राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना ही शिक्षा : राज्यपाल पटेल युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की जीवनचर्या को अपनाएं: राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा केवल ज्ञान की डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की अंधी भाग-दौड़ में युवा जीवन के आनंद से वंचित हो रहे हैं। दिनचर्या यांत्रिक होती जा रही है। जरूरी है कि युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की दिनचर्या को अपनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में करें। परिवार, समाज के प्रति संवेदनशील रहे। माता-पिता, गुरुजन, समुदाय और समाज के लिए कृतज्ञता का भाव रखें। वंचितों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहें। राज्यपाल पटेल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भौतिक सुखों को प्राप्त करने से सुख नहीं मिलता है। आत्मिक सुख, जरूरतमंदों की मदद और सेवा कार्यों से मिलता है। उन्होंने सेवा कार्यों में प्रदर्शन की अपेक्षा परिणामों पर बल दिए जाने वाले सामाजिक वातावरण के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विचार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन उपलब्धियों से जुड़े गर्व को महसूस करने का दिन है, जो संस्थान और विद्यार्थी दोनों के लिए उत्सव का प्रसंग होता है। हम सबके जीवन में कुछ ऐसे क्षण होते हैं जिन्हें हम जीवन भर संजो कर रखते हैं। ऐसा ही दीक्षांत का दिन होता है, जो विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में हमेशा अंकित रहेगा। परिसर में अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं ने यादगार पल और जीवन भर के लिए मित्रता की है। अनमोल सबक और प्रचुर ज्ञान प्राप्त किया है। यह सब आने वाले समय में विभिन्न परिस्थितियों में उनके लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत का दिन जीवन का वह महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां विद्यार्थियों को कैरियर और जीवन के अगले चरण के बारे में निर्णय लेना है। प्राप्त उपाधि आपको असीमित अवसरों और संभावनाओं की दुनिया में प्रवेश कराएगी। उनके सामने देश-विदेश में उच्चतर अध्ययन, रोजगार और उद्यम स्थापना के विकल्प उपलब्ध होंगे, लेकिन भावी जीवन में रोजगार तलाशने वाले की बजाय रोजगार देने वाले की तरह सोच कर आगे बढ़ने का प्रयास करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत का सम्मान उनके अथक परिश्रम से मिला है। इस सफलता की साधना में उनके माता-पिता सदैव उनके साथ खड़े रहे, इसलिए यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, यह उनके माता-पिता की भी उपलब्धि है। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत दुनिया का बुद्धिवान समाज था। तक्षशिला, नालंदा सारी दुनिया की शिक्षा के केन्द्र थे। भारत को विश्व गुरू कहा जाता था। हमारी मान्यताएं और परंपराएं प्रकृति के साथ सह-जीवन के ज्ञान-विज्ञान पर आधारित थी। मातृ भाषा में ज्ञान-विज्ञान के सभी विषयों की शिक्षा समाज के द्वारा प्रदान की जाती थी। शोध में पता चला है कि भारत में लगभग 7 लाख गुरुकुल विभिन्न क्षेत्रों में संचालित थे। अंग्रेजों ने भारत को नियंत्रण में लेने के लिए उसकी शक्तियों के संबंध में अध्ययन कराया था। उन्हें बताया गया कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति और शिक्षा में है। औपनिवेशिक प्रशासन ने षड़यंत्रपूर्वक भारतीय ज्ञान-विज्ञान की मान्यताओं और परंपराओं की प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया। भारतीयों को मातृ भाषा में शिक्षा से वंचित कर विदेशी भाषा में शिक्षा की व्यवस्था कर दी। इस तरह भारतीय समाज को अशिक्षित घोषित करने का कार्य किया था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री प्राप्त करने की उपलब्धि में उनके परिवार, समुदाय, समाज, राज्य और राष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजीव त्रिपाठी ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कुलसचिव प्रो. मोहन सेन ने आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा सचिव रघुराज राजेन्द्रन, विश्वविद्यालय की कार्य एवं विद्त परिषद के सदस्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।   recent visitors 57

डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का विवादास्पद बयान:देश, देश की वो सेना, PM के चरणों में नतमस्तक

जबलपुर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जबलपुर में दिए गए अपने हालिया बयान को लेकर पैदा विवाद पर सफाई दी है. देवड़ा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय सेना का अपमान करने वाला कोई विवादित बयान नहीं दिया, बल्कि सेना के सम्मान में ही बात की थी. देवड़ा ने कहा, "मैंने स्पष्ट रूप से कहा था कि देश की सेवा कर रहे वीर जवानों के चरणों में पूरा देश नतमस्तक है. लेकिन मेरे इस बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे गैरजरूरी विवाद खड़ा हो गया." डिप्टी सीएम आगे आरोप लगाया, "मेरे बयान को गलत तरीके से चलाने के पीछे किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जनता सब जानती है. मैं हमेशा सेना और हमारे सुरक्षाबलों के सम्मान में बोलता आया हूं और आगे भी यही करूंगा." मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है। इसी बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के एक बयान पर विवाद हो गया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई कार्रवाई को लेकर डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि देश की सेना और सैनिक उनके चरणों में नतमस्तक हैं, पूरा देश उनके चरणों में नतमस्तक है। उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। दरअसल, इस वाक्य से पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र कर रहे थे। इस वजह से कांग्रेस ने उन पर सेना का अपमान करने का आरोप लगाया है। दावा है कि उपमुख्यमंत्री देवड़ा पीएम मोदी के चरणों में नतमस्तक होने की बात कर रहे थे।        मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की बाइट के मुख्य बिन्दु :- * जबलपुर में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम में मैंने जो बात कही थी, उसे गलत तरीके एवं तोड़-मरोड़कर प्रस्‍तुत किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। * मैंने अपने भाषण में कहा था कि- आतंकवादियों के खिलाफ सेना के जांबाज जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जो पराक्रम दिखाया है, उसकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। पूरा देश एवं देश की जनता उनके चरणों में नतमस्‍तक है व उन्‍हें प्रणाम करती है और मैं भी उन्‍हें प्रणाम करता हूं। * वक्‍तव्‍य में मेरा अभिप्राय यह था कि देश की रक्षा करने वाले सेना के जांबाज जवानों के चरणों में देश की जनता प्रणाम करती है, मेरे इस बयान को गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। * मैंने कोई ऐसा बयान हीं नहीं दिया है जिसके उसके लिए माफी मांगी जाए और न ही मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। * जिस तरीके से बयान को गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है वह मन को बहुत आहत करने वाली है, ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा बयान, पढ़िए मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम बीते गुरुवार को जबलपुर के दौरे पर थे। जहां, एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवड़ा ने कहा कि मन में बहुत क्रोध था, जो नजारा हमने देखा, जो पर्यटक घूमने गए थे, वहां चुन-चुनकर, धर्म पूंछ-पूंछकर, महिलाओं को एक तरह खड़ा करके, बच्चों के सामने पुरुषों को गोली मार दी गई। उस दिन से देश के लोगों में बहुत तनाव था, जब तक इसका बदला नहीं लिया जाएगा। जिन आतंकवादियों ने माताओं का सिंदूर मिटाया, और आतंकवादियों को जो पाल रहे हैं, उनको जब तक नेस्तनाबूद नहीं करते, तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हम धन्यवाद देना चाहेंगे। देश की सेना और सैनिक उनके चरणों में नतमस्तक हैं, पूरा देश नतमस्तक है। उन्होंने जो जवाब दिया है, उसकी जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है।   पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात कर रहे थे देवड़ा डिप्टी सीएम जबलपुर के घंटाघर स्थित सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां मंच से वे पहलगाम हमले को लेकर सेना के चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा, मन में बहुत क्रोध था। जो दृश्य उन्होंने देखा कि जो पर्यटक के रूप में गए थे, घूमने गए थे और वहां चुन-चुनकर के धर्म पूछ-पूछकर के और महिलाओं को एक तरफ खड़ा करके उनके सामने गोली मारी। बच्चों के सामने गोली मारी। उस दिन से दिमाग में बहुत तनाव था, पूरे देश के लोगों के दिमाग में। जब तक इसका बदला नहीं लिया जाएगा और जिन माताओं के सिंदूर को मिटाने का काम जिन आतंकवादियों ने किया और आतंकवादियों को जिन्होंने पाला, जो पाल रहे हैं उनको नेस्तनाबूद नहीं कर देंगे, तब तक चैन की सांस नहीं लेंगे। डिप्टी सीएम देवड़ा के बयान के बाद कांग्रेस हमलावर यह सेना के शौर्य का अपमान : सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- इस देश की सेना और सैनिक प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं”। मध्यप्रदेश BJP के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा यह सेना के शौर्य पराक्रम का घोर अपमान है। सुरक्षा एजेंसीज का मनोबल क्यों गिरा रहे: तनखा राज्यसभा सांसद विवेद तन्खा ने कहा- आप क्या कह रहे हैं देवड़ा जी। मोदी जी और देश की जनता हमारी वीर सेना के प्रति समर्पित और नतमस्तक है। आप लोग देश की और सुरक्षा एजेंसीज का मनोबल क्यों गिरा रहे हैं। इनको गर्मी ज्यादा हो गई है: नेता प्रतिपक्ष भारतीय जनता पार्टी निरंकुश हो गई है। अभी एक बयान आया मुझे जानकारी मिली कि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सेना मोदी जी के चरणों में है। तो यह क्या है क्या इनको गर्मी ज्यादा हो गई है क्या मई की गर्मी उनके सर पर लग गई। इनका दिमाग सटकने लगा। सेना के खिलाफ इतनी आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे तो मुख्यमंत्री जी क्या कर रहे हैं? मुख्यमंत्री जी अपनी इन्वेस्टर मीट में लगे हैं। लेकिन यहां महिलाओं का सम्मान हो चाहे अधिकारियों के सम्मान की बात हो चाहे सेना के सम्मान की बात हो। क्या भारतीय जनता पार्टी का यह बयान समझें? उनकी रणनीति समझें कि सोफिया कुरेशी का अपमान किया तो क्या भारतीय जनता पार्टी ने … Read more

RCB vs KKR के मुकाबले के साथ सीजन-18 बहाल होने जा रहा, जानें मैच धुला तो क्या होगा, क्या RCB प्लेऑफ में पहुंचेगी ?

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स IPL 2025 के 58वें मुकाबले के साथ सीजन-18 बहाल होने जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते IPL पर एक हफ्ते से भी अधिक दिन तक ब्रेक लग गई थी। RCB vs KKR मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। हालांकि वहां का मौसम फैंस की एक्साइटमेंट पर पानी फेर सकता है। दरअसल, 17 मई को बेंगलुरु में बारिश होने के 84 प्रतिशत चांसेस है। ऐसे में अगर मैच बारिश की भेंट चढ़ता है तो क्या होगा? आईए जानते हैं- क्या कोलकाता नाइट राइडर्स का कटेगा प्लेऑफ की रेस से पत्ता? अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स फिलहाल 12 मैचों में 11 पॉइंट्स के साथ 6ठे पायदान पर है। पंजाब किंग्स के खिलाफ उनका एक मैच बारिश की वजह से धुला था। अब उनके पास बचे दो मैच जीतकर अधिकतम 15 अंकों तक पहुंचने का मौका है। अगर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ भी उनका मैच बारिश की भेंट चढ़ता है तो KKR टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है। जी हां, RCB vs KKR मैच धुलने से कोलकाता को एक अंक मिलेगा, ऐसे में टीम अगर लीग स्टेज का अपना आखिरी मैच जीत भी जाती है तो वह अधिकतम 14 पॉइंट्स तक ही पहुंच पाएगी। टॉप-4 में मौजूद गुजरात टाइटंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस पहले ही ये आंकड़ा छू चुकी है और इन टीमों का नेट रन रेट भी केकेार से बेहतर है। ऐसे में बारिश कोलकाता की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है। क्या रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु कर जाएगा प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई? रजत पाटीदार की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खाते में फिलहाल 11 मैचों में 16 अंक है और टीम IPL 2025 पॉइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर है। अगर केकेआर के खिलाफ उनका मैच धुलता है तो उनके 12 मैचों में 17 पॉइंट्स हो जाएंगे और टीम बिना किसी मेहनत के पहले स्थान पर पहुंच जाएगी। हालांकि इस स्थिति में उन्हें प्लेऑफ का टिकट मिलना मुश्किल होगा क्योंकि उनके अलावा चार टीमें- गुजरात टाइटंस, पंजाब किंग्स, मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स- 17 या उससे अधिक अंक हासिल कर सकती है। recent visitors 53

शैफाली वर्मा 7 महीने के अंतराल के बाद इंगलैंड के खिलाफ शुरू होने श्रृंखला के लिए भारतीय टी-20 टीम में होगी शामिल

हरियाणा आक्रामक सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा की वीरवार 28 जून से ट्रेंट ब्रिज में इंगलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली 5 मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टी-20 टीम में वापसी हुई, उन्हें 7 महीने के अंतराल के बाद राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया। शैफाली खराब फॉर्म के कारण अक्तूबर 2024 से भारतीय टीम से बाहर थीं पर उन्हें इंगलैंड के खिलाफ 3 मैचों की श्रृंखला के लिए वनडे टीम में जगह नहीं मिली जिसकी घोषणा भी वीरवार को ही की गई। महिला प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में दिल्ली कैपिटल्स के लिए उनका प्रदर्शन शानदार रहा जिसमें उन्होंने 152 के स्ट्राइक रेट से 9 मैच में 304 रन बनाए। वह डब्ल्यू.पी.एल. में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों में नैट-साइवर ब्रंट, एलिस पैरी और हेली मैथ्यूज के बाद चौथे स्थान पर रही थीं और भारतीय बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। वापसी करने वाली एक अन्य खिलाड़ी विकेटकीपर यास्तिका भाटिया हैं जो महिला बिग बैश लीग के दौरान कलाई की चोट के कारण पिछले नवंबर से बाहर थीं। वह वनडे टीम का भी हिस्सा हैं। यास्तिका के अलावा दोनों टीमों में अन्य विकेटकीपर ऋचा घोष हैं। भारत ने जहां 15 सदस्यीय टी-20 टीम की घोषणा की है, वहीं वनडे टीम में 16 खिलाड़ी हैं और दोनों टीमों की अगुआई हरमनप्रीत कौर करेंगी तथा उप कप्तान स्मृति मंधाना होंगी। सबसे तेज 500 रन बनाकर इतिहास रचने वाली युवा सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को 50 ओवर की टीम में शामिल किया गया है। recent visitors 44

खरगोन में आधी रात को मचा हड़कंप, गौ तस्करों की गाड़ी ने गौ सेवकों को रौंदा, चार लोग हुए घायल

खरगोन  खरगोन जिले के गोगांवा थाने के बिलाली और दसनावल गांव के बीच गो तस्करों के चार पहिया वाहन ने गो सेवकों को सामने से टक्कर मारी। इसमें दो गौ सेवक गंभीर रूप से घायल हो गए है। वहीं दो गो सेवकों को चोट आई है। घटना गुरुवार रात डेढ से 2 बजे की है। खरगोन में गो सेवकों को सूचना मिली थी कि गोवंश को महाराष्ट्र भेजा जा रहा है। खंडवा-बड़ौदा मार्ग पर गो सेवक पहुंच गए। इस दौरान गौ तस्करी के लिए जा रहे वाहनों को रोकने के दौरान तस्करों ने सामने से ही गो सेवकों को जानलेवा टक्कर मार दी। सिर में आई गंभीर चोट घटना में दो गो सेवक सतीश राठौर और राजा चौहान के सिर में गंभीर चोट के बाद खरगोन के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो गो सेवक को मामूली चोट आई है जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। 6-7 पिकअप वाहनों से महाराष्ट्र भेजे जा रहे थे गोवंश अवैध गो वंश परिवहन की सूचना के बाद करीब एक दर्जन से अधिक गो सेवक गाड़ी पकड़ने पहुंचे थे। करीब 6 से 7 पिकअप वाहन से महाराष्ट्र जाने के लिए गोवंश का परिवहन हो रहा था। बताया जा रहा है छह वाहन भाग निकले। एक वाहन को पुलिस ने जब्त किया है। खबर लगते ही देर रात को ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र रावत पहुंचे थे। पुलिस ने सूचना कर नाकेबंदी भी करा दी थी। गोगांवा पुलिस विवेचना कर रही है। उधर, हिंदू संगठन के पदाधिकारी का आरोप है कि इतने थानों और चौकी क्रास होकर गो तस्करी के वाहन महाराष्ट्र कैसे पहुंच रहे हैं। पिछले दिनों ही गो सेवकों ने प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग को शिकायत की थी। उसके बावजूद तस्करी जारी है। recent visitors 42

सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, अवकाश पर लगा प्रतिबंध अब हटा दिया गया

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 13 विभागों के सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर जो प्रतिबंध बीते दिनों लगाया था उसे अब हटा दिया गया है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से प्रतिबंध हटाए जाने का आदेश जारी किया गया है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अब इन 13 विभागों के कर्मचारी सुविधानुसार अवकाश ले सकेगें। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश पर लगा बैन हटा सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शुक्रवार 16 मई को जो आदेश जारी किया गया है उसमें लिखा है- क्रमांक GAD/34/0007/2025-O/o US-01 (GAD) एतद्वारा राज्य शासन के 13 विभागों के शासकीय सेवकों के अवकाश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किए जाने से संबंधित समसंख्यक आदेश दिनांक 9-05-2025 को तत्काल प्रभाव से WITHDRAW करता है। भारत-पाक तनाव के बीच लगा था प्रतिबंध बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के नाम से चलाए गए ऑपरेशन को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के 13 विभागों के कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया था। ये फैसला इसलिए लिया गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशास पूरी तरह से मुस्तैद रहे। अब जब हालात सामान्य हो गए हैं तो सरकार ने अपना निर्णय बदल लिया है।   recent visitors 50

धमतरी में सर्चिंग अभियान के दौरान 10 कुकर, राशन और अन्य सामग्री बरामद की

धमतरी धमतरी जिले की सीएएफ और डीआरजी की संयुक्त टीम ने ग्राम चमेदा के जंगलों में सर्चिंग अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए कुकर बम बनाने के लिए उपयोग होने वाले 10 कुकर, राशन सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडे ने बताया कि खल्लारी थाना क्षेत्र के चमेदा जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान नक्सलियों का डंप सामान बरामद किया गया। आसपास के इलाकों में भी छानबीन जारी है। उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को भी नगरी क्षेत्र के चमेदा और साल्हेभाट के बीच जंगल में डीआरजी और सीएएफ की संयुक्त टीम ने सर्चिंग के दौरान तीन कुकर बम, तीन अमूल दूध के डिब्बे बम, दो पाइप बम, एक टिफिन बम, एक वॉकी-टॉकी, दवाइयां, राशन, बर्तन और अन्य सामग्री बरामद की थी। पुलिस और डीआरजी की टीमें क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रही हैं। recent visitors 33