बलरामपुर जिले में हुआ हादसा, बरातियों की बस 50 फीट नीचे गिरी, तीन की मौत, पांच दर्जन घायल, अंबिकापुर किया रेफर

अंबिकापुर बलरामपुर जिले के कुसमी-चांदो मार्ग के कंठी घाट पर गुरुवार दोपहर बरातियों से भरी बस लगभग 50 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई। दुर्घटना में तीन बरातियों की मौत हो गई, जबकि महिला-बच्चे समेत लगभग पांच दर्जन बराती घायल है। गंभीर रूप से घायल 10 बरातियों को जिला अस्पताल बलरामपुर में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल काॅलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। घटना से विवाह की खुशियां मातम में बदल गई है। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेलकोना निवासी गुंजन राम के बेटे सुनील की शादी गुरुवार को झारखंड के बरगढ़ में होनी थी। घर में खुशी का माहौल था। रिश्तेदारों के अलावा गांववाले और परिचितों को मिलाकर 70 से 80 लोग बतौर बराती हंसी खुशी बस में सवार होकर भंडरिया बरात जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान कुसमी – चांदो मार्ग पर निर्माणाधीन कंठी घाट के घुमावदार सड़क पर बस पर से चालक का नियंत्रण हट गया। बस लगभग 50 फीट ऊपर से लुढ़कते हुए खाई से नीचे दूसरे सड़क पर गिर गई। इस दौरान तीन-चार पेड़ भी उखड़ गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया। घटनास्थल का नजारा अत्यंत दुखदायी था।छोटे बच्चों के साथ महिलाएं और बुजर्ग तड़प रहे थे।सभी को तत्काल एंबुलेंस और अलग-अलग वाहनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांदो ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर में शिफ्ट किया गया। इधर बस में सवार महिला महंती कुजूर पति हेमंत (27) और मांदुर पिता सीताराम (18) की मौके पर मौत हो गई थी। दोनों बस के अंदर ही दब गए थे। पुलिस ने एक्सीवेटर की मदद से बस को उठाकर मृतकों के शवों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से बलरामपुर जिला अस्पताल पहुंचने के बाद ममेश बड़ा (12) की मौत हो गई। यह बालक राजपुर क्षेत्र के गोपालपुर से शादी में आया था। बलरामपुर जिला अस्पताल में सीएमएचओ डा बसंत सिंह के साथ चिकित्सकों का दल मुस्तैद रहा। 10 बरातियों की हालत गंभीर,मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिफ्ट बस दुर्घटना में 10 बरातियों को गंभीर चोट आई है। उन्हें जिला अस्पताल बलरामपुर से मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर शिफ्ट कर दिया गया है। शेष घायलों का उपचार बलरामपुर जिला अस्पताल में चल रहा है। इस भीषण बस हादसे की खबर मिलते ही बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा समेत प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने घायलों की समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। सीएमएचओ बसंत सिंह, सिविल सर्जन डाक्टर शशांक गुप्ता के साथ अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों ने घायलों का उपचार किया। दुर्घटना की खबर मिलते ही जिला अस्पताल को अलर्ट कर दिया गया था। वर्षों से चल रहा कंठी घाट पर सड़क निर्माण बलरामपुर जिले के कंठी घाट पर सड़क निर्माण कई वर्षों से चल रहा है लेकिन यह पूरा नहीं हुआ है। यहां सड़क घुमावदार और पहाड़ी पर है। कुसमी-सामरी क्षेत्र के लोगों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने का यह कम दूरी का रास्ता है। कंठी घाट पर सड़क खतरनाक है। पहाड़ी पर घुमावदार सड़क के ऊपरी हिस्से से ही बस नीचे गिरी। इस दौरान कई पेड़ भी धराशायी होते चले गए। बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।   recent visitors 52

विश्व बैंक की मदद से संचालित परियोजनाएं समय से पूरी हों : एमडी भोंडवे

भोपाल विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम, मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के आयुक्त सह प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे से भोपाल के पालिका भवन में सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान श्री भोंडवे ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि विश्व बैंक की सहायता से संचालित परियोजनाएं उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित की गई हैं और शेष निर्माण कार्य भी तीव्र गति से पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में संचालित योजनाओं को निश्चित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। विश्व बैंक की सहायता से मध्यप्रदेश में विभिन्न शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इनमें धरमपुरी, भेड़ाघाट और शाजापुर में सीवरेज परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है, जबकि छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना अंतिम चरण में है और शहडोल में यह कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके अलावा बुरहानपुर और खरगौन में जल प्रदाय परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और सेवढ़ा जल प्रदाय परियोजना पर कार्य तेजी से किया जा रहा है। बैठक में विश्व बैंक मिशन की ओर से श्री रघु केशवन, श्री रिद्धिमान साहा, सुश्री ज्योति नायर और श्री डी.एम. मोहन ने भाग लिया। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की ओर से प्रमुख अभियंता श्री आनंद सिंह और उप परियोजना संचालक (तकनीकी) श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने प्रतिनिधिमंडल को परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रदान की। मिशन के समन्वय की जिम्मेदारी तकनीकी अधिकारी श्री कमलेश भटनागर द्वारा निभाई गई।   recent visitors 52

गर्मियों में ऐसे रहे बीमारियों से दूर

गर्मी में दिल को त्वचा तक रक्त पहुंचाने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। ऐसे में तापमान के 42 डिग्री पर पहुंचने पर यह जरूरी हो जाता है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, फ्लू, चिकन पॉक्स और डायरिया से बचने के लिए सावधानी बरती जाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, गर्मियों में उम्रदराज लोगों, बच्चों और दिल के रोगियों, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बचाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्यास न भी लगे, तब भी पानी पीते रहना चाहिए। दिल के रोगियों को तीव्र गर्मी में घर के अंदर ही रहना चाहिए, क्योंकि गर्मी में दिल को त्वचा तक रक्त पहुंचाने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। ज्यादा मेहनत जानलेवा हो सकती है। जंक फूड और सड़क किनारे से कुछ खरीदकर न खाएं, क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है। कुछ आम बीमारियां: हीट स्ट्रोक गर्मी में ज्यादा देर काम करने से शरीर के ओवरहीट होने से होता है। ऐसे व्यक्ति का इमरजेंसी इलाज करना चाहिए, नहीं तो उसके कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं। लगातार तरल पदार्थ लेने, गर्मी से बचने, हवादार कपड़े पहनने से काफी राहत मिलती है। शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन होता है। ज्यादा व्ययाम, गंभीर डायरिया, उल्टी, बुखार या ज्यादा पसीना इसके आम कारण हैं। व्यायाम के वक्त पानी न पीना या गर्मी में वैसे भी डीहाइड्रेशन हो सकता है। छोटे बच्चों, उम्रदराज लोगों और पुरानी बीमारी वालों को ज्यादा खतरा है। इसलिए गर्मी में पानी पीते रहना जरूरी है। चिकनपॉक्स और मीजल्स भी गर्मी में होते हैं, क्योंकि तब इसके वायरस तेजी से फैलाते हैं। इसलिए सबको इसका वैक्सीनेशन लेना जरूरी है। मूत्र मार्ग में संक्रमण भी बच्चों और बड़ों की आम बीमारी है। औरतों को अक्सर पता नहीं चलता कि उनमें पानी की कमी हो रही है और पानी न पीने से संक्रमण होता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि गर्मी में भी पानी उबालकर पीना चाहिए, क्योंकिपानी की गुणवत्ता में कमी हो जाती है। पानी में अगर ऑर्सेनिक, जंग, कीटनाशक आदि मिला हो तो उसे पीने से डायरिया, हैजा, टायफायड वगैरह हो सकता है।   recent visitors 61

सरकार की बड़ी सौगात- जल्द ही डिलीवरी बॉय को भी मिलेगी पेंशन!, कंपनियां भी तैयार

नई दिल्ली जोमैटो, स्विगी, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम कर रहे लाखों डिलीवरी पार्टनर्स और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है। जल्द ही इन गिग वर्कर्स को भी पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो ओला, उबर और अमेजन सहित कई कंपनियों ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और इसे अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। कौन हैं गिग वर्कर्स? गिग वर्कर्स वो श्रमिक होते हैं जो किसी स्थायी नौकरी की बजाय अस्थायी या अनुबंध आधारित कार्य करते हैं। इनमें फ्रीलांसर, डिलीवरी एजेंट, कैब ड्राइवर, कंटेंट क्रिएटर, और कई ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर्स शामिल हैं। ये कर्मचारी "पे-पर-टास्क" मॉडल पर काम करते हैं और परंपरागत कर्मचारियों की तरह उन्हें पेंशन, मेडिकल या अन्य सुविधाएं नहीं मिलतीं। क्या है सरकार की योजना? सरकार की योजना के मुताबिक, इन अस्थायी कर्मचारियों के लिए एक पेंशन स्कीम लागू की जा सकती है, जिसमें कंपनियां EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) के माध्यम से एक तय राशि जमा करेंगी। गिग वर्कर्स के पास दो विकल्प होंगे—या तो वो खुद भी अंशदान करें या केवल कंपनी के अंशदान के आधार पर पेंशन प्राप्त करें। क्यों है यह जरूरी? देश में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि गिग वर्कर्स को भी पारंपरिक कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा दी जाए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस साल के आम बजट में गिग वर्कर्स के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य उनके डेटा को संकलित करना और उन्हें स्वास्थ्य बीमा, बीमा कवर और अब पेंशन जैसी सुविधाएं देना है। आगे क्या? अब यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने पर एक बड़ी श्रेणी के गिग वर्कर्स को पहली बार संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने लगेगा। अगर यह स्कीम लागू हो जाती है, तो यह भारत के श्रम बाजार में एक ऐतिहासिक कदम माना जाएगा।   recent visitors 44

सतना में गोवंश की हत्या, पेड़ से बांधकर कई अंग काटे, पुलिस के सामने ग्रामीणों ने आक्रोश जताया

सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में आने नौखड़ गांव में अज्ञात लोगों ने निर्ममता से पेड़ में बांधकर गौवंश का अंग-भंग कर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ग्रामीणों ने आक्रोश जताया है। सिंहपुर पुलिस ने गौवंश मालिक गोपाल की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।   पेड़ से बांधकर की हत्या गौपालक छोटे अहिरवार ने बताया कि उन्होंने अपनी गाय को घर से कुछ दूरी पर बांध दिया था। बुधवार की रात से सुबह छह बजे के बीच कुछ लोग गाय को वहां से ले गए। उसे दूर पेड़ में बांधकर गौवंश की निर्ममता से अंग-भंग कर हत्या कर दी। उसका किसी भी कोई विवाद भी नहीं है। क्षेत्र में तनाव का माहौल गौवंश के साथ इस प्रकार का अमानवीय कृत्य सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन चुकी है। जानकारी लगते ही ग्रामीणों ने गौवंश समाधि बनाने व आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर दी है। लोगों ने कहा कि पुलिस आरोपियों को जल्द पकड़े। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज सिंहपुर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौपालक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। रैगांव और सिंहपुर थाना पुलिस मिलकर मामले की जांच कर रही है। पशु चिकित्सक ने गौवंश का पीएम किया है। recent visitors 47

ऐसे पता लगाएं कहीं आपका फोन भी तो नहीं हो रहा है टैप?

स्मार्टफोन आज जिंदगी की जरूरत बन चुका है, गलती से कहीं छूट जाए तो ढ़ेरों बातें दिमाग में हलचल मचा देती है कि कहीं किसी ने चुरा तो नहीं लिया, कहीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया। वैसे भी टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि कोई चाहे तो वह न केवल आपकी बातें सुन सकता है बल्कि आपके मैसेजेस भी आसानी से पढ़ सकता है, इतना ही नहीं आपकी लोकेशन को जीपीएस के द्वारा मॉनिटर भी कर सकता है। यह सब काम आपका फोन टैप करके आसानी से किए जा सकते हैं। ऐसे में प्राइवेसी को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन पता कैसे चलेगा कि आपका फोन टैप हो रहा है? आपकी नजर में तो वह हमेशा आपके ही पास रहता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिनसे आप समझ जाएंगे कि कोई आपके फोन को टैप कर रहा है… -जब फोन इस्तेमाल न कर रहे हो तो सुनें अगर आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो फोन चुपचाप पड़े रहना चाहिए, लेकिन बिना यूज के भी अगर आप इसमें बीप, क्लिक या अन्य किसी प्रकार के शोर की आवाज सुन रहे हैं तो बहुत संभव है कि इसमें टैपिंग सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर इंस्टॉल किया गया है। -बैटरी के टेम्परेचर पर ध्यान दें बिना इस्तेमाल के भी अगर आपके फोन की बैटरी असाधारण तरीके से गर्म हो जाती है और आपको इसका कारण समझ नहीं आ रहा तो बहुत हद तक संभव है कि इसमे कोई टैपिंग सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में चल रहा है और आपके फोन की बैटरी का लगातार इस्तेमाल कर रहा है तभी वह इतना गर्म हो रही है। -फोन को बंद करने की कोशिश में देरी हो अगर फोन देर से बंद हो या फिर पूरी तरह न हो, यह अजीब व्यवहार संकेत देता है कि कोई आपके फोन को टैप करके कंट्रोल कर रहा है। -जब आपके सीक्रेट लीक हो जाए अगर आपने अपनी कोई निजी या सीक्रेट बात चंद विश्वसनीय लोगों को बताई है और अचानक उसी बात का हल्का सा जिक्र किसी के मुंह से सुन लें तो समझ लें कि आपका फोन टैप हो रहा है। जैसे-आप किसी ऊंची पोजिशन पर ऑफिस में हैं तो बहुत संभव है कि आपकी बातें छिपकर सुनी जाए ताकि आपको नीचे किया जा सकें। अगर आपको जानना है कि कोई विश्वासपात्र यह कर रहा है या नहीं तो उससे कोई झुठी बात कहिए और फिर देखिए क्या वह फैल जाती है, अगर हां तो समझ लीजिए कि फोन पर उससे डिस्कस की गई आपकी सीक्रेट बात सीक्रेट नहीं रही। -बैकग्राउंड के शोर को सुने अगर बात करते समय आप बैकग्राउंड में बहुत शोर सुने तो बहुत संभव है कि पीछे से आने सुनाई दे रहा यह शोर फोन टैप करने के कारण हो रहा है। -अपने फोन को अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के पास इस्तेमाल करें अगर आपको शक है कि आपका फोन टैप हो रहा है तो अपनी अगली कॉल आने पर रेडियो या टेलीविजन के पास जाए, अगर यहां फोन पर बात करते समय कुछ बाधा पैदा हो तो समझ लें कि फोन टैप हो रहा है। दरअसल कुछ बग्स या टैप एफएम रेडियो के पास फ्रीकवेंसी का इस्तेमाल करते हैं। -ध्यान दें कि फोन कितना जल्दी चार्ज करना पड़ता है अगर फोन की बैटरी लाइफ बिना किसी कारण के अचानक कम होने लगी है, इसे जल्दी-जल्दी चार्ज करना पड़ता है तो हो सकता है कि टैपिंग सॉफ्टवेयर बैटरी की खपत कर रहा है क्योंकि वह बैकग्राउंड में लगातार चल रहा है।   recent visitors 77

पाक के साथ टेंशन के बीच चीन का एक जासूसी जहाज़ भारत के समुद्री क्षेत्र के पास पहुंचा, जानकारी इकट्ठा करना उद्देश्य

बीजिंग भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल में चीन का एक जासूसी जहाज़ 'दा यांग यी हाओ' भारत के समुद्री क्षेत्र के पास पहुंच रहा है। यह जानकारी ओपन-सोर्स खुफिया विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने दी है। इस जहाज़ को चीन "वैज्ञानिक अनुसंधान पोत" बताता है, लेकिन भारत और अन्य देशों का मानना है कि इसका असली उद्देश्य खुफिया जानकारी इकट्ठा करना  है। यह जहाज़ समुद्र की सतह को स्कैन करने,  मिसाइल टेस्ट ट्रैक करने और पनडुब्बियों की गतिविधियों की निगरानी  करने में सक्षम है। इसकी गतिविधियाँ अक्सर सामान्य वैज्ञानिक अभियानों की आड़ में की जाती हैं। कहां से आया यह जहाज़? डेमियन साइमन द्वारा साझा किए गए नक्शे के अनुसार, यह जहाज़ मलक्का जलडमरूमध्य  से होकर भारत के दक्षिण में श्रीलंका के पास  पहुंच रहा है।इस तरह के जहाज़ आमतौर पर भारत के मिसाइल परीक्षणों और समुद्री सैन्य गतिविधियों के दौरान आसपास देखे जाते हैं।   वैज्ञानिक जहाज़ या जासूस? पिछले साल भी 'Xiang Yang Hong 01' नामक एक अन्य चीनी जासूसी जहाज़ भारत के अग्नि-5 मिसाइल परीक्षण** के समय क्षेत्र में देखा गया था।इसके अलावा, कुछ जहाज़ भारतीय पनडुब्बियों की ध्वनि पहचानने और ITR परीक्षण स्थल (एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप) पर हो रही गतिविधियों की निगरानी करते पाए गए हैं। यह जानकारी बाद में  चीनी उपग्रहों को भेजी जाती है जिससे वह विस्तृत जासूसी कर सकें। अंडरवाटर निगरानी भारत के लिए  खतरे की घंटी इन जहाज़ों में मौजूद मानवरहित जल-नीचे वाहनों (UUVs)  के ज़रिए समुद्र के भीतर मौजूद रक्षा तंत्र,  सी माइंस** और अन्य सैन्य ढांचों  की भी निगरानी की जाती है। साल 2021 में एक और चीनी जहाज़ 'Da Yang Hao' को  पलाऊ के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में बिना अनुमति घुसने पर रोका गया था। उस समय रिपोर्ट में कहा गया था कि वह क्षेत्र भविष्य के पनडुब्बी युद्ध संचालन  के लिहाज़ से रणनीतिक रूप से अहम है। भारत के पड़ोस में चीन के इस तरह के जहाज़ों की मौजूदगी सिर्फ वैज्ञानिक उद्देश्य नहीं, बल्कि  सैन्य जासूसी  और  रणनीतिक निगरानी का हिस्सा मानी जा रही है। यह भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। recent visitors 55