शारजाह से इंदौर की फ्लाइट आज भी कैंसिल, दुबई में एमपी के 100 से ज्यादा लोग फंसे, ड्रोन हमलों के चलते स्थिति तनावपूर्ण

 इंदौर  ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दुबई में हालात चिंताजनक हैं। इसके चलते दुबई एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। अन्य विमानों के साथ ही शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी रद हो गई है। इससे मध्य प्रदेश के 100 से अधिक लोग दुबई में फंस गए हैं। इनमें कई कारोबारी और नौकरीपेशा लोग हैं। इंदौर-1 के पूर्व विधायक संजय शुक्ला भी फंसे हैं। उन्होंने दुबई से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करके भारत सरकार से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि दुबई में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जाए। शुक्ला के अनुसार, हालात तनावपूर्ण हैं और लगातार अलार्म बज रहे हैं। दुबई में फंसे व्यापारी प्रवीण कक्कड ने बताया कि इंदौर के सभी लोग हालांकि सकुशल हैं। जिस होटल में ठहरे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर ड्रोन हमला होने के बाद सभी लोग निजी घर में शिफ्ट हो गए हैं। खरगोन और बुरहानपुर जिले के भी कई लोगों के दुबई में फंसे होने की जानकारी मिली है, जो वहां नौकरी के सिलसिले में गए हुए थे। उनके परिजन चिंतित हैं। दो पूर्व विधायकों सहित इंदौर के एक बड़े कारोबारी और उनके साथी दुबई की जिस होटल में ठहरे थे, उसके पास की ही पार्क जुमेरा होटल में मिसाइल गिरी और धमाका हुआ। घटना के बाद इंदौर के सभी लोगों ने उस इलाके को छोड़कर दूसरी होटल में शरण ली। कारोबारी पिंटू छाबड़ा ने बताया कि उनके परिजन और सभी साथी सुरक्षित हैं। इंदौर से गया एक अन्य परिवार अबूधाबी में फंसा है। हालांकि वहां हालात सामान्य हैं, लेकिन फ्लाइटों के बंद होने के कारण वापसी मुश्किल हो रही है। इधर, इंदौरियों के दुबई सहित यूएई के विभिन्न शहरों में फंसने की खबर के बाद मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ताजा हालातों की जानकारी लेते हुए दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क कर दुबई में फंसे इंदौर के लोगों की वापसी के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने दुबई में फंसे पूर्व विधायकों सहित कारोबारी पिंटू छाबड़ा से चर्चा कर कहा कि वे ओमान से लौटने का प्रयास करें, फिलहाल भारत-ओमान के बीच हवाई संपर्क जारी है। मंत्री ने यूएई में फंसे लोगों को भारतीय दूतावास से संपर्क रखने और उनकी हिदायतें मानने की भी सलाह दी। वीडियो भेजकर दी जानकारी उन्होंने वीडियो में पीछे के हालात दिखाते हुए बताया कि यहां पर सब सामान्य है. मैं सभी से कहना चाहूंगा कि पैनिक न हों क्योंकि मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं, लेकिन उन पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें. यहां सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. कुछ कोशिशें जरूर हुई थीं, लेकिन उन्हें डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट कर लिया गया है. आम जनता को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. मेरे पीछे मेट्रो स्टेशन और भी दिखाई दे रहा है. मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है. लोगों से परेशान ना होने की अपील इसके साथ प्रशांत ने कहा कि मेरा सभी से निवेदन है कि फेक न्यूज न फैलाएं और घबराएं नहीं, यहां स्थिति सामान्य है. दुबई सुरक्षित है और उम्मीद है कि जो बातें हैं, वे भी जल्द ठीक हो जाएंगी हमें भगवान पर भरोसा रखना चाहिए. अगर आपके कोई रिश्तेदार या दोस्त यहां हैं, तो उनके लिए बिल्कुल चिंता न करें. अगर आपको पहले से न बताया जाए, तो शायद आपको पता भी न चले कि यहां कुछ हुआ है. मैं यह वीडियो अपने घर से बना रहा हूं ताकि आपको बड़ा व्यू दिखा सकूं. आप पीछे पूरा ओपन स्काई देख सकते हैं. यह जुमेरा एरिया है, और सामने दिखाई दे रही है. ट्रैफिक दोनों तरफ सामान्य रूप से चल रहा है. आज संडे भी है, इसलिए लोग काम पर कम जा रहे हैं, फिर भी सब कुछ सामान्य है. इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि बेवजह चिंता न करें यहां सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है. होटल बुकिंग के बढ़े रेट जबलपुर निवासी शैलेश जैन ने बताया कि हम चार दोस्त 21 फरवरी को अबू धाबी घूमने आए थे. हमारी वापसी 28 फरवरी को निर्धारित थी. 28 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे हमें अचानक जानकारी मिली कि हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है. उस समय तक हम सुबह 9 बजे होटल से चेक-आउट कर चुके थे. जब हम दोबारा होटल पहुंचे और रुकने की व्यवस्था करनी चाही, तो पता चला कि होटलों के किराए लगभग तीन गुना बढ़ चुके हैं. ऐसी स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल हम यहां अनिश्चित समय के लिए फंसे हुए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि एयरपोर्ट कब खुलेगा और उड़ानें कब शुरू होंगी. इस वजह से हम सभी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं. वापसी की तैयारी के कारण हमारे पास सीमित धनराशि ही बची थी, जो अब लगभग समाप्त होने की स्थिति में है. हम भारत सरकार से विनम्र प्रार्थना करते हैं कि इस परिस्थिति में फंसे भारतीय पर्यटकों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. विदेश में अचानक ऐसी स्थिति बन जाने पर कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार से अनुरोध है कि हमारी समस्या पर ध्यान देकर हमें सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश लौटने में सहायता प्रदान करें. सरकार से मदद की अपील फंसे हुए यात्रियों ने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि अनिश्चित माहौल, उड़ानों की अस्थिरता और बढ़ते खर्च के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं. परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों की भी चिंता सता रही है. पर्यटकों ने दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की है और विशेष राहत उड़ानों की उम्मीद जता रहे हैं. गौरतलब है कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख शहर है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और प्रवासी रहते हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. फिलहाल फंसे हुए पर्यटक त्वरित राहत और सुरक्षित स्वदेश वापसी की आस लगाए हुए हैं, जबकि परिजन भारत में चिंता के बीच सकारात्मक … Read more

देवजी से समर्पण से बिखरा संगठन, माओवाद से मुक्ति की उलटी गिनती शुरू

जगदलपुर. देश को माओवादी हिंसकों से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया में उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत 31 मार्च को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का समर्पित प्रयास इसमें महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा दायित्व निर्वहन के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे। राजनीतिक इच्छाशक्ति को सुरक्षा बलों ने जिस दृढ़ता और जिजीविषा के साथ संपूर्णता की दिशा में साकार किया है, उसकी सराहना शब्दों में सीमित नहीं की जा सकती। ‘नईदुनिया’ पूरी ईमानदारी के साथ देश और प्रदेश के हित में हिंसकों के विरुद्ध वैचारिक रूप से खड़ा रहा है। यह कड़वी सच्चाई है कि 1980 के दशक के अंत में आंध्र प्रदेश के रास्ते दक्षिण बस्तर में घुसे वामपंथी हिंसकों के संगठनों ने 2004 से कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) नाम से प्रदेश के आदिवासियों को लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ सशस्त्र युद्ध में झोंक दिया। माओवादियों के विरुद्ध 2005 में सलवा जुडूम आंदोलन ने जोर पकड़ा, परंतु राजनीतिक कारणों से हिंसकों का प्रभाव बढ़ता ही गया। 2007 में बीजापुर में 50 सीआरपीएफ जवान तो 2010 में दंतेवाड़ा के तालमेटला में 76 बलिदान हुए। 25 मई 2013 में झीरम कांड में कांग्रेस ने शीर्ष प्रादेशिक नेतृत्व खो दिया। वैचारिक संघर्ष जारी भविष्य में इस बात की अवश्य समीक्षा होगी कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में तालमेल से 2024 के बाद किस तरह 500 से अधिक माओवादी हिंसक मारे गए। अब अगले 31 दिनों की उलटी गिनती में हिंसकों के संपूर्ण अंत में ‘नईदुनिया’ देशवासियों का सहगामी होगा। ध्यान रहे, वैचारिक संघर्ष अभी बाकी है। माओवादी विचारकों और समर्थकों (अर्बन नक्सलियों) में लोकतांत्रिक विचारधारा के प्रस्फुटन ही जनहित में होगा। देवजी के समर्पण से बिखरे माओवादी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा के समूल सफाए के लक्ष्य की दिशा में भाकपा (माओवादी) हिंसक दल प्रमुख थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी का समर्पण एक महत्वपूर्ण मोड़ है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह बीते दस महीनों में माओवादी संगठन को लगा तीसरा सबसे बड़ा झटका है। मई 2025 में माओवादी महासचिव बसव राजू की हत्या और अक्टूबर 2025 में केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो (सीआरबी) प्रमुख भूपति के समर्पण के बाद देवजी का आत्मसमर्पण संगठन की हिंसक-रणनीतिक रीढ़ को तोड़ने वाला सिद्ध हुआ है। देवजी के साथ अन्य प्रमुख हिंसकों के समर्पण से छत्तीसगढ़-तेलंगाना-ओडिशा में माओवादी संगठन का नेतृत्व और निर्णयकारी संरचना लगभग ध्वस्त हो चुकी है। बस्तर में भी इसका असर दिखा, जहां कांकेर में दो माओवादियों ने एके-47 के साथ समर्पण किया। खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है। लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं – पुनर्वास के बाद यदि पूर्व माओवादी लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने और जनता के लिए काम करने का अधिकार है-बशर्ते वे हिंसा और बंदूक का रास्ता न अपनाएं। – विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री recent visitors 39

भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ये धमकी ई-मेल के जरिए मिली है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और यूनिवर्सिटी परिसर की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में अलर्ट जारी कर छात्रों को परिसर से बाहर किया गया है। फिलहाल जांच जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, धमकी 10 दिन के भीतर दूसरी बार शहर में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली है। प्रबंधन को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा है- 'आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11:00 बजे तक डॉक्टर और स्टूडेंट्स को निकाल लें! अल्लाह हू अकबर।' पुलिस और बम स्क्वॉड ने की सर्चिंग धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को यूनिवर्सिटी बुलाया गया। टीम ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों, क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी पुलिस अब उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे धमकी भेजी गई। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर ली जाएगी।    प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा लगातार दूसरी बार धमकी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। गेट पर चेकिंग सख्त कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने छात्रों और स्टाफ से भी अपील की है कि, अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें। दूसरी बार मिली धमकी जानकारी के मुताबिक, पीपुल्स यूनिवर्सिटी को 19 फरवरी को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। recent visitors 30

सीएम डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट ने किए भिलट देव के दर्शन, कृषि कैबिनेट की बैठक जल्द

बड़वानी  कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। पैगोडा, हट और डोम में किए इंतजाम मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी। संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। निमाड़ी शैली में सजाया निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया है। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी। recent visitors 26

कोख में बच्चा और 3 बेटियों के साथ पत्नी की हत्या, बीवी को धमकी देने के बाद किया खौ़फनाक कदम

नई दिल्ली दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में गर्भवती पत्नी और तीन बेटियों का गला काट देने वाले मुनचुन केवट ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह वह क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। इसे चुकाने के लिए उधार लिया और उसमें से भी एक लाख सट्टेबाजी में गंवा बैठा। फिर जब वसूली के लिए एक कॉल आया तो कथित तौर पर उसे कुछ ऐसी बातें कहीं गईं जिसके बाद उसने सबको खत्म कर देने का फैसला कर लिया। इस फोन कॉल के कुछ देर बाद ही वह 90 रुपये में कटलहल काटने वाला चाकू भी खरीदकर ले आया, जिससे पूरे परिवार की गर्दन, सांस नली तक काट डाली। वह सिरसपुर के चंदन पार्क में किराये के एक कमरे में 3 बेटियों और पत्नी सं ग रहने वाला मुनचुन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। वह जुए और सट्टेबाजी की लत में आ चुका था। वह क्रिकेट मैचों और अन्य खेलों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में उसे काफी घाटा हो चुका था जिसकी वजह से भारी भरकम कर्ज में था। कर्ज चुकाने के लिए उधार, उसमें भी आधा जुए में हार गया जांचकर्ताओं के अनुसार, मुनचुन ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले महीने उसने ससुरालवालों से 2 लाख रुपये उधार लिए। उसने 60 हजार रुपये मिथिलेश नाम के एक कर्जदाता को कुछ हिस्सा चुकाया और 40 हजार एक लहसन आपूर्तिकर्ता को दिए। लेकिन बाकी बचे एक लाख रुपये उसने फिर जुए में लगा दिए और हार बैठा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार बहुत ज्यादा कर्ज और आर्थिक संकट में था जिसकी वजह से घरेलू तनाव था। recent visitors 41

होली पर 30 बाज पार्टियां करेंगी पेट्रोलिंग, 900 पुलिस जवानों की तगड़ी घेराबंदी

भिलाई नगर. शांतिपूर्ण ढंग से होली का पर्व मनाने के लिए लगभग 900 पुलिस और शहर एवं नगर के अंदरूनी इलाकों, गलियों एवं बस्तियों में भी निगरानी रखने एवं सुरक्षा प्रबंध के लिए 30 बाज मोटरसाइकिल पार्टी का निर्माण किया गया है. वहीं जिले में 139 महत्वपूर्ण स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध व फिक्स प्वाइंट बनाया गया है. साथ ही 25 स्थानों में नाकाबंदी पाइंट लगाकर यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डीआईजी व दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि 2 को होलिका दहन एवं 4 मार्च को रंग गुलाल होली का पर्व मनाया जाएगा. इस दौरान जिला दुर्ग पुलिस ने शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा प्रबंध आदेशित किया गया है. इसके तहत संपूर्ण जिले को 10 अनुविभाग में विभाजित किया गया है. इसमें जिले के सभी थाना क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंध किया जा रहा है. साथ ही पूरे जिले में होली पर्व के दौरान शराब पीकर वाहन चलाये जाने एवं हुड़दंग मचाने वाले व्यक्तियों पर कार्रवाई, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी चलाने/ बैठने वाले वाहनों की जब्ती, नाबालिग दो पहिया एवं चार पहिया वाहन जब्ती, अवैध मादक पदार्थों का परिवहन करने वाले व्यक्तियों/ वाहनों की चेकिंग एवं एवं अवैध हथियारों का परिवहन करने वाले व्यक्तियों / वाहनों की चेकिंग अति. पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन पर उप पुलिस अधीक्षक यातायात के निर्देशन में 25 महत्वपूर्ण स्थान में नाकाबंदी चेकिंग पाइंट लगाया गया है. इसके अतिरिक्त संपूर्ण जिले में पुलिस की 73 पेट्रोलिंग पाटियों का निर्माण किया गया है, लगातार पेट्रोलिंग कर सुरक्षा प्रबंध किया जा रहा है. वहीं होली पर्व में शहर एवं नगर के अंदरूनी इलाकों, गलियों एवं बस्तियों में भी सतत् निगरानी रखने एवं सुरक्षा प्रबंध हेतु 30 बाज मोटरसाइकिल पार्टी का निर्माण किया गया है. बाज पार्टी द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्र की अंदरूनी गलियों, चौक-चौराहों में भी लगातार बाइक पेट्रोलिंग का समुचित सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित की जाएगी. recent visitors 44

भारत में बड़ी बैठक के बीच PM मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बातचीत, क्या हुई चर्चा?

नई दिल्ली ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है। इस दौरान उन्होंने युद्ध रोकने की अपील की है। इससे पहले उन्होंने UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन से भी बात की थी। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को साझा रूप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। पीएम मोदी ने फेसबुक पर लिखा, 'पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की और मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा ही प्राथमिकता पर जोर दिया। भारत ने जल्द से जल्द युद्ध रुकवाने की जरूरत की बात दोहराई है।' UAE से भी की बात पीएम मोदी ने रविवार रात यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की और खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। मोदी ने खाड़ी देश में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति को धन्यवाद भी दिया और कहा कि भारत तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। मैंने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।' मोदी ने लिखा, 'हमने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।' अधिकारियों ने रविवार को पुष्टि की कि पिछले दो दिन में संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमलों के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है और एक भारतीय नागरिक समेत 58 लोग घायल हो गए हैं। सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई पीएम मोदी ने  सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। यह बैठक अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद मौजूदा वैश्विक स्थिति और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। CCS देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है। पीटीआई भाषा के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर चर्चा हुई। recent visitors 42