34 गांव के किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा, निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के दिए निर्देश, गुणवत्ता का रखें ध्यान- मुख्यमंत्री

रायपुर सुशासन तिहार के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सीतागांव के समाधान शिविर के बाद हेलीकॉप्टर से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गभरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के समीप 220 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे सिद्धबाबा सिंचाई जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। इस सिंचाई जलाशय से 34 गांवों के लगभग साढ़े चार हजार किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशय से 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 1380 हेक्टेयर में रबी फसलों की सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री साय ने जलाशय स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलाशय न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त आधार होगा। हमारी सरकार हर किसान तक पानी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। गौरतलब है कि इस जलाशय के माध्यम से तीन जिलों के 34 गांवों खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गभरा, कोटरीछापर, दोड़िया, विचारपुर, बुन्देली, मुरई, खैरी, सीताडबरी, कोटरा, साल्हेकला, बेमेतरा जिले के पठारझोरी, चिचानमेटा, जानो, रानो, गाड़ाडीह, सोनडबरी गांव और दुर्ग जिले के अगारकला, अगारखुर्द, साल्हेखुर्द, नवागांव में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। इसके अलावा डुबान क्षेत्र के किसान भी 120 हेक्टेयर भूमि पर रबी और सब्जियों की खेती कर सकेंगे। जलाशय से प्रतिवर्ष 498 क्विंटल मत्स्य उत्पादन की संभावना है, जिससे 200 ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे निस्तारी और पेयजल संकट भी कम होगा। कुल 23 निर्मित लघु जलाशयों को जल आपूर्ति भी इसी परियोजना से सुनिश्चित होगी। इनमें विकासखंड छुईखदान के 13 जलाशय-साजा के 7 जलाशय-धमधा के 3 जलाशय शामिल है। recent visitors 53

योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्पष्ट संदेश: सभी पंचायतों में आयोजित होगी तिरंगा यात्रा कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित प्रवास; राजस्व न्यायालय का समयबद्ध और नियमित संचालन करें सुनिश्चित-मुख्यमंत्री साय योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में  अधिकारियों को विकास और जनसेवा के लिए नियमित भ्रमण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास तथा राजस्व न्यायालयों के समयबद्ध संचालन के संबंध में कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे और जनता की समस्याओं का निराकरण सीधे उनकी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके लिए सभी कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन जिलों और ब्लॉकों में नियमित भ्रमण और प्रवास करें तथा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की भौतिक निगरानी सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करें। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालय का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी पूर्वनिर्धारित न्यायालय कैलेंडर के अनुसार ही कार्य करें। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय की तिथि रद्द की जाए। इससे न केवल आमजन को समय पर न्याय मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की रीढ़ यही है कि अधिकारी जनसम्पर्क बनाए रखें, जनता के बीच उपस्थित रहें, और उनकी समस्याओं को त्वरित रूप से हल करें। यह न केवल विश्वास की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि शासन की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के जिला पंचायत भवन के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने बैठक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा हर पात्र हितग्राही तक लाभ समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी समय रहते मिले और वे उसका लाभ उठा सकें। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नियमित शिविरों का आयोजन हो। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी आवासीय योजनाओं की लंबित मांगों का शतप्रतिशत  निराकरण किया जाए। साथ ही जिलों में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि शासन और प्रशासन की पहुंच गांव, गरीब और अंतिम पंक्ति के नागरिक तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत दी गई अधिकांश घोषणाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को समर्पित होकर और समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए सभी जिलों में कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर लें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से शिविर लगाकर लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध समाधान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 1460 पंचायतों में अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों के सुचारू संचालन से ग्रामीण नागरिकों को बैंक, दस्तावेज़ और डिजिटल सेवाओं के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी और निर्देश दिए कि इनसे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्रीय चेतना और नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को समन्वय, तत्परता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विकास यात्रा को गति देनी होगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 45

राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं नरसिंहपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिला खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन व भंडारण करने वालों पर तत्काल एक्शन लें। खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने नरसिंहपुर में जिला योजना समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जिले में हो रहे कार्यों से अवगत कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत माह अप्रैल में खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में हुए गेहूं उपार्जन का भुगतान शत प्रतिशत पूरा करें। मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान करें मंत्री श्री राजपूत ने लगातार नरसिंहपुर जिला प्रदेश में तीसरी बार प्रथम आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाये। इसके अलावा नवीन व्यावसायिक शिक्षा में अधिक से अधिक पंजीयन करायें, जिसमें युवाओं की मांग व उनके रूझान के अनुरूप प्रशिक्षण करवायें। इससे उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके लिए प्रशिक्षण के कोर्स भी बढ़ायें जायें। महिलाओं को सेंट आरसेटी में कौशल उन्नयन एवं रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाये, जिससे महिलाओं को एनआरएलएम से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने  कहा कि निर्माण एजेंसी सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य में तेजी लायें और पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करें। नरवाई नहीं जलाने किसानों को जागरूक करें मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिले में नरवाई नहीं जलाने के लिए संगोष्ठी, चौपाल आदि के माध्यम से किसानों को प्रेरित कर उन्हें नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बतायें। प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने जिले में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। अभियान में सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये। योजना समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों को शीघ्र अमल में लाने  के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। बैठक में सांसद द्वय फग्गन सिंह कुलस्ते एवं चौ. दर्शन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक द्वय विश्वनाथ सिंह पटेल एवं महेन्द्र नागेश, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता ठाकुर  एवं  विभागीय अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 33

CM साय ने राजनांदगांव में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया

   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले के चिखली में 9 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यहां शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों का प्रकाशन होता है। मुख्यमंत्री ने शासकीय मुद्रणालय के नवनिर्मित भवन और वहां की प्रकाशन तथा अन्य व्यवस्था का भी अवलोकन किया।     राजनांदगांव स्थित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय भवन छत्तीसगढ़ में एक मात्र शासकीय मुद्रणालय है जहां महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों का प्रकाशन किया जाता है। मुद्रणालय का पुराना भवन अत्याधिक पुराना होने के कारण नये भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।     शासकीय मुद्रणालय के नवीन भवन में पेपर गोडाउन, प्रिटिंग मटेरियल स्टोर, बाइडिंग एवं पेपर स्टोर, मेकेनिकल स्टोर, काम्पोजिंग एवं रीडिंग रूम, टाइप स्टोर, कैमरा रूम, असिस्टेंट सुपरिटेंडेन्ट कक्ष, डायरेक्टर रूम, कॉन्फ्रेंस रूम एवं अन्य आवश्यक व्यस्थाएं रखी गई है। यहां 4 बड़े हाल एवं 12 कमरे हैं।     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शासकीय मुद्रणालय के अधिकारी-कर्मचारी  उपस्थित थे। recent visitors 32

आजीविका मिशन के महिला समूहों के व्‍यवसाय में होगी बढ़त

बायर-सेलर मीट में समूहों के उत्‍पादों में रूचि दिखाई क्रेताओं ने साढ़े नौ हजार टन सामग्री क्रय हेतु अनुबंध हुये आजीविका मिशन के महिला समूहों के व्‍यवसाय में होगी बढ़त भोपाल स्‍व-सहायता समूहों के उत्‍पादों की विक्री हेतु भोपाल में आयोजित की गई दो दिवसीय बायर-सेलर मीट में बडी संख्‍या में बायर पहुंचे। क्रेताओं ने समूहों के उत्‍पादों में अपनी रूचि दिखाई। इस दौरान समूहों से सामग्री खरीदने के लिये 16 व्‍यापारिक अनुबंध किये गये, जिसके तहत लगभग साढे नौ हजार टन सामग्री क्रय की जायेगी। इसमें मुख्‍य रूप से आलू, गेहूं, चावल, दाल, मूंगफली, मोरिंगा पावडर तथा सरसों का तेल आदि शामिल है। इसी प्रकार गैर कृषि आधारित उत्‍पादों के अंतर्गत कलात्‍मक बस्‍तुओं में 200 गौंड पेण्टिंग तथा लगभग 2 लाख रूपये की बैगा कलाकृतियां खरीदने का अनुबंध तथा ई-सरस दिल्‍ली द्वारा शिवपुरी जिले के बदरवास की जैकेट व मंदसौर जिले के फ्रूट शर्बत की विक्री हेतु वेण्‍डर के रूप पंजीयन किया गया। इसके अलाबा मिलेट एवं मिलेट उत्‍पाद, सरसों, गेहूं एवं मक्‍का के लिये लॉजिस्टिक सपोर्ट हेतु सहमति बनी। ज्ञातव्‍य है कि मध्‍यप्रदेश राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिला स्‍व-सहायता समूहों के उत्‍पादों की बिक्री में बढोत्‍तरी के लिये बायर – सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई 2025 को भोपाल के अरेरा हिल्‍स स्थित विकास भवन के सभागार में किया गया था। इसका उद्घाटन 15 मई को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया गया था। बायर-सेलर मीट के लिये 149 क्रेताओं द्वारा ऑनलाईन प्री-रजिस्‍ट्रेशन किया गया था। 64 क्रेताओं ने उपस्थित होकर सामग्री देखी। अनुबंध करने बाली प्रमुख क्रेता फर्म में सिद्धि विनायक एग्री प्रोसेसिंग, समुन्‍नत, ANGV (A Next Generation Ventures), मीरा होटल वेयर एवं ई-सरस आदि शामिल हैं। इसके अलाबा अन्‍य क्रेताओं ने भी अपनी रूचि दिखाई है संभावना है, निकट भविष्‍य में इनका समूहों के साथ अनुबंध होने की उम्‍मीद है। बायर – सेलर मीट से समूहों के उत्‍पादों को वृहद बाजारों से सीधे जुडकर अधिक लाभ प्राप्‍त करने का अवसर मिला है साथ ही विभिन्‍न जिलों से आई समूह सदस्‍य का भी उत्‍साहवर्धन हुआ है।   recent visitors 35

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं:CM यादव

मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत टैक्स 2026 से पहले मेटेक्सिल के विशेष-सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता आरआईसी और जीआईएस भोपाल के बाद अब विषयवार उद्योग संवर्धन कार्यक्रम प्राथमिकता प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया के विकास का संकल्प कारखाने हमारे हैं मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया। यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। 'मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, स्वाद और सुशासन की नगरी है। प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में नया इतिहास लिखा जाएगा। इंदौर इसका प्रमुख केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन ,देवास, मक्सी आदि क्षेत्रों को मिलाकर इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया विकसित किया जाएगा। अधोसंरचना विकास से नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 2 बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक, इंदौर क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प राज्य सरकार साकार करेगी। राज्यों के मध्य विवाद हो रहे समाप्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी, भूमि और फसल के मुद्दों पर दक्षिण भारत से लेकर अन्य राज्यों तक विवाद रहे हैं। लेकिन, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इनका समाधान हो रहा है। मध्यप्रदेश ने वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) परियोजना से जुड़ी असहमतियों को राजस्थान के साथ संवाद कर समाप्त किया है। राष्ट्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के परस्पर विवादों को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए एक समर्थ, अनुकूल और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित किया गया है। राज्य न केवल पॉवर सरप्लस है, बल्कि कुल विद्युत आपूर्ति में 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए विशेष अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें पानी की प्रचुर उपलब्धता, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) युक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 220 केवी का सब स्टेशन तथा 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति शामिल हैं। धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क देश का सबसे लागत-कुशल और उच्चतम रिटर्न देने वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ 4 औद्योगिक कॉरिडोर संचालित हो रहे हैं और एक प्रस्तावित है। छह इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तथा राष्ट्रीय स्तरीय संस्थान जैसे NIFT भोपाल, NID भोपाल, IITDM जबलपुर और ग्लोबल स्किल्स पार्क की उपस्थिति से प्रदेश एक सशक्त और आधुनिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम है। MSME विकास नीति 2025 के अंतर्गत निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक सहायता प्रावधान किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण है। यहां कहीं भी किसी बात के लिए उद्योगपतियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पर सभी अनुमतियों को लेख सेवा केंद्र के माध्यम से नियत समय सीमा में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यहां 30 दिन में उद्योग को प्रारंभ कर सकते हैं साथ ही टैक्सटाइल एंड गारमेंट्स सेक्टर में विशेष अतिरिक्त इंसेंटिव्स दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक योगदान और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मानित करते हुए मेटेक्सिल के चेयरमैन शालीन तोशनीवाल ने स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किए। साथ ही 25 पौधे महाराष्ट्र में रोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प-पत्र भी सौंपा।" "एक्सपोर्ट पोटेंशियल मैन मेड फाइबर टेक्सटाईल्स, होम टेक्सटाईल्स एण्ड टेक्निकल टेक्सटाईल मध्यप्रदेश" सेमिनार मैटेक्सिल के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर ए. रवि … Read more

ज्येष्ठ माह का दूसरा बुढ़वा मंगल, बजरंग बली को करें प्रसन्न

हनुमानजी को कलियुग का देवता कहा जाता है. कहते हैं कि वह आज भी धरती पर मौजूद हैं. मंगलवार के दिन मुख्य रूप से हनुमान जी को समर्पित है. वहीं जेष्ठ माह आने वाले मंगलवार का खास महत्व होता है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा भाव से बजरंग बली की आराधना करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं इस दिन कुछ खास उपाय करने से मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है. इसके अलावा व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. दूसरा बड़ा मंगल कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगल की शुरुआत 20 मई को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 21 मई को सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, जेष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 20 मई को पड़ेगा. दूसरा बड़ा मंगल के उपाय कुंडली में मंगल दोष से बचने के लिए बड़ा मंगल के दिन मिट्टी से बनी चीजों का दान जरूर करना चाहिए. क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में मंगल को गर्म ग्रह माना जाता है. ऐसे में अगर आप ठंडी चीजों का दान करते हैं, तो इस उपाय से मांगलिक दोष से भी मुक्ति मिलती है. दुश्मनों से छुटकारा हर किसी के जीवन में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है. जो मन ही मन दुश्मनी करते रहते है. वहीं एक समय के बाद कुंठा इतनी बढ़ जाती है, तो वह अहित करने लगते हैं. जीवन में ऐसे लोगों से छुटकारा पाने के लिए जेष्ठ माह के बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर और चोला चढ़ाएं., मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शत्रुओं से छुटकारा मिलता है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. पूरी होगी इच्छा अगर कोई इच्छा है जो बहुत समय से पूरी नहीं हो रही है, तो बुढ़वा मंगल के दिन एक सरसों के तेल का दिया और मीठा पान के साथ 18 लौंग से तैयार की गई माला लें. इन सभी चीजों को लेकर हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमान जी से सामने दीपक जलाएं. फिर लौंग के माला अर्पित कर बजरंगबली को मीठे पान का भोग लगाएं. उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और सच्चे दिन से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें. recent visitors 61