प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं:CM यादव

मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत टैक्स 2026 से पहले मेटेक्सिल के विशेष-सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता आरआईसी और जीआईएस भोपाल के बाद अब विषयवार उद्योग संवर्धन कार्यक्रम प्राथमिकता प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया के विकास का संकल्प कारखाने हमारे हैं मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया। यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। 'मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, स्वाद और सुशासन की नगरी है। प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में नया इतिहास लिखा जाएगा। इंदौर इसका प्रमुख केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन ,देवास, मक्सी आदि क्षेत्रों को मिलाकर इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया विकसित किया जाएगा। अधोसंरचना विकास से नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 2 बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक, इंदौर क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प राज्य सरकार साकार करेगी। राज्यों के मध्य विवाद हो रहे समाप्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी, भूमि और फसल के मुद्दों पर दक्षिण भारत से लेकर अन्य राज्यों तक विवाद रहे हैं। लेकिन, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इनका समाधान हो रहा है। मध्यप्रदेश ने वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) परियोजना से जुड़ी असहमतियों को राजस्थान के साथ संवाद कर समाप्त किया है। राष्ट्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के परस्पर विवादों को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए एक समर्थ, अनुकूल और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित किया गया है। राज्य न केवल पॉवर सरप्लस है, बल्कि कुल विद्युत आपूर्ति में 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए विशेष अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें पानी की प्रचुर उपलब्धता, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) युक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 220 केवी का सब स्टेशन तथा 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति शामिल हैं। धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क देश का सबसे लागत-कुशल और उच्चतम रिटर्न देने वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ 4 औद्योगिक कॉरिडोर संचालित हो रहे हैं और एक प्रस्तावित है। छह इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तथा राष्ट्रीय स्तरीय संस्थान जैसे NIFT भोपाल, NID भोपाल, IITDM जबलपुर और ग्लोबल स्किल्स पार्क की उपस्थिति से प्रदेश एक सशक्त और आधुनिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम है। MSME विकास नीति 2025 के अंतर्गत निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक सहायता प्रावधान किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण है। यहां कहीं भी किसी बात के लिए उद्योगपतियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पर सभी अनुमतियों को लेख सेवा केंद्र के माध्यम से नियत समय सीमा में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यहां 30 दिन में उद्योग को प्रारंभ कर सकते हैं साथ ही टैक्सटाइल एंड गारमेंट्स सेक्टर में विशेष अतिरिक्त इंसेंटिव्स दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक योगदान और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मानित करते हुए मेटेक्सिल के चेयरमैन शालीन तोशनीवाल ने स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किए। साथ ही 25 पौधे महाराष्ट्र में रोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प-पत्र भी सौंपा।" "एक्सपोर्ट पोटेंशियल मैन मेड फाइबर टेक्सटाईल्स, होम टेक्सटाईल्स एण्ड टेक्निकल टेक्सटाईल मध्यप्रदेश" सेमिनार मैटेक्सिल के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर ए. रवि … Read more

ज्येष्ठ माह का दूसरा बुढ़वा मंगल, बजरंग बली को करें प्रसन्न

हनुमानजी को कलियुग का देवता कहा जाता है. कहते हैं कि वह आज भी धरती पर मौजूद हैं. मंगलवार के दिन मुख्य रूप से हनुमान जी को समर्पित है. वहीं जेष्ठ माह आने वाले मंगलवार का खास महत्व होता है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा भाव से बजरंग बली की आराधना करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं इस दिन कुछ खास उपाय करने से मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है. इसके अलावा व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. दूसरा बड़ा मंगल कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगल की शुरुआत 20 मई को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 21 मई को सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर होगी. उदया तिथि के अनुसार, जेष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल 20 मई को पड़ेगा. दूसरा बड़ा मंगल के उपाय कुंडली में मंगल दोष से बचने के लिए बड़ा मंगल के दिन मिट्टी से बनी चीजों का दान जरूर करना चाहिए. क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में मंगल को गर्म ग्रह माना जाता है. ऐसे में अगर आप ठंडी चीजों का दान करते हैं, तो इस उपाय से मांगलिक दोष से भी मुक्ति मिलती है. दुश्मनों से छुटकारा हर किसी के जीवन में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है. जो मन ही मन दुश्मनी करते रहते है. वहीं एक समय के बाद कुंठा इतनी बढ़ जाती है, तो वह अहित करने लगते हैं. जीवन में ऐसे लोगों से छुटकारा पाने के लिए जेष्ठ माह के बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर और चोला चढ़ाएं., मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शत्रुओं से छुटकारा मिलता है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. पूरी होगी इच्छा अगर कोई इच्छा है जो बहुत समय से पूरी नहीं हो रही है, तो बुढ़वा मंगल के दिन एक सरसों के तेल का दिया और मीठा पान के साथ 18 लौंग से तैयार की गई माला लें. इन सभी चीजों को लेकर हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमान जी से सामने दीपक जलाएं. फिर लौंग के माला अर्पित कर बजरंगबली को मीठे पान का भोग लगाएं. उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और सच्चे दिन से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें. recent visitors 72

जो वर्तमान समय में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय बाल चिकित्सालय चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के जनभागीदारी से कायाकल्पित स्वरूप का लोकार्पण कर प्रदेशवासियों को समर्पित किया। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय की अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) का अवलोकन कर सराहना की। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय जनभागीदारी और जनसहयोग से कायाकल्प किए जाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता हैं। लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से 2 चरणों में चिकित्सालय का कायाकल्प किया जा रहा हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उक्त राशि सामाजिक संगठनों, दानदाताओं, क्रेडाई इंदौर और सीएसआर फंड्स के माध्यम से एकत्र की गई है , जो वर्तमान समय में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल हैं। चिकित्सालय का कायाकल्प 2 चरणों में किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का कार्य मई 2025 में पूर्ण किया जा चुका हैं। चिकित्सालय के कायाकल्प के तहत वातानुकूलित वार्ड्स, पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पी आई सी यू), हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), सीवियर मालन्यूट्रीशन ट्रीटमेंट यूनिट (एसएमटीयू), एक्स रे कक्ष, मॉड्यूलर किचन, फाउलर बेड्स एवं टॉयलेट्स बनाए गए हैं। इससे बच्चों के उपचार के दौरान अनुकूल वातावरण बनाने में मदद होगी।   recent visitors 50

नहीं चला ‘मिशन इम्पॉसिबल’ का शो, गुस्साए लोगों ने की लीगल एक्शन की मांग

मुंबई हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज अपनी पॉपुलर फ्रेंचाइजी फिल्म 'मिशन इम्पॉसिबल' का आखिरी पार्ट 'मिशन इम्पॉसिबल- द फाइनल रेकनिंग' लेकर आ चुके हैं. पूरी दुनिया से करीब एक हफ्ते पहले उनकी फिल्म इंडिया में आज यानी 17 मई को रिलीज हुई है, जिसे देखने के लिए फैंस काफी एक्साइटेड हैं. मगर दिल्ली के एक थिएटर में मूवी देखने पहुंचे फैंस की एक्साइटमेंट गुस्से और निराशा में तब बदल गई, जब घंटों इंतजार के बाद भी टॉम क्रूज की फिल्म का शो शुरू ही नहीं हुआ. सुबह-सुबह फिल्म देखने पहुंचे फैंस थिएटर में बेहद गुस्से में दिखाई दिए. मिशन इम्पॉसिबल देखने पहुंचे फैंस, मिली निराशा दिल्ली के 'पी वी आर वेगास', द्वारका में सुबह 6 बजकर 5 मिनट का शो लगा था. मगर करीब 7.30 बजे तक भी फिल्म शुरू नहीं हुई. ऐसे में नाराज लोगों ने दूसरे ऑडी में शो चलाने की मांग की, मगर उसे लेकर भी मैनेजर के पास जवाब नहीं था. लोगों ने थिएटर वालों से रिफंड मांगा, मगर कोई जवाब नहीं दिया गया. दर्शकों में से कईयों का कहना है कि वो पॉप कॉर्न खत्म कर चुके थे, मगर उन्हें फिल्म का शो चलने को लेकर कोई अपडेट नहीं दिया गया. देखें थिएटर के अंदर के कुछ वीडियोज: पूरे मामले पर थिएटर के ड्यूटी मैनेजर का कहना है कि फिल्म सर्वर ईशु की वजह से नहीं चल पाई, जिसके कारण उन्हें 9.30 का शो भी बंद करना पड़ रहा है. हालांकि काफी देर बहस होने के बाद, थिएटर की ड्यूटी मैनेजर ज्योति ने बताया कि करीब 180 लोगों ने टिकट बुक किए थे, जिसमें से 70 लोगों को रिफंड दे दिया गया है. लोग हुए परेशान, लीगल नोटिस भेजने की मांग थिएटर में मौजूद कुछ लोगों ने आजतक से बातचीत भी की. फिल्म देखने आए एक शुभव्रत नाम के दर्शक ने कहा कि वो कभी इतनी सुबह नहीं उठते, मगर इस फिल्म के लिए वो सुबह 5 बजे उठे और बिना नाश्ता किए फिल्म देखने आए. वहीं, द्वारका के रहने वाले सोनू कुमार ने कहा कि वो फिल्म की एक्साइटमेन्ट में सुबह 5.45 पर थिएटर आ गए थे. मगर अभी तक शो नहीं चला. पॉपकॉर्न खत्म हो गया लेकिन अभी तक फिल्म नहीं चली. थिएटर में मौजूद वकील आशीष मिश्रा ने कहा, '6.05 का शो था, काउंटर पर टिकट भी 6.20 पर दिया. मैं एक वकील हूं, मुझे 11 बजे कोर्ट जाना है. सुबह का शो देखकर अपने काम पर जाना चाहता था. दूसरे ऑडी में 10 मिनट बाद का शो शुरू कर दिया, लेकिन इस शो में जो लोग बैठे हैं उन्हें कोई नहीं देख रहा है'. आशीष मिश्रा का कहना है कि वो इस घटना के बाद थिएटर ओनर्स को लीगल नोटिस भेजने का प्लान भी कर रहे हैं. वहीं, अपने काम से नाइट शिफ्ट करके आईं भावना शर्मा ने भी कहा कि वो सुभाष नगर से आई हैं. इसी थिएटर में उनके साथ पहले भी फर्स्ट डे फर्स्ट शो में दिक्कत हुई थी और शो कैंसिल करना पड़ा था. पहले भी मुसीबत में पड़ा है PVR ये पहला मौका नहीं है जब पीवी आर के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है. इससे पहले बेंगलुरु के एक शख्स ने PVR सिनेमा और INOX पर फिल्म से पहले अत्यधिक विज्ञापन दिखाकर वक्त बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था. शिकायतकर्ता अभिषेक एमआर 26 दिसंबर, 2023 को पीवीआर सिनेमा में सैम बहादुर की स्क्रीनिंग में शामिल हुए थे. फिल्म का निर्धारित समय शाम 4.05 बजे था, लेकिन 25 मिनट के विज्ञापन के बाद यह शाम 4.30 बजे ही शुरू हुई थी. इससे उनका शेड्यूल डिस्टर्ब हुआ, क्योंकि उन्होंने फिल्म के तुरंत बाद काम पर लौटने की योजना बनाई थी. कोर्ट ने इस तरीके को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस करार दिया और PVR-INOX को निर्धारित समय से आगे विज्ञापन चलाने के बंद करने का आदेश दिया.   recent visitors 56

निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाईगी कांग्रेस

भोपाल विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन नहीं हुआ तो प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। कांग्रेस ने इसकी तैयारी अभी से प्रारंभ की है। प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाई जा रही है। इसमें उन नेताओं को रखा जाएगा, जिन्हें चुनाव लड़ाने का अनुभव है। जिला और ब्लाॅक कांग्रेस इकाई की प्रत्याशी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पार्टी का प्रयास है कि स्थानीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी चयन का काम एक वर्ष पूर्व पूरा कर लिया जाए ताकि संबंधित को काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। वर्ष 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने लंबे समय बाद बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांच नगर निगम में जीत दर्ज की थी। ग्वालियर, मुरैना, रीवा, छिंदवाड़ा और जबलपुर में कांग्रेस के महापौर बने थे। इसी तरह नगर पालिका और नगर परिषद में भी पार्षद बने थे। कालांतर में विभिन्न कारणों से जबलपुर, छिंदवाड़ा और मुरैना महापौर का पार्टी से मोहभंग हुआ और उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके को लेकर असमंजस आज भी बना हुआ है क्योंकि वह लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे और कुछ दिनों बाद फिर वापसी का दावा किया गया। पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का बड़ा कारण नए चेहरों पर दांव लगाना और समय से पहले प्रत्याशी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देना था। यही काम 2027 में होने वाले निकाय चुनाव के लिए भी अभी से किया जा रहा है। इसके लिए अलग से पूरी टीम बनाई जा रही है, जिसका काम केवल निकाय चुनाव पर फोकस करना रहेगा। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में इसकी भूमिका निर्णायक रहेगी। सूत्रों का कहना है कि प्रत्याशी चयन में इस बार जिला और ब्लाक इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सर्वे में जिनका नाम प्रमुखता से सामने आएगा, उन पर स्थानीय इकाइयों के अध्यक्षों की राय ली जाएगी। यदि सहमति बनती है तो फिर जिला प्रभारी के माध्यम से प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा। recent visitors 45

केन्द्रीय भू-जल बोर्ड की टीम ने किया सर्वे, रिपोर्ट के आधार पर बनाए जाएंगे जल स्रोतों के रिचार्ज

भोपाल केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री राकेश सिंह के नेतृत्व में भू-जल विशेषज्ञों की टीम ने विदिशा जिले के जल स्रोतों का सर्वे किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इस तरह के सर्वे प्रदेश भर में कराए जाएंगे। इनकी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल स्रोतों के रिचार्ज के लिए संरचनाएं बनाई जाएंगी। इस कार्रवाई को मानसून के सक्रिय होने से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। जल गंगा अभियान के अंतर्गत प्रदेश की एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के स्थायित्व और निरंतरता के लिए रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जाना है। गांवों में रिचार्ज संरचनाओं के लिए स्थल चयन की सरल और सहज विधि आवश्यक है। इसके लिए प्रथम चरण में विदिशा जिले के तीन गांवों का चयन किया गया है। इनमें विदिशा विकासखंड का लालाखेड़ी, ग्यारसपुर विकासखंड के सिमरहार और मूडरा गणेशपुर शामिल हैं। सर्वे के लिए वैज्ञानिक श्री सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की भू-जल विद सलाहकार डॉ. स्वाति जैन ने जनपद पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर्स को प्रशिक्षण दिया। गांवों में खनित नलकूपों का वास्तविक सर्वेक्षण कर उनकी गहराई, जलस्तर, केसिंग की जानकारी एकत्रित की गई। ग्रामीणों को रिचार्ज संरचनाओं की उपयोगिता समझाई गई। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रिचार्ज का मापदंड, वर्षा जल का प्रभावी रूप से रिचार्ज होना और प्रदूषण रहित जल से भू-जल पुनर्भरण किये जाने के बारे में बताया गया। वैज्ञानिक श्री सिंह ने बताया कि गांव के ढलान के अनुसार पानी को दिशा देकर 3-3 मीटर के फिल्टर के माध्यम से नलकूपों में पुनर्भरण किया जा सकता है। चौपड़ा मंदिर स्थित भैरूगढ़ बावड़ी की सफाई देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। अभियान जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुआ ये अभियान गंगा दशहरा 30 जून 2025 तक जारी रहेगा। अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम देवास की टीम ने जन भागीदारी के साथ चौपड़ा मंदिर स्थित भैरूगढ़ बावड़ी 947 श्रमदान कर साफ-सफाई की। शहडोल के गांव-गांव में श्रमदान से जल संरक्षण जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत शहडोल में ‘आओ बचाएं जल, करे सुरक्षित कल’, ‘पानी बचाओ कल के लिये’, और ‘पानी की बर्बादी जीवन की बर्बादी’ जैसे स्लोगन्स के साथ जल संरक्षण के लिये जनप्रतिनिधियों, जन अभियान परिषद के सदस्यों, समाजसेवी और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णोद्धार, नदी नालों की सफाई, बोरी बंधान और तालाबों का गहरीकरण जैसे जल संरक्षण के अनेक कार्य निरंतर किये जा रहे है। अभियान के अंतर्गत शहडोल के सुमन सरोवर और पोनांग तालाब की साफ-सफाई की गई। ईच्छापुर की प्राचीन शिव पावबावड़ी में स्वच्छता अभियान बुरहानपुर में जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के ईच्छापुर गांव में सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के सहयोग से शिव पावबावड़ी पर स्वच्छता अभियान संचालित किया। बावड़ी की साफ-सफाई के साथ ही विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलवाई गई।   recent visitors 44

2024-25 में अधोसंरचना विकास का नया अध्याय – 5,500 किमी सड़कें बनीं, 6,400 करोड़ का निवेश

भोपाल मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास का स्वरूप अब केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के मूलमंत्र के साथ सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितकारी अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। राज्य का विशाल सड़क नेटवर्क प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अधीन 80,775 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है। इसमें 9,315 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 11,389 किमी राज्य राजमार्ग, 25,639 किमी मुख्य जिला मार्ग और 34,432 किमी अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। यह नेटवर्क प्रदेश के ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। विगत एक वर्ष में हुआ अभूतपूर्व निर्माण कार्य विगत एक वर्ष से अधिक लगभग 14 महीनों में 6,400 करोड़ रुपये की लागत से 5,500 किमी सड़कों का निर्माण एवं सशक्तिकरण, 345 करोड़ रुपये से 1,500 किमी का डामरीकरण तथा 2,000 करोड़ रुपये से 110 पुलों और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 किमी सड़कों और 10,463 करोड़ रुपये से 474 पुलों एवं फ्लाईओवर पर निर्माण कार्य जारी है। शहरी विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में 6 प्रमुख कॉरिडोर परियोजनाएं – नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ कॉरिडोर, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड कॉरिडोर और मध्य भारत विकास पथ प्रारंभ की गई हैं। ये पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगी। राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और नया समझौता प्रदेश के लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 लेन में परिवर्तित करने की योजना में अब तक 4,740 किमी मार्गों को 4 लेन में बदला जा चुका है। शेष 3,050 किमी पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 4,010 किमी लंबाई की 22 नई सड़क परियोजनाओं हेतु ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इसमें इंदौर-भोपाल, भोपाल-जबलपुर हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, लखनऊ-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर, उज्जैन-झालावाड़, सतना-चित्रकूट और रीवा-सीधी जैसे महत्त्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। महाकुंभ-2028 और रोपवे परियोजनाएं उज्जैन महाकुंभ-2028 को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण तथा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह प्रदेश का पहला पूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा।साथ ही उज्जैन के महाकाल मंदिर, सागर के नट निकेतन, जबलपुर के गुरुद्वारा और बलदेव बाग में रोपवे परियोजनाएं भी भारत सरकार के सहयोग से प्रारंभ की गई हैं। तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता नियंत्रण गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन, व्हाइट टॉपिंग और माइक्रो सर्फेसिंग जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली, गुप्त कोडिंग और सैंपलिंग प्रक्रिया लागू की गई है। पिछले 2 महीनों में 21 जिलों में 104 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें दोषियों पर कार्रवाई की गई और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। डिजिटल समाधान: लोकपथ ऐप और निगरानी तंत्र लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी उन्नयन के तहत “लोक पथ” मोबाइल ऐप, सार्थक ऐप, इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और पीएम गति शक्ति पोर्टल को लागू कर निगरानी और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सशक्त किया है। गौरतलब है कि लोकपथ ऐप का उल्लेख ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी हुआ है। मानव संसाधन विकास और नीति निर्माण प्रदेश के 1,750 इंजीनियरों का कौशल विश्लेषण कर उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। साथ ही दीर्घकालिक रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं रोड सेक्टर पॉलिसी का निर्माण भी प्रगति पर है। हरियाली और जल संरक्षण की दिशा में पहल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वृक्षों को काटने की बजाय स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘ग्राउंड वॉटर रिचार्ज बोर’ और ‘लोक कल्याण सरोवर’ जैसी योजनाएं जल संरक्षण के उद्देश्य से लागू की गई हैं। प्रदेश नवाचार की नींव पर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर प्रदेश में अधोसंरचना विकास अब केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बन गया है। “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के ध्येय वाक्य को साकार करते हुए लोक निर्माण विभाग प्रदेशवासियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है।   recent visitors 42