‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा- कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा राजनीतिक स्वार्थ महत्वपूर्ण है

नई दिल्‍ली पाकिस्‍तान में आतंक के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' पर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पार्टी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल कांग्रेस की आदत बन चुकी है। कुछ लोगों की कंट्री की विक्ट्री पर भी कंफ्यूजन की स्थिति पैदा करने की साजिश सिंडिकेट के समर्थन में है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस कंट्री की विक्ट्री पर कन्फ्यूजन केमिस्ट्री पैदाकर किस प्रकार का सियासी लाभ लेने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा राजनीतिक स्वार्थ महत्वपूर्ण है। मिडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पार्टी को घेरा। उन्‍होंने कहा कि 1999 के कारगिल की जंग में सोनिया गांधी ने तमाम तरह के सवाल पूछे थे, दुष्प्रचार शुरू कर दिया गया था। जब सर्जिकल स्ट्राइक हुआ तब भी यही हुआ और अभी भी वही चीज दोहरा रहे हैं। रंग में भंग डालने का जो रिवाज और मिजाज है, वह कोई देशवासी स्वीकार नहीं करेगा। उन्‍होंने कहा कि जब-जब भारतीय सेना देश के दुश्‍मनों को तबाह करती है, आतंक के ठिकानों को ध्‍वस्‍त करती है, तब आप सेना को हौसला देने के बजाय सवाल और सबूत की जुगलबंदी शुरू कर देते हैं। आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी के निंदा प्रस्‍ताव लाने के बयान पर उन्‍होंने कहा कि हमें सुरक्षा बलों और सरकार पर पूरा यकीन करना चाहिए। जो इस तरह की साजिश में भागीदार बने हुए हैं, उनको हमें अस्‍वीकार करना होगा, क्योंकि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर भी 'आप' सियासी चक्र की रचना में लगे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के मंत्री के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए बयान पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस प्रकार का बयान निंदनीय है। वह (कुरैशी) केवल अकेली नहीं हैं, उनका पूरा परिवार देश की सुरक्षा के प्रति समर्पित है। उस परिवार को देश की आन-बान-शान के तौर पर देखा जाता है। उन्‍होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मंत्री को इतना नहीं मालूम कि आतंकवाद और राष्ट्रवाद का फर्क क्या होता है, किस प्रकार की आप भाषा बोल रहे हैं। जोश में होश खोने की जरूरत नहीं है। recent visitors 64

विराट कोहली के टेस्ट रिटायरमेंट से निराश जावेद अख्तर, बोले- ‘आपमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी है’

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के ऐलान ने हर क्रिकेट प्रेमी को निराश कर दिया है। हर कोई उनके संन्यास पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दे रहा है। इस कड़ी में दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर किया, और कहा कि उन्हें लगता है कि विराट में अभी भी बहुत क्रिकेट बाकी है। जावेद अख्तर ने अपने 'एक्स' पोस्ट में लिखा- ''जाहिर है विराट को बेहतर पता है, लेकिन इस महान खिलाड़ी के प्रशंसक के रूप में मैं टेस्ट क्रिकेट से उनके समय से पहले संन्यास लेने से निराश हूं। मुझे लगता है कि उनमें अभी भी बहुत क्रिकेट बाकी है। मैं उनसे ईमानदारी से अनुरोध करता हूं कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।'' जावेद के इस पोस्ट पर फैंस जमकर कमेंट कर रहे हैं। इससे पहले, एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने पति विराट के रिटायरमेंट पर एक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने 'इंस्टाग्राम' स्टोरी सेक्शन में अपने विचार साझा करते हुए लिखा, ''इसलिए टेस्ट क्रिकेट में वही सफल हुए जिनके पास कुछ कहने को कोई कहानी थी। लंबी कहानी जो गीली, सूखी, देशी, विदेशी हर पिच पर लिख कर भी खत्म न हो।'' इससे पहले एक्ट्रेस ने एक और पोस्ट की थी जिसमें वह और विराट स्टेडियम में नजर आ रहे हैं। दोनों के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराहट है। इस फोटो को शेयर करते हुए अनुष्का ने कैप्शन में लिखा, ''लोग आपके रिकॉर्ड्स और उपलब्धियों की बात करेंगे… लेकिन मुझे वो आंसू याद रहेंगे जो आपने कभी नहीं दिखाए, वो संघर्ष जो किसी ने नहीं देखे… और वह अटूट प्यार, जो आपने इस खेल को दिया। मुझे पता है कि इन सबने आपसे कितना कुछ छीन लिया। हर टेस्ट सीरीज के बाद आप थोड़े और समझदार, थोड़े और विनम्र होकर लौटे। आपको इस सबके बीच आगे बढ़ते देख मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं। मुझे हमेशा लगता था कि आप इंटरनेशनल क्रिकेट से सफेद कपड़ों (टेस्ट फॉर्मेट) में विदा लेंगे… लेकिन आपने हमेशा दिल की सुनी है, और इसलिए मैं बस कहना चाहती हूं कि मेरे प्यार, आपने अपने संन्यास के हर पल को कमाया है।'' recent visitors 63

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के दुष्कर्म मामले में डॉक्टरों की निगरानी में उसका गर्भपात कराने की अनुमति दी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने यह फैसला पीड़िता के स्वास्थ्य को देखते हुए लिया, जिसे गर्भ ठहरने के बाद से गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने हाई कोर्ट को अवगत कराते हुए कहा था कि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया गया, तो छात्रा की जान को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने इसको बेहद गंभीरता से लिया। पीड़िता महज एक नाबालिग छात्रा है, जो आरोपी के बहकावे में आकर उसके साथ चली गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा ने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 64(2), 64(2)(एफ), 64(2)(एम), 365(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया। चिकित्सकीय रिपोर्ट ने दिया खतरे का संकेत सरकारी अस्पताल में हुई चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि पीड़िता 10 सप्ताह 4 दिन की गर्भवती है और भ्रूण जीवित अवस्था में है। शुरुआत में डॉक्टरों ने पीड़िता की उम्र और मामले की न्यायिक स्थिति को देखते हुए गर्भपात की अनुमति नहीं दी थी। गर्भ की अवधि बढ़ने के साथ ही पीड़िता को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होने लगीं। डॉक्टरों ने हाई कोर्ट को अवगत कराया कि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया, तो छात्रा की जान को खतरा हो सकता है। सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर अनुमति हाई कोर्ट के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने पीड़िता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि पीड़िता का गर्भपात किया जाना आवश्यक है। इससे उसकी जान को खतरा नहीं होगा। इस आधार पर न्यायालय ने विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में अबार्शन कराने की अनुमति दे दी। पीड़िता की गोपनीयता व गरिमा बनी रहे हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत पीड़िता की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़िता या उसकी कानूनी अभिभावक की उपस्थिति में वह जिला अस्पताल में रिपोर्ट करें, जहां डाक्टरों की टीम एक बार फिर से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करेगी। सब कुछ ठीक पाए जाने पर गर्भपात की प्रक्रिया की जाएगी। कोर्ट ने एक और अहम आदेश में यह भी कहा कि गर्भपात के बाद भ्रूण को संरक्षित रखा जाए और उसका डीएनए नमूना लिया जाए, ताकि आगे की जांच में उसका उपयोग किया जा सके।   recent visitors 56

पाक के हमलों को नाकाम करने में निभाई बड़ी भूमिका, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने दिखाया स्वदेशी डिफेंस सिस्टम ‘आकाशतीर’

नई दिल्ली सरकारी डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने बुधवार को स्वदेशी डिफेंस सिस्टम 'आकाशतीर' को देश को दिखाया। यह वही डिफेंस सिस्टम है, जिसने पाकिस्तान के कई हवाई हमलों को नाकाम किया। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "बीईएल को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमारे इन-हाउस डिजाइन और निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम 'आकाशतीर' ने युद्ध के मैदान में अपनी क्षमता साबित कर दी है। आकाशतीर के साथ एकीकृत ग्राउंड-बेस्ड डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को नाकाम कर दिया।" बीईएल ने पोस्ट में आगे लिखा, "इस प्रणाली ने उपयोगकर्ताओं की अपेक्षाओं से बढ़कर प्रदर्शन किया और मौजूदा संघर्ष के दौरान भारत को मजबूत वायु रक्षा प्रदान की।" बीईएल ने बताया कि आकाशतीर सेना की सबसे निचली परिचालन इकाइयों को सुलभ, एक निर्बाध और एकीकृत हवाई स्थिति चित्र सुनिश्चित करता है, जिससे सेना को स्थिति के बारे में सही और सटीक जानकारी मिलती है। सरकारी डिफेंस कंपनी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, "आकाशतीर अग्रिम पंक्ति पर तैनात यूनिट्स को सशक्त बनाता है और डायनामिक इंगेजमेंट निर्णय लेने में मदद करता है।" ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सोमवार को भारतीय सेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहा था, "हमारे युद्ध-सिद्ध सिस्टम समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और उन्होंने पाकिस्तान का डटकर मुकाबला किया है। एक और खास बात स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली-आकाश सिस्टम का शानदार प्रदर्शन रहा। पिछले एक दशक में भारत सरकार के बजटीय और नीतिगत समर्थन के कारण ही इतना मजबूत वायु रक्षा वातावरण तैयार करना और संचालित करना संभव हो सका।" भारती ने आगे कहा था, "पाकिस्तान के ड्रोन और मानवरहित युद्धक हवाई वाहनों को स्वदेशी रूप से विकसित सॉफ्ट और हार्ड किल काउंटर-यूएएस सिस्टम और अच्छी तरह से प्रशिक्षित भारतीय वायु रक्षा कर्मियों ने नाकाम कर दिया। हमने सिविलियन और मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को न्यूनतम रखा, जबकि पाकिस्तानी सेना लगातार हमले कर रही थी। आपको पता है कि एयर डिफेंस सिस्टम की हमारे पास वैरायटी है, जिसमें लो लेवल फायरिंग, सरफेस टू एयर मिसाइल, लॉन्ग और शॉर्ट रेंज मिसाइल शामिल हैं। हम पर ड्रोन और यूएवी से हमला किया गया। पाकिस्तानी हमले के दौरान हमारे सभी सिस्टम एकसाथ सक्रिय हुए। मॉडर्न डेज वार फाइटिंग के लिहाज से ये अहम था। पुराने माने जा रहे एयर डिफेंस सिस्टम ने भी सही तरह से काम किया।" recent visitors 54

अब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने हार्ड-किल काउंटर-स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ का सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली भारत ने ड्रोन हमलों के खिलाफ अपनी क्षमताओं को और मजबूत करते हुए अत्याधुनिक, कम लागत वाले हार्ड-किल काउंटर-स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर स्थित सीवर्ड फायरिंग रेंज में किया गया। यह सिस्टम स्वदेशी रूप से सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) द्वारा विकसित किया गया है और इसे भारत की रक्षा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, खासकर यह ड्रोन स्वॉर्म (झुंड) जैसे खतरों को निष्क्रिय करने में काफी कारगर है। परीक्षण के दौरान सिस्टम के माइक्रो रॉकेट्स ने सभी प्रदर्शन मानकों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया। 13 मई को तीन अलग-अलग परीक्षण किए गए, जिनमें दो व्यक्तिगत रॉकेट दागे गए और एक साल्वो मोड में, जहां दो रॉकेट केवल दो सेकंड के अंतर में दागे गए। सभी रॉकेट्स ने तय लॉन्च मापदंडों को पूरा किया। ‘भार्गवास्त्र’ 2.5 किमी तक की दूरी पर छोटे और तेज गति से उड़ने वाले ड्रोन को पहचानकर उन्हें नष्ट कर सकता है। इसका पहला रक्षा स्तर बिना दिशा-निर्देशन वाले माइक्रो रॉकेट्स पर आधारित है, जो 20 मीटर के घातक दायरे में कई ड्रोन को खत्म कर सकते हैं। दूसरा स्तर गाइडेड माइक्रो मिसाइल पर आधारित है, जो सटीकता के साथ लक्ष्यों पर वार करती है। यह प्रणाली ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों (5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई) में भी प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम है। इसका डिजाइन मॉड्यूलर है, जिसमें सॉफ्ट-किल तकनीकों जैसे जैमिंग और स्पूफिंग को भी शामिल किया जा सकता है। यह भारत की मौजूदा नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर प्रणाली से भी पूरी तरह लैस है। इसमें उन्नत सी4आई (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन्स, कंप्यूटर एंड इंटेलिजेंस) तकनीकें शामिल हैं। रडार 6 से 10 किमी तक की दूरी पर सूक्ष्म हवाई खतरों का पता लगाने में सक्षम हैं। एसडीएएल ने इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक बताया है, जिसमें रॉकेट और माइक्रो-मिसाइल दोनों का विकास देश में ही किया गया है। कंपनी का कहना है कि दुनियाभर में जहां कई देश ऐसी तकनीकें विकसित कर रहे हैं, वहीं 'भार्गवास्त्र' जैसी लागत-कुशल और मल्टी-लेयर्ड प्रणाली अभी तक कहीं भी तैनात नहीं की गई है। यह परीक्षण न केवल "मेक इन इंडिया" पहल के तहत एक और मील का पत्थर है, बल्कि देश की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। recent visitors 59

आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर हुई सहमति: एस जयशंकर

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बियाटे मींल-रेसिंगर से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद के मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री से बातचीत की जानकारी दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के साथ आज हुई बातचीत की सराहना करता हूं। उनकी नियुक्ति पर बधाई दी। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के दृढ़ विरोध पर सहमति हुई। हमारे बेहतरीन द्विपक्षीय संबंधों और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई।'' वहीं, ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई। ऑस्ट्रिया और भारत अपने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ऑस्ट्रिया की निंदा दोहराई और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में पाकिस्तान के साथ सीजफायर का स्वागत किया।'' उन्होंने आगे लिखा, ''हमने यूक्रेन में शांति के लिए सामूहिक प्रयासों पर भी चर्चा की और मैंने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि रूस हिंसा बंद करे और सीजफायर पर सहमत हो।'' इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। भारत की तीनों सेनाएं, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, भारत के अर्धसैनिक बल लगातार अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। recent visitors 52

रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर किये हस्ताक्षर

नई दिल्ली जमीन समेत अन्य अनेक मामलों में रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान और उसके कारण परियोजनाओं में होने वाली देरी को समाप्त करने के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र से पीएम गति शक्ति के तहत आने वाली बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में आ रहीं अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। दोनों मंत्रालयों ने पिछले साल नवंबर में भी नेशनल हाईवे कॉरिडोर में आने वाले रोड ओवर और रोड अंडर ब्रिजों के लिए इसी तरह के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मिलकर समाधान निकालेंगे मंत्रालय उसी के अनुरूप अब जमीन समेत अन्य मामलों को लेकर भी अनुबंध किया गया है। नए समझौते में एक-दूसरे की जमीन लेने की प्रक्रिया को और सरल और समयबद्ध किया गया है। इसके साथ ही दोनों मंत्रालय समन्वय के लिए प्रोजेक्ट स्तर पर समितियों का भी गठन करेंगे और विवाद वाली स्थितियों में मिलकर समाधान तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। सहमति पत्र के अनुसार अगर हाईवे निर्माण के लिए रेलवे की जमीन का कोई हिस्सा सड़क परिवहन मंत्रालय अथवा एनएचएआई को चाहिए तो उसे उसके ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा और रेलवे 90 दिनों के भीतर वह जमीन सौंप देगा। यही प्रक्रिया रेलवे की जरूरतों के लिए भी लागू होगी। साझा पोर्टल किया जाएगा तैयार चूंकि सड़क परिवहन मंत्रालय के पास अभी इस तरह का कोई पोर्टल नहीं है इसलिए रेलवे को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के 15 दिनों के भीतर दोनों मंत्रालयों की एक संयुक्त टीम जमीन की पहचान करेंगी। जमीन और आरओबी तथा आरयूबी के मामलों के समाधान के लिए दोनों मंत्रालयों ने हर दो महीने में समीक्षा बैठक करने का भी फैसला किया है। इसके अतिरिक्त दोनों मंत्रालय एक साझा पोर्टल भी विकसित करेंगे जिसमें इन मामलों को दर्ज किया जा सकेगा।   recent visitors 55