पटरी पर रखी भारी चीज से टकराकर डिरेल हुई साबरमती Exp, अब IB कर रही जांच

कानपुर कानपुर में आज सुबह रेल हादसा (Train accident) हो गया. यहां ट्रेन के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए. इस हादसे को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि साबरमती एक्सप्रेस (वाराणसी से अहमदाबाद) का इंजन आज सुबह 2:35 बजे कानपुर के पास ट्रैक पर रखी किसी चीज से टकरा गया. इसके बाद पटरी से उतर गया. इस घटना के बाद कुछ निशान देखे गए हैं. कुछ निशान लोको से 16वें कोच के पास मिले थे. शुरुआती जांच के अनुसार, रेलवे ट्रैक में कोई फ्रैक्चर नहीं है. रेल मंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा है कि हादसे के एविडेंस सुरक्षित कर लिए गए हैं. आईबी और यूपी पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है. इस घटना में यात्रियों या कर्मचारियों को कोई चोट नहीं आई है. पैसेंजर्स के लिए अहमदाबाद के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई है. वहीं कानपुर एडीएम सिटी राकेश वर्मा ने कहा कि 22 बोगियां पटरी से उतरी हैं, गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ है. सभी यात्रियों को बस से वापस स्टेशन भेजा जा रहा है. एक मेमो ट्रेन भी यहां आ रही है. किसी तरह से कोई हताहत नहीं हुआ है. बता दें कि शुक्रवार की देर रात कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई. यहां ट्रेन के 22 डिब्बे बेपटरी हो गए. गनीमत रही कि हादसे में किसी भी प्रकार की जान माल की कोई क्षति नहीं हुई है. इस हादसे को लेकर ड्राइवर ने भी कहा है कि हादसा प्रथम दृष्टया बोल्डर के इंजन से टकराने की वजह से हुआ है, क्योंकि जैसे ही बोल्डर इंजन से टकराया, वैसे ही इंजन का कैटल गार्ड मुड़ गया. रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर किए जारी रेल प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के सभी इंतजाम किए गए हैं. यात्रियों को बस से कानपुर भेजा जा रहा है. सीनियर अधिकारी घटनास्थल और कंट्रोल रूम में मौजूद हैं. दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन को रवाना कर दिया गया है. यात्रियों की मदद के लिए रेलवे की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं. रेलवे की तरफ से जारी हेल्पलाइन नंबर प्रयागराज 0532-2408128, 0532-2407353 कानपुर 0512-2323018, 0512-2323015 मिर्जापुर 054422200097 इटावा 7525001249 टुंडला 7392959702 अहमदाबाद 07922113977 बनारस सिटी 8303994411 गोरखपुर 0551-2208088 इन ट्रेनों को किया गया है कैंसिल (1) 01823/01824 (वी झांसी-लखनऊ) JCO 17.08.24 (2) 11109 (वी झांसी-लखनऊ जंक्शन) JCO 17.08.24 (3) 01802/01801 (कानपुर-मानिकपुर) JCO 17.08.24 (4) 01814/01813 (कानपुर-वी झांसी) JCO 17.08.24 (5) 01887/01888 (ग्वालियर-इटावा) JCO 17.08.24 (6) 01889/01890 (ग्वालियर-भिंड) JCO 17.08.24 इन ट्रेनों का किया गया मार्ग परिवर्तन (1) 11110 (लखनऊ जंक्शन-वी झांसी) JCO 16.08.24 परिवर्तित मार्ग गोविंदपुरी- इटावा- भिंड- ग्वालियर-वी झांसी. (2) 22537 (गोरखपुर-लो.तिलक टर्मिनल) JCO 16.08.2024 गोविंदपुरी- इटावा- भिंड- ग्वालियर- वी झांसी. (3) 20104 (गोरखपुर-लो.तिलक टर्मिनल) JCO 16.08.24 कानपुर-इटावा-भिंड-ग्वालियर-वी झांसी. सिलीगुड़ी के रंगा पानी में मालगाड़ी पटरी से उतरी वहीं दूसरा हादसा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी-रंगा पानी में भी हुआ है. ये एक्सीडेंट एक प्राइवेट यार्ड में हुआ, जहां ईंधन ले जा रही मालगाड़ी पटरी से उतर गई. देर रात सिलीगुड़ी -रंगा पानी इलाके में मालगाड़ी पटरी से उतर गई. मालगाड़ी ईंधन ले जा रही थी. रेलवे का कहना है कि ये हादसा एक प्राइवेट यार्ड में हुआ. ऐसे में रेल मंत्रालय से उसका कोई लेना देना नहीं है. इससे पहले भी रंगा पानी में 15 दिन पहले एक और मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी. इसी इलाके में इस साल जून के महीने में कंचनजंघा एक्सप्रेस का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे. यहां 2 महीने के अंदर 3 ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं. recent visitors 98

स्व.अटलबिहारी वाजपेयी का पुण्यतिथि लेदरी में मनाया गया

 झगराखाण्ड छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता महान कवि भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व.अटलबिहारी वाजपेयी जी की छठवी पुण्यतिथि पर हसदेव मंडल भाजपा परिवार के द्वारा श्रद्धांजलि एवं फूल माला अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया गया जिसमें हसदेव मंडल अध्यक्ष विनोद गुप्ता, संतोष द्विवेदी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा किसान मोर्चा, नगर पंचायत उपाध्यक्ष इंद्र पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह चंदेल, अरुणेन्दू सेन, गुलाब यादव जी, अक्रांत पाण्डेय जी एवं कार्यकर्त्ता शामिल हुए। recent visitors 74

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया जमीन घोटाले में फंसे , राज्यपाल ने दी केस की मंजूरी

बेंगलुरु कर्नाटक से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति में भूचाल ला सकती है। वहां के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ उनके परिवार से जुड़े MUDA मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत को दो कार्यकर्ताओं की शिकायतें मिली हैं, जिनमें से एक आरटीआई कार्यकर्ता टीजे अब्राहम भी हैं। दूसरी शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा द्वारा हाल ही में की गई थी। शिकायत में कहा गया है कि सीएम सिद्धारमैया द्वारा कानून का पालन करने के बार-बार दावों के बावजूद सिद्धारमैया की पत्नी को MUDA द्वारा 14 साइटें आवंटित करने में स्पष्ट उल्लंघन हुआ है। इससे पहले कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भी मुख्यमंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा है कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति क्यों न दी जाए। जवाब में, कर्नाटक कैबिनेट ने "दृढ़ता से सिफारिश" की कि राज्यपाल मुख्यमंत्री को जारी नोटिस वापस लें। क्या है मामला? कर्नाटक में भूमि आवंटन घोटाला सुर्खियों में रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री की पत्नी 2021 में भाजपा के कार्यकाल के दौरान MUDA की लाभार्थी थीं। उस समय मैसूर के प्रमुख स्थानों में 38,284 वर्ग फुट भूमि उन्हें उनकी 3.16 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में आवंटित की गई थी। मैसूर के केसारे गांव में उनकी 3.16 एकड़ जमीन उनके भाई मल्लिकार्जुन ने उन्हें उपहार में दी थी। मुआवजे के तौर पर दक्षिण मैसूर में एक प्रमुख इलाके में उन्हें जमीन दी गई। आरोप है कि केसर गांव की जमीन की तुलना में इसकी कीमत काफी अधिक है। इसके कारण मुआवजे की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। सिद्धारमैया ने इस भूमि आवंटन का बचाव करते हुए कहा था कि यह पिछली भाजपा सरकार के दौरान किया गया था। recent visitors 76

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट बैरसिया में देंगे सौगात

भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट बैरसिया वासियों को सम्राट अशोक सागर (हलाली डेम) का छरछरी पर गेट निर्माण होने पर क्षेत्र के किसान एवं रहवासी आत्मीय स्वागत करेंगे।उल्लेखनीय है कि बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के अथक प्रयासों से हलाली डेम का नाम सम्राट अशोक सागर किया गया है। इससे पूर्व हलाली नदी का नाम भी बाणगंगा नदी किया गया है।साथ ही ईंटखेड़ी स्थित नदी घाट पर शौर्य स्मारक का निर्माण कर क्षेत्र वासियों को विधायक विष्णु खत्री ने सौगात दी थी। recent visitors 76

सरकारी सिस्टम की वादाखिलाफी का शिकार हुए बुंदेलखंड के ‘दशरथ मांझी’

छतरपुर  बुंदेलखंड के दशरथ मांझी के नाम से पहचाने जाने वाले सीता राम लोधी सरकारी सिस्टम के शिकार हो गए। जिला प्रशासन और नेताओं के द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं होने से उनकी सरकार से उम्मीद टूटती दिख रही है। 2018 में छतरपुर जिले के प्रताप पुरा पंचायत के हडुआ गांव में रहने वाले सीताराम लोधी ने बड़ा कारनामा किया था। 70 साल की उम्र में अकेले ही उन्होंने गांव के खेत में एक कुआं खोद दिया था। सीता राम लोधी का कहना है कि गांव में पानी की कमी है। खेत में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत थी। इसीलिए अपनी दम पर लगभग 18 माह की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने अपने खेत में एक कुआं खोद दिया था। प्रशासन ने किया था आर्थिक मदद का वादा सीताराम लोधी और उनके परिवार ने दावा किया है कि कुंआ बनने के बाद जिला प्रशासन एवं स्थानीय नेताओं ने उनकी खूब तारीफ की। इसके साथ ही कुएं के लिए आर्थिक मदद की बात कही थी। उस समय सीताराम लोधी खूब सुर्खियां में भी रहे थे। 6 साल बाद भी किसी ने नहीं ली सुध सीता राम लोधी का कहना है कि उन्होंने 2018 में यह कुआं खोदा था। स्थानीय प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों ने आर्थिक मदद देने की बात कही थी। तत्कालीन कलेक्टर ने भी दो लाख रुपए देने के लिए कहा था। जिससे उनका कच्चा कुआं पक्का हो सके। पर 6 साल बाद भी सीताराम लोधी की किसी ने सुध तक नहीं ली है। वर्तमान में भी वे अपने हाथों से खोदे गए कुएं को लेकर परेशान हैं। हर बरसात में कुआं खिसक जाता है और फिर वापस कुएं से मिट्टी निकालनी पड़ती है। जिसमें दुर्घटना का भी खतरा रहता है। सरकारी वादे खोखले निकले उनका कहना है कि जिला प्रशासन और उस समय के कई नेताओं ने आर्थिक मदद के तौर पर 2 लाख 10 हजार देने की बात कही थी। इससे कच्चे कुएं को बांधा जा सके। साथ ही सरकारी योजनाएं दिलाने की भी कही गई थी। पर सारे सरकारी दावे और वादे खोखले निकले। आलम यह की अब बरसात के मौसम में कुआं पूरी तरह से खिसक रहा है। पूर्व क्रिकेटर ने की थी सराहना सीताराम लोधी की मेहनत देखकर पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने उनकी तारीफ करते हुए एक ट्वीट किया था। जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया था। उनके क्षेत्र के तहसीलदार ने उनका एक गरीबी रेखा का राशन कार्ड बना दिया। इसके अलावा आज तक उन्हे कुछ नही मिला है। सीताराम लोधी का कहना है कि न तो उनको आवास योजना का लाभ मिला है। न ही उनका सरकारी शौचालय का लाभ मिला है| उनके परिजनों का कहना है जिला प्रशासन के अधिकारियों ने वाह वाही लूटने के लिए झूठे वादे किए थे। किसी ने भी उनकी कोई सुध नहीं ली है। कई बार वह स्थानीय नेताओं के चक्कर भी काट चुके हैं। अभी भी उन्होंने हार नही मानी है। उनका कहना है कि जैसे ही बरसात कम होगी एक बार फिर किए के काम में लग जाएंगे। उन्हे अफसोस इस बात का है कि जिला प्रशासन ने जो वादे किए थे उन्हें पूरे नही किया। आर्थिक मदद मिलती तो शायद उनका कुआं नहीं गिरता। recent visitors 90

सियासत में खटमल-मच्छर का प्रवेश, इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के निशाने पर कांग्रेस नेता

इंदौर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इशारों-इशारों में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा पर बड़ा निशाना साधा है। विजयवर्गीय ने कहा कि 'कुछ खटमल और मच्छर कह रहे हैं कि भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात हो जाएंगे।' उनके इस बयान को सज्जन सिंह के उस बयान का जवाब माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था, कि भारत में भी लोग एक दिन प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर धावा बोल देंगे और उस पर कब्जा कर लेंगे। विजयवर्गीय ने सज्जन पर पलटवार करते हुए कहाा कि 'यह शेर और शेरनियों का देश है, यहां बांग्लादेश जैसे हालात कभी नहीं हो सकते, पता नहीं इन खटमलों और मच्छरों को कब अक्ल आएगी।' विजयवर्गीय का यह बयान बुधवार का बताया जा रहा है जब वे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे और जहां उन्होंने देशभक्ति गीत गाकर लोगों में जोश भरा था। सज्जन सिंह ने भी दिया मच्छर-मक्खी का जवाब विजयवर्गीय की मच्छर-मक्खी वाली टिप्पणी के जवाब में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि 'मैं उनको थोड़ा गंभीर और समझदार आदमी समझता था, लेकिन वो कितने समझदार हैं, यह मुझे समझ में आ गया है। कांग्रेसियों को मक्खी और मच्छर बोल रहे हैं।' इसके बाद कांग्रेस नेता ने फिल्म क्रांतिवीर का एक डायलॉग याद दिलाते हुए कहा कि 'भूल गए कि एक मच्छर आदमी को क्या बना देता है। आप भाजपा और हम कांग्रेस में हैं, इसलिए अच्छा संवाद करो।' साथ ही सज्जन सिंह ने यह भी कहा कि 'कोरोना के बाद हम सब बुजुर्ग नेता बोनस की जिंदगी जी रहे हैं और बुढ़ापे में इस तरह जुबान खराब नहीं करना चाहिए।' सज्जन ने कही थी बांग्लादेश जैसे हालात वाली बात इससे पहले 6 अगस्त को कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में कांग्रेस के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा था कि 'बांग्लादेश सरकार की गलत नीतियों की वजह से वहां की जनता पीएम और राष्ट्रपति भवन में घुस गई और वहां कब्जा कर लिया। याद रखना (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी आपकी गलत नीतियों की वजह से देश की जनता एक दिन आपके प्रधानमंत्री आवास में घुस जाएगी और उस पर (प्रधानमंत्री आवास पर) कब्जा कर लेगी। हाल में (2022 में) श्रीलंका में ऐसा हुआ, जहां लोग प्रधानमंत्री (राष्ट्रपति) के आवास में घुस गए थे और फिर बांग्लादेश में ऐसा हुआ और अब भारत की बारी है।' recent visitors 119

मोहन सरकार Transparent पॉलिसी से सरकारी आवास आवंटन करेंगी

भोपाल मध्य प्रदेश संपदा संचालनालय ने सरकारी आवास आवंटन के लिए पारदर्शिता से करने की पूरी तैयारी कर ली है। संपदा पोर्टल से रेंडम तकनीक से कंप्यूटर से आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा कर्मचारियों के ट्रांसफर और सेवानिवृत्त होने की भी जानकारी ऑटोमैटिक पोर्टल पर अपडेट हो जाएगी। 906 आवासों के लिए कर्मचारियों की ओर से 1000 से ज्यादा आवेदन आएं हैं। संपदा संचालनालय के पोर्टल पर अभी ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं, लेकिन आवंटन मैन्युअल तरीके से होता है। इसमें अधिकारियों के ऊपर खास कर्मचारियों को आवास आवंटन, मनपसंद आवंटन करने के सवाल खड़े होते हैं। इसको लेकर अब संपदा संचालनालय ने पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने की तैयारी कर ली है। इसमें अब किसे कौन सा सरकारी आवास आवंटित होगा, आवंटन के पहले किसी को पता नहीं चल पाएगा। पोर्टल पर आवेदन आने के बाद खाली आवासों की जानकारी पहले से अपडेट रहेगी। इसके बाद सॉफ्टवेयर की मदद से तय तारीख को आवंटन की प्रक्रिया की जाएगी। इसमें कर्मचारी को आवास आवंटन की जानकारी मैसेज और ईमेल पर जाएगी। अभी इसमें एफ, जी, एच और आई टाइप के सरकारी आवास को रखा गया है। इसके बाद इसमें सभी प्रकार के आवासों को शामिल किया जाएगा। बता दें, ऑनलाइन पोर्टल से आवास आवंटन की विभाग ने पूरी तैयारी की है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय मांगा गया है। जियो टैगिंग से मिलेगी लोकेशन सरकारी आवास के आवंटित होने की जानकारी कर्मचारी को मैसेज और ईमेल आईडी पर मिल जाएगी। साथ ही मेल पर जीआईएस और जियो टैगिंग की मदद से उसकी लोकेशन भी भेज दी जाएगी। इसके साथ उस सरकारी आवास की फोटो भी मिल जाएगी। इससे कर्मचारी को आवास किस स्थिति में है यह पता चल जाएगा। ट्रांसफर होने पर भी चल जाएगा पता पोर्टल पर कर्मचारी को आवास आवंटन होने पर उसके ट्रेजरी के डेटा अपडेट रहेंगे। उनके ट्रांसफर या सेवानिवृत्त होने पर वह डेटा अपडेट हो जाएगा। इसकी जानकारी पोर्टल पर ऑटोमेट अपडेट हो जाएगी। इसके बाद नियमानुसार ट्रांसफर या सेवानिवृत होने पर अधिकारी कर्मचारी को आवास खाली करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनको दो से तीन गुना किराया देना होगा।   541 पुराने आवास शामिल पोर्टल पर अभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों ने आवास आवंटन करने के लिए 1 हजार से अधिक आवेदन आए है। वहीं, पोर्टल पर अभी स्मार्ट सिटी के तहत रंगमहल टॉकिज के पास बने 364 जी टाइप सरकारी आवास और इसके अलावा तुलसी नगर, शिवाजी नगर और 11 सौ क्वाटर्स में पुराने 541 आवास शामिल है। पूरी तैयारी है जल्द आवंटन : मिश्रा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा ने कहा कि आवास आवंटन को लेकर पूरी प्रक्रिया हो चुकी है। हमारी पूरी तैयारी है। जल्द ही कर्मचारियों को पोर्टल के माध्यम से आवास का आवंटन किया जाएगा। recent visitors 82