भोपाल में नशीला पदार्थ देकर महिला को बेहोश किया, फिर होटल में दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया

भोपाल अयोध्या नगर इलाके में 22 वर्षीय महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है, आरोपित महिला को होटल में बुलाकर ले गया और चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर घटना की। टीआई महेश लिल्लारे के मुताबिक, युवती की शादी हो चुकी है और उसका पति शेयर कंसलटेंट है, इसलिए पति आमतौर पर बाहर रहते हैं। इस दौरान युवती ने ऑनलाइन जॉब के लिए इंटरनेट मीडिया पर आवेदन किया था। तभी उनकी पहचान एमपी ऑनलाइन की दुकान चलाने वाले अभिषेक विश्वकर्मा से हुई थी। झांसा देकर होटल में बुलाया 23 फरवरी को आरोपी युवक ने सेमिनार में शामिल कराने का झांसा देकर उसे होटल में बुलाया था। जहां उसने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िता को बेहोश कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर शोषण कर रहा था। उसकी करतूतों से परेशान होकर पूरी बात पीड़िता ने अपने पति को बता दी और थाने पहुंचकर आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को पिपलानी से गिरफ्तार कर लिया। शादी का झांसा देकर होटल में दुष्कर्म दुष्कर्म का एक अन्य मामला भी सामने आया है। अशोका गार्डन पुलिस ने बताया कि सुंदर नगर में रहने वाली 22 वर्षीय युवती की मुलाकात कुछ समय पहले प्रेम बाबू शाक्या से हुई थी। युवक शादी करने का झांसा देकर उसे होटल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद से वह लगातार उसके साथ ज्यादती कर रहा था। बाद में उसने शादी करने से इंकार कर दिया तो पीड़िता ने थाने पहुंचकर मामला दर्ज करा दिया। recent visitors 102

प्रकृति को सहेजने के आंदोलन का बनें हिस्सा, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साई ने किया ‘एक पेड़ महतारी के नाम’ महाभियान का शुभारंभ

रायपुर. पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अभिनव पहल पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में ‘‘एक पेड़ महतारी के नाम’’ महाअभियान की शुरूआत की। उन्होंने इस मौके पर आम नगारिकों से प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने एक पेड़ महतारी के नाम रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री निवास परिसर में अभियान की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने 94.3 माय एफ एम को बधाई देते हुए कहा कि वह इस अभिनव पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘‘एक पेड़ महतारी के नाम’’ अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ महतारी को हरियर बनाने के लिए माय एफ एम की पहल के साथ राज्य के आमजनों को अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी इस अभियान से जुड़े और एक पेड़ जरूर लगाएं। हमारी मातृशक्ति देवियों की पुण्य भूमि दंतेवाड़ा, रतनपुर, डोंगरगढ़, चंद्रपुर तथा कुदरगढ़ में भी हम मातृशक्ति की वंदना करते हुए पेड़ लगाएंगे। आप सभी प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनें। आप सभी का यह प्रयास मिल का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्कूली बच्चों को विभिन्न किस्मों के पौधों के बीज भी वितरित किए और उन्हें वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया। recent visitors 114

‘हर घर तिरंगा’ फहराने का कार्यकर्ताओं को दिया संदेश, राजस्थान-अजमेर में मंत्री सुरेश सिंह रावत ने ली बैठक

नागौर. नागौर जिले के खींवसर उपखंड के पांचोड़ी गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां एक बेरहम और क्रूर पति अपनी पत्नी को मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर घसीटकर ले गया। इस घटना को जिसने भी देख दंग रह गया। व्यक्ति की इस घिनौरी हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो जैसे ही चर्चा में अया तो मामले की सूचना पुलिस तक भी पहुंची। जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोकस ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई करते हुए व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने घटना के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की पीछे जो बात निकलकर सामने आई है, उसमें बताया गया कि महिला अपनी बहन से मिलने के लिए जैसलमेर जा रही थी, लेकिन उसके पति ने उसे जाने से मना किया था। महिला नहीं मानी तो गुस्से में आकर व्यक्ति ने उसे मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर घसीटा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले की जांच जारी है, और जल्द ही इस संबंध में आगे की जानकारी दी जाएगी। recent visitors 114

पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर-रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाएं, छत्तीसगढ़-लोक निर्माण विभाग ने दिए निर्देश

रायपुर. राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने नदियों पर बने पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने को कहा है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर प्रमुख अभियंता ने वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के लिए सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं एवं संभागीय कार्यपालन अभियंताओं को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को हर 15 दिनों में अनुविभागीय अधिकारियों और कार्यपालन अभियंताओं के साथ इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. पीपरी ने परिपत्र में निर्देशित किया है कि ऐसे सभी स्थानों और मार्गों जिनमें वर्षा ऋतु में आम जनता के लिए समस्या की स्थिति उत्पन्न होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। बारिश के दिनों में अतिवृष्टि से मार्गों पर विद्यमान नदी-नालों पर बाढ़ एवं कई स्थानों में सड़क डूबने जैसी स्थिति निर्मित होती है। इन स्थितियों में जान एवं माल की सुरक्षा तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षित कार्य के लिए समुचित व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ऐसे सभी स्थानों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं जहां वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग एवं पुल के डूबने की स्थिति निर्मित होती है। प्रमुख अभियंता ने सभी जलमग्नी पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं जिससे बाढ़ या पुल के जलमग्न होने की स्थिति में यातायात को बंद किया जा सके। जलमग्न होने वाले स्थानों के दोनों ओर आवश्यक सूचना पटल लगाकर राहगीरों को सूचित किया जाए कि मार्ग जलमग्न हो सकता है। जलमग्न होने की स्थिति में रूके। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। जलमग्न होने की स्थिति में टीम चौबीसों घंटे काम करेगी। विभाग के कार्यपालन अभियंताओं को अतिवृष्टि की स्थिति में जिले में गठित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कार्यपालन अभियंता अपने अधीनस्थों के साथ तत्काल तत्परता से कार्यवाही करेंगे। प्रमुख अभियंता ने डूबान क्षेत्र में आने वाले सड़कों के आसपास संधारण के लिए पर्याप्त मटेरियल की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल सुधार किया जा सके। लोक निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन और चौड़ीकरण के प्रगतिरत कार्यों वाले मार्गों में भी सभी आवश्यक सावधानी सूचक चिन्ह, रिफ्लेक्टिव साइन-बोर्ड, सेफ्टी रिबन्स, गार्ड स्टोन्स, चूना पोताई हुई बोरियाँ आदि की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन पुल-पुलियों में किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वर्षा ऋतु में किसी भी अप्रिय स्थित से बचने सभी शासकीय भवनों का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करने कहा गया है। विभाग ने सभी संवेदनशील स्थानों तथा मार्गों के किलोमीटरों पर सतत व चैतन्य दृष्टि रखने के लिए उप अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों की नामजद ड्यूटी लगाकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तथा राज्य शासन को अवगत कराने को कहा है। recent visitors 124

हर घर तिरंगा अभियान के तहत मैराथन आयोजित, राजस्थान-जयपुर में तिरंगा लेकर दौड़े मुख्यमंत्री

जयपुर. हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्बर्ट हॉल से तिरंगा मैराथन के धावकों को रवाना किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज थामे स्वयं भी धावकों के साथ मैराथन में हिस्सा लिया। जयपुर ग्रेटर नगर निगम द्वारा आयोजित इस रैली में हजारों धावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर शर्मा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐसी अभिनव पहल है, जो देश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरव की भावना जागृत करती है। आजादी के अमृत महोत्सव में शुरू किया गया यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन गया है। इस अभियान के तहत घर पर ध्वज फहराना ना केवल तिरंगे से व्यक्तिगत जुड़ाव का अहसास करवाता है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हम सभी नागरिकों की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान प्रतीक है। हम सभी को देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो सके। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से काम करें, जिससे देश एवं प्रदेश आगे बढ़ सके। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर, जयपुर कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित सहित नगर निगम ग्रेटर के अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 111

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, राजस्थान-एसआई पेपर लीक के आरोपियों को जमानत नहीं

जयपुर. एसआई भर्ती 2021 पेपर पेपर लीक के मामले में गिरफ्तार 11 ट्रेनी एसआई की जमानत याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपियों का अपराध एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ न होकर पूरे समाज के खिलाफ है, इन्होंने लाखों प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की भावनाओं के साथ खेला है, ऐसे में उन्हें किसी तरह की राहत नहीं दी जा सकती। आरोपी सुभाष बिश्नोई और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस पंकज मित्तल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय देते हुए कहा कि एसओजी आरोपियों को पूछताछ के लिए लाई थी, उसके बाद पर्याप्त सबूत होने पर ही इन्हें गिरफ्तार करके 24 घंटे में आरोपियों को कोर्ट में पेश भी कर दिया। पुलिस ने कानून का उल्लंघन नहीं किया है। गौरतलब है कि आरोपियों ने सु्प्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया था। इसके पहले हाईकोर्ट ने भी 8 मई को आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। मामले में अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कहा कि आरोपियों ने केवल कानूनी परिणामों से बचने के लिए यह कदम उठाया। मामले में चालान पहले ही पेश हो चुका है, आरोपी ट्रायल से बचना चाहते हैं। ज्ञात रहे कि एसओजी ने 2 अप्रैल को राजस्थान पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे एसआई अभ्यर्थियों से तीन घंटे तक पूछताछ करने के बाद 15 ट्रेनी एसआई को डिटेन किया था, इनमें 2 महिला और 13 पुरुष सब इंस्पेक्टर थे। पूछताछ के बाद 3 अप्रैल को 11 ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार कर लिया गया था। recent visitors 116

डॉक्टर रेप-मर्डर केस में बड़ा ऐक्शन, CM ममता को झटका, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए

कोलकाता  कोलकाता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले में CBI जांच के आदेश दिए हैं। यह फैसला देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज तुरंत CBI को सौंपने को कहा है। दरअसल शुक्रवार सुबह आरजी कर अस्पताल के एक सेमिनार हॉल में एक पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। बताया जा रहा है कि उसके साथ रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शनिवार को एक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने जताई चिंता इससे पहले दिन में हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को दोपहर 1 बजे तक मामले की केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले को संभालने के तरीके पर गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से कई खामियां रही हैं। अस्पताल प्रशासन को ही मामला दर्ज कराना चाहिए था। पीड़िता के मा-बाप पहुंचे कोर्ट ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने मामले की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की थी। इसके अलावा कई अन्य जनहित याचिकाएं (PIL) भी दायर की गई थीं, जिनमें CBI जांच की मांग की गई थी। देशभर में विरोध-प्रदर्शन इस घटना के विरोध में देशभर के सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल और दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे OPD सेवाएं और गैर-आपातकालीन सर्जरी प्रभावित हुई हैं। यह हड़ताल फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) के आह्वान पर शुरू हुई थी। FORDA ने कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलता और हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल खत्म नहीं होगी। कोर्ट ने क्या कहा? इससे पहले याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने पाया कि जांच में कुछ कमी है। खंडपीठ ने पूछा कि क्या मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष का बयान दर्ज किया गया था, जिस पर राज्य सरकार की तरफ से पेश वकील ने ‘ना’ में जवाब दिया। यह सवाल करते हुए कि आरजी कर अस्पताल के प्रधानाचार्य पद से इस्तीफा देने वाले घोष को कुछ ही घंटों के भीतर कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य के रूप में कैसे बहाल कर दिया गया। पुलिस के रवैये पर उठे सवाल वकील बिल्वदल भट्टाचार्य के मुताबिक एफआईआर में देरी और उसके बाद किसी को गिरफ्तार करना, यह बताने के लिए पर्याप्त था कि पुलिस का रवैया कितना लापरवाह था. हम अदालत के आभारी हैं कि मामला अब सीबीआई को सौंप दिया गया है न्यायालय द्वारा निगरानी की जाएगी. अब कोर्ट ने सीबीआई को समय-समय पर रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है. यदि मृत लड़की के माता-पिता को खतरा महसूस होता है, तो सीबीआई को गवाह सुरक्षा योजना के तहत उन्हें सुरक्षा देने के लिए हमेशा सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए. बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर से रेप और मर्डर केस के बाद जहां देशभर में चिकित्सकों में आक्रोश है तो वहीं इस घटना के बाद एक बार फिर महिला सुरक्षा जैसे मामलों में पुलिसिया चूक को लेकर सवाल उठने लगे हैं. दुष्कर्म और हत्या के इस केस में कई खुलासे हुए हैं. वहीं, कोलकाता में रेप और मर्डर का शिकार हुई लेडी डॉक्टर के परिजनों को पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी है. क्या है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में? इस रिपोर्ट में हत्या, मौत से पहले की प्रकृति और सेक्सुअल पेनेट्रेशन की बात की कही गई है. इसमें बताया गया है कि पीड़िता की हत्या गला घोंटकर हुई थी. उससे पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था. आरोपी ने दो बार उसका गला घोंटा था. उसकी मौत सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुई थी. पुलिस की गिरफ्त में आरोपी आरोपी भी गिरफ्त में है वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी अपराधी संजय रॉय शराब पीते हुए अश्लील फिल्में देखने का आदी था. वारदात वाली रात वो अस्पताल के अंदर कई बार आया गया था. आरोपी से पूछताछ, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई सनसनीखेज बातें सामने आई हैं. पुलिस पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस पूरे मामले की टाइमलाइन सामने आई है, साथ ही यह भी कि अब तक जांच किस नतीजे पर पहुंची है. 8-9 अगस्त के रात की है वारदात ये खौफनाक वारदात 8-9 अगस्त की रात की है, जब कोलकाता के 'राधा गोबिंद कर मेडिकल कॉलेज से ट्रेनी डॉक्टर की लाश मिली थी. इस डॉक्टर की उम्र 31 वर्ष थी, जो उस दिन तीन और डॉक्टर्स के साथ नाइट ड्यूटी पर थी. इनमें दो डॉक्टर चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट थे, एक ट्रेनी थी. एक कर्मचारी अस्पताल के हाउस स्टाफ से था. उस रात को इन सभी डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने साथ में खाना खाया था. पीछे के रास्ते अस्पताल सेमिनार हॉल में आया था आरोपी इसके बाद महिला डॉक्टर रात को करीब दो बजे सोने के लिए अस्पताल के सेमिनार हॉल में चली गई. इसके बाद संजय रॉय पीछे के रास्ते से इस सेमिनार हॉल में आया और पहले उसने इस लड़की की निर्ममता से हत्या की और फिर उसका रेप किया. सबसे बड़ी बात ये है कि ये आरोपी ना तो अस्पताल के स्टाफ से था, ना ही किसी मरीज का कोई रिश्तेदार था. वो कोलकाता पुलिस के लिए सिविक वांलटियर का काम करता था. आरोपी अस्पताल में था सिविक वालंटियर इस मेडिकल कॉलेज में जब कोई पुलिसकर्मी भर्ती होता, तो वो उसकी दवाइयां लाने के लिए और उसकी दूसरी मदद के लिए सहायक के तौर पर मौजूद रहता था. लेकिन जिस दिन ये घटना हुई, उस दिन आरोपी किसी काम से अस्पताल नहीं आया था. उस दिन ये अस्पताल के पीछे वाले हिस्से में शराब पीने के लिए आया और इसने शराब पीने के बाद अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखे थे. फिर वारदात को अंजाम दिया. सुबह 4ः45 बजे सेमिनार हॉल से बाहर निकला आरोपी इसके बाद सुबह करीब 4.45 बजे उसे सेमिनार हॉल से बाहर निकले हुए … Read more