इंदौर-बुधनी रेल प्रोजेक्ट में 38 गांवों की 522 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत; 218 करोड़ का मुआवजा दिया

बुधनी किसानों की जमीन पर इंदौर-बुधनी रेल परियोजना अटकी हुई है। बुधनी रेलवे परियोजना साल 2024 में पूरी हो जानी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के चलते यह परियोजना वर्ष 2025 में भी पूरी होने की उम्मीद नहीं है। जमीन का चार गुना मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर लगातार किसान इस परियोजना को लेकर विरोध करते चले आ रहे हैं। जिससे परियोजना में देरी हो रही है। इसी क्रम में बुधवार को रेहटी क्षेत्र के गांव मलाजपुर में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान 11 हैक्टेयर कृषि भूमि का कब्जा प्रशासन ने किसानों से लेकर रेलवे विभाग को सौंपा। इस दौरान किसानों ने जमकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने एक नहीं सुनी और किसानों की जमीन पर बोई मूंग फसल पर जेसीबी चलाकर जमीन से कब्जा छुड़ाया। इस मामले में किसानों का कहना था कि प्रशासन की हठधर्मिता के चलते किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। कृषि भूमि का बिना मुआवजा दिए ही जमीन से कब्जा लेकर प्रशासन किसानों की कमर तोड़ रहा है। वहीं प्रशासन ने दावा किया है कि सभी किसानों का राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त है। वहीं खाता नंबर नहीं दिए जाने से किसानों के खातों में मुआवजा राशि नहीं पहुंच पाई है। इस कार्रवाई में रेहटी तहसीलदार भूपेंद्र कलोसिया, थाना प्रभारी राजेश कहारे, नायब तहसीलदार सहित रेलवे के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। 2018 में हुआ था परियोजना का भूमि पूजन उल्लेखनीय है कि इंदौर से जबलपुर की दूरी कम करने और इंदौर से बुधनी रेलवे लाइन बिछाने के लिए 2018 में परियोजना का भूमि पूजन किया गया था। इस दौरान वर्ष 2024 तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण न होने से अर्थवर्क का कार्य शुरू नहीं हो सका है। रेलवे विभाग को अधिग्रहित भूमि किसानों से लेने में विवाद का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते प्रशासन को मौके पर पहुंचकर अधिग्रहित भूमि से कब्जा हटाकर भूमि विभाग को सौंपनी पड़ रही है। बता दें कि वर्ष 2023 के रेलवे बजट में केंद्र सरकार ने 514 करोड़ की राशि इस परियोजना के लिए स्वीकृत की थी, जिसके चलते सरकारी रास्तों पर पुल-पुलियाओं का निर्माण किया जा चुका है। वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना में 1107.25 करोड़ का परिव्यय आवंटित किया गया है। इस परियोजना में 3261.82 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। यह परियोजना कुल 205 किमी लंबी हैं। रेलवे लाइन इंदौर जिले में 20 किमी, देवास में 112 और सीहोर जिले में 66 किमी ऐरिये में बिछाई जाना है। जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों को इंदौर से जबलपुर तक सफर करने में कम दूरी का फायदा मिलेगा। किसानों का आरोप, रिकॉर्ड दुरुस्ती के लिए दो साल से लगा रहे चक्कर किसान संघ के पदाधिकारी गजेन्द्र जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि मलाजपुर के 20 से अधिक किसानों की कृषि भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं है। इसके लिए किसानों द्वारा तहसील कार्यालय के चक्कर लगाये जा रहे हैं। जिन किसानों की भूमि से कब्जा लिया गया ऐसे किसान ओमप्रकाश, जयनारायण, अनूप सिंह, रामेश्वर, देवी सिंह, संतोष, रघुवीर, महेन्द्र सिंह, गजेन्द्र सिंह, ईश्वर सिंह, पवन कुमार सहित अन्य महिला किसानों की मानें तो बिना रिकॉर्ड दुरस्त ही प्रशासन द्वारा कब्जा लिये जाने की कार्रवाई की गई है। कब्जा लेने से पूर्व किसानों को किसी भी प्रकार का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। जिससे किसानों द्वारा लगभग 30 एकड़ खेत में बोई मूंग फसल को प्रशासन ने जेसीबी चलाकर बर्बाद कर दिया हैं। इससे किसानों पर दोहरी पार पड़ी है। क्या कहते हैं अधिकारी एसडीएम दिनेश तोमर ने बताया कि मलाजपुर के सभी किसानों का रिकॉर्ड दुरुस्त है। यहां के 29 किसानों की 11 हैक्टेयर जमीन का कब्जा रेलवे विभाग को सौंपा जा चुका है। किसानों द्वारा खाते नंबर नहीं देने की स्थिति में उनके खातो में 3 करोड़ 79 लाख मुआवजा अब तक हस्तांतरित नहीं हो सका है। बुधनी सब डिवीजन के तहत कुल 25 गांव में 798 कृषकों की कृषि भूमि रेलवे परियोजना के लिए अर्जित की गई हैं। जिसका रकबा 306 हैक्टेयर और कुल मुआवजा राशि 132 करोड़ रुपये है। इसमें से 115 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाल दिये हैं, शेष किसानों की खातों की जानकारी नहीं देने से राशि का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। राजस्व विभाग द्वारा 280 हैक्टेयर जमीन का कब्जा भी रेलवे को सौंपा जा चुका है। भैरूंदा तहसील के 13 गांव से गुजरेगी रेलवे लाइन बुदनी-इंदौर रेलवे लाइन भैरूंदा तहसील के 13 गांवों से होकर गुजरेगी, जिसके लिए रेलवे विभाग के द्वारा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 220 हैक्टेयर में से 184 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। योजना के तहत अधिग्रहित 404 किसानों में से 387 किसानों के खातों में मुआवजा राशि का हस्तांतरण किया जा चुका है। अब 10 गांव के 27 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने बैंक खाते की जानकारी राजस्व विभाग को अब तक नहीं दी हैं, जिससे 4 करोड़ 47 लाख रुपये का मुआवजा अब बैंक खातो में नहीं पहुंच सका है। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया कि भूमि से कब्जा हटाये जाने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही हैं। क्षेत्र के बांव ससली, झकलॉय, बोरखेड़ा में 27.472 हैक्टेयर व नंदगांव, आगरा, भैरूंदा, राला, बोरखेड़ाकलां में 8.684 हैक्टेयर भूमि से कब्जा लेकर रेलवे विभाग को सौंपा जाना हैं, जो भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। 522 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत, 218 करोड़ का मुआवजा दिया सीहोर में  कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में आयोजित टीएल बैठक में इंदौर-बुधनी रेल परियोजना और बाड़ी-बुधनी-संदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति की समीक्षा की गई। रेल परियोजना के लिए भैरूंदा और बुधनी क्षेत्र के 38 गांवों की 522.564 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। प्रभावित किसानों को 218.15 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। वहीं बाड़ी-बुधनी-संदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए बुधनी अनुभाग के 29 गांवों की 172.5 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस परियोजना में किसानों को 122.43 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को शेष किसानों को शीघ्र मुआवजा वितरण करने के निर्देश दिए। साथ ही अर्जित भूमि का नामांतरण और कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। बैठक में विभिन्न विभागों … Read more

सेंसेक्स 1200 अंक चढ़ा, निफ्टी 25050 के पार, ऑटो,मेटल शेयरों में तेजी

मुंबई  हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज यानी गुरुवार (15 मई) को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह 500 से ज्यादा अंक की गिरावट के बाद अब सेंसेक्स 1000 अंक उछला है। निफ्टी ने भी 25,000 के स्तर क्रास कर लिया है। इस समय सेंसेक्स 1200 अंक की तेजी के साथ 82,530 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 385 अंक की तेजी है, ये 25,052 के स्तर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने अमेरिका को एक व्यापार समझौता प्रस्तावित किया है, जिसमें अमेरिकी वस्तुओं पर "लगभग शून्य शुल्क" लगाने की बात कही गई है। इस घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। शेयर बाजार में उछाल: इस खबर के प्रभाव से बीएसई सेंसेक्स में 1200 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनएसई निफ्टी भी 385 अंकों से अधिक चढ़ गया। यह उछाल निवेशकों के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीदों के कारण देखा गया। 81000 के नीचे फिसल गया था सेंसेक्स शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट के साथ Sensex 81,000 के नीचे लुढ़क गया था. जी हां, बीएसई सेंसेक्स सुबह 9.15 बजे पर 81,354.43 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ मिनटों में ही ये पहले 250 अंक टूटा और अगले 15 मिनट में 560 अंक टूटकर 80,773 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी खुलने के साथ ही फिसलता चला गया. ये इंडेक्स 24,694.45 पर ओपन हुआ और फिर गिरकर 24,515 पर आ गया. अचानक भागने लगे दोनों इंडेक्स बाजार में ये शुरुआती गिरावट दोपहर 1 बजते-बजते तेजी में तब्दील हो गई. लार्जकैप कंपनियों के शेयर, जो ओपनिंग में रेड जोन में थे अचानक भागते हुए ग्रीन जोन में कारोबार करने लगे. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 1273 अंक चढ़कर 82,607 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. तो दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 390 अंकों की तेजी के साथ 25,057.65 पर पहुंच गया. इस दौरान स्टील, ऑटो और आईटी शेयरों ने बाजार को जोरदार सपोर्ट दिया. इन बड़े शेयरों ने बदली बाजार की चाल बात करें सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों के बारे में, तो Tata Motors Share (3.70%), HCL Tech Share (3.10%), Adani Ports Share (2.50%), Eternal Share (2.10%), Nestle India Share (1.75%) और Reliance Share (1.50%) तक उछलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Maruti, Titan, M&M, ICICI Bank, Tech Mahindra, Tata Steel, HDFC Bank और Bharti Airtel के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. मिडकैप और स्मॉलकैप का ये हाल अब बात करें, Mdcap-Smallcap शेयरों की, तो मिडकैप कैटेगरी में Linde India Share (4.37%), KPI Tech Share (3.05%), Yes Bank Share (3%), Mazgaon Dock Share (2.65%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. तो वहीं स्मॉलकैप में Nelcast Share (19.99%), BLSE Share (15.26%) और Yatra Share (1.34%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. recent visitors 57

भोपाल में हिंदू लड़कियों से रेप और ब्लैकमेलिंग कांड में रोपियों के घर की महिलाए भी शक के दायरे में

भोपाल  भोपाल में हिंदू लड़कियों से सुनियोजित तरह से दुष्कर्म और उसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के प्रकरण की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी शुरू कर दी है। बुधवार को आयोग की टीम सदस्य प्रियंग कानूनगो के नेतृत्व में भोपाल पहुंची और पुलिस के जांच अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई के बारे में पूछा। कहा कि मुख्य आरोपित फरहान खान की बहन जोया खान ने अपने मकान में हिंदू युवतियों से दुष्कर्म कराया। यह बात सामने आने के बाद सभी आरोपितों के घरों की महिलाओं की भी इस प्रकरण में भूमिका की जांच की जानी चाहिए। कमरों को तोड़ने से पहले फारेंसिक सबूत क्यों नहीं लिए जांच के दौरान आयोग के सदस्य कानूनगो ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उस विवादित रेस्टोरेंट- क्लब 90 पर हुई कार्रवाई पर संदेह जताया, जहां हिंदू लड़कियों को आरोपित मुस्लिम युवक झांसा लेकर पहुंचा करते थे। कानूनगो ने पूछा कि क्लब 90 के छह कमरों को तोड़ने के पहले फारेंसिक साक्ष्य क्यों नहीं लिए गए? ऐसा करके क्या किसी को बचाने की कोशिश हो रही है? दरअसल, समझा जा रहा है कि रेस्टोरेंट- क्लब 90 के संचालन में शामिल रहे लोग इस गिरोह को संरक्षण प्रदान कर रहे थे। यही वजह है कि नगर निगम से रेस्टोरेंट संचालन के लिए लेकर वह क्लब 90 में गेस्ट हाउस चला रहे थे और इस गेस्ट हाउस को उन्होंने अवैध रूप से छह कमरों का निर्माण करा लिया था। इसे ही पुलिस ने पिछले दिनों ध्वस्त करा दिया। आरोपियों को फंडिंग और मनी लांड्रिंग की आशंका टीम ने आरोपियों को फंडिंग और इसके लिए मनी लांड्रिंग की आशंका भी जाहिर की है। आयोग के सदस्य कानूनगो ने कहा कि प्रकरण में अगर शारिक मछली नाम के व्यक्ति का नाम लिया जा रहा है तो पुलिस को उसकी भूमिका की जांच जरूर करनी चाहिए। अपराध में प्रयोग किए गए वाहनों को जब्त करने के साथ ही मकानों को भी सीज किया जाना चाहिए। बता दें कि प्रकरण में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच पिछले दिनों राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने भी की थी। छात्राओं को नशा देकर दुष्कर्म किया, पीड़िताएं बोलीं- जान का खतरा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य कानूनगो ने कहा कि हमारे पास अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में शिकायत आई थी कि कॉलेज में हिंदू लड़कियों को नशा दिया गया। फिर उनसे दुष्कर्म किया, वीडियो बनाए और उनको ब्लैकमेल किया। हमने इस मामले में भोपाल पुलिस को तत्काल कार्रवाई कर एक रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हमसे अलग-अलग पीड़िताओं ने संपर्क किया। पीड़िताओं का कहना है कि उनकी जान को खतरा है। उनका पुनर्वास ठीक तरह से नहीं हो रहा है। सबसे अधिक गंभीर बात यह है कि दो पीड़िताएं अनाथ है। इन लड़कियों को धर्म के आधार पर निशाना बनाकर उनसे दुष्कर्म किया गया। recent visitors 127

27 मई को शनि जयंती का पर्व मनाया जायेगा, इन जगहों पर जलाएं दीपक, कष्टों से मिलेगा छुटकारा

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो जातक को उनके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं। इसी कड़ी में शनि जयंती मनाई जाती है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को पड़ती है। इस साल यह पर्व 27 मई को मनाया जाएगा। हालांकि, लोगों के बीच इसकी तिथि को लेकर कनफ्यूजन बना हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:11 पर शुरू होगी। जिसका समापन अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 8:31 पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, 27 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी। महत्व ज्योति शास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती के दिन भगवान शनि देव का जन्म हुआ था। इस दिन विधि-विधान पूर्वक इनकी पूजा अर्चना करने से भक्तों को आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती है। इस दिन जातक को तेल, काले तिल, आदि अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस दिन गरीबों में दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यहां जलाएं दीपक     इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में दीपक जलाना बहुत ही शुभ होगा।     शनि जयंती के दिन आप शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। इसके साथ ही, आप काले तिल, नीले फूल और तेल भी अर्पित कर सकते हैं।     भैरव देव के मंदिर में जाकर दीपक जलाने से भी शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिलती है, क्योंकि भैरव देव को शनि देव का गुरु माना जाता है। ऐसे में नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती है और जीवन में खुशहाली आती है।     आप हनुमान मंदिर में जाकर भी दीपक जला सकते हैं, जिससे शनि दो शांत होगा। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने के अलावा सिंदूर अर्पित करें। recent visitors 61

पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अंगारेश्वर महादेव मंदिर दर्शन करने पहुंचे

उज्जैन मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में कालों के काल बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे, जहां उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजन अर्चन किया और उसके बाद नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी सत्यनारायण जोशी ने बताया कि मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा आज बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर विधिविधान के साथ बाबा महाकाल का पूजन अर्चन किया। बाबा महाकाल को नमस्कार किया और नंदी जी का पूजन अर्चन कर उनके कान में अपनी मनोकामना भी कही। बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भारत विश्व गुरु बने देश और प्रदेश सुख समृद्ध हो बस यही कामना करने बाबा महाकाल के दरबार आया हूं। अंगारेश्वर मंदिर भी पहुंचे महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व पूजन करने के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अंगारेश्वर महादेव मंदिर दर्शन करने पहुंचे। वहां पंडित मनीष उपाध्याय द्वारा विशेष पूजन अर्चन कर आरती करवाई गई। यहां भी नरोत्तम मिश्रा ने भगवान श्री अंगारेश्वर की भक्ति में लीन होकर पूजन अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। डमरू बजाते नजर आए पूर्व गृहमंत्री विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बाबा महाकाल की भक्ति में इतने लीन हो गए कि वह डमरू बजाकर बाबा महाकाल की भक्ति करते नजर आए। उन्होंने कभी दोनों हाथ जोड़कर बाबा महाकाल से प्रार्थना की तो कभी एक हाथ से डमरू बजाया और ओम नमः शिवाय का जाप किया। ऐसी सुरक्षा की देखते रह गए श्रद्धालु आज सुबह पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा श्री महाकालेश्वर से अंगारेश्वर महादेव मंदिर पर दर्शन करने पहुंचे तो उनकी सुरक्षा देखकर सब दंग रह गए। बताया जाता है कि पूर्व गृहमंत्री को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। यही कारण है कि उनके साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड भी मंदिर पहुंचे थे।   recent visitors 33

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का श्रीनगर दौरा, चिनार एयरबेस पर जवानों से मिलेंगे और मौजूदा स्थिति का जायजा लेंगे

श्रीनगर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा के पांच दिन बाद, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को श्रीनगर पहुंचे. एयरपोर्ट पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी थे. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रक्षा मंत्री का स्वागत किया. इसके बाद, सिंह ने बादामी बाग छावनी का दौरा किया, जहां उन्होंने कुछ समय पहले गिराए गए पाकिस्तानी गोले का निरीक्षण किया. वहीं, रक्षा मंत्री चिनार एयरबेस पर भी जवानों से मिलेंगे और मौजूदा स्थिति का जायजा लेंगे. जम्मू-कश्मीर में तनावपूर्ण माहौल गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पिछले कुछ समय से अशांत रहा है. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद 7 मई को भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर' ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया था. इन घटनाओं के बाद, राज्य में तनाव का माहौल व्याप्त है. ऐसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है, जो न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि घाटी में शांति बहाली के प्रयासों को भी गति देगा. सामान्य स्थिति की वापसी के संकेत 'ऑपरेशन सद्भावना' और भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद जम्मू-कश्मीर में जीवन सामान्य होने लगा है. इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जम्मू में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने घोषणा की है कि जम्मू और कश्मीर के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में स्कूल 15 मई को फिर से खुलेंगे. यह छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के कारण जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए थे. जम्मू जिले में चौकी चौरा, भलवाल, डंसाल और गांधी नगर क्षेत्रों के स्कूल फिर से खुलेंगे. कठुआ जिले में बरनोटी, लखनपुर, सलान और घगवाल क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे. राजौरी जिले में पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल और दरहल क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोला जाएगा. पुंछ जिले में सुरनकोट और बफलियाज़ क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे. शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलना क्षेत्र में सामान्य स्थिति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शिक्षा के महत्व को दर्शाता है और स्थानीय समुदायों में विश्वास पैदा करेगा. हेलीकॉप्टर सेवा का पुन: आरम्भ एक सकारात्मक संकेत के रूप में, कटरा से श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं एक सप्ताह के निलंबन के बाद बुधवार को फिर से शुरू हुईं. भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के कारण यह निलंबन किया गया था. हेलीकॉप्टर सेवाओं की बहाली से तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी और इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है. आतंकवादी विरोधी अभियान तेज पहलगाम में हाल ही में हुए हमले के जवाब में, भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है. मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां में एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान शाहिद कुट्टे के रूप में हुई है, जो 8 अप्रैल, 2024 को श्रीनगर में डेनिश रिसॉर्ट में गोलीबारी की घटना में शामिल था, जिसमें दो जर्मन पर्यटक और एक ड्राइवर घायल हो गए थे. सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों को खत्म करने के लिए की गई त्वरित कार्रवाई क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह कार्रवाई दिखाती है कि भारतीय सेना आतंकवाद को खत्म करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. recent visitors 51

17 मई से फैंस को एक बार फिर वही धूम धड़ाका देखने को मिलेगा, चौथी टीम के लिए होगी असली जंग

नई दिल्ली एक हफ्ते के अंतराल के बाद IPL बहाल होने जा रहा है। 17 मई से फैंस को एक बार फिर वही धूम धड़ाका देखने को मिलेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए BCCI ने लीग को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया था। अब बोर्ड ने सीजन-18 के बचे मैचों का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 25 मई को फाइनल होना था, मगर अब खिताबी मुकाबला 3 जून को खेला जाएगा। हालांकि प्लेऑफ की दौड़ में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। CSK, RR और SRH टूर्नामेंट से बाहर हो गई है, वहीं 7 टीमों के बीच अभी भी टॉप-4 में जगह बनाने की जंग जारी है। आईए एक नजर डालते हैं सभी टीमों के प्लेऑफ समीकरण पर- गुजरात टाइटंस- शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस ने अभी तक खेले 11 में से 8 मैच जीते हैं, वहीं तीन में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। गुजरात के खाते में फिलहाल 16 अंक है। टीम को प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के लिए बचे 3 में से कम से कम एक और मैच जीतना होगा। हालांकि जीटी की नजरें प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के साथ-साथ टॉप-2 में बने रहने पर होगी। टीम अगर दो मैच जीतती है तो उनकी जगह टॉप-2 में भी पक्की हो सकती है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- IPL बहाल होने के बाद आरसीबी अपना पहला मैच केकेआर के खिलाफ खेलेगी। उस मैच को जीतकर आरसीबी प्लेऑफ का टिकट हासिल करने वाली पहली टीम बन सकती है। टीम के खाते में 11 मैचों में 16 अंक है, कोलकाता को हराकर आरसीबी 18 पॉइंट्स तक पहुंच सकती है। पंजाब किंग्स- श्रेयस अय्यर की टीम के खाते में 11 मैचों में 7 जीत के साथ 15 अंक है, कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उनका एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा था। वहीं दिल्ली के खिलाफ रद्द हुआ उनका मैच रिशेड्यूल हो चुका है। पंजाब की टीम को यहां से तीन में से 2 मैच जीतने होंगे। अगर टीम एक जीत दर्ज करती है तो उन्हें प्लेऑफ का टिकट हासिल करने के लिए इंतजार करना होगा। मुंबई इंडियंस- एमआई के खाते में 12 मैचों में 14 पॉइंट्स है, हालांकि उनका नेट रन रेट (+1.156) अभी भी टूर्नामेंट में सबसे बेहतर है। मुंबई के अगले दो मुकाबले पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ है, जो करो या मरो साबित हो सकते हैं। मुंबई अगर यहां से एक भी मैच हारती है तो उनकी गाड़ी 16 पॉइंट्स पर अटक जाएगी ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स के पास टॉप-4 में जगह बनाने का सुनहरा मौका होगा। दिल्ली कैपिटल्स- शानदार अंदाज में सीजन का आगाज करने वाली दिल्ली की टीम अब अपनी लय खो चुकी है। 11 मैचों में 6 जीत के साथ टीम पांचवें पायदान पर है। हालांकि डीसी के पास अभी भी सर्वाधिक 19 पॉइंट्स तक पहुंचने का मौका है, मगर इसके लिए उन्हें बचे सभी मैच जीतने होंगे। अगर टीम दो मैच जीतती है तो उन्हें दुआ करनी होगी कि मुंबई अपना एक मैच हार जाए। लखनऊ सुपर जाएंट्स- ऋषभ पंत की टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है क्योंकि उनके पास अभी भी सर्वाधिक 16 अंकों तक पहुंचने का मौका है, मगर एक हार अब उनका टूर्नामेंट में सफर समाप्त कर सकती है। एलएसजी के खाते में फिलहाल 11 मैचों में 10 पॉइंट्स है। उन्हें अगले तीन मैच आरसीबी, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलने हैं। इसके अलावा उन्हें एमआई, डीसी और केकेआर के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। recent visitors 47