मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण एयरस्पेस बंद, सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित, कैंसिल और डायवर्ट

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं. कई एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े हैं, जिससे फ्लाइट का समय बढ़ गया है और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में हालात बिगड़ने के बाद कई देशों ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद कर दिया है. इसके कारण यूरोप और नॉर्थ अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है. कुछ फ्लाइट को दक्षिणी मार्ग से ओमान, सऊदी अरब और मिस्र के ऊपर से होकर भेजा जा रहा है, जिससे ट्रैवल टाइम एक से दो घंटे तक बढ़ गया है. उड़ान की स्थिति चेक करने की सलाह नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं. कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर पहले से उड़ान की स्थिति चेक करने को कहा है. ट्रांजिट यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कनेक्टिंग फ्लाइट्स के समय में बदलाव हुआ है. भारतीय एयरलाइंस पर भी इसका असर पड़ा है. दिल्ली-लंदन और अन्य यूरोपीय मार्गों पर उड़ानों को वैकल्पिक रास्तों से संचालित किया जा रहा है. कुछ फ्लाइट में ईंधन भरने के लिए अतिरिक्त टेक्निकल हॉल्ट भी करना पड़ रहा है. एयरलाइंस का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात सामान्य होते ही नियमित रूट बहाल कर दिए जाएंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय और लागत पर और असर पड़ सकता है. फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से संपर्क कर अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति की जानकारी लेते रहें. कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कई प्रमुख एयरपोर्ट और देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इससे यूरोप, एशिया और नॉर्थ अमेरिका के बीच उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नीचे प्रमुख हवाई अड्डों और उनके हालात की जानकारी दी गई है: 1. Dubai International Airport (DXB) दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हब में शामिल इस एयरपोर्ट पर रात में हमला होने की खबर है. कई उड़ानें प्रभावित हुईं और संचालन बाधित रहा. 2. Abu Dhabi International Airport (AUH) ड्रोन हमले की सूचना के बाद सभी प्रस्थान (Departures) अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए. 3. Hamad International Airport (DOH) कतर का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब 28 फरवरी की शाम से एयरस्पेस बंद है. 4. Kuwait International Airport (KWI) ड्रोन हमले के खतरे के बाद एयरस्पेस 28 फरवरी से बंद.  5. Baghdad International Airport (ORBI) 28 फरवरी दोपहर से एयरस्पेस बंद. यह रूट भारत-यूरोप के उत्तरी ओवरफ्लाइट कॉरिडोर को सीधे प्रभावित करता है. 6. Tehran Imam Khomeini International Airport (IKA) लगातार एयरस्पेस बंद. फारस की खाड़ी और ओमान सागर के ऊपर संघर्ष क्षेत्र घोषित. 7. Bahrain International Airport (BAH) एयरस्पेस बंद. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ. 8. King Abdulaziz International Airport (JED) एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद. केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही विमान संचालन की अनुमति. 9. Israel देश का एयरस्पेस 6 मार्च तक बंद घोषित. 10. Muscat International Airport (MCT) 18 नॉटिकल माइल का नो-फ्लाई जोन घोषित. यूएई से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए अस्थायी नया मार्ग तय. 11. Sharjah International Airport / Ras Al Khaimah International Airport 2 मार्च तक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सेवाएं बंद या सीमित. असर क्या पड़ा? लंबी दूरी और अतिरिक्त ईंधन की जरूरत के कारण एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो टिकट कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही कार्गो और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ने की संभावना है. कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब वैश्विक हवाई नेटवर्क और यात्रियों की जेब दोनों पर पड़ता दिख रहा है. ट्रांजिट यात्रियों को भारी असुविधा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि क्षेत्रीय तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान से पहले एयरलाइन से स्थिति की पुष्टि ज़रूर करें. recent visitors 30

पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर किया हंगामा, 23 मौतें, तनाव बढ़ा

 कराची इजरायली-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ. कराची में शिया संगठनों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद यूएस मिलिट्री ने फायरिंग कर दी थी. इस झड़प में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है. प्रदर्शनकारी सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ रहे थे. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया. कराची के अलावा पाकिस्तान के स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हुए. स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी, इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शनकारियों में से दो लोगों की जान चली गई. कराची में कड़ी सुरक्षा हिंसा के बाद कराची प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है. एमटी खान रोड और माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया है. ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.  खामेनेई की मौत के बाद जगह-जगह प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. recent visitors 38

शेयर बाजार में भारी गिरावट: 1000 अंक टूटा सेंसेक्स, 6 लाख करोड़ की तबाही, जंग का असर

मुंबई  ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 2743 अंक या 3.38% टूटकर 78543 पर खुला, जबकि निफ्टी 519 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 24659 अंक पर खुला. बैंक निफ्टी में 1300 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि कुछ देर बाद ही शेयर बाजार संभला हुआ नजर आया. सेंसेक्‍स 1000 अंंक या 1.21 फीसदी गिरकर 80,282 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 300 अंक टूटकर 24900 के नीचे था.   इसके अलावा, कच्‍चे तेल के दाम में 10 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जंग और आगे बढ़ती है तो गिरावट ज्‍यादा हावी हो सकती है. वहीं कच्‍चा तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं.  BSE टॉप 30 के 29 शेयर भारी गिरावट पर रहे, सिर्फ बीईएल के शेयर में 1 फीसदी की तेजी रही. इंडिगो के शेयर करीब 5 फीसदी, एल एंड टी के शेयर करीब 4 फीसदी, अडानी पोर्ट 3 फीसदी और एटर्नल के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.  सेक्‍टर्स की बात करें तो ऑटो,  एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्‍थकेयर, फाइनेंशियल और बाकी सभी सेक्‍टर्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, सिर्फ मेटल सेक्‍टर में तेजी रही, क्‍योंकि निवेशक सेफ असेट में पैसा लगा रहे हैं. सभी सेक्‍टर में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.   6 लाख करोड़ डूबे  शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेश्‍कों को आज तगड़ा नुकसान हुआ. बीएसई मार्केट कैप में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुकवार को बीएसई मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये पर था, जो सोमवार को घटकर  457.50 लाख के करीब पहुंच गया. यह निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 6 लाख करोड़ रुपये की कमी है.  162 शेयरों में लोअर सर्किट  ईरान पर हमले के कारण शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. इस बीच, बीएसई पर एक्टिव 3,660 शेयरों में से 510 शेयर उछाल पर रहे, जबकि 2,985  शेयरों में गिरावट रही और  165 शेयर अनचेंज रहे. 43 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर क्‍लोज हुए और 663 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे और 162 शेयरो में लोअर सर्किट रहा.  एशियाई मार्केट में भी कोहराम भारतीय बाजार के साथ ही बाकी एशियाई बाजारों में भी कोहराम देखा गया. जापान का निक्केई 225 874.07 पॉइंट्स नीचे 57,976.20 पर खुला. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 11.08 पॉइंट्स (-0.27%) नीचे 4,151.80 पर खुला,  हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती ट्रेड में 2% से ज़्यादा गिरा और 324.96 पॉइंट्स (-1.22%) नीचे 26,305.58 पर खुला. इसके अलावा,  ताइवान स्टॉक एक्सचेंज का मेन इंडेक्स 2.3% तक गिरा.  यह 137.01 पॉइंट्स नीचे 35,277.48 पर खुला. recent visitors 47

मिडिल ईस्ट की जंग में फ्रांस की एंट्री: 48 घंटे में ईरान को कितनी क्षति हुई? 48 नेता, 40 कमांडर और 9 नेवल शिप का नुकसान

तेहरान / न्यूयॉर्क अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान ईरान को 48 घंटे में भारी नुकसान हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इन हमलों में 48 ईरानी नेता मारे गए हैं. उन्होंने कहा, 'यह तेजी से आगे बढ़ रहा है. कोई विश्वास नहीं कर सकता कि हमने कितनी सफलता हासिल की है, एक ही हमले में 48 नेता खत्म हो गए.' ट्रंप ने यह बात फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में कही. वहीं इजरायल की सेना (IDF) ने कहा कि इस हमले में 40 'महत्वपूर्ण' ईरानी सैन्य कमांडर मारे गए हैं, जिनमें ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ, अब्दुलरहीम मौसावी भी शामिल हैं. IDF के अनुसार, यह कार्रवाई खामेनेई पर हमले के तुरंत बाद हुई. नौ ईरानी युद्धपोत डूबे ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी सेनाएं ईरान की नौसेना को बेअसर करने में लगी हैं और अब तक नौ ईरानी युद्धपोत डूब चुके हैं. उन्होंने कहा, 'वे जल्दी ही समुद्र की तलहटी पर तैरेंगे!' उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरानी नौसेना मुख्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत ईरानी सैन्य बलों ने जवाब में सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि इस संघर्ष में अब तक तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं. अमेरिकी सेनाध्यक्षों के अनुसार, ईरान के खिलाफ संयुक्त अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन ने देश के कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक नेताओं को खत्म कर दिया, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे. USS अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा खारिज यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फैल गया है. ईरानी मिसाइलों ने यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाया. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को दावा किया कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि मिसाइलें कैरियर के पास तक भी नहीं पहुंच सकीं और कैरियर अभी भी क्षेत्र में संचालन कर रहा है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ईरान पर भीषण हमले किए जो तीसरे दिन भी जारी हैं. इसके जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में टकराव बढ़ता जा रहा है.  दूसरी तरफ खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तेवर से बता दिया है कि वो रुकने वाला नहीं है. ईरान की जामकरान मस्जिद पर इंतकाम का लाल झंडा फहराया गया है. ईरान ने जवाबी हमले में 'करारा' जवाब देने का दावा करते हुए इजरायल और मिडिल ईस्ट में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने के लिए कहा गया है.  पाकिस्तान में US दूतावास अलर्ट पर अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद ने पाकिस्तान में वर्तमान स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है. दूतावास ने बताया कि लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर चल रहे प्रदर्शन और कराची के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की सूचना मिल रही है. इसके अलावा, इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सामने भी अतिरिक्त प्रदर्शन के आह्वान हो रहे हैं. अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तब तक अपनी आवाजाही सीमित रखें जब तक अन्य सूचना न दी जाए. सेंसेक्स 2743 अंक टूटा, निफ्टी 519 अंक गिरा ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सेंसेक्स में 2743 अंक यानी 3.38% की भारी गिरावट देखी गई और यह 78,543 अंक पर खुला. वहीं, निफ्टी इंडेक्स में भी 519 अंक या 2.06% का नुकसान हुआ, जो इसे 24,659 अंक पर ले आया. इजरायल के हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इजरायल के हमलों के चलते बेरूत के दक्षिणी इलाकों में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है. साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर ड्रोन हमला, नुकसान की पुष्टि साइप्रस ने पुष्टि की है कि उसके द्वीप पर स्थित एक ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया था. इस हमले से ठिकाने को गंभीर नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के संदर्भ में चिंता का विषय बनी हुई है.  ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या के विरोध में डोडा-किश्तवाड़ में बंद का आह्वान डोडा और किश्तवार जिलों में शिया और अन्य मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया है. यह बंद ईरान के सुप्रीम नेता की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया है. जम्मू डिवीजन के ये दोनों जिले धार्मिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां इस तरह के घटनाक्रम का गहरा असर पड़ता है. recent visitors 41

श्रद्धालुओं की सुविधा पर फोकस: अमरनाथ यात्रा से पहले लखनपुर में बड़े बदलाव

बनी/कठुआ आगामी वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा प्रबंधों के लिए कठुआ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी के चलते डी.सी. राजेश शर्मा ने अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर के मुख्य प्रवेश द्वार लखनपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पर देश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ढांचागत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ के बाद संपत्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने के लिए भी वहां का दौरा किया। इस दौरान डी.सी. ने पर्यटन विभाग, पशुपालन विभाग, राज्य कर विभाग के डी.सी. कार्यालय और उत्पाद शुल्क विभाग की बाढ़ से प्रभावित संपत्तियों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने अमरनाथ यात्रा अवधि के दौरान उपलब्ध अवसंरचना के जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण और इष्टतम उपयोग की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आवास, सेवा वितरण और सुविधा के लिए उनके प्रभावी उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विभिन्न सरकारी भवनों और लॉजिस्टिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। बाद में डी.सी. ने लखनपुर के यार्ड क्षेत्र का दौरा किया और लखनपुर यात्रा अभिनंदन केंद्र की स्थापना के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे यात्रा से काफी पहले सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता और पहुंच मार्गों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की समय पर मुरम्मत, बहाली और संवर्धन सुनिश्चित करें। डी.सी. ने पशुपालन विभाग को भी अपने अस्थायी कार्यालय को जल्द से जल्द उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने लखनपुर नगर समिति के कार्यकारी अधिकारी को लखनपुर प्रवेश द्वार का व्यापक कायाकल्प और सौंदर्यीकरण करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ राज्य कर उपायुक्त जोगिंदर जसरोटिया, सी.पी.ओ. रणजीत ठाकुर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 34

होली के दिन चंद्र ग्रहण: श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा में दर्शन समय में बदलाव, पहले जान लें अपडेट

राजसमंद पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी की हवेली में 3 मार्च 2026, फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को पड़ रहे चंद्र ग्रहण के कारण होली एवं डोल उत्सव के सेवा क्रम में परिवर्तन किया गया है। तिलकायत राकेश महाराज की आज्ञा अनुसार मंगलवार को होने वाले चंद्र ग्रहण को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 मार्च को प्रातः 3 बजे शंखनाद होगा और उसी दिन डोल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। चंद्र ग्रहण का स्पर्श सायं 3:20 बजे से होगा तथा मोक्ष 6:47 बजे रहेगा। ग्रहण काल 3:20 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। इस कारण डोल उत्सव के बाद ग्रहण क्रम की सेवा ही संपन्न होगी। युवाचार्य विशाल बावा ने बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में डोल उत्सव का मुख्य आधार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है और सामान्यतः उत्सव इसी नक्षत्र में मनाया जाता है। किंतु शास्त्रीय मर्यादा के अनुसार यदि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन किसी क्षेत्र में चंद्र ग्रहण दृश्य हो, तो नक्षत्र की अपेक्षा पूर्णिमा तिथि को प्रधानता दी जाती है। जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां डोल उत्सव पूर्णिमा के दिन ही मनाया जाता है। चूंकि प्रधानपीठ श्रीनाथद्वारा में चंद्र ग्रहण दृश्य होगा, इसलिए यहां डोल उत्सव 3 मार्च 2026 को ही आयोजित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में ग्रहण दृश्य नहीं होगा, वहां 4 मार्च 2026 को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में डोल उत्सव मनाया जाएगा। दर्शन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी     प्रातः मंगला, श्रृंगार और ग्वाला दर्शन नहीं खुलेंगे।     डोल के तीसरे-चौथे राजभोग दर्शन लगभग 10:30 बजे होंगे।     उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन दर्शन नहीं खुलेंगे।     ग्रहण का सूतक लगने के कारण राजभोग का सखड़ी प्रसाद गौशाला भेजा जाएगा।     उत्सव के पश्चात ग्रहण क्रम की सेवा होगी।     ग्रहण से संबंधित प्रमुख समय     ग्रहण का वेध: प्रातः 3:52 बजे     ग्रहण का स्पर्श: सायं 3:20 बजे     मध्य/गौदान: सायं 5:04 बजे     मोक्ष: सायं 6:47 बजे     चंद्रोदय: सायं 6:42 बजे     पर्वकाल: 3 घंटे 27 मिनट     दृश्यपर्व: 4 मिनट 26 सेकंड recent visitors 45

नौकरी का मौका: रेलवे में 5349 अप्रेंटिस वैकेंसी, 10वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं अप्लाई

भोपाल रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। Railway Recruitment Cell (आरआरसी) ने पश्चिमी रेलवे में 5349 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। खास बात यह है कि इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह 10वीं और आईटीआई अंकों के औसत के आधार पर मेरिट से किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 21 फरवरी 2026 सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 23 मार्च 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आधिकारिक वेबसाइट RRC Western Railway (www.rrc-wr.com भर्ती से जुड़ी प्रमुख जानकारी भर्ती बोर्ड: रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (आरआरसी) पद का नाम: अप्रेंटिस कुल पद: 5349 ट्रेनिंग अवधि: एक वर्ष स्टाइपेंड: नियमानुसार चयन प्रक्रिया: मेरिट बेस शॉर्टलिस्टिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आवेदन शुल्क: 100 रुपये (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/महिला उम्मीदवारों के लिए निःशुल्क) आयु सीमा और छूट उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए, जबकि अधिकतम आयु 24 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाएगी—एससी/एसटी को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता आवेदक का 10वीं (मैट्रिक) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड—फिटर, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, वायरमैन, पाइप फिटर, प्लंबर, स्टेनोग्राफर आदि में एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई प्रमाणपत्र होना जरूरी है। जो अभ्यर्थी अभी 10वीं या आईटीआई के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, वे आवेदन के पात्र नहीं होंगे। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारक भी इस भर्ती के लिए योग्य नहीं हैं। ऐसे करें आवेदन     आधिकारिक वेबसाइट www.rrc-wr.com     पर जाएं।     होमपेज पर “Apply Online” लिंक पर क्लिक करें।     “New Registration” पर जाकर आवश्यक विवरण भरें।     पंजीकरण के बाद लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म पूरा करें।     लागू होने पर शुल्क जमा करें।     फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें। रखें इन बातों का ध्यान     करियर काउंसलर अभिषेक खरे के अनुसार, इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं है। मेरिट 10वीं और आईटीआई अंकों के औसत से बनेगी। फार्मूला है—(10वीं प्रतिशत + आईटीआई प्रतिशत) ÷ 2 = फाइनल मेरिट प्रतिशत।     अभ्यर्थियों को अपने अंक और दस्तावेजों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आवेदन फॉर्म में नाम, जन्मतिथि और अंक प्रमाणपत्र के अनुसार ही भरें। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त हो सकता है।     डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय मूल प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे। साफ फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें, क्योंकि धुंधली फोटो से आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। अंतिम तिथि से पहले आवेदन करें, क्योंकि आखिरी दिन वेबसाइट धीमी हो सकती है। मोबाइल नंबर और ईमेल सक्रिय रखें, ताकि मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन की सूचना समय पर मिल सके।     रेलवे में करियर की शुरुआत करने के इच्छुक युवाओं के लिए यह मौका बेहद अहम है। समय रहते आवेदन कर अपने भविष्य को नई दिशा दें। recent visitors 31