक्टीरिया घोड़े से आदमियों तक फैल सकता है, हालांकि, ऐसे कम ही मामले सामने आए हैं." ग्लैंडर्स बीमारी में जब बैक्टीरिया घोड़े में बनते हैं तो उसके शरीर में गांठे बन जाती हैं और यह गांठें इतनी खतरनाक होती हैं कि इससे घोड़े की मौत हो जाती है. यह बैक्टीरिया हवा में फैल सकते हैं. इनके संपर्क में आने से घोड़े और आदमी बीमार पड़ जाते हैं. इसलिए देश भर में जब भी ऐसी कोई संभावना नजर आती है, तो तुरंत प्रशासन सतर्क होकर उसे रोकने की कार्रवाई शुरू कर देता है." जानलेवा है ग्लैंडर्स बैक्टीरिया संक्रमण हालांकि, वेटरनरी डॉक्टर ने जो सैंपल भेजे थे उनमें अभी तक ग्लैंडर्स की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि चिंता की बात नहीं है. लेकिन एक सवाल है कि आखिर एक साथ इतने सारे घोड़े कैसे मर गए. वेटरिनरी विभाग इसकी जांच कर रहा है कि आखिर इन घोड़ों को हुआ क्या है?. फिलहाल, जबलपुर वेटरनरी डिपार्टमेंट की टीम इसकी जांच में लगी हुई है. साथ ही बीमार घोड़ों के संपर्क में आने वालों को चिन्हित किया जा रहा है, जिससे की उन्हें दूसरे लोगों से मिलने से रोका जा सके. यदि कोई अनजान बैक्टीरिया या वायरस घोड़े की वजह से किसी तक पहुंचा हो तो वह आगे ना बढ़ सके. recent visitors 60

टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ पहुंची अदालत

पंजाब पंजाब किंग्स की स्वामित्व वाली कंपनी केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड में नए डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है। PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया है। उन्होंने 21 अप्रैल को कंपनी की अहम मीटिंग को अवैध ठहराने की मांग की है। पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े।   recent visitors 74

इंदौर में बनेगा भव्य रणजीत लोक, पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक

इंदौर इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर का कायापलट होने जा रहा है। यहां रणजीत लोक बनाकर मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पर कुल 7 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्लान तैयार हो चुका है, टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने कहा- रणजीत हनुमान मंदिर 135 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां इंदौर ही नहीं, आस-पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच जाती है। मंदिर प्रशासक एनएस राजपूत ने बताया कि रणजीत लोक तैयार होने के बाद श्रद्धालु मंदिर के पास बने बड़े मैदान से प्रवेश करेंगे। वहां से एक पाथ-वे के माध्यम से छोटी पार्किंग तक पहुंचेंगे। पाथ-वे में जिग-जैग पैटर्न पर रेलिंग लगाई जाएंगी। इनकी संख्या भीड़ के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकेगी।इसके बाद श्रद्धालु दत्त मंदिर से होते हुए दर्शन की मुख्य लाइन में पहुंचेंगे। भगवान के दर्शन कर वहीं से वापस बाहर निकलेंगे। पाथ-वे की दीवारों पर रामायण और सुंदरकांड की झलक मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- यहां सभी तरह के मौसम के मुताबिक व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी ताकि सर्दी, गर्मी और बारिश में भक्तों को परेशानी न हो। बैठने के लिए नई बेंच लगेंगी। बाउंड्रीवाल भी बनाई जाएगी।25 फीट का पाथ-वे बनेगा, इसकी दीवारों पर पत्थरों से भगवान हनुमान से जुड़े दृश्य उकेरे जाएंगे। रामायण और सुंदरकांड को तस्वीरों में दर्शाया जाएगा। छत पर कशीदाकारी, बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी रोशनी रणजीत लोक की छत पर भी कशीदाकारी की जाएगी। बाउंड्रीवॉल पर रंगबिरंगी लाइटिंग लगेगी। यहां भी सुंदरकांड का चित्रण होगा। मंदिर का एक्सटेंशन 40 फीट आगे तक होगा। नया मुख्य द्वार बनेगा। शेड तैयार किए जाएंगे।मंदिर परिसर में ही पुलिस चौकी बनाई जाएगी। नया जूता स्टैंड, पेय जल की व्यवस्था की जाएगी। बेबी फीडिंग रूम और बुजुर्गों के लिए अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। भक्त पाथ-वे के जरिए दर्शन करने जाएंगे। यहां एलईडी पर भगवान के लाइव दर्शन होंगे।स्मार्ट सिटी संभाल रहा निर्माण की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासक राजपूत ने बताया- रणजीत लोक निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी इंदौर स्मार्ट सिटी को दी गई है। इसके लिए मंदिर के फंड और दान की राशि का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते इसका काम शुरू किया जा चुका है। पांचवीं पीढ़ी संभाल रही पूजा-अर्चना का काम वर्तमान पुजारी पं. दीपेश व्यास के परदादा स्व. पं. भोलाराम व्यास इस मंदिर के संस्थापक पुजारी थे। उनकी पांचवीं पीढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रही है। व्यास ने कहा- शुरुआत में बाबा रणजीत टीन से बने शेड में विराजमान थे। 1960 में गार्डर-फर्शी से पक्का निर्माण किया गया। 1992 में आरसीसी छत डाली गई। व्यास के अनुसार, होलकर राजा जब भी युद्ध के लिए जाते थे तो यहां पूजा-हवन करते थे। विजय की कामना के साथ यहां आते और फिर युद्ध के लिए जाते थे इसलिए मंदिर का नाम रणजीत हनुमान पड़ा। उन्होंने कहा- पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर यहां रणजीत अष्टमी मनाई जाती है। सुबह 5 बजे प्रभात फेरी निकाली जाती है। दिनभर पूजा-अर्चना और विशेष आरती की जाती है। 21 लाख रुपए के रथ पर सवार होकर रणजीत हनुमान नगर भ्रमण करते हैं। महाकाल लोक के बाद अब मध्यप्रदेश में हनुमान लोक नजर आएगा। इसका निर्माण सौंसर के जाम सांवली में होगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड 314 करोड़ की लागत से करीब 30 एकड़ में इसका निर्माण करवा रहा है। उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 6 फेज में हनुमान लोक कॉरिडोर का काम होगा। फर्स्ट फेज में 35 करोड़ की लागत से एंट्रेंस प्लाजा से हनुमान लोक तक का काम किया जाएगा। recent visitors 60

मुख्यमंत्री साय बोले – व्यर्थ नहीं जाएगा शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान, नक्सलवाद के समूल नाश का संकल्प करेंगे पूरा

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।   मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।           इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे। recent visitors 50