सऊदी पहुंचे ट्रंप का भव्य स्वागत, प्रिंस सलमान के साथ बंद दरवाजों के पीछे कूटनीति शुरू, कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप

सऊदी अरब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चार दिवसीय पश्चिम एशिया दौरे के तहत सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। रियाद एयरपोर्ट पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को फिर से गति देने की कोशिशें हो रही हैं।   आर्थिक सहयोग की उम्मीद डोनाल्ड ट्रंप की यह यात्रा व्यापार और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रक्षा, तेल और तकनीक के क्षेत्र में अरबों डॉलर के समझौते हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में दोनों पक्ष कई निवेश योजनाओं पर भी विचार कर सकते हैं।  ईरान, गाज़ा और तेल जैसे मुद्दे हालांकि औपचारिक कार्यक्रमों के इतर, बंद दरवाजों के पीछे गाज़ा में चल रहे युद्ध, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और तेल की वैश्विक कीमतों पर भी चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इन मुद्दों पर खाड़ी देशों के साथ अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहा है। कतर और UAE का भी दौरा करेंगे ट्रंप सऊदी अरब के बाद ट्रंप कतर और संयुक्त अरब अमीरात का भी दौरा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका इन खाड़ी देशों के साथ भविष्य में ऊर्जा, सुरक्षा और निवेश को लेकर बड़ी साझेदारियों की उम्मीद कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध काफी नजदीकी रहे थे। उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा भी रियाद से शुरू किया था। उस समय दोनों देशों के बीच करीब 110 अरब डॉलर की रक्षा डील हुई थी।  ट्रंप का यह दौरा इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया की राजनीति में अमेरिका अभी भी एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहना चाहता है। साथ ही, यह दौरा आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी मज़बूती देने का प्रयास माना जा रहा है। recent visitors 37

भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आप पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया: देवेंद्र यादव

नई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर भी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार की तर्ज पर सरकारी धन की बर्बादी का आरोप लगाया है। दिल्ली कांग्रेस के आरटीआई सेल की ओर से लगाई गई आरटीआई पर विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के आधार पर देवेंद्र यादव ने कहा कि सत्ता में आने के एक माह बाद ही होली मिलन समारोह के आयोजन में भाजपा ने फिजूल खर्ची के रिकार्ड तोड़ दिए। आरोप लगाया,  8,42,787 रुपये खर्च कर डाले बकौल यादव, होली मिलन समारोह में भाजपा ने अपनी वाहवाही के लिए सरकारी खजाने से 8,42,787 रुपये की राशि खर्च कर डाली। यादव ने बताया कि 2022 में आप सरकार के होली मिलन समारोह में 91,313 और 2023 में 1,16,842 रुपये खर्च हुए थे। जबकि भाजपा सरकार द्वारा होली मिलन समारोह में 8,42,787 रुपये की राशि खर्च की गई। आरटीआई के मुताबिक फूलों की व्यवस्था लोक कल्याण विभाग के उद्यान विभाग द्वारा की गई। रंग और गुलाल की व्यवस्था करने के लिए 7,500 रुपये अदा किए गए। चार लाख रुपये के खर्च का हिसाब ही नहीं जलपान की व्यवस्था दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा की गई, जिसके लिए उसे 4,22,500 रुपये की अदायगी की गई। चार लाख से अधिक राशि के खर्च की जानकारी देने में असमर्थता जताई गई है। यादव के मुताबिक जनता के पैसे का दुरुपयोग हर हाल में रोका जाना चाहिए। recent visitors 30

वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी, कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए नहीं देना होगा कोई चार्ज

नई दिल्ली भारत में जब भी माता के दर्शन की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है मां वैष्णो देवी का। जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित ये धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सालभर देश के कोने-कोने से भक्त यहां मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, बहुत से श्रद्धालु यात्रा के खर्च को लेकर असमंजस में रहते हैं — खासकर वे जो सीमित बजट में होते हैं। कई बार लोग ये मान लेते हैं कि इस यात्रा पर जाने में बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, इसलिए वो रुक जाते हैं। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। अगर आप भी वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो ये जानकर आपको खुशी होगी कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण सुविधाएं श्रद्धालुओं को बिल्कुल मुफ्त मिलती हैं। श्राइन बोर्ड और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे हर भक्त श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सके — वो भी बिना किसी भारी खर्च के। 1. रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त कई लोग यह सोचते हैं कि वैष्णो देवी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन कटरा में किया जाता है, और इसके लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी पड़ती। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यात्रा कार्ड मिलता है, जिसे पहनकर श्रद्धालु यात्रा करते हैं। यह कार्ड न केवल पहचान का प्रमाण है, बल्कि श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी एक जरिया है। 2. फ्री में मिलता है भोजन देशभर से आने वाले भक्तों को यहां भोजन की चिंता नहीं करनी पड़ती। यात्रा मार्ग पर सेवा समितियों, धार्मिक संस्थाओं और श्राइन बोर्ड द्वारा कई स्थानों पर फ्री लंगर का आयोजन होता है। यहां भक्तों को गरम, ताजा और शुद्ध भोजन एकदम मुफ्त परोसा जाता है। सुबह-शाम भोजन की ये सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहतभरी होती है जो सीमित संसाधनों के साथ यात्रा पर आते हैं।   3. रात के विश्राम के लिए भवनों की व्यवस्था यात्रा रात में भी जारी रहती है, और कई श्रद्धालु रात के समय थकान महसूस करते हैं — खासकर बुजुर्ग यात्री। ऐसे में उन्हें विश्राम की जरूरत होती है। कटरा से भवन तक, यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर विश्राम भवन बनाए गए हैं। ये स्थान पूरी तरह से मुफ्त होते हैं, जहां तीर्थयात्री रात में ठहर सकते हैं या दिन में कुछ समय आराम कर सकते हैं। इसके अलावा, जगह-जगह सिटिंग चेयर्स भी उपलब्ध हैं। 4. मुफ्त मेडिकल सुविधाएं यात्रा के दौरान अगर किसी तीर्थयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, तो चिंता की कोई बात नहीं। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग में मेडिकल सहायता केंद्र बने हुए हैं, जहां छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज तुरंत किया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चों के लिए बेहद सहायक है। 5. स्नान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी मुफ्त श्रद्धालु यह सोचते हैं कि भवन या कटरा में स्नान आदि के लिए शुल्क देना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित स्नानगृहों में यात्री पूरी तरह से फ्री में स्नान कर सकते हैं और खुद को ताजगी के साथ यात्रा के लिए तैयार कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लंबी यात्रा के बाद भवन तक पहुंचते हैं। recent visitors 36

गोवा के पर्यटन उद्योग में इस साल की पहली तिमाही में पर्यटकों की संख्या में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज

गोवा गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए साल 2025 की शुरुआत बेहद शानदार रही है। राज्य के पर्यटन विभाग ने इस साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.5% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। इस साल पहली तिमाही में 28,51,554 पर्यटक गोवा घूमने आए, जबकि 2024 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 25,80,155 था। यह लगातार बढ़ती संख्या दर्शाती है कि गोवा अब सिर्फ एक पारंपरिक बीच डेस्टिनेशन नहीं रह गया है बल्कि एक वैश्विक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और साल भर चलने वाला पर्यटन केंद्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे गोवा सरकार के पर्यटन विभाग की तीन-स्तरीय रणनीति का अहम योगदान रहा है। इस रणनीति में प्रमुख और उभरते बाजारों में प्रचार को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाना और पर्यटन उत्पादों में विविधता लाना शामिल है। हवाई संपर्क का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच गोवा सरकार ने रणनीतिक विमानन साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस जो पहले से ही दुबई से सीधी उड़ानें संचालित कर रही थी अब गोवा को सीधे कुवैत और अबू धाबी से भी जोड़ रही है। यह विस्तार खाड़ी देशों के विमानन भागीदारों के साथ लगातार बातचीत और मध्य-पूर्व के ट्रांजिट बाजारों को लक्षित करने के प्रयासों का ही नतीजा है। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। वैश्विक स्तर पर प्रचार और व्यापारिक साझेदारी गोवा पर्यटन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसने डब्ल्यूटीएम लंदन, आईटीबी एशिया (सिंगापुर), ताशकंद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेला और हाल ही में दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM) 2025 जैसे प्रमुख वैश्विक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। डब्ल्यूटीएम लंदन में गोवा ने भारत सरकार की 'चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा इनिशिएटिव' में हिस्सा लिया जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को अपने विदेशी मित्रों को भारत आने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल गोवा की उस रणनीति के अनुरूप है जिसके तहत वैश्विक स्तर पर उच्च-मूल्य और सांस्कृतिक रूप से जुड़े यात्रियों को आकर्षित किया जा रहा है। अरेबियन ट्रैवल मार्केट दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत और क्षेत्रीय पर्यटन हितधारकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों ने यूएई और भारत के बीच एक दीर्घकालिक पर्यटन पुल की नींव रखी है। इन बैठकों में गोवा को न केवल अवकाश यात्रा बल्कि सांस्कृतिक, वेलनेस और पारिवारिक पर्यटन के लिए भी एक प्रीमियम प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत किया गया।   समुद्र तटों से आगे साल भर के अनुभव गोवा अब खुद को एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है जो पर्यटकों को विविध प्रकार के अनुभव प्रदान करता है। इसमें 'एकादश तीर्थ' आध्यात्मिक सर्किट, वेलनेस और आयुर्वेद रिट्रीट, ग्रामीण पर्यटन और मानसून पैकेज जैसी पहलें शामिल हैं। ये विशेष रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूक यात्रियों, डिजिटल घुमंतुओं और ऑफ-सीजन में घरेलू पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। खासकर मध्य-पूर्वी बाजारों में मानसून यात्रा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। दीप पर्व, रापणकाराचो सी फूड फेस्टिवल, चिखल कालो, साओ जोआओ, फेस्टाविस्टा और 'स्पिरिट ऑफ गोवा' व 'हेरिटेज फेस्टिवल' जैसे सांस्कृतिक आयोजनों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया है और समुद्र तटों से परे अनुभवात्मक पर्यटन को मजबूती दी है। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच उद्योग संवाद आमतौर पर अप्रैल में ईस्टर के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आती है लेकिन मई में स्कूलों की छुट्टियों और घरेलू अवकाश यात्रा के कारण सुधार देखा जाता है। हालांकि वर्तमान क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के कारण भविष्य की मांग पर कुछ असर पड़ सकता है। इसके जवाब में पर्यटन विभाग ने होटल, परिवहन, यात्रा सेवा और वैकल्पिक आवास क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं ताकि मई-जुलाई की बुकिंग के रुझानों की समीक्षा की जा सके और किसी भी संभावित मंदी से निपटने के उपाय तलाशे जा सकें। इन चर्चाओं का उद्देश्य लचीलापन बढ़ाना, संयुक्त प्रचार को बढ़ावा देना और आगामी सीजन के लिए उद्योग का तालमेल सुनिश्चित करना है।   recent visitors 30

मध्यप्रदेश के 2 और महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर सर्किट किया जाएगा विकसित:CM यादव

प्रधानमंत्री मोदी को मंत्रि-परिषद ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए दी बधाई कम समय में तकनीकी श्रेष्ठता के साथ सेना द्वारा तीव्र गति से की गई कार्रवाई ने विश्व को भारत के बदलते दौर के नेतृत्व क्षमता से परिचित करवाया मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की साझी ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत पर गतिविधियां होंगी संचालित:CM यादव मध्यप्रदेश के 2 और महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर सर्किट किया जाएगा विकसित:CM यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को किया संबोधित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान के विरुद्ध संचालित ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों के सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए, कम समय में तीव्र गति से की गई कार्रवाई से विश्व, भारत के बदलते दौर के नेतृत्व की क्षमता से परिचित हुआ है, यह सभी भारतवासियों के लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में मंत्रीगण को प्रदेश में गेहूं उपार्जन की स्थिति, महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के लिए हुए एमओयू, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश द्वारा परस्पर समन्वय से आगामी दिनों में की जाने वाली सांस्कृतिक-धार्मिक व इतिहास केंद्रित गतिविधियों, प्रदेश में निवेश संवर्धन और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए बेंगलुरु और इंदौर में होने वाले आयोजनों तथा 20 मई को इंदौर में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक तथा विजन डॉक्यूमेंट@2047 पर चर्चा के संबंध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन में 5 मई तक प्रदेश के 3475 केंद्रों पर उपार्जन हुआ, इसमें 9 लाख किसानों की फसल का उपार्जन हुआ। प्रदेश में 77.74 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया, जिसमें से 74.42 लाख मीट्रिक टन भंडारण में आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसानों को अब तक 18 हजार 471 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। अब मात्र 400 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है, जो शीघ्र कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ 10 मई को तापी बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के संबंध में हुए एम.ओ.यू. की मंत्रि-परिषद को बधाई दी। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि यह नदी जोड़ो अभियान का राज्य सरकार का तीसरा एम.ओ.यू. है। इस परियोजना से बुरहानपुर व खण्डवा जिले में भूजल में सुधार होगा। मध्यप्रदेश को 1 लाख 23 हजार हैक्टेयर और महाराष्ट्र को 2 लाख 37 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्राज्यीय योजना के रूप में भारत सरकार से स्वीकृत कराने के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर सहमति बनी है। इसकी विशेषता यह होगी कि प्रदेश को परियोजना की मात्र 5 प्रतिशत राशि देनी होगी, शेष लागत केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ रहा है। दोनों राज्यों द्वारा बाजीराव पेशवा, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, अप्पाजी भोंसले इत्यादि के गौरवशाली अतीत की घटनाओं के इतिहास लेखन, दस्तावेज संकलन, डिजिटाइलिजेशन, मोढ़ी लिपि के संरक्षण, लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के धार्मिक-प्रशासनिक अवदानों के संरक्षण के लिए कार्य करने पर सहमति हुई है। मध्यप्रदेश में उज्जैन और ओंकारश्वर के ज्योतिर्लिंग तथा महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंग का सर्किट विकसित करने पर भी सहमति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शेगांव के गजानन ट्रस्ट द्वारा इच्छुक व्यक्तियों को सेवा का प्रशिक्षण देकर स्वयं सेवकों को सेवा और प्रबंधन के कार्य में लगाया जाता है। उनकी इस प्रणाली का लाभ महाकाल मंदिर प्रबंधन के लिए लेने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शुक्रवार 16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव मैन मेड टेक्निकल टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन होने जा रहा है। इसी प्रकार 14 मई को बैंगलोर में निवेश संवर्धन के संबंध में संवाद होगा।   recent visitors 42

बीजेपी ने नागपुर महानगर की जिम्मेदारी दयाशंकर तिवारी को सौंपी, कौन बनेगा मुंबई बीजेपी चीफ?

मुंबई महाराष्ट्र बीजेपी संगठन चुनावों को गति देते हुए मुंबई समेत 58 जिला अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने नागपुर महानगर की जिम्मेदारी दयाशंकर तिवारी को सौंपी है। इसी प्रकार पार्टी ने मीरा भाईंदर में दिलीप जैन को पार्टी की कमान दी है। पार्टी ने कल्याण में नंदु परब और उल्लासनगर में राजेश वधारिया को अध्यक्ष बनाया है। पुणे शहर में जिला अध्यक्ष का पद धिरज घाटे को दिया है। महाराष्ट्र में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी अभी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के पास है। पार्टी ने पूर्व मंत्री रवींद्र चव्हाण को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। उन्हें ही बावनकुले के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। महाराष्ट्र बीजेपी के 58 जिला अध्यक्षों की लिस्ट देखें। कौन बनेगा मुंबई बीजेपी चीफ? जिला अध्यक्षों के ऐलान के बाद अब मुंबई अध्यक्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई है क्यों प्रदेश प्रमुख बावनकुले की तरह ही आशीष शेलार अब मंत्री है। ऐसे में एक व्यक्ति-एक पद के हिसाब से किसी नए व्यक्ति को कमान सौंपेगी। ऐसे में जब आगे बीएमसी के चुनाव होने हैं तब मुंबई प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक और क्रिकेट प्रशासक के तौर पर सक्रिय आशीष शेलार अगस्त, 2022 में मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष बने थे। आशीष शेलार ने तब मंगल प्रभात लोढ़ा को रिप्लेस किया था। मंगल प्रभात लोढ़ा भी महायुति 2.0 सरकार में मंत्री हैं। क्या संजय उपाध्याय बनेंगे चीफ? कांग्रेस में मुंबई प्रदेश अध्यक्ष की कमान डॉ. वर्षा गायकवाड़ के हाथों में है। पार्टी ने अभी तक वर्षा गायकवाड़ को हटाने के संकेत नहीं दिए हैं। अब देखना यह है कि बीजेपी बीएमसी चुनावों से पहले कौन सा दांव खेलती है? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संजय उपाध्याय को भी फडणवीस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे सकते हैं। संजय उपाध्याय पूर्व में मुंबई बीजेपी से महासचिव भी रह चुके हैं। इसके अलावा अमित साटम, अतुल भातखलकर और पराग अलवानी के नाम चर्चा में हैं। देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने के बाद बीजेपी की नजर मुंबई में अपना मेयर बनाने पर है। बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीती थीं। recent visitors 58

केंद्र सरकार केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 630 करोड़ और सड़कों के निर्माण के लिए 1150 करोड़ रुपए दिए जाएंगे

भोपाल एमपी सरकार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पीएम आवास के लिए इस साल 4300 करोड़ रुपए देगी। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में गरीबों के लिए आवास बनाने का काम तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दो हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 630 करोड़ और सड़कों के निर्माण के लिए 1150 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। पीएम ई-बस सेवा और मेट्रो के लिए 186 करोड़ रुपए इस साल मोहन यादव सरकार को मिलेंगे। केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से संचालित योजनाओं के साथ अलग-अलग विभागों को केंद्र सरकार द्वारा इस साल मोहन सरकार को 44255 करोड़ रुपए देने वाली है। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के संयुक्त क्रियान्वयन के लिए कुल 68519.05 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का फैसला किया गया है। इसमें 44255.33 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी जबकि 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के रूप में शामिल होंगे। जो राशि एमपी को देने के लिए तय की गई है। उसमें स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क के साथ अन्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं पर फोकस किया है। इस राशि से प्रदेश के तेज विकास ढांचे को मजबूती देने का काम किया जा सकेगा।     योजनाओं में केंद्र से मिलेगी इतनी राशि स्वास्थ्य सेक्टर के लिए… उप स्वास्थ्य केंद्र 668.17 करोड़ नए नर्सिंग काॅलेज निर्माण 37.50 करोड़ जिला स्तरीय अमला 87.72 करोड़ एमबीबीएस सीट्स वृद्धि 90 करोड़ आयुष्मान भारत 765.96 करोड़ नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना 250 करोड़ आवास के लिए… पीएम आवास योजना अर्बन एएचपी 150 करोड़ पीएम आवास योजना अर्बन बीएलसी 600 करोड़ हाउसिंग फॉर ऑल 250.86 करोड़ पीएम जनमन आवास ग्रामीण 660 करोड़ पीएम आवास ग्रामीण 2640 करोड़ सड़क निर्माण के लिए पीएम ग्राम सड़क 810 करोड़ पीएम जनमन सड़क 633.60 करोड़ केंद्रीय सड़क निधि 1150 करोड़ अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं… पुलिस बल आधुनिकीकरण 15 करोड़ वन्य जीव पर्यावास का समन्वित विकास 86.91 करोड़ राष्ट्रीय वनीकरण ग्रीन इंडिया 48.27 करोड़ राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य में वन्य प्राणियों का रहवास कार्यक्रम 15.22 करोड़ परंपरागत कृषि विकास योजना 29.95 करोड़ पीएम ई बस सेवा 65.99 करोड़ मेट्रो रेल 120 करोड़ शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 120 करोड़ न्यायालय भवन निर्माण 180 करोड़ केन बेतवा लिंक परियोजना 630 करोड़ बांध तथा अन्य कार्य 290 करोड़ जल जीवन मिशन 8561.22 करोड़ पीएम कौशल विकास योजना 86.56 करोड़ आंगनबाड़ी सेवाएं 3263.59 करोड़ ओबीसी को 11वीं, 12वीं, कालेज स्कॉलरशिप 200.20 करोड़ एससी स्टूडेंट्स को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 461 करोड़ मनरेगा 3220 करोड़ recent visitors 49