सेना ने 48 घंटे में छह आतंकी किये ढेर, त्राल-शोपियां में कैसे रडार पर आए दहशतगर्द?

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से ही सेना पूरे कश्मीर में आतंकियों का खात्मा करने में लगी हुई है. यहां सेना सर्च ऑपरेशन के साथ ही कई अन्य ऑपरेशन चला रही है. इसी के तहत सेना ने 48 घंटों के अंदर 6 आतंकियों ढेर कर दिया है. इसके अलावा कई आतंकियों तलाश की जा रही है. गुरुवार को सेना की पुलवामा जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई, इसमें मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. इसके पहले मंगलवार को लश्कर के मॉड्यूल के आतंकवादियों को ढेर किया गया था. 6 आतंकी ढेर 8 की तलाश श्रीनगर में आज की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IGP कश्मीर वी.के. बिरदी ने आतंकियों के खात्मे के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में हमने दो बहुत सफल ऑपरेशन किए हैं. ये दो ऑपरेशन शोपियां और त्राल में किए गए. कुल 6 आतंकवादियों को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि 4 आतंकियों की लिस्ट में से 6 को ढेर कर दिया गया है इसके अलावा बचे हुए अन्य 8 आतंकियों की तलाश की जा रही है. कैसे ऑपरेशन हुआ सफल? प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इन आतंकियों के मूवमेंट की खबर मिल रही थी. इसी को देखते हुए हम लोग सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. उसी दौरान हमें आतंकियों के बारे में जानकारी मिली. सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान ही आतंकियों ने जैसे ही सेना के जवानों को देखा तो तुरंत ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. मारे गए आतंकियों के पास से हथियार और गोला बारूद भी जब्त किया गया है. मंगलवार को शोपियां में मुठभेड़ में लश्कर के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। आईजीपी कश्मीर वीके बिरदी ने कहा कि तीनों आतंकियों को जिंदा पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने हथियार नहीं डाले। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जैश कमांडर आसिफ अहमद शेख और उसके दो साथियों आमिर नजीर वानी व यावर अहमद बट के त्राल के नादिर में एक जगह छिपे होने की सूचना मिली थी। आतंकियों पर था पांच-पांच लाख का इनाम इसके आधार पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर अभियान शुरू किया। आतंकियों ने मकान के साथ सटे शेड में भी शरण लेने का प्रयास किया और एक आतंकी वहीं शेड में मारा गया। आसिफ जैश का जिला कमांडर था। सात लाख का इनामी आसिफ 2022 को आतंकी बना था। आमिर और यावर अहमद बट दोनों ही पांच-पांच लाख के इनामी थे और 2024 को आतंकी बने थे। स्थानीय लोगों ने की ऑपरेशन में मदद मेजर जनरल धनंजय जोशी ने बताया कि 12 मई को हमें आतंकियों के बारे में इनपुट मिला था. हालांकि वे बहुत ऊंचाई पर थे. हमने जानकारी मिलने के बाद ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया और उनकी पहचान पता की. सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. एक-एक घर में जाकर तलाशी ली गई. इस दौरान, हमारे सामने चुनौती नागरिक ग्रामीणों को बचाने की थी. इसके बाद, तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. मारे गए 6 आतंकवादियों में से एक, शाहिद कुट्टे, दो बड़े हमलों में शामिल था, जिसमें एक जर्मन पर्यटक पर हमला भी शामिल था. पूरे सर्च ऑपरेशन के दौरान अच्छा लोकल सपोर्ट भी मिला था.   recent visitors 51

राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर प्रदेशवासी लें जल जमाव रोकने का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'राष्ट्रीय डेंगू दिवस' के अवसर पर कहा है कि स्वस्थ मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए स्वच्छता, जागरूकता और समय पर उपचार ही हमारा सबसे कारगर हथियार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डेंगू का मुकाबला करने के लिए स्वच्छता को अपनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नागरिक एकजुट होकर यह प्रण लें कि अपने आस-पास कहीं पर भी जल जमाव नहीं होने देंगे। साथ ही मच्छरों से बचाव और डेंगू के लक्षण व इलाज के प्रति समाज को जागरूक करेंगे, क्योंकि बचाव ही डेंगू का उपचार है।   recent visitors 32

RCB की नजरें KKR को बाहर करने पर, कोहली टेस्ट रिटायरमेंट के बाद पहली बार होंगे एक्शन में, सभी की निगाहें कोहली पर

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और सैन्य टकराव के कारण स्थगित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) शनिवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के बीच होने वाले मुकाबले के साथ फिर से शुरू होगा, जिसमें सभी की निगाहें हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले विराट कोहली पर होंगी। 10 दिनों के अप्रत्याशित रूकावट के बाद आरसीबी और केकेआर दोनों अपने-अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरा जोर लगायेंगे। आरसीबी 11 मैचों में 16 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है और यहां जीत टीम के लिए प्लेऑफ में जगह लगभग पक्की कर देगी। केकेआर 12 मैचों में 11 अंकों के साथ छठे स्थान पर है और एक भी हार मौजूदा चैंपियन की नॉकआउट में जगह बनाने की उम्मीदों को खत्म कर देगी। लीग की रुकावट से पहले दोनों टीमें शानदार लय में थी। आरसीबी ने जहां अपने पिछले चारों मैचों में जीत दर्ज की है वहीं केकेआर की टीम लगातार दो जीत के साथ इस मैच में उतरेगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये टीमों अपनी लय को किस तरह से बनाये रखती है। कागजों पर दोनों टीमों की तुलना करें तो इसमें कोई शक नहीं की केकेआर पर आरसीबी का पलड़ा भारी होगा। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ चोटिल हुए कप्तान रजत पाटीदार ने अभ्यास सत्र में बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी की। पाटीदार को उंगली में चोट लगी थी लेकिन नेट सत्र में उन्होंने धाराप्रवाह बल्लेबाजी की। मेजबान टीम के अधिकांश विदेशी खिलाड़ी भी भारत-पाक सैन्य टकराव के बाद स्वदेश लौट आए हैं। फिल साल्ट, लुंगी एनगिडी, टिम डेविड, लियाम लिविंगस्टोन और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ी टीम के लिए उपलब्ध हैं। देवदत्त पडिक्कल और तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की चोट के कारण गैरमौजूदगी हालांकि एक बड़ी समस्या हो सकती है। आरसीबी पडिक्कल की जगह लेने वाले मयंक अग्रवाल से इस मौके को भुनाने की उम्मीद करेगी। हेजलवुड के कंधे में चोट है और फ्रेंचाइजी ने अभी तक उनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी नहीं दी है। मैच में हालांकि सबकी नजरें कोहली पर होगी। स्टेडियम में भी दर्शक उनके नाम का सबसे ज्यादा नारा लगायेंगे। इस दिग्गज बल्लेबाज ने इस सप्ताह की शुरुआत में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर अगर गौर करें तो प्रशंसक खेल के पारंपरिक प्रारूप को सबसे ज्यादा महत्व देने वाले इस बल्लेबाज को सम्मानित करने के लिए सफेद जर्सी पहनने की योजना बना रहे हैं। शानदार लय में चल रहे कोहली भी टेस्ट करियर के अचानक समाप्त होने के बाद बल्ले से कुछ प्रभावशाली पारियां खेलना चाहेंगे। केकेआर को मौजूदा सत्र में सबसे ज्यादा निराशा अपने बल्लेबाजों से हुई है। कप्तान अजिंक्य रहाणे और युवा अंगकृष रघुवंशी के अलावा किसी भी बल्लेबाज ने निरंतरता नहीं दिखायी हैं। टीम के लिए लीग चरण के सभी मैच करो या मरो की तरह है ऐसे में उसे वेंकटेश अय्यर, आंद्रे रसेल और रिंकू सिंह से प्रभावी पारियों की उम्मीद होगी। टीम को इंग्लैंड के अनुभवी हरफनमौला मोईन अली की कमी खलेगी। मोईन वायरल बुखार के कारण लीग से बाहर हो गये हैं। वरुण चक्रवर्ती, सुनील नारायण, वैभव अरोड़ा और हर्षित राणा की केकेआर की गेंदबाजी लाइन-अप ने कई मौकों पर महंगे साबित होने के बावजूद अपनी पकड़ बनाए रखी है। टीमें: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल साल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड, यश दयाल, रसिख दार सलाम, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, स्वप्निल सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, मोहित राठी, स्वास्तिक चिकारा, अभिनंदन सिंह। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, अंगकृष रघुवंशी, रिंकू सिंह, लवनिथ सिसोदिया, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, सुनील नारायण, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, मयंक मारकंडे, उमरान मलिक, एनरिक नॉर्किया, स्पेंसर जॉनसन। recent visitors 49

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिक्किम के स्थापना दिवस पर नागरिकों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिक्किम राज्य के स्थापना दिवस पर सिक्किम के नागरिकों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने बाबा महाकाल से राज्य के विकास और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि हिमालय की गोद में स्थित सिक्किम लोक परम्पराओं से समृद्ध है। यह राज्य अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्म, पर्यटन और शांति की दिव्य स्थली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में सिक्किम विकास की नई ऊंचाई हासिल करेगा।   recent visitors 29

सरकार ने सेना के लिए खोल दिया खजाना, अनुपूरक बजट में 50 हजार करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात देखने को मिले. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया. सूत्रों ने बताया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद रक्षा बजट में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसमें नए हथियार और गोला-बारूद के साथ-साथ तकनीक की खरीद पर खर्च किया जाएगा. अनुपूरक बजट के जरिए ₹50 हजार करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है. संसद के शीतकालीन सत्र में इसे मंजूरी मिल सकती है. अतिरिक्त आवंटन से सशस्त्र बलों की जरूरतों, जरूरी खरीद और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रावधान किए जाने की उम्मीद है. इस साल, डिफेंस के लिए केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53 फीसदी ज्यादा है. एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले 10 साल में रक्षा बजट में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम 2014-15 में डिफेंस बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था. इस साल 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 13.45% है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान पर भारत की रक्षा क्षमताओं की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया. पाकिस्तान के साथ तनातनी के दौरान, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने करीब हर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को बेअसर कर दिया. लंबी दूरी की रूसी एस-400 'ट्रायम्फ' सिस्टम के अलावा, भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को फेल करने के लिए बराक-8 मध्यम दूरी की एसएएम सिस्टम और स्वदेशी आकाश प्रणाली को तैनात किया. पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन (लो-लेवल एयर डिफेंस गन) जैसी युद्ध-सिद्ध वायु रक्षा प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया गया. '21वीं सदी की जंग में…' ऑपरेशन सिंदूर में भारत के एडवांस हथियारों की क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को अपने संबोधन में इस उपलब्धि की प्रशंसा की. नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस ऑपरेशन के दौरान, हमारे मेड-इन-इंडिया हथियारों की विश्वसनीयता मजबूती से स्थापित हुई. दुनिया अब मानती है कि 21वीं सदी की जंग में मेड-इन-इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट का वक्त आ गया है." पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया.   recent visitors 54

जम्मू के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 19 मई से फिर से खुलेंगे

जम्मू  जम्मू-कश्मीर में स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने घोषणा की है कि जम्मू संभाग के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 19 मई से फिर से खुलेंगे. सीमापार से गोलीबारी के खतरे को देखते हुए ऐहतियात के तौर पर इन स्कूलों को बंद कर दिया गया. क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में विभाग ने सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. स्कूल प्रमुखों को सुरक्षित और सुचारू रूप से फिर से स्कूल खोलने के लिए स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है. निदेशालय ने स्कूलों से सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाए रखने और छात्रों और कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने में सतर्क रहने का भी आग्रह किया. जम्मू क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में पड़ने वाले सभी स्कूल 7 मई से बंद हैं. इस संबंध में निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू (डीएसईजे) द्वारा एक आदेश जारी किया गया. संयुक्त निदेशक सुबाह मेहता द्वारा जारी आदेश में कहा गया, 'डीएसईजे के 14 मई के आदेश के क्रम में सभी स्कूल (सरकारी और निजी) 19 मई से फिर से खुलेंगे. ये अभी बंद हैं. आदेश में आगे कहा गया, 'संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिया जाता है कि वे शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से फिर से शुरू करना सुनिश्चित करें. साथ ही स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें. पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सभी स्कूल बंद हैं. गोलीबारी के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा. कई स्कूलों को गंभीर या आंशिक रूप से नुकसान भी पहुंचा. इससे पहले 13 मई को रामबन, डोडा, किश्तवाड़, रियासी और उधमपुर जिलों में स्कूल खुले थे. इसके बाद जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के सुरक्षित क्षेत्रों में स्कूल खुले थे. अब शेष स्कूल 19 मई को पुनः खुलेंगे. recent visitors 65

कूल कूल गर्मी : मई के पहले पखवाड़े में मात्र तीन दिन 40 से ऊपर गया पारा, 25 साल बाद इतना

भोपाल मई माह का पहला पखवाड़ा बीत गया है। आमतौर पर मई का पहला पखवाड़ा काफी तपिश भरा होता है, लेकिन इस बार लगातार बादल, तेज हवा, बारिश के चलते मई में गर्मी से राहत मिल रही है। तापमान लगातार सामान्य से नीचे बने हुए हैं। पिछले 25 सालों बाद मई के पहले पखवाड़े में अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इसके पहले वर्ष 2000 में भी मई के पूरे माह में बारिश हुई थी और तब पूरे मई माह में 23 दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम थे।  एमपी के भोपाल शहर में बीते दिन धूप खिली रही। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 37.3 और न्यूनतम 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार के मुकाबले अधिकतम तापमान आधा डिग्री की गिरावट आई। मई में 25 सालों बाद पहले पखवाड़े में ऐसी स्थिति बनी है। इसके पहले वर्ष 2000 में भी मई में ऐसी स्थिति बनी थी। इसके बाद 2023 में भी अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन पहले पखवाड़े में 8 दिन तापमान 40 डिग्री से कम थे। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2000 से लेकर अब तक 25 साल में यह सबसे कम है। इन 25 वर्षों में कभी ऐसा नहीं हुआ। 15 दिन में से सिर्फ तीन दिन ही दिन का तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। पिछले 12 दिन में एक भी बार पारा 40 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। इस दौरान आंधी चलने का भी नया रिकॉर्ड बना। मई के शुरुआती 15 दिनों में से 11 दिन आंधी चली। 25 साल में आंधी के दिनों की संख्या भी यह सबसे ज्यादा है। महीने की शुरुआती 3 दिन ही थोड़े-बहुत तपे। 4 तारीख से मौसम बदल गया। तबसे चल रहा बादल, आंधी, बारिश का दौर अब तक जारी है। मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला बताते हैं कि मौसम को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय इन दिनों सक्रिय रहा। प्रदेश में और उसके आसपास के राज्यों में चक्रवात बने। इनके कारण अरब सागर से नमी लाकर बारिश करवाने वाली रेखा (ट्रफ लाइन) भी मध्य प्रदेश या उसके आसपास से गुजरी। इस कारण कभी ऊंचाई के कभी मध्य और कभी निम्न स्तर के बादल छाए रहे। इस दौरान तपिश नहीं बढ़ सकी। तापमान भी 36 से 38 डिग्री के आसपास बना रहा। ऐसे मौसम का यह असर हुआ कि मई के शुरुआती 9 दिन में ही मई की बारिश का कोटा 14.2 मिमी पूरा हो गया। जानिए क्या कहते है एक्सपर्ट मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि इस बार लगातार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात के कारण बादल, बारिश की स्थिति लगातार बन रही है, जिससे तापमान ज्यादा नहीं बढ़े हैं। इस सीजन में अब तक एक बार भी लू नहीं चली है। अभी मानसून ऑनसेट होने में लगभग एक माह का समय है। दूसरी ओर आने वाले दिनों में तापमानों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस बार लोगों के लिए खुशखबरी की बात ये है कि मानसून सामान्य या उससे अधिक रहने की संभावना है। एसी, कूलर की बिक्री कम मौसम के बदले मिजाज के कारण तापमान सामान्य से कम बने हुए हैं। ऐसे में एसी, कूलर का भी इस बार बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है जिससे इसकी बिक्री पर भी फर्क पड़ा है। बावड़िया में कूलर मेला लगाने वाले अरुण जैन का कहना है कि मार्च से जून तक सबसे अधिक बिक्री मई में होती है, लेकिन इस बार मई में कम हुई है। हर साल मई में 800 से एक हजार कूलर बिकते थे, जबकि अब तक 200 कूलर बिक पाए हैं। recent visitors 47