एमपी में मृतक खा गए करोड़ों का गेहूं-चावल, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

 गुना मध्यप्रदेश के गुना शहर के वार्ड आठ में रहने वाली कला बाई, लक्ष्मण सिंह अब इस संसार में नहीं हैं। इसी तरह बमोरी के प्रेमा, प्रताप, और मारकीमहू की पिंकी भी दुनिया छोड़कर जा चुक है। लेकिन इन लोगों के नाम से आज भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना(Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana) का राशन जारी होता रहा। जिले में ऐसे कई मामले हैं जहां इस प्रकार का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिले में 4989 मृतकों के नाम राशन जारी होने की जानकारी सामने आई है। इससे महीने करीब 8.43 लाख रुपए चपत सरकार को लग रही है। यह स्थिति पिछले तीन से चार साल से चल रही है। लेकिन कभी विभाग की नजर में यह नहीं आया। केंद्र सरकार ने स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू कराने के लिए जैसे ही उपभोक्ताओं की ईकेवायसी कराई तो पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद अब ऐसे लोगों के नाम उड़ाए जा रहे हैं, जिनका निधन हो चुका है, लेकिन उनके परिवार के सदस्य इनके नाम से राशन ले रहे थे। इस तरह एक साल में एक करोड़ से अधिक की चपत शासन को लग रही थी। अगर पिछले पांच साल की स्थिति देखे तो तीन से चार करोड़ रुपए का नुकसान सरकार को उठाना पड़ा है। इस तरह पकड़ी गई पूरी गड़बड़ी दरअसल केंद्र सरकार ने पीडीएस सिस्टम को ऑनलाइन करने को लेकर स्मार्ट राशन व्यवस्था लागू की है। इसके तहत जिले के प्रत्येक वह व्यक्ति जिसके नाम से राशन जारी होता है, उसकी बायोमैट्रिक ईकेवायसी होनी है। यह प्रक्रिया जिले में पिछले दो साल से चल रही है। इस दौरान जिला आपूर्ति विभाग का अमला, पंचायत के कर्मचारी और मैदानी अमला जांच कर रहा है। परिवार के यहां पहुंचकर जब सभी सदस्यों की जानकारी ली जाती है तो पता चलता है कि कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी ने भी पात्रता पर्ची से नाम नहीं कटवाया है। इस वजह से राशन जारी होता रहा। हालांकि जिले में दिवंगत 4989 लोगों के नाम से राशन जारी होता रहा। यह स्थिति लंबे समय से चल रही है। मृतकों की संख्या हर साल बढ़ती गई, लेकिन पात्रता पर्ची से नहीं घटी। इसलिए इन सभी के नाम अब उड़ा दिए गए हैं। शहर से लेकर गांव तक फैला है जंजाल शहर के वार्ड क्रमांक आठ में कला बाई, लक्ष्मण की डेढ़ साल पहले ही मौत हो चुकी है। लेकिन इनके नाम से राशन जारी हो रहा था। इसी तरह मारकीमहू बाली बाई, पिंकी का भी निधन हो चुका है, लेकिन परिवार के लोग राशन ले रहे थे। वहीं बमोरी के डोगरी में प्रेमा, करोला में प्रताप के नाम से भी राशन जारी होता रहा, जबकि इनका निधन काफी समय पहले हो चुका है। फर्जीवाड़े का पूरा गणित गरीब कल्याण योजना के तहत जिले भर में 2 लाख 17 हजार परिवारों को मुत अनाज दिया जाता है। इन परिवारों में सदस्य संया 9 लाख 50 हजार है। इस तरह प्रत्येक सदस्य के नाम पर दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिए जाते हैं। वहीं एक रुपए किलो नमक दिया जाता है। शासन द्वारा प्रत्येक सदस्य को 30 रुपए किलो कीमत का गेहूं और 40 रुपए किलो कीमत का चावल मुत दिया जाता है। इस तरह एक सदस्य पर प्रतिमाह 170 रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन जिले में 4989 सदस्यों जो मृत हो चुके हैं, उनके नाम पर भी राशन जारी हुआ। इस तरह इन मृत सदस्यों के राशन पर शासन ने हर माह 8.43 लाख रुपए खर्च किए। अगर साल का आंकड़ा देखें तो यह एक करोड़ से अधिक पर पहुंच जाता है। इस तरह यह गड़बड़ी पिछले तीन से चार साल से चल रही है। केंद्र सरकार का स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू होने वाला है, इस दौरान हर परिवार के सदस्यों की ईकेवायसी कराई जा रही है। इसी दौरान पता चला है कि दिवंगत लोगों के नाम से भी परिवार के लोगों ने राशन ले लिया है। अब इनके नाम काटे जा रहे हैं। वहीं लोगों से अपील की गई है कि वह अपनी पात्रता पर्ची को दुरुस्त कराएं।- अवधेश पांडे, जिला आपूर्ति अधिकारी recent visitors 37

महाकाल मंदिर के लड्डू की मांग राेज 30 क्विवंटल, प्रसाद पैकेट के लिये 5 करोड़ का टेंडर

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भक्तों को 400 रुपये किलो का लड्डू प्रसाद 500 रुपये किलो में खरीदना पड़ रहा है। वजह काउंटरों पर अधिकांश समय सिर्फ 100 और 200 ग्राम के पैकेट ही उपलब्ध रहते हैं। इनकी कीमत क्रमश: 50 व 100 रुपये है। वजन के हिसाब से प्रसाद की कीमत देखें तो यह 500 रुपये किलो पड़ता है। भक्तों की संख्या बढ़ी तो गायब हो गए बड़े पैकेट     महाकालेश्वर मंदिर समिति महाकाल के लड्डू प्रसाद के रूप में शुद्ध देशी घी से निर्मित बेसन के लड्डू विक्रय करती है। मंदिर परिसर व महाकाल महालोक के काउंटरों से लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है।     समिति 100, 200, 500 ग्राम तथा एक किलो के पैकेट में प्रसाद का विक्रय करती है। इनकी कीमत क्रमश: 50,100,200 व 400 रुपये है। 100 व 200 ग्राम के छोटे पैकेट में प्रसाद 500 रुपये किलो पड़ता है।     500 ग्राम व 1 किलो के पैक में प्रसाद की कीमत 400 रुपये किलो आती है। जब लड्डू प्रसाद का दाम 400 रुपये किलो निर्धारित किया गया था। उस समय काउंटरों पर चारों पैक में प्रसाद उपलब्ध रहता था, लेकिन धीरे-धीरे समिति ने आधा किलो व एक किलो के पैकेट में प्रसाद का विक्रय बंद कर दिया।     दिखावे के लिए काउंटरों पर आधा किलो व एक किलो के पैकेट रखे जाने लगे। जैसे-जैसे भक्तों की संख्या बढ़ी मंदिर प्रशासन ने बड़े पैक में प्रसाद गायब ही कर दिया। इन दिनों काफी समय से बड़े पैक में प्रसाद उपलब्ध नहीं है। इसका कारण समय पर कच्चे माल की उपलब्धता नहीं होना बताया जा रहा है। मांग और पूर्ति में अंतर महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कमी को मांग और पूर्ति में अंतर को बताया जा रहा है। अब यह किल्लत कच्चे माल की कमी के कारण हो रही है या समय पर हलवाई लड्डू प्रसाद तैयार नहीं कर पा रहे हैं। बताया जाता है हाथ से लड्डू बनाने तथा पैकिंग करने में समय लगता है। बावजूद इसके मंदिर समिति आधुनिक प्लांट नहीं लगा रही है। मशीन से लड्डू बनाने की योजना खटाई में महाकाल मंदिर में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए अन्नक्षेत्र परिसर में अत्याधुनिक लड्डू प्रसाद इकाई का निर्माण किया जा रहा था। इसमें मशीन से लड्डू बनाने का अत्याधुनिक प्लांट भी स्थापित किया जाना था। आधुनिक यूनिट का आधार भाग तैयार भी हो गया था लेकिन अचानक मंदिर समिति ने यह प्लान कैंसिल कर दिया। लड्डू प्रसाद निर्माण का कभी टेंडर नहीं होता महाकाल मंदिर समिति सफाई, सुरक्षा, खाद्य सामग्री, कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग भर्ती का साल दो साल में टेंडर जारी करती है। जिस प्रकार मंदिर की यह सभी व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया के जरिए चलती है, उसी प्रकार लड्डू प्रसाद निर्माण का भी टेंडर होना चाहिए। पहली बार टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही हलवाई को लड्डू बनाने का ठेका दिया गया था। उसके बाद से लड्डू प्रसाद निर्माण टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गया। बताया जाता है मंदिर समिति हर बार हलवाई का अनुबंध बढ़ा देती है। चार दिन पहले हुए प्रबंध समिति की बैठक में फैसिलिटी मैनेजमेंट का तो टेंडर जारी हुआ, लेकिन लड्डू प्रसाद निर्माण का टेंडर करने की बजाय फिर से अनुबंध बढ़ा दिया गया। समिति ने इसकी जानकारी भी मीडिया से साझा नहीं की है। उज्जैन के श्री महाकाल मंदिर की प्रबंध समिति ने लड्डू प्रसाद के पैकेट के लिये 5 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है। मंदिर के लड्‌डू प्रसाद की देशभर में मांग है। रोज करीब 30 क्विवंटल लड्डू प्रसाद का निर्माण मंदिर समिति करती है और पूरा प्रसाद दर्शनार्थी खरीदकर ले जाते हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने 8 मई को लड्डू पैकेट के लिए टेंडर निकाला है। जिसमें एक साल के लड्डू पैकेट सप्लाई के लिए 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यह पैकेट प्रिंटेड होंगे जिसकी डिजाइन मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तय की जायेगी। पिछले साल ही बदली थी लड्डू पैकेट की डिजाइन गौरतलब है कि पहले प्रसाद के पैकेट पर महाकाल शिखर और ओम की तस्वीर होती था। हांलाकि, इस डिजाइन पर विवाद होने के बाद मंदिर समिति ने इसे बदलकर पैकेट पर फूल का फोटो लगाया था। इसे एक बार फिर बदल दिया गया है और नई डिजाइन के साथ पैकेट जारी किया गया है। बता दें कि प्रसाद के पैकेट की पुरानी डिजाइन पर कुछ साधु, संतों एवं धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि प्रसाद के पैकेट को फेंक दिया जाता है, ऐसे में धार्मिक प्रतीकों का अपमान होता है, इसलिए पैकेट की डिजाइन बदल दी जाए। इस पर इंदौर हाईकोर्ट ने मंदिर समिति को 3 महीने में मामले का समाधान करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मंदिर समिति ने लड्डू प्रसाद के पैकेट की डिजाइन बदल दी  थी। हर दिन करीब 30 क्विंटल लड्डू बनते हैं सूत्रों के मुताबिक श्री महाकालेश्वर मंदिर की लड्डू निर्माण ईकाई में हर दिन करीब 30 क्विंटल लड्डू बनते हैं। और रोज ही इतने लड्डू की खपत हो जाती है। विशेष पर्व जैसे सावन सोमवार, महाशिवरात्रि व अन्य मौकों पर 50-65 क्विंटल लड्डू तैयार किए जाते हैं। इनकी भी एक दिन में खपत हो जाती है। लड्डूओं के 100 ग्राम, 200 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो के पैकेट तैयार किए जाते हैं। जिन्हें भक्त 50, 100, 200 और 400 रुपये में खरीदते हैं। साल 2024 में 53 करोड़ का प्रसाद बिका था श्री महाकालेश्वर मंदिर का  लड्डू प्रसाद देशभर में प्रसिद्ध है। प्रसाद की गुणवत्ता को देखते हुए एफसीसीसीआई से भी फाइव स्टार रेटिंग की गई है। लंबे समय तक प्रसाद की गुणवत्ता बरकरार रहती है। साल 2024 में जनवरी से 13 दिसंबर तक मंदिर को कुल आय 165 करोड़ रुपये से अधिक हुई थी, जिसमें लड्डू  प्रसादी से करीब  53 करोड़ 50 लाख रुपये की आय शामिल थी। recent visitors 41

14 मई 2025 बुधवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज के दिन धन और प्रेम जीवन को लेकर सावधान रहना अच्छा है। चुनौतियां मुश्किल लग सकती हैं लेकिन अक्सर यह छुपे हुए अवसर के समान होती हैं। तनाव कम लें। अपने प्रेम जीवन में खुश रहें। आज क्वालिटी से समझौता किए बिना सभी पेशेवर लक्ष्य हासिल करें। वृषभ: आज पॉजिटिव एनर्जी के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। अपने लक्ष्यों का पीछा करते रहें। अच्छे मौकों को हाथ से खो देना या हार का अनुभव करना अच्छा फील नहीं होता है, लेकिन रियलिटी को एक्सेप्ट करना जरूरी है। मिथुन: आज के दिन अपने प्रेम संबंधी मुद्दों और दफ्तर की दिक्कतों को सावधानी से संभालें। इन्ही छोटी-मोटी चीजों से रिश्ता मजबूत होता है। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। याद रखें कि नए मौके हमेशा आपका इंतजार कर रहे हैं। कर्क: हर रिश्ते को समय-समय पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन हम उससे कैसे निपटते हैं, यह जरूरी है। अपनी प्रोडक्टिविटी पर ध्यान दें। यह भी सुनिश्चित करें कि आप आज पैसों को मैनेज समझदारी से करें। सिंह: जब कोई हमारी फीलिंग्स को एक्सेप्ट नहीं करता है या दूर चले जाने का विकल्प चुनता है, तो यह एक संकेत है कि वह हमारे लिए नहीं सही है। मुद्दों का सामना करने में जल्दबाजी करने के बजाय, एक कदम पीछे हटें और भावनाओं को शांत होने का समय दें। विश्वास रखें कि मुश्किल घड़ी बीत जाएगी। कन्या: आज अपने प्रोफेशनल रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए मुद्दों की जांच करें। ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें और सभी पेशेवर लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करें। आपका रिश्ता पार्टनर के साथ और भी मजबूत हो जाएगा। तुला: आज के दिन रिजेक्शन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इसे सही व्यक्ति को खोजने की दिशा में एक कदम बढ़ाने के रूप में देखें, जो वास्तव में आपकी तारीफ करता है कि आप जैसे हैं वैसे ही आपको एक्सेप्ट करता है। खर्च पर कंट्रोल करें। वृश्चिक: आज के दिन स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन दोनों उत्तम रहेगा। आप सोच-समझकर इनवेस्टमेंट करने के लिए जरूरी डीसीजन ले सकते हैं। एक्सपर्ट की सलह लें। चुनौतियां जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनसे पार पाना आप जानते हैं। धनु: आज के दिन पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी। अपने चेहरे पर मुस्कान रखें क्योंकि यह आपके कॉन्फिडेंस को दर्शाता है। आज प्यार के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने के लिए शांत रहें। कार्यालय में आपकी उत्पादकता हाई रहेगी। मकर: आज आप पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन भारी वस्तुएं उठाने से बचें। आज के डिजिटल युग में अपनी पर्सनल जानकारी की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन सिक्युरिटी को प्राथमिकता दें। कुंभ: आज के दिन लाइफ और वर्क के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है। अपनी एनर्जी को सही जगह इस्तेमाल करें। आज अपने शरीर और दिमाग की आवश्यकता को सुनना महत्वपूर्ण है। आराम करें क्योंकि बॉडी को इसकी जरूरत है। मीन: आज आप चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होंगे। अपने आप पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालने से बचें और टास्क को कंप्लीट करने में अपना समय लें। recent visitors 76

‘ऑपरेशन सिंदूर’: इंडिया गेट पर दिखा भारत का दम, वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

नई दिल्ली भारत का पाकिस्तान में रह रहे आतंकवादियों के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। जिसकी सफलता के बाद देशभर में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले हमारे देश के वीर सैनिकों के सम्मान में दिल्ली सरकार ने कर्तव्य पथ पर मंगलवार को तिरंगा यात्रा निकाला। इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत उनकी कैबिनेट के कई मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सांसद और विधायक भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में आए लोगों ने बढ़ चढ़कर इसमें भाग लिया। भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'सेना के सम्मान में, देश का हर नागरिक मैदान में'। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस पर देश के जवानों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने भारत माता की जय उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, "इस जयघोष की ताकत अभी-अभी दुनिया ने देखी है। भारत माता की जय, ये सिर्फ उद्घोष नहीं है। ये देश के हर उस सैनिक की शपथ है जो मां भारती की मान-मर्यादा के लिए जान की बाजी लगा देता है।" पीएम मोदी बोले, "ये देश के हर उस नागरिक की आवाज है, जो देश के लिए जीना चाहता है, कुछ कर गुजरना चाहता है। भारत माता की जय, मैदान में भी गूंजती है और मिशन में भी।" recent visitors 67

यूपी में बर्ड फ्लू की दस्तक, मुख्‍यमंत्री बोले- स्वास्थ्य विभाग एवियन इंफ्लुएंजा के मानवों पर प्रभावों की करे गहन समीक्षा

लखनऊ प्रदेश सरकार ने गोरखपुर में स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में मृत बाघिन में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद लखनऊ, कानपुर व गोरखपुर चिड़ियाघर के साथ ही इटावा लायन सफारी को अगले सात दिनों के लिए बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव अनुराधा वेमूरी ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए। इस दौरान प्राणि उद्यान के सभी वन्य जीवों की सघन निगरानी की जाएगी और लक्षणों के आधार पर समुचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। चिड़ियाघर के आस-पास वन्य जीव या बर्ड फ्लू से संबंधित पक्षी या फिर जीवों की असामान्य मृत्यु पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने आवास पांच कालिदास मार्ग में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्राणि उद्यानों, पक्षी विहारों, नेशनल पार्कों, वेटलैंड क्षेत्रों और गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित पशु-पक्षियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक कदम तत्परता से उठाए जाएं। प्राणि उद्यान परिसरों को नियमित रूप से सैनेटाइज किया जाए। सभी वन्य जीवों एवं पक्षियों की जांच की जाए और उनके आहार की गहन जांच के बाद ही उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारियों को एवियन इंफ्लुएंजा से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाए तथा उन्हें पीपीई किट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। बाड़ों में नियुक्त कर्मचारियों की ड्यूटी जोखिम के स्तर को ध्यान में रखते हुए तय की जाए। प्रदेश के सभी पोल्ट्री फार्मों की मानकों के अनुरूप विशेष निगरानी की जाए और पोल्ट्री उत्पादों के आवागमन पर सतत नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एवियन इंफ्लुएंजा एच-5 के मनुष्यों पर पड़ने वाले प्रभावों का भी स्वास्थ्य विभाग गहन समीक्षा करे ताकि संक्रमण की कोई भी कड़ी मानव समाज तक न पहुंच पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय, मत्स्यपालन एवं डेयरी विभाग, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली आदि से नियमित संपर्क बनाकर सुझाव लिए जाएं और उनका पालन भी किया जाए। जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के बीच समन्वय को सशक्त बनाया जाए ताकि सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो सके। recent visitors 59

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के दौरे का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के दौरान ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने तीव्रता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे एवं योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में आज जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) विभाग के अभियंताओं की टीम बल्दाकछार पहुंची। टीम ने दो अहम कार्योंकृमहानदी तट पर तटबंध निर्माण और ग्राम में हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की। बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध हर वर्ष महानदी की बाढ़ से कटाव झेल रहे बल्दाकछार गांव के लिए राहत भरी खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ग्राम को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर पक्के तटबंध का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में 5 मीटर स्लांट हाइट के साथ सीमेंट-कांक्रीट संरचना बनाई जाएगी, जिससे कटाव को रोका जा सकेगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 888 लाख रुपये है। गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए क्रेड़ा विभाग ने भी ग्राम में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु स्थल का चयन कर लिया है। इंजीनियरों ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है। संबंधित प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है। जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार में आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को समझते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे तत्पर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य रूप में परिणित हो रही हैं। बल्दाकछार में शुरू हुई ये पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी प्रमाण है। जनता से किये वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल शब्द नहीं, एक साकार होती प्रक्रिया है। recent visitors 61

आकाशीय बिजली का कहर, झुलसे 3 बच्चे, दो की हालत गंभीर

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक बार फिर से आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला है. कुरूडीह गांव में तीन बालक बिजली की चपेट में आ गए. मनीष कश्यप (14 साल) और लोकेश कुमार कर्ष (13 साल) गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि एक अन्य साथी अचेत हो गया. दो बालकों को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक, तीनों दोस्त गांव से लगे एक तालाब के पास घूमने गए थे. तेज गर्जना और बारिश के दौरान अचानक बिजली गिरने से तीनों वहीं बेहोश होकर गिर पड़े. कुछ देर बाद एक लड़के को होश आया और उसने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही 112 की मदद से घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत गंभीर बनी हुई है. गांव में इस हादसे के बाद दहशत का माहौल है. recent visitors 65