महानदी भवन में मुख्यमंत्री साय ने की कैबिनेट की बैठक, लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं। यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को मिलेगा रोजगार – नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। हाइटेक खेती को बढ़ावा – अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा। युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं – राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे। गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा। पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा – बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन – टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा। लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ – अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। दिव्यांगजनों को विशेष लाभ – दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।     recent visitors 36

500 में से 499 अंक पाकर सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉपर बनीं देबांशी शेखावत

 बीकानेर सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में राजस्थान टॉपर बनीं देबांशी शेखावत ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर न सिर्फ राज्य में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि पूरे देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों में भी अपनी जगह बनाई है। देबांशी जयपुर के प्रतिष्ठित विद्याश्रम स्कूल की छात्रा हैं और मूल रूप से बीकानेर की निवासी हैं। हाल ही में उनके पिता का तबादला बीकानेर से जयपुर हुआ है। देबांशी ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, कठिन परिश्रम और माता-पिता द्वारा प्रदान किए गए सकारात्मक एवं अनुशासित माहौल को दिया है। उनके पिता, लोकेंद्र सिंह शेखावत, एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं और वर्तमान में एडीजे (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) के पद पर कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्वयं भी एडीजे परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। देबांशी ने उनके पदचिह्नों पर चलते हुए यह ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है। आज के समय में, जब अधिकांश युवा सोशल मीडिया की ओर झुकाव रखते हैं, देबांशी का किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई खाता नहीं है। उनका मानना है कि एकाग्रता के साथ पढ़ाई करना ही उनकी सफलता का मूल मंत्र रहा है। देबांशी की यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो संयम, अनुशासन और मेहनत के बलबूते अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।   recent visitors 46

पाकिस्तान सरकार ने आतंकी अजहर मसूद को सहायता राशि देने का किया ऐलान, मिल सकते है 14 करोड़ रुपये

इस्लामाबाद पाकिस्तान की सरकार ने भारत के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। उसकी इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा खूंखार आतंकी अजहर मसूद को ही मिलता दिख रहा है। अजहर मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय पर भारत ने एयर स्ट्राइक की थी। इन हवाई हमलों में जैश के मुख्यालय को जबरदस्त नुकसान पहुंचा। इसके अलावा उसके परिवार के ही 10 लोग मारे गए थे। 4 अन्य लोग उसके करीबी थे, जो मारे गए। अब इन सभी लोगों की एवज में 14 करोड़ रुपये अजहर मसूद और उसके करीबियों के परिवारों के खाते में जाएंगे। इस तरह पाकिस्तान सरकार की ओर से मदद के नाम पर जारी रकम सीधे तौर पर आतंकियों और उनके परिवारों को मदद देगी। पाकिस्तान पीएमओ की ओर से जारी प्रेस रिलीज में एक करोड़ रुपये की सहायता राशि का ऐलान हुआ था। अब मदद के नाम पर जारी इस रकम का सीधा फायदा मसूद अजहर को ही मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने हाफिज सईद के मुरीदके स्थित ठिकाने और फिर बहावलपुर में जैश के ठिकानों पर जोरदार हमले किए थे। लाहौर से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित बहावलपुर पर भारत के इस भीषण हमले ने आतंकी आकाओं को भी हिला दिया। जैश के इस मुख्यालय को उस्मान अली परिसर के नाम से भी जाना जाता है। यहीं पर जामिया मस्जिद शुभान अल्लाह भी स्थित है, जिस पर हमले का आरोप पाकिस्तान ने भारत पर लगाया था। यह मस्जिद भी जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय वाले परिसर के भीतर ही स्थित है। मसूद अजहर की ओर से ही जारी बयान में स्वीकार किया गया था कि उसके परिवार के 10 लोग इस अटैक में मारे गए हैं। इन हमलों में उसने अपनी बड़ी बहन और बहनोई के मारे जाने की बात स्वीकारी थी। इसके अलावा एक भतीजे और उसकी पत्नी, भतीजी और 5 बच्चों के मारे जाने की बात कबूल की गई थी। यही नहीं अजहर मसूद ने इसके बाद भी पूरी कट्टरता दिखाते हुए कहा था कि इन लोगों ने शहादत दी और अल्लाह उन्हें जन्नत देगा। अब इन लोगों के मारे जाने के बाद मसूद अजहर ही उनका कानूनी वारिस है। ऐसे में पाक सरकार से मिलने वाली पूरी मदद उसके ही खाते में जा सकती है। इसके अलावा 4 अन्य करीबियों के नाम पर जारी होने वाली मदद भी उसे ही मिलने की संभावना है। recent visitors 45

देशभर में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे सघन अभियान, सीकर जिले से 148 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार

 जोधपुर ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पूरे देश में देशभक्ति का माहौल चरम पर है। इसी बीच देशभर में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे सघन अभियान में भी तेजी आई है। इसी के तहत सीकर जिले से 148 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर जोधपुर लाया गया। इन सभी को सड़क मार्ग के जरिए भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जोधपुर पहुंचाया गया। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से अवैध बांग्लादेशियों को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया है। पूरे प्रदेश में 1008 बांग्लादेशी पकड़े जिला जयपुर रेंज में 761 बांग्लादेशी पकड़े पिछले कुछ दिनों से राजस्थान पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और पूरे प्रदेश में 1008 बांग्लादेशी पकड़े गए। जिला जयपुर रेंज में 761 बांग्लादेशी पकड़े गए। सीकर में कुल 394 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए। इनमें से दस्तावेजों की जांच के बाद बुधवार को 148 बांग्लादेशी नागरिकों की पहली खेप जोधपुर पहुंची और यहां से जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से इन्हें पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। देशभर में चल रहा विशेष अभियान गौरतलब है कि हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अलग-अलग राज्यों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा बल सतर्क सीकर से जोधपुर लाए गए इन 150 अवैध नागरिकों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे रास्ते भर सुरक्षा बलों की निगरानी में इन्हें लाया गया, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। एयरफोर्स स्टेशन पर भी कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें रखा जाएगा। सरकार की सख्ती, प्रशासन अलर्ट सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पहचान की जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सरकार अवैध घुसपैठ के मसले पर अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में और भी राज्यों से इस तरह की कार्रवाई की खबरें सामने आ सकती हैं। recent visitors 48

04817 जोधपुर–तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)

04817 जोधपुर–तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरेगी भोपाल गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा एक तरफा विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 04817 जोधपुर – तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 04817 जोधपुर – तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप): गाड़ी संख्या 04817 विशेष ट्रेन दिनांक 15 मई 2025 (गुरुवार) को जोधपुर स्टेशन से दोपहर 14:30 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए सुबह 09:40 बजे भोपाल, 11:40 बजे इटारसी एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन शाम 18:00 बजे तिरुपति स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी जोधपुर जं., मेड़ता रोड जं., डेगाना जं., मकराना जं., कुचामन सिटी, नवां सिटी, फुलेरा, जयपुर जं., दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर जं., डकनिया तालाब, रामगंज मंडी, नागदा जं., उज्जैन जं., शुजालपुर, भोपाल जं., इटारसी जं., बैतूल, नागपुर जं., वरोरा, बल्हारशाह, सिरपुर कागज़नगर, बेलमपल्ली, मंचेरियल, रामगुंडम, वारंगल, विजयवाड़ा जं., ओंगोल, गुडूर जं., रेणीगुंटा जं., तिरुपति स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सटीक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। विस्तृत समय-सारणी एवं ठहराव विवरण हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।   recent visitors 45

04815 भगत की कोठी–काचीगुड़ा एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)

04815 भगत की कोठी–काचीगुड़ा एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरेगी भोपाल गर्मी के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 04815 भगत की कोठी – काचीगुड़ा एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) का संचालन किया जा रहा है, जो भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 04815 भगत की कोठी – काचीगुड़ा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 04815 विशेष ट्रेन दिनांक 14 मई 2025 (बुधवार) को भगत की कोठी स्टेशन से शाम 16:00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए सुबह 10:20 बजे भोपाल, दोपहर 12:20 बजे इटारसी एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन सुबह 07:30 बजे काचीगुड़ा स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी भगत की कोठी, जोधपुर जं., मेड़ता रोड जं., डेगाना जं., मकराना जं., कुचामन सिटी, नवां सिटी, फूलेरा, जयपुर जं., दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर जं., डकनिया तालाव, रामगंज मंडी, नागदा जं., उज्जैन जं., बड़छा, शुजालपुर, सीहोर, भोपाल जं., इटारसी जं., बैतूल, आमला जं., नरखेड़, मोर्शी, चांदूर बाज़ार, नवी, बडनेरा जं., मुर्तिज़ापुर जं., अकोला जं., वाशिम, हिंगोली डेक्कन, पूर्णा जं., नांदेड, निज़ामाबाद जं., कामारेड्डी, मेडचल, काचीगुड़ा स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सटीक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। विस्तृत समय-सारणी एवं ठहराव विवरण हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 45

भोपाल मंडल में पूछताछ कर्मचारी अब होंगे अधिक सक्षम – ‘नेक्स्ट जनरेशन एनटीईएस’ से यात्रियों को तुरंत मिलेगा सही जवाब

भोपाल भोपाल रेलवे स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत हुई है। अब ‘नेक्स्ट जनरेशन एनटीईएस (नेशनल ट्रेन एनक्वायरी सिस्टम)’ पोर्टल की मदद से पूछताछ पर कार्यरत रेलवे कर्मचारी पहले से कहीं अधिक सक्षम हो गए हैं। वे अब यात्रियों को न केवल तुरंत जानकारी दे सकेंगे, बल्कि पहले से अधिक सटीक, विस्तृत और रियल टाइम उत्तर भी दे पाएंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस अत्याधुनिक पोर्टल के जरिए अब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी कोच पोजिशन, ट्रेन की वर्तमान स्थिति, संभावित विलंब, आगमन-प्रस्थान की वास्तविक टाइमिंग और अगले 8 घंटे में आने वाली ट्रेनों की पूरी जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध हो रही है। यह सारा डेटा रियल टाइम में अपडेट होता है, जिससे पूछताछ कर्मचारी बिना किसी देरी के हर सवाल का जवाब दे सकता है। इस तकनीक से सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि अब यात्रियों को जवाब के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता, और स्टेशन पर भ्रम की स्थिति खत्म होती है। लेकिन इस बदलाव का मुख्य केंद्रबिंदु पूछताछ काउंटर का कर्मचारी है, जो अब इस सिस्टम के जरिए पहले से कहीं अधिक दक्षता और आत्मविश्वास के साथ सेवा दे पा रहा है। इस सशक्तिकरण के प्रमुख लाभ – •    कर्मचारी को तुरंत सटीक जानकारी मिलने से यात्रियों को तेजी से और भरोसेमंद उत्तर मिल रहे हैं। •    कोच पोजिशन की पूर्व जानकारी से यात्रियों को भीड़ से बचते हुए सही स्थान पर समय से पहुंचने में मदद। •    रियल टाइम अपडेट्स से यात्रियों की उलझन और मानसिक तनाव में कमी। •    स्टेशन स्टाफ की कार्यक्षमता में सुधार और यात्री सेवा के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि। यह सुविधा वर्तमान में भोपाल मंडल के 7 प्रमुख स्टेशनों – भोपाल, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, बीना, गुना, इटारसी एवं विदिशा – पर क्रमशः लागू की जा रही है। यह कदम भारतीय रेलवे के डिजिटल परिवर्तन अभियान का हिस्सा है, जो न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ा रहा है, बल्कि फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को तकनीक से लैस कर रहा है, ताकि वे और बेहतर सेवा दे सकें। recent visitors 38