भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल, बनेगी ग्रेटर केपिटल सिटी

भोपाल  भोपाल को ग्रेटर केपिटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region)का नोडल एजेंसी बनाया है। इंदौर में भी आइडीए का यह जिमा सौंपा गया है। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल हैं। प्रमुख सचिव शहरी आवास एवं विकास संजय शुक्ला के अनुसार बीडीए कंसलटेंट तय कर आगामी प्लानिंग बनाएगा। यह उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ को मिलाकर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत अगले 14 महीने में पांचों जिलों का सर्वे करने के साथ रीजनल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्लान बनाया जाएगा। इस प्लान के आधार पर भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाया जाना है। बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह के कार्यालय में पांचों जिलों के कलेक्टर्स की मौजूदगी में बीडीए के सीईओ श्यामवीर सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें डीपीआर को लेकर बात रखी गई। आठ हजार वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र कवर होगा संभागायुक्त ने बताया कि पांच जिलों के आठ हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा और इसमें पांच जिले शामिल होंगे, जिसमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ शामिल किया गया है। इन जिलों को जोड़ने से महानगर की आबादी 35 लाख हो जाएगी। चार स्टेज में काम किया जाएगा। पहले चरण में टीम का गठन, सर्वे, बैठकें आयोजित कर अमलीजामा पहनाना, वर्कप्लान फाइनल करना, सभी विभागों का सर्वे अपने अपने एरिया में करना और विधानसभावार 18 विभागों का डेटा जुटाने का काम किया जाएगा, जबकि आखिरी स्टेज में इंजीनियरिंग, लागत अनुमान और वर्कप्लान की डीपीआर तैयार की जाएगी। दो जून को डीपीआर बनाने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके आधार पर टैंडर लेने वाली कंपनी को डीपीआर बनाने का काम सौंपा जाएगा। इस डीपीआर के लिए 18 विभागों से डेटा मांगा गया है। ये तहसील होंगी शामिल     भोपाल जिला : हुजूर, बैरसिया, कोलार     विदिशा जिला : विदिशा शहर, ग्यारसपुर, गुलाबगंज     रायसेन जिला : रायसेन, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज     सीहोर जिला : सीहोर शहर, आष्टा, इच्छावर, श्यामपुर, जावर     राजगढ़ जिला : राजगढ़, नरसिंहगढ़, पचोर ये भी होंगे काम     पांचों जिलों के गांव और शहरों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा     सड़कों को एक दूसरे से जोड़कर आवागमन आसान किया जाएगा     इन शहरों शुरू होगा उद्योगों का विकास     इन जिलों के पर्यटन क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा     सैटेलाइट से गांवों को चिह्नित किया जाएगा     कचरा डिस्पोजल और सीवेज सिस्टम भी डेवलप किया जाएगा ऐसे होगा काम ● सीहोर- भोपाल की प्लानिंग कर तालाब व कैचमेंट संरक्षण का काम होगा। ● मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को भोपाल से जोडकऱ काम किया जाएगा। ● अन्य जिलों में स्थित भोपाल के पास की वैश्विक धरोहरें सांची, भीमबैठका और अन्य पर भोपाल से काम तय हो जाएगा। ● मेट्रो का नेटवर्क भी पास के क्षेत्रों तक बढ़ाने की राह खुलेगी। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग मेट्रोपॉलिटन रीजन में सेटेलाइट टाउन बनाकर नए आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। अतिरिक्त आबादी को इसमें बसाया जाएगा। शहरी क्षेत्र की बजाय रीजन के रूरल एरिया में विशेष आवासीय क्षेत्र बनाकर लोगों को बसाएंगे और कार्यस्थल पर आवाजाही के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करेंगे। इतना ही नहीं, रीजन में नए टूरिस्ट सेंटर व सर्किट तय किए जाएंगे। इस तरह होगा विकास का खाका क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की योजना ग्रोथ सेंटर को चिन्हित करना सेटेलाइट टाउन के लिए क्षेत्र चिन्हित करना टूरिस्ट सेंटर व सर्किट भी तय होगा पर्यावरणीय विकास के लिए पूरा मैनेजमेंट तय करना बेहतर कृषि भूमि का संरक्षण प्लान कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान होगा, जिसमें रोड, प्राकृतिक नाले, जनसुविधाएं व सेवाओं के साथ रीजन के आर्थिक विकास का पूरा मैप रहेगा। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का प्राथमिक मैप तैयार है। बेहतर प्लान के साथ रीजन तय करेंगे। भोपाल का स्वरूप बदलेगा, विकास की संभावनाएं बढ़ेगी। – संजीव सिंह, संभागायुक्त व प्रशासक बीडीए एमपी में 9 शहरों को मिलाकर बनेंगे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, 6 संभागों का होगा डेवलपमेंट  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 5 जिलों की बदल जाएगी सूरत, जानिए कैसे मेगा रोड प्रोजेक्ट से 80 लाख को होगा फायदा  मध्य प्रदेश के पांच जिलों – भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में मेगा रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत, आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लोग 80 लाख की आबादी तक को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इन जिलों को भोपाल से बेहतर कनेक्ट करने के लिए सड़क नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है और कंसल्टेंट तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगले एक महीने में इन पांच जिलों से जुड़े रोड नेटवर्क का सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा। सीएम का ग्रेटर राजधानी की बात करना हाल ही में भोपाल में आयोजित आंबेडकर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृहद राजधानी के निर्माण की बात की थी। इस घोषणा के बाद से ही इस दिशा में कार्य शुरू हो गया था और अब वृहद राजधानी के रूप में भोपाल और आसपास के इलाकों … Read more

एमपी में प्री-पेड मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ, दरों में मिलेगी राहत, मोबाइल एप और एसएमएस के जरिए मिलेगा बिल

जबलपुर मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनियां अब स्मार्ट मीटर के बाद प्री-पेड मीटर की सुविधा देने जा रही हैं। सबसे पहले कंपनियां सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड मीटर बदलने पर जोर दे रही हैं। एक-दो माह में सबसे पहले सभी सरकारी कार्यालयों में लगे स्मार्ट मीटर को प्री-पेड सुविधा में बदला जाएगा। इसके बाद आम उपभोक्ताओं के मीटर बदलने का काम शुरू होगा। इस मीटर में मोबाइल बैलेंस की तरह ही बिजली जलाने से पहले अग्रिम राशि से रिचार्ज करना होगा। हर दिन बिजली की खपत के साथ ही बैलेंस भी कम होता जाएगा। उपभोक्ताओं को बैलेंस चेक करने की भी सुविधा होगी। 9.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं दरअसल, बिजली कंपनियां फिलहाल स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। प्रदेश के 21 जिलों में पूर्व वितरण कंपनी द्वारा 9.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर को ही प्री-पेड में बदला जा सकता है। ऐसे में, योजना बहुत जल्द उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर प्री-पेड मीटर में बदलने की है। उपभोक्ताओं को सुविधा देना चाहती है बिजली कंपनी एक अधिकारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर का पूरा डेटा मीटर डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (एमडीएम) में दर्ज होता है, जिसकी केंद्रीयकृत निगरानी की जाती है। बिजली कंपनी अब उपभोक्ताओं को यह सुविधा देना चाहती है कि वह मोबाइल की तरह ही प्री-पेड भुगतान कर बिजली का उपयोग करे। जबलपुर में घरेलू, गैरघरेलू, औद्यौगिक उपभोक्ताओं को चिह्नित कर उनके यहां स्मार्ट मीटर को प्री-पेड की तरह उपयोग कर आकलन किया जाएगा। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे 50 प्री-पेड मीटर उद्योग, गैरघरेलू और घरेलू उपभोक्ताओं के यहां लगाकर उनके परिणाम का आकलन शुरू कर दिया है। इसके परिणाम सकारात्मक मिल रहे हैं। एसएमएस और एप के जरिए प्रतिदिन की बिलिंग हो रही है। मोबाइल एप और एसएमएस के जरिए उपभोक्ता को बकाया राशि की जानकारी भी मिल रही है। भरोसा पैदा करना है उद्देश्य पहले चरण में 21 हजार मीटर लगाने की तैयारी है। अधिकारियों ने बताया कि संभाग स्तर से ब्लाक स्तर के सरकारी महकमें में यह मीटर लगाया जाना है। सरकारी भवनों में मीटर लगाने के पीछे एक उद्देश्य जनता में भरोसा पैदा करना भी है कि यह मीटर उपयोगी है। इसके अलावा बिजली कंपनी सरकारी विभाग खासतौर पर पुलिस स्टेशन, तहसील जैसे कार्यालय के बकाया बिल से परेशान है, उनकी वसूली में समय लगता है, जिस वजह से बिजली कंपनी को आर्थिक क्षति होती है ऐसे में कंपनी प्री पेड मीटर लगाकर पहले ही राशि लेना चाह रही है। हर दिन की खपत की मिलेगी जानकारी प्री-पेड उपभोक्ता को उसके मोबाइल नंबर, मेल और एप के जरिए मीटर से हो रही बिजली की खपत की जानकारी मिलेगी। कंपनी हर दिन का शेष राशि भी बताएगी और सूचना के जरिए अपडेट करेगी कि बिजली रिचार्ज की कब जरूरत होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल के रिचार्ज और उसके उपयोग जैसी होगी। इसके लिए न्यूनतम 100 रुपये से बिजली रिचार्ज होगी। इसके ऊपर उपभोक्ता स्वेच्छा से जरूरत के अनुसार राशि से बिजली रिचार्ज कर सकता है। ये मिलेगा लाभ प्री-पेड मीटर लगाने पर टैरिफ में 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की दर में राहत मिलती है। उपभोक्ता को अभी सालाना खपत का 45 दिन का औसत बिल के बराबर की राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा करनी होती है, यह राशि प्री-पेड मीटर में जमा करने की जरूरत नहीं होगी। recent visitors 38

प्रदेश सरकार ने एकीकृत टाउनशिप नीति को दी मंजूरी, जमीन मालिक स्वयं कर सकेंगे डेवलपमेंट

भोपाल अब भोपाल विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड जैसी सरकारी निर्माण एजेंसियों की भूमिका खत्म होने जा रही है। शहरी विकास एवं आवास विभाग की एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 के लागू होने से अब रियल एस्टेट विकास में निजी निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। बिल्डर्स किफायती आवास बनाएंगे।  राजधानी समेत अन्य शहरों में निजी रियल एस्टेट एजेंसियों बड़ी-बड़ी टाउनशिप विकसित करेंगी। नीति के तहत कम से कम 40 हेक्टेयर की नई आवासीय टाउनशिप निजी डेवलपर विकसित करेंगे। हालांकि, सडक़, बिजली, पानी और अन्य जरूरी अधोसंरचनाएं सरकार ही विकसित करेगी। इसके लिए राज्य व जिला स्तर पर तय कमेटी आवेदन मंजूर करेगी। ऐसे मिलेगा शहर को लाभ अब सरकार कॉलोनी तक इंफ्रास्ट्रक्चर देगी। भेल, बैरागढ़, करोद, कोलार में बड़ी टाउनशिप विकसित करने की योजना है। यहां 500 हेक्टेयर जमीन सीलिंग की खाली है। यहां सेटेलाइट टाउन बनेंगे। जमीन मालिक भी कर सकेंगे विकसित टाउनशिप में 18 मीटर व 30 मीटर चौड़ी सड़के होंगी। इनके आसपास ही कालोनियां विकसित होंगी। ताकि मुख्य मार्ग पर पहुंच आसान हो। लैंड पुलिंग में बदलाव किए हैं, जिसमें जमीन मालिक खुद टाउनशिप विकसित कर सकेंगे। ऐसे मिलेगी सुविधा राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण में सहायता करेगी। बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी और समय पर मंजूरी सुनिश्चित करेगी। नोडल एजेंसी एकल खिडक़ी मंजूरी प्राधिकरण के रूप में काम करेगी और विभिन्न विभागों से वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने में मदद करेगी। यह है पॉलिसी की खास बातें प्रदेश सरकार ने फरवरी 2025 में एकीकृत टाउनशिप नीति को मंजूरी दी थी। नियमानुसार नगरीय निकाय सीमा में 40 हेक्टेयर भूमि में टाउनशिप विकसित की जा सकेगी। अधिसूचित वन, जल निकाय, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य, रक्षा संपदा, छावनी बोर्ड, पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र, अधिसूचित खदान, खनन क्षेत्र, एसईजेड, वन्यजीव गलियारे और ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक स्थानों पर यह लागू नहीं होगी। recent visitors 55

मध्य प्रदेश के रायसेन में बनाए जाएंगे मेट्रो कोच, युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसर मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटा रायसेन जिला अब देश भर में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है. रायसेन का उमरिया गांव मेट्रो और रेल निर्माण का नया हब बनने जा रहा है. बेंगलुरु में डॉ. मोहन यादव ने उमरिया में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड कंपनी के नई इकाई के लिए 60.63 हेक्टेयर भूमि आवंटन की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कंपनी के चेयरमैन शांतनु रॉय को भूमि आवंटन पत्र सौंपा. अब कंपनी मध्य प्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी. भोपाल के बाद रायसेन दूसरा जिला होगा, जहां मेट्रो के कोच बनाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने इंटरेक्टिव सेशन के बाद कहा कि निवेशकों को मध्यप्रदेश में आमंत्रित करने आया था। मैंने निवेशकों से चर्चा की है। उसमें सन फॉर्मा से 3 हजार करोड़, एचईएसएस से 2 हजार करोड़, बीईएमएल 1800 करोड़, अरविंद मील 600 करोड़, अभिनाथ समूह लॉजिस्टिक 100 करोड़, नाइज गारमेंट का 385 करोड़, एचटीसीएल टेक्नोलॉजी का 50 करोड़ का निवेश मिला है। सब मिलाकर 8 हजार करोड़ का निवेश है। जिससे कुल 19 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मैंने सभी निवेशकों से कहा है कि आइए मध्यप्रदेश से भी जुड़िए। यहां उद्योग व्यापार की बड़ी संभावनाएं हैं। बीईएमएल को 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु में बीईएमएल को रायसेन जिले में रेलवे कोच के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि रायसेन में बीईएमएल की यूनिट खुलने से देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसर मिलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य सरकार ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। यहां 1800 करोड़ से रेलवे कोच यूनिट लगाई जाएगी। विश्वास पर खरी उतरेगी बीईएमएल मुख्यमंत्री का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमैन और एमडी शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। उन्होंने बताया कि बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवर लेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अन अटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणाली और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसलिए खास हैं ऐसे कोच नए रेलवे कोच की विशेषता ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया है। इस प्रणाली में पांच प्रमुख मॉड्यूल- रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं। रायसेन के गोहरगंज में प्लांट मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य के अधिकारी BEML को आधिकारिक आवंटन पत्र सौंपे। BEML ने गोहरगंज, रायसेन जिले में हाई-स्पीड रेल और मेट्रो कोच उत्पादन के लिए एक कारखाना स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। दरअसल, बेंगलुरु स्थित BEML विभिन्न प्रकार के भारी उपकरण जैसे अर्थमूविंग, परिवहन, रेलवे और खनन उपकरण बनाती है। BEML एशिया में अर्थ मूविंग उपकरणों का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। एमपी में वंदे भारत के भी कोच बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे अब मध्य प्रदेश में वंदे भारत कोच भी बनाएंगे, जैसे कि वे बेंगलुरु में 1,800 करोड़ रुपए के निवेश से बनाते हैं। BEML का यह कदम 'मेक इन इंडिया' अभियान को और मजबूत करेगा। इससे देश में ही आधुनिक परिवहन समाधानों का निर्माण होगा। साथ ही, यह क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में निवेशकों के साथ बातचीत की। उन्होंने मध्य प्रदेश में निवेश करने के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योगों के लिए बहुत अच्छा माहौल है। इन प्रणालियों की मदद से डिपो कंट्रोल सेंटर से ही रियल-टाइम प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस और रिमोट डाइग्नोसिस संभव होगा। इस मेट्रो कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए एर्गोनॉमिक इंटीरियर, डायनामिक रूट मैप्स, सीसीटीवी, डिजिटल फायर डिटेक्शन, एडवांस्ड एयरकंडिशनिंग सिस्टम और साइकिल स्टैंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। 2100 वें कोच को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना बेंगलुरु में सीएम मोहन ने बीईएमएल के संस्थान में पहुंचने के बाद सबसे पहले 2100वें कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यहां उन्होंने कोच के भीतर पहुंचकर स्थानीय कर्मचारियों का अभिवादन किया। इसके बाद बीईएमएल के सीएमडी शांतनु रॉय और अफसरों के साथ वहां की यूनिट का निरीक्षण भी किया। एक बार जो आता है वह एमपी का हो जाता है रेलवे कोच के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपने बाद बेंगलुरु में इंटरेक्टिव सेशन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी की जो औद्योगिक पॉलिसी बनी हुई है उसमें सुविधा देने का काम तेजी से हो रहा है। कलेक्टर जिलों में इसके लिए काम कर रहे हैं। निवेशक जो सुविधा चाहते हैं, वह बताएंगे तो हम उसमें बदलाव करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों का जो भी बकाया पुरानी सरकार के कार्यकाल में था, वह हमारी सरकार ने चुकाया है और इस तरह 5260 करोड़ रुपए इंसेंटिव के रूप में दिए गए हैं। सभी निवेशकों को साफ सुथरी वचन बद्धता के साथ मौका मिलना चाहिए। यह हमारी सरकार की कोशिश है। एक बार जो एमपी आता है वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। इसके लिए आप सबको निमंत्रण दे रहा है। पीएस ने दिए निवेशकों के सवालों के जवाब औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने निवेशकों द्वारा किए गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक नीति के बारे में जानकारी दी और सरकार द्वारा निवेश के लिए जो छूट दी जा रही है। इसके बारे में बताया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, राघवेंद्र सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी ने … Read more

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्राचीन और ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई, 832 पुरानी जल संरचनाओं पर काम

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्त्रोतों की साफ-सफाई के काम में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके परिणाम समाज के सामने आ रहे है। जल के महत्व को समझाने के लिये सांस्कृतिक गतिविधियों का सहारा लिया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में जन-प्रतिनिधियों ने पदयात्रा निकाल कर पानी के महत्व का संदेश जन-सामान्य को दिया गया। वाह्य नदी को बारहमासी नदी में बदलने के लिये पदयात्रा भोपाल जिले के बैरसिया में जल गंगा संवर्धन अभियान में वाहृय नदी स्थल का भूमि-पूजन किया गया और वाह्य नदी को बारहमासी नदी में बदलने के लिये बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के नेतृत्व में पद यात्रा शुरू की गई। यह यात्रा तहसील के विभिन्न ग्रामों से होती हुई खजुरिया रामदास पर समाप्त हुई। बैरसिया में जल स्त्रोतों को चिन्हित कर उनके संरक्षण कर कार्ययोजना तैयार कर संरक्षण का कार्य शुरू किया गया है। प्राचीन बावड़ी का चिन्हांकन भी किया गया है। उनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जन-सामान्य को जानकारी दी जाएगी। एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के रिचार्ज के प्रयास विदिशा जिले में एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के स्थायित्व और निरंतरता के लिए मनरेगा की योजनाओं के साथ अभिसरण कर रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक और राज्य स्तरीय भुजलविद ने जिले के चयनित गाँव का दौरा किया। ग्रामीणों को बताया गया कि वर्षा की हर बूंद को भूमि के अंदर संरक्षण करके रखना बहुत जरूरी है। ग्रामीणों को वर्षा के जल को रिचार्ज करने की विधि के बारे में बताया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि ग्राम के ढलान के अनुसार पानी को दिशा देकर 3-3 मीटर के फिल्टर के माध्यम से असफल नल-कूपों में पुनर्भरण किया जा सकता है। जागरूकता के लिये विशेष प्रयास सीहोर जिले में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण से संबंधित अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ सहित अनेकों गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के तहत जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। 832 पुरानी जल संरचनाओं पर काम ग्वालियर जिले की 263 ग्राम पंचायतों में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनायें तेजी से आकार ले रही हैं। कार्यों में तेजी आने से इस अभियान में जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जिले में कहीं पर खेत-तालाब, कहीं पर अमृत सरोवर तो कहीं पर पुराने कुँओं के पुनर्भरण के लिये संरचनायें बनाई जा रही हैं। साथ ही पिछले वर्षों की जल संरचनाओं को पूरा करने का काम भी अभियान के तहत हो रहा है। जिले की 263 ग्राम पंचायतों में वर्तमान में वर्षा जल सहेजने के लिये 1610 कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा 832 पुरानी जल संरचनाओं को पूरा करने का काम भी प्रमुखता से कराया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में जन भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जल संचय एवं उपयोग के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतों में 854 खेत-तालाब स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 794 खेत-तालाबों का काम शुरू हो चुका है। इसी तरह जिले में 903 पुराने कुँओं को रिचार्ज करने के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 810 कुँओं को रिचार्ज करने के लिये संरचनायें बनाने का काम जारी है। जिले में 6 अमृत सरोवर भी स्वीकृत किए गए हैं। जिले में बड़े पैमाने पर बनाई जा रहीं जल संरचनायें जल संरक्षण व संवर्धन का काम तो कर ही रही हैं, साथ ही मछली पालन व सिंघाड़ा उत्पादन जैसी व्यवसायिक गतिविधियों के माध्यम से किसानों की अतिरिक्त आय का साधन भी बनेंगी। खेत-तालाबों व अमृत सरोवरों के किनारे वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के काम भी किए जायेंगे। प्राचीन और ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई झाबुआ जिले के ग्राम भगोर की प्राचीन व ऐतिहासिक बावड़ी में श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महत्वाकांक्षी अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभिन्न जल स्रोत की साफ-सफाई का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में झाबुआ कलेक्टर सुनेहा मीना के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद ग्राम भगोर के केसरिया की प्राचीन ऐतिहासिक कसारा की बावड़ी में श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। जिला समन्वयक प्रेमसिंह चौहान ने बताया कि पूरी बावड़ी में पेड़ों के पत्ते बिखरे हुए थे और गंदगी पसरी हुई थी जिसे ग्राम पंचायत, विद्यार्थी, नवांकुर संस्था के सदस्यों द्वारा मिलकर सफाई की गयी। गौरतलब हैं की यह अति प्राचीन बावड़ी है जो की बड़े बड़े पत्थरों से बनी हुई है। इस बावड़ी में पुराने समय में लोग पानी तक पीते थे। परंतु आज पुरानी होने की वजह से कीचड़ व पत्तों से भर गई है। ग्रामवासियों ने मिलकर इसकी साफ-सफाई की। बावड़ी में पानी दिखाई देने लगा। श्रमदान कार्यक्रम में सभी को जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। प्राचीन सूरजकुंड बावड़ी की सफाई इंदौर जिले में जन अभियान परिषद के तत्वावधान में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत देपालपुर के प्रसिद्ध मंगलेश्वर मंदिर स्थित प्राचीन सूरजकुंड बावड़ी की सफाई का महाअभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में परिषद की प्रस्फुटन समितियों के सदस्य, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्र, नवांकुर तथा सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। सफाई अभियान के दौरान सूरजकुंड बावड़ी की गंदगी को हटाकर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। जिले के ग्रामीण अंचलों में तालाबों, नदियों एवं नालों की सफाई तथा गहरीकरण के कार्यक्रम श्रमदान के माध्यम से निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में मंगलेश्वर मंदिर परिसर स्थित सूरजकुंड बावड़ी पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा हुई और सभी प्रतिभागियों को जल बचाने … Read more

शुक्रवार 16 मई 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि (Aries) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: मेष राशि वालों के लिए कल का दिन अनुकूल रहेगा. काम में सफलता मिलेगी और गुप्त तरीकों से धन आने की संभावना भी रहेगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें और भोजन अच्छे से करें. लव पार्टनर के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे और दांपत्य जीवन में जीवनसाथी कार्यक्षेत्र में आपकी कोई बड़ी सहायता कर सकते हैं. पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा. अपनी माता से दिल की बात कहने का मौका मिलेगा. वृषभ राशि (Taurus) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: वृषभ राशि वालों के लिए कल का दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है. आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी, इसके लिए आपको धन का सही प्रबंधन करने की जरूरत है. कार्यस्थल पर आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे और साथियों का सहयोग भी मिलेगा. संतान की ओर से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. लव लाइफ के लिए कल का दिन बढ़िया रहेगा, पार्टनर से बातचीत करने से खुशी महसूस होगी लेकिन कुछ लोग आपके रिश्ते के विरुद्ध आवाज उठा सकते हैं, जिसको आपको समझदारी से डील करना होगा. मिथुन राशि (Gemini) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: मिथुन राशि वालों के लिए कल का दिन सामान्य फलदायक रहेगा. दांपत्य जीवन में तनाव के बीच प्यार की मीठी बातें भी होंगी, जिससे आपके रिश्ते में घनिष्ठता बढ़ेगी. लव लाइफ वालों के लिए कल का दिन काफी उत्तम है. कार्यक्षेत्र में लोगों के प्रयास और कड़ी मेहनत से कुछ अच्छा काम करके दिखाएंगे, जिससे आपकी तारीफ होगी. व्यापार के सिलसिले में दिन काफी बेहतर रहेगा. मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहेंगे. अपने विरोधियों को खुद पर हावी ना होने दें, इसके लिए जरूरी है कि पहले से तैयार रहें. कर्क राशि (Cancer) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: कर्क राशि वालों के लिए कल का दिन साधारण है. आपके महत्वपूर्ण काम बनते बनते बिगड़ सकते हैं क्योंकि आपका भाग्य कमजोर होगा. सभी से अच्छा बर्ताव करना जरूरी होगा नहीं तो स्थितियां हाथ से निकल सकती हैं. हर काम को सफल बनाने के लिए आपको अधिक मेहनत करनी होगी. प्रेम जीवन के लिए दिन कमजोर है. स्वास्थ्य भी थोड़ा कमजोर रह सकता है. काम से जी ना चुराएं और जहां आप काम करते हैं वहां सभी से मीठा बोलें. सिंह राशि (Leo) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: सिंह राशि वालों के लिए कल का दिन अच्छा रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा और आपके खर्चे भी नियंत्रण में रहेंगे. सुख सुविधा में दिन बिताएंगे. अपने लव पार्टनर के साथ वक्त बिताने का अच्छा अवसर मिलेगा. परिवार में किसी बड़े का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, जिसकी वजह से भागदौड़ करनी पड़ सकती है. काम के सिलसिले में आपको अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है. किसी महत्वपूर्ण काम का जिम्मा आपको दिया जा सकता है, जिससे समय पर पूरा करके देना बॉस की आंखों का तारा बना सकते हैं. कन्या राशि (Virgo) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: कन्या राशि वालों के लिए कल का दिन बहुत समझदारी से चलने का है. कार्यक्षेत्र में कल का दिन काफी अनुकूलता लेकर आएगा. आप काफी उत्साह वाले मूड में रहेंगे और कार्य में सफलता भी मिलेगी. अपने लव पार्टनर को साथ लेकर कहीं घूमने-फिरने या मूवी देखने जा सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आप अच्छा काम करेंगे लेकिन काम की वजह से ज्यादा समय ना दे पाने की वजह से पारिवारिक जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. परिवार में बुजुर्गों की सेहत पर ध्यान रखना जरूरी होगा. घर में किसी तरह का वाद-विवाद ना हो, इस बात का ध्यान रखें. तुला राशि (Libra) – 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: तुला राशि वालों के लिए कल का दिन आपके चेहरे पर मुस्कान लाने वाला होगा. आप ट्रेवलिंग पर जा सकते हैं, जहां आपको कुछ नए लोग मिलेंगे. पारिवारिक जीवन में खुशियां रहेंगी. मित्रों और रिश्तेदारों से मेलजोल बढ़ेगा. अपने साथ काम करने वालों से अच्छा व्यवहार कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाएगा. प्यार के मामले में दिन मिलाजुला रहने वाला है, लव पार्टनर का मूड कभी अच्छा तो कभी बिगड़ जाएगा, जिससे आप परेशान होंगे. दांपत्य जीवन में खुशी भरा दिन रहेगा और जीवनसाथी आपका कोई फायदा करा सकता है. वृश्चिक राशि (Libra)- 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: वृश्चिक राशि वालों के लिए कल का दिन अनुकूल रहेगा. कहीं से अटका हुआ पैसा वापस आ सकता है, जिससे आपको हिम्मत मिलेगी और कुछ नया काम शुरू करने की सोचेंगे. ससुराल से कोई खुशखबरी मिलेगी, जिससे आपका मन हर्षित होगा. क्रोध पर नियंत्रण रखेंगे तो जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ेंगे. कार्यक्षेत्र में स्थिति आपके पक्ष में रहेंगी और परिवार के छोटों से सुख मिलेगा. दांपत्य जीवन में दिन अनुकूल रहने वाला है और घरवाले आपसे मिलकर खुश हो सकते हैं. धनु राशि (Sagittarius)- 16 मई 2025 कुल मिलाकर दिन: धनु राशि वालों के लिए कल का दिन मानसिक तनाव लेकर आ सकता है. खर्चे बने रहेंगे लेकिन इनकम भी बढ़ती रहेगी. वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, दुर्घटना होने की आशंका बन रही है. पारिवारिक जीवन बेहतर रहेगा. दांपत्य जीवन में स्थितियां सुधरेंगी और आप एक दूसरे के निकट आएंगे. लव लाइफ में किसी वजह से कड़वाहट आ सकती है, पार्टनर का बर्ताव आपको पसंद नहीं आएगा और इससे आप दोनों के बीच दूरी आ सकती हैं. मकर राशि (Capricorn)- 16 मई 2025 कुल मिलकार दिन: मकर राशि वालों का दिन मध्यम फलदायी रहेगा. कामकाज की अधिकता की वजह से सेहत खराब हो सकती है, साथ ही मानसिक रूप से तनावग्रस्त भी रहेंगे. आपके खर्चे अधिक होंगे और इनकम उनकी अपेक्षा में थोड़ी कम होगी. जैसे जैसे दिन आगे बढ़ेगा, आपकी स्थिति सुधारने लगेगी. जमीन-जायदाद के मामले में लाभ मिलेगा लेकिन डॉक्यूमेंट्स भी चेक कर लें. कामकाज की स्थिति अच्छी रहेगी. शादीशुदा लोग गृहस्थ जीवन में अपने प्रिय का साथ पाकर प्रफुल्लित रहेंगे. कुंभ राशि (Aquarius)- 16 मई 2025 कुल मिलकार दिन: कुंभ राशि वालों के लिए कल का दिन बढ़िया रहने वाला है. काम में मजबूती महसूस करेंगे और अधिकारीगण आपसे खुश रहेंगे. दैनिक व्यापारियों की अच्छी इनकम भी होगी. व्यापार के सिलसिले में की गई यात्रा सफलता देंगी और व्यापारिक ऑर्डर भी मिलेगा. पारिवारिक जीवन में किसी बात से थोड़ी … Read more

भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर विरोध शुरू, किसान कर रहे उचित मुआवजे की मांग

दुर्ग जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। आज हनोदा सहित 5 गांवों के 200 से अधिक किसानों ने भारतमाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को रुकवाकर प्रदर्शन किया और भूमि का उचिव मुआवजा देने की मांग की। साथ ही अधिकारियों पर मुआवजा वितरण में भ्रष्ट्राचार के आरोप भी लगाए. लगभग 3 घंटे के प्रदर्शन के बाद विरोध कर रहे 17 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दरअसल भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिकृत किए गए भूमि के किसानों की मांग है कि उनकी भूमि का उचित मुआवजा उन्हें दिया जाए। उनका कहना है कि बड़ी जमीनों को हेक्टेयर और छोटी जमीनों को एकड़ के अनुसार मुआवजा दिया गया है. छोटी भूमि को वर्गफीट के अनुसार मुआवजा दिया गया है, जिनसे उन्हें कई गुना नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने भूमि खरीदी तब उसका बाजार मूल्य कुछ और था, लेकिन आज उन्हें उनकी भूमि का 10 प्रतिशत मुआवजा ही मिल पा रहा है। एक भू-स्वामी ने बताया कि उन्होंने 15 साल पहले जो भूमि खरीदी थी उसका आधा पैसा भी मुआवजे में उन्हें नहीं मिल पा रहा है। भारतमाला परियोजना में किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर कई किसानों ने कोर्ट में याचिका दायर की है. किसानों ने मांग की है कि उन्हें उनका उचित मुआवजा दिया जाए। मुआवजा वितरण को लेकर अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी किसानों ने लगाए हैं. बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट में दुर्ग जिले के दुर्ग और पाटन ब्लाक के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। भारतमाला परियोजना में मुआवजा वितरण का निर्धारण करने का अधिकार एसडीएम को था। उस दौरान मुकेश रावटे दुर्ग एसडीएम थे, जिनके यहां भी एसीबी की टीम ने छापा मारकर छानबीन की थी। recent visitors 65