नैंसी क्रिस्टल-पर्ल ड्रेस पहनकर पहुंचीं कान्स, लगाया भारतीयों वाला दिमाग

कान्स नैंसी त्यागी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हुनर हो तो कोई कामयाबी पाने से नहीं रोक सकता। बीते साल कान्स फिल्स फेस्टिवल की सबसे स्टाइलिश हसीना बनकर पूरे देश में छा जाने वाली हसीना, इस बार भी रेड कार्पेट पर अपना जलवा बिखेरने पहुंच चुकी हैं। पहले दिन फूलों वाले गाउन में लिपटकर नैंसी ने धांसू एंट्री मारी, तो दूसरे दिन वाला लुक तो देखते ही बना। जिसमें वह न सिर्फ कान्स के रूल्स को फॉलो करने के लिए जुगाड़ु बन गईं, बल्कि उनका अंदाज भी कातिलाना लगा। दरअसल, नैंसी क्रिस्टल से सजी ड्रेस पहनकर दूसरे दिन रेड कार्पेट पर उतरीं। जिसके साथ उन्होंने लॉन्ग ट्रेल पर बैन लग जाने के बाद उसे ट्विस्ट देकर ओवरकोट की तरह कैरी कर लिया। जहां छोटी-सी ड्रेस और बड़ी-सी कैप में वह कमाल की लगीं, तो इस ड्रेस को सिलने में उन्हें करीब 1 महीने का समय लग गया था। यकीन मानिए नैंसी के लुक्स की डीटेल्स देखकर, आप भी इस सेल्फ मेड डिजाइनर हसीना की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। मां के पसंदीदा रंग की मिनी ड्रेस में बिखेरा जलवा कान्स में अपनी पहली अपीयरेंस के लिए नैंसी ग्रीन फ्लोरल गाउन पहनकर आईं, तो दूसरे दिन हसीना ने मिनी ड्रेस में जलवा बिखेरा। क्रिस्टल और पर्ल एम्बेलिशमेंट से सजी इस ड्रेस का कलर हसीना की मां का पसंदीदा है। इसलिए उन्होंने इस सिल्वर-बेज मिक्स्ड ह्यूड ड्रेस को सिलेक्ट किया। जिसके साथ वह कान्स के नए ड्रेस रूल्स के हिसाब से लंबी ट्रेन नहीं पहन सकती थीं, तो उन्होंने अपना जुगाड़ु दिमाग लगाकर उसे पफी ओवरकोट विद ट्रेल लुक दे दिया। कॉरसेट मिनी ड्रेस से कान्स में ड्रामा ले आईं नैंसी ड्रेस की डीटेल्स पर ध्यान दें, तो इसे क्रिस्टल और पर्ल्स से हैवी लुक दिया। जिन्हें लाइनिंग पैटर्न में लगाया गया। जहां कुछ एम्बेलिशमेंट ड्रेस से चिपके हैं, तो कुछ तो उन्होंने लटकन की तरह छोड़े, जो इसमें ड्रामा ले आए। खासकर, कॉरसेट मिनी ड्रेस की नेकलाइन को हाइलाइट करने का तरीका गजब लगा। जिसकी स्वीटहार्ट नेकलाइन और मोतियों वाले एलिमेंट्स इसे सबसे अलग लुक दे गए। लेकिन, यहां ये बात भी ध्यान देने वाली है कि हसीना के इन सब एक्सपेरिंट की वजह से इस छोटी-सी ड्रेस का वेट काफी ज्यादा था। ट्रेल वाला पफी ओवरकोट लगा कमाल हालांकि, उनके लुक में जो सबसे ज्यादा इंटरस्टिंग लगा, वो था उनका ओवरकोट। बेज टोन वाले इस ओवरकोट को उन्होंने बिना किसी क्रिस्टल और पर्ल के डिजाइन किया, लेकिन फिर भी ये लुक की हाइलाइट बन गया। इसकी पफी स्लीव्स और उससे जुड़ी ट्रेल कमाल की लगी और पूरे लुक को ड्रामेटिक वाइब्स दे गई। एक्सेसरीज के तो क्या ही कहने यही नहीं नैंसी ने अपनी एक्सेसरीज को भी लुक के साथ परफेक्ट तरीके से ब्लेंड किया। उन्होंने सिल्वर एम्बेलिशमेंट वाला स्टाइलिश बैग कैरी किया, तो हील्स को भी शाइनी रखे में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके अलावा और उनके गोल्डन ईयरकफ के तो क्या ही कहने, वो लुक में अलग ही दिखे और शो स्टॉपर वाली फील दे गए। इस तरह दिया फाइनल टच आखिर में जब बारी मेकअप की आई, तो नैंसी ने मिडिल पार्टीशन के साथ बन बनाया, जहां चेहरे पर आती जो लट और कर्ल टच शानदार लगा। ग्लॉसी लिप्स के साथ शिमरी आइज और ब्लश लगाए हसीना का ये अंदाज साबित कर गया कि वह फैशन गेम में पक्की खिलाड़ी बन चुकी हैं। तभी तो कान्स में नैंसी का स्टाइल जादू चला गया। लोग भी कर रहे तारीफ जब से नैंसी का लुक सामने आया है, उनकी तारीफ करने वालों की कोई कमी नहीं हैं। किसी को उनका कॉन्फिडेंस भा गया, तो कोई उनकी स्टाइलिंग का फैन बन गया। एक ने लिखा, 'द मोस्ट डिजर्विंग', तो दूसरा बोला, 'ये लड़की कमाल है'। इसी तरह लोग हसीना के अंदाज पर खूब प्यार लुटा रहे हैं। recent visitors 49

दिल्ली की ख़राब शरूआत, लगा पहला झटका, फाफ डु प्लेसी लौटे पवेलियन

नई दिल्ली प्लेऑफ की रेस में भाग रहीं दो टीमें दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस आज अरुण जेटली स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। गुजरात अगर इस मैच में जीत हासिल कर लेती है तो प्लेऑफ का टिकट कटाने वाली पहली टीम बन जाएगी। वहीं जीत दिल्ली को प्लेऑफ के करीब ले जाएगी। इस मैच में दिल्ली को मिचेल स्टार्क की सुविधा नहीं मिलेगी। वह ब्रेक में अपने देश लौट गए थे और वापस नहीं लौटे हैं।देखना होगा उनकी जगह किसी जगह मिलती है। दिल्ली को लगा पहला झटका दिल्ली को पहला झटका लग गया है। फाफ डु प्लेसी आउट हो गए हैं। अरशद खान ने चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर उनको आउट किया। recent visitors 49

भोपाल नगर निगम ने नीमच में स्थापित किया 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ना और उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना को जानने का सजीव अवसर प्रदान करना आवश्यक है। प्रदेश के नगरों के मुख्य प्रवेश मार्गों पर महापुरूषों की स्मृति में बन रहे सांस्कृतिक द्वार इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी के उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। राजा भोज सहित अन्य महापुरूषों के गौरवशाली इतिहास को पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री यादव भोपाल में नर्मदापुरम मार्ग पर समरधा  में निर्मित होने वाले भोज-नर्मदा द्वार के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित 10 मेगावाट  सौर ऊर्जा संयंत्र का  इस कार्यक्रम से वर्च्युअल लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, खेल युवक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और विधायक श्री भगवान दास सबनानी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल प्रदेश की राजधानी है। यहां प्रदेश के विभिन्न अंचलों की संस्कृति और इतिहास को अभिव्यक्ती प्रदान की जाएगी। भोपाल के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर निर्मित होने वाले 9 द्वारों पर माँ नर्मदा के तट पर विद्यमान प्रमुख तीर्थों सहित सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक संदर्भ उकेरे जाएंगे। उज्जैन में निर्मित महामृत्युंजय द्वार, विभिन्न काल में उज्जैन के इतिहास और प्रमुख घटनाओं को अभिव्यक्त करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा भोज की प्रतिभा, योग्यता और पराक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाकिस्तान के विरूद्ध ऑपरेशन सिंदूर में भारत की जीत, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने विश्व के सामने ऑपरेशन सिंदूर में आंतकियों के विरूद्ध की गई कार्रवाई को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर नारी शक्ति के सामर्थ्य का प्रकटीकरण किया है। हम आत्मनिर्भर नगर निगम व नगर पालिका के सपने को साकार करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं: मंत्री श्री विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में हम आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साथ-साथ आत्मनिर्भर नगर निगम व नगर पालिका के सपने को साकार करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। भोपाल नगर निगम द्वार नीमच में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना, आत्मनिर्भता की ओर एक प्रभावी कदम है। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि 5 करोड़ रुपए की लागत से "भोज-नर्मदा द्वार" का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित किए जा रहे सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग भोपाल की जल प्रदाय व्यवस्था  के संचालन में किया जाएगा। कार्यक्रम को विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया।   recent visitors 41

नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग में नित नये नवाचार किये जा रहे हैं और नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भोपाल के राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में बताया कि राज्यों में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटराइजेशन के कार्य में मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा। उन्होंने शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिये प्रदेश की सराहना की। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के लिये लगभग हर माह सहकारिता संबंधी आयोजन करने का संकल्प लेकर काम किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों के आचरण और व्यवहार की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवायी जा रही है। नवाचार और अच्छा कार्य करने वालों को साल के अंत में उत्कृष्ट कर्मी के रूप में सम्मानित भी किया जायेगा। सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर पैक्स स्थापित किये जायेंगे। सहकारिता के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिये विभाग के तहत सभी स्तर के विभागीय कार्यालय, सहकारी संस्थाओं में “स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ अभियान के तहत स्वच्छता दिवस कार्यक्रम मनाया गया। नई दिल्ली के इण्डिया हेबिटेड सेंटर में आयोजित 100वें राष्ट्रीय स्कॉच समिट में मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को उनके फर्टिलाइजर सप्लाई चैन ऑटोमेशन प्रोजेक्ट आईएफएसएस को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के तहत सहकारिता क्षेत्र में कुल 2305 करोड़ राशि में 19 एमओयू हुए। यह एक क्रांतिकारी पहल है, जब नये सीपीपीपी मॉडल के तहत इतने एमओयू सहकारिता क्षेत्र में हुए। विभाग की गतिविधियों पर निरन्तर ध्यान दिया जा रहा है। सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गयी। अब विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति का एक भी प्रकरण लंबित नहीं है। इसी प्रकार अपेक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों में आईबीपीएस से भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। अपेक्स बैंक में 47 अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हुई है और 197 की भर्ती प्रक्रियाधीन है। जिला सहकारी बैंकों में 1099 समिति प्रबंधक और 1568 बैंकिंग सहायक की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गयी है और 2675 पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त कर ली गयी है। मध्यप्रदेश में भारत सरकार से प्राप्त मॉडल बायलॉज सभी पैक्स में लागू कर पैक्स को बहुउद्देश्यीय बनाया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एम-पैक्स की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में 637 नये एम-पैक्स के गठन की कार्यवाही शुरू है। प्रदेश में ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सुविधा आमजन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की 773 शाखाओं और उनसे संबद्ध 4000 पैक्स संस्थाओं द्वारा लगभग 4800 माइक्रो एटीएम का संचालन किया जा रहा है। माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में सरल एवं शीघ्र लेन-देन की बैंकिंग सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। बीज संघ को उन्नत स्तर पर पहुँचाने का प्रयास जारी है। बीज संघ से चीता बीज के नाम से नया ब्रॉण्ड लांच किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम से चीता बीज का वितरण किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में मध्यप्रदेश ने भी कैलेण्डर बनाकर सहकारी आंदोलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और पारदर्शिता लाने का काम किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सेवाओं की पूर्ति पर भी काम किया जा रहा है। गाँव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर 3 शीर्ष स्तर की संस्थाएँ बनायी गयी हैं। इससे सहकारी आंदोलन सशक्त हुआ है। भारत सरकार द्वारा देश की सभी सहकारी संस्थाओें की जानकारी राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) पोर्टल पर अपलोड करायी जा रही है। मध्यप्रदेश की सभी सहकारी संस्थाओं की एन्ट्री पोर्टल पर कर दी गयी है। मध्यप्रदेश, भारत सरकार की सहकारिता की गतिविधियों में लगातार कदम से कदम मिलाकर सहकारिता आंदोलन को गति देने का काम कर रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सहकारिता के कई आयामों में अग्रणी होगा।   recent visitors 42

भागवत की इस टिप्पणी पर ओवैसी बोले – मुसलमान और आरएसएस समंदर के दो किनारे

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम (एआईएमआईएम) के नेता और हैदराबाद सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। भारत-पाक तनाव के बीच उनके बयानों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। पूरे भारत में उन्होंने एक तरह से अपनी नई छवि पेश की। हालांकि, अब उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के बयानों को लेकर प्रतिक्रिया दी है जिसकी चर्चा जोरों पर है। उन्होंने संघ प्रमुख के मुसलमानों के प्रति दिए बयान को “बेतुका” बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि आरएसएस और मुसलमान समंदर के दो किनारे हैं जो कभी नहीं मिल सकते। भागवत ने कहा था हिंदुओं और मुसलमानों का ‘डीएनए’ एक ओवैसी से भागवत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि हिंदुओं और मुसलमानों का ‘डीएनए’ एक है और हर मस्जिद के नीचे शिवलिंग नहीं ढूंढना चाहिए। भागवत ने यह बयान देश की स्वतंत्रता से पहले की, मुगल-काल की या उससे भी पहले की मस्जिदों को लेकर उपजे विवादों को लेकर दिया था। कुछ हिंदुओं का मानना ​​है कि ये मस्जिदें, मंदिरों को नष्ट करके बनाई गई थीं। हैदराबाद से पांच बार के सांसद और संसद में अपनी पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि ओवैसी ने कहा, ‘क्या ये सभी लोग जो अदालतों में जा रहे हैं और वाद दायर कर रहे हैं (मस्जिदों की उत्पत्ति की जांच की मांग कर रहे हैं) मोहन भागवत के समर्थक नहीं हैं?’ ओवैसी ने यह भी कहा कि आरएसएस भारत की विविधता को नष्ट करना चाहता है। उन्होंने शनिवार (17 मई,2025) को ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “आप भले ही नजदीकी बताने वाली बातें कर रहे हों, लेकिन ये आपके ही लोग हैं जो यह (मुस्लिम विरोधी) तमाशा कर रहे हैं। अगर आपको लगता है कि वे गलत हैं, तो आप उन्हें क्यों नहीं रोक रहे।” उनके ही आदेश पर हो रहा सबकुछ- ओवैसी ओवैसी से जब पूछा गया कि शायद भागवत इन्हीं लोगों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, ‘खीर का स्वाद खाने पर ही पता चलता है। उन्हें रोकिए। इसका मतलब है कि वे आपकी बात नहीं सुन रहे हैं। क्या आप उन्हें रोकने में असमर्थ हैं? नहीं, ऐसा भी नहीं है। यह आपके नियंत्रण में है। यह आपके आदेश पर हो रहा है। यह आपकी सहमति से हो रहा है।’ भागवत के बयान पर संघ ने पेश की सफाई उन्होंने कहा कि भागवत की टिप्पणी के तुरंत बाद आरएसएस के एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि भागवत ने जो कहा, उसका मतलब वह नहीं था। ओवैसी ने कहा, ‘यह आरएसएस का भ्रम का सिद्धांत है। भागवत के बयान पाखंडपूर्ण हैं। यह सिर्फ बेतुकी बातें हैं, फिजूल की बातें हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिका या खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम देशों को संदेश देना है।’ recent visitors 39

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेरणा भारद्वाज को पुन: मेयर चुने जाने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय मूल की सुश्री प्रेरणा भारद्वाज को बकिंघमशायर(यूनाइटेड किंगडम) काउंसिल में एक बार पुनः मेयर चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सुश्री भारद्वाज ने अपनी यह उपलब्धि बाबा महाकाल और मां बगलामुखी को समर्पित की है, जो अपनी मातृभूमि से उनके सतत् जुड़ाव के संस्कार का प्रेरणादायक प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री भारद्वाज के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हमारी बहन प्रेरणा भारद्वाज अपने सेवा कार्यों और समर्पण से भारत राष्ट्र की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर प्रतिस्थापित करेंगी।   recent visitors 50

अमेरिका में ‘रेमिटेंस’ पर कर की योजना से भारतीय परिवारों, रुपये पर असर की आशंका: जीटीआरआई

नई दिल्ली, अमेरिका में गैर-नागरिकों के विदेश में धन भेजने (रेमिटेंस) पर पांच प्रतिशत का कर लगाने के प्रस्ताव को लेकर भारत में चिंता बढ़ रही है। आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने रविवार को कहा कि इससे भारतीय परिवारों और रुपये को नुकसान पहुंच सकता है। एक अनुमान के मुताबिक, इस कर की वजह से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों पर सालाना 1.6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का बोझ पड़ सकता है। यह प्रावधान 12 मई को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए ‘द वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ नामक व्यापक विधायी पैकेज का हिस्सा है। यह ग्रीन कार्ड और एच1बी वीजा रखने वालों सहित चार करोड़ से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा। प्रस्तावित शुल्क अमेरिकी नागरिकों पर लागू नहीं होगा। जीटीआरआई ने कहा, ”अमेरिका में गैर-नागरिकों के विदेश में धन भेजने पर कर लगाने के प्रस्ताव से भारत में चिंता बढ़ रही है, क्योंकि अगर यह योजना कानून बन जाती है, तो भारत को सालाना विदेशी मुद्रा प्रवाह में अरबों डॉलर का नुकसान होगा।” जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ”पांच प्रतिशत कर से रेमिटेंस की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। अगर धन प्रेषण में सालाना 10-15 प्रतिशत की गिरावट हुई तो भारत को 12-18 अरब डॉलर का नुकसान होगा।” उन्होंने कहा कि इस नुकसान से भारत के विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की आपूर्ति कम हो जाएगी, जिससे रुपये पर गिरावट का दबाव बनेगा। श्रीवास्तव ने कहा, ”भारतीय रिजर्व बैंक को मुद्रा को स्थिर करने के लिए अधिक बार हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। इस वजह से रुपया 1-1.5 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर तक कमजोर हो सकता है।” भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मार्च बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, 2023-24 में भारत को अमेरिका से कुल 32.9 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला। इसका पांच प्रतिशत 1.64 अरब डॉलर होगा। आरबीआई के लेख में कहा गया कि धन प्रेषण से मिली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से परिवार के भरण-पोषण के लिए होता है, इसलिए इसकी लागत बढ़ने का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव होता है। इस लागत को कम करना वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नीतिगत एजेंडा रहा है।   recent visitors 64