सरेंडर से नक्सल संगठन कमजोर, सुरक्षा बलों की रणनीति रही सफल

महासमुंद छत्तीसगढ़ में माओवादी मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीबीएम (बलांगीर–बरगढ़–महासमुंद) डिवीजन से जुड़े 15 माओवादियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया है। मुख्यधारा में लौटने वाले इस समूह में 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। इन सभी ने अपने नेता विकास की अगुवाई में पुलिस और प्रशासन के समक्ष हथियार डाले। आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात 2 से 4 बजे के बीच महासमुंद जिले के बलौदा थाने में संपन्न हुई। रेडियो संदेश और मध्यस्थता से बनी सरेंडर की राह इस ऐतिहासिक समर्पण की पटकथा बीते कुछ दिनों से लिखी जा रही थी। माओवादियों के लीडर विकास ने गृहमंत्री को पत्र लिखकर सरेंडर की इच्छा जताई थी, जिसके जवाब में गृहमंत्री ने रेडियो के माध्यम से उन्हें सुरक्षित समर्पण का पूरा विश्वास दिलाया। इस प्रक्रिया में बस्तर के पत्रकार विकास तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे माओवादियों के ठिकाने पर सरायपाली पहुंचे, उनसे बात की और गृहमंत्री विजय शर्मा से उनकी सीधी चर्चा कराई। भरोसे का माहौल बनने के बाद शनिवार रात इन सभी 15 माओवादियों को पुलिस की बस से सुरक्षित स्थान पर लाया गया। हथियारों का जखीरा और इनामी माओवादियों की वापसी समर्पण करने वाले ये सभी 15 माओवादी इनामी थे और अपने साथ तीन एके-47 व 12 अन्य अत्याधुनिक हथियार लेकर पहुंचे थे। इस समूह का नेतृत्व ओडिशा के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुदर्शन ने किया, जिस पर अकेले 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसपी प्रभात कुमार ने इस सफल सरेंडर की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, ये माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, लेकिन शासन की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुनर्वास नीति और विकास का पड़ रहा असर अधिकारियों ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया है। शासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को अब पुनर्वास, आर्थिक सहायता और कौशल विकास के अवसरों का लाभ दिया जाएगा। लगातार हो रहे इन समर्पणों को माओवादी संगठन के कमजोर पड़ते प्रभाव और शासन की विकासोन्मुख नीतियों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।   recent visitors 25

सरकार का बड़ा निर्णय: माउंट आबू, जहाजपुर और कामां—नाम बदलने के पीछे की ऐतिहासिक वजहें

जयपुर राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रतीकों की राजनीति की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए तीन प्रमुख नगरों के नाम बदलने की घोषणा की है। विधानसभा में विनियोग विधेयक पर उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माउंट आबू का नाम ‘आबू राज’, जहाजपुर का ‘यज्ञपुर’ और कामां का ‘कामवन’ किया जाएगा। सरकार के अनुसार यह निर्णय स्थानीय मांग, ऐतिहासिक संदर्भ और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर लिया गया है। इससे पहले भी भजनलाल सरकार में पिछली सरकार की जगहों और कई योजनाओं के नाम बदले जा चुके हैं। इस घोषणा के बाद इन स्थानों के एतिहासिक और सांस्कृतिक आधार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माउंट आबू (अर्बुद पर्वत) का बहुआयामी इतिहास सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू अरावली पर्वतमाला का सर्वोच्च भाग है। प्राचीन ग्रंथों में इसे अर्बुद पर्वत कहा गया है। स्कन्द पुराण के अर्बुद खंड में इसका उल्लेख मिलता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह ऋषियों की तपोभूमि रहा है। कथा है कि ऋषि वशिष्ठ ने यहां यज्ञ किया, जिसके अग्निकुंड से प्रतिहार, परमार, सोलंकी और चौहान वंश उत्पन्न हुए और इन्हें अग्निकुल राजपूत कहा गया।   अचलगढ़ क्षेत्र में स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर को भी पवित्र माना जाता है। मध्यकाल में यह क्षेत्र परमार वंश और बाद में देवड़ा चौहानों के अधीन रहा। महाराणा कुम्भा ने अचलगढ़ किला का पुनर्निर्माण कराया, जिससे इसका सामरिक महत्व बढ़ा। माउंट आबू जैन स्थापत्य कला के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिर 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच निर्मित हुए। 1031 ईस्वी में विमल शाह द्वारा निर्मित विमल वसाही मंदिर और 1230 ईस्वी में वास्तुपाल-तेजपाल द्वारा निर्मित लूण वसाही मंदिर अपनी संगमरमर नक्काशी के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। औपनिवेशिक काल में इसकी जलवायु के कारण अंग्रेजों ने इसे राजपूताना एजेंसी का मुख्यालय बनाया और इसे स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया। जहाजपुर (यज्ञपुर) की प्राचीन और मध्यकालीन विरासत भीलवाड़ा जिले में स्थित जहाजपुर का संबंध भी प्राचीन धार्मिक परंपराओं से जोड़ा जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इसका प्राचीन नाम यज्ञपुर या यज्ञपुरी माना जाता है। पौराणिक परंपरा के अनुसार राजा जनमेजय ने अपने पिता परीक्षित की तक्षक नाग द्वारा मृत्यु के प्रतिशोध में यहां सर्पसत्र यज्ञ कराया था, जिससे इसका नाम यज्ञपुर पड़ा। समय के साथ यह नाम अपभ्रंश होकर जहाजपुर प्रचलित हुआ।   मध्यकाल में जहाजपुर मेवाड़ राज्य का एक महत्वपूर्ण दुर्ग-नगर बना। यहां का किला ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और दूर से देखने पर विशाल जहाज जैसा प्रतीत होता है, जिससे इसके वर्तमान नाम की व्याख्या भी की जाती है। राणा कुम्भा के शासनकाल में इस दुर्ग का महत्व बढ़ा। recent visitors 41

खाड़ी में बढ़ा खतरा: होर्मुज में तेल टैंकर निशाने पर, भारतीय क्रू की चिंता बढ़ी

ईरान मिडिल ईस्ट में इजरायल-ईरान के बीच जारी जंग से तनाव चरम पर पहुंच गया है। अली खामेनेई की मौत से दुनियाभर के कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, ओमान ने रविवार को कहा कि स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट में एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें उसमें सवार चार नाविक घायल हो गए। इसमें सवार क्रू के सदस्य भारतीय भी थे। सरकारी न्यूज एजेंसी ने कहा कि हमला पलाऊ के झंडे वाले स्काइलाइट नाम के जहाज को निशाना बनाकर किया गया। इसने क्रू के सदस्यों को भारतीय और ईरानी बताया। हालांकि, यह साफ नहीं है कि जहाज पर किसने हमला किया, लेकिन यह तब हुआ जब अधिकारियों ने कहा कि जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है, ईरान रेडियो के जरिए स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकी दे रहा है। यह स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण है कि यहीं से दुनियाभर को लगभग 20 फीसदी तेल जाता है। समुद्री अधिकारियों और ईयू नेवल मिशन के एक अधिकारी के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों को चेतावनी दी है कि स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत नहीं है। इस पतले पानी के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को, जो दुनिया के तेल एक्सपोर्ट का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है, रेडियो ट्रांसमिशन मिले हैं जिसमें उन्हें ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद बढ़ते संघर्ष के बीच ट्रांजिट से बचने के लिए कहा गया है। हालांकि तेहरान ने औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इंश्योरेंस कंपनियां युद्ध-जोखिम प्रीमियम बढ़ा रही हैं, और बड़ी शिपिंग कंपनियों ने शिपमेंट रोक दिए हैं। ग्लोबल एनर्जी मार्केट और समुद्री सुरक्षा अब काफी दबाव में हैं। recent visitors 31

युवाओं ने लिया वरिष्ठजनों के अनुभवों से प्रेरणा, सामाजिक समरसता का संदेश

बिलासपुर अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत आयोजित “पीढ़ियों के संगवारी कार्यक्रम” ने आज बिलासपुर में भावनात्मक और प्रेरणादायी वातावरण का निर्माण किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, व्यापार विहार में आयोजित इस संभाग स्तरीय कार्यक्रम में बिलासपुर सहित मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों से आए वरिष्ठ नागरिकों ने युवाओं के साथ संवाद कर अपने जीवन का अनुभव साझा किए।         कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि समाज तभी सशक्त बनता है, जब नई पीढ़ी अपने बुजुर्गों के अनुभवों का सम्मान करे। उन्होंने इसे पीढ़ियों के बीच दूरी कम करने वाला अभिनव प्रयास बताया। महापौर मती पूजा विधानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य शासन वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आश्रय एवं सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अटल वयो अभ्युदय योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।         संयुक्त संचालक टी.पी. भावे ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय वयो योजना, तीर्थ दर्शन योजना जैसी सुविधाओं के साथ-साथ निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम में आयोजित संवाद सत्र ने सभी को भावुक किया, वहीं इंडोर खेल प्रतियोगिताओं में बुजुर्गों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यह संदेश दिया कि उम्र केवल एक संख्या है।आयोजन में विभागीय अधिकारियों, यूनिसेफ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। recent visitors 25

उद्योग मंत्री देवांगन की बड़ी सौगात, चंदपुरिहा वैश्य समाज को मिला सामुदायिक भवन

रायपुर 25 लाख की लागत के भवन निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन वाणिज्य उद्योग, श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज रविवार को  कोरबा मे चंदपुरिहा कंसोधन वैश्य गुप्ता समाज को 25 लाख की लागत के सामुदायिक भवन की सौगात देते हुए निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।      आज डीडीएम नहर मार्ग मे आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में महर्षि कश्यप ऋषि की पूजा अर्चना कर जिला खनिज न्यास मद से बनने वाले भवन का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मंत्री  देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि पिछली बार जब समाज के सामाजिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ था तब समाज की मांग पर इस कार्य की सहर्ष घोषणा की थी। जिला खनिज न्यास मद से 25 लाख की लागत से भवन की स्वीकृत कराई गई, और आज आज सभी के उपस्थिति में भवन  का भूमि पूजन किया जा रहा है। साथ ही समाज के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। मंत्री  देवांगन ने कहा कि कोरबा विधानसभा अंतर्गत सभी समाज की मांग अनुरूप उनके लिए सामुदायिक भवन, मंच,  डोम शेड, बाउंड्री वॉल सहित महत्वपूर्ण विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। ट्रिपल इंजन की सरकार में 800 करोड़ से अधिक की राशि के कार्यों की विगत 2 वर्षों में प्राप्त हो चुकी है, उन सभी कार्यों को तेजी से धरातल पर उतर जा रहा है।    महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा  कि कोरबा नगर निगम क्षेत्र आज विकास के नए आयाम लिख रहा है, बड़े निर्माण कार्यों के साथ-साथ छोटे कार्य भी जल्द से जल्द शुरू कराकर पूर्ण कराया जा रहे हैं, सामाजिक भवनो का विकास कराई जा रहे हैं। उद्योग मंत्री के नेतृत्व में आज फंड तेजी से जारी हो रही है, आज इसी का परिणाम है की विकास कार्यों का लाभ जनता को मिलने लगा है। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।     इस अवसर पर सभापति  नूतन ठाकुर , पार्षद मती मथुरा चंद्रा ,पार्षद   नरेंद्र देवांगन , राम कुमार साहू,  ईश्वर पटेल,  योगेश्वर प्रसाद गुप्ता ,डॉ पीयूष गुरु गोस्वामी ,  राजेश गुप्ता, राम सेवक गुप्ता,  मलिक राम गुप्ता,  बालमुकुंद  गुप्ता,  देवेंद्र गुप्ता,  मनोज गुप्ता, मती प्रभा गुप्ता, डॉ शुभम गुप्ता, मती सीमा गुप्ता,  राजीव गुप्ता, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा,  राकेश नागरमल,  विजय गुप्ता सहित समाज के गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। recent visitors 31

तेहरान में ब्लास्ट से दहशत, इजरायल बोला—रणनीतिक ठिकानों पर निशाना

तेहरान ईरान के सु्प्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायल ने तेहरान में फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। रविवार को तेहरान में एक के बाद एक कई धमाके हुए। इजरायल ने इन हमलों को शहर के दिल पर किया गया हमला बताया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हवाई हमले में मौत के बाद इजरायल ने रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान में फिर से हमले तेज कर दिए। राजधानी में एक के बाद एक कई धमाके किए गए। इजरायल का कहना है कि वह शहर के दिल को टारगेट कर रहा है। इजरायली सेना ने कहा, "IDF तेहरान के बीचों-बीच ईरानी आतंकी शासन से जुड़े ठिकानों पर हमला कर रही है।'' पिछले दिन, इजरायली एयर फोर्स ने हवाई बढ़त बनाने और तेहरान तक का रास्ता बनाने के लिए बड़े पैमाने पर हमले किए। इससे पहले, ईरान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बड़े पैमाने पर बदला लेने की कसम खाने के बाद इजरायल और खाड़ी के अरब देशों में टारगेट पर मिसाइलें दागीं। बहरीन, कतर, अबू धाबी, दुबई समेत कई जगहों पर मिसाइलों से हमले किए गए। सामने आए फुटेज से मिसाइलें गिरने के बाद आसमान में धुआं उठता दिखाई दिया। वहीं, तेहरान में हुए धमाके के बाद आसमान में धुएं का एक बड़ा गुबार उठा। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि टारगेट क्या था। धमाका उस इलाके में टारगेटेड लग रहा था, जो देश के पुलिस हेडक्वार्टर और ईरानी सरकारी टेलीविजन का घर है। इजरायली सेना ने कहा कि वह सेंट्रल तेहरान में टारगेट पर हमला कर रही है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि कोई भी जवाबी कार्रवाई और तनाव बढ़ेगा। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जवाब दिया, “बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जैसा पहले नहीं देखा गया होगा।” बता दें कि जब इजरायल और अमेरिका के इस हमले में खामेनेई के अलावा, डिफेंस काउंसिल की एक मीटिंग पर हुए एयरस्ट्राइक में ईरान के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और डिफेंस मिनिस्टर के साथ-साथ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के हेड और खामेनेई के एक टॉप सिक्योरिटी एडवाइजर भी मारे गए। ईरान के सीनियर अधिकारी अली लारीजानी ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरानी मीडिया ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 'शहादत' के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ और भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि लारीजानी ने कहा कि ईरानी देश ने एकता और मजबूती से अमेरिका और इजरायल की योजनाओं को नाकाम कर दिया है। उन्होंने कहा कि लीडरशिप की गैर-मौजूदगी में संवैधानिक नियम देश को गाइड करेंगे। ईरान के संविधान के आर्टिकल 110 का ज़िक्र करते हुए, लारीजानी ने बताया कि अगर देश में कोई लीडर नहीं है, तो प्रेसिडेंट, ज्यूडिशियरी के हेड, और एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल द्वारा चुने गए कॉन्स्टिट्यूशनल काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट सदस्य, उत्तराधिकारी चुने जाने तक कुछ समय के लिए लीडर की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि प्रोविजनल लीडरशिप काउंसिल बनाने का प्रोसेस तुरंत शुरू किया जा रहा है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। recent visitors 34

युवाओं को स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के लिए मिलेगा सशक्त मंच

बिलासपुर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में रेजिंग एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम अंतर्गत उद्योग–बैंकर संवाद कार्यशाला का आयोजन होटल सिटी, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा किया गया। कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के महासचिव शरद सक्सेना, सीजीएम सीएस टेकाम,जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक  दिनेश उरांव सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे। समन्वय और समाधान पर केंद्रित रही बैठक कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य उद्यमियों एवं बैंकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, महिला उद्यमिता एवं एमएसएमई इकाइयों से जुड़े प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर  अग्रवाल ने बैंकों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं तत्परता लाकर ही स्थानीय उद्योगों को गति दी जा सकती है। उन्होंने उद्योग विभाग एवं बैंकों के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने पर भी बल दिया। योजनाओं की प्रगति और समस्याओं पर खुला संवाद डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) द्वारा पीएमएफएमई योजना के आवेदकों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं को साझा किया गया। उद्योग संघ के प्रतिनिधियों ने बैंक अधिकारियों से संवाद को और प्रभावी बनाने तथा समय-समय पर संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के औद्योगिक भ्रमण का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे बैंक अधिकारी जमीनी स्तर पर इकाइयों की प्रगति का आकलन कर सकें। बैंकों के प्रतिनिधियों ने पात्र एवं पूर्ण दस्तावेज वाले प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य महाप्रबंधक द्वारा सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के संवाद भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों के विकास को सतत गति मिलती रहे। recent visitors 26