इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी

 इंदौर इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा का आयोजन भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भाग लेंगे। यात्रा का प्रारंभ बड़ा गणपति चौराहे से होगा और समापन राजबाड़ा पर किया जाएगा। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था आठ विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 16 मई को आयोजित इस यात्रा की तैयारी हेतु मार्ग को देशभक्ति के रंगों से सजाया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्रवार सजावट की जिम्मेदारी, कार्यकर्ता जुटे तैयारी में तिरंगा यात्रा के मार्ग को सजाने की जिम्मेदारी भाजपा के आठों विधानसभा क्षेत्रों की टीमों को दी गई है। सभी कार्यकर्ता आज बड़ा गणपति चौराहा पर एकत्रित होंगे, जहां से यात्रा आरंभ होगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को उनके हिस्से के मार्ग की सजावट का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग समय पर बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित क्षेत्र के विधायक, प्रमुख नेता और अधिकृत पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंडल, वार्ड और बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल हुए और जिम्मेदारियां तय की गईं। 200 से अधिक मंचों की तैयारी, समाजों का मिला समर्थन तिरंगा यात्रा के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह देशभक्ति की भावना से सजाया गया है और यह लगभग तैयार हो चुका है। दोपहर तक शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मार्ग में यात्रा का स्वागत करने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा 200 से अधिक मंचों की तैयारी की जा रही है। भाजपा ने अपने नेताओं से मंच न लगाने का आग्रह किया है। पार्टी द्वारा गठित विशेष टीमें अनाज मंडी, सब्जी मंडी, लोहा मंडी और मजदूर चौक जैसे स्थानों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। इस यात्रा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। महू में 18 मई को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर पर फोकस महू में 18 मई को सुबह 10 बजे एक और ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए कायराना हमले से देश में आक्रोश फैला था, जिसका माकूल जवाब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। सेना ने आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को भारत की शक्ति का परिचय कराया। इस यात्रा में भाग लेने वाले नागरिक ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक चिन्ह वाली तख्तियां लेकर चलेंगे, जिन पर पाकिस्तान विरोधी नारे और भारत माता व भारतीय सेना के जयकारे लिखे होंगे। यात्रा में 90 सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।   recent visitors 31

बाघों के साथ छेड़छाड़ के दो वीडियो चर्चा में, वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

सवाई माधोपुर रणथंभौर टाइगर रिजर्व से दो चौंकाने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन वीडियो में एक व्यक्ति बाघों के अत्यंत निकट नजर आ रहा है, कभी नवजात शावकों को सहलाते हुए तो कभी बाघ के पास रील बनाने की कोशिश करते हुए। पहला वीडियो रणथंभौर की फलौदी रेंज के देवपुरा वन क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां बाघिन RBT-2302 ने हाल ही में तीन शावकों को जन्म दिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि तीनों शावक एक पाइप में बैठे हैं और एक व्यक्ति उनके पास जाकर उन्हें हाथ लगा रहा है, उन्हें सहला रहा है और वीडियो बना रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि इस दौरान बाघिन वहां पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दूसरा वीडियो फलौदी रेंज के जोन नंबर 10 (झोझेश्वर व कैलाशपुरी के बीच) का है। इसमें एक पर्यटक वाहन से उतरा युवक बाघ के बेहद नजदीक पैदल जा रहा है, जो तालाब में पानी पी रहा है। वीडियो में युवक रील बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालता नजर आ रहा है। सौभाग्यवश बाघ ने हमला नहीं किया, वरना एक और अनहोनी हो सकती थी। इन दोनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वन विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन वायरल वीडियो ने विभाग की तैयारियों और सतर्कता की पोल खोलकर रख दी है। गौरतलब है कि हाल ही में रणथंभौर में दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 16 अप्रैल को टाइगर के हमले में एक सात वर्षीय बालक की मौत हो गई थी और 11 मई को बाघिन कनकटी ने रेंजर देवेंद्र चौधरी को मार डाला था। इन घटनाओं के बाद भी सुरक्षा में इस प्रकार की चूक वन विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इंसानों का इस तरह बाघों के करीब जाना न केवल उनकी खुद की जान के लिए खतरा है, बल्कि इससे बाघों का प्राकृतिक व्यवहार भी प्रभावित होता है। शावकों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ बाघों के आक्रामक व्यवहार का कारण बन सकती है। recent visitors 47

NEET UG के रिजल्ट पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई रोक, NTA को दिए ये निर्देश

इंदौर NEET-UG 2025 परीक्षा के दिन मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के करीब 11 परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल हो गई थी। इस समस्या ने न सिर्फ परीक्षार्थियों को प्रभावित किया, बल्कि परीक्षा केंद्रों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया। नीट अभ्यर्थियों को अंधेरे में परीक्षा देना पड़ा। ऐसे में कई कैंडिडेट्स को दिक्कत हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगले आदेश तक रिजल्ट न घोषित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रिजल्ट पर रोक     गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और उम्मीदवारों के साथ अन्याय का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अब हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक परीक्षा के परिणामों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत भरा है जिन्होंने परीक्षा में अव्यवस्था का सामना किया था। NTA को HC का निर्देश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह माना कि जिन केंद्रों पर परीक्षा के समय बिजली नहीं थी, वहां छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। परीक्षा में बिजली गुल हो जाना केवल एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालने वाला मसला है। कोर्ट ने NTA से यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में उसकी क्या तैयारी थी और कौन जिम्मेदार है? इंदौर खंडपीठ का रुख सख्त MP हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, NEET UG 2025 का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को आशा की किरण मिली है, जिनका परीक्षा अनुभव तकनीकी कारणों से प्रभावित हुआ। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था ने एक बार फिर भारत के परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसे मूलभूत संसाधन की अनुपलब्धता दर्शाती है कि परीक्षा केंद्रों की तैयारियों में भारी खामी रही। 11 केंद्रों की बिजली चली गई, अंधेरा छा गया इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। पेपर तक नहीं पढ़ पा रहे थे, मोमबत्ती जलाई बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि, उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। जानकारी के मुताबिक इंदौर के जिन 11 सेंटरों में बिजली गुल हुई, वहां करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। कुछ केंद्रों पर हो चुकी दो बार परीक्षा एक्सपर्ट का कहना है कि ओडिशा में चक्रवात के दौरान 2016 में एनटीए ने प्रभावित बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम कराया था। नियमों की गफलत से 2022 में होशंगाबाद सहित कुछ अन्य केंद्रों पर भी ऐसा हो चुका है। recent visitors 65

साक्षी तंवर को नहीं म‍िला ‘रामायण’ में मंदोदरी का रोल, शुरू की शूटिंग

मुंबई काजल अग्रवाल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. जिन्होंने खासकर तेलुगु और तमिल फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया है और अपनी एक्टिंग से लाखों लोगों को अपना दीवाना बनाया है. अब उनसे जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है.  दरअसल नितेश तिवारी की मचअवेटेड फिल्म 'रामायण' में उनकी एंट्री हो गई है. इस फिल्म में वो मंदोदरी के रोल में दिखाईं देगीं. बता दें कि पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मंदोदरी का किरदार एक्ट्रेस साक्षी तंवर निभाएंगी लेकिन प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इससे इनकार कर दिया है. बताया ये भी जा रहा है कि काजल ने अपने हिस्से की शूटिंग शुरू कर दी है. इस वजह से काजल अग्रवाल पर लगी मुहर गौरतलब है कि रामायण में मंदोदरी का किरदार रावण की पत्नी होने से काफी बढ़ जाता है. फिल्म से जुड़े प्रोडक्शन के एक करीबी सोर्स ने बताया कि इसलिए एक अच्छी एक्ट्रेस को कास्ट करना सबसे जरूरी था. जो एक्टर यश (रावण) के साथ अपनी भूमिका को पूरी तरह से निभा सकें. इसके अलावा फिल्ममेकर्स को ऐसी एक्ट्रेस की तलाश थी, जो कई भाषाओं में मजबूत पकड़ रखती हो. इसके लिए बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस पर विचार किया गया लेकिन काजल के नाम पर मुहर लगाई गई. क्योंकि वो नॉर्थ और साउथ दोनों में एक बड़ा नाम है. जानिए कौन थीं मंदोदरी? हम सभी ने रामायण में रावण की पत्नी के रूप में मंदोदरी के बारे में सुना होगा. लेकिन मंदोदरी का परिचय केवल रावण की पत्नी तक सीमित नहीं है. रामायण में मंदोदरी का वर्णन बेहद सुंदर, पवित्र और धार्मिक महिला के रूप में किया गया है. जिसने एक तरफ सीता के अपहरण के लिए रावण की बार-बार आलोचना की तो वहीं, दूसरी तरफ एक कर्तव्यपरायण पत्नी की तरह लगातार अपने पति को धर्म के मार्ग की ओर अग्रसर करने का प्रयास करती रहीं. फिल्म के सीन हो चुके शुट नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही रामायण में नमित मल्होत्रा ​​और यश को-प्रोड्यर्स हैं. इसके अलावा KGF स्टार यश फिल्म में रावण का किरदार निभाएंगे. रामायण' में रणबीर कपूर, राम का रोल करेंगे, जबकि साई पल्लवी, सीता माता का रोल करेंगी. कुछ रिपोर्ट्स की माने तो इस फिल्म में अमिताभ बच्चन 'जटायू' के किरदार निभाएंगे. वहीं दूसरी तरफ, रवि दूबे 'लक्ष्मण', लारा दत्ता 'कैकयी', रकुल प्रीत सिंह 'शुर्पणखा', अरुण गोविल 'राजा दशरथ', सनी देओल 'हनुमान' और हरमन बावेजा 'विभीषण' के किरदार में नजर आएंगे. जानकारी के मुताबिक 2026 में दिवाली पर इसका पहला पार्ट रिलीज होगी तो वहीं फिल्म का दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली के मौके पर रिलीज किया जाएगा. recent visitors 54

सरकारी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की फोटो को हटा दी गई

इंदौर  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इंदौर में 'वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों की प्रशिक्षण कार्यशाला' आयोजित की गई। इसमें उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगे होर्डिंग्स में मंत्री विजय शाह की मुस्कुराती तस्वीर दिखी। इस पर अधिकारियों ने ऑब्जेक्शन लिया गया तो उसे हटाया गया। वर्कशॉप में मंत्री का फोटो वाला पोस्टर देखा तो अफसरों के बीच इसी की चर्चा होने लगी। इसके बाद मंत्री को हटा कर उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो चिपका दी गई। मौके पर पहुंचे सीनियर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्टर तुरंत हटवाए और संबंधित जिम्मेदारों को फटकार लगाई। क्या है पूरा मामला पूरा घटनाक्रम इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के फीनिक्स हॉल का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। इसमें अशासकीय सदस्यों, वन अधिकारी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान वर्कशॉप के लिए पोस्टर लगाए गए। जिसमें, सीएम मोहन यादव के साथ मंत्री विजय शाह की फोटो लगी थी। इस वर्कशॉप कार्यक्रम में इंदौर उज्जैन के कलेक्टर, वन के मंडल अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे। वहीं, कार्यक्रम जनजाति कार्य विभाग ने आयोजित कराया था। इसके मंत्री विजय शाह हैं। इसी कार्यक्रम से फोटो हटाई गई। क्यों हटाई गई तस्वीर हाल ही में मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके चलते हाई कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस प्रकरण के बाद मंत्री को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण माना जा रहा है कि आयोजन में उनकी तस्वीर को हटा दिया गया। प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन कार्यशाला में जब इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की नजर इन होर्डिंग्स पर पड़ी, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आनन-फानन में अधिकारियों ने मंत्री विजय शाह की तस्वीर को पीएम मोदी की फोटो से ढंक दिया। जिससे न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ बल्कि आयोजकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ खड़े हुए। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी आयोजन में नेताओं की तस्वीरों का तय क्रम होता है। जिसमें प्रधानमंत्री का स्थान सर्वोच्च होता है। यहां पीएम मोदी की फोटो दूसरे स्थान पर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहले स्थान पर रही, जो स्पष्ट रूप से अनुचित था। शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया अधिकारियों ने तत्काल पोस्टर से उनकी तस्वीर हटाने के निर्देश दिए। आनन-फानन में स्टाफ ने शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया। बाद में उक्त स्थान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को चस्पा किया गया। सुबह 11 बजे वन अधिकार अधिनियम को लेकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। लोगों ने उठाई थी आपत्ति आयोजन प्रदेश सरकार के जनजाति कार्य विभाग ने किया था। पोस्टर में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री विजय शाह की तस्वीर नजर आ रही थी। पोस्टर में मंत्री शाह की बड़ी सी मुस्कुराती तस्वीर थी। कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई और मंत्री शाह की तस्वीर पोस्टर पर क्यों है, तो अफसरों ने तुरंत कार्रवाई की। सरकारी कार्यक्रमों से दूर इस घटना ने साफ कर दिया कि मंत्री शाह अब सिर्फ जनता की नजरों से ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों से भी दूर किए जा रहे हैं। अफसर भी उनके साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ना नहीं चाह रहे। भले ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। संभागीय कार्यशाला शुरू वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए गुरुवार से दो दिनी संभागीय कार्यशाला की शुरुआत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई। इसमें वन समितियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों को जंगल की जमीन पर अतिक्रमण रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगल में ग्रामीणों को वन अधिकार के अंतर्गत पट्टे दिए जाते हैं। सिर्फ खेती करने में भूमि का उपयोग करें, जबकि कुछ पट्टे से लगी जमीन पर भी अतिक्रमण करते हैं, यह बिलकुल गलत है। शुभारंभ जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और संभागायुक्त दीपक सिंह ने किया। सचिव बामरा ने बताया कि राज्य शासन वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है। recent visitors 55

जैसलमेर जिला कलेक्टर पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद ने लगाए गंभीर आरोप, सीएम शर्मा को लिखा पत्र

जयपुर राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में कलेक्टर और एसडीओ के बीच छिड़े घमासान में अब आरएएस एसो. भी कूद गई है। एसो. ने कलेक्टर प्रताप सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। इसके लिए एसो. ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी पत्र लिखा है। दरअसल पिछले दिनों जैलसमेर के पोकरण में तैनात आरएएस अधिकारी प्रभोजोत सिंह गिल का कलेक्टर से विवाद हो गया था। इसके बाद प्रभोजोत ने कलेक्टर पर आरोप लगाया कि वे उन्हें मानदंडों के खिलाफ जाकर जांच बंद करने के लिए कह रहे हैं। प्रभोजोत ने इसके लिए एक शिकायती चिट्ठी भी सरकार को लिखी, जिसमें कहा गया है कि ब्याज माफिया के खिलाफ जब पीड़ितों की शिकायत पर उन्होंने कार्रवाई करने के लिए पत्रावली चलाई तो कलेक्टर ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाकर धमकाया और जांच बंद करने के लिए कहा। इससे पहले भी प्रताप सिंह के खिलाफ अपने अधीनस्थों के साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। प्रभोजोत सिंह ने कलेक्टर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। इस पूरे मामले को आरएएस एसो. ने बेहद गंभीरता से लेते हुए सरकार से कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही एसो. ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो एसो. हड़ताल पर भी जा सकती है। परिषद ने गुरुवार को इस संबंध में मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। recent visitors 56

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, कल से लू चलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा। खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा। 25 मई से शुरू होगा नौतपा इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।     18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।     19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा। इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। recent visitors 43