ड्रोन कैमरों और डिजिटल गणना तंत्र के जरिए सटीक पुष्टि के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने नए रिकॉर्ड की घोषणा की

वाराणसी/लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काशी ने विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर रविवार को एक नया इतिहास दर्ज कर दिया। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित 'वृहद पौधरोपण कार्यक्रम' में मात्र एक घंटे की समयावधि में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। मौके पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा। महापौर ने कहा कि यह महान उपलब्धि पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन से संभव हो सकी। इस ऐतिहासिक पल को दर्ज करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम सुबह से ही डोमरी में मौजूद रही। नगर निगम और विभिन्न सामाजिक व सरकारी संस्थाओं के समन्वय से सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किए गए इस आधुनिक ‘शहरी वन’ ने आज विश्व पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है । चीन का रिकॉर्ड ध्वस्त, भारत ने अपने नाम किया रिकॉर्ड  10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधों का रोपण कर चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था। रविवार को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक ऋषि नाथ और विश्व रिकॉर्ड रणनीतिकार निश्चल बारोट ने मौके पर मौजूद रहकर प्रत्येक गतिविधि की निगरानी की। ड्रोन कैमरों और आधुनिक डिजिटल गणना तंत्र के जरिए हुई सटीक पुष्टि के बाद ऋषि नाथ ने आधिकारिक रूप से इस नए रिकॉर्ड की घोषणा की। 60 गंगा घाटों की प्रतिकृति बना 'शहरी वन' इस 'शहरी वन' की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट और वैचारिक पृष्ठभूमि है। पूरे वन क्षेत्र को 60 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों जैसे -दशाश्वमेध, ललिता घाट, नया घाट, मणिकर्णिका घाट, केदार घाट, चौसट्टी घाट, मान मंदिर घाट और शीतला घाट के नाम पर रखा गया है। यह बनावट ऐसी है कि भविष्य में जब ये पौधे वृक्ष बनेंगे, तो गंगा किनारे एक हरा-भरा 'मिनी काशी' का स्वरूप नजर आएगा। प्रत्येक सेक्टर में लगभग 4,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इनमें शीशम, अर्जुन, सागौन और बांस जैसी 27 देशी प्रजातियों के साथ-साथ आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार वृक्षों और अश्वगंधा, शतावरी व गिलोय जैसी औषधियों को प्राथमिकता दी गई है। यह परियोजना न केवल पर्यावरण को सुधारेगी, बल्कि आने वाले समय में नगर निगम के लिए आय का एक बड़ा स्रोत भी बनेगी। पौधरोपण के लिए जनभागीदारी का महाकुंभ इस विश्व रिकॉर्ड को बनाने के पीछे महीनों की  तैयारी और हजारों हाथों का सामूहिक श्रम शामिल है। रविवार की सुबह से ही डोमरी में भारी उत्साह का माहौल रहा। इस महाभियान में बड़ी संख्या में स्कूल-कालेजों के अलावा कई संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस एवं सैन्य बल रहा तैनात  भारतीय सेना के 39 जीटीसी, 34 जीटीसी, 39 जीआर, और 137 सीएफटीएफ (टीए) के जवानों ने अनुशासन की मिसाल पेश की। वहीं एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) और उत्तर प्रदेश पुलिस की 36वीं व 39वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने पूरी ऊर्जा के साथ पौधरोपण किया। छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा  नमामि गंगे, उत्तर प्रदेश वन विभाग, कृषि विभाग, डूडा और नगर निगम की टीमों ने तकनीकी प्रबंधन और सिंचाई की व्यवस्था संभाली। काशी विद्यापीठ, यूपी कालेज, देहरादून पब्लिक स्कूल, मुकुलारेंडम स्कूल के हजारों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम को एक जन-आंदोलन में बदल दिया। सिंचाई की स्मार्ट तकनीक  इन पौधों को जीवित रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वन क्षेत्र में 10,827 मीटर लंबी अत्याधुनिक पाइपलाइन बिछाई गई है। 10 बोरवेल और 360 'रेन गन' सिस्टम के जरिए सिंचाई की ऐसी व्यवस्था की गई है कि पानी की बर्बादी न हो। मियावाकी तकनीक के कारण ये पौधे सामान्य की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ेंगे और मात्र दो से तीन वर्षों में यह क्षेत्र एक सघन 'ऑक्सीजन बैंक' का रूप ले लेगा। जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित यह तकनीक कम जगह में घना जंगल उगाने के लिए विश्व प्रसिद्ध है। आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ यह परियोजना केवल हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम के लिए आय का बड़ा स्रोत भी बनेगी। मध्य प्रदेश की एमबीके संस्था के साथ हुए समझौते के तहत तीसरे वर्ष से ही निगम को दो करोड़ रुपये की आय होने लगेगी, जो सातवें वर्ष तक सात करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुँच सकती है। पौधरोपण के दौरान मौजूद गणमान्य कार्यक्रम के दौरान बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी , महापौर अशोक कुमार तिवारी, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, अश्वनी त्यागी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व श्याम भूषण शर्मा उपस्थित रहे। महापौर ने कहा कि यह आध्यात्मिक शांति और आधुनिक अर्थशास्त्र का एक अनूठा उदाहरण है। प्रशासन की टीमें स्थल पर डटी रहीं और अंततः काशी ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि काशी न केवल अपनी प्राचीन परंपराओं को संजोए हुए है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। ढाई लाख पौधों की यह नई सौगात काशी के माथे पर एक और गौरवपूर्ण तिलक है। recent visitors 41

सोते शहर में सनसनी, बदमाशों ने मचाया तांडव; इलाके में दहशत

भोपाल प्रियदर्शिनी नगर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पंचशील नगर के बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। पुरानी रंजिश को लेकर बदमाशों ने घरों पर पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। डंडों से हमला और जान से मारने की धमकी टीटीनगर पुलिस के अनुसार, नर्मदा भवन के पास रहने वाले 24 वर्षीय प्रियांश खिल्लारे ने शिकायत में बताया कि 27 फरवरी की रात करीब 2:30 बजे कुछ युवक उनके घर की खिड़की पर डंडों से हमला करने लगे। बाहर निकलकर देखने पर दीपांशु सेन, छोटू उर्फ यश, बब्बू, रानू सहित अन्य युवक वाहनों में तोड़फोड़ करते दिखे और उसे जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग जागे तो आरोपित भाग निकले।   recent visitors 34

विदाई मैच बना यादगार, एलिसा हीली ने ठोका सेंचुरी; पति मिचेल स्टार्क का रिएक्शन सोशल मीडिया पर छाया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने भारत के खिलाफ होबार्ट में जारी तीसरे वनडे मैच में शतक जड़ अपने फेयरवेल मैच को खास बनाया। बता दें, हीली इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट कर चुकी है, भारत के खिलाफ जारी यह मल्टी फॉर्मेट सीरीज उनके करियर की आखिरी सीरीज है। सीरीज के पहले दो मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया पहले ही 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। अब तीसरे और आखिरी मैच में कप्तान हीली ने शतक जड़ ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। हीली ने भारत के खिलाफ 79 गेंदों पर शतक जड़ा, वहीं 95 गेंदों पर 150 रन का आंकड़ा पार किया। एलिसा हीली की आखिरी वनडे पारी का अंत 158 के निजी स्कोर पर हुआ। स्नेह राणा की गेंद पर रिवर्स स्वीप लगाने के चक्कर में वह क्लीन बोल्ड हो गई। हीली ने अपनी पारी में 98 गेंदों का सामना किया जिसमें 27 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के लगाए। एलिसा हीली के शतक पर मिचेल स्टार्क का रिएक्शन एलिसा हीली के इस फेयरवेल मैच के दौरान उनके पति मिचेल स्टार्क कमेंट्री कर रहे हैं। स्टार्क असर पत्नि हीली के मैच के दौरान मैदान पर नजर आते हैं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने जैसे ही चौके के साथ अपना शतक पूरा किया, वैसे ही स्टार्क के चहरे पर अलग ही मुस्कान नजर आई। हीली के शतक पर स्टार्क का ये रिएक्शन खूब वायरल हो रहा है। टीम इंडिया ने एलिसा हीली को दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ तीन मैच की इस सीरीज के पहले दो मैच हारकर सीरीज गंवा चुकी टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। भारतीय टीम जब मैदान पर उतरी तो उन्होंने दो लाइन में खड़े होकर एलिसा हीली को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। भारतीय टीम के इस जेस्चर की तारीफ हर जगह हो रही है। एलिसा हीली ने जनवरी में ही सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था, भारत के खिलाफ जारी यह मल्टी फॉर्मेट सीरीज उनके करियर की आखिरी सीरीज है। वनडे के बाद हीली 6 मार्च को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले एकमात्र डे नाइट टेस्ट के दौरान आखिरी बार पीली जर्सी में ऑस्ट्रेलिया के लिए मैदान पर दिखेगी। एलिसा हीली ने फरवरी 2010 में 19 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया था और ODI में 3500 से ज्यादा रन बनाए हैं। T20I में उनके नाम 25.45 की औसत से 3054 रन दर्ज है, इस दौरान उनका हाईस्ट स्कोर 148 नॉट आउट का है, जो फुल मेंबर टीमों में सबसे ज्यादा निजी स्कोर है। उन्होंने 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में विमेंस T20 वर्ल्ड कप और 2013 और 2022 में ODI वर्ल्ड कप जीता। हीली 2018 और 2019 में ICC की T20I क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर भी थीं। recent visitors 46

एयरस्पेस क्लोजर का असर: भारत से और भारत के लिए 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द

नई दिल्ली अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद ईरान समेत 11 देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे भारत में 850 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड दिए गए है. इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. रविवार को 444 उड़ाने रद्द की गई हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं थी। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद हैं। जिसको देखते हुए डीजीसीए ने 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई है। डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि संभावित मार्ग परिवर्तन को प्रबंधित करने और यात्रियों की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हवाई अड्डे परिचालन अलर्ट पर हैं। आपको बता दें कि 28 फरवरी को एयरसेवा को 216 शिकायतें दर्ज की गईं थी और इसी अवधि के दौरान 105 शिकायतों का समाधान किया गया, जिससे प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता सुनिश्चित हुई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार मध्य पूर्व में लागू हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के मद्देनजर, एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्थापित आकस्मिक योजना प्रक्रियाओं के अनुसार, जहां भी आवश्यक हो, उड़ानों का समय पर पुनर्निर्देशन या मार्ग परिवर्तन सुनिश्चित करें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय सुरक्षित, सुचारू और कुशल हवाई संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है। स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार आगे की जानकारी दी जाएगी। भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को सलाह दी गई है कि वे ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग स्थल, यात्री सुविधाओं, चालक दल की व्यवस्था और आव्रजन सहायता के लिए आवश्यकतानुसार एयरलाइंस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि जरूर करें. एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड के विकल्प दिए हैं. recent visitors 37

घड़ियालों से गुलजार होगा कूनो, जंगल सफारी में जुड़ा नया आकर्षण

भोपाल. कूनो नेशनल पार्क में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। कार्यक्रम कूनो नेशनल पार्क के भीतर पालपुर फोर्ट के सामने कूनो नदी तट पर आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सिर्फ पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। मध्यप्रदेश लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। कूनो जैसे संरक्षित क्षेत्र वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के तत्वावधान में आयोजित किया गया। छोड़े गए 53 घड़ियाल गेवेलियस गैंगेटिक्स प्रजाति के हैं, जिनमें 28 नर और 25 मादा शामिल हैं। वहीं 25 कछुए थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ टर्टल प्रजाति के हैं। सभी जीवों को वैज्ञानिक निगरानी और तय मानकों के अनुसार नदी में छोड़ा गया। विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण के लिए काम मुख्यमंत्री ने कहा कि विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण के संकल्प के साथ राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कूनो में चल रहे चीता प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ था। हाल ही में बोत्सवाना से आए 9 चीतों को छोड़ा गया है, जिससे कूनो में चीतों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है।   recent visitors 37

सभी श्रमिकों के कुशलक्षेम पर लगातार निगरानी,इजरायल में भारत के राजदूत के निरंतर संपर्क में योगी सरकार

लखनऊ मध्य एशिया में मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच इजराइल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के 6,004 निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार पूरी तरह सतर्क है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और उनके कुशलक्षेम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ये सभी श्रमिक वर्ष 2024 में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और इजराइल की सरकारी संस्था पॉपुलेशन, इमिग्रेशन एंड बॉर्डर अथॉरिटी (पीआईबीए) के माध्यम से चयनित होकर इजराइल की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में कार्यरत हैं। दूतावास से सीधा संपर्क, स्थिति नियंत्रण में तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा परामर्श के अनुसार सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने इजराइल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह से फोन पर वार्ता की। राजदूत ने अवगत कराया कि स्थिति नियंत्रण में है और दूतावास सभी भारतीय श्रमिकों के संपर्क में है। प्रथम सचिव डॉ. गारिका तेजेश्वर ने भी आश्वस्त किया कि अधिकांश भवनों में सुरक्षा शेल्टर उपलब्ध हैं और श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता श्रम, सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने श्रमिकों और उनके परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी श्रमिकों की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विभाग राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में है, ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। निदेशक, सेवायोजन नेहा प्रकाश और अपर निदेशक पी.के. पुंडीर ने भी एनएसडीसी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर समीक्षा के निर्देश दिए हैं। 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी भारतीय दूतावास, तेल अवीव द्वारा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं: +972-54-7520711, +972-54-2428378। इसके साथ ही पीआईबीए ने भी हेल्पलाइन नंबर 1-700-707-889 जारी किया है, जिसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन द्वारा किया जा रहा है। हर श्रमिक की सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि विदेश में कार्यरत प्रत्येक श्रमिक प्रदेश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इजराइल में वर्तमान में लगभग 42,000 भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं, जिनमें 6,004 उत्तर प्रदेश के निर्माण श्रमिक शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी और श्रमिकों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। recent visitors 39

डिप्टी सीएम अरुण साव ने लखीमपुर लोकसभा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों की ली संगठनात्मक बैठक

गुवाहाटी असम विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित कर विकास का कमल खिलाने के लिए जनता ने मन बना लिया है। डबल इंजन सरकार ने जनता की सभी उम्मीदों पर खरा उतरा है। इसलिए तीसरी बार फिर से उम्मीदों और आशाओं का कमल खिलने जा रहा है। चुनावी मैदान में कांग्रेस कहीं नगर नहीं आ रही है। वहीं उनके नेताओं में घोर  निराशा और बिखराव की स्थिति है। जो खुद का पार्टी नहीं संभाल पा रही, वह क्या विकास करेगी। यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने असम प्रवास में लखीमपुर विधानसभा क्षेत्रों के दौरे के दौरान कही।  उप मुख्यमंत्री  साव ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र 25 फरवरी से चार दिवसीय असम प्रवास पर गए हैं। वे कल असम प्रवास पूरा कर रायपुर वापस लौटेंगे। प्रवास के दौरान उन्होंने प्रभार लोकसभा लखीमपुर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के साथ-साथ गुवाहाटी में आयोजित संगठनात्मक बैठकों में शामिल हुए। असम भाजपा प्रदेश कार्यालय की बैठक में उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।  साव रविवार (1 मार्च) को धेमाजी, मसकुआ (सिसिबोरगांव विधानसभा) एवं जोनाई विधानसभा के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्ष, विस्तारक के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उप मुख्यमंत्री  साव ने शनिवार को जिला मुख्यालय तिनसुकिया में जिला एवं विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों संग चुनावी रणनीति, जनसंपर्क अभियान पर विस्तार से चर्चा की।  उन्होंने डूमडूमा और सदिया में आयोजित बैठकों में तैयारियों की समीक्षा करते हुए बूथ प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही लखीमपुर और विधानसभा क्षेत्र नोबोइचा में भी जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी चुनाव के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। बता दें कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उन्हें लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप मुख्यमंत्री  साव ने भाजपा पदाधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने राज्य के विकास को नई गति प्रदान की है। वहीं मुख्यमंत्री मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार ने आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से असम निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।  साव ने सभी पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनाव में जनता से खुशहाल असम एवं विकसित असम के लिए बीजेपी को अपना वोट देने के लिए आग्रह करने संकल्पित किया।  बैठक में विधायक एवं शिक्षा मंत्री डॉ. रोनुज पेगु, जोनाई विधायक भुबना पेगु,भाजपा सचिव मशेष देवरी,  महेश देवड़ा, डूमडूमा विधायक एवं असम सरकार के मंत्री  रूपेश गोवाला, लखीमपुर विधायक मानव डेका, सदिया विधायक, जिला अध्यक्ष मती रूपा कमान, जिला प्रभारी भाबेन शर्मा, जिला पदाधिकारी गण, मंडल पदाधिकारी गण, विस्तारक एवं कार्यकर्ता साथी उपस्थित रहे। recent visitors 38