WWE का बड़ा इवेंट मनी इन द बैंक 2025 7 जून को, पैसों के लिए आपस में मार-कुटाई करेंगे रेसलर्स

नई दिल्ली WWE का अगला बड़ा इवेंट, मनी इन द बैंक 2025, 7 जून को होगा। कंपनी इसकी तैयारी कर रही है। WWE के लिए यह एक बड़ा मौका है। इस इवेंट में फैंस को अक्सर चौंकाने वाले सरप्राइज मिलते हैं। ट्रिपल एच के समय में WWE ने बहुत सफलता हासिल की है। मनी इन द बैंक लैडर मैच पर सबकी निगाहें होंगी। WWE मनी इन द बैंक 2025 के लिए बड़े इवेंट आयोजित करने की योजना बना रहा है और लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। मनी इन द बैंक में दिखेंगे कई सितारे रोमन रेंस, सीएम पंक और जॉन सीना जैसे पहलवान इसमें प्रदर्शन करते दिखेंगे। हाल के महीनों में, ट्रिपल एच ने जिन पहलवानों को चुना है, उस वजह से विवाद हुआ है। मनी इन द बैंक 2025 में ट्रिपल एच दर्शकों को इम्प्रेस करने के लिए तीन मुख्य मैच आयोजित कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि वह तीन मुकाबले कौन-कौन से हैं। ये हैं वो तीन मुकाबले, जिसका आयोजन करवा सकते है ट्रिपल एच     पहला मैच सैथ रॉलिंस और सीएम पंक के बीच हो सकता है। रेसलमेनिया 41 में सैथ रॉलिंस, सीएम पंक और रोमन रेंस ने एक इवेंट में भाग लिया था। वहां रॉलिंस जीते थे। हेमैन ने पंक और रेंस को धोखा दिया। उस समय, ब्रॉन ब्रेकर उस टीम का हिस्सा बन गए जिसे वे मैनेज करते हैं। पंक रॉलिंस और हेमैन से बदला लेना चाहते हैं। सामी जेन और जे उसो ने अब तक उनकी मदद की है।     दूसरा मैच सोलो सिकोआ और जैकब फातू के बीच हो सकता है। ट्रिपल एच को सोलो सिकोआ और जैकब फातू के बीच के झगड़े पर ध्यान देना चाहिए। फरवरी में दोनों के बीच एक मैच का इशारा मिला था। दोनों ने गलती से एक-दूसरे पर हमला कर दिया था। रेसलमेनिया 41 में, सिकोआ ने यूएस चैंपियनशिप जीती। इन दोनों के बीच अभी तक कोई अच्छी केमिस्ट्री नहीं बनी है।     तीसरा मैच रोमन रेंस और ब्रॉन ब्रेकर के बीच हो सकता है। फैंस लंबे समय से रोमन रेंस और ब्रॉन ब्रेकर के बीच मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं। ब्रेकर ने कई बार यह साफ किया है कि वह रेंस से लड़ना चाहते हैं। कंपनी ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेसलमेनिया 41 के बाद पहले रॉ के दौरान, ब्रेकर ने रेंस के खिलाफ दो स्पीयर का इस्तेमाल किया। रोमन बुरी हालत में थे। वह रिंग में लड़ते हुए बेबस दिख रहे थे। ब्रेकर और रोमन के बीच का मुकाबला भविष्य में नई कहानियों को जन्म दे सकता है। recent visitors 60

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बिना किसी कर्ज के शादी से परिजनों को बहुत राहत मिल रही: सेवकराम नेताम

रायपुर राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कल कोंडागांव जिले के विकासखंड माकड़ी के मड़ी प्रांगण में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 48 जोड़े परिणय सूत्र में बंधकर दाम्पत्य जीवन की शुरूआत की। कार्यक्रम में  प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम  मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। प्रभारी मंत्री  श्री देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में गरीब परिवारों के लिए एक रुपए में चावल और नमक फ्री में उपलब्ध कराया। किसानों को ब्याज मुक्त ऋण दिया गया इस तरह कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई। जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति मज़बूत हुई। सुशासन तिहार का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी किसान का बेटा ने सभी के हित में केंद्र और राज्य के जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सुशासन तिहार शुरू किया है। जिसमें हिस्सा लेकर आप सभी लाभ लें और शासन के निर्देश पर जिला के अधिकारी आप तक पहुंचाते हैं आप लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए। प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी विजन का जिक्र करते हुए कहाँ की हमारे मुख्यमंत्री के शासन में लगातार महिला बाल विकास विभाग के ओर से गरीब परिवारों के बेटियों का पंजीयन कर उनका विवाह कर साथ में आर्थिक सहायता भी दिया जा रहा है।    बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  पहले गरीब परिवारों को बेटियों की शादी के लिए चिंता रहती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बिना किसी कर्ज के शादी से परिजनों को बहुत राहत मिल रही है। पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नवविवाहितों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। विवाह के बाद सभी जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किया गया और सभी जोड़े को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कन्या के नाम से 35 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम वैदिक रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों के साथ गायत्री समाज के प्रतिनिधियों द्वारा संपन्न कराया गया। नवदंपत्तियों के परिजनों ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रदमा बघेल व श्रीमती भगवती नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एडीएम श्री चित्रकांत चार्ली ठाकुर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 42

काला हिरण मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने तय की तारीख, सलमान और अन्य सितारों की संयुक्त सुनवाई 28 जुलाई को

जोधपुर काला हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान से जुड़ी कानूनी कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को इस मामले से संबंधित एक अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई सरकार द्वारा दायर की गई लीव टू अपील पर हुई, जो अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू और सोनाली बेंद्रे को निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के खिलाफ दायर की गई थी। राज्य सरकार ने इन सितारों को बरी किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान वकीलों ने कोर्ट के समक्ष यह मांग रखी कि सलमान खान को सजा सुनाए जाने के फैसले के खिलाफ दायर अपील भी अब हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो चुकी है, इसलिए दोनों अपीलों को एक साथ जोड़ा जाए और एक ही समय पर सुनवाई की जाए। कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार कर लिया है। अब सलमान खान, सैफ अली खान और अन्य सितारों से जुड़े सभी अपील मामलों की संयुक्त सुनवाई 28 जुलाई को होगी। गौरतलब है कि हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के दौरान इन सितारों ने दो काले हिरणों का शिकार किया था। जिसके लिए 1998 में जोधपुर पुलिस ने सलमान खान और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हिरण शिकार का ये मामला विश्नोई समुदाय की तरफ से दर्ज कराया गया था। सलमान खान के खिलाफ तीन अलग-अलग स्थान पर हिरण शिकार व अवधि पार लाइसेंस के हथियार रखने के मामले दर्ज किए गए। इस मामले में सलमान खान को 12 अक्टूबर 1998 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पांच दिन बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इसके बाद हुई सुनवाइयों में सलमान को कई बार जोधपुर भी आना पड़ा था। recent visitors 48

लंदन की जेल में ही रहेगा नीरव मोदी, हाईकोर्ट ने 10वीं बार खारिज की जमानत याचिका

लंदन पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव दीपक मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाईकोर्ट ने उसकी हालिया जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबआई (CBI) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। नीरव मोदी अपनी प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी लड़ाई हारने के बाद लगभग छह सालों से लंदन की जेल में बंद हैं। भारत में वह मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड के केस का सामना कर रहा है। CBI ने बताया कि यह उनकी 10वीं जमानत याचिका थी, जिसे लंदन की हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन ने खारिज कर दिया। CBI के मुताबिक, “नीरव दीपक मोदी की ओर दाखिल की गई नई जमानत याचिका को ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के वकील ने कड़े तर्कों के साथ चुनौती दी, जिसमें CBI की टीम ने भी सहयोग दिया। इस टीम में जांच अधिकारी और कानूनी अधिकारी शामिल थे, जो खासतौर से इसके लिए लंदन गए थे। यह उसकी 10वीं जमानत याचिका थी।” भारत को मंजूरी मिल चुकी है प्रत्यर्पण की लंदन की हाईकोर्ट पहले ही नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे चुकी है, जिससे वो भारतीय कानून का सामना कर सकें। नीरव मोदी के खिलाफ CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जांच की जा रही है। PNB घोटाले में 'वांटेड' घोषित नीरव मोदी को 6,498.20 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में 'वांटेड' घोषित किया गया है। उसने जनवरी 2018 में यह घोटाला सामने आने से ठीक पहले देश छोड़ दिया था। मार्च 2019 से वह ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। आरोप क्या हैं? CBI के अनुसार, नीरव मोदी और उसेके मामा मेहुल चोकसी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (FLCs) के जरिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। मुंबई के PNB की ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों ने उनकी कंपनियों को बिना किसी अधिकृत सीमा या कैश मार्जिन के ये LoUs और FLCs जारी किए, साथ ही बैंक के केंद्रीय सिस्टम में कोई एंट्री दर्ज नहीं की, ताकि किसी जांच से बचा जा सके। इन फर्जी LoUs के आधार पर SBI (मॉरीशस), इलाहाबाद बैंक (हांगकांग), एक्सिस बैंक (हांगकांग), बैंक ऑफ इंडिया (एंटवर्प), केनरा बैंक (मामाना) और SBI (फ्रैंकफर्ट) जैसी विदेशी शाखाओं ने नीरव मोदी की कंपनियों को कर्ज दिया। जब नीरव मोदी की कंपनियों ने वह कर्ज नहीं चुकाया, तो PNB को ब्याज सहित वह रकम विदेशी बैंकों को चुकानी पड़ी। भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित नीरव मोदी को 2020 में मुंबई की एक अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था और अदालत ने उसकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। सितंबर 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 29.75 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों और बैंक बैलेंस को “अपराध की आय” के रूप में जब्त किया था। CBI ने बताया कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को जल्द से जल्द लागू करवाने की दिशा में काम जारी है। मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार इस घोटाले के एक अन्य मुख्य आरोपी और नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी को हाल ही में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था, जहां वे इलाज के लिए गए थे। recent visitors 45

भारत के निर्यात में इन 4 सेक्टर्स का 50% से ज्यादा योगदान, रंग ला रही मोदी सरकार की कोशिशें

नई दिल्ली साल 2024-25 में भारत के निर्यात में कृषि, दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई। इन चारों क्षेत्रों ने मिलकर कुल निर्यात का 50% से ज्यादा योगदान दिया। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि माेदी सरकार की देश का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की कोशिशें रंग ला रही हैं। यहां हर सेक्टर का हाल जानिए इंजीनियरिंग सेक्टर: पीटीआई के मुताबिक इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात सालाना आधार पर 6.74 प्रतिशत बढ़कर 116.67 अरब डॉलर हो गया। यह सबसे आगे रहा, जो कुल निर्यात (437.42 अरब डॉलर) का 26.67% हिस्सा है। इंजीनियरिंग सामानों के लिए मुख्य निर्यात गंतव्य अमेरिका, यूएई, सऊदी अरब, ब्रिटेन और जर्मनी रहे। पिछले 3 सालों से यह 100 अरब डॉलर के पार बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स : सबसे अधिक 32.46 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि दर्ज की गई जो 2023-24 में 29.12 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 38.58 अरब डॉलर हो गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में 23.6 अरब डॉलर और 2021-22 में 15.7 अरब डॉलर था। इसमें कंप्यूटर हार्डवेयर तथा पेरिफेरल्स (जिसकी इस क्षेत्र में 3.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है) में 101 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.7 अरब डॉलर से दोगुना होकर 1.4 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए मुख्य गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, नीदरलैंड, ब्रिटेन और इटली थे। दवाएं और फार्मा: इस सेक्टर का निर्यात 9.4% बढ़कर 30.47 अरब डॉलर हुआ। अमेरिकी डॉलर से अधिक बना हुआ है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की दवाएं एवं औषधि अब 200 से अधिक देशों तक पहुंच रही हैं। कृषि और समुद्री उत्पाद: 2023-24 में 4.25 अरब डॉलर से 2024-25 में मसालों का निर्यात मामूली रूप से बढ़कर 4.45 अरब डॉलर हो गया। प्रमुख निर्यात गंतव्यों में चीन, अमेरिका, यूएई, बांग्लादेश और थाईलैंड शामिल हैं, जहां मिर्च, जीरा, हल्दी और अदरक जैसे उत्पाद का निर्यात सबसे अधिक किया गया। इसमें 7.36% बढ़ोतरी के साथ 51.86 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। मसालों में थोड़ी बढ़त (4.45 अरब), कॉफी निर्यात छलांग (1.81 अरब), चावल ने रिकॉर्ड तोड़ा (12.5 अरब डॉलर)। भारत ने दो श्रेणियों के तहत अंगूर, अनार, आम, केले, संतरे, प्याज, आलू, टमाटर, मिश्रित सब्जियां और हरी मिर्च का निर्यात किया। बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, नेपाल और मलेशिया सबसे बड़े आयातक में शामिल थे। कुछ दिलचस्प आंकड़े भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक है, जिसके प्रमुख निर्यात गंतव्यों में यूएई, बेल्जियम, इंडोनेशिया, मिस्र, अमेरिका और तुर्किऐ शामिल हैं।2024-25 में 1.98 अरब डॉलर का निर्यात।  समुद्री उत्पाद अब 130 देशों में जाते हैं (2014-15 में 105)। चावल निर्यात में भारत का दबदबा: वैश्विक बाजार का 40% हिस्सा। भारत का चावल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 12.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2023-24 में 10.4 अरब डॉलर था। इससे देश लगभग 40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगा। इसके प्रमुख गंतव्यों में सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, अमेरिका और यमन शामिल थे। सरकार का कहना है कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि अलग-अलग सेक्टर में भारत की ताकत बढ़ रही है। निर्यात बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है। recent visitors 64

रिपोर्ट: रोहित शर्मा के संन्यास के बाद ‘प्रिंस ऑफ इंडियन क्रिकेट’ शुभमन गिल का टेस्ट कप्तान बनना लगभग तय

नई दिल्ली रोहित शर्मा के संन्यास के बाद 'प्रिंस ऑफ इंडियन क्रिकेट' शुभमन गिल का टेस्ट कप्तान बनना तय दिख रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले कुछ प्रभावशाली नाम गिल के पक्ष में नहीं थे लेकिन युवा बल्लेबाज से गौतम गंभीर की एक लंबी मुलाकात ने तस्वीर साफ कर दी। अभी औपचारिक तौर पर गिल को कप्तानी दिए जाने का ऐलान नहीं हुआ है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद गौतम गंभीर बहुत ही ताकतवर हो चुके हैं। टीम के चयन में भी अब कप्तान से ज्यादा कोच की चलेगी, ऐसी अटकलें लगने लगी हैं। शुभमन गिल के रूप में उनके पास युवा कप्तान है जो उनकी सुनेगा। गिल स्टार हैं लेकिन उनका वह दर्जा नहीं है कि गंभीर के फैसलों और रणनीतियों पर सवाल उठा सके। एक ही खिलाड़ी उस कद का है और वह है जसप्रीत बुमराह लेकिन फिटनेस के खराब रिकॉर्ड खासकर चोट के कारण वह कप्तानी की रेस में पिछड़ गए। ऐसे में गंभीर के पास पूरी ताकत होगी लेकिन वनडे में उन्हें संभलकर काम करना होगा जिसमें रोहित और विराट की नजरें 2027 विश्व कप खेलने पर लगी होंगी। गंभीर और गिल की लंबी मीटिंग और छंट गई धुंध न्यूज एजेंसी पीटीआई ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में इशारा किया था कि गिल का अचानक उभार 'भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले प्रभावशाली लोगों' को नागवार लग रही थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसी अटकलें चल रही थीं कि जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी देने की गुंजाइश अभी भी बची हुई है और चर्चाओं में उनके नाम पर विचार हो सकता है। लेकिन दिल्ली में हुई एक हालिया हाई-प्रोफाइल मीटिंग ने तस्वीर साफ कर दी। यह मीटिंग थी गौतम गंभीर और शुभमन गिल की। इसे मुख्य कोच की भावी टेस्ट कप्तान के साथ मीटिंग के तौर पर देखा जा रहा है। ये मुलाकात एक तरह से टेस्ट कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के नाम की पुष्टि है। पीटीआई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसी अफवाहें थीं कि शुभमन गिल को कप्तानी सौंपे जाने पर अब भी पेच है। गुरुवार को गौतम गंभीर सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए मुंबई में थे लेकिन कुछ दिन पहले दिल्ली में उन्होंने गिल से लंबी मुलाकात की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मुलाकात के बाद अब कप्तानी को लेकर चयन समिति या गंभीर के मूल रुख से पीछे हटने की बहुत ही कम गुंजाइश है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी अफवाहें थीं कि भारतीय क्रिकेट को चलाने वाले प्रभावशाली लोग शुभमन गिल को अचानक कप्तानी दिए जाने से खुश नहीं थे, लेकिन क्या इन लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया होगा? जो लोग इतने ताकतवर हैं उन्हें गिल की कप्तानी को लेकर भरोसे में नहीं लेने जाने का कोई सवाल ही नहीं है। टीम इंडिया को अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है जो 20 जून से शुरू होगी। उसके लिए इसी महीने टीम इंडिया का चयन होगा और उसमें रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी का औपचारिक तौर पर ऐलान हो जाएगा। 3 जून को आईपीएल फाइनल खेला जाना है और उसके बाद खिलाड़ी लंदन के लिए रवाना होंगे। recent visitors 117

132 साल पुरानी प्रॉपर्टी पर कब्जा मामले में रक्षा मंत्रालय को फटकार, हाईकोर्ट ने कही ये बात

इंदौर  महू की 1.8 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय के द्वारा कब्जा लगाने को लेकर इंदौर हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने संबंधित विभाग को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा- मंत्रालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश का गलत इस्तेमाल किया. मंत्रालय ने याचिकाकर्ता को अपील का मौका दिए बिना जमीन पर कब्जा कर लिया जो गलत है. हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने आदेश दिया कि जमीन की यथास्थिति बनाई जाए और कब्जा तुरंत याचिकाकर्ताओं को लौटाया जाए. सुनवाई पूरी होने के बाद इंदौर हाई कोर्ट आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में आगामी आदेश जारी कर सकता है. याचिकाकर्ता के पूर्वजों ने 1892 में खरीदी थी यह जमीन इंदौर हाई कोर्ट में 133 साल पुरानी संपत्ति को लेकर रक्षा मंत्रालय को फटकार लगाई है. बता दें मामला महू में मौजूद तकरीबन 1.8 एकड़ जमीन पर कब्जा करने से संबंधित है. बता दें याचिकाकर्ता अन्ना चंदीरमानी और अरुणा के पूर्वजों ने 1892 में इस जमीन को खरीदा था. लेकिन 1995 में रक्षा मंत्रालय ने बेदखली का नोटिस भेजा. इसको लेकर दोनों बहनों ने जवाब देकर 1997 में सिविल कोर्ट में केस दायर किया. 2022 में कोर्ट ने उनका आवेदन खारिज कर दिया. इसके बाद 2024 में अपील कोर्ट ने बेदखली पर रोक की उनकी याचिका खारिज कर दी. जिसके बाद दोनों बहनों ने इंदौर हाई कोर्ट का रुख किया. इंदौर हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय की कार्रवाई को अवैधानिक और कानून विरोधी बताया. जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की. अपने आदेश में जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा कि 24 घंटे में कोई आसमान नहीं टूट पड़ता. recent visitors 63