ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के एमओयू बाद योजना की सूत्रधार अर्चना चिटनिस ने ताप्ती तट पहुंचकर किया नमन

बुरहानपुर। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना हमारे देश के खोजी और अन्वेक्षण प्रिय अभियंताओं की भूगर्भीय जल संचय हेतु ऐतिहासिक पहल है। जिसके लिए 30-35 वर्ष तक भू-वैज्ञानिक कभी ताप्ती कछार के बजाडा झोन तो कभी सतपुड़ा की तलहटी में जल रिसाव पर अपने-अपने प्रयोग कर खोजी धर्म का कर्तव्य निर्वहन करते हुए इस ताप्ती नदी के कछार में इस परियोजना की कल्पना को साकार करने में सफल हो सके हैं। जल प्रबंधन की दिशा में उठाया गया यह एक ऐतिहासिक कदम है। इस परियोजना के माध्यम से वर्षों से जल संकट झेल रहे क्षेत्रों को नई उम्मीद मिली है। हमारे वैज्ञानिकों ने जिस दूरदृष्टि, शोध और तकनीकी नवाचार से इस योजना को साकार किया है, वह वास्तव में राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। यह सिर्फ एक जल परियोजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हमारे कदमों की एक ठोस मिसाल है। जब विज्ञान, नीति और जनकल्याण एक साथ मिलते हैं, तब ऐसे परिवर्तनकारी प्रयास जन्म लेते हैं। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना इसी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह बात ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना की सूत्रधार एवं विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कही। मंगलवार को श्रीमती चिटनिस ने ताप्ती तट स्थित बुरहानपुर जिले के ग्राम पंचायत तांदली के लिंगा गांव से मां ताप्ती को नमन किया जहां इस योजना के संबंध में उन्हें ताप्ती पाटबंधारे विकास महामंडल महाराष्ट्र के अधिकारियों ने पहली बार प्राथमिक जानकारी दी थी और इस स्थान पर ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना का बिजारोपण हुआ। जहां से श्रीमती चिटनिस ने इस कार्य को करने का बीड़ा उठाया था। तत्पश्चात श्रीमती अर्चना चिटनिस की उपस्थिति में बुरहानपुर में पत्रकारों के समक्ष योजना का प्रस्तुतिकरण कर इसकी विस्तृत जानकारियों से अवगत कराया। योजना की विस्तृत जानकारी तकनीकी विशेषज्ञ एवं पूर्व सूचना राज्य आयुक्त वी.डी.पाटिल, ताप्ती कार्पाेरेशन जलगांव महाराष्ट्र के कार्यपालन यंत्री उत्तम दाभड़े, जलगांव के अधीक्षक यंत्री यशवंतराव बडाने, वेबकाप्स के मुकेश चौहान इंदौर ने दी।प्रेसवार्ता में महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्काे, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, पूर्व महापौर अतुल पटेल, वीरेन्द्र तिवारी, प्रदीप पाटिल, गोपाल चौधरी, मनोज लधवे, राजेश चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे। योजना की सूत्रधार श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना में महाराष्ट्र के धारणी से ताप्ती नदी के दोनों कछार से नहरे बननी हैं। योजना के तहत 273 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा। जिससे 11.76 क्यूबिक मीटर जल का पुनर्भरण रिचार्ज किया जाएगा। योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 हेक्टेयर में सिंचाई प्रस्तावित है। दोनों ओर की नहरें ताप्ती कछार में स्थित भूभ्रंश फाल्ट के नजदीक से गुजरने वाली हैं तथा इन नहरों के माध्यम से कंट्रोलेड भूजल पुनर्भरण प्रस्तावित हैं। पुनर्भरण संरचना भू स्तर को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय भूजल बोर्ड सीजीडब्ल्यूबी के वैज्ञानिक निर्धारित करेंगे। इस प्रकार भूगर्भ की संरचना का आधार लेकर लगभग एक लाख करोड़ लीटर 30 टीएमसी पानी का हर वर्ष पुनर्भरण होना है। जिसमें मध्यप्रदेश का 1.23 लाख हेक्टेयर एवं महाराष्ट्र का 2.34 लाख हेक्टेयर पुनर्भरण से लाभान्वित होने वाला है तथा 48 हजार हेक्टेयर सीधी सिंचाई से लाभ होगा। जिससे मध्यप्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा तथा महाराष्ट्र के जलगांव, बुलढाणा, अकोला और अमरावती जिले के क्षेत्र सम्मिलित हैं। इस योजना की अनुमानित लागत 19 हजार करोड़ रुपए के आसपास है। इसका समुचित लाभांश क्षेत्र 3.57 लाख हेक्टेयर है। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजनांतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं। खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर: यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्यप्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है। इसकी जल भराव क्षमता 8.31 टीएमसी प्रस्तावित है। इस योजना में ताप्ती के दाएं तट पर 221 किलोमीटर और बायी तट पर 255 किलोमीटर की नहर अर्थात् महाराष्ट्र धारणी के खरिया गुटी घाट से एक ताप्ती से 3 ताप्ती होकर मध्यप्रदेश की सीमा में सतपुड़ा की तलहटी और नदी के मध्य होकर जल रिसाव की प्रक्रिया के माध्यम से योजना को क्रियान्वित की जाएगी। दाई तट नहर प्रथम चरण: प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर क़े दाएं तट से 221 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है, जो मध्यप्रदेश में 110 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 55 हज़ार 89 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। बाई तट नहर प्रथम चरण: प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर के बाएं तट से 135.64 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है जो मध्यप्रदेश में 100.42 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 44 हज़ार 993 हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। बाईं तट नहर द्वितीय चरण: यह नहर बाईं तट नहर प्रथम चरण के आर डी 90.89 किलोमीटर से 14 किलोमीटर लम्बी टनल के माध्यम से प्रवाहित होगी। इसकी लंबाई 123.97 किलोमीटर होगी, जिससे केवल महाराष्ट्र के 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। recent visitors 27

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की सराहना की

रायपुर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं। recent visitors 34

डिनो मोरिया का खुलासा, ‘द रॉयल्स’ में मैंने अपने व्यक्तित्व की झलक दी

मुंबई, ईशान खट्टर और भूमि पेडनेकर की वेब सीरीज 'द रॉयल्स' नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। इस सीरीज को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। सीरीज में एक्टर डिनो मोरिया भी हैं। दर्शकों को उनका काम पसंद आया है। लोग उनके किरदार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों से मिल रही सराहना से खुश डिनो मोरिया ने कहा है कि वह शो के किरदार में अपनी खुद की झलक दिखा रहे थे। डिनो मोरिया ने अपने किरदार के बारे में बताया कि उन्हें एक सनकी किरदार 'सलाहुद्दीन' को निभाने में बहुत मजा आया। यह किरदार उनकी असली जिंदगी के स्वभाव से काफी मिलता-जुलता है। उन्होंने कहा, "इस किरदार को निभाना मेरे लिए एक मजेदार सफर रहा। शूटिंग के दौरान मैंने खूब मजे किए, हंसी-मजाक किया और सेट पर समय का आनंद लिया। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मुझे यह अवसर देने के लिए आपका धन्यवाद। मैं कैमरे के सामने खुद को पेश कर रहा था। अपने किरदार के जैसा मैं असल जिंदगी में हूं, मुझे यह काफी पसंद आया। यह मजेदार और खुशमिजाज था।" सीरीज में एक रॉयल फैमिली की कहानी है, जिनके महाराजा अपनी वसीयत में खूब सारा कर्ज छोड़ जाते हैं, जिससे अब शाही परिवार परेशान है। ऐसे में उन्हें एक कंपनी से ऑफर आता है कि वे उनके शाही महल को रॉयल बीएनबी में बदलना चाहते हैं। इसमें मेहमान रॉयल फैमिली के साथ रहेंगे। सीरीज में भूमि पेडनेकर ने सोफिया शेखर का किरदार निभाया है, जो एक एम्बिशियस लड़की है और अपनी कंपनी रॉयल और बीबी को टॉप पोजीशन पर पहुंचाने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगाती है। वहीं ईशान खट्टर मोरपुर के मोतीबाग महल के महाराज के बड़े बेटे अविराज सिंह की भूमिका में हैं। सीरीज में डिनो की कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी है, जो कहानी में ताजगी का तड़का लगाने का काम करती है। इस सीरीज में दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान, साक्षी तंवर, विहान समत, काव्या त्रेहान, चंकी पांडे, नोरा फतेही, उदित अरोड़ा, लीसा मिश्रा और सुमुखि सुरेश भी शामिल हैं। यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है। recent visitors 39

विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म की ओर इशारा करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों की बहन बता आपत्तिजनक बयान दिया

इंदौर प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना उन्हें लेकर अनर्गल बातें कह दीं। उन्होंने महू विधानसभा क्षेत्र की एक सभा में कहा कि जिन लोगों ने बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, मोदीजी ने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी हालत खराब कर दी। इस तरह विजय शाह ने कर्नल सोफिया के धर्म की ओर इशारा करते हुए उन्हें पाकिस्तानियों की बहन बता दिया।   विजय शाह का पूरा बयान विजय शाह ने कहा कि उन्होंने (आंतकियों ने) कपड़े उतारकर हिंदुओं को मारा। पीएम मोदी ने उनकी बहन को जहाज में उनके घर भेज ऐसी-तैसी करवा दी। विजय शाह यहीं नहीं रुके। आगे बोले कि पीएम मोदी कपड़े तो उतार नहीं सकते थे, इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा। अगर तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। हमारी बहनों के मान-सम्मान और सुहाग का बदला तुम्हारी जाति और समाज की बहन को भेजकर लिया। भारत की जिन बेटियों पर सबको नाज है, उन बेटियों को लेकर ये शर्मनाक बयान दिया गया है। उन्हें आतंकवादियों की बहन बताया गया है। विजय शाह ने दी बयान पर सफाई इस बयान पर विवाद होने के बाद विजय शाह ने मीडिया को सफाई दी कि हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया गया है। मेरे भाषण को अलग संदर्भ में न देखें। कुछ लोग इसे अलग संदर्भ में देख रहे हैं। वो हमारी बहनें हैं। उन्होंने पूरी ताकत से सेना के साथ मिलकर काम किया है। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक उषा ठाकुर भी उपस्थित थीं।   कांग्रेस ने की माफी की मांग नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस बयान की निंदा करते कहा कि सेना का अधिकारी हो या सैनिक हो, उसका कोई धर्म नहीं होता। उसका धर्म देश होता है। उसकी देशभक्ति होती है। भाजपा बार-बार मजहब (धर्म) की बात करती है और यह निंदनीय है। विजय शाह को इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने की थी कार्रवाई उल्लेखनीय है कि विजय शाह इससे पहले भी कई बार विवादित बयान देकर घिर चुके हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर द्विअर्थी बात कहने पर उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। मध्य प्रदेश में जन्मी हैं सोफिया कुरैशी बता दें, कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नियमित प्रेस ब्रीफिंग की थी। कर्नल सोफिया आर्मी कम्युनिकेशन की विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुआ। recent visitors 26

सऊदी पहुंचे ट्रंप का भव्य स्वागत, प्रिंस सलमान के साथ बंद दरवाजों के पीछे कूटनीति शुरू, कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप

सऊदी अरब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चार दिवसीय पश्चिम एशिया दौरे के तहत सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। रियाद एयरपोर्ट पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को फिर से गति देने की कोशिशें हो रही हैं।   आर्थिक सहयोग की उम्मीद डोनाल्ड ट्रंप की यह यात्रा व्यापार और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा, तेल और तकनीक के क्षेत्र में अरबों डॉलर के समझौते हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में दोनों पक्ष कई निवेश योजनाओं पर भी विचार कर सकते हैं।  ईरान, गाज़ा और तेल जैसे मुद्दे हालांकि औपचारिक कार्यक्रमों के इतर, बंद दरवाजों के पीछे गाज़ा में चल रहे युद्ध, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल की वैश्विक कीमतों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इन मुद्दों पर खाड़ी देशों के साथ अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहा है। कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप सऊदी अरब के बाद ट्रंप कतर और संयुक्त अरब अमीरात का भी दौरा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका इन खाड़ी देशों के साथ भविष्य में ऊर्जा, सुरक्षा और निवेश को लेकर बड़ी साझेदारियों की उम्मीद कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध काफी नजदीकी रहे थे। उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी रियाद से शुरू किया था। उस समय दोनों देशों के बीच करीब 110 अरब डॉलर की रक्षा डील हुई थी।  ट्रंप का यह दौरा इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया की राजनीति में अमेरिका अभी भी एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहना चाहता है। साथ ही, यह दौरा आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मज़बूती देने का प्रयास माना जा रहा है। recent visitors 31

भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आप पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया: देवेंद्र यादव

नई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया है। दिल्ली कांग्रेस के आरटीआई सेल की ओर से लगाई गई आरटीआई पर विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के आधार पर देवेंद्र यादव ने कहा कि सत्ता में आने के एक माह बाद ही होली मिलन समारोह के आयोजन में भाजपा ने फिजूल खर्ची के रिकार्ड तोड़ दिए। आरोप लगाया,  8,42,787 रुपये खर्च कर डाले बकौल यादव, होली मिलन समारोह में भाजपा ने अपनी वाहवाही के लिए सरकारी खजाने से 8,42,787 रुपये की राशि खर्च कर डाली। यादव ने बताया कि 2022 में आप सरकार के होली मिलन समारोह में 91,313 और 2023 में 1,16,842 रुपये खर्च हुए थे। जबकि भाजपा सरकार द्वारा होली मिलन समारोह में 8,42,787 रुपये की राशि खर्च की गई। आरटीआई के मुताबिक फूलों की व्यवस्था लोक कल्याण विभाग के उद्यान विभाग द्वारा की गई। रंग और गुलाल की व्यवस्था करने के लिए 7,500 रुपये अदा किए गए। चार लाख रुपये के खर्च का हिसाब ही नहीं जलपान की व्यवस्था दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा की गई, जिसके लिए उसे 4,22,500 रुपये की अदायगी की गई। चार लाख से अधिक राशि के खर्च की जानकारी देने में असमर्थता जताई गई है। यादव के मुताबिक जनता के पैसे का दुरुपयोग हर हाल में रोका जाना चाहिए। recent visitors 24

वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी, कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए नहीं देना होगा कोई चार्ज

नई दिल्ली भारत में जब भी माता के दर्शन की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है मां वैष्णो देवी का। जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित ये धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सालभर देश के कोने-कोने से भक्त यहां मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, बहुत से श्रद्धालु यात्रा के खर्च को लेकर असमंजस में रहते हैं — खासकर वे जो सीमित बजट में होते हैं। कई बार लोग ये मान लेते हैं कि इस यात्रा पर जाने में बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, इसलिए वो रुक जाते हैं। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। अगर आप भी वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो ये जानकर आपको खुशी होगी कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण सुविधाएं श्रद्धालुओं को बिल्कुल मुफ्त मिलती हैं। श्राइन बोर्ड और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे हर भक्त श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सके — वो भी बिना किसी भारी खर्च के। 1. रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त कई लोग यह सोचते हैं कि वैष्णो देवी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन कटरा में किया जाता है, और इसके लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी पड़ती। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यात्रा कार्ड मिलता है, जिसे पहनकर श्रद्धालु यात्रा करते हैं। यह कार्ड न केवल पहचान का प्रमाण है, बल्कि श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी एक जरिया है। 2. फ्री में मिलता है भोजन देशभर से आने वाले भक्तों को यहां भोजन की चिंता नहीं करनी पड़ती। यात्रा मार्ग पर सेवा समितियों, धार्मिक संस्थाओं और श्राइन बोर्ड द्वारा कई स्थानों पर फ्री लंगर का आयोजन होता है। यहां भक्तों को गरम, ताजा और शुद्ध भोजन एकदम मुफ्त परोसा जाता है। सुबह-शाम भोजन की ये सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहतभरी होती है जो सीमित संसाधनों के साथ यात्रा पर आते हैं।   3. रात के विश्राम के लिए भवनों की व्यवस्था यात्रा रात में भी जारी रहती है, और कई श्रद्धालु रात के समय थकान महसूस करते हैं — खासकर बुजुर्ग यात्री। ऐसे में उन्हें विश्राम की जरूरत होती है। कटरा से भवन तक, यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर विश्राम भवन बनाए गए हैं। ये स्थान पूरी तरह से मुफ्त होते हैं, जहां तीर्थयात्री रात में ठहर सकते हैं या दिन में कुछ समय आराम कर सकते हैं। इसके अलावा, जगह-जगह सिटिंग चेयर्स भी उपलब्ध हैं। 4. मुफ्त मेडिकल सुविधाएं यात्रा के दौरान अगर किसी तीर्थयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, तो चिंता की कोई बात नहीं। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग में मेडिकल सहायता केंद्र बने हुए हैं, जहां छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज तुरंत किया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चों के लिए बेहद सहायक है। 5. स्नान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी मुफ्त श्रद्धालु यह सोचते हैं कि भवन या कटरा में स्नान आदि के लिए शुल्क देना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित स्नानगृहों में यात्री पूरी तरह से फ्री में स्नान कर सकते हैं और खुद को ताजगी के साथ यात्रा के लिए तैयार कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लंबी यात्रा के बाद भवन तक पहुंचते हैं। recent visitors 30