असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा वाली टिप्पणी करने के लिए यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए यति नरसिंहानंद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करने वाले पीएम मोदी को यति नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उसे गिरफ्तार करना चाहिए। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सीवी आनंद से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले यति नरसिंहानंद और अन्य के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि साबित हो सके कि वे पक्षपाती नहीं हैं। ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पूरे देश में नबी की शान में गुस्ताखी करने वालों को सपोर्ट करेगी और भारत की सबसे बड़ी माइनॉरिटी के जज्बात को ठेस पहुचायेंगे तो ये सरासर नाकाबिल-ए-कबूल है। यति नरसिंहानंद को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है। ये लोग देश को कमजोर कर रहे हैं और संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में पार्टी विधायकों और विधान पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ लिखित ज्ञापन दिया। एआईएमआईएम नेताओं ने पुलिस आयुक्त को बताया कि नरसिंहानंद सरस्वती ने दूसरे समुदाय को पैगंबर मोहम्मद का पुतला जलाने के लिए उकसाया, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया। उन्होंने मांग की कि हैदराबाद पुलिस उत्तर प्रदेश में एक टीम भेजे, यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार करे और उसे हैदराबाद लाए। ओवैसी ने कहा कि पुलिस आयुक्त ने एक वरिष्ठ अधिकारी को इस संबंध में साइबर सेल में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। एआईएमआईएम नेताओं ने भड़काऊ बयानों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि ये सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से सरस्वती के खिलाफ उनकी भड़काऊ टिप्पणियों के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सांप्रदायिक भावनाएं और न भड़कें। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि यति नरसिंहानंद ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक और अत्यधिक निंदनीय शब्दों का इस्तेमाल किया। ओवैसी ने याद दिलाया कि यति नरसिंहानंद को पहले भी भड़काऊ भाषण के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उनकी जमानत की एक शर्त यह थी कि वे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि उनकी जमानत रद्द की जाए। उन्होंने कहा, "हमने यह भी अनुरोध किया कि यति नरसिंहानंद की ईशनिंदा वाली टिप्पणियों के वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वे प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करेंगे।" recent visitors 72

पंचायत चुनावों के बीच ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फैसला लेकर दलजीत सिंह घुम्मन को गांव का सरपंच चुना

संगरूर पंचायत चुनाव के दौरान गांव घराचों में सर्वसम्मति से सरपंच चुना गया है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फैसला लेकर दलजीत सिंह घुम्मन को गांव का सरपंच चुना है। ग्रामीणों के इस फैसले से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सर्वसम्मति से सरपंच चुनने की अपील को और बल मिल गया है। आपको बता दें कि संगरूर जिले में पड़ता घराचो गांव मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओ.एस.डी. राजबीर सिंह घुम्मण और ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह का पैतृक गांव  है। बता दें कि राज्य के 13,237 ग्राम पंचायतों के लिए 15 अक्टूबर 2024 को मतदान होगा। चुनाव की अधिसूचना 27 सितंबर को जारी हुई थी। वहीं 4 अक्टूबर को नामांकन भरने की अंतिम तिथि थी।   recent visitors 61

भरतपुर जिले के उच्चैन थाना इलाके में स्कूल बस में मौजूद छात्र-छात्राओं से मारपीट का मामला, छात्राओं के कपड़ फाड़े

भरतपुर भरतपुर जिले में 'अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास' वाला राजस्थान पुलिस का यह स्लोगन उल्टा साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है । या यूं कहे कि अब जिले में बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो रहा है । लिहाजा, अब बड़ा सवाल ये है कि अब आमजन की रक्षा कौन करें ? क्योंकि बदमाशों में तो पुलिस का डर रहा नहीं, ऐसे में बदमाश अपनी मनमानी करने के लिए कहीं पर भी किसी भी घटना को अंजाम देने में बाज नहीं आते हैं । मारपीट में दो छात्रों के आई चोटें दरअसल, भरतपुर जिले के उच्चैन थाना इलाके में स्कूल बस में मौजूद छात्र-छात्राओं से मारपीट का मामला सामने आया है । आपके पूरा वाकया बताते चले कि कुछ बदमाश छात्रों से भरी स्कूल बस में चढ़ गए । इतना ही नहीं बदमाशों ने छात्राओं के कपड़े तक फाड़ डाले । इस दौरान छात्रों ने बदमाशों का विरोध किया तो बदमाशों ने छात्रों को भी पीटना शुरू कर दिया । हालांकि मारपीट में दो छात्रों के चोटें भी आई है । वहीं बस ड्राइवर ने थाने में बदमाशों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा दिया है । हथियारों के बल पर बदमाशों ने रुकवाई स्कूली बस मिली जानकारी के मुताबिक कार और बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने बस को रुकवा दिया, इसके बाद हथियारों से लैस बदमाशों ने बस में चढ़कर स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ करते हुए उनके कपड़े तक फाड़ डाले और छात्रों के साथ मारपीट कर मौके से फरार हो गए । वहीं बताया जा रहा है कि घटना के बाद उधर से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम का काफिला जा रहा था। तो छात्रों ने मंत्री के काफिले को रुकवाकर मामले की शिकायत की । हालांकि गृह राज्य मंत्री ने थानाधिकारी को मौके पर ही जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए । 10-15 बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम स्कूल के ड्राइवर हरगोविंद ने मामला दर्ज करवाते हुए बताया, कि आज स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने के लिए दोपहर दो बजे रवाना हुआ। जिसके बाद बस में एक छात्र कुछ लोगों को कॉल कर रहा था। छात्र उन्हें बस की लोकेशन के बारे में बता रहा था। जब बस नगला और जयचौली के बीच में आई तो एक ईको गाड़ी और तीन-चार बाइक पर पर 15 से 20 लोग सवार थे। उन बदमाशों ने बस को रुकवाया और बस में घुस गए। जिसके बाद जो छात्र बस में फोन पर बस की लोकेशन दे रहा था। वह बदमाशों के साथ मिलकर बच्चियों के कपड़े फाड़ने लगा। जब बस में सवार अन्य छात्रों ने बदमाशों का विरोध किया तो फोन करने वाला छात्र और बदमाश सभी छात्रों को पीटने लगे। बदमाशों ने छात्रों पर तान दी पिस्टल ड्राइवर ने बताया कि बदमाशों के पास देसी कट्टे,लाठी,डंडे, पिस्टल और पंच थे। बदमाशों ने अन्य छात्रों की कनपटी पर पिस्टल तान दी। बताया जा रहा है कि फोन पर बात करने वाला छात्र पिछले तीन दिन से इन बदमाशों को बस की लोकेशन भेज रहा था। वहीं ड्राइवर हरगोविंद ने बताया की आज उसे स्कूल से सैलरी मिली थी। बदमाश उसके पास से 10 हजार रुपए को भी लूट कर भाग गए। जिसके बाद बस का ड्राइवर छात्र और छात्राओं से भरी बस को लेकर उच्चैन थाने पर पहुंचा। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम बयाना से भरतपुर की तरफ आ रहे थे। छात्र-छात्राओं ने उन्हें रोक लिया और घटना के बारे में बताया। जिसके बाद गृह राज्य मंत्री ने उच्चैन थाना अधिकारी प्रदीप कुमार को जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। recent visitors 110

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिव्यांग अधिकारी-कर्मचारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए बनेगी नीति

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए राज्य सरकार को नीति बनाने का निर्देश दिया है. जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया है. साथ ही विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत राज्य आयुक्त की नियुक्ति करने का भी आदेश दिया गया है. धारा 80 के तहत आयुक्त को अलग-अलग सक्षम व्यक्तियों के अधिकारों के हनन के संबंध में स्वप्रेरणा से विचार करना होगा. कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को दिए जाने वाले इस लाभ का उद्देश्य, अन्य बातों के साथ-साथ शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को ऐसे स्थान पर तैनात करने में सक्षम बनाना है, जहां उनको आसानी से मदद मिल सके और शासकीय कामकाज के संचालन में दिक्कतें ना आए. दरअसल, सचिव नगरीय प्रशासन ने 12.9.2023 काे आदेश को एक आदेश जारी किया, जिसमें नगर पालिका परिषद बेमेतरा में सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर याचिकाकर्ता का तबादला नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जिला दुर्ग कर दिया गया. याचिकाकर्ता ने 21.8.2024 के उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसके तहत उसे वर्तमान पदस्थापना स्थान से हटाकर स्थानांतरित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता को प्रारंभ में शारीरिक रूप से विकलांग श्रेणी के तहत नगर पालिका परिषद बेमेतरा में भृत्य के पद पर नियुक्त किया गया था. याचिकाकर्ता 70 प्रतिशत चलने-फिरने में अक्षम है . 13.9.2000 को याचिकाकर्ता को सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया. नियुक्ति की तिथि से याचिकाकर्ता लगातार नगर पालिका परिषद बेमेतरा में काम कर रहा है. सचिव नगरीय प्रशासन ने याचिकाकर्ता सहित विभिन्न नगर पालिका परिषदों के विभिन्न कर्मचारियों को स्थानांतरित करते हुए 12.9.2023 को स्थानांतरण आदेश जारी किया. याचिकाकर्ता ने कहा है कि हालांकि स्थानांतरण आदेश 12.9.2023 है, लेकिन उसे अभी तक तामील नहीं किया गया है और पिछले एक साल से याचिकाकर्ता को उसकी नियुक्ति के स्थान यानी नगर परिषद बेमेतरा में लगातार काम करने की अनुमति दी गई है. हालांकि, रिलीविंग ऑर्डर जारी होने पर याचिकाकर्ता ने पता किया तब उसे 12.9.2023 के आदेश के तहत उसके स्थानांतरण के बारे में पता चला. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सचिव नगरीय प्रशासन विभाग के समक्ष 10 दिनों के भीतर संपूर्ण दस्तोवजों के साथ विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करने कहा है. अभ्यावेदन प्राप्त होने की तिथि से चार सप्ताह की अवधि के भीतर सचिव नगरीय प्रशासन विभाग को निराकरण करना होगा. recent visitors 86

चंद घंटों में 600 से अधिक लोगों की हत्या से यह देश दहल उठा, दफनाने के लिए जमीन कम पड़ गई

बुर्किना फासो चंद घंटों में 600 से अधिक लोगों की हत्या से यह देश दहल उठा है। इस नरसंहार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगस्त महीने में में बुर्किना फासो के बार्सालोघो शहर पर हुए हमले में अल-कायदा से जुड़े सदस्यों ने कुछ ही घंटों में करीब 600 लोगों की हत्या कर दी। बार्सालोघो के निवासियों को 24 अगस्त को गोली मार दी गई थी। वे सेना के आदेश पर खाइयां खोद रहे थे। इस हमले में जिन लोगों की जान गई है, उनें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। यह देश के इतिहास में सबसे भयानक नरसंहार है। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े विद्रोहियों के बीच जारी जिहादी विद्रोह के कारण ऐसे हालात बने हैं। माली स्थित और बुर्किना फासो में सक्रिय अल-कायदा से जुड़े जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) के सदस्यों ने बार्सालोघो के बाहरी इलाके में ग्रामीणों को गोली मार दी। संयुक्त राष्ट्र ने जहां करीब 200 लोगों की मौत का अनुमान लगाया, वहीं जेएनआईएम ने कहा कि उसने करीब 300 लड़ाकों को मार गिराया। हालांकि, फ्रांसीसी सरकार के सुरक्षा आकलन के मुताबिक, हमले में 600 से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या की गई। एक व्यक्ति ने कहा कि वह सेना द्वारा खाई खोदने के लिए कहे गए दर्जनों लोगों में से एक था। उसने सीएनएन को बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे शहर से 4 किलोमीटर दूर एक खाई में था। उस समय उसने पहली गोली चलने की आवाज सुनी। उसने कहा, “मैं भागने के लिए खाई में रेंगने लगा। लेकिन ऐसा लग रहा था कि हमलावर खाइयों का पीछा कर रहे थे। इसलिए मैं रेंगकर बाहर निकला और खून से लथपथ कई लोगों को देखा। मेरे रास्ते में हर जगह खून था। हर जगह चीख-पुकार मची हुई थी। मैं एक झाड़ी के नीचे पेट के बल लेट गया। दोपहर तक छिपता रहा।” एक दूसरे जीवित व्यक्ति ने कहा कि जेएनआईएम ने पूरे दिन लोगों को मारा। उसने कहा, "तीन दिनों तक हम शवों को इकट्ठा करते रहे। हर जगह शव बिखरे हुए थे। हमारे दिलों में डर समा गया। दफनाने के समय जमीन पर इतने सारे शव पड़े थे कि दफनाना मुश्किल था।" सेना ने कथित तौर पर स्थानीय लोगों को शहर के चारों ओर एक विशाल खाई खोदने का आदेश दिया ताकि शहर को आस-पास घूम रहे जिहादियों से बचाया जा सके। जेएनआईएम ने विद्रोह के खिलाफ लड़ाई में सेना का समर्थन करने के खिलाफ नागरिकों को चेतावनी दी है। recent visitors 61

यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है: जयशंकर

नई दिल्ली मध्य पूर्व में चल रहे हमास और इजरायल के बीच के संघर्ष ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारी चिंता पैदा कर दी है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इसे "गहरी चिंता का विषय" बताया, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। जयशंकर ने साफ कहा कि भारत मिडिल ईस्ट की इस जंग का फायदा नहीं उठा रहा है बल्कि इससे उसे नुकसान ही हो रहा है। मिडिल ईस्ट की जंग का फायदा नहीं उठा रहा भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "मध्य पूर्व आज एक अवसर नहीं, बल्कि गहरी चिंता का क्षेत्र है। संघर्ष बढ़ता जा रहा है और इसका असर केवल वहीं नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर पड़ रहा है।" उन्होंने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चैन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे भारत समेत अन्य देशों को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है – पहले हमने एक आतंकी हमला देखा, फिर उसकी प्रतिक्रिया हुई, उसके बाद गाजा में जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है। अब हम देख रहे हैं कि यह संघर्ष लेबनान तक फैल गया है, जहां इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। वहीं, हूथी विद्रोही लाल सागर में हमले कर रहे हैं।" जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष वैश्विक समस्याओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, और यह मानना गलत होगा कि कोई निष्पक्ष रहकर इससे लाभ उठा सकता है। वैश्वीकरण के इस युग में, किसी भी हिस्से में होने वाला संघर्ष कहीं न कहीं दुनिया के दूसरे हिस्सों पर असर डालता है। इससे किसी न किसी प्रकार की सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।" जयशंकर ने आगे कहा कि आज दुनिया भर में हो रहे संघर्ष, चाहे वह यूक्रेन में हो या मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में, यह अस्थिरता के बड़े कारक बन चुके हैं। उन्होंने कहा, "यह पूरी दुनिया के लिए, जिसमें हम भी शामिल हैं, चिंता का विषय है।" हमास-इजरायल संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला कर दिया, जिससे एक हजार से ज्यादा लोग हताहत हुए और बड़े पैमाने पर विध्वंस हुआ। इस हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा पर तीव्र हवाई हमले और जमीनी ऑपरेशनों की शुरुआत की। इन हमलों में हमास की संरचनाओं और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस संघर्ष ने गाजा पट्टी को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है और बड़ी संख्या में लोग मारे गए। अब यह जंग लेबनाने से होते हुए ईरान तक पहुंच चुकी है। यह संघर्ष सिर्फ हमास और इजरायल तक सीमित नहीं रहा है। इसके विस्तार के रूप में लेबनान और ईरान के बीच भी तनाव बढ़ रहा है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के प्रमुख ही इजरायली हमले में मौत के बाद स्थिति को और भी जटिल बन गई। हाल ही में ईरान ने इजरायल पर 200 के करीब मिसाइलों से हमला किया था। साथ ही, हौथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में भी हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे समुद्री व्यापार पर भी खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है, और यहां की अस्थिरता भारत की तेल आपूर्ति पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इसके अलावा, भारत के लाखों प्रवासी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और भविष्य भी इस संघर्ष से प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने इस संघर्ष के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक प्रयासों में तेजी लाने की अपील की है। recent visitors 84

नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के तुरंत बाद जनअदालत लगाकर दो युवकों को उतारा मौत के घाट

बीजापुर दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिला के सीमाई क्षेत्र में शुक्रवार को सुरक्षाबलों के एंटी-नक्सल ऑपरेशन के बाद नक्सलियों की बौखलाहट देखने को मिली। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के तुरंत बाद जनअदालत लगाकर मुखबिरी के शक में दो युवकों, अर्जुन पुनेम और मोटू कुरसम की बेरहमी से हत्या कर दी। वहीं, कुछ ग्रामीणों को पिटाई के बाद छोड़ दिया गया। यह मामला गंगालूर थाना क्षेत्र के सावनार का है। फिलहाल, मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बता दें कि शुक्रवार को दंतेवाड़ा जिला के बारसूर पुलिस थाना के ग्राम थुलथुली और नारायणपुर जिला के ओरछा पुलिस थाना के ग्राम नेंदूर के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें डीआरजी दंतेवाड़ा/नारायणपुर और एसटीएफ के जवानों ने 31 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया। इसे सुरक्षाबलों की अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे पहले बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के जंगलों में बीते 16 अप्रैल को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 29 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बौखलाए नक्सली पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इसी साल जवानों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में 188 नक्सलियों को मार गिराया गया है। जिन इलाकों में यह कार्रवाई हुई है, उनमें बस्तर क्षेत्र के दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित 7 जिले शामिल हैं। वहीं, सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने दंतेवाड़ा मुठभेड़ से पहले बताया था कि बस्तर संभाग में मानसून सीजन में ही 212 से ज्यादा नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 201 नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। ऐसे में नक्सलियों की कमर टूटने लगी है और वे बौखलाहट में नजर आ रहे हैं। recent visitors 98