नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि मिली

नई दिल्ली ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गई है। नीरज चोपड़ा भाला फेंक में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं नीरज टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए जेवेलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। अब उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया है। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने थे। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया था। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता था। नीरज चोपड़ा इससे पहले आर्मी में सूबेदार के पद पर थे। चोपड़ा की वजह से जैवलिन थ्रो को लोग भारत में जानने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद से ही वह लाइमलाइट में आ गए थे। उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी सिल्वर मेडल जीता था। नीरज चोपड़ा बेंगलुरू में अगले हफ्ते प्रस्तावित एनसी क्लासिक के स्थगित होने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में 71वें ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। दोहरे ओलंपिक पदक विजेता नीरज को एनसी क्लासिक में विश्व भर और भारत के कुछ अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेना था और उन्हें 24 मई को इस प्रतियोगिता की मेजबानी भी करनी थी लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। चोरजोव में नीरज को दो बार के विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और पोलैंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मार्सिन क्रुकोवस्की के अलावा साइप्रियन मर्जिग्लोड और डेविड वेगनर जैसे स्थानीय खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा। पोलैंड में होने वाली यह प्रतियोगिता नीरज के लिए सत्र का तीसरा टूर्नामेंट होगा। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में की और अब 16 मई को दोहा डाइमंड लीग में हिस्सा लेंगे जहां उन्होंने 2023 (88.67 मीटर) में खिताब जीता और 2024 (88.36 मीटर) में दूसरे स्थान पर रहे। दोहा में भी नीरज को पीटर्स की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पीटर्स को एनसी क्लासिक में भी 2016 के ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के थॉमस रोहलर और 2015 के विश्व चैंपियन कीनिया के जूलियस येगो के साथ हिस्सा लेना था। recent visitors 44

घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस टास्क फोर्स का गठन, अब तक 128 संदिग्धों की पहचान, 9 हिरासत में

कवर्धा भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र कबीरधाम जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है। जिला पुलिस ने सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक विशेष ‘पुलिस टास्क फोर्स’ का गठन किया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए जगह-जगह अभियान चला रही है। बता दें कि टास्क फोर्स की ताजा कार्रवाई में 6 उत्तर प्रदेश और 3 अन्य जिलों के कुल 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान इनके पास वैध पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके चलते इनके खिलाफ धारा 128 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। एडिशनल एसपी पुष्पेन्द्र बघेल के नेतृत्व में गठित इस टीम में डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, कोतवाली प्रभारी, दो टीआई और 50 से अधिक पुलिस जवान शामिल हैं। टीम ने मंगलवार को आदर्श नगर, कसाई पारा, अटल आवास, समनापुर और हरिनछपारा गांव में सघन और अचानक चेकिंग अभियान चलाया। एएसपी बघेल ने बताया कि यह विशेष टीम बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों की अवैध घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से गठित की गई है। अब तक जिले में 128 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, मकान मालिकों से कहा गया है कि वे किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान समय रहते की जा सके। recent visitors 33

भारतीय सेना के सम्मान में कांग्रेस ने किया मंत्री विजय शाह का पुतला दहन

कोंडागांव भारतीय सेना और उनके सम्मान को लेकर एक बार फिर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. मध्यप्रदेश केबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने तीखा रुख अपनाया है. इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने के निर्देश दिए, जिसके तहत कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया और मंत्री विजय शाह का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारतीय सेना देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की संस्था है, और उसके किसी भी अधिकारी के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल न केवल अस्वीकार्य है बल्कि राष्ट्र की अस्मिता पर हमला है. मंत्री विजय शाह की टिप्पणी को सेना के गौरव के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर नारेबाजी की और उनका पुतला जलाकर विरोध जताया. कोंडागांव जिला कांग्रेस अध्यक्ष बुधराम नेताम ने इस मौके पर कहा, “हम सेना और उसके जवानों के सम्मान के लिए कोई भी कदम उठाने को तैयार हैं. मंत्री विजय शाह की टिप्पणी केवल कर्नल सोमिया का ही नहीं, बल्कि समस्त भारतीय सेना का अपमान है. जब तक वे सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, हमारा विरोध जारी रहेगा.” प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI और अन्य प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता भी भारी संख्या में उपस्थित रहे. उन्होंने एक स्वर में कहा कि भारतीय सेना को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए और जो नेता इस तरह की बयानबाजी करते हैं, उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले में संज्ञान ले और मंत्री विजय शाह को उनके पद से हटाया जाए. यदि ऐसा नहीं किया गया तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे रही है. recent visitors 29

कार और बाइक में टक्कर, पत्नी के आंखों के सामने पति ने तोड़ा दम

कोरबा छत्तीसगढ़ में रोजाना सड़क हादसों में लोग जान गंवा रहे हैं. कड़े नियमों के बाद भी रफ्तार का कहर नहीं थम रहा है. बुधवार को कोरबा में तेज रफ्तार कार और बाइक में जोरदार भिड़ंत हो गई. बाइक पर पति-पत्नी सवार होकर जा रहे थे. हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हुई है. भिड़ंत के बाद घटनास्थल पर राहगीरों की भीड़ लग गई. जानकारी के मुताबिक, घटना कटघोरा थाना के लखनपुर गांव की है. बुधवार सुबह दंपति विजयपुर गांव से बाइक पर सवार होकर जा रहे थे. इसी दौरान डस्टर कार और बाइक के बीच टक्कर हो गई. बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के बीच में जा गिरी. सड़क खून से सन गई. दर्दनाक हादसे में महिला के आंखों के सामने ही पति ने दम तोड़ दिया. हादसे के बाद राहगीरों की भीड़ लग गई. कार सवार डस्टर चालक को आई मामूली चोटें आई है. सूचना के बाद मौके पर पहुंची डायल 112 की मदद से घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा लाया गया है. फिलाहल महिला का इलाज जारी है. recent visitors 39

बांस पर निर्भर बांसवार जाति के लोगों को नहीं मिल रहा बांस, मुआवजे की मांग

महासमुंद महासमुंद जिले की पारंपरिक रूप से बांस पर निर्भर बांसवार जाति के लोगों को पिछले 10 वर्षों से बांस नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका रोजगार ठप पड़ गया है. सूपा, टोकरी, टोकरा और अन्य फैंसी सामान बनाकर जीवनयापन करने वाले इन परिवारों के सामने आज भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है. शासन के नियमानुसार, जिन बांसवार परिवारों के पास बांस कार्ड है, उन्हें वन विभाग की ओर से हर वर्ष 1500 बांस सस्ते दर पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए. लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें न तो बांस मिल रहा है और न ही मुआवजा. मजबूरी में अब ये लोग दिहाड़ी मजदूरी करने को विवश हैं. वन विभाग और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे ग्रामीण लगभग 30 परिवार महासमुंद जिला मुख्यालय के पास स्थित ग्राम खैरा में रहते हैं. इनका कहना है कि वे बीते 10 वर्षों से वन विभाग कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा. जब भी बांस डिपो में आता है, वह इतना पतला होता है कि किसी काम का नहीं होता. पीड़ितों ने सुनाई आपबीती बंसत कुमार कंडरा, एक परेशान बांसवार ने कहा कि “हमारे पास हुनर है, लेकिन कच्चा माल नहीं. दस साल से हम परेशान हैं. कोई सुनवाई नहीं हो रही.” नंदिनी कंडरा ने बताया कि “महिला समूह भी काम नहीं कर पा रहा है, बच्चे भूखे हैं. बांस न मिलने से हमारा पूरा जीवन रुक गया है.” बांस उपलब्ध नहीं : वन विभाग महासमुंद डीएफओ वेंकटेश एम.जी. ने कहा कि “फिलहाल बांस की उपलब्धता जिले में नहीं है. हमने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है. रायपुर और धमतरी जैसे आसपास के जिलों से बांस मंगवाने की कोशिश की जा रही है.” बांसवार जाति के लोगों की यह समस्या केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण से भी जुड़ी हुई है. शासन और वन विभाग को इस पर शीघ्र संज्ञान लेकर बांस उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवहारिक कदम उठाने होंगे, ताकि इन परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके. recent visitors 34

सुमित्रा महाजन द्वारा सागर लखार का स्वागत किया

इंदौर पूर्व लोकसभा स्पीकर ओर इंदौर में लगातार आठ बार की सांसद आदरणीय सुमित्रा महाजन ताई द्वारा सावरकर मंडल विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 के सागर लखार को मीडिया प्रभारी नियुक्त होने पर बधाईयां दी,श्रीराम जी का भगवा दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया।ओर मिठाईयां खिलाकर मुंह मीठा करवाया।साथ ही पार्टी के साथ अपने कर्म के प्रति सजग और निस्वार्थ कार्य करने की प्रेरणा दी।स्वागत होने पर वीर सावरकर मंडल अध्यक्ष नितेश जैन ने बधाइयां दी। इस उपलक्ष्य पर अंतराष्ट्रीय अवॉर्डी सुनील ठाकुर,संजू मीणा,प्रदीप नायक राहुल चौहान उपस्थित हुए। recent visitors 25

अभी ख़त्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिन्दूर, फिर से अटैक कर सकते है पीएम मोदी, अब भी डर: इमरान खान

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान जेल में बंद हैं, लेकिन भारत से तनाव पर उनकी पूरी नजर है। इमरान खान से जेल में मुलाकात करने उनकी बहनें पहुंची थीं। उन्होंने मीटिंग के बाद बताया कि इमरान खान को डर है कि भारत ने भले ही सीजफायर स्वीकार कर लिया है, लेकिन अब भी हमला हो सकता है। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि भाई को इस बात की चिंता है कि अब भी भारत अटैक कर सकता है। उन्होंने पाकिस्तान की सेना और सरकार से अलर्ट रहने को कहा है। जेल प्रशासन की तरफ से इमरान खान की बहनों को 8 सप्ताह के बाद मिलने की परमिशन दी गई थी। पाकिस्तानी अखबार के अनुसार अलीमा ने इमरान से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'उन्होंने कहा कि भारत की तरफ से अब भी अटैक हो सकता है। इमरान खान ने कहा कि नरेंद्र मोदी पाकिस्तान से नफरत करते हैं और गुस्से में फिर से कोई अटैक कर सकते हैं।' इमरान खान के हवाले से अलीमा ने कहा कि जंग में 60 फीसदी जंग तो मानसिक ही होती है। मुझे डर है कि नरेंद्र मोदी फिर से अटैक कर सकते हैं। अलीमा ने कहा कि इमरान खान ने देश की चिंताओं पर बात की। इमरान खान की ओर से इस दौरान मिलिट्री कोर्ट में चल रहे मुकदमों को लेकर भी बात की। दरअसल इमरान खान 9 मई, 2023 से ही जेल में बंद हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए थे और उनके समर्थकों ने सेना के प्रतिष्ठानों पर भी हमले बोले थे। इन ठिकानों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल रहे हैं। इमरान खान ने कहा कि इन मामलों के विरोध में उनके समर्थकों को सड़कों पर उतर जाना चाहिए। दरअसल पिछले सप्ताह पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सेना को पावर दी है कि आम नागरिकों के खिलाफ भी मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल सकते हैं। इसके बाद से ही चर्चा है कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर को बहुत ज्यादा ताकत मिल गई है। इससे इमरान खान के समर्थकों पर सख्त ऐक्शन के कयास तेज हो गए हैं। माना जाता है कि इमरान खान को जेल भेजने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने का इनाम ही आसिम मुनीर को मिला है।   recent visitors 37