मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों के हमले में ग्रामीणों की मृत्यु पर किया दु:ख व्यक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों के हमले में ग्रामीणों की मृत्यु पर किया दु:ख व्यक्त मृतक के वैध वारिस को 25-25 लाख रुपए सहायता राशि देने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले में तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर हाथियों के हमले में 3 ग्रामीणों की मृत्यु पर गहन दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि घटना अत्यंत पीड़ादायक है। दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों के हमले की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम को हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक मृतक के वैध आश्रित (वारिस) परिजन को 25-25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजन के प्रति‍ अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।   recent visitors 30

मदरसा बोर्ड शिक्षा सत्र-2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से 30 जून 2025 तक

भोपाल राज्य मदरसा बोर्ड द्वारा शिक्षा सत्र 2025-26 में मदरसा मान्यता नवीनीकरण के ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा एम.पी. ऑनलाइन के अधिकृत पोर्टल पर 23 मई से 30 जून 2025 तक के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें वर्ष 2025 तक मान्यता प्राप्त सामान्य मदरसों के अतिरिक्त वर्ष 2022 तक मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए यह अंतिम अवसर है। इसके बाद ऐसे मदरसों की मान्यता नवीनीकरण के ऑनलाइन आवेदन करने की पात्रता समाप्त कर दी जायेगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित आवश्यक सर्कुलर एवं अभिलेखों की विस्तृत जानकारी मदरसा बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट www.mpmb.org.in पर एवं एम.पी. ऑनलाइन के पोर्टल पर मदरसा-बोर्ड पेज पर उपलब्ध कराई गई है। सचिव, मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड ने कहा है कि मान्यता प्राप्त मदरसों में निर्धारित तिथियों में आवेदन करना सुनिश्चित करें एवं आवेदन की एक प्रति समस्त दस्तावेजों के साथ अविलम्ब बोर्ड में भेजना एवं एक प्रति अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें। तत्पश्चात ही प्रकरण पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।   recent visitors 47

मंत्रि-परिषद की बैठक सभी तैयारियां पूर्ण राजवाड़ा बनेगा ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी

इंदौर इंदौर का राजवाड़ा 20 मई को ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी बनेगा। राजवाड़ा में मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित हो रही है। कैबिनेट बैठक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती की स्मृति को चिरस्थायी बनाये जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यह इंदौर के लिये गौरव और ऐतिहासिक क्षण होगा। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक के लिये राजवाड़ा को आधुनिक और परम्परागत शैली में सजाया गया है। बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश मंत्रि-परिषद, ऐतिहासिक विरासत से युक्त इस भव्य स्थल पर एकत्रित होकर जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों पर मंथन करेगा। बैठक को गरिमा और परंपरा का संगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। राजवाड़ा को सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक के रूप में सजाया गया है। राजवाड़ा में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की स्मृति में पारंपरिक शैली और आधुनिक साज-सज्जा की गई है। भवन के भीतर और बाहर मालवी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रकाश, पुष्प एवं पारंपरिक सजावट का संयोजन इसे एक अलग विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है। लोक माता देवी अहिल्या बाई होलकर को नमन से होगी कैबिनेट की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त मंत्रीगण द्वारा लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से बैठक का शुभारंभ होगा। इसके बाद वे राजवाड़ा में प्रवेश करेंगे, जहाँ भूतल पर मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण , सुशासन से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। मालवी परंपरा में होगा स्वागत और भोजन आयोजन में आने वाले समस्त अतिथियों के स्वागत-सत्कार की व्यवस्था मालवी परंपरा के अनुरूप की गई है। बैठक के बाद प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा-बाटी आदि परोसे जाएंगे। अस्थायी सचिवालय एवं सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था  राजवाड़ा परिसर में अस्थायी सचिवालय की स्थापना की गई है, जहाँ बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किया गया है। परिवहन, आवास और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। लाइजनिंग अधिकारियों की नियुक्ति मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग के लिये की गई है। लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और सुशासन पर आधारित प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक बैठक के साथ-साथ विविध प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें एक खंड लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी का होगा। इसमें लोकमाता के त्याग, सेवा , प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक सहिष्णुता और समाज कल्याण के विविध दृश्य चित्रों और अन्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किये गये हैं। अहिल्या दर्शन से प्रेरित राज्य शासन की योजनाओं और कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी  इस खंड में प्रदेश सरकार द्वारा लोकमाता के सिद्धांतों जैसे सुशासन, न्यायप्रियता , महिला सशक्तिकरण, लोकसेवा और जनकल्याण पर आधारित योजनाओं का प्रदर्शन किया गया हैं। साथ ही इंदौर के विकास पर आधारित अन्य चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राजवाड़ा के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना में 11करोड़21 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इस राशि से राजवाड़ा के दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन कार्यों का भूमि-पूजन किया जाना प्रस्तावित है।   recent visitors 43

मैरिट में आएं हैं तो ऐसे करें सेलिब्रेट, फेल हुए हैं तो यूं करें रिकवरी

परीक्षाओं के परीणाम आना शुरू हो गए हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि जो स्टूडेंट्स मैरिट में आए हैं तो वे कैसे इसको सेलिब्रेट कर सकते हैं और जो फेल हुए हैं वे फिर से कैसे रिकवर कर सकते हैं। अगर आप मैरिट में आए हैं तो अपने अनुभव और सफलता के सूत्र उन्हें बताएं जो कि अच्छी रैंक नहीं बना पाए हैं। सफलता के सूत्र ओरों को बताकर आप अपनी खुशी को ओर बढ़ा सकते हैं। वहीं जो स्टूडेंट्स फेल हुए हैं या अच्छे न बर नहीं ला पाए उनके लिए यहां जो टिप्स दिए जा रहे हैं उन्हें फोलो कर वे भी आगे तैयारी कर अच्छे नम्बर ला सकते हैं। फेल होने से निराश न हों और इन टिप्स को फोलो करें। 1-जब आप एग्जाम की तैयारी कर रहे हों तब तक सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सएप या अन्य सभी को भूल जाएं। पढ़ाई के दौरान मोबाइल से जितना दूर रहेंगे उतना ज्यादा फायदा होगा। 2-एग्जाम मुश्किल नहीं होता है। जिस सब्जेक्ट में आपकी कमजोरी है उसमें ईमानदारी के साथ रूचि लेनी होगी। 3-पढ़ाई के दौरान सेल्फ स्टडी सबसे ज्यादा जरूरी है। एग्जाम पास करने के लिए स्कूल और कोचिंग के बाद भी सेल्फ स्टडी करना होगी। 4-पढ़ाई के लिए एक अच्छा टाइमटेबल बनाएं और उसे रेगुलर फॉलो करें। एग्जाम क्लियर करने के लिए डेली सिस्टमैटिक स्टडी बेहद जरूरी है। 5-एग्जाम वाले दिन उस सब्जेक्ट पर ज्यादा फोकस करें जिसमें मुश्किल होती है। हो सके तो एग्जाम वाले दिन सभी सब्जेक्ट के रिविजन का टाइम पहले से ही तय कर लें। 6-एग्जाम पास करने के लिए कितने घंटे पढ़ाई कर रहे हैं, इससे ज्यादा जरूरी ये है कि हमारी तैयारी कितने घंटे में हो रही है। जो भी सब्जेक्ट पढ़ें उसमें एकाग्रता बहुत जरूरी है। 7-पढ़ाई के दौरान ब्रेक जरूर लें। दो से तीन घंटे लगातार पढने के बाद स्टूडेंट्स को अपना पसंदीदा गेम्स खेलना चाहिए। ब्रेक के दौरान टीवी देखने या इनडोर गेम्स की जगह आउटडोर गेम्स खेलें। इससे सेहत और दिमाग अच्छे होते हैं। 8-एग्जाम के नजदीक आते ही अपने दोस्तों से भी दूरियां बढ़ा लें। यदि कोई दोस्त आपके साथ एग्जाम दे रहा है तो उससे तैयारी और सब्जेक्ट पर चर्चा कर सकते हैं। 9-तैयारी के दौरान किसी को अपना मेंटर भी बनाएं, जो आपको लगातार प्रोत्साहित करे। मेंटर आपका दोस्त, रिश्तेदार और परिवार के सदस्य में से भी कोई हो सकता है। हौसला बढने से तैयारी बेहतर तरीके से होती है। 10-एग्जाम के दौरान समय बरबाद करने से बचें और अपने नियमित टाइम टेबल के अनुसार ही तैयारी में लगे रहें।   recent visitors 58

CM यादव ने कहा देवी अहिल्या बाई होलकर ने करके दिखाया कि कठिन समय में कुशलता के साथ सत्ता का संचालन कैसे किया जाता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देवी अहिल्या सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, नारी सशक्तिकरण और सुशासन की एक मिसाल है। कुशल प्रशासक के रूप में उनके जन कल्याण के कार्य हमें आज भी समाज के हर वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में विश्व मांगल्य सभा द्वारा पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी अवसर पर "राष्ट्र समर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा" नाट्य के मंचन में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों के साथ इस नाट्य को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्या बाई होलकर ने करके दिखाया कि कठिन समय में कुशलता के साथ सत्ता का संचालन कैसे किया जाता है। उन्होंने सोमनाथ और वाराणसी में मंदिर बनाने के साथ ही नदियों पर घाट बनवाए हैं। रामेश्वरम के मंदिर निर्माण में भी लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर का योगदान है। मंदिर के साथ ही धर्मशाला, अन्नशाला, घाट निर्माण, पुजारी के मानदेय इत्यादि सबका ध्यान रखा। सहस्त्रबाहु की राजधानी रही महेश्वर (महिष्मती) का पुरूद्धार कराया। लोकमाता देवी अहिल्या बाई में एक आदर्श बहु और बेटी का रुप भी दिखाई देता है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्पूर्ण देश में अहिल्या उत्सव मनाए जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती के अवसर पर इंदौर के राजवाड़ा में प्रदेश की कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है। कैबिनेट की इस बैठक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई की दूरदृष्टि से प्रेरित होकर प्रदेश के विकास के निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन के विविध पहलुओं को एक नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए विश्व मांगल्य सभा की सराहना करते हुए कहा कि यह नाटक जन सामान्य को लोकमाता देवी अहिल्या बाई के कार्यों और सुशासन से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि महेश्वर में इस नाटक का कुछ भाग ही देखा था, लेकिन आज इंदौर में पूरी जीवनगाथा कैबिनेट के सभी सदस्यों के साथ देखने का अवसर मिला है। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित कैबिनेट के सदस्यों का मालवी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय राजेन्द्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, मंत्रीगण प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, संभागायुक्त दीपक ‍सिंह, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 31

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन में सुधार के संबंध में दिये निर्देश

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण नीति वर्ष-2022 के क्रियान्वयन के संबंध में समय सारणी जारी की है। समय सारणी के अनुसार स्वैच्छिक आवेदन के लिये अंतिम तिथि 21 मई 2025 नियत की गई है। स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रारंभ होने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों द्वारा वर्तमान पदस्थी दिनांक, विषय परिवर्तन, उच्च पद प्रभार के उपरांत से संबंधित प्रविष्ठि में सुधार किये जाने के लिये निरंतर आवेदन प्रस्तुत किये जा रहे हैं। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक सुधार के लिये पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी शिक्षकों को सूचित किया है कि वे यदि स्वयं के द्वारा किये गये स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन में कोई परिवर्तन करना चाहते हैं तो स्कूल एजुकेशन पोर्टल 3.0 ओटीपी के माध्यम से अपने आवेदन को अनलॉक कर पूर्णत: डिलीट कर सकते हैं अथवा संशोधित विकल्प चुनकर पुन: निर्धारित तिथि तक लॉक कर सकते हैं। ऐसे अतिशेष शिक्षक जो त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण अतिशेष हैं वे अपने स्वैच्छिक स्थानांतरण के आवेदन को सुधार या डिलीट कर सकते हैं। अतिशेष शिक्षकों के संबंध में प्रक्रिया एवं समय सारणी पृथक से जारी की जायेगी। इस संबंध में समस्त कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिये गये हैं।   recent visitors 31

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में राज्य शासन की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर के राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या उद्यान के पास सोमवार देर शाम लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन दर्शन से प्रेरित राज्य शासन की योजना और कार्यों पर आधारित विकास यात्रा आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गठित मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष- 2023 से लेकर अब तक लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों और उनके क्रियान्वयन पर प्रदर्शनी आधारित है। प्रदर्शनी में केन्द्र शासन और राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। शासकीय सेवा में महिलाओं का आरक्षण, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, उज्जवला योजना, मुख्यमंत्री विवाह/निकाह सहायता योजना आदि को चित्रों को माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में विशेष रूप से अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, 170 करोड़ रूपये की लागत से खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय का शुभारंभ सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय एवं गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ, 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को उनकी पात्रता अनुसार उच्च पद का प्रभार, वर्तमान में 369 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज) विद्यालयों का संचालन, अन्य राज्यों के सैनिक स्कूलों में अध्ययनरत प्रदेश के बच्चों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय, एकीकृत टाउनशिप नीति- 2025 लागू किये जाने की स्वीकृति, इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025, देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन और शराब बंदी का निर्णय, प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सोलर कृषि पंप शामिल किये जाने की स्वीकृति, जनजाति विरासत को सम्मान के तहत बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय छिन्दवाड़ा एवं राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का जबलपुर में लोकार्पण, श्रीअन्न के प्रोत्साहन के तहत रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर सहायता राशि की स्वीकृति को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में उज्जैन विक्रमोत्सव मेला 2024 में मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट, निर्यात और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट-2025 की स्वीकृति को भी प्रदर्शित किया है। इसमें समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का मूल्य 2600 रूपये करने का निर्णय, आदि को दर्शाया गया है।   recent visitors 30