पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली, छह माह बाद फिर से शुरू हुई पार्किंग

नई दिल्ली कृष्णा नगर इलाके में छह माह बाद फिर से दिल्ली नगर निगम की बहुमंजिला पार्किंग शुरू हो गई है। दमकल विभाग की एनओसी मिलने के बाद इसको शुरू किया गया है। पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। पार्किंग के बंद होने से लोग सड़कों पर वाहनों को पार्क कर रहे थे। जिससे क्षेत्र में जाम की समस्या बनी हुई थी। पार्किंग में अभी लाइट की व्यवस्था नहीं है, पार्किग ठेकेदार ने बिजली के मीटर के लिए बीएसईएस में आवेदन किया हुआ है। कार मालिकों से एक माह का किराया दो हजार रुपये लिया जा रहा है। पार्किंग में 250 गाड़ियों के खड़े होने की जगह है। यह निगम की यमुनापार में एकमात्र बहुमंजिला पार्किंग है। गत 31 अक्टूबर को पार्किंग संचालक की ठेका अवधि पूरी हो गई थी। निगम ने समय रहते इसकी फायर एनओसी नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था। एनओसी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को फिर से पार्किंग शुरू कर दी गई है। जोन चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि पार्किंग में आग बुझाने के उपकरण लगे हुए हैं। जैसे की फायर अलार्म, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, इंटर्नल हाइड्रेंट, यार्ड हाइड्रेंट में कमी थी। जिस वजह से एनओसी मिल नहीं पा रही थी। चेयरमैन ने स्थानीय लोगों से कहा कि पार्किंग शुरू हो गई है। लोग सड़कों की जगह पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करें। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्किंग के बंद होने से वह काफी समस्या का सामना कर रहे थे। क्षेत्र में कोई दूसरी ऐसी पार्किंग नहीं है, जहां वह अपना वाहन खड़ा कर सकें। बहुमंजिला पार्किंग शुरू होने से क्षेत्र में यातायात की समस्या दूर होगी। कृष्णा नगर मार्केट में सामान खरीदने के लिए आने वाले वाहन चालकों को भी पार्किंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। recent visitors 60

मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं जीवन के हर कदम पर हमारी मार्गदर्शक :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को जोड़ा वर्तमान संदर्भों से मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का मटकी फोड़ना बाललीला नहीं, अत्याचारियों की रसद रोकने की रणनीति थी। मस्तक पर मोर-पंख धारण करना और प्रकृति से प्रेम करना उनके मानवीय पक्ष को दर्शाता है। सुदामा से मित्रता और कंस वध के बाद उग्रसेन को सिंहासन सौंपना न्याय और निष्ठा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण के कर्मयोग, समत्व और न्याय के सिद्धांतों पर विशेष बल देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश है कि छोटे से छोटा काम भी महत्व रखता है। उन्होंने जीवन भर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया और समानता का अधिकार सुनिश्चित किया। यही सिद्धांत हमारी शासन-नीति की प्रेरणा भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर छात्रों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी घटनाओं को वर्तमान सामाजिक संदर्भों से जोड़कर उनकी प्रासंगिकता समझाई। इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में बुधवार रात आयोजित ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर आज के संदर्भ में संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना था। शिक्षा और रोजगार पर विशेष बल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरित होकर शिक्षा नीति में ऐसे बदलाव किए हैं जो छात्रों को केवल नौकरी की ओर नहीं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से राज्य में करोड़ों का निवेश हुआ है। इससे लाखों रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। विकास परियोजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) और केन-बेतवा जैसी प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से संवाद कर उनके विचार सुने। छात्रों को उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने की सीख दी। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी विधायक सर्व गोलू शुक्ला , रमेश मेंदोला,मनोज पटेल, कुलाधिपति स्वप्निल कोठारी, सुमित मिश्रा मौजूद थे।   recent visitors 45

मुख्यमंत्री साय की बड़ी घोषणाएं: झुरानदी को मिले स्कूल भवन, सीसी सड़क और दो उच्चस्तरीय पुल

रायपुर : झुरानदी में बिना पूर्व सूचना पहुंचे मुख्यमंत्री, चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं झुरानदी गांव में बरगद पेड़ की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल मुख्यमंत्री साय की बड़ी घोषणाएं: झुरानदी को मिले स्कूल भवन, सीसी सड़क और दो उच्चस्तरीय पुल मुख्यमंत्री ने झुरानदी में 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सहजता और सरलता से झुरानदी गांव के ग्रामीण अभिभूत हो उठे। तपती दोपहरी में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर अचानक खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम झुरानदी में उतरा। बिना किसी पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों को हर्ष मिश्रित आश्चर्य हुआ। मुख्यमंत्री ने गांव के बरगद पेड़ की छांव में चौपाल लगाई और बेहद आत्मीय अंदाज में ग्रामीणों से संवाद किया। देखते ही देखते पूरा गांव उमड़ पड़ा और माहौल उत्सव जैसा बन गया। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों से बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि मैंने बस्तर, सरगुजा के अनेकों जिले में और जांजगीर, चांपा, कबीरधाम, बेमेतरा जिले जैसे जिलों के सुदूर गांवों तक जाकर जनचौपाल की है। उन्होंने कहा कि आज मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले से होकर आपके इस गांव झुरानदी में सीधे पहुंचा हूं। हमारी सरकार गांव, गरीब और किसान की सरकार है। हम हर घर तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर झुरानदी गांव में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने ग्राम में सीसी सड़क निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, दो उच्च स्तरीय पुल निर्माण- गंडई से कृतबाधा पहुंच मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 2 करोड़ 54 लाख रूपए और गंडई कर्रानाला पहुँचमार्ग पर लिमो में उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 2 करोड 52 लाख रूपए और ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत भोरमपुर में नए पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने गांव के बीच बाजार पड़ाव में बरगद पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाई और वहां उपस्थित ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी भाषा में ही संवाद की शुरुआत की, जिससे ग्रामीणों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और गहराता गया। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं, सुझाव और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव भी सुने। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय के सहज, सरल, सादगीपूर्ण और विनम्र व्यवहार की खुले दिल से सराहना की। बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों में पहली बार ऐसा अवसर आया है, जब प्रदेश के मुखिया सीधे उनके गांव में पहुंचे। किसानों और युवाओं ने मुख्यमंत्री की माटी से जुड़ी शैली को नज़दीक से देखा और महसूस किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर सुशासन तिहार के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस अभियान में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि सभी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बस्तर से लेकर सरगुजा तक अनेक गांवों का दौरा कर चुके हैं, और योजनाओं की प्रगति की प्रत्यक्ष जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गांव के बाजार पड़ाव स्थित पवनपुत्र हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर पूर्व विधायक कोमल जंघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका खम्हन ताम्रकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। झुरानदी गांव में 180 पीएम आवास पूर्ण खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुरानदी की जनसंख्या 1935 है। यह गांव लोधी एवं वर्मा समाज की बहुलता है। गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है। गांव में प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला और हाई स्कूल की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 217 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 180 पूर्ण हो चुके हैं तथा 37 निर्माणाधीन हैं। महतारी वंदन योजना से 616 महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत जल आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार मिल रहा है। गांव में 17 स्वसहायता समूह की महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़ी है। recent visitors 42

हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं:मुख्यमंत्री देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आज के समाधान शिविर में क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों—सीतागांव, मदनवाड़ा, कारेकट्टा, हलांजुर, हुरेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा—को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। हमारी सरकार को कार्यभार संभाले डेढ़ वर्ष हुआ है और इस दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हज़ार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब केवल 500 रुपये में हो रहा है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन्हें आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नयन करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण करने, सीतापुर में हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने और अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की स्थापना की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक  सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया । इसमें मत्स्य विभाग द्वारा जाल का, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड का, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ‘खुशियों की चाबी’ का वितरण किया गया। शिविर में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ दिया गया तथा स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। पेंशन योजना के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाधान शिविर में लोगों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के निराकरण और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए एक महीने पहले से आवेदन लेकर परीक्षण किया गया और अब लोगों को शिविरों के आयोजन के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं समाधान शिविरों में पहुंचकर मैदानी स्तर पर समस्याओं के समाधान की पड़ताल कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि रजिस्ट्री, नामांतरण और हक त्याग की प्रक्रिया में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। अब लोगों को कागज़ लेकर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। रजिस्ट्री होते ही नामांतरण स्वमेव हो जाएगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से सरकार ने महिलाओं और गरीबों की चिंता की है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल रही है। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। recent visitors 42

नीरज चोपड़ा ने पार किया 90 मीटर का मार्क बोले अब मेरा अगला लक्ष्य..

दोहा  भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा शुक्रवार (16 मई) को दोहा डायमंड लीग 2025 में उतरे. दोहा डायमंड लीग में नीरज ने मेन्स जैवलिन थ्रो स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया. नीरज ने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का बेस्ट थ्रो किया. जर्मनी के जूलियन वेबर 91.06 मीटर के थ्रो के साथ पहले नंबर पर रहे. यह थ्रो वेबर ने छठे प्रयास में किया था. नीरज के अलावा उनके हमवतन किशोर जेना भी मेन्स जैवलिन थ्रो सपर्धा में भाग ले रहे थे, जो आठवें नंबर पर रहे. बता दें कि डायमंड लीग के एक लेग में पहले स्थान पर रहने के लिए एथलीट को 8 अंक मिलते हैं. जबकि दूसरे स्थान पर रहने के लिए 7, तीसरे स्थान पर रहने के लिए 6 और चौथे स्थान पर रहने के लिए 5 अंक दिए जाते हैं. यानी नीरज चोपड़ा को 7, जबकि वेबर को 8 अंक मिले. डायमंड लीग 2025 का समापन 27 और 28 सितंबर को ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल के साथ होना है. डायमंड लीग फाइनल के विजेता को डायमंड ट्रॉफी मिलती है.  नीरज चोपड़ा के कीर्तिमान की तारीफ, बोले- भारत को गर्व है नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार (16 मई) को दोहा डायमंड लीग 2025 में 90 मीटर का बैर‍ियर पार कर दिया. जैवल‍िन थ्रो इवेंट में दूसरा स्थान हास‍िल करने के बावजूद नीरज ने इत‍िहास रच द‍िया. नीरज की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने नीरज की मेहनत और उनके अनुशासन का भी ज‍िक्र अपने पोस्ट में क‍िया. नीरज ने पहली बार पार किया 90 मीटर का बैरियर दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा का पहला अटेम्प शानदार रहा और उन्होंने 88.44 मीटर का थ्रो किया. वहीं नीरज का दूसरा अटेम्प फाउल रहा. नीरज का तीसरा अटेम्प 90.23 मीटर का रहा. पहली बार नीरज ने अपने करियर में 90 मीटर का बैरियर पार किया. देखा जाए तो पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने 90 मीटर की दूरी पारी की है. यानी नीरज ने जैवलिन थ्रो में नेशनल रिकॉर्ड बना दिया. नीरज चोपड़ा का चौथा थ्रो उतना अच्छा नहीं रहा और इसमें उन्हें 80.56 मीटर की दूरी मिली. नीरज का पांचवां प्रयास फाउल रहा. जबकि छठे प्रयास में उन्होंने 88.20 मीटर की दूरी हासिल की. दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा के सामने एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा), जैकब वाडलेच (चेक गणराज्य), जूलियन वेबर और मैक्स डेहनिंग (दोनों जर्मनी), जूलियस येगो (केन्या), रोड्रिक डीन (जापान) जैसे खिलाड़ियों की चुनौती थी. पेरिस ओलंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम ने दोहा डायमंड लीग में भाग नहीं लिया. इससे पहले नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 89.94 मीटर था. यह थ्रो उन्होंने साल 2022 में स्टॉकहोम डायमंड लीग में किया था. नीरज चोपड़ा ने सबसे पहले 2018 में दोहा डायमंड लीग में भाग लिया था और चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने 2023 में यहां पहला स्थान हासिल किया, जबकि 2024 में वो दूसरे स्थान पर रहे. चोपड़ा ने पार किया 90 मीटर का मार्क बोले अब मेरा अगला लक्ष्य.. आज से ठीक 9 महीने 7 दिन पहले 9 अगस्त 2024 को नीरज ने पेरिस ओलिंपिक में सिल्वर जीतने के बाद कहा था, 'आज मेरा दिन नहीं था। मुझे लग रहा था कि आज वो दिन है, जब 90 मीटर का थ्रो आएगा, लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था।' 9 महीने 7 दिन में नीरज ने 90 मीटर की बाधा कैसे पार कर ली क्यों खास है 90 मीटर मार्क? जेवलिन में अब तक के इतिहास में दुनिया भर 25 जेवलिन थ्रोअर ही 90 मीटर भाला फेंक सके हैं। एशिया में ऐसा करने वाले 3 प्लेयर ही हैं। इनमें नीरज के अलावा, पाकिस्तान के अरशद नदीम और चीनी ताइपे चाओ-त्सुन चेंग शामिल हैं। 2024 ओलिंपिक से पहले चेंग ही यह कारनामा कर सके थे। 1. वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले जान जेलेजनी से ट्रेनिंग ली नीरज ने वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जान जेलेजनी से ट्रेनिंग लेने का फैसला लिया। उन्होंने नवंबर 2024 में चेक गणराज्य के जेलेजनी को अपना कोच बनाया। दोनों ने फरवरी महीने में कोचिंग शुरू की। जेलेजनी के नाम भाला फेंक का वर्ल्ड रिकॉर्ड है, उन्होंने 1996 में 98.48 मीटर भाला फेंका था। वे तीन ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। जर्मन बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डॉ क्लॉस बार्टोनिट्ज की कोचिंग में नीरज ने 2020 में टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद पेरिस में सिल्वर मेडल भी हासिल किया। इस बीच नीरज डायमंड लीग, वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंट में मेडल जीतते रहे, लेकिन 90 मीटर मार्क हासिल नहीं कर सके। 2. नए कोच ने गलतियां बताईं, तकनीकी बदलाव किए नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कोच जेलेजनी ने पेरिस ओलिंपिक के वीडियो देखकर उन्हें 2 कमियां बताई थीं। उन्होंने नीरज की तकनीक में कुछ बदलाव भी किए थे, जिनका जिक्र नीरज ने एक इंटरव्यू में किया था। 3. जेलेजनी के बताए डॉक्टर से इलाज करवाया जेलेजनी से जुड़ने के बाद नीरज ने अपनी कमर की चोट के लिए जेलेजनी के बताए गए डॉक्टर से सलाह ली। नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मैं अपनी चोट के कारण अपनी तकनीक में 100 प्रतिशत नहीं दे पा रहा था। मैं प्राग में जेलेजनी के डॉक्टर के पास गया और उन्होंने कुछ एक्सरसाइज बताई।' नीरज काफी समय से कमर की चोट से परेशान थे। उन्होंने माना कि वे चोट की वजह से पेरिस ओलिंपिक में अपना बेस्ट प्रदर्शन नहीं कर पाए। सिल्वर जीतने के बाद नीरज ने कहा था- 'मुझे लगता है कि मैं फाइनल में अधिक दूरी तक थ्रो कर सकता था। भले ही मानसिक रूप से मैं तैयार था, लेकिन मेरा शरीर मेरी कमर की चोट के बढ़ने के डर की वजह से पीछे हट रहा था। मैं ट्रैक पर रनअप के साथ संघर्ष कर रहा था, जिसके कारण मेरे कई अटेम्ट फाउल रहे।' 4. ट्रेनिंग के लिए जल्दबाजी में शादी, रिसेप्सन भी टाला नीरज चोपड़ा को अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत करने के लिए जल्दबाजी में शादी करनी पड़ी। इतना ही नहीं, रिसेप्शन को भी टालना पड़ा। नीरज ने अपनी सीक्रेट शादी के सवाल पर एक चैनल से कहा था- 'मुझे ट्रेनिंग करनी थी, इस वजह से जल्दी में शादी की।' नीरज ने कहा … Read more

रायपुर : मुख्यमंत्री को माँ ने दिया अपना आशीर्वाद—स्नेह से छुआ गाल, हृदय से कहा धन्यवाद

रायपुर : मुख्यमंत्री को माँ ने दिया अपना आशीर्वाद—स्नेह से छुआ गाल, हृदय से कहा धन्यवाद कच्चे मकान से पक्के घर तक – एक माँ की ज़िंदगी में लौटी गरिमा और सुकून रायपुर बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के करेगुट्टा पर्वत की तलहटी में स्थित  नक्सल प्रभावित ग्राम उसूर की 62 वर्षीय शम्मी दुर्गम की वर्षों की प्रतीक्षा 15 मई को पूर्ण हुई, जब ग़लगम में आयोजित सुशासन तिहार के अवसर पर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित पक्के मकान की चाबी सौंपी। पक्के आवास की चाबी पाकर शम्मी दुर्गम भावुक हो उठीं। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के गालों को स्नेहपूर्वक स्पर्श करते हुए कहा कि वर्षों तक कच्चे मकान में रहना उनके लिए बेहद कठिन था—हर मौसम में कीड़े-मकोड़ों और जहरीले जीवों का डर बना रहता था। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भावुकता से बार-बार धन्यवाद देते हुए कहा – अब मेरे जीवन में सुकून है, और मेरे बच्चों के सिर पर एक स्थायी छत है। श्रीमती दुर्गम ने बताया कि उनके पति की मृत्यु 15 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हो गई थी, तब से उन्होंने अकेले ही अपने दो बच्चों का लालन-पालन किया और कृषि कार्य कर किसी तरह जीवनयापन किया। जब उन्हें सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है, तो यह केवल एक मकान नहीं बल्कि उनके जीवनभर के संघर्षों का पुरस्कार है। यह एक ऐसी छत है, जिसमें सिर्फ ईंट और सीमेंट नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान की नींव जुड़ी है। शम्मी दुर्गम इस बात की गवाह है कि सरकार की योजनाएं जब सही हाथों तक पहुँचती हैं, तो वे केवल इमारत नहीं, भरोसे और उम्मीद का घर बन जाती हैं। recent visitors 43

भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव से प्रदेश में पर्यटन उद्योग पर पड़ा गहरा असर, 80 प्रतिशत पर्यटकों रद्द की बुकिंग्स

जयपुर भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़े तनाव के बाद राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। राज्य के पर्यटन उद्योग पर इसका गहरा पड़ा है। राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा रहा राजस्थान का पर्यटन अब संकट का सामना कर रहा है। राजस्थान के प्रमुख होटलों में इस समय 80 प्रतिशत बुकिंग्स रद्द हो चुकी हैं। होटल संचालक और ट्रेवल एजेंट्स अब इस स्थिति से जूझते नजर आ रहे हैं। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान के मुताबिक हमारे लिए यह समय बहुत कठिन है क्योंकि लगभग 500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हम उम्मीद करते हैं कि स्थिति जल्द सामान्य होगी। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन दिनों सन्नाटा सा पसरा है। जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और जयपुर जैसे शहरों में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। विदेशी पर्यटकों की आवक तो लगभग आधी रह गई है, जबकि स्थानीय पर्यटकों की संख्या भी लगातार घट रही है। ये प्रभाव विशेष रूप से उन महीनों में देखा जा रहा है, जब राज्य में पर्यटन का ऑफ सीजन होता है यानी अप्रैल से लेकर सितंबर तक। पहलगाम हमले के बाद से पर्यटकों में असुरक्षा का अहसास बढ़ा है और इसी के चलते लोगों ने अपनी यात्रा की योजना रद्द की है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है हमारी प्राथमिकता इस समय पर्यटकों की सुरक्षा है। हम उन्हें पूरा रिफंड दे रहे हैं ताकि उनका विश्वास बना रहे। जयपुर में जहां आमेर महल और हवा महल जैसे प्रसिद्ध स्थलों पर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। मौसम की स्थिति भी इस बार अनुकूल रही थी, जिससे जनवरी से अप्रैल तक पर्यटन का दौर ठीक-ठाक था लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। राजस्थान का जो आकर्षण एक समय पर्यटकों को खींच लाता था, वह अब थोड़ा फीका पड़ गया है, और इसका असर न सिर्फ होटल कारोबार पर पड़ा है, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी हो रहा है। recent visitors 48