मंत्री विजय शाह मामले में MP हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, कहा- 4 घंटे में दर्ज करें FIR, क्या इस्तीफा देंगे शाह

भोपाल  कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की मुश्किल बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर HC के जस्टिस अतुल श्रीधरन और अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कोर्ट ने सरकार को चार घंटे के अंदर (6:00 बजे तक) मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर पीएम मोदी भी नाराज हैं। मंत्री शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में एक विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की है। मंत्री शाह ने बाद में अपने बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन कांग्रेस ने उनकी माफी को स्वीकार नहीं किया और उनके इस्तीफे की मांग जारी रखी है। 'विजय शाह पर देशद्रोह का मामला दर्ज हो' बता दें कि मंत्री विजय शाह के बयान से बवाल मचा हुआ है. बुधवार (14 मई) को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल श्यामला हिल्स थाने पहुंचा. कांग्रेस ने उठाई विजय शाह के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस गुरुवार (15 मई) को मध्य प्रदेश के सभी थानों में कल शिकायती आवेदन भी देगी. एक मिनट भी पद रहने का हक नहीं- कांग्रेस मंत्री विजय शाह के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विजय शाह ने सेना का अपमान किया है और उन्हें एक मिनट भी मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं है. उनके बयान से देश के लोग खुश नहीं हैं. हमने श्यामला हिल्स थाने में इसको लेकर आवेदन दिया है साथ ही हमने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी पत्र लिखा है. क्या इस्तीफा देंगे मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान ने मध्य प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है. इस मामले में मंत्री विजय शाह को केन्द्रीय नेतृत्व से फटकार लगी है. इसके बाद उन्होंने मांफी भी मांगी है. इधर, कांग्रेस ने विजय शाह के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. कांग्रेस के आक्रामक रुख और जनता की नाराजगी को देखते हुए अब बीजेपी बचाव की मुद्रा में है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विजय शाह मंत्री पद से इस्तीफा देंगे. बीजेपी नेता जुटे डैमेज कंट्रोल में वहीं, मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान से हुई पार्टी की किरकिरी के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिशें बीजेपी ने तेज कर दी हैं. विजय शाह को प्रदेश पार्टी मुख्यालय तलब किया गया. सफाई देने मंत्री हवाई चप्पल पहने ही दौड़े-दौड़े पहुंचे. इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने बयान को लेकर माफी मांगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है "मंत्री विजय शाह को समझाइश दी गई है. पार्टी नेतृत्व ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और उन्हें आगाह किया गया है. सोफिया कुरैशी इस देश की बेटी है और उसने जो पराक्रम किया है, उसको पूरा देश सैल्यूट करता है." कांग्रेस अध्यक्ष खडगे के बयान को लेकर वीडी शर्मा ने कहा "वे क्या कहते हैं वह उनका नजरिया है, लेकिन पार्टी इस पूरे मामले में गंभीर है." हालांकि विजय शाह के इस्तीफे के सवाल पर पार्टी अध्यक्ष ने कुछ भी नहीं कहा. नेम प्लेट पर कालिख पोतने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ एफआईआर इधर, मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान के विरोध में मंत्री की नेम प्लेट पर कालिख पोतने के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. वहीं, मंत्री पर एफआईआर दर्ज कराने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस नेता थाने भी पहुंचे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अब इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. जीतू पटवारी ने लिखा है "मंत्री का यह बयान न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि भारतीय सेना की गरिमा, देश की एकता और सामाजिक सद्भाव पर भी खुला हमला है. कर्नल सोफिया कुरैशी ने अपनी वीरता और देशभक्ति से देश का मान बढ़ाया है. ऐसे व्यक्तित्व पर हमला उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर प्रहार और भारतीय सेना एवं जन भावनाओं का अपमान है." recent visitors 33

पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले ने बताया कोहली के बाद नंबर-4 का करुण नायर को दावेदार, अब सभालेंगे भार

नई दिल्ली विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद भारतीय टीम थोड़ी कमजोर सी नजर आ रही है। टॉप पर ना तो अब रोहित शर्मा होंगे और ना ही मिडिल ऑर्डर का भार संभालने वाले किंग कोहली। ऐसे में इंग्लैंड दौरे पर टीम थोड़ी बिखरी-बिखरी नजर आ सकती है। इस समय कप्तानी के अलावा सवाल यह है कि नंबर-4 की पोजिशन पर कौन बैटिंग करेगा। कोहली ने सचिन के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी, मगर अब उनके बाद कौन? इस सवाल का जवाब पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले ने दिया है। इस लीजेंड्री स्पिनर ने इंग्लैंड दौरे पर करुण नायर को नंबर-4 का दावेदार बताया है। बता दें, नायर ने आखिरी टेस्ट 2017 में खेला था। कुंबले ने कहा, "करुण ने जिस तरह का घरेलू प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए वह भारतीय टीम में वापसी के हकदार हैं। इसलिए शायद वह भारत के लिए नंबर 4 पर खेल सकते हैं, क्योंकि मुझे लगता है कि आपको थोड़े अनुभव की जरूरत होती है। आपको इंग्लैंड में किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो वहां जाकर खेल चुका हो। वह काउंटी क्रिकेट खेल चुका है, इसलिए वह वहां की परिस्थितियों को जानता है। करुण की उम्र भले ही 30 के पार हो, लेकिन वह अभी भी युवा है। अगर उसे मौका मिलता है, तो युवाओं के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने की काफी उम्मीदें होंगी। अगर घरेलू क्रिकेट में किए गए प्रदर्शन को मान्यता नहीं मिलती है, तो यह थोड़ी चुनौती बन जाती है।" नायर अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं, उन्होंने हाल ही में घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ की जीत में अहम भूमिका निभाई और इस सत्र के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने 16 पारियों में 53.93 की औसत से 863 रन बनाए, जिसमें चार शतक और दो अर्द्धशतक शामिल हैं। चयनकर्ता उन्हें सनियर टीम में मौका देने से पहले इंग्लैंड दौरे पर इंडिया ए के स्क्वॉड के लिए भी चुन सकते हैं। recent visitors 47

अवैध तरीके से रह रहे 148 बांग्लादेशियों को किया गया डिपोर्ट

जोधपुर भारत सरकार अब अवैध रूप से देश में रह रहे विदेशियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही है। इसी कड़ी में राजस्थान के जोधपुर से सोमवार को 148 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई। ये सभी बांग्लादेशी नागरिक पहले अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे। राजस्थान पुलिस ने हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में अवैध प्रवासियों की पहचान की। इस दौरान कुल 1008 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। इनमें से अकेले जयपुर रेंज से 761 और सीकर जिले से 394 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए। दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पहले चरण में 148 नागरिकों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन बांग्लादेशी नागरिकों को सीकर पुलिस की निगरानी में जोधपुर लाया गया, जहां से उन्हें एयरफोर्स स्टेशन के जरिए पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। वहां से इन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर उनके देश वापस भेजा जाएगा। सरकार की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि अब भारत अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके मूल देशों में भेजा जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई अवैध प्रवासी वर्षों से भारत में रह रहे थे और इन्होंने यहां के फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर काम-धंधे शुरू कर दिए थे। कई बार ये लोग कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। डिपोर्ट किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की सूची केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है और विदेश मंत्रालय के समन्वय से इनकी वापसी सुनिश्चित कराई जा रही है।   recent visitors 54

जेसी जॉर्ज मोदी ने कहा कि वो चुनाव लड़ सकती हैं, इस खुले इजहार से राजनीतिक गलियारों में मची खलबली

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिवंगत दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी की पत्नी जेसी जॉर्ज मोदी ने चुनाव लड़ने की इच्छा जता दी है। बिहार में पार्टी के संघर्ष से अच्छे दिनों तक अगुआ रहे सुशील मोदी की पत्नी के चुनाव लड़ने की ख्वाहिश के खुले इजहार से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। सुशील मोदी का पिछले साल 13 मई को निधन हो गया था। उनकी पहली पुण्यतिथि पर पटना में आयोजित समारोह के बाद पत्रकारों से जेसी जॉर्ज मोदी ने कहा कि वो चुनाव लड़ सकती हैं। पत्रकारों ने जब जेसी जॉर्ज मोदी से पूछा कि क्या वो राजनीति में आ सकती हैं, क्या वो चुनाव लड़ सकती हैं तो उन्होंने जवाब दिया- “मेरा भाषण नहीं सुने क्या स्टेज पर, बहुत गलत बात।” मीडिया ने फिर से पूछा कि क्या आप लड़ सकती हैं तो उन्होंने कहा- “हां लड़ सकती हूं।” फिर जेसी जॉर्ज मोदी ने कार में बैठते हुए कहा- “इतना अच्छा भाषण हमने दिया, भाषण नहीं सुने क्या।” समारोह में जेसी जॉर्ज मोदी ने नीतीश के साथ सुशील मोदी के रिश्तों को बहुत स्पेशल बताते हुए कहा कि जब दोनों अलग हो गए थे तो उनके पूछने पर मोदी ने रोते हुए कहा था कि नीतीश मेरे दोस्त हैं। सुशील मोदी देश के उन गिने-चुने राजनेताओं में शामिल हैं, जो संसद और विधानमंडल के दोनों सदनों में रहे। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से राजनीति में आए सुशील मोदी चुनावी राजनीति में बिहार विधानसभा से आए। पटना सेंट्रल विधानसभा सीट से लगातार तीन बार जीतकर विपक्ष के नेता के पद तक पहुंचे सुशील मोदी 2004 में भागलपुर लोकसभा सीट से संसद पहुंचे। 2005 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनी तो वो पटना लौटे और एनडीए सरकार के उपमुख्यमंत्री बने। तब से वो विधान परिषद सदस्य बनते रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से अलग हो गए नीतीश कुमार के 2015 में लालू यादव से हाथ मिलाने के बाद बनी महागठबंधन सरकार को दो साल के अंदर गिराकर नीतीश को वापस एनडीए के साथ लाने का श्रेय सुशील मोदी को ही जाता है। 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद भी उन्हें फिर डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया और राज्यसभा सांसद बनाकर दिल्ली भेज दिया गया। नीतीश को मोदी की कमी लगातार खलती रही, जिसके कारण वो बीच में एक बार फिर अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक महागठबंधन के साथ चले गए थे। recent visitors 49

जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, फोन, लैपटॉप के दाम होंगे सस्ते!

नई दिल्ली भारत में अब वो दिन दूर नहीं जब भारतीय फोन और लैपटॉप अपने ही देश में सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने भारत की चिप बनाने की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा दिया है। इसके मद्देनजर आज बुधवार को मोदी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। 3,706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर होगी। बता दें कि जेवर प्लांट में उत्पादित चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी आदि में किया जाएगा। अन्य पांच सेमीकंडक्टर गुजरात और असम में अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि करीब 3706 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इस प्लांट में लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट एचसीएल और फोक्सकाॅन के सहयोग से स्थापित की जाएगी और इसमें डिस्प्ले ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसकी कैपासिटी मंथली 3.6 करोड़ माइक्रो चिप्स की होगी। भारत में तेजी से बढ़ रहा सेमीकंडक्टर उद्योग सरकार ने कहा, "पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। अब 6वीं यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं आ गई हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों से सख्ती से संपर्क कर रही हैं।" भारत में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, चिकित्सा उपकरण, बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।   recent visitors 62

रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह, जेम्स एंडरसन का बड़ा दावा, क्या बोला इंग्लिश क्रिकेटर

लंदन भारत के दो महान क्रिकेटरों रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट से संन्यास ले लिया है। इस पर दुनिया भर के क्रिकेटर अपनी राय दे रहे हैं। इसी क्रम में इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का भी बयान सामने आया है। एंडरसन का मानना है कि भारत के पास बेखौफ और आक्रामक क्रिकेट खेलने वाले अगली पीढ़ी के क्रिकेटर हैं। इन क्रिकेटरों में इतनी क्षमता है कि वह विराट कोहली और रोहित शर्मा की जगह ले सकते हैं। यह भी बता दें कि इन दोनों का संन्यास ऐसे समय पर हुआ है, जब भारत को इंग्लैंड दौरे पर जाना है। 20 जून से शुरू होने वाले इस दौरे पर इंग्लैंड को पांच टेस्ट मैचों की सिरीज खेलनी है। यह टेस्ट सिरीज, नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 की शुरुआत भी होगी। हफ्ते भर के अंतराल में संन्यास गौरतलब है कि सबसे पहले भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने संन्यास का ऐलान किया। इसके कुछ ही दिनों के बाद विराट कोहली ने भी क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट को टा-टा, बाय-बाय बोल दिया। इसके बाद ही भारत की टेस्ट टीम के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चिंताएं जताई जा रही हैं। यह दोनों दिग्गज पिछले साल टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी-20 फॉर्मेट को भी अलविदा कह चुके हैं। इसके बाद यह दोनों दिग्गज वनडे क्रिकेट खेलते रहेंगे। आक्रामक और बेखौफ क्रिकेटर जेम्स एंडरसन ने ‘टॉकस्पोर्ट’ से कहा कि महान खिलाड़ी। कोहली टेस्ट क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक हैं। भारतीय टीम के पास अब एक नया कप्तान होगा और टीम में दो सबसे अनुभवी खिलाड़ी नहीं होंगे। एंडरसन ने कहाकि शर्मा के संन्यास के बाद एक नया कप्तान होगा। विराट और रोहित की जगह लेना मुश्किल है, लेकिन भारत के पास काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहाकि आप आईपीएल देखिए। अब आईपीएल से टेस्ट टीम में ऐसे क्रिकेटर आ रहे हैं जो आक्रामक हैं, बेखौफ क्रिकेट खेलते हैं।   recent visitors 44

भारत-पाकिस्तान: जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण सबंध के बीच भारत के द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जबरन मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने सऊदी अरब में एक संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष विराम को अपनी सरकार की शांति स्थापना की उपलब्धि करार दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ डिनर पर जाना चाहिए ताकि तनाव और कम हो सके। आपको यह भी बता दें कि भारत ने बार-बार कहा है कि पाकिस्तान से पीओके और आतंकवाद पर ही सिर्फ बात होगी। और किसी की मध्यस्थता हमें स्वीकार नहीं। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में हुए यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “कुछ ही दिन पहले मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराने में सफलता हासिल की। हमने इसमें व्यापार को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। मैंने कहा कि दोस्तों, आओ कुछ ट्रेड करो। न्यूक्लियर मिसाइल्स का नहीं, बल्कि उन चीजों का जो तुम खूबसूरती से बनाते हो।” उन्होंने आगे कहा, “दोनों ही देशों के पास बहुत ताकतवर और समझदार नेता हैं। और यह सब रुक गया। उम्मीद है ऐसा ही बना रहेगा।” भारत की तीखी प्रतिक्रिया- तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं भारत सरकार ने ट्रंप के इन बयानों को एक बार फिर सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पूरी तरह से दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच आपसी बातचीत का परिणाम है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा किया है। इससे पहले भी वे कश्मीर मुद्दे पर इसी प्रकार की पेशकश कर चुके हैं, जिसे भारत ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो की ओर मुड़कर कहा, “मुझे लगता है कि अब भारत-पाकिस्तान वास्तव में साथ में ठीक रह रहे हैं। शायद हम उन्हें थोड़ा और करीब ला सकें। क्यों न उन्हें साथ में डिनर पर भेजा जाए? कितना अच्छा होगा?” recent visitors 54