हाईस्पीड कनेक्टिविटी: नमो भारत से मेरठ से दिल्ली मिनटों में, सफर बना सुपरफास्ट

मेरठ नमो भारत (RRTS) ट्रेन ने मेरठ को दिल्ली से इस कदर जोड़ दिया है कि अब देश की राजधानी के प्रमुख स्थल जैसे कनाट प्लेस, लालकिला, एम्स और आईजीआई एयरपोर्ट मेरठवासियों की सीधी पहुंच में आ गए हैं। नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच बढ़ते समन्वय ने न केवल समय की बचत की है, बल्कि यात्रियों को 'एक ही ऐप' से दोनों ट्रेनों की टिकट बुक करने की सुविधा भी दे दी है। अब यात्रियों को दिल्ली मेट्रो के लिए अलग से लाइन में लगने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। एम्स और शिक्षण संस्थानों के लिए वरदान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिल्ली जाने वाले मरीजों के लिए नमो भारत एक लाइफलाइन साबित हो रही है। यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर के साथ एम्स (AIIMS) ले जाना हो, तो ट्रेन में इसके लिए विशेष प्रबंध हैं। शताब्दीनगर स्टेशन से सराय काले खां और फिर मेट्रो के जरिए मात्र 77 मिनट में एम्स पहुंचा जा सकता है, जिस पर कुल 212 रुपये का खर्च आता है। इसी तरह, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) जाने वाले छात्र अब मात्र 78 मिनट में और 183 रुपये खर्च कर अपने कॉलेज पहुंच सकते हैं। वहीं, जेएनयू (JNU) जाने के लिए न्यू अशोक नगर रूट से 96 मिनट का समय और 214 रुपये का खर्च आता है।   एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों की सीधी कनेक्टिविटी हवाई यात्रा करने वालों के लिए भी यह सफर अब तनावमुक्त हो गया है। शताब्दीनगर से आनंद विहार और वहां से मेट्रो की विभिन्न लाइनों का उपयोग कर यात्री केवल 96 मिनट में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (टर्मिनल-3) पहुंच सकते हैं। इस पूरी यात्रा का कुल खर्च लगभग 247 रुपये बैठता है। वहीं, कश्मीरी गेट आईएसबीटी (ISBT) जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन से मेट्रो बदलना सबसे सस्ता और तेज विकल्प है, जहां यात्री 65 मिनट में महज 153 रुपये में पहुंच सकते हैं। पर्यटन और प्रशासनिक केंद्रों तक आसान पहुंच दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस और चांदनी चौक जैसे बाजारों तक पहुंचना अब बेहद सरल है। शताब्दीनगर से आनंद विहार होते हुए मात्र 59 मिनट में कनाट प्लेस और 70 मिनट में चांदनी चौक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, इंडिया गेट, सुप्रीम कोर्ट और नए संसद भवन (सेवा तीर्थ स्टेशन) जाने के लिए भी नमो भारत और ब्लू लाइन मेट्रो का तालमेल यात्रियों का समय बचा रहा है। प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी पॉइंट है, जहां मेरठ से आनंद विहार होकर आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्मार्ट कनेक्टिविटी और पार्किंग की सुविधा नमो भारत का शताब्दीनगर स्टेशन शहर के कई हिस्सों को जोड़ता है और यहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने के कारण यात्री इसे अपना मुख्य आधार बना रहे हैं। नमो भारत का मोबाइल ऐप न केवल टिकट बुकिंग में मदद करता है, बल्कि यात्रियों को यह भी गाइड करता है कि उन्हें किस स्टेशन पर ट्रेन बदलनी है, जिससे पहली बार दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर काफी आसान हो गया है। recent visitors 27

सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान

परंपरा से प्रगति तक: मूंज शिल्प ने बदली रजनी बाला की दुनिया ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान      कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन और नई संभावनाओं का दौर जारी है। महिलाएं अपने संकल्प और परिश्रम से आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। सुल्तानपुर के कुड़वार ब्लाक के गांव हरखपुर की रहने वाली रजनी बाला इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने मूंज उत्पादों में सिकहुला, भउका, दौरी, डोलची और कप जैसी कलाकृतियों को बढ़ावा देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा रजनी बाला ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वह बताती हैं कि मूंज शिल्प का हुनर उन्हें अपनी मां से विरासत में मिला। उनकी मां भी मूंज के उत्पाद तैयार करती थीं, जिससे बचपन से ही रजनी को इस कार्य का पारिवारिक वातावरण और व्यावहारिक अनुभव मिलता रहा। उसी सीख और लगन के दम पर आज रजनी विभिन्न प्रकार के मूंज उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। उनके पति दिल्ली में एक निजी कंपनी में कैब चलाते हैं और रजनी के काम में पूरा सहयोग देते हैं। उनके दो बच्चे हैं, बेटा लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी सुल्तानपुर के एक विद्यालय में अध्ययनरत है।  सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान मूंज के प्रत्येक उत्पाद की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन लाभ की दृष्टि से यह व्यवसाय काफी मजबूत है। रजनी बाला बताती हैं कि औसतन हर उत्पाद पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुद्ध लाभ हो जाता है। यदि किसी उत्पाद को तैयार करने में ₹100 की लागत आती है, तो उसका बाजार मूल्य लगभग ₹150 होता है। उनके व्यवसाय को अब अन्य राज्यों से भी पहचान मिल रही है। अब तक का उनका सबसे बड़ा और लाभदायक ऑर्डर राजस्थान से मिला, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने करीब 100 महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया। इस तरह रजनी बाला न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आजीविका से जोड़कर सामूहिक आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।  कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान रजनी बाला ने बताया कि उनके मूंज उत्पादों के निर्माण और विपणन में जिला उद्योग कार्यालय का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। विशेष रूप से जिला उपायुक्त सुश्री नेहा सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंच तक ले जाने का अवसर मिला। इसी सहयोग के चलते उन्होंने नोएडा, सुल्तानपुर के साथ-साथ लखनऊ और आसपास के अन्य जिलों में भी स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफलतापूर्वक बिक्री की है। सरकारी समर्थन और अपने परिश्रम के बल पर रजनी बाला आज स्थानीय शिल्प को व्यापक बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनी हैं। सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं प्रदेशभर में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। राज्य स्तर पर अब तक लाखों महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इन योजनाओं के प्रभाव से सुल्तानपुर सहित कई जिलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जो युवा कभी बेरोजगारी से जूझ रहे थे, वे आज आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं और युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में भागीदारी निभाएं। विभिन्न विभाग अपने स्तर पर आवेदकों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सरल और सुलभ बनी रहे। साथ ही, समय-समय पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन सफल युवाओं और महिलाओं की प्रेरक कहानियां न केवल अन्य लोगों के लिए उत्साह का स्रोत बन रही हैं, बल्कि सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी भी फैला रही हैं। recent visitors 37

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन की बाढ़: मोहन सरकार के दो साल में 600 से अधिक प्रदर्शन, सागर में सबसे ज्यादा

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार इस साल यानी 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तौर पर मना रही है। सरकार का फोकस खेती की लागत घटाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने पर है। दूसरी तरफ, प्रदेश में हर महीने औसतन 25 किसान आंदोलन हो रहे हैं। विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने पूछा कि 1 जनवरी 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक भोपाल सहित मध्य प्रदेश में कितने आंदोलन हुए? इन आंदोलनों में पुलिस से झड़प में कितने किसानों की मौतें हुईं? कितने किसान घायल हुए? इन आंदोलनों के दौरान कितने किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए? इनमें से कितने मामलों में खात्मा लगाया गया?इसके जवाब में गृह विभाग की ओर से बताया गया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक प्रदेशभर में करीब 609 किसान आंदोलन हुए हैं। खरगोन जिले में किसानों के 61 आंदोलन मोहन सरकार के कार्यकाल में सागर जिले में सबसे ज्यादा किसानों के 76 आंदोलन और प्रदर्शन हुए हैं। दूसरे नंबर पर खरगोन जिले में 61 आंदोलन हुए। ग्वालियर जिले में 44, नरसिंहपुर, खंडवा और रीवा में 38-38 आंदोलन हुए। जबलपुर से सटे कटनी जिले में दो साल में 35 किसान आंदोलन हुए हैं। आंदोलन करने में RSS का सहयोगी संगठन सबसे आगे प्रदेश में दो साल में सबसे ज्यादा किसान आंदोलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ ने किए। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा सहित तमाम किसान संगठनों ने आंदोलन धरना, प्रदर्शन किए। इन्हीं दो साल में मध्य प्रदेश कांग्रेस और किसान कांग्रेस ने करीब 37 आंदोलन किए हैं। 3 महीने में दो बार किसानों के सामने झुकी सरकार हाल ही में मोहन सरकार किसानों के सामने दो बार झुक चुकी है। पहली बार उज्जैन सिंहस्थ के लिए जमीन अधिग्रहण मामले में सरकार ने लैंड पूलिंग एक्ट वापस लिया था। इसके बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर रोड की ऊंचाई कम करने का फैसला लेना पड़ा। दोनों ही मामले में किसानों के विरोध और दबाव के बाद सरकार को कदम वापस लेने पड़े। इन जिलों में इन वजहों से हुए आंदोलन भाजपा से जुड़े किसान संगठनों द्वारा सीहोर, हरदा, विदिशा, देवास और राजगढ़ जिलों में गेहूं-धान की खरीदी में देरी, समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, भुगतान लंबित रहने, बारदाना और तौल व्यवस्था की समस्याओं को लेकर आंदोलन किए गए। कई जगह किसानों ने 2700 से 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग उठाई। नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसल नुकसान के बाद बीमा राशि और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। मंदसौर, नीमच और रतलाम जिलों में प्याज, लहसुन और सोयाबीन के दाम गिरने के साथ मंडी व्यवस्था की समस्याओं को लेकर आंदोलन किए गए। वहीं, छतरपुर, टीकमगढ़ और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में सिंचाई, नहरों में पानी और बिजली आपूर्ति की समस्याओं को लेकर किसान सड़कों पर उतरे। जबकि शाजापुर और आगर-मालवा जिलों में खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और तौल में गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन हुए। कांग्रेस के इन मुद्दों पर किसान आंदोलन कांग्रेस और उसके संगठनों द्वारा मंदसौर, शाजापुर और उज्जैन जिलों में किसानों का कर्ज माफ करने और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए। सीहोर, विदिशा और रायसेन जिलों में सोयाबीन-गेहूं के दाम और खरीदी की समस्याओं को लेकर आंदोलन हुए। छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में आदिवासी किसानों की जमीन, मुआवजा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन हुए। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिंचाई के पानी, बिजली बिल और खाद-बीज संकट को लेकर किसान आंदोलनों का आयोजन किया गया। वहीं, भोपाल और सीहोर जिलों में ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान के बाद राहत और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। recent visitors 29

मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

ग्वालियर ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं। युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है। तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है। निवेशकों में डर का माहौल बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं। recent visitors 85

घबराईं सपना चौधरी: लाइव परफॉर्मेंस में अचानक हुआ Kiss, छेड़छाड़ का शिकार हुईं

 नई दिल्ली हरियाणवी क्वीन सपना चौधरी इन दिनों 'द 50' शो में दिखाई दे रही हैं. सपना का दबंग अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है. अब शो में सपना ने एक डांसर के तौर पर अपनी जर्नी पर बात की. सपना ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में काफी बुरा दौर देखा है. एक दफा उनकी जान को खतरा भी था.  सपना चौधरी का खुलासा सपना ने बताया कि उनके ऊपर करीब 35 केस रजिस्टर्ड हैं. कई जगहों पर उनके परफॉर्म       करने पर बैन तक लग गया है. अपने करियर के डार्क फेज पर बात करते हुए सपना चौधरी बोलीं- साल 2018 में बिग बॉस करने के बाद से मैंने बेहतर से बेहतर शोज करने शुरू कर दिए थे. उससे पहले इवेंट्स में हालात बहुत खराब थे. वहां कभी भगदड़ मच जाती थी, कभी कुर्सियां फेंकी जाती थीं तो कभी लड़ाइयां हो जाती थीं. मेरे ऊपर 35 केस हैं, क्योंकि मैंने शो किया और वहां भगदड़ मच गई. मैं बड़ौद, मेरठ…उस साइड बैन हूं. मेरे नाम से शो की परमिशन नहीं मिलेगी.  सपना ने अपने शो का एक खौफनाक इंसीडेंट भी याद किया. सपना बोलीं- एक दफा हमारे घर में पैसे नहीं थे. मेरी मां और मैं साथ बैठे थे. हम बस यही उम्मीद कर रहे थे कि कोई शो मिल जाए. फिर अचानक देर रात में मेरा फोन बजा. कॉल पर मुझे एक शो का ऑफर मिला, जो अगली रात को होने वाला था. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं शो करूंगी और मैंने तुरंत हां कह दिया था. मैं शो करने के लिए इतनी एक्साइटेड थी कि मैंने उसके बारे में कोई डिटेल ही नहीं पूछी. मैंने ये भी नहीं पूछा कि किस तरह का शो है. कहां हो रहा है और मुझे क्या करना होगा? 'शाम को हम लोकेशन पर पहुंचे. वो एक फार्महाउस था. हम जैसे ही अंदर गए मैंने देखा वहां करीब 25-26 टेबलें लगी हैं और पीछे की तरफ सिर्फ 2 कुर्सियां थीं. हर टेबल पर ओपनली हथियार रखे थे. वहां मौजूद सभी लोग गैंगस्टर्स लग रहे थे. ऐसा लग रहा था कि कोई जेल से रिहा हुआ है और वो उसका जश्न मना रहे हैं.'  सपना संग हुई थी बदतमीजी पहले मैंने अकेले गाना गाया था और फिर किसी के साथ परफॉर्म किया था. मगर जब मैं अकेले परफॉर्म कर रही थी, तब एक शख्स लगातार मेरे पास आ रहा था और मेरे कान में कुछ बोल रहा था. मेरी मां ने पूछा- ये क्या कह रहा है? मैंने कहा कि ज्यादा शोर-शराबा होने की वजह से मैं ठीक से सुन नहीं पाई. वहां, करीब 50-55 आदमी थे. मेरी मां ने फिर उनसे रिक्वेस्ट की प्लीज अब हमें जानें दो. लेकिन उनमें से एक ने कहा- आप कैसे जा सकती हो? डांस तो अभी बाकी है. पहले डांस करो और फिर जाओ. क्या हमने आपको पेमेंट नहीं की है? सपना ने बताया कि उस वक्त वो काफी घबरा गई थीं. उन्हें लग रहा था कि वो लोग उन्हें शूट भी कर सकते हैं. सपना बोलीं- मैं स्टेज पर जाकर डांस करने लगी थी. अचानक वही, आदमी पीछे से मेरे पास आया और उसने मुझे गाल पर KISS कर लिया.  'मैं तभी तुरंत स्टेज से उतर गई और स्टेज के पीछे जाकर बैठ गई थी. मैंने कहा था- मैं अब और ये सब नहीं करूंगी. मुझे फर्क नहीं पड़ता आगे क्या होता है. मेरी मां ने फिर मेरा हाथ थामकर उन लोगों से बात की. मां ने उनसे कहा था- आप लोग किसी की बेटी-बहन को इनवाइट करते हो और फिर इस तरह बर्ताव करते हो. ये सही नहीं है. मेरी मां फिर मुझे लेकर वहां से जाने लगी थीं.' 'हम जैसे-जैसे बाहर निकलने के लिए दरवाजे की तरफ बढ़ रहे थे, मैं अपनी मां को बोले जा रही थी कि ये लोग गोली मार सकते हैं. मुझे लग रहा था कि बुलेट कभी भी आ सकती है. किसी तरह हम से वहां से बाहर निकलकर कार में बैठे और तब मैंने सुकून भरी सांस ली. वो काफी खतरनाक मोमेंट था.'  recent visitors 37

ईरान का कड़ा संदेश: ट्रंप को दिया सीधा जवाब, मुसलमान देशों पर हमले को गलती मानते हुए, 6 देशों के खिलाफ विरोध

तेहरान  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद ईरान ने अपना इरादा बता दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से यह दावा किए जाने के बाद कि ईरान का नेतृत्व अब अमेरिका संग बातचीत के लिए तैयार है, ईरान ने साफ किया है कि अब बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इसके साथ ही ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश भेज दिया है। ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने ट्रंप के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अली लारीजानी ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन रिपोर्ट्स के जवाब में था जिसमें यह कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को इस तरह का एक बयान दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने 'द अटलांटिक' मैग्जीन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था, "वे बात करना चाहते हैं, मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।" ईरान पर हमले जारी इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी अमेरिका-इजरायल ने रविवार को ईरान में कई जगहों पर जोरदार हमले किए हैं। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इन हमलों की शुरुआत से अब तक खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य, राजनीतिक और खुफिया ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इससे प्रतीत होता है कि जंग व्यापक होती जा रही है और यह लंबे समय तक चल सकती है, जो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता ला सकती है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बोला हमला वहीं ईरान ने बदले का संकल्प लेते हुए जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अरब देशों पर सैंकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इजरायल की बचाव सेवाओं के मुताबिक यरुशलम और मध्य शहर बेत शेमेश के एक प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) समेत कई जगहों पर हमले हुए। बेत शेमेश में नौ लोगों की मौत हो गई है और 28 लोग घायल हुए। इसके साथ ही इजरायल में मृतकों की कुल संख्या 11 हो गई। वहीं खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान लगातार मिसाइलें दाग रहा है। ईरान ने मुसलमान देशों पर हमला करके गलती इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसने जवाबी कार्रवाई के तहत उन 6 पड़ोसी देशों पर हमला बोल दिया, जो सीधे तौर पर इस जंग में शामिल नहीं थे। अब इन सभी देशों ने ईरान के खिलाफ बयान जारी किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने तो ईरान के राजदूत को तलब कर नाराजगी जताई है। ऐसी स्थिति में यह सवाल अब उठ रहा है कि क्या ईरान ने पड़ोस के मुसलमान देशों पर हमला करके गलती की। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि गल्फ कॉपरेशन काउंसिल के वाले इन 6 देशों ने अब ईरान के खिलाफ साझा बयान जारी किया है। यही नहीं इन देशों का कहना है कि हमारे पास अधिकार है कि हम भी ईरान के इन आक्रामक हमलों का जवाब दे सकें। इस संबंध में इन देशों ने एक ऑनलाइन मीटिंग भी की है, जिसमें ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से उपजे हालातों पर चर्चा की गई। इसके अलावा यह बात भी हुई कि ईरान ने हम पर हमला करके गलती की है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, कतर और कुवैत को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों ने चर्चा की और क्षेत्र में स्थिरता कायम करने के उपायों पर भी बात की। खाड़ी देश बोले- संभल जाओ, वरना हम भी कदम उठाएंगे खाड़ी के इन सभी देशों ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा और स्थिरता के लिए कदम उठाने को स्वतंत्र हैं। UAE ने तो ईरान के राजदूत रजा अमेरी को तलब किया और उनसे विरोध जताया है। यूएई ने कहा कि ईरान ने हमारे ऊपर हमला करके सही नहीं किया है। UAE ने कहा कि हमारे ऊपर हमला संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा हमारी संप्रभुता को चैलेंज किया गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में डाली गई है। ऐसी स्थिति को हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। हमारे पास भी ईरान के हमलों पर जवाब देने का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने की UAE के नेता से बात, शियाओं में गम और गुस्सा इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात भी की है। उन्होंने UAE के लीडर को फोन किया और ईरान के हमलों को लेकर चर्चा की। दोनों ने इस मसले पर भी बात की कि आखिर आने वाले दिन कैसे हो सकते हैं। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं। उनके मारे जाने से दुनिया भर के शिया मुसलमानों में गम और गुस्सा है। भारत में भी श्रीनगर, लखनऊ, दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। खाड़ी देशों में धमाके कई खाड़ी देशों में ईरानी हमलों के बाद धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक राजधानी अबू धाबी पर ईरानी हमलों की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और हवाई हमलों से निकले मलबे के कारण शहर के मुख्य बंदरगाह और प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल में आग लग गई। ईरानी कार्रवाई का दायरा ओमान तक फैल गया है, जो पश्चिम के साथ ईरान का लंबे समय से वार्ताकार रहा है और इससे पहले इस संघर्ष में शामिल नहीं हुआ था। इसके अलावा सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी क्षेत्र पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उसने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र या भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया। वहीं जॉर्डन ने कहा कि उसने 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। कुवैत, बहरीन और कतर … Read more

ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

भोपाल  पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। कुरवाई केथोरा-मंडी बामोरा-कालहार खंड के कुल 33.86 किमी. डबल लाइन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को कमीशन किया है। इस सेक्शन में ट्रेन के प्रवेश करते ही सुरक्षित सिग्नल रिसीव और फॉरवर्ड होंगे। इसी के साथ जैसे-जैसे ट्रेन आगे जाएगी, वैसे सिग्नल क्लीयर होते जाएंगे। कुल मिलाकर एआइ सिस्टम जैसी इस तकनीक में मानवीय त्रुटि की आशंका काफी कम होगी। खास बात यह है कि यहां पहली बार डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक उपयोग की है। इस प्रणाली में ब्लॉक सेक्शन के ऑटो सिग्नलों को सीधे वे साइडकैबिनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इससे पहले की पारंपरिक व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। इससे सिस्टम तेज, भरोसेमंद और रखरखाव में आसान बनेगा। दो नए ऑटो हट बनेंगे भोपाल मंडल के कुरवाई- कैथोरा मंडी बामोरा के बीच इस सिस्टम के लगने के बाद नए ऑटो हट बनाए जाएंगे। ऑटो हट में मॉनीटरिंग सिस्टम होगा, जो पूरा डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और साइबर अटैक से सुरक्षा दिलाएगा। भोपाल-बीना-इटारसी बनेगा फ्रेट कॉरिडोर भोपाल रेल मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस परियोजना पर 4,329 करोड़ खर्च होंगे, जिससे यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन में सुधार होगा। यह नया रेल कॉरिडोर इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा। यह मार्ग नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी मात्रा में मालगाडिय़ों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें 220 किमी. की स्पीड से दौड़ सकेंगी। भोपाल मंडल में डायरेक्ट ड्राइव सिस्टम को लागू किया है। बाकी सेक्शनों में भी इस तकनीक को इंस्टाल किया जाएगा। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम recent visitors 33