मध्यप्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल ने MPESB की पहली शिफ्ट की परीक्षा की कैंसिल, छात्रों में आक्रोश

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। जहां गुरुवार को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की पहली शिफ्ट की परीक्षा कैंसिल हो गई है। सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजे तक परीक्षा होनी थी। मगर, अचानक से परीक्षा कैंसिल कर दी गई। सुबह 9 बजे लेकर 12 बजे तक होनी थी। जिसमें छात्रों की एंट्री 8 बजे की करा ली गई थी। छात्रों के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लेकर प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई, लेकिन ढाई घंटे बाद परीक्षर्थियों को जानकारी दी गई कि उनका एग्जाम कैंसिल हो गया है। यह सिर्फ एक सेंटर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में हुआ है। पत्रिका से बातचीत में परीक्षार्थी अमर राज ने बताया कि 197 पदों पर भर्ती निकाली गई थी और 28 पद बाद में कैंसिल कर दिए गए थे। सुबह की शिफ्ट में 9 बजे से लेकर 12 बजे तक पेपर होना था। गेट क्लोजिंग टाइम 8 बजे था। हम लोगों को 8 बजे से लेकर 11 बजे तक सेंटर के अंदर बैठाया गया। ढाई घंटे बैठने के बावजूद जब आधे घंटे का समय बचा था। तब वहां से हमें कहा गया कि आप लोगों का पेपर रद्द हो चुका है। ये पेपर एमपीईएसबी के द्वारा बाद में कराया जाएगा। साथ ही हमें बताया कि एमपीईएसबी के प्रदेश में सारी पहली शिफ्ट की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। recent visitors 57

राजस्थान हाईकोर्ट में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर सुनवाई

जयपुर विवादित सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर आज राजस्थान हाईकोर्ट में बेहत महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। भर्ती परीक्षा रद्द होगी या नहीं इसे लेकर आज कोई बड़ा फैसला आने की संभावना है। पिछले दिनों हाईकोर्ट इस मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिए थे कि वह अगली सुनवाई तक अपना जवाब पेश कर दे कि भर्ती परीक्षा रद्द होगी अथवा नहीं। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि सरकार निर्णय नहीं करती है तो हाईकोर्ट इस बारे में फैसला देगा। इधर, सरकार ने पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट को बताया था कि 13 मई को एसआई भर्ती को लेकर कैबिनेट सब कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। लेकिन 13 मई को बुलाई गई बैठक में सिर्फ अध्यक्ष जोगाराम पटेल और सदस्य मंजू वाघमार ही उपस्थित रहे। शेष सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो पाए। इसके लिए अगली बैठक 21 मई को प्रस्तावित कर दी गई। जबकि हाईकोर्ट ने 15 तक की डेडलाइन दे रखी है। पिछली सुनवाई में सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट को बताया था कि 21 फरवरी को जारी कोर्ट के निर्देशों की पालना में अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया। फरवरी में कोर्ट ने सरकार को कार्रवाई के लिए 2 महीने का समय दिया था। इसके बाद हुई सुनवाई में सरकारी पक्ष ने 13 मई को सब कमेटी की बैठक का हवाला देते हुए समय मांगा। हालांकि जस्टिस समीर जैन ने सरकार को 15 मई का समय देते हुए यह चेतावनी दी थी कि तय समय के अंदर सरकार कोई निर्णय नहीं करती है तो हाईकोर्ट इस बारे में अपना फैसला सुना देगा। recent visitors 53

भोपाल की 25वीं बटालियन में मॉक ड्रिल के दौरान एक हैंड ग्रेनेड फटने से दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल

  भोपाल राजधानी भोपाल की 25वीं बटालियन में गुरुवार को मॉक ड्रिल के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। सुरक्षा अभ्यास के दौरान एक हैंड ग्रेनेड अचानक फट गया, जिससे दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में प्रधान आरक्षक विशाल सिंह और आरक्षक संतोष कुमार शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार, विशाल सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दोनों घायल जवानों का उपचार चूनाभट्टी स्थित बंसल अस्पताल में चल रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान हादसा कैसे हुआ?     हाल ही में पाकिस्तान द्वारा किए गए सीमापार हमलों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए प्रदेश में लगातार मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है। इसी श्रृंखला में भोपाल की 25वीं बटालियन में सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया था। अभ्यास के दौरान अचानक एक हैंड ग्रेनेड फट गया, जिससे प्रधान आरक्षक विशाल सिंह और आरक्षक संतोष कुमार को गंभीर चोटें आईं। विस्फोट की तेज आवाज ने आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। घायल जवानों की स्थिति घायलों को तुरंत बंसल अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि विशाल सिंह की हालत नाजुक है और वे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हैं। संतोष कुमार की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। दोनों घायल जवानों का उपचार जारी है और अस्पताल प्रशासन उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। जांच के आदेश जारी इस गंभीर घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले की पूरी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय इंक्वायरी कमेटी गठित की जा सकती है, जो मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई चूक की पूरी विवेचना करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा नियम बनाए जाएंगे। मॉक ड्रिल क्यों होती है? मॉक ड्रिल (Mock Drill) सुरक्षा बलों के लिए एक आवश्यक अभ्यास होता है, जिसका उद्देश्य जवानों को वास्तविक स्थिति के लिए तैयार करना होता है। यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और सामरिक कौशल को निखारने के लिए आयोजित किया जाता है। प्रदेशभर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के चलते मॉक ड्रिल का महत्व और भी बढ़ गया है। recent visitors 42

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और अन्य चालक दल की अंतरिक्ष यात्रा स्थगित, मिशन को 29 मई को प्रक्षेपित किया जाना था

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य चालक दल के सदस्यों द्वारा संचालित अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम-4 मिशन में देरी हो गई है और अब इसे 8 जून को शाम 6:41 बजे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा. पहले इस मिशन को 29 मई को प्रक्षेपित किया जाना था. इसकी घोषणा अमेरिका स्थित वाणिज्यिक मानव अंतरिक्ष उड़ान फर्म Axiom Space और NASA द्वारा की गई. NASA ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि "@Space_Station की उड़ान अनुसूची की समीक्षा करने के बाद, NASA और उसके साझेदार कई आगामी मिशनों के लिए लॉन्च के अवसरों को बदल रहे हैं. नए लक्षित नो-अर्लिअर-देन-लॉन्च अवसर, परिचालन तत्परता के अधीन, ये हैं: Axiom Mission 4: 9:11 पूर्वाह्न EDT, रविवार, 8 जून." SpaceX के ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा, 1984 में रूस के सोयूज अंतरिक्ष यान पर सवार राकेश शर्मा की प्रतिष्ठित अंतरिक्ष उड़ान के चार दशक बाद हो रही है. शुक्ला के अलावा, एक्स-4 चालक दल में पोलैंड और हंगरी के सदस्य भी शामिल हैं, जो इतिहास में प्रत्येक देश का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए पहला मिशन है और 40 वर्षों में दूसरा सरकार प्रायोजित मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है. शुक्ला अंतरिक्ष में सात प्रयोग करेंगे, जिनका उद्देश्य भारत में सूक्ष्मगुरुत्व अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है. भारत की आशा है कि वह 2035 तक अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाएगा और 2047 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजेगा. इसरो ने आईएसएस पर प्रयोग करने के लिए भारत-केंद्रित भोजन पर ध्यान केंद्रित करने की योजना तैयार की है, जिसमें सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में मेथी और मूंग को अंकुरित करना भी शामिल है. एक्सिओम-4 (एक्स-4) मिशन में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) परियोजना के अंतरिक्ष यात्री स्लावोज़ उज़्नान्स्की भी शामिल होंगे, जो 1978 के बाद से दूसरे पोलिश अंतरिक्ष यात्री होंगे. टिबोर कापू 1980 के बाद से दूसरे राष्ट्रीय हंगरी अंतरिक्ष यात्री होंगे. पैगी व्हिटसन अपने दूसरे वाणिज्यिक मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन का नेतृत्व करेंगी, जो किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने के उनके मौजूदा रिकॉर्ड में शामिल होगा. एक्स-4 चालक दल स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्षयान पर सवार होकर अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होगा तथा परिक्रमारत प्रयोगशाला में 14 दिन तक का समय व्यतीत करेगा. Ax-4 मिशन का दल और उद्देश्य Ax-4 मिशन में चार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। शुक्ला के साथ इस मिशन में अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन (कमांडर), पोलैंड के स्लावोस उज्नांस्की-विस्निव्स्की और हंगरी के तिबोर कपु शामिल होंगे। यह टीम स्पेसएक्स के ड्रैगन यान में फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में जाएगी और लगभग 14 दिनों तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेगी। इस दौरान वैज्ञानिक रिसर्च, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और शैक्षणिक/सार्वजनिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां की जाएंगी। भारत के ‘गगनयान’ मिशन से जुड़े प्रयोग भी होंगे शुभांशु शुक्ला इस मिशन के दौरान भारत के आगामी ‘गगनयान’ मानव अंतरिक्ष मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रयोग भी करेंगे। इनमें मांसपेशियों की क्षति, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में शरीर का अनुकूलन और अंतरिक्ष में जैविक खेती जैसे विषयों पर अध्ययन शामिल हैं। कौन हैं शुभांशु शुक्ला? लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर 1985 को जन्मे शुक्ला भारतीय वायु सेना के एक अनुभवी टेस्ट पायलट हैं, जिन्होंने सु-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एन-32 जैसे विमानों पर 2,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव हासिल किया है। 2019 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण के लिए चुने गए शुक्ला ने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया। वे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान (2026 में प्रस्तावित) के लिए भी प्रमुख अंतरिक्ष यात्री हैं। उनका यह मिशन भारत की वैश्विक मानव अंतरिक्ष उड़ान में सक्रिय भागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ISRO और Axiom Space का भरोसा हालांकि लॉन्च में कुछ दिन की देरी हुई है, लेकिन ISRO और Axiom Space दोनों ने मिशन की विश्वसनीयता और तैयारियों पर पूर्ण विश्वास जताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी देरी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और मिशन की सफलता में कोई बाधा नहीं बनेगी। recent visitors 47

शशांक सिंह का ‘इंडिगो एयरलाइंस’ पर फूटा गुस्सा, IPL बहाल होने से पहले हो गया खेला, ऐसे निकाली भड़ास

नई दिल्ली 17 मई से IPL बहाल होने वाला है, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते BCCI ने टूर्नामेंट को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया था। ऐसे में नए शेड्यूल के अनुसार खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के साथ तय वेन्यू पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में पंजाब किंग्स के बल्लेबाज शशांक सिंह के साथ खेला हो गया। दरअसल, पंजाब किंग्स का 18 मई को मैच राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जयपुर में है। टीम इस मैच के लिए वहां पहुंच गई है। हालांकि शाशांक सिंह के साथ खेला यह हुआ कि वह तो जयपुर पहुंच गए मगर उनका सामान जयपुर की जगह बेंगलुरु पहुंच गया। यह गलती एयरलाइंस से हुई जिसकी वजह से वह भड़क गए। शशांक सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपना गुस्सा निकलते हुए लिखा, “बहुत बढ़िया @indigo.6e! हमारे देश की सबसे खराब एयरलाइन्स में से एक। मेरा सामान जयपुर पहुंचना था और फिलहाल वह बैंगलोर में है। मुझे नहीं पता कि वे इतनी चालाकी से काम कैसे कर सकते हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “जब बात कम्युनिकेशन की आती है तो मैनेजमेंट बिल्कुल खराब है और बेशक जब अहंकार की बात आती है तो वे अव्वल दर्जे के हैं। साथ ही, जयपुर इंडिगो के कर्मचारी संपर्क से बाहर हो गए हैं। वे न तो मेरी कॉल रिसीव कर रहे हैं और न ही मुझे मेरे सामान की स्थिति के बारे में बता रहे हैं। मुझे हैरानी है कि ऐसी अक्षमता कैसे कायम रहती है!” पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 प्लेऑफ के बेहद नजदीक है। अभी तक टीम ने खेले 11 में से 7 मैच जीते हैं और 15 पॉइंट्स के साथ पंजाब तीसरे पायदान पर हैं। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका जो मैच रद्द हुआ था उसे रिशेड्यूल किया गया है। ऐसे में उनके पास अभी भी प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के साथ-साथ टॉप-2 में जगह बनाने का मौका है। recent visitors 55

प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक लागत की दस परियोजनाओं को इस साल 31 दिसंबर के पहले पूरा करना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को विधानसभा के आगामी चुनाव के पहले पूरा कराने पर सरकार फोकस करके काम करेगी। इसको लेकर मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के अफसरों ने परियोजनाओं का रिव्यू करना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- जितनी भी सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं, उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। वन भूमि के दायरे में आने वाली परियोजनाओं में जहां वन विभाग की परमिशन जरूरी है वहां अपर मुख्य सचिव वन के साथ कोआर्डिनेशन कर समस्या का निदान किया जाए। जिन प्रोजेक्ट्स के निर्माण में देरी हुई है उसकी समीक्षा कर कारण पता किए जाएं। इस साल पूरी होने वाली परियोजनाओं को समय पर पूर्ण किया जाए। इस साल दस परियोजनाओं का काम होगा पूरा प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक लागत की दस परियोजनाओं को इस साल 31 दिसंबर के पहले पूरा करना होगा। कुल 3735.98 करोड़ की इन परियोजनाओं को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि अधिकारी प्रोजेक्ट वर्किंग का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। साथ ही उन्होंने अगले चार साल में 36705.08 करोड़ की 38 परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए भी टाइम लाइन तय कर दी है और कहा कि हर प्रोजेक्ट एग्रीमेंट में बताई गई टाइम लिमिट में कम्पलीट होना चाहिए। इन परियोजनाओं का पेमेंट और फिजिकल वेरिफिकेशन जांचने के निर्देश सीएस ने यह भी कहा है कि पार्वती परियोजना, लोअर परियोजना और छिंदवाड़ा कॉम्प्लेक्स के साथ गोंड़ सिंचाई परियोजना और रतनगढ़ सूक्ष्म परियोजना के एग्रीमेंट के आधार पर पेमेंट और किए गए कामों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाकर अलग से विभाग के जानकारी इसकी जानकारी देंगे। इसके साथ ही मूंझरी और चेटिखेड़ा सिंचाई परियोजना के लिए एग्रीमेंट भले ही हो गए हैं लेकिन एग्रीमेंट अवधि में काम हो पाने की संभावना नहीं है। इसलिए इन परियोजनाओं को विलम्ब वाली कैटेगरी में शामिल किया जाए। मुख्य सचिव ने अफसरों को यह भी कहा है कि जल संसाधन विभाग के जिन प्रोजेक्ट्स से जल जीवन मिशन और जल निगम की निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं का लाभ लोगों को मिलना है, ऐसे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा कराने का काम किया जाए। सभी प्रोजेक्ट्स में हाट पिपल्या सिंचाई परियोजना की लागत सबसे अधिक 4813.26 करोड़ 200 करोड़ से अधिक लागत वाले जिन 38 प्रोजेक्ट्स का रिव्यू सीएस जैन ने किया है इसमें सबसे अधिक लागत वाला प्रोजेक्ट हाट पिपल्या सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना है जिसके निर्माण में 4813.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके 29 जनवरी 2028 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इसके बाद दूसरी बड़ी परियोजना छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना है जिसकी लागत 4309 करोड़ है और इसे इसी साल 20 जुलाई तक पूरा किया जाना है। तीसरी बड़ी सिंचाई परियोजना सीतापुर हनुमना बराज एवं सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना है जिसकी लागत 3700.89 करोड़ रखी गई है और यह 12 सितंबर 2029 को पूरी होगी। recent visitors 54

20 मई को चलेगी प्रदेश की पहली मेट्रो, लेकिन सफर रहेगा बिल्कुल फ्री, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

इंदौर  इंदौर मेट्रो के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को बड़ी अच्छी खबर मिलने वाली है। 20 मई से मेट्रो शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 मई को इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। शुरुआत में यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने का मौका मिलेगा। बाद में टिकट पर छूट भी मिलेगी। मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इसका किराया 20 रुपये से शुरू होगा। खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश में यह पहली मेट्रो होगी जो अपना चलना शुरू करेगी। भोपाल मेट्रो को पूरा करने का काम भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। इंदौर मेट्रो को शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसके लिए काम कर रहा है। अभी तक कॉमर्शियल रन की तारीख आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुई है, लेकिन यह तय हो गया है कि पीएम मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम मोदी दिखांएगे हरी झंडी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी 20 मई को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। कयास हैं कि वे डिजिटल माध्यम से जुड़ सकते हैं। हालांकि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सरकार ने अभी तक इस बारे में बात स्पष्ट नहीं की है। पहले सात दिन इंदौर मेट्रो फ्री मेट्रो प्रबंधन यात्रियों को लुभाने के लिए खास योजना बना रहा है। शुरू में टिकट पर छूट दी जाएगी। पहले हफ्ते में यात्रा मुफ्त रहेगी। दूसरे हफ्ते में टिकट पर 70 प्रतिशत छूट मिलेगी। तीसरे हफ्ते में यह छूट 50 प्रतिशत होगी। चौथे हफ्ते से अगले 3 महीनों तक टिकट पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। बता दें कि सी एमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम ने पिछले दिनों ही इंदौर मेट्रो को हरी झंडी दिखाते हुए अपनी ओके रिपोर्ट दे दी थी। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इस दौरान मेट्रो दोनों तरफ़ से 25-25 फेरे लगाएगी, यानी की मेट्रो दोनों तरफ के मिलाकर कुल 50 फेरे लगाएगी। इंदौर मेट्रो दोनों तरफ से एक साथ चलना शुरू होगी यानी गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ चलेगी। इंदौर मेट्रो दोनों स्टेशन से सुबह 8 बजे से चलना शुरू होगी और आखिरी फेरा रात 8 बजे लगाएगी। मेट्रो के कॉमर्शियल रन के दौरान हर 30 मिनट के अंतराल पर एक मेट्रो कोच सेट का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर इस समय को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। 20 रुपए रहेगा किराया मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इंदौर मेट्रो का किराया 5 जोन में बांटा है। इस 5 जोन के तहत इंदौर मेट्रो के 28 स्टेशन आएंगे। न्यूनतम किराया 20 रुपए रहेगा। जबकि अधिकतम किराया 80 रुपए रखा गया है। वहीं, शुरुआती प्रायोरिटी कॉरिडोर की बात करें तो इसका न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए रहेगा। कॉमर्शियल रन में सिर्फ 2 से 5 मिनट लगेंगे इंदौर में यलो लाइन का प्रायोरिटी रूट कुल 5.9 किमी का है। इसमें 5 स्टेशन रहेंगे। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 से 5 मिनट के अंदर पहुंचेगी। अभी पांच स्टेशन मेट्रो डिपो से लेकर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 के आगे तक टेस्टिंग हो रही है, जो दिन और रात दोनों समय की जा रही है। बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल रन के दौरान जब इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो वह हर 2 से 5 मिनट में एक स्टेशन पर पहुंच जाएगी। 24-25 मार्च को किया था फाइनल निरीक्षण सीएमआरएस ने 24-25 मार्च को ही मेट्रो का तीसरा और अंतिम निरीक्षण किया था। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6 किमी हिस्से में मेट्रो दौड़ेगी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3, 4, 5 और 6 कुल पांच स्टेशन आएंगे। इनमें इलेक्ट्रिकल सेक्शन, प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्कलेटर सहित सभी सुविधाएं जुटाई जा चुकी हैं। ट्रेन को न्यूनतम व अधिकतम गति से चलाकर देखा जा चुका है। हर 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम ने मेट्रो को हरी झंडी दिखा दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे सुरक्षित बताया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, इंदौर मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। मेट्रो दोनों तरफ से 25-25 चक्कर लगाएगी। इस तरह कुल 50 चक्कर लगेंगे। मेट्रो गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ शुरू होगी। मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर 30 मिनट में एक मेट्रो मिलेगी। अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, तो समय कम किया जा सकता है। इतना होगा किराया मेट्रो का किराया अलग-अलग जोन के हिसाब से होगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किराए को 5 जोन में बांटा है। इन 5 जोन में मेट्रो के 28 स्टेशन होंगे। सबसे कम किराया 20 रुपये होगा। सबसे ज्यादा किराया 80 रुपये होगा। शुरुआती रूट पर सबसे कम किराया 20 रुपये और सबसे ज्यादा किराया 30 रुपये होगा। recent visitors 54