लखनऊ एयरपोर्ट पर रेडियोएक्टिव मटेरियल लीक होने से हड़कंप, खाली कराया गया 1.5 KM का एरिया

लखनऊ लखनऊ एयरपोर्ट के कार्गो एरिया में रेडियोएक्टिव एलिमेंट मिलने से हड़कंप मच गया. जिसके बाद कार्गो एरिया को खाली करा लिया गया है. मौके पर एनडीआरएफ की टीमों को भी बुला लिया गया है. जानकारी के मुताबिक  रेडियोएक्टिव एलिमेंट तब पकड़ में आया, जब जांच के लिए लगेज की स्कैनिंग की जा रही थी. फिलहाल जांच की जा रही है कि आखिर कैसे एयरपोर्ट पर रेडियोएक्टिव एलिमेंट पहुंचा? मामले में सीसीएसआई (चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा) एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने कहा एक बयान भी जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि मेडिकल कंसाइनमेंट ने रेडियोधर्मी पदार्थ के लिए अलार्म सक्रिय कर दिया है. अलार्म के कारण का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को बुलाया गया है. स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है. इसका एयरपोर्ट के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है. एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, शनिवार को एक फ्लाइट लखनऊ से गुवाहाटी जा रही थी। लखनऊ एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर स्कैनिंग के दौरान मशीन ने बीप किया। कैंसर रोधी दवाएं लकड़ी के बॉक्स में पैक थीं, जिसमें रेडियो एक्टिव एलिमेंट का इस्तेमाल होता है। रेडियो एक्टिव मटेरियल लीक हो गया। अलार्म बजते ही सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई। इसके साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को भी बुला लिया गया। इस दौरान हड़कंप मच गया। एरिया खाली कराया गया। मामले की जांच चल रही है। यात्रियों को हटाकर स्पेस खाली करवाया गया है। बताया जाता है कि रेडियोएक्टिव एलिमेंट लकड़ी के बॉक्स में पैक था. इसी दौरान वह लीक हो गया. जिससे अलार्म बजने लगा. अलार्म बजते ही सुरक्षा में तैनात जवान एक्टिव हो गए. इसके बाद एनडीआरएफ की टीमों को भी बुलाया है. फिलहाल  अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है कि कहां से यह पदार्थ एयरपोर्ट पहुंचा. recent visitors 109

बागसेवनिया में हेलमेट पहनकर ज्वेलरी शॉप लूट के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया

भोपाल बागसेवनिया इलाके में हेलमेट पहनकर ज्वेलरी शॉप में घुसे दो बदमाशों द्वारा बंदूक की नोंक पर की गई लूट के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मंगलवार देर रात हुई इस वारदात को जीजा-साले की जोड़ी ने मिलकर अंजाम दिया था, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने दुकानदार को नकली पिस्टल दिखाकर डराया और सोने-चांदी के गहने व कैश लूटकर फरार हो गए थे। लूट की ये वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। आरोपित दुकान में करीब करीब 7 मिनट तक रहे थे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपित मूलत: रायसेन जिले के रहने वाले हैं। हालांकि वह लंबे समय से भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में किराये से रह रहे थे। वारदात स्थल से महज 400 मीटर की दूरी पर ही एक किराये के मकान में उन्होंने अपना ठिकाना बना रखा था। पुलिस ने उन्हें मकान से ही दबोचा है। ऐसे की थी वारदात गौरतलब है कि रचना नगर के रहने वाले मनोज चौहान की बागसेवनिया इलाके के कृष्णा आर्केड में एसएस ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। मंगलवार रात करीब 10 बजे वह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान दोनों बदमाश उनकी दुकान में घुसे। मनोज के सीने पर पिस्टल अड़ाकर कहा- जो भी नकदी है, वह निकाल दो। उन्होंने मनोज चौहान से झूमाझटकी की। उनकी सोने के जेवर की अलमारी में चाबी लगी थी। आरोपित उसमें से जेवरात लेकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दुकानदार के बयानों के आधार पर लुटेरों की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने आरोपितों पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। recent visitors 95

रामपुर के तकलेच में बादल फटने से आया सैलाब , जान बचाने के लिए लोग रात को अपने घरों व दुकानों को छोड़कर भागे

शिमला हिमाचल प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप जारी है। समेज में 17 दिन पहले मानसून से हुई भारी तबाही के बाद एक बार फिर रामपुर उपमंडल में बादल फटने की घटना सामने आया है। रामपुर के तकलेच में बीती रात बादल फटने से आए सैलाब ने लोगों को डरा दिया। जान बचाने के लिए लोग रात को अपने घरों व दुकानों को छोड़कर भागे। बादल फटने की घटना रामपुर के तकलेच पंचायत के अंतर्गत डमराली में हुई है। इससे यहां के नाले में बाढ़ आ गई और कई घर खतरे की जद में आ गए। सड़क का कई मीटर हिस्सा सैलाब में बह गया, जिससे इलाके में परिवहन सुविधा ठप पड़ गई है। शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप और पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी देर रात नोगली पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि इस घटना से अभी तक जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। जिला प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि डमराली और तकलेच के कारण देर शाम को भारी बारिश हुई। तकलेच के ऊपर वाले हिस्से डमराली में बादल फटने से पानी का भारी सैलाब साथ लगते नाले में आ गया। जिस वक्त यह सैलाब आया तकलेच वासियों ने इस नाले की गड़गड़ाहट साफ सुनी। लोग घरों से बाहर निकल गए। इसी वजह से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। डमराली स्थित मोबाइल टावर भी बंद हो गया। इस कारण यहां की छह पंचायत का मोबाइल सिग्नल प्रभावित हो चुका है। रामपुर के एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि मौके पर बचाव टीम नहीं पहुंच पाई है, क्योंकि एक जगह से सड़क टूट गई है। लेकिन स्थानीय पंचायत प्रधान से फोन पर बात हुई और उन्होंने किसी भी प्रकार से जानी नुकसान की सूचना से इंकार किया है। उधर, भारी बारिश से ऊना में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। देर रात हुई भारी बारिश से आई बाढ़ की वजह से ऊना-संतोषगढ़ रोड पर स्थित रामपुर पुल का एक कोना टूटू गया है। इससे पुल सभी वाहनों के लिए बंद हो गया है और वैकल्पिक सड़क से वाहनों की आवाजाही की जा रही है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक भूस्खलन से राज्य भर में दो नेशनल हाइवे व 58 सड़कें बंद हैं। सिरमौर जिला में एनएच 707 और किन्नौर जिला के निगुलसारी में एनएच-5 अवरुद्ध है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक बिलासपुर जिला के नैना देवी में सर्वाधिक 108 मिमी वर्षा हुई है। इसके अलावा हमीरपुर में 76, पालमपुर में 68, ऊना में 67, गोहर में 65 और बागी में 48 मिमी वर्षा हुई है। मौसम विभाग ने लाहौल स्पीति, चम्बा, हमीरपुर, ऊना, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में अगले 24 घंटे भारी वर्षा को लेकर आगाह किया है। वहीं चम्बा व कांगड़ा जिलों में आज शनिवार के लिए फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक आगामी 22 अगस्त तक राज्य के मैदानी व मध्यपर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट रहेगा। recent visitors 125

ऐश्वर्या राय और सलमान खान के गुप्त निकाह की अफवाहों पर अभिनेत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

पिछले कुछ महीनों से अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय के बीच मनमुटाव की खबरें आ रही हैं। यहां तक दावा किया जा रहा है कि दोनों ग्रे डिवोर्स ले सकते हैं। लेकिन एक समय था जब ऐश्वर्या राय, सलमान खान से बेशुमार प्यार करती थीं। दोनों बॉलीवुड के पॉपुलर कपल्स में शुमार थे। पब्लिकली भी वो एक-दूसरे के लिए अपना प्यार दिखाने से पीछे नहीं हटते थे। पर नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। ऐश्वर्या और सलमान का ब्रेकअप हो गया। जहां सलमान आज भी सिंगल हैं, वहीं ऐश्वर्या ने 2007 में अभिषेक बच्चन के साथ घर बसा लिया था। लेकिन जब ऐश्वर्या, सलमान के साथ रिलेशनशिप में थीं, तो ऐसी अफवाहें उड़ी थीं कि उन्होंने सलमान के साथ गुपचुप शादी कर ली है। यह भी दावा किया गया कि एक्ट्रेस ने धर्म परिवर्तन भी किया था। इस पर ऐश्वर्या ने रिएक्ट किया था और करारा जवाब दिया था। 'बॉलीवुडशादीज' के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में एक तगड़ी अफवाह उड़ी थी कि सलमान और ऐश्वर्या ने चुपके से शादी कर ली है। उन्होंने लोनावला स्थित एक बंगले में गुपचुप निकाह किया था। उनका निकाह एक काज़ी ने करवाया था। हालांकि, इन खबरों पर तब सलमान या ऐश्वर्या ने कुछ नहीं कहा था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि ऐश्वर्या ने सलमान खान से शादी के लिए इस्लाम कबूल कर लिया था। इस निकाह में उनके और सलमान के करीबी दोस्त शामिल हुए थे। यह भी कहा गया कि सलमान और ऐश्वर्या के पैरेंट्स नाराज थे और वो इस निकाह में शामिल नहीं हुए थे। अफवाहें यहीं नहीं थमी थीं। यह तक चर्चा हुई कि निकाह के बाद सलमान खान और ऐश्वर्या राय हनीमून के लिए न्यू यॉर्क गए थे और वहां से लौटने पर उन्हें साथ में मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। ऐश्वर्या के पैरेंट्स हमेशा से ही सलमान संग उनके रिश्ते के खिलाफ थे। यह बात एक इंटरव्यू में खुद सलमान ने भी बताई थी और कहा था कि उन्हें उनके अतीत के अफेयर्स के बारे में पता चला था और वो खुश नहीं थे। और फिर सलमान के साथ ऐश्वर्या के गुपचुप निकाह की अफवाहों ने आग में घी डालने का काम किया। ऐश्वर्या और सलमान की शादी की खबरों से उनकी फिल्मों के प्रोड्यूसर्स तक चिंता में पड़ गए थे कि अब क्या होगा। लेकिन मीडिया से बातचीत में ऐश्वर्या ने इसका खंडन किया था। ऐश्वर्या ने कहा था कि अगर शादी हुई होती तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री को इस बारे में पता होता। ऐश्वर्या ने कहा था, 'अगर ऐसा हुआ होता तो क्या पूरी इंडस्ट्री को इसकी जानकारी नहीं होती? इंडस्ट्री इतनी छोटी जगह है, इसके अलावा मुझे अपनी मां के एक्सीडेंट के बाद अपने परिवार के साथ बिताने का भी समय नहीं मिला। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो छुपाते हैं। अगर ऐसा हुआ होता तो मैं दुनिया के सामने गर्व से अपनी शादी की घोषणा करती, फिर भी, शादी करने का समय कहां है? यह सब बकवास खबर है।' recent visitors 99

झंडा ना फेरने से जनप्रतिनिधि हुए नाराज

देवास खातेगांव तहसील की उप स्वास्थ्य केंद्र मोरझाल पर प्रभारी डॉक्टर परवेज मंसूरी ने नहीं किया झंडा बंधन,नाराज ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र का किया घेराव और एसडीएम तहसीलदार सहित जिला कलेक्टर को दी इसकी जानकारी,सूचना मिलने पर खातेगांव स्वास्थ्य केंद्र की टीम पहुंची !उप स्वास्थ्य केंद्र मौके पर बनाया पंचनामा, ग्रामीणों ने बनाया वीडियो और डॉक्टर को जमकर खरी खोटी सुनाई। देश में सभी शासकीय एवं भावनाओं पर ध्वजारोहण किया है मगर उप स्वास्थ्य केंद्र में ध्वजारोहण ना होने से जनप्रतिनिधियों ने डॉक्टर से सवाल कर वीडियो वायरल किया डॉक्टर ने जनप्रतिनिधियों को कहा की तबीयत खराब होने की वजह से समय पर नहीं पहुंच पाया ऐसा कहते नजर आ रहे हैं। recent visitors 80

मुंबई आतंकी हमले का आरोपी तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण संभव: कोर्ट

 कैलिफोर्निया अमेरिका की एक अदालत ने मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में संलिप्तता के आरोपी एवं पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर राणा को बड़ा झटका देते हुए फैसला सुनाया है कि उसे प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। ‘यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर नाइंथ सर्किट’ ने 15 अगस्त को सुनाए अपने फैसले में कहा, ‘भारत अमेरिका प्रत्यर्पण संधि राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति देती है।’ राणा ने कैलिफोर्निया में अमेरिकी ‘डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ के आदेश के खिलाफ ‘यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर नाइंथ सर्किट’ में याचिका दायर की थी। कैलिफोर्निया की अदालत ने उसकी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को अस्वीकार कर दिया था। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में मुंबई में आतंकवादी हमलों में राणा की कथित संलिप्तता के लिए उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई थी। ‘यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर नाइंथ सर्किट’ के न्यायाधीशों के पैनल ने ‘डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ के फैसले की पुष्टि की। प्रत्यर्पण आदेश की बंदी प्रत्यक्षीकरण समीक्षा के सीमित दायरे के तहत, पैनल ने माना कि राणा पर लगाए गए आरोप अमेरिका और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि की शर्तों के अंतर्गत आते हैं। इस संधि में प्रत्यर्पण के लिए ‘नॉन बिस इन आइडेम’ (किसी व्यक्ति को एक अपराध के लिए दो बार दंडित नहीं किए जाने का सिद्धांत) अपवाद शामिल है। जिस देश से प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया हो, यदि ‘‘वांछित व्यक्ति को उस देश में उन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया हो या दोषमुक्त कर दिया गया हो, जिनके लिए प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया है’’, तो ऐसी स्थिति में यह अपवाद लागू होता है। पैनल ने संधि की विषय वस्तु, विदेश मंत्रालय के तकनीकी विश्लेषण और अन्य सर्किट अदालतों में इस प्रकार के मामलों पर गौर करते हुए माना कि ‘‘अपराध’’ शब्द अंतर्निहित कृत्यों के बजाय आरोपों को संदर्भित करता है तथा इसके लिए प्रत्येक अपराध के तत्वों का विश्लेषण आवश्यक है। तीन न्यायाधीशों के पैनल ने निष्कर्ष निकाला कि सह-साजिशकर्ता की दलीलों के आधार पर किया गया समझौता किसी अलग नतीजे पर पहुंचने के लिए बाध्य नहीं करता। पैनल ने माना कि ‘नॉन बिस इन आइडेम’ अपवाद इस मामले पर लागू नहीं होता, क्योंकि भारतीय आरोपों में उन आरोपों से भिन्न तत्व शामिल हैं, जिनके लिए राणा को अमेरिका में बरी कर दिया गया था। पैनल ने अपने फैसले में यह भी माना कि भारत ने मजिस्ट्रेट जज के इस निष्कर्ष का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सक्षम सबूत पेश किए हैं कि राणा ने वे अपराध किए हैं, जिनका उस पर आरोप लगाया गया है। पैनल के तीन न्यायाधीशों में मिलन डी स्मिथ, ब्रिजेट एस बेड और सिडनी ए फिट्जवाटर शामिल थे। पाकिस्तानी नागरिक राणा पर अमेरिका की एक जिला अदालत में मुंबई में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले करने वाले एक आतंकवादी संगठन को समर्थन देने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था। जूरी ने राणा को एक विदेशी आतंकवादी संगठन को सहायता प्रदान करने और डेनमार्क में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की नाकाम साजिश में सहायता प्रदान करने की साजिश रचने का दोषी ठहराया था। हालांकि, इस जूरी ने भारत में हमलों से संबंधित आतंकवादी कृत्यों में सहायता प्रदान करने की साजिश रचने के आरोप से राणा को बरी कर दिया था। राणा को जिन आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया था, उसने उनके लिए सात साल जेल में काटे और उसकी रिहाई के बाद भारत ने मुंबई हमलों में उसकी संलिप्तता के मामले में उस पर मुकदमा चलाने के लिए उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था। राणा को प्रत्यर्पित किए जा सकने का सबसे पहले फैसला सुनाने वाले मजिस्ट्रेट न्यायाधीश के समक्ष उसने दलील दी थी कि भारत के साथ अमेरिका की प्रत्यर्पण संधि उसे ‘नॉन बिस इन आइडेम’ प्रावधान के कारण प्रत्यर्पण से संरक्षण प्रदान करती है। उन्होंने यह भी दलील दी थी कि भारत ने यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं दिए कि अपराध उसने ही किए हैं। अदालत ने राणा की इन दलीलों को खारिज करने के बाद उसे प्रत्यर्पित किए जा सकने का प्रमाणपत्र जारी किया था। अमेरिका की जेल में बंद राणा मुंबई हमलों में संलिप्तता के आरोपों का सामना कर रहा है। उसे पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का साथी माना जाता है, जो 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। इन आतंकवादी हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों समेत कुल 166 लोगों की मौत हो गई थी। recent visitors 100

सीवन नदी घाट से कुबेरेश्वर धाम तक शुरू हुई कांवड़ यात्रा, कुबेरेश्वर धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब

सीहोर  पवित्र श्रावण मास में शनिवार को सीहोर में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। सीवन नदी के तट से शुरू होने वाली इस कावड़ यात्रा को लेकर शुक्रवार देर शाम से ही शहर में श्रद्धालु नजर आने लगे थे। सुबह होते-होते हजारों की सख्या में श्रद्धालु पहुंचने से पूरा सीवन तट केसरिया रंग में रंगे कावड़ियों से पट गया। सुबह नो बजे शुरू हुई कावड़ यात्रा 11 किमी का सफर कर कुबेरेश्वर धाम पहुंचेगी। जगह-जगह स्वागत के इंतजाम भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनके उपासक कई तरह के उपाय करते हैं, जिनमें से एक कांवड़ यात्रा भी शामिल है। शनिवार को शहर के सीवन तट से करीब 11 किलोमीटर तक यह कांवड यात्रा क्षेत्र वासियों ने लिए संजीवनी से कम नहीं है। यात्रा में शामिल होने के लिए कांवड यात्री शहर में आकर आस्था और उत्साह के साथ कुबेरेश्वरधाम पर पहुंच रहे हैं। इस दौरान शहर सहित आस-पास के शहरवासी, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के अलावा जनप्रतिनिधियों के द्वारा 200 से अधिक स्थानों पर स्वागत और पेयजल सहित अन्य की व्यवस्था की गई, वहीं करीब 450 किलोमीटर दूर अमरावती से पांच से अधिक कांवड यात्री पैदल चलते हुए सीहोर पहुंच रहे है। यह है कांवड़ यात्रा का मार्ग कावड़ यात्रा सुबह नौ बजे शहर के सीवन नदी तट से आरंभ हुई जो जगदीश मंदिर, कोतवाली चौराहा, मेन रोड, इंदौर नाके, सोया चौपाल होते हुए कुबेरेश्वर धाम पर पहुंचेगी। कांवड़ यात्रा में दो दर्जन से अधिक डीजे व बैंड पार्टियां शामिल हैं। इसके अलावा आकर्षक झांकियों के साथ डमरू दल भी शिवभक्ति में मगन होकर झूमते-नाचते चल रहा है। इस संबंध में सभी शिवभक्तों को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने संदेश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर विठलेश सेवा समिति सहित क्षेत्रवासियों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां की है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के सभी समाज के लोगों ने बैठकों के द्वारा यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के पोहा, नश्ता, पेयजल, भोजन आदि की निश्शुल्क व्यवस्था की है। वहीं शहर के अनेक शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में भी हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था प्रशासन ने की है। recent visitors 175