UPSC ने DGP के चयन के लिए तीन IPS के नामों का किया चयन, अरुण देव सहित तीनों के नाम शामिल…

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब जल्द ही पूर्णकालिक डीजीपी (Director General of Police) की नियुक्ति होने वाली है। इसको लेकर आज यूपीएससी (UPSC) की सलेक्शन कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने भाग लिया।छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए UPSC से 3 अधिकारियों के नाम काे क्लीयरेंस मिल गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी बनने की रेस में IPS अरुण देव गौतम के अलावा, IPS पवन देव और IPS जीपी सिंह का नाम शामिल है। वर्तमान में DGP की जिम्मेदारी IPS अरुण देव गौतम के पास है। सरकार ने गौतम को डीजीपी पद की अस्थायी जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि IPS अरुण देव गौतम के लिए प्रदेश के नेताओं की लॉबी लगी हुई है। वहीं IPS पवन देव के लिए बिहार के राजनेता लॉबी कर रहे हैं। इसी तरह से IPS जीपी सिंह के लिए प्रदेश के राजनेताओं के अलावा दिल्ली के राजनेता और अफसर लॉबी कर रहे हैं। इन तीनों में से कोई एक छत्तीसगढ़ पुलिस का स्थायी मुखिया होगा। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अरुण देव का नाम सबसे टॉप पर है। UPSC से छत्तीसगढ़ वापस आ गई फाइल गृह विभाग के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, यूपीएससी से सीएम सचिवालय फाइल और लेटर आ चुका है। राज्य सरकार के जिम्मेदारों ने यूपीएससी से आए पत्र पर अंतिम निर्णय लेने की कवायद शुरू कर दी है।जून माह तक नए डीजीपी का नाम सार्वजनिक किया जाएगा। 4 फरवरी को IPS गौतम को मिली थी डीजीपी की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने 4 फरवरी को आईपीएस अरुण देव गौतम को डीजीपी की अस्थायी जिम्मेदारी दी थी। इस संबंध में गृह विभाग के विशेष सचिव ने निर्देश जारी किया था। जिस समय आईपीएस गौतम को डीजीपी बनाया गया था, उस समय उनके पास नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक की भी जिम्मेदारी थी। स्थायी DGP की रेस में शामिल IPS वर्तमान में यहां हैं पदस्थ     IPS अरुण देव गौतम: अस्थायी डीजीपी, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक     IPS पवन देव: चेयरमेन पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन     IPS जीपी सिंह: डीजी पीएचक्यू पहले मुख्यमंत्री सीधे करते थे डीजीपी की नियुक्ति छत्तीसगढ़ में पहले मुख्यमंत्री खुद ही डीजीपी की नियुक्ति करते थे। इस प्रक्रिया को लेकर कोई निर्धारित नियम नहीं था। 2011 में एएन उपध्याय की नियुक्ति के बाद तक यूपीएससी को नाम भेजने का नियम लागू नहीं हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गाइडलाइन जारी की गई, जिसमें कहा गया था कि डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए की जानी चाहिए। साथ ही अगर नियुक्ति के बाद छह महीने से कम समय में रिटायरमेंट का समय बचा हो, तो भी उन्हें दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। छत्तीसगढ़ में इस गाइडलाइन का पालन करते हुए, अशोक जुनेजा को इसका लाभ मिला था। अब इस नियम के तहत छत्तीसगढ़ को जल्द ही अपना नया और पूर्णकालिक डीजीपी मिलेगा, जो राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूती से संभालेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन नामों का पैनल: यूपीएससी सलेक्शन कमेटी केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन नामों का पैनल तैयार कर भेजेगा। वहां से छत्तीसगढ़ सरकार को फिर पेनल आएगा। जिस पर मुख्यमंत्री को अधिकार होगा कि वह इन तीन नामों के पेनल में से किसी एक नाम पर वे टिक लाएंगे, हालांकि, पहले डीजीपी की नियुक्ति मुख्यमंत्री सीधे करते थे। और एएन उपध्याय की नियुक्ति होने तक यूपीएससी को नाम भेजने का कोई नियम नहीं बना था। मुख्यमंत्री उस समय सीधे डीजीपी अपाइंट करते थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इसके बाद गाइडलाइन आ गया, जिसके अब कम-से-कम दो साल के लिए डीजीपी की नियुक्ति होगी। अशोक जुनेजा को इसका लाभ : इसके साथ ही अगर उनकी नियुक्ति के बाद रिटायरमेंट में छह महीने भी टाईम बचा हो तो भी उन्हें दो साल का नियुक्ति के बाद अवसर दिया जाएगा। इसका लाभ छत्तीसगढ़ में अशोक जुनेजा को मिला है।छह महीने से छत्तीसगढ़ के डीजीपी के लिए मामला यूपीएससी में लटका था। वहीं इससे पहले डीपीसी हुई भी मगर जीपी सिंह की इंट्री के बाद एक बार फिर से कई तरह की जानकारियां राज्य सरकार से  यूपीएससी ने मंगवाई थी। ज्ञात हो कि डीजीपी सलेक्शन के लिए  सरकार ने दिसंबर 2024 में प्रस्ताव भेज दिया था। लेकिन अब यह समझा जाता है कि भारत सरकार को यूपीएससी जल्द अब पेनल बनाकर भेज सकती है। recent visitors 66

उत्तर प्रदेश में अवैध शराब माफियाओं पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय स्तर पर अपमिश्रित ज़हरीली शराब का धंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह ENA/Rectified Spirit की अवैध आपूर्ति कर ज़हरीली शराब बनाने में लिप्त था। गिरफ्तार आरोपियों में सरगना सुखविंद्र सिंह उर्फ सेठी को उधमसिंह नगर, उत्तराखंड से पकड़ा गया, जबकि उसके साथी गुड्डू, रामसिंह और सुनील कुमार को बिजनौर से दबोचा गया। शराब बनाने के लिए स्प्रिट का करते थे प्रयोग एसटीएफ ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में रेक्टिफाइड स्प्रिट, अपमिश्रित शराब से भरे केन, खाली कांच की बोतलें, तीन चारपहिया वाहन और अन्य सामान बरामद किया है। एसटीएफ को यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली, जब टीम को जानकारी मिली कि काशीपुर-हरिद्वार रोड स्थित मां जगदम्बा ढाबे पर रेक्टिफाइड स्प्रिट कंटेनरों से निकाली जा रही है। यह स्प्रिट दवा कंपनियों को भेजी जानी थी, लेकिन मिलभगत से इसे अवैध शराब निर्माण में प्रयोग किया जा रहा था। पूछताछ में खुले ये राज STF की पूछताछ में सरगना सुखविंद्र ने बताया कि वह मूल रूप से बस चालक था और अपने परिचित सतनाम सिंह से इस अवैध धंधे में जुड़ा। सतनाम की मृत्यु के बाद उसने खुद इसका संचालन शुरू किया। ट्रैकर चालक गुड्डू, जो IGL केमिकल फैक्ट्री से स्प्रिट लाता था, इस धंधे में उसका सहयोगी बन गया। स्प्रिट को अवैध तरीके से निकालकर ढाबे के पास उतारा जाता था, जहां से रामसिंह और अन्य सहयोगी इसे फैला देते थे। रामसिंह ने कबूल किया कि वह पहले भी कच्ची शराब बनाने के मामलों में जेल जा चुका है और अब सेठी से स्प्रिट लेकर स्वयं शराब बनाता और बेचता था। वहीं, गुड्डू ने बताया कि वह कंपनी कर्मचारी भूप सिंह से मिलीभगत कर स्प्रिट की निर्धारित मात्रा से अधिक लोड करवाता था और इसे ढाबे पर बेचता था। recent visitors 50

जीवन में खुशहाली लाती है अपरा एकादशी, जानिए इसका महत्व और कथा

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। हर माह में दो बार एकादशी का व्रत रखा जाता है, एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। प्रत्येक महीने में आने वाली एकादशी व्रत को अलग-अलग नामों के जाना जाता है। ऐसे ही ज्येष्ठ माह में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। अपरा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति होती है। साथ ही उसे हर कार्य में अपार सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं कि इस बार अपरा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। अपरा एकादशी व्रत 2025 डेट और और मुहूर्त पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 23 मई को रात 1 बजकर 12 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि समाप्त 23 मई को रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगा। अपरा एकादशी का व्रत 23 मई 2025 को रखा जाएगा।  एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह सुबह 4 बजकर 4 मिनट सुबह 4 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। अपरा एकादशी 2025 पारण का समय अपरा एकादशी का पारण 24 मई को किया जाएगा। बता दें कि पारण का अर्थ है कि व्रत खोलना। अपरा एकादशी का पारण करने का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 1 मिनट से सुबह 8 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी तिथि समाप्त होने का समय शाम 7 बजकर 20 मिनट रहेगा। बता दें कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना होता है। अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गई है तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के में पारण न करना पाप करने के समान माना जाता है। अपरा एकादशी व्रत का महत्व अपरा एकादशी के दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। अपरा एकादशी दिन प्रभु नारायण के साथ मां लक्ष्मी की भी पूजा करें। ऐसा करने से व्यक्ति धन-धान्य में भी वृद्धि होती है और उसे कभी किसी भी चीज की कमी नहीं होती है। recent visitors 66

रश्मिका संग विवाह रचाएंगे विजय देवरकोंडा, हो चुकी है दोनों की सगाई? एक्टर ने बताया सच

साउथ अभिनेता विजय देवरकोंडा( Vijay Devrakonda) और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना( Rashmika Mandanna) अक्सर डेटिंग रुमर्स को लेकर चर्चा में होते हैं। कपल जब भी साथ नजर आते हैं इनके रिश्ते की अफवाह आग की तरह फैल जाती है। हालांकि इस मामले में रश्मिका और विजय कभी कोई सफाई नहीं देते हैं, लेकिन अब जब विजय की सगाई तक की बात सामने आई तो एक्टर ने इसपर चुप्पी तोड़ी है। अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि उनकी शादी के बारे में क्या राय है। फिल्मफेयर के साथ लेटेस्ट टॉक में जब विजय देवरकोंडा( Vijay Devrakonda) से रश्मिका संग उनके रिश्ते पर सवाल किया गया तब एक्टर ने इसे इग्नोर किया। एक्टर ने जवाब दिया कि इंडस्ट्री के इन्साइडर से ही पूछ लीजिए। रश्मिका मंदाना और उनके रिश्ते पर एक्टर ने बेहद उलझाने वाला जवाब देते हुए कहा कि मैं अभी शादी नहीं कर रहा हूँ। हाँ मैं शादी करूंगा लेकिन जब मुझे कोई अच्छा लाइफ पार्टनर मिल जाएगा तभी। एक्टर ने रश्मिका मंदाना की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहतरीन स्टार हैं बहुत मेहनती हैं। जब होस्ट ने पूछा कि क्या रश्मिका आपकी पार्टनर की लिस्ट में फिट बैठती हैं, तो अभिनेता ने जवाब दिया, "कोई भी अच्छी महिला जिसका दिल अच्छा हो, इसमें फिट बैठती है।" हालांकि, विजय ने रश्मिका के साथ काम करने के बारे में बात की और स्वीकार किया कि उन्हें एक साथ और फिल्में करनी चाहिए। मैंने रश्मिका के साथ बहुत ज्यादा फिल्में नहीं की हैं। मुझे और काम करना चाहिए। वह एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं। वह एक खूबसूरत महिला हैं। इसलिए केमिस्ट्री में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। बता दें कि कुछ समय पहले रुमर्स सामने आए थे कि विजय देवरकोंडा फरवरी में सगाई करने वाले हैं। इन रुमर्स पर विजय ने रिएक्ट करते हुए साफ मना कर दिया है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। मीडिया हर दो साल में मेरी शादी का ऐलान कर देता है। recent visitors 69

उषा ठाकुर ने कहा कांग्रेस अपना काम करें इससे साफ तौर पर समझा जा सकता है

इंदौर  मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के दौरान महू से विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर मंच पर मौजूद थीं और मुस्कुराती हुई नजर आईं। उक्त बयान को लेकर जब उषा ठाकुर से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि “जो होना था, वह हो चुका है। सभी लोग भली-भांति जानते हैं कि मंशा किसी की इस प्रकार की नहीं हो सकती। कई बार जुबान फिसल जाती है, जिससे भ्रांतियां पैदा हो जाती हैं।” उषा ठाकुर ने स्पष्ट किया कि ऐसे विषयों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। भाजपा संगठन के निर्णयों को लेकर कहा कि अच्छा वक्त बना है, ट्रेनिंग होनी चाहिए। हर साल एक ऐसी ट्रेनिंग आयोजित की जानी चाहिए, ताकि सभी नेता और कार्यकर्ता सही मार्गदर्शन पा सकें। जब इस पूरे मामले में उषा ठाकुर से पूछा गया कि कांग्रेस कैबिनेट मंत्री विजय शाह के इस्तीफा की मांग कर रही है तो उषा ठाकुर ने कहा कांग्रेस अपना काम करें इससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर कैबिनेट मंत्री विजय शाह के पक्ष में ही बयान देती नजर आ रही है। recent visitors 70

सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है – कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयान को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज कर रही है। इसी कड़ी में अब भूतपूर्व सैनिक भी उतर आए हैं। पीसीसी में शनिवार को कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयानों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और राष्ट्र की सेवा करती है। सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है। बतौर पूर्व सैनिक हमें सेना के अपमान ने बहुत आघात पहुंचाया है। अगर नेताओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होगी, तो देशभर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की तोड़ मरोड़कर बयान पेश करने की दलील गलत है। सरकार ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि इस विवादित बयान पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना देश की रक्षा में जान तक देने को तैयार है, तो फिर उसके सम्मान पर चोट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती, तो सैनिकों का मनोबल बना रहता। लेकिन इस चुप्पी से जवानों में दुख और आक्रोश है। वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को खींचा जा रहा मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि यह साफ दर्शाता है कि वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को भी खींचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना देश के लिए नतमस्तक होती है, न कि किसी पार्टी के लिए। राजनीति में सीमा का ध्यान रखना चाहिए। जो देश के जवान के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा, वह देशद्रोही के समान होगा। सैनिकों को पहले दिन से सिखाया जाता है देश सबसे ऊपर समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सेना के पहले दिन से ही सैनिकों को सिखाया जाता है कि देश सबसे ऊपर है। ऐसे में कोई भी नेता या दल यदि व्यक्तिगत या सांप्रदायिक टिप्पणी करता है, तो वह भारत के सशस्त्र बलों का अपमान करता है। सरकार को खुल कर देनी चाहिए प्रतिक्रिया उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, लेकिन यह विषय इतना गंभीर है कि सरकार को भी खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार जरूर है, लेकिन सरकार की चुप्पी बहुत खलती है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता और सैनिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि ट्रुप्स का धर्म ही अफसर का धर्म होता है। मैं एक ऐसे अफसर को जानता हूं, जो अपने जवानों के रोजा रखने पर स्वयं भी रोजा रखते थे। यही समर्पण हमारी सेना को दुनिया में सबसे अलग बनाता है। हमारी सेना अनुशासन में विश्वास रखती है, और नेतृत्व की भावना उसमें बचपन से ही सिखाई जाती है। अगर करनाल सोफिया कुरैशी का चयन हुआ है, तो वह निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट अधिकारी रही होंगी। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना सेना का अपमान है और इससे गलत संदेश फैलता है। recent visitors 61

सिवनी में डबल मर्डर के बाद तनाव,गुस्साई भीड़ शराब दुकान को फूंका, चक्काजाम किया

सिवनी सिवनी में दो युवकों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने हमलावरों को पकड़कर शराब दुकान में आग लगा दी और मंडला रोड पर चक्काजाम कर दिया। मौके पर पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता, एसडीओपी, टीआई, एसडीएम और तहसीलदार मौजूद हैं. घटना केवलारी के परासपानी गांव में शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। परिजन ने बताया कि अमन बघेल (20) और रूपक बघेल (25) केवलारी आए थे। इसी दौरान गांव के ठाकुर परिवार ने दोनों को खेरमाई मंदिर के पास खिरका मोहल्ले में बुलाया। यहां दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। घायल युवकों को पहले केवलारी अस्पताल ले जाया गया। यहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला चिकित्सालय सिवनी रेफर कर दिया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। दोनों का पोस्टमॉर्टम शनिवार को सिवनी में किया जाएगा।केवलारी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पर आरोपियों को शहर से बाहर भेजने के आरोप मृतकों के मामा संजय बघेल का आरोप है कि कमल ठाकुर और उसके परिवार ने भांजे रूपेश और अमन पर चाकू से हमला किया था। अमन की मौके पर मौत हो गई थी। रूपेश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। टीआई को इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। टीआई ने आरोपियों को केवलारी के बाहर भेज दिया है। हम सड़क पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। थाना प्रभारी को हटाने की मांग कर रहे ग्रामीण सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। मृतकों के परिजनों को समझा रहे हैं। शवों का पोस्टमॉर्टम कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा हत्या के आरोपियों को तत्काल पकड़ने और केवलारी थाना प्रभारी को हटाने की मांग की जा रही है। तीन बहनों का इकलौता भाई था रूपक मृतक रूपक बघेल माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह पेशे से किसान था। शादी नहीं हुई थी। उसकी तीन बहन हैं। वहीं मृतक अमन दो भाई और एक बहन हैं। उसकी भी शादी नहीं हुई थी। वह पेशे से किसान था। recent visitors 45