भारतीय न्याय संहिता’ में ‘अप्राकृतिक यौनाचार’ के अपराध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई

नई दिल्ली  दिल्ली उच्च न्यायालय ने नए दंड कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (बीएनएस) में ‘अप्राकृतिक यौनाचार’ और ‘दुराचार’ के अपराध के लिए सजा से संबंधित किसी भी प्रावधान को बाहर करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए  सहमति जताई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के समक्ष तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए याचिका का उल्लेख किया गया। पीठ ने कहा कि इस पर मंगलवार को सुनवाई की जाएगी। वकील ने कहा कि बीएनएस में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 के समतुल्य किसी भी प्रावधान को बाहर किया गया है, जिसके कारण हर व्यक्ति, विशेषकर एलजीबीटीक्यू समुदाय प्रभावित होगा। आईपीसी की धारा 377 में दो वयस्कों के बीच बिना सहमति के अप्राकृतिक यौनाचार और नाबालिगों के खिलाफ यौन गतिविधियों के मामलों में दंड का प्रावधान है। आईपीसी की जगह बीएनएस एक जुलाई, 2024 से प्रभाव में आया है।     recent visitors 84

बंगलादेश में हिंसक प्रदर्शनों में अबतक 42 पुलिसकर्मियों समेत 580 लोगों की मौत

ढाका  बंगलादेश में कोटा सुधार आंदोलन और उसके बाद व्यापक सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों में करीब चार सप्ताह में यानी 16 जुलाई से छह अगस्त तक 42 पुलिस अधिकारियों समेत कम से कम 580 लोग मारे गए। स्थानीय बांगला दैनिक ‘प्रोथोम एलो’ की रिपोर्ट के अनुसार 16 जुलाई से छह अगस्त के बीच कोटा सुधार अभियान और उसके बाद के विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप 542 मौतें हुईं। इनमें से 216 मौतें 16 जुलाई से तीन अगस्त के बीच हुईं, जबकि शेष 326 मौतें चार से छह अगस्त के बीच हुईं। छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के कारण शेख हसीना ने पांच अगस्त को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर भारत चली गईं। इसके बाद आठ अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली। देश में चार से छह अगस्त के बीच, अवामी लीग, जुबो लीग, स्वेचसेबक लीग और छात्र लीग के कम से कम 87 नेता और कार्यकर्ता मारे गए। पीड़ितों में कम से कम 36 पुलिस अधिकारी थे। पुलिस महानिरीक्षक मोइनुल इस्लाम ने रविवार को पुष्टि की कि 16 जुलाई से छह अगस्त के बीच 42 पुलिस अधिकारी मारे गए। अवामी लीग के नेताओं को ढाका और अन्य जगहों पर चार अगस्त को अग्नेयास्त्रों और स्थानीय रूप से प्राप्त हथियारों से प्रदर्शनकारियों पर हमला करते देखा गया हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के व्यापक पैमाने के कारण वे लंबे समय तक टिक नहीं पाए। इस दिन, देश भर में कम से कम 111 मौतें दर्ज की गईं। उनमें से कम से कम 27 अवामी लीग के सदस्य थे। नरसिंगडी के माधबडी में प्रदर्शनकारियों को अवामी लीग की रैली के दौरान गोली मार दी गई। प्रदर्शनकारियों ने आवामी लीग के सदस्यों का पीछा किया और उनमें से छह को मार डाला, जिनमें चारदीघलदी यूनियन परिषद के अध्यक्ष देलोवर हुसैन भी शामिल थे। सुहसीना ने पांच अगस्त को जब देश छोड़ दिया, तब कई आवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले किये गये और उनके घरों में आग लगा दी गई। अगले दिन हिंसा फिर से शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप कई मौतें हुईं। पांच अगस्त को 108 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 49 आवामी लीग के सदस्य थे। छह अगस्त को 107 लोग मारे गए, जिनमें पार्टी के 11 लोग शामिल थे। पूर्व वामी लीग विधायक एवं पूर्व योजना मंत्री एमए मन्नान ने फोन पर प्रोथोम एलो से कहा “ छात्रों, राजनेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों की हत्याओं ने एक नागरिक के तौर पर मुझे बहुत दुख पहुंचाया है। राजनीतिक दलों को राजनीति के भविष्य की खातिर हिंसा से बचने के लिए एक समझौता करना चाहिए।” बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने प्रदर्शनकारियों से एक सप्ताह में अवैध हथियार जमा करने को कहा  बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम सखावत हुसैन ने  प्रदर्शनकारियों से 19 अगस्त तक सभी अवैध और अनधिकृत हथियार जमा करने को कहा, जिनमें हालिया हिंसा के दौरान एजेंसियों से लूटी गई राइफल भी शामिल हैं। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में दी गई। ‘द डेली स्टार’ अखबार की खबर के अनुसार, हुसैन ने कहा कि अगर ये हथियार पास के थानों में नहीं जमा किए जाते तो अधिकारी तलाशी अभियान चलाएंगे और अगर किसी के पास अनधिकृत शस्त्र पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ आरोप दर्ज किए जाएंगे। हुसैन यहां ‘कम्बाइन्ड मिलिट्री हॉस्पिटल’ में अर्धसैनिक बल ‘बांग्लादेश अंसार’ के सदस्यों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। ‘बांग्लादेश अंसार’ के सदस्य बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान घायल हो गए थे, जिसके कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। नौकरियों में आरक्षण की विवादास्पद प्रणाली को लेकर शेख हसीना सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद बनी अराजकता की स्थिति के बीच हसीना ने पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया था और भारत चली गई थीं। हुसैन ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों समेत करीब 500 लोग मारे जा चुके हैं और कई हजार लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक युवक को वीडियो में 7.62 एमएम की राइफल ले जाते हुए देखा गया था। इसका मतलब है कि राइफल लौटाई नहीं गई है। अगर आपने इसे (डर की वजह से) जमा नहीं किया तो किसी और के माध्यम से जमा करा दो।’’       recent visitors 110

होम-स्टे करना है, तो पर्यटन ग्राम सावरवानी जरूर आइये

सफलता की कहानी भोपाल शहर की भागदौड़ और कोलाहल से दूर प्रकृति की गोद में बसे किसी गाँव में होम-स्टे करना हो तो अपने मध्यप्रदेश में ही एक बेहद सुन्दर लोकेशन मौजूद है। अब से पहले तक गुमनामी में डूबा एक गाँव अब देश-प्रदेश के होम-स्टे आकांक्षियों के लिये “बेस्ट होम-स्टे डेस्टिनेशन” बन गया है। बात हो रही हैं छिंदवाड़ा जिले के जनजातीय ब्लॉक तामिया के पर्यटन ग्राम सावरवानी की जो आजकल खासा ट्रेन्ड में है। मध्यप्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की “होम- स्टे” परिकल्पना से विकसित किये गये सावरवानी गाँव में इन दिनों मध्यप्रदेश के साथ-साथ दूसरे प्रदेशों के पर्यटक केवल ये देखने आ रहे हैं कि इस गाँव में रहना कितना आनंददायी है। यहाँ गाँव की जनजातीय बालिकायें इसी होम-स्टे के बारे में गाईड और संचालक के रूप में कार्य कर रहीं है। म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने इस गाँव के होम-स्टे को मॉडल के रूप में विकसित किया है। होम-स्टे करने वाले पर्यटक यहाँ दी जा रही बेहतरीन सुविधाओं की तारीफ करते नहीं थकते। हाल ही में तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्य के “होम-स्टे सुविधा प्रदाता” सावरवानी में दी जा रही सुविधाओं की केस स्टडी करने आये थे। बीते दिनों छिन्दवाड़ा जिले के धूसावानी के होम-स्टे संचालक तीन दिन के प्रशिक्षण पर सावरवानी आये। सहयोगी संस्था सतपुड़ा सेल्फ रिलायंट फॉर्मर के साथ रिस्पांसिबल ग्राम अंचल पर्यटन जागरूकता समिति धूसावानी के सदस्यों ने सावरवानी की होम-स्टे एक्टिविटी देखी और यहां रुके पर्यटकों से रीयल टाईम फीडबैक लिया। खरगौन, छतरपुर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम व अन्य जिलों से कई एक्सपोज़र ग्रुप्स भी सावरवानी का विजिट करके जा चुके हैं। वे यहाँ होम स्टेयर्स (पर्यटकों) को दिए जा रहे घरेलू भोजन, सुविधाओं और अन्य मनोरंजन गतिविधियों को देखकर आश्चर्य चकित हो गये। इन एक्सपोजर ग्रुप्स ने तय किया कि वे अपने गांव के होम-स्टे को भी सावरवानी मॉडल जैसा ही बनाएंगे, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और पर्यटक खुद को सुरक्षित भी महसूस करें। होम-स्टे आकांक्षियों को सावरवानी मॉडल दिखाने में मध्यप्रदेश टूरिज्म डेवलपमेन्ट बोर्ड की 'रिस्पांसिबल टूरिज्म' अवधारणा सफल रही। जनजातीय बहुल इस पर्यटन ग्राम में इन दिनों विकास के कई काम चल रहे हैं। इन होम-स्टे में शुचिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटकों को यहाँ तक पहुँचने और रहने में कोई असुविधा न हो, इस पर खासी मेहनत की जा रही है। पर्यटकों को विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है ताकि वे ज्यादा दिन स्टे करें। आज कल सावरवानी के सारे होम-स्टे पर्यटकों से भरे रहते हैं। यहाँ पर्यटकों के लिये नया क्या ? यहां प्रकृति की सुरम्य वादियों के बीच होम-स्टे के लिये मिट्टी के घर (मड हाउस) बने हैं। पर्यटक मात्र तीन हजार रूपये रोजाना की दर से (2 वयस्क और एक अवयस्क बच्चे के साथ) यहाँ रह सकते हैं। दोनों वक्त का भोजन एवं चाय नि:शुल्क मुहैया कराई जाती है। रात में गांव के लोकल ट्राईबल ग्रुप द्वारा शैला लोकनृत्य से पर्यटकों का मनोरंजन किया जाता है। गांव में सततधारा झरना भी है। पास के अनहोनी गांव में गर्म पानी के कुण्ड का विजिट भी पर्यटकों के लिये प्रमुख आकर्षण का विषय है। मान्यता है कि यहां के पानी को त्वचा में लगाने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। गांव के निकट ही एक मौनी बाबा की पहाड़ी है। पर्यटकों को इस पर ट्रेंकिंग भी कराई जाती है। जनजातीय बालिकाएं पर्यटकों को गाईड करती हैं। सावरवानी में कुल 67 होम-स्टे बनने हैं। अब तक 7 प्रारंभ हो चुके हैं। मप्र टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की 'महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन योजना' के तहत संचालित इन होम-स्टे को पर्यटकों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सैकड़ों पर्यटकों से मिल रही सराहना से यहाँ के होम-स्टे संचालक बेहद उत्साहित हैं। recent visitors 71

अरशद नदीम पर हुई पुरस्कारों की बरसात, भैंस के रूप में मिला अनोखा गिफ्ट

कराची  पाकिस्तान भले ही अपने भाला फेंक ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम को नकद पुरस्कारों और अन्य बहुमूल्य पुरस्कारों से नवाज रहा हो, लेकिन उनके ससुर ने ग्रामीण परवरिश और परंपरा के साथ मेल खाते हुए उन्हें भैंस उपहार में देने का फैसला किया है। मोहम्मद नवाज ने रविवार को नदीम के गांव में स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके गांव में भैंस उपहार में देना ‘बहुत मूल्यवान’ और ‘सम्मानजनक’ माना जाता है। नदीम ने पेरिस में भाला फेंक स्पर्धा में 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जिसमें भारत के नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर रहे। नवाज ने कहा, ‘‘नदीम को अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है और सफलता के बावजूद, उनका घर अब भी उनका गांव है और वह अब भी अपने माता-पिता और भाइयों के साथ रहते हैं।’’ उनके ससुर ने बताया कि उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं और उनकी सबसे छोटी बेटी आयशा की शादी नदीम से हुई है। नवाज ने कहा, ‘‘जब हमने छह साल पहले अपनी बेटी की शादी नदीम से करने का फैसला किया तो उस समय वह छोटी मोटी नौकरियां करता था। लेकिन अपने खेल के प्रति बेहद जुनूनी था और घर व खेतों में लगातार भाला फेंकने का अभ्यास करता था। ’’   recent visitors 94

भगवान रामलला के चरणों में विदेश से भी 10 करोड़ की धनराशि दान आई

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में इस साल जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इसके बाद से ही यहां भक्तों का तांता लगा हुआ है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं। हालांकि, मंदिर के निर्माण का अभी काफी काम बाकी है लेकिन गर्भगृह में रामलला की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए हैं। तमाम वीआईपी लोगों के अलावा देश और विदेश से भी श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन करने और चढ़ावा चढ़ाने के उद्देश्य से अयोध्या पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में हर महीने औसतन 1 करोड़ का चढ़ावा आ रहा है। राम मंदिर परिसर में 6 काउंटर बने हैं, जहां पर दान की राशि जमा होती है। ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, अब तक 5000 करोड़ की धनराशि जमा होने का अनुमान है, जिसमें एक महीने तक चले निधि समर्पण संग्रह अभियान के 3200 करोड़ भी शामिल हैं। 10 महीने पहले विदेश के श्रद्धालुओं से भी दान लेने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन दान की राशि भी जमा हो रही है। जानकारी मिली है कि विदेश से भी 10 करोड़ की धनराशि मंदिर ट्रस्ट के खाते में दान से आ चुकी है। हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दान में कई करोड़ की लागत के सोने-चांदी के उपहार और अन्य सामाग्रियां भी मिली हैं। सभी सामग्री बैंक लॉकर मे रखी गई हैं। मेले में बढ़ती है दान राशि मंदिर ट्रस्‍ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्‍ता ने बताया कि मंदिर में हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये का दान आ रहा है। मंदिर में दानराशि जमा करने के लिए 6 काउंटर बनाए गए हैं। यात्री सुविधा केंद्र के अलावा मंदिर के दर्शन मार्ग और दोनों ट्रस्ट के कार्यालयों पर दान काउंटर बने हैं। उन्होंने बताया कि जब बाहर के प्रांतों की भीड़ दर्शन के लिए बढ़ती है तो दान राशि में इजाफा होता है। मेला और पर्वों पर स्थानीय या सरहदी जिलों के श्रद्धालु आते हैं तो दान राशि कम रहती है। उन्होंने बताया कि सावन झूला मेला में काफी भीड़ आ रही है लेकिन उसके मुताबिक दान राशि नहीं बढ़ रही है। अयोध्‍या में नित्‍य दर्शन पास का क्रेज नहीं राममंदिर में रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या के लोगों उत्साह नजर नहीं आ रहा है। हाल यह है कि मंदिर की तरफ से नित्य दर्शन के लिए अब तक केवल 200 पास ही जारी किए गए हैं। मंदिर ट्रस्‍ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्‍ता ने बताया 18 जुलाई से संत-महंतों व अयोध्‍या के आम नागरिकों के लिए सुगम दर्शन का पास जारी का निर्णय लिया था। इस बीच दोनों कार्यालयों से 200 पास ही जारी हुए हैं। प्रकाश गुप्‍ता ने बताया कि यह पास 6 महीने के लिए अयोध्या के लोगों के लिए जारी किए गए हैं। हालांकि उम्मीद के इतर काफी कम लोगों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को पास जारी हुए हैं वे भी रोजाना दर्शन करने नहीं आ रहे हैं। recent visitors 91

हमास ने युद्ध विराम पर इजरायल के साथ 15 अगस्त को होने वाली अंतिम वार्ता के निमंत्रण को अस्वीकार किया

गाजा  फिलीस्तीनी आंदोलन हमास ने गाजा पट्टी में युद्ध विराम पर इजरायल के साथ 15 अगस्त को होने वाली अंतिम वार्ता में भाग लेने के लिए अमेरिका, कतर और मिस्र के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। यह जानकारी एक्सियोस पोर्टल ने अपनी रिपोर्ट में हमास के बयान का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में दी है।इससे पहले, मिस्र, कतर और अमेरिका ने इजरायल और हमास से 14-15 अगस्त को युद्ध विराम की शर्तों पर चर्चा फिर से शुरू करने का आह्वान किया था। तीनों देशों के नेताओं ने कहा था कि वे किसी समझौते पर पहुंचने के लिए अंतिम प्रस्ताव पेश करने के लिए तैयार हैं। एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हमास ने वार्ता से पीछे हटने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा हाल ही में पेश की गई नई शर्तों, हमास के राजनीतिक नेता इस्माइल हनीयेह की हत्या और गाजा पट्टी पर इजरायल के नवीनतम हमलों का हवाला दिया है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार इस वार्ता में शामिल एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा, "अगर हमास वार्ता की मेज पर नहीं आएगा, तो हम गाजा में उनकी सेना को खत्म करना जारी रखेंगे।" इससे पहले न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने हमास के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि हमास ने इजरायल के साथ वार्ता के लिए मध्यस्थता कर रहे देशों से कहा है कि वे गाजा पट्टी में युद्ध विराम की योजना पेश करें, जिस पर जुलाई में आंदोलन द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी, बजाय इसके कि वे नई वार्ता शुरू करें। एजेंसी के अनुसार, हमास ने 02 जुलाई को आंदोलन द्वारा सहमत दस्तावेज़ के कार्यान्वयन की मांग की और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के दृष्टिकोण पर आधारित है। गौरतलब है कि जुलाई में, इजरायल और हमास ने बंधकों की रिहाई के बदले में गाजा पट्टी में युद्ध विराम पर मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत फिर से शुरू की।     recent visitors 125

गाडरवारा में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज के गौरवगान और राष्ट्र की आजादी में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सपूतों का स्मरण करने का दिन है तिरंगा यात्रा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में  आयोजित तिरंगा यात्रा को संबोधित कर रहे थे। तिरंगा यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई जनपद पंचायत चीचली के सरस्वती विहार स्टेडियम में सम्पन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकगण शामिल थे। मंत्री सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में 9 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान तिरंगा रैली, तिरंगा वाहन रैली और देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का दायित्व है कि वो वीर सपूतों के बलिदान को चिरस्थायी बनाने के लिए सबके बीच देशभक्ति की भावना मजबूत करें। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह जैसे अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण किया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 के लिए विकसित भारत का विजन देखा है। इस विजन को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक का सक्रिय सहयोग जरूरी है। उन्होंने तिरंगा रैली में नागरिकों को देश की रक्षा करने का संकल्प भी दिलाया। गाडरवारा में होगी राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने बताया कि इस वर्ष नवम्बर माह में गाडरवारा में राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि चीचली में स्टेडियम निर्माण के लिए टेण्डर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कार्यक्रम में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने पौधरोपण किया। नागरिकों ने नगरीय निकाय गाडरवारा की सड़कों के डिवाइडर पर पौधरोपण किया।   recent visitors 123