सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, कर्मचारियों को मिला रंगों का डबल जश्न

भोपाल मध्य प्रदेश शासन ने होली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है। राज्य सरकार ने पहले से घोषित अवकाश में संशोधन करते हुए अब 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। पहली बार किसी त्योहार पर दो दिन की छुट्टी मध्य प्रदेश में पहली बार किसी त्योहार को लेकर दो दिन सरकारी छुट्टी रहेगी। 29 दिसंबर 2025 को सरकार ने 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में तीन मार्च मंगलवार को होली का सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया था। चूंकि, होली मनाने को लेकर अलग-अलग राय है इसलिए कर्मचारी संगठनों ने चार मार्च का अवकाश घोषित किए जाने की मांग की थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रस्ताव भेजा। 4 मार्च को भी सरकारी छुट्टी का एलान पूर्व में 29 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के अनुसार केवल 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली का अवकाश घोषित था। अब इसे संशोधित कर 4 मार्च 2026 (बुधवार) को भी छुट्टी का दिन तय किया गया है। यह अवकाश 'निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेन्ट्स एक्ट 1881' की धारा 25 के अंतर्गत घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह सार्वजनिक और सामान्य अवकाश की श्रेणी में आएगा। यह संशोधित अधिसूचना मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य द्वारा 1 मार्च 2026 को जारी की गई है शासन के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और बैंकों (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत) में बुधवार को भी अवकाश रहेगा । इस कदम से लोगों को होली का त्यौहार मनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी जानकारी समस्त विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु भेज दी गई है।   recent visitors 32

त्योहार से पहले खुशखबरी! होली पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को मिलेंगी अतिरिक्त सुविधाएं

जम्मू आगामी होली पर्व के अवसर पर जम्मू मंडल के यात्रियों और यहाँ आने व जाने वाले पर्यटकों की सुविधा हेतु, मंडल रेल प्रबंधक, श्री विवेक कुमार के निर्देशन में रेलवे और प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए, जम्मू मंडल ने विशेष  ट्रेनों के संचालन और स्टेशनों पर सुरक्षा व नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। जिससे कि यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।  होली के दौरान यात्रियों को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए, विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा हैं, जिसमें नई Delhi-Varanasi के लिए विशेष तौर पर चलाई जा रही हैं।  ये ट्रेनें उन लोगों के लिए लाइफ़लाइन हैं, जिनकी रेगुलर बुकिंग हफ़्तों पहले ही खत्म हो जाती है, तथा ट्रेन संख्या 12426 में दिनांक 02 मार्च को 3rd AC का अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा, व ट्रेन संख्या 13152  में सामान्य श्रेणी का एक कोच जोड़ा गया हैं। जम्मू मंडल में होली के दौरान विशेष निगरानी हेतु, 24 घंटे 'वाॅर रूम' स्थापित किया गया है, जो आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने के लिए काम करता हैं। महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों वाई फाई की सुविधा 24 घंटे प्रदान की जा रही हैं, जिससे की यात्री डिजिटल भुगतान व ट्रेनों की सही जानकारी मिल सके।  होली के त्योहार पर यात्रियों के हित में रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली व्यवस्थाओं पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्री उचित सिंघल ने बताया, " कि जम्मू मंडल ने यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर व उनकी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए विभिन्न तरह के कदम योजनाबद्ध तरीके से उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में यात्रियों को विशेष ट्रेनों से लेकर मूलभुत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा हैं। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, कि होली के त्योहार से पहले जम्मू और कटरा का फूटफोल लगभग 50 हजार था, जो कि अभी तक बढ़ कर लगभग 58 हजार हो गया हैं। साथ ही वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को यात्रियों के साथ सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया हैं।" इसके अलावा जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के संबंध में विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जैसे जम्मू मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर त्योहारों की भारी भीड़ से निपटने के लिए एक मल्टी-टियर स्ट्रैटेजी अपनाई है। 1. सबसे पहले रेलवे स्टेशनों की उच्चस्तरीय लेबल पर निगरानी की जा रही हैं, साथ ही स्टेशनों पर यात्रियों के खानपान आपूर्ति हेतु संबंध में संबंधित खानपान स्टालों को निर्देश दिए गए हैं। 2. स्टेशनों पर लगातार पीने के पानी की सप्लाई और किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए मोबाइल मेडिकल बूथ व हेल्प डेस्क  लगाए गए हैं। 3. रेलवे काउंटरों पर लंबी लाइनों को कम करने के लिए डिजिटल-फर्स्ट तरीके पर ज़ोर दे रहा है। पैसेंजर्स को अनरिज़र्व्ड टिकट के लिए m-UTS व 'रेलवन' ऐप इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और  पब्लिक अनाउंसमेंट भी किया जा रहा हैं। 4. होली के दौरान सेफ्टी सबसे ज़रूरी है। रेलवे सुरक्षा बल व राजकीय रेलवे पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात किया गया है। 5.  स्टेशनों के हर कोने पर हाई-डेफ़िनिशन CCTV नेटवर्क से नज़र रखी जा रही है। तथा CCTV व  कंट्रोल रूम में रेलवे सुरक्षा बल व वाणिज्य विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। 6.  बिना टिकट यात्रा व अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ स्पेशल टिकट-चेकिंग ड्राइव ज़ोरों पर हैं। रेलवे स्टेशनों के प्रवेश द्वार पर रेलवे सुरक्षा बल और टिकट चेकिंग स्टाफ को तैनात किया है। recent visitors 28

जनजातीय उत्थान पर फोकस, मंत्री नेताम ने गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएं

रायपुर विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मंत्री  नेताम विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मंत्री  नेताम विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार- मंत्री  नेताम कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पण्डो समाज जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत महादेवपुर में विशेष पिछड़ी जनजाति सम्मेलन का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत महादेवपुर में कुल 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो प्रमुख कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें 25 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा 25 लाख रुपये की लागत से पण्डो समाज के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है।  पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मती पुष्पा नेताम एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण इस सम्मेलन में सम्मिलित हुए।       कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसी प्रकार 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाला पण्डो समाज का सामुदायिक भवन सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। जहां समाज की बैठकें, सामाजिक आयोजन और अन्य कार्यक्रम संपन्न हो सकेंगे। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक भवन में समतलीकरण के लिए 5 लाख की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि विशुनपुरा से बैकुंठपुर तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी साथ ही व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि डिंडो, रामचंद्रपुर और रामानुजगंज में पण्डो छात्रावास भी बजट में शामिल है। छात्रावास बनने से दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और वे अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगे। उन्होंने जानकारी दी है कि रामचंद्रपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बजट में शामिल है।      कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पण्डो समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। मंत्री  नेताम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक आवश्यकता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने से आसपास के कई गांवों को लाभ मिलेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।       मंत्री  रामविचार नेताम ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर पण्डो समाज के लोगों के साथ केक काटकर खुशियां साझा की। समाज के सभी वर्ग बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मंत्री  नेताम ने कहा कि अपने जन्मदिवस को समाज के बीच मनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। और जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि वे सदैव क्षेत्र के विकास और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। लगभग 03 हजार की संख्या में पण्डो समाज के लोग शामिल हुए, जिसमें जिले के साथ आसपास के विभिन्न जिलों से भी पण्डो समाज के पदाधिकारीगण, आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। मंत्री  नेताम के आगमन पर पण्डो समाज के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान मंत्री  नेताम विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजना के तहत सामग्रियों का वितरण भी किया। विभागीय स्टॉलों से आमजन को मिला लाभ        सम्मेलन स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए थे। जहां आधार पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, पशु चिकित्सा सेवा, कृषि परामर्श, सामाजिक कल्याण योजनाएं तथा अन्य विभागों के स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुंचाया गया।स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई । इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने भी अपने अपने विचार रखे।   recent visitors 32

सेमीफाइनल का सपना टूटा, लेकिन करोड़ों की रकम लेकर लौटेगी पाकिस्तान टीम

नई दिल्ली पाकिस्तान की टीम ने शनिवार 28 फरवरी को टी20 विश्व कप 2026 के अपने आखिरी सुपर 8 के मैच में जीत दर्ज की। हालांकि, सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ जीत काफी नहीं थी, बल्कि 65 रनों का अंतर भी जरूरी था। पाकिस्तान की टीम श्रीलंका के खिलाफ महज 5 रन से जीत पाई और टूर्नामेंट से बाहर हो गई। बावजूद इसके पाकिस्तान की टीम आईसीसी की ओर से प्राइज मनी में से कई करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। आईसीसी ने वैसे तो अभी तक आधिकारिक तौर पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए प्राइज मनी का ऐलान नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 की अपेक्षा इस बार के मेगा इवेंट की प्राइज मनी में 20 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। विजेता टीम को 3 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब साढ़े 27 करोड़ रुपये, जबकि उपविजेता को 1.6 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब 14 करोड़ 65 लाख रुपये मिलने वाले हैं। अब सवाल है कि पाकिस्तान की टीम को कितनी रकम मिलने की संभावना है? इसका जवाब है कि सुपर 8 में पहुंचकर ही पाकिस्तान ने 3 लाख 80 हजार डॉलर की इनामी राशि पक्की कर ली थी, जो करीब साढ़े 3 करोड़ के आसपास बैठती है। इसके अलावा टीम ने टूर्नामेंट में 4 मैच जीते थे, जिसके लिए बोनस होगा करीब 1.19 करोड़ रुपये, क्योंकि एक मैच जीतने पर आईसीसी करीब 26 लाख रुपये देती थी। इस तरह करीब पाकिस्तान की टीम को करीब 5 करोड़ रुपये प्राइज मनी के तौर पर मिलेंगे। पाकिस्तान की टीम ने ग्रुप फेज में नीदरलैंड, यूएसए और नामीबिया को हराया था, जबकि सुपर 8 के मैच में श्रीलंका को मात दी। सुपर 8 का एक मैच बारिश में धुल गया था। इसके अलावा ग्रुप फेज में पाकिस्तान को भारत और सुपर 8 स्टेज में इंग्लैंड के हाथों हार मिली थी। recent visitors 36

भोपाल गैस कांड स्थल पर नया प्रोजेक्ट, 400 करोड़ की लागत से बनेगा ओपन थिएटर

भोपाल दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में शुमार 1984 की गैस त्रासदी का साक्षी रहा भोपाल का यूनियन कार्बाइड परिसर अब नए स्वरूप में विकसित किए जाने की तैयारी में है। राज्य सरकार यहां ओपन थिएटर, रिहायशी और व्यावसायिक परिसर के साथ एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र विकसित करने की योजना बना रही है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि परिसर में लगभग सात से 10 एकड़ क्षेत्र में गैस त्रासदी पीड़ितों की स्मृति में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जनवरी को स्थल का निरीक्षण कर इस दिशा में संकेत दिए थे। हालांकि, स्मारक निर्माण का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से लंबित है, जिसे अब नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।   पुनर्घनत्वीकरण के तहत विकास सरकार अब इस परियोजना को पुनर्घनत्वीकरण (रीडेंसिफिकेशन) योजना के तहत विकसित करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। स्मारक निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि परिसर में प्रस्तावित आवासीय और व्यावसायिक विकास से जुटाई जाएगी। मिट्टी का दोबारा परीक्षण स्मारक निर्माण से पहले परिसर की मिट्टी का परीक्षण राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी), नागपुर से पुनः कराया जाएगा। करीब 10 वर्ष पूर्व भी यहां परीक्षण हो चुका है। जनवरी 2025 में हाईकोर्ट के निर्देश पर 337 टन जहरीले कचरे को पीथमपुर भेजकर वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया था। आधारभूत ढांचे पर जोर परिसर में पहले सड़क, ड्रेनेज और जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की जाएगी। वर्तमान में यहां फैक्ट्री का लोहे का ढांचा और प्रशासनिक भवन मौजूद हैं, जिन्हें हटाया जाना है। प्रस्तावित स्मारक में संग्रहालय, कांच से सुरक्षित प्रदर्शनी स्थल और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे, जबकि अनुसंधान केंद्र में लैब, सभागार और छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। recent visitors 26

इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार, अनुमति के बाद मालवीय नगर तक विस्तार, खामियां दूर करने की कवायद जारी

इंदौर शहरी क्षेत्र में मेट्रो के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की जूनियर टीम निरीक्षण कर चुकी है। टीम द्वारा बताई गई कमियों को दूर कर सीएमआरएस के फाइनल निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने स्थलीय निरीक्षण किया। सीएमआरएस की स्वीकृति मिलते ही सुपर कारिडोर-2 से मालवीय नगर चौराहे तक मेट्रो का संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने दो दिवसीय स्थलीय निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति और संचालन की तैयारी को परखा। उन्होंने डिप्टी सीएमआरएस टीम द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक ने फिनिशिंग कार्यों में तेजी लाने, सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने तथा प्रत्येक स्थल पर पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित मॉनीटरिंग बढ़ाने और ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। खामियां दूर करने पर पूरा ध्यान शनिवार को मालवीय नगर चौराहे से शुरू हुए निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्टेशनों, अप्रोच मार्गों, यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया। संचालन से जुड़े प्रबंधकीय पहलुओं का भी आकलन किया गया। वहीं परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पैकेज आईएन-02, आईएन-03, आईएन-04, आईएन-05आर और आईएन-07 की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब पूरा ध्यान जूनियर टीम द्वारा बताई खामियों को दूर करने पर है।   recent visitors 28

राजनांदगांव शहर में भव्य संत कबीर प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है, और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर आश्रम में विकास कार्य के लिए 11 लाख रुपए  स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की, साथ ही राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 202 साल पहले पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे गांव में कबीर मठ की स्थापना की। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने आश्रम की सेवा के लिए अपनी समस्त संपत्ति अर्पित कर दी।  साय ने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। हलबा समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ में सद्गुरु कबीर के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में सद्गुरु संत कबीर का बड़ा प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से ही कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है। बचपन से ही पंथ के रीति-रिवाजों से मैं भलीभांति परिचित रहा।छत्तीसगढ़ का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है। यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी का प्रभाव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कबीर दास जी के दोहों में जीवन का संदेश है। उन्होंने ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे कबीर संत के दोहों को दोहराया।  साय ने कहा कि संत कबीर कहते थे कि हमारे भीतर अपनी कमियों को सुनने का साहस होना चाहिए, ताकि हम खुद को बेहतर बना सकें। उनके दोहों में आदर्श जीवन और मानव समाज के हित के संदेश हैं, इसलिए हमें कबीरदास जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। हमने सुव्यवस्थित धान खरीदी की। धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया। शनिवार को हमने 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मोदी की गारंटी में हमने वादा किया था कि सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर 18 लाख आवास प्रदान करेंगे। हमने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही पहली कैबिनेट बुलाकर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दे दी। आज 8 लाख से ज्यादा मकान बन चुके हैं, जिनका गृह प्रवेश भी हो चुका है। इतना ही नहीं, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति हुई है। पीवीजीटी समुदाय के लोगों के लिए अलग से 32,000 पीएम आवासों की स्वीकृति हुई है।  मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास हो रहा है। जिन गांवों में कभी सर्वे नहीं होता था, आज वहां की 7,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में 32,000 से ज्यादा नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने 14 साल में सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में हमारे भांचा राम विराजमान हुए तो हमने छत्तीसगढ़ से राम लला दर्शन योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन कराया जा चुका है। हमने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भी पुनः शुरुआत की है, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषी जेल के भीतर हैं। आज राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए गरीब का बेटा भी बड़ा अधिकारी बन रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए, तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सम्मानजनक है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन और व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल, संवेदनशील और संस्कारों से परिपूर्ण हैं, यही इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का संत-महात्माओं के प्रति गहरा सम्मान और आस्था है। ऐसा कोई दिन शायद ही गुजरता हो, जब मुख्यमंत्री निवास में किसी संत, महात्मा या आध्यात्मिक व्यक्तित्व का आगमन न होता हो। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मार्गदर्शन और मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम भी है। सांसद  संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि हमारी धरती को समय-समय पर संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है। इस … Read more