मंत्री परमार ने शुजालपुर में विशाल तिरंगा यात्रा में सहभागिता की

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को शाजापुर जिले के शुजालपुर में हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में सहभागिता की। मंत्री परमार ने कहा कि पूर्वजों के बलिदान और बड़े संघर्षों के बाद लगभग 200 सालों की लंबी गुलामी की जंजीरों को तोड़कर, 15 अगस्त 1947 को हमारा भारत स्वतंत्र हुआ था। परमार ने कहा कि देशवासियों ने स्वतंत्रता के साथ-साथ देश का विभाजन भी देखा है, अपने अखंड राष्ट्र को खंडित होते हुए भी देखा है। हमारे देश के लोग नहीं चाहते थे, फिर भी अखंड भारत का विभाजन हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्र ध्वज तिरंगा हमारा गर्व, गौरव और अभिमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए हर घर तिरंगा अभियान को लेकर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे देश में उत्साह के साथ देशभक्ति की सर्वव्यापी लहर है। तिरंगा यात्रा को लेकर जन-जन में जो अद्भुत उत्साह और उमंग है, वह राष्ट्र के प्रति प्रेम, सम्मान एवं देश भक्ति को दर्शाता है। परमार ने कहा कि तिरंगा रैली यात्रा में सहभागिता का उद्देश्य निश्चित रूप से पूरा होगा। उन्होंने विद्यार्थियों, आमजनों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा लगाने की अपील भी की। परमार ने कहा कि तिरंगा यात्रा से जन-जागरण और राष्ट्र प्रेम के भाव का संचार हो रहा है। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता कर रहे सभी जनों को शुभकामनाएं एवं धन्यवाद भी ज्ञापित किया। परमार ने कहा कि सभी लोग अपने अपने घरों में पूर्ण सम्मान के साथ तिरंगा लगाएं। परमार ने कहा कि हर घर तिरंगे की यह आवाज मात्र भारत में नहीं, बल्कि विश्व मंच पर पहुंचेगी और हमारे भारत की एकता और सामर्थ्य से परिचय कराएगी। मंत्री परमार ने कहा कि भारत को सर्वशक्तिशाली और विश्व में सिरमौर बनाने के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक है। इजराइल जैसे छोटे देश के नागरिकों ने राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखकर अपने देश को शक्तिशाली बनाकर विश्वमंच पर स्थापित किया है। हमारे देश के हर विद्यार्थी, हर नागरिक को राष्ट्र प्रथम के भाव को अंगीकार कर भारत को सर्व शक्तिशाली बनाने के संकल्प में सहभागिता करनी होगी। भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हर दिन विकासपथ पर आगे बढ़ रहा है, उन्नति कर रहा है। विश्व भर के लोग भारत की ओर देख रहे हैं, भारत का अनुसरण करना चाहते हैं। वर्ष 2047 में जब स्वतंत्रता के 100 साल पूरे करेंगे, तब सम्पूर्ण रूप से विकसित होकर भारत विश्वगुरु के रूप में स्थापित होने की संकल्पना साकार होगी। ऐसे शक्तिशाली भारत के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार, अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, अशोक नायक, विजय सिंह बैस, देवेंद्र तिवारी, महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष आलोक खन्ना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं विद्यालयीन छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।। recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में भोपाल में ध्वजारोहण करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ध्वजारोहण संबंधी आदेश अनुसार विभिन्न जिलों में उप-मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रीगण 15 अगस्त 2024 को विभिन्न जिला मुख्यालय पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा जबलपुर में , उप – मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर में , मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर , मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल रीवा , मंत्री करण सिंह वर्मा सिवनी, मंत्री उदय प्रताप सिंह कटनी , मंत्री श्रीमती संपतिया उईके सिंगरौली , मंत्री तुलसीराम सिलावट ग्वालियर , मंत्री रामनिवास रावत दमोह , मंत्री एदल सिंह कंषाना दतिया , मंत्री सुनिर्मला भूरिया मंदसौर , मंत्री गोविंद सिंह राजपूत गुना , मंत्री विश्वास सारंग हरदा , मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा शाजापुर , मंत्री नागर सिंह चौहान आगर , मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर शिवपुरी , मंत्री राकेश शुक्ला अशोकनगर , मंत्री चैतन्य काश्यप राजगढ़ ,मंत्री इंदरसिंह परमार बड़वानी में ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सीहोर , राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी खंडवा , राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल सीधी , राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उज्जैन , राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल विदिशा , राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार रायसेन में ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल बैतूल , राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी डिंडोरी , राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार अनूपपुर और राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह मैहर में ध्वजारोहण कर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगी। शेष जिलों देवास , शहडोल , रतलाम, झाबुआ, सतना, धार ,भिंड, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बालाघाट, अलीराजपुर, बुरहानपुर , मंडला , छतरपुर , नीमच , नरसिंहपुर, खरगोन, निवाड़ी, उमरिया, पांढुर्णा, श्योपुर , पन्ना, टीकमगढ़ और मऊगंज में कलेक्टर ध्वजारोहण कर संदेश का वाचन करेंगे। recent visitors 70

सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं होता: उप-मुख्यमंत्री शुक्ल

सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं होता: उप-मुख्यमंत्री शुक्ल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2024 कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है। आज नागरिकों के पास विकास की अनंत संभावनायें हैं। इन संभावनाओं का लाभ उठाकर भारत को विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति से पूरे मनोयोग से प्रयास कर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति का कोई शॉर्ट-कट नहीं होता। सफल व्यक्तियों के जीवन से उनके अथक प्रयास और लगन की सीख आम नागरिकों को मिलती है। जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, साथ ही प्रगति की राह में मार्गदर्शन का कार्य भी करती है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल होटल रेडिसन भोपाल में “माईएफ़एम एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2024” कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और अन्य विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं उद्यमियों को पुरस्कृत किया।   recent visitors 52

मुख्यमंत्री ने गुरूदेव शिक्षा केन्द्र का उद्घाटन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेवा एवं दान के सुख और आनंद को शब्दों में परिभाषित करना कठिन है।  सेवा एवं दान का आनंद और सुख आत्मिक अनुभूति का विषय है। दान एवं सेवा का सुख और आनंद की अनुभूति हम कर्म करके ही प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के राऊ स्थित डीपीएस स्कूल में जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित गुरूदेव शिक्षा केन्द्र इंदौर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा का दान सबसे बड़ा दान है। ईश्वर की सच्ची पूजा वंचित वर्गों की सेवा एवं उनके कल्याण के कार्य हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को लेकर शिक्षा का प्रसार किया जाना चाहिए। जो संस्थाएं ऐसे कार्यों में लगी हैं उनके कार्य सराहनीय है। उन्हीं में से एक संस्था जागरण सोशल वेलफेयर सोसाइटी भी है। उन्होंने कहा कि इस संस्था द्वारा कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, यह संस्था बधाई की पात्र है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा,सुउषा ठाकुर तथा गोलू शुक्ला, अभिषेक मोहन गुप्ता भी विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को गणवेश एवं पठन-पाठन सामग्री वितरित की। उन्होंने पौध-रोपण भी किया। कार्यक्रम में प्राचार्य श्रीमती आशा नायर ने स्वागत भाषण दिया। शिक्षा केन्द्र की डीन श्रीमती मेघा मुक्तिबोध ने "एक यात्रा सपने से अपनों तक" के माध्यम से गुरुदेव शिक्षा केन्द्र के बारे में जानकारी दी। केन्द्र के वायस चेयरमेन हरिमोहन गुप्ता ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने बताया कि अभावग्रस्त बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए गुरुदेव शिक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। recent visitors 65

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शोध, अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा है प्रोत्साहन

ज्ञान ही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शोध, अनुसंधान और नवाचार को मिल रहा है प्रोत्साहन राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी कर रही है प्रोत्साहित वर्ष 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल का 11 वाँ दीक्षांत समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संपूर्ण विश्व तेजी से ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित हो रहा है। पेट्रोल, औद्योगिक क्रांति की धुरी रहा है, परंतु नॉलेज अर्थात ज्ञान ही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का आधार है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय ज्ञान परंपरा बहुत समृद्ध रही है। इसी का परिणाम रहा कि आक्रांताओं ने हमेशा हमारे ज्ञान के केन्द्रों को निशाना बनाया और उन्हें नष्ट करने की कोशिश की। भारत अपनी ज्ञान परंपरा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बनने के मार्ग पर अग्रसर है। विज्ञान शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ शोध, अनुसंधान और नवाचार को भी देश में बहुत महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अकादमिक क्षेत्र में मध्य प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, आईसर, ट्रिपल आईटी, एनआईटी और आईआईएफएम जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान विद्यमान है। भोपाल में स्थापित हो रहा राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का परिसर राष्ट्रीय महत्व का है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की भोपाल में उपस्थिति प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अपने स्तर पर प्रयास करने के साथ-साथ निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में आरंभ हुए पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस निश्चित ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के 11वें दीक्षांत समारोह के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। युवा शिक्षा और प्रशिक्षण का अधिक से अधिक उपयोग देश और समाज हित में करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के पास टेलेंट, टेक्नालॉजी, प्रबंधन और नेतृत्व का अनूठा संगम है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान जैसे केंद्रों के माध्यम से देश युवा शक्ति को श्रेष्ठतम शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। इन संस्थानों से मिलने वाली डिग्री युवाओं की प्रतिभाओं का बड़ा सम्मान है। इससे समाज में उनकी विशेष पहचान स्थापित होती है। युवाओं का यह कर्तव्य है कि प्राप्त शिक्षा और प्रशिक्षण का अधिक से अधिक उपयोग देश और समाज के हित में हो। मध्यप्रदेश ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में देश के लक्ष्य के अनुरूप कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने के लिए 6 ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। आईआईटी गांधी नगर के साथ मिलकर विज्ञान के लोकव्यापीकरण के लिए नवीन कार्यक्रम आरंभ किया गया है। आईआईटी इंदौर के माध्यम से उज्जैन में भी सेटेलाइट टाऊन की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और यह विश्वास है कि हम विश्व के विकसित देश के रूप में अपना स्थान स्थापित करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की पहचान : केंद्रीय मंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में पदक और उपाधियां प्राप्त करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि भारत में जिज्ञासा, शोध और सीखने की संस्कृति और प्रवृति के परिणाम स्वरूप ही देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययनरत हैं। संस्थान ने विज्ञान शिक्षा में देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि विद्यार्थियों के अध्ययन, शोध और अनुसंधान का अधिकतम लाभ देश के लोगों के कल्याण में हो। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमी-कंडक्टर और स्पेस सेक्टर को दिया जा रहा है प्रोत्साहन केंद्रीय मंत्री श्रीमती सीतारमण ने फॉसिल फ्यूल के उपयोग को घटाकर नवकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और उसके भांडाण के लिए शोध को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भारत सरकार इस दिशा में विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को विभिन्न भागों में बांट कर देखने की बजाए समग्र मानव कल्याण की दृष्टि से देखना आवश्यक है। भारत को-2047 तक विकसित भारत के रूप में स्थापित करने के लिए नवाचार करने होंगे। हमारी सरकार शोध और अनुसंधान के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार ने इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को अनुमोदन प्रदान किया है और इसके लिए 10 हजार 300 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान भी किया गया है। भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के हब के रूप में भी विकसित किए जाने की योजना है। देश को वर्ष 2047 तक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य है। भारत का सेमी-कंडक्टर मिशन-2021 में आरंभ किया गया था। भारत में इस क्षेत्र में तीन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। स्पेस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोलना बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि नवाचार,शोध और विकास को प्रोत्साहित करने केन्द्र सरकार अपना दायित्व मानती है। छात्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान परिसर में शैक्षणिक भवन और व्याख्यान कक्ष का शिलान्यास किया तथा संस्थान की शैक्षणिक शोभा यात्रा में शामिल हुए। संस्थान का 11वां दीक्षांत समारोह सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिवादन अंग वस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। संस्थान के निदेशक डॉ. गोवर्धन दास ने संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्रीमती सीतारमण ने राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, प्रवीणता पदक और सर्वश्रेष्ठ थीसिस के लिए छात्रों को सम्मानित किया। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विद्यार्थी अपनी उपाधियों का उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विज्ञान, शिक्षा सहित विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर है।   recent visitors 57

पर्यावरण मंत्री रावत ने की राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चौथी बैठक की अध्यक्षता

भोपाल देश में भोपाल एवं इंदौर पहले दो शहर है जिन्होंने वेटलैण्ड सिटी के रूप में अधिमान्यता के लिए प्रस्ताव दिया है। यह जानकारी आज यहां राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चौथी बैठक में दी गई। पर्यावरण एवं वन मंत्री रामनिवास रावत ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए नदी, तालाबों के किनारों पर पौधे लगाने और नदी-तालाब को शहर के सीवेज से प्रदूषित होने से रोकने के निर्देश दिए। रावत ने कहा कि मध्यप्रदेश नदी तालाबों से एक संपन्न राज्य है । सरकार और समाज को मिलकर तालाबों का संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन तालाबों के समुचित संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। जल स्रोतों का बचाना राज्य शासन की उच्च प्राथमिकता है। बैठक में पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने प्राधिकरण के कार्यों एवं कार्ययोजना के महत्वपूर्ण बिन्दुओं की जानकारी दी। सदस्य सचिव, संजीव सिंह ने एजेण्डा के बिन्दुओं पर चर्चा की। मंत्री रावत ने कहा कि प्रदेश के तालाबों के किनारों पर "एक पेड मां के नाम" अभियान में वन एवं पर्यावरण विभाग मिलकर पौधारोपण करें। मंत्री रावत ने राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण किया । शफा एस. मावल द्वारा डिजाइन किए गए प्रतीक चिन्ह को प्रथम पुरुस्कार रू. 50000/- की राशि एवं अबीनो साइमन को द्वितीय पुरुस्कार 25000/- की राशि के लिए अनुशंसित किया गया। मंत्री रावत ने राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के कार्यों एवं गतिविधियों की सराहना की। राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं एप्को के कार्यपालन संचालक संजीव सिंह नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय के आयुक्त श्रीकांत भनोट, मध्यप्रदेश जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव, सुदीप सिंह, वन विभाग के सचिव, अतुल मिश्रा, भोपाल नगर निगम के आयुक्त हरेन्द्र नारायण, राजस्व विभाग के अपर सचिव, संजय कुमार, मत्स्य विभाग के संचालक सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सिरपुर वेटलैंड इंदौर स्थित सिरपुर वेटलैंड एक मानव निर्मित वेटलैंड है, जिसे पिछली दो शताब्दियों में प्राकृतिक विशेषताओं के साथ विकसित किया गया है। आमतौर पर पक्षी विहार (पक्षी अभ्यारण्य) नाम से प्रसिद्ध यह स्थल एक उथली, क्षारीय, पोषक तत्वों से भरपूर झील है। यह लुप्तप्राय प्रजातियों सहित पौधों और जानवरों को संरक्षण देती है। यह लगभग 175 स्थलीय पौधों की प्रजातियों, छह मैक्रोफाइट्स, 30 प्राकृतिक और मछली प्रजातियों, आठ सरीसृपों और उभयचरों के जीवन के लिए जरुरी व अनुकूलनीय पर्यावरण उपलब्ध कराती है। सर्दियों के मौसम में जलीयपक्षी यहाँ आते हैं। करीब 130 पक्षी प्रजातियों को यहाँ देखा गया है। इनमें कॉमन पोचार्ड (अयथ्या फेरिना), मिस्र का गिद्ध (नियोफ्रॉन पर्कनोप्टेरस) और इंडियन रिवर टर्न (स्टर्ना ऑरेंटिया) शामिल हैं। सिरपुर वेटलैंड आसपास रहने वाले समुदायों को मत्स्य पालन और औषधीय पौधों की गतिविधियों से जोड़ता है। बाढ़ को रोकता है। स्थानीय लोग शांति, मनोरंजन और पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा के लिए यहाँ आते हैँ।   recent visitors 61

21 और 22 अगस्त को होंगे अंतरिक्ष विज्ञान पर केन्द्रित व्याख्यान, संगोष्ठी और अन्य कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 21 एवं 22 अगस्त को सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं स्कूलों में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर भारत के उतरने की ऐतिहासिक घटना को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और स्कूलों में अंतरिक्ष विज्ञान पर केन्द्रित व्याख्यान, संगोष्ठी, प्रदर्शनी, साइंस क्विज, मॉडल मेकिंग, पेंटिंग, विशेषज्ञ व्याख्यान और फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल तथा आईआईटी इंदौर द्वारा विश्वविद्यालयीन, महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए अंतरिक्ष विज्ञान पर केन्द्रित हैकाथॉन का आयोजन किया जाएगा। हैकाथॉन में विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करने के साथ ही उनके नवाचार को आगे बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा। हैकाथॉन में भाग लेने के लिए आईआईटी इंदौर और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की वेबसाइट पर 18 अगस्त से रजिस्ट्रेशन प्रारंभ होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक संभाग में चयनित किसी एक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय में अंतरिक्ष विषय पर वैज्ञानिक-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विगत वर्ष 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर के अवतरण और प्रज्ञान रोवर के परिनियोजन से चंद्रयान-3 की सफलता के साथ भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बन गया है। इसके साथ हमारा देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के समीप उतरने वाला पहला देश बनकर अंतरिक्ष अग्रणी राष्ट्रों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया है। इस ऐतिहासिक मिशन के परिणाम से आने वाले वर्षों में मानव जाति को लाभ होगा।   recent visitors 77