उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की शिक्षण पद्धति अन्य संस्थानों के लिए अभिप्रेरणा का केंद्र बने : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में भोपाल स्थित उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की सामान्य परिषद् की बैठक हुई। बैठक में संस्थान की गतिविधियों, कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री श्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, वार्षिक गतिविधियों एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार के लिये आवश्यक क्रियान्वयन के लिए दिशा निर्देश दिए। मंत्री श्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। वर्तमान परिदृश्य एवं उद्योग जगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें। श्री परमार ने कहा कि संस्थान आदर्श रूप में स्थापित होकर अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए अभिप्रेरणा का केंद्र बने, ऐसी कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन करें। श्री परमार ने कहा कि अन्य शासकीय महाविद्यालयों के सम्बंधित अधिकारियों को इस संस्थान का भ्रमण करवाकर, यहाँ की शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया जाना चाहिए। श्री परमार ने कहा कि संस्थान में उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि हो, इससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि विद्यार्थियों से निरंतर संवाद सुनिश्चित करें और शिक्षा में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सतत् क्रियान्वयन हो। बैठक में संस्थान से सम्बंधित अनेक बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर विद्यार्थियों के हितार्थ निर्णय लिए गए। संस्थान में निर्मित होने वाले ऑडिटोरियम में उपकरणों एवं फर्नीचर के लिए अतिरिक्त राशि 1 करोड़ रुपए राशि का आबंटन, आगामी सत्र से बीसीए पाठ्यक्रम को प्रारम्भ किया जाना, भारतीय ज्ञान परम्परा से सम्बंधित शोध पत्रिका "शोध सेतु" का प्रकाशन, नवीन विषयों तथा कक्षाओं के लिये नवीन भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए राशि की स्वीकृति, नवीन उपकरणों, फर्नीचर तथा कंप्यूटर के लिए बजट की स्वीकृति जैसे अनेक निर्णय लिए गए। सामान्य परिषद् ने संस्थान की शिक्षण पद्धति, समयपूर्वक परीक्षा परिणामों का घोषित किया जाना एवं शोध के क्षेत्रों में नवाचारों की सराहना की। कृषि पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में संस्थान द्वारा तैयार की गयी अध्ययन सामग्री की भी सराहना की गई। इस अवसर पर संस्थान के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन का विमोचन किया गया। संस्थान के प्राध्यापकों द्वारा संकलित पुस्तक "रिलिवेंस ऑफ़ ब्लेंडेड मोड ऑफ़ टीचिंग एंड लर्निंग इन हायर एजुकेशन" तथा संस्थान के डॉ. अमित मांडले द्वारा लिखित पुस्तक "बेसिक्स ऑफ़ रिसर्च मेथडोलॉजी" का विमोचन भी किया गया। बैठक में संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल सहित वित्त, योजना, खेल, लोक निर्माण एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि एवं सामान्य परिषद के सदस्यगण उपस्थित रहे। संस्थान के भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ "सांदीपनि कक्ष" का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ "सांदीपनि कक्ष" का उद्घाटन कर पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का अवलोकन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री परमार ने संस्थान के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों से भारतीय पुरातन ज्ञान की गूढ़ता एवं महत्व के सम्बन्ध में अपने विचार साझा किए। श्री परमार ने उपस्थितजनों को कृतज्ञता के भाव से समृद्ध, भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के बारे में अवगत कराया। श्री परमार ने भारतीय पुरातन ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता बताया। श्री परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में प्रकृति के प्रति संरक्षण के भाव का दर्शन है। इस दौरान प्रमुख सचिव श्री राजन ने संस्थान के पुस्तकालय को और अधिक छात्रोपयोगी बनाने के लिए, इसे वातानुकूलित किये जाने और पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर लगाए जाने के निर्देश दिए।   recent visitors 76

लोक संस्कृति और कला हमको जड़ों से जोड़ते हैं : मंत्री श्री टेटवाल

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री ,स्वतंत्र प्रभार श्री गौतम टेटवाल के द्वारा राजगढ़ के सारंगपुर में लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने एवं भावी पीढ़ी को लोक संस्कृतियों से अवगत कराने के लिए भव्य आयोजन किया गया। लोक संस्कृति कला महोत्सव में मालवा की समृद्ध लोक परंपराओं को जीवंत करने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर मंत्री श्री टेटवाल ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि आज की पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, "हमारी परंपराएं और तीज-त्योहार हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं, और भावी पीढ़ी को इनसे अवगत कराना हमारा दायित्व है।" कार्यक्रम में संजावली निर्माण और संजावली गीत गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के 11 संकुलों की 110 बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रतियोगिताएं न केवल लोककला को सहेजने का माध्यम बनीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत भी रहीं। संजावली मालवा की एक प्रमुख लोक परंपरा है, जिसमें महिलाएं संजा पर्व के दौरान मिट्टी की सुंदर चित्रकलाएं बनाकर मां पार्वती से सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना करती हैं। यह त्योहार 16 दिन तक चलता है और इसे विशेष रूप से कुंवारी कन्याएं मनाती हैं। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रही बहनों को पुरस्कृत किया गया। हमारी परंपराएं और उत्सव हमें सामाजिक समरसता और संगठन की शक्ति का पाठ पढ़ाते हैं। यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कार्यक्रम के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बहन विजय लक्ष्मी दीदी ने सभी प्रतिभागी बहनों को आशीर्वाद प्रदान किया और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के महत्व पर प्रकाश डाला। कस्तूरबा हॉस्टल की बहनों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगाए। आभार प्रदर्शन जन अभियान परिषद के विकासखंड अधिकारी श्री बद्रीलाल बामणिया द्वारा किया गया। recent visitors 88

कलेक्टर सभी विभागों को लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निपटारा करने के निर्देश

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर अब जमीनी स्तर के कर्मचारी आम जनता से सीधे जुड़ेंगे। सभी जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए और आम नागरिकों, हितग्राहियों और किसानों को ग्रुप से जोड़ा जाए। इससे उन्हें शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी और समस्याओं का समाधान भी त्वरित किया जा सकेगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक के दौरान कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप बनाने से जनता से जमीनी स्तर के कर्मचारी सीधे जुड़ेंगे और उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा भी कर सकेंगे। इससे लंबित प्रकरणों में भी कमी आएगी। कलेक्टर ने कहा कि सभी पटवारी व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और अपने हल्का के किसानों को उसमें जोड़े। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता एवं सहायिका, मितानिनों, ए.आर.ई.ओ, खाद्य निरीक्षकों और सभी पंचायत सचिवों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के लिए निर्देशित किया है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि रायपुर जिले में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। इसमें बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। विभिन्न एजेंसियों से रिक्त स्थानों की जानकारी मांगी जा रही है। इस रोजगार मेले से जिले के हजारों को रोजगार के अवसर तैयार होंगे। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों का निपटारा करें। लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी लाई जाएं। कलेक्टर ने कहा कि साइंस कॉलेज मैदान में भारतीय सेना के प्रदर्शनी की तैयारियां शुरू हो गई है। सैनिकों के रायपुर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाएं और भारतीय सेना के शौर्य को सभी को देखने का अवसर प्राप्त हो। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, डीएफओ श्री लोकेश पटेल एवं अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 65

पलवल में चुनावी रंजिश के चलते युवक को मारी गोली, निजी अस्पताल में करवाया भर्ती

पलवल पलवल में चुनावी रंजिश को लेकर एक युवक को गोली मारने का मामला सामने आया है। घटना पलवल विधानसभा क्षेत्र के गांव किठवारी की है। जहां दिनेश नाम के युवक को अज्ञात बाइक सवार युवकों द्वारा गोली मारकर घायल कर दिया गया। बता दें कि दिनेश दलाल भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी गौरव गौतम का समर्थक है, जिसे पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी करण सिंह दलाल के समर्थकों के द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थी। घटना के बाद घायल दिनेश दलाल को उपचार के लिए फरीदाबाद के निजी अस्पताल में ले जाया गया। अपने समर्थक को लगी गोली की सूचना के बाद भाजपा प्रत्याशी गौरव गौतम मौके पर पहुंचे और घायल का हाल-चाल जाना। recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में देंगे विकास की अनेक सौगातें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत एवं अमृत योजना में प्रदेश में 685 करोड़ रूपये की विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जायेगा। स्वच्छता दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाये गये स्वच्छता पखवाड़े में जिस जूनून से प्रदेशवासियों ने सहभागिता की, वह सराहनीय हैं। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गांधी जयन्ती पर 2 अक्टूबर प्रात: 10 बजे होने वाले कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम श्री किशन सूर्यवंशी मौजूद रहेंगे। 2314 सफाई मित्रों के खातों में 69 लाख 42 हजार रूपये होंगे अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में नगर पालिक निगम उज्जैन को थ्री स्टार रेटिंग प्राप्त करने पर उज्जैन के 2314 सफाई मित्रों को सिंगल क्लिक से 69 लाख 42 हजार रूपये अंतरित करेंगे। इस योजना में प्रत्येक सफाई मित्र को 3 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा अभियान-2024 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल नगर निगम के 43.39 करोड़ रूपये के उपकरणों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। इन परियोजना का होगा भूमि-पूजन एवं लोकार्पण सागर निकाय की 299.20 करोड़ रूपये की सीवरेज योजना का लोकार्पण, सिवनी-मालवा निकाय की 61.17 करोड़ रूपये की जल प्रदाय योजना और छिन्दवाड़ा निकाय की 75.34 करोड़ रूपये की जल प्रदाय योजना का वर्चुअली भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की 19 नगरीय निकायों में सीवरेज और जल प्रदाय परियोजना का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें विदिशा की 19.90 करोड़ रूपये की सीवरेज परियोजना, शाजापुर की 15.75 करोड़ रूपये की, शाहपुर की 12.40 करोड़ रूपये की, शाहगढ़ की 13.05 करोड़ रूपये की, रौन की 11.91 करोड़ रूपये की, पीथमपुर की 24.58 करोड़ रूपये की, महू कैंट की 40.30 करोड़ रूपये की, डोला की 10.67 करोड़ रूपये की, दमोह की 12.52 करोड़ रूपये की, बरगवां (अमलाई) की 22.55 करोड़ रूपये की और बंडा की 10.16 करोड़ रूपये, बिस्टान की 31.71 करोड़ रूपये की, सतवास की 3.09 करोड़ रूपये की, नामली की 3.10 करोड़ रूपये की, सुवासरा की 3.15 करोड़ रूपये की, बड़ौद की 3.20 करोड़ रूपये की, रतनगढ़ की 3.22 करोड़ रूपये की, पिपलोदा की 3.92 करोड़ रूपये की और कन्नौद की 3.97 करोड़ रूपये की जलप्रदाय योजना का वर्चुअली भूमि-पूजन करेंगे। इस मौके पर गौवंश के उत्थान के लिये किये जा रहे कार्यों और स्वच्छता ही सेवा अभियान -2024 पर केन्द्रित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। recent visitors 128

रामदास आठवले ने कहा- आरपीआई पार्टी आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में आठ से 10 सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। किसी भी दिन इलेक्शन कमिशन की ओर से महाराष्ट्र में चुनाव की तारीखों का आयोजन हो सकता है। इस बीच एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। अब तक भाजपा, एनसीपी और शिवसेना के शिंदे गुट के बीच ही इसे लेकर संघर्ष की स्थिति थी। अब रामदास आठवले की पार्टी आरपीआई ने भी 10 सीटों की मांग कर दी है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को बताया है कि उनकी पार्टी आरपीआ आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में आठ से 10 सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के महायुति गठबंधन का हिस्सा है। एनडीए को ही महाराष्ट्र में महायुति नाम दिया गया है। आठवले ने कहा कि सीटों के बंटवारे पर बातचीत की जा रही है और उन्होंने भाजपा के महाराष्ट्र चुनाव के प्रभारी भूपेंद्र यादव से उनकी पार्टी की मांगों के बारे में बात की है। उन्होंने कहा, ‘हमने उन्हें संदेश दिया है कि आरपीआई (आठवले) को आठ से 10 सीट मिलनी चाहिए। मुझे हमारे गठबंधन के साझेदारों भाजपा, शिवसेना और राकांपा पर यकीन है। आरपीआई (आठवले) का अलग वोट बैंक है। आठवले ने कहा कि दलित समुदाय के कई लोग पार्टी के साथ हैं। इसलिए हमें सीटों के बंटवारे में उचित हिस्सा मिलना चाहिए। आठवले ने स्पष्ट किया कि पार्टी केवल आठ से 10 सीट मांग रही है यानी कि प्रत्येक क्षेत्र में एक या दो सीट। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए नवंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। मौजूदा विधानसभा में भाजपा 103 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। उसके बाद शिवसेना के पास 40, राकांपा के पास 41, कांग्रेस के पास 40, शिवसेना (यूबीटी) के पास 15, राकांपा (एसपी) के पास 13 और अन्य 29 विधायक हैं। कुछ सीटें रिक्त हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने छह दिसंबर को डॉ. बी आर आंबेडकर की पुण्यतिथि की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मुंबई के संरक्षक मंत्री दीपक केसरकर से मुलाकात की। recent visitors 135

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान की राष्ट्रीय चर्चा में किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने सच्चे अर्थों में सनातन संस्कृति की ध्वजा को लहराने का कार्य किया। अठाहरवीं शताब्दी में लगभग 28 वर्ष के उनके शासन में प्रशासनिक कुशलता, जन-कल्याण, सुशासन के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। आज गौरवशाली इतिहास वाले पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था के राष्ट्रीय चर्चा कार्यक्रम में आकर पुणे नगरी को प्रणाम करते हुए यहाँ शिवाजी महाराज, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक की स्मृति को नमन है, जिनके कारण पुणे महानगर का स्पंदन पूरा राष्ट्र महसूस करता है। पुणे महानगर प्रकारांतर से इंदौर और उज्जैन की तरह प्रतीत होता है। राष्ट्रीय चर्चा में राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्य वक्ता पद्मश्री सुश्री निवेदता ताई भिड़े उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के अलावा श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी, महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरू डॉ. उज्जवला चक्रदेव, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान के पदाधिकारी श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुणे के जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में "पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होलकर और उनके जन कल्याणकारी सुशासन" विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुणे में शिवाजी महाराज की सरिता की धारा के अलग-अलग तट के हिस्से दिखाई देते हैं। इसके साथ ही सिंधिया, होलकर वंश के शासकों सहित लोक माता के कार्यों का स्मरण सहज ही हो जाता है। पेशवा बाजीराव जी और सिंधिया जी का सहयोग वर्तमान के महाकाल मंदिर उज्जैन के कायम रहने का आधार बना। हमारे शासकों ने उस दौर में महाकाल मंदिर का निर्माण किया, जब बाहरी आक्रामक विभिन्न नगरों को ध्वस्त करने के लिए तैयार बैठे थे। छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और लोकमाता अहिल्या देवी के लोक कल्याणकारी कार्यों का स्मरण आज पूरा राष्ट्र कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में भगवान विश्वनाथ जी के देवस्थान में जाने का अवसर मिलता है तो हम उनके दर्शन से अभिभूत होते हैं। यह सुअवसर भी लोकमाता अहिल्या बाई ने दिया, यह मंदिर उनकी ही देन है। लोकमाता अहिल्या बाई ने द्वारका, सोमनाथ और कई अन्य स्थानों पर ऐसे प्रकल्प संचालित किए। वे प्रशासनिक कुशलता, युक्ति एवं बुद्धिमत्ता से कार्य करती थीं। उनके साथ सहकर्मी सेनापतियों ने भी आर्थिक लाभ के लिए छल किए, लेकिन लोकमाता समाधान का मार्ग निकालने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने अनेक इलाकों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कुंओं के निर्माण, उद्यानों के निर्माण, प्याऊ प्रारंभ करने, सड़कों के निर्माण और सुधार कार्य, अन्न क्षेत्र प्रारंभ करने, मंदिरों में विद्वानों की निुयक्ति और खेती-बाड़ी के कार्यों से लोगों को जोड़कर सम्पूर्ण समाज को बदलने का कार्य किया। वे एक माँ का प्रतिरूप थीं। अनेक दुखों को सहते हुए उन्होंने शासन के ऐसे सूत्र संचालित किए, जो सर्व कल्याण के भाव का उदाहरण है। उनके राज्य में दो तरह की धन राशि का प्रावधान था। व्यक्तिगत उपयोग के साथ ही राशि का परिवार के लिए उपयोग करने का संदेश धनगर और यादव समाज ने दिया है, जिसमें परिवार की महिला को आय का एक चौथाई हिस्सा प्रदान किया जाता है। होलकर वंश में खासगी परम्परा कहा गया। उस दौर में 18 करोड़ की राशि जिसका वर्तमान मूल्य दो हजार करोड़ से ही अधिक होगा, उसके माध्यम से अनेक प्रकल्पों का संचालन किया गया। राज्य की सुरक्षा के लिए लोकमाता ने कूटनीति और युद्ध कौशल के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। नारी होकर भी वे पुरूषार्थ का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने वर्ष 1767 में अपनी राजधानी महेश्वर से इंदौर करने का निर्णय लिया था। महेश्वरी साड़ी के लिए महेश्वर विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर को राजधानी बनाने के बाद यह शहर एक महत्वपूर्ण केन्द्र बना। इंदौर ने व्यापार, संस्कृति और कला के क्षेत्र में विकास किया। इंदौर में अनेक स्मारकों का निर्माण करवाया गया है, जिनमें से अनेक आज भी मौजूद हैं। महेश्वर के साथ ही ओंकोरश्वर में भी नर्मदा जी के किनारे भी सुविधाजनक घाट निर्मित करवाया, जो महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बना। तीर्थयात्रियों के लिए अनेक सुविधाएं विकसित की गईं। भगवान शिव, लोकमाता अहिल्या बाई के प्रमुख आराध्य थे। देश के अनेक स्थानों पर उन्होंने शिव मंदिरों का निर्माण करवाया। महेश्वर हस्तशिल्प का महत्वपूर्ण केन्द्र हैं जो आत्म-निर्भरता का भी प्रतीक है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर की विशेषताएं बताते हुए कहा कि महेश्वर आज हस्तशिल्प का प्रमुख केन्द्र हैं। यह नगर आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। हस्तशिल्प का हुनर हजारों व्यक्तियों को आत्म-निर्भर बनाकर आर्थिक उन्नति का माध्यम बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में होने जा रहे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 'शिव-सृष्टि' थीम पार्क का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क 'शिव-सृष्टि' का अवलोकन किया। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठा न्यास संस्थान द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में संस्थान की गतिविधियों की प्रशंसा की। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके योगदान से परिचित करवाने वाला 'शिव-सृष्टि' थीम पार्क 21 एकड़ भूमि में स्थित है। इसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5-डी शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य स्वधर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में लगभग 100 दर्शक  देख सकते हैं। थीम पार्क के तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंड-स्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा … Read more