गर्म हवा की वजह से शुक्रवार को ग्वालियर भट्टी जैसा तपा, हीटवेव को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी

 ग्वालियर  शुक्रवार  का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे भीषण गर्मी वाला दिन साबित हुआ। शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना ऊपर चढ़ा है। तेज धूप और लू के कारण शहरवासी दिनभर बेहाल नजर आए। हालात ऐसे रहे कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों में भी खरीदार कम ही नजर आए। तापमान में पिछले 24 घंटों के भीतर 2.0 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। सुबह नौ बजे के बाद ही तेज धूप ने चुभना शुरू कर दिया था और दोपहर होते-होते गर्म हवाएं लू में तब्दील हो गईं। लू ने लोगों को झुलसाया धूप की चुभन और लू के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश व निकट के क्षेत्रों पर चक्रवात सक्रिय हैं। साथ ही एक ट्रफ उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर से चक्रवाती परिसंचण से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप हिमालयी पचिमी बंगाल होते हुए बंग्लादेश तक है। इसी तरह एक चक्रवातीय परिसंचरण पूर्व मध्य और उससे सटे उत्तरपूर्व अरब सागर और दक्षिण गुजरात तक है। इसी तरह एक चक्रवात हरियणा के ऊपर सक्रिय है। इन सभी सिस्टमों के सक्रिय होने से अंचल में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। आगामी 24 घंटों तक अंचल में तापमान व गर्मी की स्थिति ऐसी ही रहेगी। 18 मई को तापमान बूंदाबांदी हो सकती है और पारे में गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे और भी अधिक परेशान कर सकते हैं। शनिवार को भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहने की संभावना है। तेज गर्म हवाएं भी चल सकती हैं। 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाएं शुक्रवार को अंचल में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की गति से तेज गर्म हवा यानी लू चली। यह हालत सुबह दस बजे के बाद ही शुरू हो गई थी। सुबह 11 बजते ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। एक साथ दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से अंचल आग की भट्टी में बदल गया था। दिन में 10 बजे के बाद ही सड़कों पर ट्रैफिक कम हो गया और बाजार भी सूने हो गए। दोपहर 12 बजे के बाद तो सड़कों पर वाहन तक नहीं थे। यह स्थिति चार बजे तक रही। चार बजे के बाद सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने लगा, हालांकि शाम तक भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं थी। साढ़े पांच बजे भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पर था। लगातार बढ़ रही है तपिश मौसम की तपिश लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में एक हजार बिस्तर अस्पताल में मरीजों के स्वजन भरी दोपहरी में पेड़ की छांव में राहत पाने को मजबूर हैं। अस्पताल में मरीजों के स्वजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में वे पेड़ की छांव के साथ अस्पताल के आसपास राहत पाने की कोशिश में लगे हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन अब तक मरीजों के स्वजन के लिए ठहरने की उचित सुविधा शुरू नहीं कर पाया है। बढ़ने लगे उल्टी दस्त के मरीज ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल और जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त व बैचेनी के प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। मरीजों की संख्या पिछले दो दिन से बढ़ी है। कई लोग चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने लोगों से दिन में धूप से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है। recent visitors 53

मध्यप्रदेश में आज हीट-वेव के बीच इन जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर समेत 39 जिलों में आंधी का अलर्ट

भोपाल उत्तरी मध्य प्रदेश में गर्मी का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बादल, बारिश के असर से तापमान में घट बढ़ रही है। खुजराहो सहित तीन जिलों में शुक्रवार को लू का असर रहा, जबकि ग्वालियर, नौगांव सहित आधा दर्जन जिलों में पारा 43 से 44 डिग्री तक दर्ज हुआ है। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो में पारा 45.8 डिग्री रहा है। साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर भी रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को भी दो दर्जन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के उत्तरी मप्र में दिन का पारा और बढ़ेगा, जिससे आधा दर्जन तक जिलों में लू का असर हो सकता है। हालांकि, इस बीच भोपाल में बादल, बौछारों से तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। शुक्ला के अनुसार अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के सक्रिय है। यहां से एक ट्रफ बिहार पश्चिमी बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक सक्रिय है। एक सकुर्लेशन पूर्वी मप्र और इससे सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर तक सक्रिय है। इससे प्रदेश में नमी आ रही है। इसी कारण से अभी प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ बारिश का दौर भी चलेगा। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। 3 घंटे की धूप ने किया बेहाल राजधानी में दोपहर तक बादल छाए रहे, लेकिन एक बजे के बाद बादल छंटते गए। हवा में 40 फीसदी से अधिक नमी के कारण दोपहर दो बजे के बाद धूप का असर बढ़ गया। 5 से 6 बजे के बीच 3 घंटे की धूप में ही लोगों को तेज गर्मी और उमस का अहसास रहा। दिन का पारा दोपहर में ढाई बजे के करीब 38 डिग्री था, जो 3 से 4 बजे के बीच एक से दो डिग्री तक और बढ़ गया। हालांकि, शाम को हवाओं के रफ्तार पकड़ते ही गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। 6 जिलों में 31 डिग्री तक रात का पारा शुक्रवार को पांच जिलों में रात का पारा 29 से 31 डिग्री के बीच तक रहा है। इनमें रीवा सबसे गर्म 31 डिग्री रहा। दमोह 29.5, बड़वानी 29.2 निवाड़ी 29.1 और सीधी तथा सतना में न्यूनतम पारा 29 डिग्री रहा है। इन जिलों में रात में काफी गर्मी महसूस की गई। आज यहां आंधी-बारिश मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार तक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, आगर, मंदसौर, नीमच, भिंड, मुरैना आदि में कहीं कहीं गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। शुक्रवार को दोपहर के शाम के बीच डिंडोरी, सिवनी, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट, पांढुर्ना, बैतूल, धार, आंधी के साथ कहीं बारिश तो कहीं कुछ देर ओले गिरे हैं। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। recent visitors 48

एनटीए जारी कर सकेगा NEET UG 2025 का परिणाम, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव

 इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नीट यूजी के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर गुरुवार को लगाई रोक एक दिन बाद ही शुक्रवार को हटा ली। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर शेष सेंटरों के परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शासन से कहा है कि वह इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों की सूची विस्तृत जवाब के साथ प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। चार मई को देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके लिए इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे, मगर जोरदार बारिश और हवा के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हो गई। 15 मई को आदेश जारी कर लगाई थी रोक इस कारण केंद्रों में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। कई जगह तो मोमबत्ती का इंतजाम भी नहीं हो सका था। परीक्षा के दौरान हुई इस अव्यवस्था को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई को आदेश जारी कर नीट यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को मामले में दोबारा सुनवाई हुई। पक्ष सुने बगैर दिया आदेश केंद्र शासन की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट को बताया कि हमारा पक्ष सुने बगैर आदेश जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कुछ सेंटरों पर हुई अव्यवस्था की वजह से पूरे परीक्षा परिणाम पर रोक लगाना सही नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट मृदुल भटनागर ने विरोध किया। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने आदेश दिया कि एनटीए इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर परिणाम घोषित कर सकता है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। recent visitors 28

राजस्थान में बेटियों को भजनलाल सरकार देगी 25 से 40 हजार रुपए, यह कागज होने जरूरी

जयपुर: राजस्थान सरकार ने बेटियों के लिए एक खास योजना शुरू की है। भजनलाल शर्मा सरकार चाहती है कि राज्य की बेटियां आत्मनिर्भर बनें और खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इसलिए, 11वीं कक्षा से लेकर पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर साल 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी। यह योजना उन छात्राओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और खेती को सिर्फ खेत तक ही नहीं, बल्कि प्रयोगशालाओं और मैनेजमेंट संस्थानों तक ले जाना चाहती हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नई योजना राजस्थान सरकार बेटियों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार का मानना है कि बेटियां अब खेतों से लेकर रिसर्च लैब तक अपनी पहचान बनाएंगी। इस योजना के तहत, सरकार पढ़ाई के हर स्तर पर छात्राओं की मदद करेगी। हालांकि इस योजना का नाम अभी तय नहीं है, लेकिन इसका लक्ष्य बेटियों को कृषि शिक्षा में प्रोत्साहित करना है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। सरकार ने प्रोत्साहन राशि को अलग-अलग स्तरों पर बांटा है-     11वीं और 12वीं में कृषि विषय लेने पर: 15,000 रुपये प्रति वर्ष     कृषि स्नातक (B.Sc. Ag, डेयरी, उद्यानिकी, कृषि अभियांत्रिकी आदि): 25,000 रुपये प्रति वर्ष (4 साल का कोर्स)     कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय, जोबनेर में बीएससी एग्री-बिजनेस: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (5 साल का कोर्स)     एम.एस.सी. कृषि में: 25,000 रुपये प्रति वर्ष (2 साल तक)     पीएच.डी. कृषि में: 40,000 रुपये प्रति वर्ष (अधिकतम 3 साल तक)   जानें जरूरी शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं। छात्राएं राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए। साथ ही, वे राज्य सरकार या राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेजों में कृषि से जुड़ी पढ़ाई कर रही हों। आवेदन करते समय, छात्राओं को अपना मूल निवास प्रमाण पत्र और पिछली कक्षा की मार्कशीट जैसी जानकारी देनी होगी। आवेदन करने का तरीका भी आसान है। छात्राएं एसएसओ आईडी या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने के बाद, कृषि विभाग के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। फिर, स्कूल या कॉलेज के प्रिंसिपल एक सर्टिफिकेट जारी करेंगे। आखिरी में जिला परिषद के संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) इसे मंजूरी देंगे। इनको नहीं मिलेगा लाभ प्रिंसिपल की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रा उसी कक्षा में दोबारा दाखिला नहीं ले रही है और परीक्षा में फेल नहीं हुई है। अगर प्रिंसिपल गलत जानकारी देते हैं, तो वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे। कुछ छात्राओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जैसे कि, जो छात्राएं पिछली कक्षा में फेल हो गई हैं, या जो अपनी श्रेणी सुधारने के लिए फिर से उसी कक्षा में दाखिला ले रही हैं, उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगर कोई छात्रा बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती है, तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 सरकार ने आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 रखी है। इसलिए, जो छात्राएं कृषि में करियर बनाना चाहती हैं, उनके पास अभी काफी समय है। लेकिन, उन्हें सही दस्तावेज और तैयारी के साथ आवेदन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है। सरकार चाहती है कि बेटियां कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपनी पहचान बनाएं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से राज्य में कृषि क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी। recent visitors 44

अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना ने दिखायी ऐतिहासिक शौर्य, पराक्रम और वीरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री तिरंगा यात्रा में हुए शामिल-पूरा इंदौर हुआ देश भक्ति से ओतप्रोत अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा हर तरफ हुआ भारत माता की जय और वंदे-मातरम् का उदघोष इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब नए दौर का शक्तिशाली भारत दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी तीनों सेना ने अपने साहस, शौर्य, पराक्रम और वीरता से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने दुश्मन को अल्प समय में ऐतिहासिक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत, एकजुटता और अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग देखा है। आतंकवादियों के मंसूबों को भी नाकाम किया गया है। कोई भी ताकत अब भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। लगातार तिरंगा यात्राओं से सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। यह यात्रा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने इंदौर की तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में अपार जोश और उल्लास के साथ निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इन्दौर में तिरंगा यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ हुई और गोराकुण्ड, खजुरी बाजार होते हुए ऐतिहासिक महत्व के राजबाड़ा पर सम्पन्न हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने हर तरफ हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। यात्रा से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया और पूरा आसमान भारत माता की जय और वंदे-मातरम् के उदघोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा में हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुये और उन्होंने अपने राष्ट्रप्रेम की झलक बिखरते हुए सेना के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। यात्रा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, विधायकगण रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, सुमित मिश्रा तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में बड़ा गणपति पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित 10 दिनी उत्सव का होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। यह संयोग है कि 20 मई को तिथि के अनुसार उनकी जयंती है और विवाह की वर्षगांठ भी है। साथ ही उनके ससुर मल्हारराव होलकर की पुण्यतिथि भी है। इसको देखते हुए 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी दिन से पूरे प्रदेश में 10 दिनी उत्सव का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है। इसका समापन भोपाल में भव्य रूप से 31 मई को किया जाएगा। प्रदेश में 10 दिनी उत्सव के तहत जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 33

RCB-KKR के बीच होने वाले मुकाबले से आईपीएल 2025 की दोबारा शुरुआत होगी

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 फिर से पटरी पर लौट रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते इस लीग को एक हफ्ते के लिए स्थगित करना पड़ा था. अब शनिवार (17 मई) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइटराइडर्स (RCB) के बीच होने वाले मुकाबले से आईपीएल 2025 की दोबारा शुरुआत होगी. बेंगलुरु-कोलकाता का यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे से बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. कोहली पर होंगी सबकी निगाहें इस मुकाबले में सबकी निगाहें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर होंगी, जो टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार मैदान पर उतरेंगे. स्टेडियम में भी फैन्स 'कोहली-कोहली' के नारे निश्चित तौर पर लगाएंगे. वैसे भी ज्यादातर प्रशंसक इस मुकाबले में कोहली के सम्मान में सफेद जर्सी पहनकर मैदान पर आ सकते हैं. किंग कोहली भी टेस्ट करियर से शॉकिंग रिटायरमेंट के बाद इस मुकाबले में दमदार पारी खेलना चाहेंगे. इसमें कोई शक नहीं है कि केकेआर पर आरसीबी का पलड़ा भारी होगा. चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के खिलाफ चोटिल हुए कप्तान रजत पाटीदार फिट हो चुके हैं, जो आरसीबी के लिए अच्छी खबर है. आरसीबी के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी भी टीम को जॉइन कर चुके हैं. फिल साल्ट, लुंगी एनगिडी, टिम डेविड, लियाम लिविंगस्टोन और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ी सेलेक्शन के लिए उपलब्ध हैं. हालांकि तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की चोट के कारण गैरमौजूदगी आरसीबी के लिए एक बड़ी समस्या हो सकती है. उधर कोलकाता नाइट राइडर्स को मौजूदा सत्र में सबसे ज्यादा निराश उसके बल्लेबाजों ने किया है. कप्तान अजिंक्य रहाणे और युवा अंगकृष रघुवंशी के अलावा किसी भी बल्लेबाज में निरंतरता नहीं दिखी है. केकेआर को वेंकटेश अय्यर, आंद्रे रसेल और रिंकू सिंह से अब दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी. वैसे केकेआर को इंग्लिश ऑलराउंडर मोईन अली की कमी खलेगी, जो वायरल बुखार के कारण बाहर हो गए हैं. वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा और हर्षित राणा केकेआर की बॉलिंग की अहम कड़ी रहने वाले हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित प्लेइंग इलेवन: विराट कोहली, फिल साल्ट, मयंक अग्रवाल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, लुंगी एनिगडी, भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल. कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सुनील नरेन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती. फैंटेसी इलेवन में ये होंगे बेस्ट: फिल साल्ट, विराट कोहली (उप-कप्तान), रजत पाटीदार, अजिंक्य रहाणे, अंगकृष रघुवंशी, सुनील नरेन (कप्तान), क्रुणाल पंड्या, आंद्रे रसेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती. आईपीएल 2025 की अंकतालिका में फिलहाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दूसरे नंबर पर है. आरसीबी के 11 मैचों में 8 जीत से 16 अंक हैं. इस मुकाबले में जीत उसे प्लेऑफ में जगह पक्की कर देगी. दूसरी तरफ कोलकाता नाइट राइडर्स 12 मैचों में 11 अंकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर है. आरसीबी के हाथों मुकाबला हारने पर केकेआर प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह बाहर हो जाएगी. IPL में आरसीबी-केकेआर के बीच H2H इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच अबतक 35 मुकाबले हुए हैं. इस दौरान 20 मैचों में कोलकाता की टीम को जीत मिली. वहीं 15 मैच आरसीबी ने जीते. इस सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार भिड़ रही हैं. इससे पहले 22 मार्च 2025 को दोनों टीमों के बीच ईडन गार्डन्स में मुकाबला हुआ था. उस मुकाबले में आरसीबी ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्क्वॉड: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख सलाम डार, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह. कोलकाता नाइट राइडर्स का स्क्वॉड: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, अंगकृष रघुवंशी, रिंकू सिंह, लवनिथ सिसोदिया, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, सुनील नरेन, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, मयंक मार्कंडे, उमरान मलिक, एनरिक नॉर्किया, स्पेंसर जॉनसन.   recent visitors 45

CG में एसीबी और ईओडब्ल्यू की छापेमारी, 100 अधिकारी, नेता-मंत्री के घर में घुसे धड़ाधड़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है. प्रदेश में हुए शराब घोटाले को लेकर एसीबी और ईओडल्ब्यू की टीम ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के ठिकाने पर फिर छापा मारा. शनिवार सुबह ईओडलब्यू की टीम ने रायपुर, जगदलपुर, सुकमा, तोंगपाल, दंतेवाड़ा, अंबिकापुर सहित करीब 15 ठिकानों पर दबिश दी है. लगभग 100 अफसरों की अलग-अलग टीमों ने छापा मारा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सुकमा और अंबिकापुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की संयुक्त टीमों ने शनिवार को छापा मारा. यह कार्रवाई शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर की गई. सूत्रों के मुताबिक, दंतेवाड़ा जिले के तोंगपाल और सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए. कांग्रेस नेता राजकुमार तांबों के ठिकानों पर छापा दंतेवाड़ा में कांग्रेसी नेता राजकुमार तांबों के निवास पर ACB और EOW की टीमें सुबह पहुंचीं. तांबों को कवासी लखमा का करीबी और गरीबों का नेता माना जाता है. सूत्रों का कहना है कि टीमें महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं. शराब घोटाले से संबंधित सबूतों की तलाश में उनके घर और कार्यालयों की गहन जांच चल रही है. वहीं, अंबिकापुर में प्रतिष्ठित व्यवसायी अशोक अग्रवाल के घर ACB की टीम ने छापा मारा. अग्रवाल ध्वजाराम रामकुमार व्यवसायिक प्रतिष्ठान के संचालक हैं और शासकीय विभागों में सामग्री आपूर्ति का काम करते हैं. सकुमा जिले में 4 ठिकानों पर छापे कोतवाली थाना क्षेत्र के बसंतलाल गली स्थित उनके निवास पर सुबह तीन गाड़ियों में पहुंची ACB की टीम ने जांच शुरू की. सुकमा जिला मुख्यालय में भी ACB ने एक हार्डवेयर दुकानदार के घर छापेमारी की. आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है. जिला मुख्यालय में चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए. ACB और EOW की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा है. सभी स्थानों पर जांच जारी है और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. रायपुर के देवेंद्र नगर के शहीद हेमू कलाणी वार्ड स्थित जी नागेश्वर राव और जी श्रीनिवास राव के घर भी छापा पड़ा है। श्रीनिवास कांग्रेस से पार्षद प्रत्याशी थे। नागेश्वर राव कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के करीबी हैं। सुबह 2 गाड़ियों में करीब 8-10 अधिकारियों ने दबिश दी है। EOW-ACB की टीम दस्तावेज खंगाल रही है। वहीं दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता राजकुमार तामो के घर ACB-EOW ने दबिश दी है।राजकुमार तामो को कवासी लखमा का करीबी माना जाता है। सुकमा जिले में 4 स्थानों पर छापेमारी हुई है। इसमें जिला मुख्यालय के 3 और तोंगपाल के 1 स्थान पर कार्रवाई जारी है। अंबिकापुर में कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म के खिलाफ रेड इनमें हार्डवेयर और पेट्रोल पंप कारोबारी भी शामिल हैं। ये सभी व्यक्ति भी कवासी लखमा के नजदीकी बताए जा रहे हैं। वहीं अंबिकापुर में भी कार्रवाई की गई है। यहां ACB-EOW की टीम ने कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी फर्म धजाराम-विनोद कुमार के संचालकों के ठिकानों पर छापा मारा है। इस फर्म का नाम पहले भी चर्चित डीएमएफ (DMF) घोटाले में आ चुका है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पहले भी ईडी (ED) और आयकर विभाग (IT) इन व्यापारियों पर कार्रवाई कर चुके हैं। फर्म के संचालक मुकेश अग्रवाल और विनोद अग्रवाल हैं, जिनके घरों पर शनिवार सुबह छापेमारी शुरू हुई। घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। फिलहाल ACB-EOW की टीमें जांच में जुटी हैं। पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम चल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है। ED का आरोप- लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी।वही शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। वही ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। कमिशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे। ईडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। घोटाले की रकम 2100 करोड़ से ज्यादा लखमा के खिलाफ एक्शन को लेकर निदेशालय की ओर से कहा गया कि जांच में पहले पता चला था कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2019 से 2022 के बीच चले शराब घोटाले में ED के मुताबिक ऐसे होती थी अवैध कमाई।     पार्ट-A कमीशन: CSMCL … Read more