इंदौर उज्जैन के सड़क मार्ग को सिक्सलेन में बदले जाने का काम शुरू, 2026 तक पूरी होगी परियोजना, नई तकनीक से हो रहा निर्माण कार्य

उज्जैन स्टेट हाइवे नंबर-59, उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से हो रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी), चार महीने में 14 प्रतिशत काम ठेकेदार से करवा चुका है। फिलहाल, वर्षाकाल प्रारंभ (15 जून) होने से पहले शिप्रा नदी पर त्रिवेणी क्षेत्र में पुल बनाने को फाउंडेशन कार्य पूर्ण करना करना चुनौती बना हुआ है। अफसरों का कहना है पुल निर्माण स्थल पर महीनेभर शिप्रा का आंचल सूखा रहता है तो काम में कोई परेशानी नहीं आएगी। समाधान स्वरूप जल संसाधन विभाग को महीनेभर शिप्रा में पानी का बहाव रोकने के लिए पत्र लिखा है। मालूम हो कि 46.475 किलोमीटर लंबे उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क मार्ग को मध्य प्रदेश की सरकार सिक्सलेन सड़क में परिवर्तित करवा रही है। परियोजना 1692 करोड़ रुपये की है। इसे शुरू करने को भूमि पूजन 19 सितंबर 2024 को उज्जैन आई राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने किया था। तब कहा गया था कि सिविल कार्य 623 करोड़ रुपये से होगा। 29 गांवों से होकर गुजरेगी सड़क सिक्स लेन सड़क 15 साल के आपरेशन-मैंटनेंस के साथ उज्जैन में स्थित हरिफाटक पुल से इंदौर में स्थित अरविंदो अस्पताल के सामने तक बनाई जाएगी। निर्माण हाईब्रिड वार्षिकी पद्धति से पेव्ड शोल्डर के साथ होगा। सड़क, 29 गांवों से होकर गुजरेगी, जिनमें 20 गांव इंदौर जिले और 9 गांव उज्जैन जिले के हैं। सिविल कार्य की कमान एमपीआइडीसी ने उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी को सौंपी है। 8 किमी का डामरीकरण कर दिया गया है सर्वे और ड्राइंग-डिजाइन उपरांत धरातल पर निर्माण 15 जनवरी 2025 को शुरू हो पाया था। बीते चार महीनों में कई हिस्सों में मार्ग चौड़ा करने को खोदाई करने, मुरम बिछाने के साथ डामरीकरण का काम होता दिख रहा है। कहा गया है कि अब तक 14 प्रतिशत काम हो चुका है। 46.475 किलोमीटर सड़क में से 8 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण कर दिया गया है। पूरे मार्ग में 8 किलोमीटर का हिस्सा सीमेंट-कांक्रीट का बनेगा। 11 किलोमीटर लंबा विभिन्न आवासीय क्षेत्र में सर्विस रोड भी सीमेंट-कांक्रीट का बनेगा। निनोरा टोलनाका क्षेत्र के सीमेंट-कांक्रीट की सड़क बना दी गई है। वर्षाकाल में भी निर्माण कार्य जारी रहेगा, बंद नहीं होगा। निर्माण कार्य को गति देने के लिए नवीन तकनीक आधारित जर्मन मेड एफडीआर और मशीन विद मल्टीप्लेक्स मशीन का उपयोग पहली बार किया जा रहा है। दिसंबर- 2026 तक पूरी करना है परियोजना सिक्सलेन परियोजना, दिसंबर 2026 तक पूरी कराने का अनुबंध हुआ है। योजना अनुसार मुख्य सड़क डामर की और आबादी क्षेत्र में एप्रोच रोड सीमेंट-कांक्रीट की बनाई जाएगी। मार्ग में 8 फ्लायर ओवर और 70 कलवर्ट बाक्स बनाए जाएंगे। त्रिवेणी घाट के समीप शिप्रा नदी पर नया पुल भी बनाया जाएगा। पहले चरण में दोनों शहर की तरफ 14-14 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। प्रत्येक रोड का हिस्सा 12.50-12.50 मीटर चौड़ा होगा। इस तरह मार्ग कुल 25 मीटर चौड़ा होगा। अभी फोरलेन सड़क पर साढ़े आठ मीटर की दो चौड़ी सड़कें हैं। यानी मार्ग कुल 17 मीटर चौड़ा है। इस प्रोजेक्ट से सरकार को 112 करोड़ रुपये की सूखी बचत हुई है। वो इसलिए क्योंकि रवि इन्फ्राबिल्ड ने एसओआर से 15 प्रतिशत कम रेट पर काम करने का अनुबंध किया है। recent visitors 53

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सराफा बाजार में मंत्रियों संग उठाया व्यंजनों का लुत्फ

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार देर रात इंदौर के विश्वप्रसिद्ध सराफा बाजार का दौरा किया और यहां के चटपटे व्यंजनों का स्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में घूमकर जनता से संवाद भी किया और स्थानीय लोगों से इंदौर की स्वच्छता और व्यंजन संस्कृति को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सराफा बाजार न सिर्फ स्वाद का केंद्र है, बल्कि इंदौर की पहचान भी है। रात करीब 11.15 बजे मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सराफा पहुँचे। यहाँ उन्होंने भुट्टे का किस, गराडू,दही बड़ा , पानीपुरी,कुल्फी का स्वाद लिया और इंदौरी कुल्हड़ की चाय पी। मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। आरम्भ में स्थानीय दुकानदारों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इंदौर की सफाई और व्यंजन संस्कृति को पूरे देश में प्रेरणास्रोत बताया और व्यापारियों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।   recent visitors 33

पीएम नरेंद्र मोदी 22 मई को आ रहे बीकानेर , सैनिकों से मुलाकात की संभावना

जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई को बीकानेर जाएंगे, जहां वे देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में दर्शन करेंगे। मोदी का यह दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर आ रहे हैं।  वे यहां से सीमा पर तैनात सैन्य बलों से मिलने भी जा सकते हैं। हालांकि अब तक इस कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। इधर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस दौरे की तैयारियों को देखने शनिवार शाम बीकानेर पहुंचे थे। देश के कानून मंत्री और बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल का कहना है कि बीकानेर के लिए प्रधानमंत्री का यह दौरा काफी अहम है। उन्होंने कहा कि यह धरती मोदी के स्वागत के लिए एक बार फिर से तैयार है। इससे पहले मोदी 2023 में नवंबर में बीकानेर दौरे पर आए थे। मोदी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मोदी के साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा सीएम भजनलाल शर्मा भी बीकानेर में मौजूद रहेंगे। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और एसपी कावेंद्र सागर भी देशनोक में डेरा डाले हुए हैं। बीजेपी प्रवक्ता मनीष सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशनोक में बने आधुनिक रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। देशनोक के साथ ही लालगढ़ में भी नया रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन इसके उद्घाटन की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। recent visitors 51

एक ओवर ने सब बर्बाद कर दिया, प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई लखनऊ, बना मैच का टर्निंग पॉइंट

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 61वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ के बीच गया. इस मैच में हैदराबाद ने 6 विकेट से जीत हासिल की. लखनऊ को मिली इस हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीद भी टूट गई है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. लखनऊ की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए मार्श और मार्करम की फिफ्टी के दम पर 206 रनों का लक्ष्य हैदराबाद के सामने रखा था. इसके जवाब में उतरी हैदराबाद ने 19वें ओवर में ये मैच जीत लिया. ऐसी रही हैदराबाद की बल्लेबाजी 206 रनों के जवाब में उतरी हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में अथर्व का विकेट दिग्वेश ने चटकाया. अथर्व के बल्ले से केवल 13 रन ही निकले. लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों ने हैदराबाद को संभाला और ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाए. अभिषेक ने लगातार तीन छक्के जड़कर महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ दी. आलम ये रहा की हैदराबाद ने 8वें ओवर में ही 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया. लेकिन 8वें ओवर में अभिषेक शर्मा का विकेट गिर गया. अभिषेक ने 59 रनों की पारी खेली. इसके बाद 12वें ओवर में ईशान किशन भी चलते बने. उन्हें भी दिग्वेश सिंह राठी ने चलता किया. किशन ने 35 रनों की पारी खेली. इसके बाद हेनरिक क्लासेन और कामिंदु ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. हालांकि, ये जोड़ी 18वें ओवर में टूट गई. क्लासेन ने 47 रनों की पारी खेली.  लेकिन हैदराबाद ने ये मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया. हैदराबाद की इस जीत के साथ ही लखनऊ की उम्मीदें टूट गईं. अब प्लेऑफ का सफर उसके लिए खत्म हो गया है. हैदराबाद की टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी.   रवि बिश्नोई के एक ओवर में पड़े थे 26 रन दरअसल, सनराइजर्स हैदराबाद की पारी का सातवां ओवर लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से लेग स्पिनर रवि बिश्नोई डालने आए थे। उनके ओवर की पहली गेंद वाइड रही थी। इसके बाद स्ट्राइक पर मौजूद इशान किशन ने एक डॉट बॉल खेली और ओवर की दूसरी बॉल पर सिंगल लेकर स्ट्राइक रोटेट कर ली। अब स्ट्राइक पर थे अभिषेक शर्मा, जिन्होंने लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ डाले। उन्होंने तीसरे सिक्स के साथ ओवर में 18 गेंद पर अपनी फिफ्टी भी पूरी की। रवि बिश्नोई के इस एक ओवर में कुल 26 रन पड़े। यहां से पूरी तरह खेल हैदराबाद के हाथ में आ गया था। ऐसी रही लखनऊ की शुरुआत पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी लखनऊ की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही. मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने तूफानी अंदाज में आगाज किया. छक्के-चौके की बारिश की. मिचेल मार्श ने महज 28 गेंदों पर ही फिफ्टी जड़ दी. अपनी इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 4 छक्के लगाए. 9 ओवर में ही लखनऊ ने 100 का आंकड़ा भी पार कर लिया था.लेकिन 11वें ओवर में लखनऊ को पहला झटका लगा, जब हर्ष दुबे ने मिचेल मार्श का विकेट झटका. मार्श ने 39 गेंद में 65 रनों की पारी खेली. उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए. लेकिन दूसरे छोर पर मार्करम टिके रहे. लेकिन ऋषभ पंत फिर फ्लॉप रहे. वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए आए लेकिन 7 रन बनाकर ही 12वें ओवर में आउट हो गए. 27 करोड़ी पंत के लिए ये सीजन बेहद खराब रहा है. वहीं, मार्करम ने 28 गेंदों पर अर्धशतक लगाया. ये उनका इस सीजन का 5वां अर्धशतक था. लेकिन 16वें ओवर में एडेन मार्करम का विकेट गिर गया. मार्करम ने 38 गेंद में 61 रनों की तूफानी पारी खेली. वहीं, 18वें ओवर में लखनऊ को चौथा झटका लगा जब बदोनी 3 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, निकोलस पूरन एक छोर पर टिके रहे. पूरन ने 26 गेंद में 45 रन बनाए और आखिरी ओवर में वो रन आउट हो गए. लखनऊ ने 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 205 रन बनाए. राठी और अभिषेक में हुई तीखी बहस जब हैदराबाद 206 रनों का चेज करने उतरी तो अभिषेक शर्मा तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ी और लगातार 4 छक्के भी लगाए. लेकिन पारी का 8वां ओवर लेकर दिग्वेश सिंह राठी पहुंचे. अभिषेक शर्मा इस ओवर में कैच आउट हो गए. इसके बाद दिग्वेश राठी ने अभिषेक को देखकर अपने पुराने अंदाज में जश्न मनाया. इसपर अभिषेक शर्मा आग बबूला हो गए. दोनों में तीखी बहस हुई. अंपायर को बीच-बचाव करना पड़ा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. हर्षल पटेल ने बुमराह-मलिंगा को भी छोड़ा पीछे  इस मैच में SRH के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने IPL इतिहास में सबसे तेज़ 150 विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने इस उपलब्धि के साथ लसिथ मलिंगा को पीछे छोड़ दिया है. हर्षल पटेल ने यह उपलब्धि मैच के 16वें ओवर में हासिल की, जब उन्होंने एडन मार्करम को 61 (38 गेंदों) पर क्लीन बोल्ड किया. इस विकेट के साथ उन्होंने IPL में 2381 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए. उन्होंने लसिथ मलिंगा (2444 गेंदें) और युजवेंद्र चहल (2543 गेंदें) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. हर्षल इस सीजन में अब तक 11 पारियों में 15 विकेट लेकर संयुक्त रूप से 5वें सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनका औसत 24.26 है और उन्होंने दो बार चार विकेट लिए हैं. 150 IPL विकेट सबसे कम गेंदों में 1. 2381 गेंदें – हर्षल पटेल 2. 2444 गेंदें – लसिथ मलिंगा 3. 2543 गेंदें – युजवेंद्र चहल 4.2656 गेंदें – ड्वेन ब्रावो 5. 2832 गेंदें – जसप्रीत बुमराह recent visitors 53

प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में शोध केन्द्र बनाए जायेंगे, कॉलेज के प्राध्यापक निदेशक होंगे

भोपाल कॉलेजों में बदले पढ़ाई के पैटर्न में शोध पर फोकस किया गया है। सभी सकारी कॉलेजों में शोध केन्द्र बनाए जाने हैं। कॉलेज के प्राध्यापक निदेशक होंगे। चयन की जिमेदारी संबंधित विश्वविद्यालय की होगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं।  शोध निदेशक की पात्रता रखने वाले प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे आवेदन करें। प्रयास यही है कि विद्यार्थियों को ऑनर्स विद रिसर्च की सुविधा उनके कॉलेज या फिर समीप के कॉलेज में मिल सके। नई शिक्षा नीति के तहत शोध पर अधिक फोकस किया गया है। कॉलेजों में शोध केन्द्र की स्थापना इसी कड़ी का हिस्सा है। आनॅर्स विथ रिचर्स की सुविधा स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों को चतुर्थ वर्ष ऑनर्स या आनॅर्स विथ रिचर्स की सुविधा मिले। विभाग ने निर्देश में कहा कि जिन प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों ने पीएचडी उपाधि प्राप्त की है और शिक्षण कार्य करते हुए पांच वर्ष हो चुके हैं तो वे भी शोध निदेशक के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो प्राध्यापक या सहायक प्राध्यापक शोध निदेशक की पात्रता रखते हैं और वे पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं उनके बारे में जानकारी भेजें। ढर्रा सुधारने की कवायद सरकार का फोकस सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई का ढर्रा सुधारने को लेकर है। इसी कड़ी में प्राध्यापकों को कॉलेजों में ही रुकने के लिए अवधि तय कर दी है। यानी उन्हें तय अवधि तक कॉलेजों में रुकना ही होगा। इसी से उनका वेतन निर्धारण होगा। recent visitors 51

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला सम्मेलन में भाग लेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्यप्रदेश दौरे की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 मई को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा, सुरक्षा, यातायात, जनसंपर्क एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, समुचित और प्रभावी रूप से पूरी की जाएं ताकि कार्यक्रम निर्विघ्न और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला सम्मेलन में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर का योगदान न केवल मालवा क्षेत्र बल्कि पूरे भारत में धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अद्वितीय रहा है। उनकी स्मृति में यह आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश की धरती पर पधार रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाए। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं की प्रभावी योजना तैयार करने के लिए विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 48

सौरभ के करीबियों पर शिकंजा, लेकिन शह देने वालों पर नहीं हुई कार्रवाई, जांच अब भी जारी

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सौरभ शर्मा कांड को पांच माह पूरे हो गए हैं। इन पांच महीनों में सबसे बड़ा सवाल पुलिस हल नहीं कर पाई है कि सोना और कैश किसका था। वह माना तो सौरभ का ही गया है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। सौरभ और उसके करीबी पकड़े गए, लेकिन इसे शह देने वाले, जिनकी सूची बड़ी लंबी है, उन लोगों को बचाया गया है। फिर वह चाहे परिवहन विभाग के अफसर हों या अलग-अलग विभाग के वे जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी, जिन्होंने आन रिकॉर्ड या ऑफ द रिकॉर्ड सौरभ शर्मा की मदद की। करोड़ों के हिसाब की डायरी भी सामने आई थी ग्वालियर के सिरोल थाने में अनुकंपा नियुक्ति के मामले में शपथ पत्र में झूठी जानकारी देने पर सौरभ और उसकी मां पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन यह भी दिखावे की कवायद रही। करोड़ों के हिसाब की चेक पोस्टों की डायरी तक सामने आई, लेकिन सब दबा दिया गया। राजनीतिक मैदान से लेकर विभागीय हर मोर्चे पर सौरभ के पकड़े जाने के बाद सख्ती बढ़ी नहीं बल्कि घटती गई। कैश, सोना और चांदी भी बरामद किया गया था बता दें कि 19 दिसंबर 2024 को सौरभ शर्मा के भोपाल स्थित निवास पर लोकायुक्त की टीम ने छापा मारा था। इस छापेमारी में कैश, सोना व चांदी बरामद किया गया था। इसी दिन रात में भोपाल के ही मेंडोरी के जंगल में आयकर विभाग की टीम ने 11 करोड़ कैश व 54 किलो सोने से लदी लग्जरी गाड़ी पकड़ी थी। 54 किलो सोना एक साथ मिला था इसी गाड़ी के पकड़े जाने की खबर के बाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में हड़कंप मच गया था। पहली बार ऐसा मौका था जब 54 किलो सोना एक साथ मिला। इसके बाद सौरभ गायब हो गया। लोकायुक्त और आयकर के साथ इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हुई और प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी भी हुई। सौरभ के नजदीकी चेतन और शरद से लेकर कई करीबियों पर शिकंजा कसा गया। ईडी ने इस मामले में कुछ समय पहले चालान पेश किया, जिसमें सौरभ सहित उसकी मां, पत्नी व सहयोगियों को मिलाकर कुल 12 को आरोपित बनाया गया है। इस पूरे सौरभ शर्मा कांड में सबसे खास बात यह है कि सौरभ शर्मा की विभाग में एंट्री से लेकर नौकरी में भ्रष्टाचार कराने में उसका साथ देने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति में बड़े भाई की नौकरी को छिपाया गया। इसे सौरभ व उसकी मां उमा शर्मा ने तो छिपाया ही, साथ ही जहां जहां प्रस्ताव चला वह विभाग भी छिपाते गए। तत्कालीन परिवहन आयुक्त शैलेंद्र श्रीवास्तव के समय में सौरभ शर्मा की नियुक्ति हुई थी। फाइल चलती रही और अधिकारी सौरभ की झूठी जानकारी को नजरअंदाज करते गए। खास बात यह कि दूसरे विभागों में जगह होने के बाद भी सौरभ को 2014 के नए नियमों को दरकिनार कर 2008 के नियमों के आधार पर नियुक्ति दे दी गई। इसके बाद चेकपोस्टों पर सौरभ शर्मा के ठेके लेने से लेकर साथियों की जानकारी सामने आई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोकायुक्त ने दिए हैं साथियों व अफसरों को नोटिस सौरभ शर्मा कांड में लोकायुक्त की जो जांच चल रही है, उसमें सौरभ के साथ काम करने वाले धनंजय चौबे, हेमंत जाटव, नरेंद्र सिंह भदौरिया और गौरव पाराशर की पूरे परिवहन विभाग में धाक थी। जैसा ये चाहते थे वैसा हो जाता था। इन्हें लोकायुक्त ने नोटिस दिया है। इसके साथ ही दशरथ पटेल सहित अन्य को भी नोटिस जारी किया है। recent visitors 45