मैक्गर्क ने दिल्ली आईपीएल के बचे हुए मैचों से दूरी बना ली, रिप्लेसमेंट में मुस्ताफिजुर रहमान की चमकी किस्मत

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है। मुस्ताफिजुर को ऑस्ट्रेलियाई जैक फ्रेजर मैक्गर्क की जगह टीम में शामिल किया गया है। मैक्गर्क ने दिल्ली आईपीएल के बचे हुए मैचों से दूरी बना ली है। उनके इस फैसले को दिल्ली कैपिटल्स के साथ ‘धोखेबाजी’ की तरह देखा जा रहा है, जिसने खराब फॉर्म के बावजूद मैक्गर्क को 9 करोड़ रुपए में खरीदा था। हालांकि धाकड़ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का कहना है कि उन्होंने निजी वजहों से आईपीएल से हटने का फैसला लिया है। छह करोड़ रुपए में जोड़ा अपने साथ दिल्ली कैपिटल्स ने मुस्ताफिजुर रहमान को छह करोड़ रुपए में अपने साथ जोड़ा है। बांग्लादेश का यह तेज गेंदबाज अभी तक आईपीएल में 57 मैच खेल चुका है। इस दौरान उन्होंने कुल 61 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा मुस्ताफिजुर ने बांग्लादेश के लिए खेलते हुए 106 टी-20 मैचों में कुल 132 विकेट लिए हैं। मुस्ताफिजुर रहमान के लिए यह दिल्ली कैपिटल्स में वापसी करने जैसा है। उन्होंने अपना आईपीएल डेब्यू तो 2016 में किया था, जब वह सनराइजर्स हैदराबाद के साथ जुड़े थे। फिज की दिल्ली कैपिटल्स में ‘घर वापसी’ इसके बाद यह बांग्लादेशी पेसर 2022-23 सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की टीम में शामिल था। मुस्ताफिजुर रहमान ने चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से भी आईपीएल में हिस्सा लिया है। आईपीएल 2023 में वह महेंद्र सिंह धोनी की टीम के साथ थे। जहां तक जैक फ्रेजर मैक्गर्क का सवाल है, दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने शुरुआती मैचों में ओपनर के रूप में मौका दिया। हालांकि पिछले सीजन के विपरीत वह इस सीजन में कुछ खास नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था।   recent visitors 37

डीपी वर्ल्ड इंटरनेशनल लीग (आईएलटी20) का चौथा सत्र दो दिसंबर से होगा शुरू

नई दिल्ली डीपी वर्ल्ड इंटरनेशनल लीग (आईएलटी20) का चौथा सत्र दो दिसंबर से शुरू होगा। आयोजकों ने बुधवार को इसकी घोषणा की। यह लीग चार जनवरी 2026 तक चलेगी। आम तौर पर यह टूर्नामेंट जनवरी फरवरी में खेला जाता है लेकिन अगले साल फरवरी मार्च में आईसीसी पुरूष टी20 विश्व कप होना है। पिछले सत्र में दुबई कैपिटल्स ने डेजर्ट वाइपर्स को हराकर खिताब जीता था। अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष और आईएलटी20 के चेयरमैन खालिद अल जरूनी ने कहा , ‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि डीपी वर्ल्ड इंटरनेशनल लीग टी20 का चौथा सत्र यूएई के राष्ट्रीय दिवस ईद अल एतिहाद से शुरू होगा।’ पिछले सत्र में सैम कुरेन, शाइ होप, फजलहक फारूकी, आंद्रे रसेल, सुनील नारायण, डेविड वॉर्नर और राशिद खान समेत कई सितारा खिलाड़ियों ने भाग लिया था।   recent visitors 97

दो इंसानों की जान ले चुके रणथंभौर के बाघ, वन विभाग ने बनाई कमेटी

जयपुर राजस्थान की टाइगर सेंचुरी रणथंभौर में इंसानों की जान वाले बाघ को लेकर वन विभाग ने एक कमेटी बना दी है। बीते दिनों रणथंभौर में इंसानों पर बाघ के जानलेवा हमले की दो बड़ी घटनाएं हुईं। इनमें 16 अप्रेल को रणथंभौर में गणेश मंदिर जा रहे एक 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई और हाल में वन विभाग के अधिकारी की भी बाघ ने जान ले ली। जानकारी के अनुसार दोनों मामलों में एक ही टाइगर होने की पुष्टि हुई है। यह बाघिन एरोहैड का शावक है जो अभी 20 माह का है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के अनुसार ही यह कमेटी गठित की गई है। इसमें NTCA के प्रतिनिधि के अलावा चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन, स्थानीय एनजीओ, पंचायत प्रतिनिधि तथा फील्ड डायरेक्टर शामिल किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि जब बाघ पर इंसानी जान लेने का संदेह होता है तो इस तरह की कमेटी बनाने का स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल होता है। कमेटी पूरी घटना की विस्तृत जांच करेगी और इस संबंध में आगे क्या कदम उठाने चाहिए उस पर भी अपनी राय देगी। कमेटी यह बताएगी कि क्या बाघ का इंसान पर हमला अचानक हुई घटना मात्र थी या फिर यह इंसानों को मारकर खाने का आदि हो चुका है। विभाग के अधिकारियों का सुझाव है कि रिपोर्ट आने के बाद यदि पुष्टि होती है तो इस बाघ को जूलोजिकल पार्क में रखना या अन्यत्र स्थानांत्रित करना ही उचित होगा। वन विभाग के अधिकारियों का यह भी मानना है कि एरोहैड अपने बच्चों के लिए अब शिकार मारकर लाने में समर्थ नहीं हो पा रही और इसके बच्चे अपने आस-पास इंसानों की मौजूदगी के आदी हो गए हैं।  ऐसे ही किसी मामले में इंसान और बाघ के बीच की दूरी शायद कम हो गई जिससे टाइगर ने घबराकर हमला कर दिया। जिस वक्त रेंजर पेट्रोलिंग करते हुए जंगल में रुक गए थे उस वक्त टाइगर वहां मौजूद था। इसलिए टाइगर ने उन पर अचानक हमला कर दिया।   recent visitors 42

बीईएमएल भोपाल के पास गौहरगंज में स्थापित करेगी औद्योगिक ईकाई, वन्देभारत और मेट्रो के कोच बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य में औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगारपरक कार्यों को प्रोत्साहन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं से परिचित होगा उद्योग जगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीईएमएल भोपाल के पास गौहरगंज में स्थापित करेगी औद्योगिक ईकाई, वन्देभारत और मेट्रो के कोच बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर के बाद अब नरसिंहपुर में 26 मई को होगा आगामी कृषि उद्योग समागम मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में ये विचार किए व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रत्येक गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और महिलाओं के जीवन की बेहतरी के संकल्प के साथ अग्रसर है। राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगारपरक कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में प्रदेश में निवेश संभावनाओं पर आधारित इंटरैक्टिव सेशन में निवेशकों एवं उद्योगपतियों को प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही वह बेंगलुरु के होटल लीला पैलेस में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग भी करेंगे। गौहरगंज में बनेंगे वन्देभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) परिसर का अवलोकन करने के बाद 2100वें मेट्रो कोच के लोकार्पण समारोह में सहभागिता भी करेंगे। बीईएमएल कंपनी राजधानी भोपाल के पास गौहरगंज में एक यूनिट स्थापित करने जा रही है। यहां वंदेभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच तैयार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरु में राज्य सरकार की ओर से कंपनी को नई मेट्रो कोच निर्माण यूनिट शुरू करने के लिए भूमि आवंटन पत्र भी दिया जाएगा। बीईएमएल के इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड आवंटन कार्य प्रगति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभागीय स्तर पर हुईं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के माध्यम से आए 50 प्रतिशत निवेशकों को औद्योगिक ईकाई स्थापित करने के लिए भूखंड का आवंटित किया जा चुका है। प्रदेश में अनेकों फैक्ट्रियों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। रोजगार के नये-नये द्वार खोलते हुए सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों के मान-सम्मान के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। हम सभी प्रदेशवासी भारतीय सेनाओं के शौर्य से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 26 मई को नरसिंहपुर में अगला कृषि उद्योग समागम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को गति प्रदान करने के लिए अलग-अलग शहरों में कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी कृषि उद्योग समागम 26 मई को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आयोजित होगा। इससे पहले मंदसौर के सीतामऊ में कृषि उद्योग मेले का सफलतापूर्वक आयोजन हो चुका है।   recent visitors 32

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज़, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक सुगमता से पहुंचें। इन नई सीटों से भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण तथा दूरस्थ अंचलों में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो सकेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के समग्र सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। जिला अस्पतालों को चिकित्सा शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में सशक्त किया जा रहा है, जिससे न केवल युवा चिकित्सकों को अवसर मिलेगा, बल्कि अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि यह मान्यता राज्य सरकार द्वारा जिला अस्पतालों में बुनियादी ढांचे के सशक्तिकरण, मानव संसाधन की नियुक्ति और प्रशिक्षण की निरंतर प्रक्रिया का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में प्रत्येक जिला चिकित्सालय एक अत्याधुनिक उपचार और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो। स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एनबीईएमएस, नई दिल्ली द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम की 12 नई सीटों को मान्यता प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल शिवपुरी में डीजीओ (डिप्लोमा इन गाइनेकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स) की 4 सीटें एवं डीए (डिप्लोमा इन एनेस्थीसिया) की 2 सीटें, जिला अस्पताल रतलाम में डीओ (डिप्लोमा इन ऑप्थाल्मोलॉजी) की 2 सीटें तथा जिला अस्पताल भोपाल में डीजीओ की 4 नई सीटों को एनबीईएमएस द्वारा मान्यता दी गई है। इस मान्यता के साथ ही प्रदेश में पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी/पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है।   recent visitors 45

अप्रैल में लुढ़क कर 3.16 % पर आई रिटेल महंगाई दर, जानें टूटा कितने सालों का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारत की रिटेल महंगाई (CPI) 2019 के बाद सबसे कम हो गई और इसका कारण सब्जियों की कम कीमतें हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के  जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स-बेस्ड इन्फ्लेशन अप्रैल में घटकर 3.16% रह गई, जो मार्च में 3.34% थी. खुदरा महंगाई लगातार घट रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में रिजर्व बैंक (RBI) मॉनेटरी पॉलिसी में कुछ नरमी बरत सकता है. महंगाई दर पिछले कुछ वक्त से रिजर्व बैंक के 2 से 4% के लक्ष्य के अंदर रह रही है. पिछली पॉलिसी के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए थे कि अगर महंगाई कम होती है तो दरें और घट सकती हैं. RBI ने पिछली बैठक में रेपो रेट को 6% तक घटाया था, जो लगातार दूसरी कटौती थी. ताजा महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए अब एक बार फिर दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. इस साल मार्च में खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 2.69 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई दर के छह साल के निचले स्तर पर आने के बाद आगामी जून माह में आरबीआइ की तरफ से एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। महंगाई में कमी का क्या मिलेगा फायदा? आनंद राठी ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने बताया कि खाद्य वस्तुओं के साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत से नीचे बने रहने का अनुमान है जिससे मौद्रिक नीति कमेटी की आगामी बैठक में आरबीआइ के लिए रेपो रेट में कटौती करने की पूरी गुंजाइश है। महंगाई में कमी से सरकार को विकास नीति में तेजी और कारपोरेट सेक्टर को आय बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। पिछले महीने सब्जी के दाम में पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 11 प्रतिशत, दाल व दलहन में 5.23 प्रतिशत, मसाले में 3.04 प्रतिशत तो मांस व मछली के दाम में 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस साल अप्रैल में पिछले साल अप्रैल की तुलना में सबसे अधिक 17.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी खाद्य तेल व वनस्पति की कीमतों में रही। अप्रैल में फल के खुदरा दाम में 13.80 प्रतिशत, अनाज में 5.35 प्रतिशत, दूध में 2.72 प्रतिशत, चीनी में 4.59 प्रतिशत, गैर अल्कोहल पेय पदार्थ में 4.40 प्रतिशत का इजाफा रहा। तेलंगाना व दिल्ली की महंगाई दर दो प्रतिशत से नीचे अप्रैल में सबसे कम 1.26 प्रतिशत की खुदरा महंगाई दर तेलंगाना में दर्ज की गई। दिल्ली की खुदरा महंगाई दर इस अवधि में 1.77 प्रतिशत रही तो सबसे अधिक महंगाई दर केरल में 5.94 प्रतिशत दर्ज की गई। कर्नाटक में 4.26 प्रतिशत, पंजाब में 4.09 प्रतिशत तो जम्मू-कश्मीर में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत रही। रिटेल महंगाई के आंकड़े     अप्रैल CPI रूरल महंगाई 2.92% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI अर्बन महंगाई 3.36% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI हाउसिंग प्राइस बढ़ी 3% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI क्लोथिंग & फुटवियर प्राइस 2.67% बढ़ी (YoY)     April CPI फ्यूल & लाइटिंग प्राइस 2.92% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड & बेवरेज प्राइस 2.14% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड प्राइस 1.78% बढ़ी (YoY) कहां बढ़ी और घटी महंगाई (YoY)     दालों की महंगाई अप्रैल में 5.35% रही, मार्च में 5.93% थी     मीट और मछली की महंगाई अप्रैल में 0.35% घटी, मार्च में 0.32% बढ़ी थी     दूध, मिल्क प्रोडक्ट्स की महंगाई दर अप्रैल में 2.72% रही, मार्च में 2.56% थी     ईंधन और बिजली की महंगाई दर अप्रैल में 2.92% रही, मार्च में 1.48% थी     कपड़ों की महंगाई 2.67% बढ़ी है     हाउसिंग प्राइस 3% बढ़ी है recent visitors 31

देश में संकट आ जाएगा… सिंधु जल समझौते के ठंडे बस्ते में जाने से बिलबिलाया पाकिस्तान, भारत से लगाई गुहार

नई दिल्ली 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया था. इससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. इस फैसले को लेकर पाकिस्तान ने भारत से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील की है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान में गंभीर जलसंकट पैदा कर सकता है. पत्र में भारत से अपील की गई है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे. सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डालने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. पाक की शहबाज सरकार ने भारत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. भावी संकट को देखते हुए भारत से गुहार लगाई है. शहबाज सरकार ने कहा कि इस फैसले से पाकिस्तान में संकट हो जाएगा. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय में सचिव सैय्यद अली मुर्तुजा ने जल शक्ति मंत्रालय में सचिव देवश्री मुखर्जी को पत्र लिखा है. इसमें फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है. पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान इस मसले पर बात करने को तैयार है. सूत्रों के अनुसार नियम के मुताबिक यह पत्र विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है. पाकिस्तान का कहना है कि अगर भारत तीन नदियों के जल पर अपने अधिकार का पूर्ण उपयोग करने लगा, तो पाक‍िस्‍तान के कई राज्‍यों में गंभीर जल संकट पैदा हो जाएगा. इस खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान ने भारत से तुरंत बात करने की अपील की है. लेकिन भारत इस बार नरमी के मूड में नहीं दिखता. पीएम मोदी ने एक द‍िन पहले ही कहा था क‍ि पाक‍िस्‍तान को क‍िसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते- PM मोदी सूत्रों से मुताबिक भारत को पाकिस्तान की गुहार से कोई हमदर्दी नहीं. पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते. भारत अब तीन नदियों के पानी का अपने लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है. इस पर तुरंत काम शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.  भारत ने बना ल‍िया प्‍लान सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार पाकिस्तान की गुहार से प्रभावित नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ किया कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते. यह बयान पाकिस्तान के लिए भारत के कड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है. भारत अब रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के जल पर अपना अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं और गहराती जा रही हैं. क्‍यों बेचैन है पाक‍िस्‍तान सिंधु जल समझौता सस्पेंड होने से पाकिस्तान बेचैन है. क्योंकि उसकी कृषि और वाटर सप्‍लाई का बड़ा हिस्सा भारत से बहने वाली नदियों झेलम, चेनाब और सिंधु पर निर्भर है. भारत अगर इन नदियों के पानी को रोककर अपने इस्तेमाल में लाता है तो पाकिस्तान में सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा. पहले से जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी. भारत की योजना से उसे 3 नदियों के जल पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, जिससे पाकिस्तान की जल-आर्थिक सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराने लगा है. सिंधु जल समझौता पाकिस्तान की लाइफ लाइन दरअसल, पहलगाम हमले के अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था. 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. पाकिस्तान की करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर है. इसके अलावा 90% जमीन में सिंचाई का पानी सिंधु नदी से मिलता है. तनाव के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी पानी भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965, 1971 और 1999 की जंग के बाद भी सिंधु जल समझौते को सस्पेंड नहीं किया था. लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक दिया और झेलम पर किशनगंगा परियोजना से भी पानी के बहाव को कम कर दिया.   recent visitors 31